धुरंधर विवाद पर फिर गरजीं अमीषा पटेल जाकिर खान को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री में बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है और इसी कड़ी में एक बार फिर अमीषा पटेल ने कॉमेडियन जाकिर खान पर निशाना साधा है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में अमीषा ने जाकिर के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि फिल्म धुरंधर की सफलता से इंडस्ट्री के लोग अंदर ही अंदर जल रहे हैं। अमीषा पटेल ने साफ कहा कि वह जाकिर खान को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानतीं लेकिन उनके बयान से वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति का मजाक उड़ाना बहुत आसान होता है लेकिन उससे पहले खुद कुछ हासिल करना जरूरी है। उनके मुताबिक बिना किसी ठोस उपलब्धि के दूसरों पर टिप्पणी करना सही नहीं है। उन्होंने कॉमेडियन्स के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी की सफलता को नीचा दिखाकर मजाक बनाना उचित नहीं है। उनके अनुसार इंडस्ट्री में कई ऐसे विषय हैं जिन पर रचनात्मक तरीके से बात की जा सकती है लेकिन बार बार सफल लोगों को ही निशाना बनाना ठीक नहीं है। अमीषा ने जाकिर खान के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि इंडस्ट्री के लोग धुरंधर की सफलता से जल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर किसने उन्हें फोन करके यह बताया कि लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक उल्टा इंडस्ट्री के कई लोगों ने फिल्म की सराहना की और इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इससे पहले भी अमीषा पटेल ने सोशल मीडिया पर जाकिर खान के बयान की आलोचना करते हुए कहा था कि इस तरह की बातें अनावश्यक नकारात्मकता फैलाती हैं। उन्होंने कहा था कि फिल्म को लेकर लोगों ने सम्मान और समर्थन दिखाया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। दरअसल, यह पूरा विवाद एक अवॉर्ड शो के दौरान शुरू हुआ था जहां जाकिर खान होस्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि भले ही लोग सोशल मीडिया पर फिल्म की तारीफ कर रहे हों लेकिन अंदर से सभी को इसकी सफलता से जलन हो रही है। उनके इसी बयान ने बहस को जन्म दिया और अब यह विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
कुपोषण और राशन गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त बैतूल में कलेक्टर ने दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश

भोपाल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में प्रशासनिक सख्ती का एक स्पष्ट संदेश देखने को मिला जब कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। शाहपुर क्षेत्र के ग्राम निशान और पाठई के दौरे के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया जहां मध्यान्ह भोजन में गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान जब यह पाया गया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में सब्जी तक उपलब्ध नहीं है तो कलेक्टर ने तत्काल नाराजगी जाहिर की और स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान तीन गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का मामला सामने आया जिन्हें अब तक न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती नहीं कराया गया था। इस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी बच्चों को बिना देरी के NRC में भर्ती कराया जाए ताकि उनका उचित इलाज और पोषण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में राशन वितरण प्रणाली की भी जांच की गई जहां एक दुकान में स्टॉक में गड़बड़ी पाई गई। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने फूड इंस्पेक्टर और समिति प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीबों के जीवन से जुड़ी योजना है और इसमें किसी भी तरह की हेराफेरी सीधे तौर पर जरूरतमंदों के अधिकारों का हनन है। इसके अलावा खाद्यान्न पर्ची के लंबित आवेदनों को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और पंचायत सचिव को नोटिस देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। महिला स्व सहायता समूहों के संदर्भ में भी उन्होंने विशेष जोर दिया और कहा कि समूहों को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और आय बढ़ाने के लिए नवीन उपाय अपनाने की बात कही जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। शाहपुर क्षेत्र में किए गए इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह सतर्क और सख्त है। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी योजना में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों पर सीधे कार्रवाई होगी। यह सख्ती न केवल सिस्टम को सुधारने का प्रयास है बल्कि यह भी संकेत है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।
Uttarakhand Board Result 2026 जारी 10वीं में 98% पास 12वीं में लड़कियों का जलवा

नई दिल्ली । Uttarakhand Board of School Education ने वर्ष 2026 के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस साल करीब 2.15 लाख से ज्यादा छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे और कुल मिलाकर परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं। 10वीं कक्षा का रिजल्ट इस बार बेहद शानदार रहा है। कुल 98.20 प्रतिशत छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। टॉपर्स की बात करें तो अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं ईशांत कोठारी और भूमिका ने 98 प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान हासिल किया जबकि योगेश जोशी 97.80 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 12वीं कक्षा के परिणामों में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है लेकिन इस बार खास बात यह रही कि लड़कियों ने बाजी मार ली। कुल पास प्रतिशत 85.11 रहा जिसमें लड़कियों का पास प्रतिशत 88.09 और लड़कों का 81.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके अलावा गीतिका पंत और सुशीला ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉपर्स की सूची में अपना नाम दर्ज कराया। रिजल्ट देखने के लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ubse uk gov in और uaresults nic in पर जाकर आसानी से अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को 10वीं या 12वीं के रिजल्ट लिंक पर क्लिक कर अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा जिसके बाद स्क्रीन पर उनका परिणाम दिखाई देगा। अगर वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक के कारण दिक्कत आती है तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। 10वीं के छात्र UK10 रोल नंबर लिखकर 5676750 पर भेज सकते हैं जबकि 12वीं के छात्र UK12 रोल नंबर लिखकर इसी नंबर पर SMS भेजकर अपना परिणाम जान सकते हैं। इसके अलावा DigiLocker के माध्यम से भी छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ऐप या वेबसाइट पर मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करना होगा। इस साल की परीक्षा 21 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी तक हुई थीं। कुल मिलाकर इस बार का रिजल्ट छात्रों के लिए काफी सकारात्मक रहा है जहां 10वीं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत और 12वीं में लड़कियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है।
घायल वन्स अगेन' और सनी देओल: लेखन से लेकर निर्देशन तक, सनी ने झोंकी पूरी ताकत पर फिल्म रही नाकाम।

नई दिल्ली। आज हम आपको उन सेलेब्स के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी ही फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी और उसमें परफॉर्म भी किया है। जानें उनकी फिल्मों का हाल कैसा रहा। काफी समय से एक्टर्स अलग-अलग फिल्ड में भी अपना कमाल दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। कई एक्टर्स, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर बनते हैं। लेकिन आज हम उन एक्टर्स के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी है और उसमें परफॉर्म भी किया है। इनमें से कुछ की फिल्में हिट रही हैं तो कुछ की फ्लॉप हुईं। चलिए आगे जानते हैं कि किस एक्टर ने कौनसी मूवी की स्क्रिप्ट लिखी थी। सनी देओल की फिल्म घायल सुपरहिट हुई थी। उन्होंने फिर घायल वन्स अगेन के साथ कमबैक करने का प्लान बनाया है। उन्होंने ना सिर्फ इस फिल्म में परफॉर्म किया बल्कि इसे डायरेक्ट किया और लिखा भी। फिल्म चली नहीं थी। सलमान खान ने फिल्म वीर की स्क्रिप्ट लिखी थी। फिल्म में सलमान का डबल रोल था। इस फिल्म के जरिए उन्होंने जरीन खान को लॉन्च किया था। जरीन जब फिल्म में दिखी थीं तो उनका कम्पैरिजन कटरीना कैफ से काफी हुआ था। उस वक्त दोनों के लुक्स काफी एक-जैसे लगते थे। हालांकि यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। अनुपम खेर ने तन्वी द ग्रेट फिल्म जो पिछले साल रिलीज हुई थी, इसकी ना सिर्फ स्क्रिप्ट लिखी थी बल्कि इसे डायरेक्ट भी किया था और परफॉर्म भी किया था। इसे क्रिटिकली काफी अच्छे रिव्यूज मिले थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं। कल्कि कोचलिन ने द गर्ल इन येलो बट्स फिल्म की सक्रिप्ट लिखी थी और इसमें परफॉर्म किया था। हालांकि इसके बाद कल्कि ने कसम खाई कि वह कभी दोबारा नहीं लिखेंगी क्योंकि फिर वह बतौर एक्टर और राइटर कन्फ्यूज हो गई थीं और उनके लिए काफी मुश्किल रहा ये प्रोसेस। विनीत कुमार सिंह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर काफी पॉपुलर हैं। विनीत ने फिल्म मुक्काबाज में काम किया था और इसकी स्क्रिप्ट विनीत ने खुद लिखी थी। विनीत ने काफी मेहनत की थी कि कोई फिल्ममेकर उनकी स्क्रिप्ट पर फिल्म बनाए और अनुराग कश्यप ने उन भरोसा जताया और फिल्म बनाई। इसे क्रिटिकली काफी पसंद किया गया था। कादर खान ने कई फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी हैं और उनमें परफॉर्म भी किया है। इस लिस्ट में मुकद्दर का सिकंदर और कुली नंबर 1 भी शामिल है। फरहान अख्तर ने वैसे कई फिल्मों के डायलॉग्स ऑर स्क्रीनप्ले लिखे हैं, लेकिन जिसमें उन्होंने खुद एक्टिंग की है वो फिल्में हैं रॉक ऑन, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, दिल धड़कने दो, रॉक ऑन 2 भी इसमें शामिल है।
स्किन के लिए खतरा बन सकता है ओवरनाइट फेस पैक जानें एक्सपर्ट की सलाह

नई दिल्ली । चेहरे को चमकाने के लिए लोग कई प्रकार के फेस पैक लगाते हैं। ताकि अच्छा निखार आ सके।लेकिन कई बार देखा जाता है कि लोग इसका इस्तेमाल करते समय कुछ गलतियां कर देते हैं। फेस मास्क या फेस पैक लगाते समय यह गलती कर बैठते हैं कि उसे जरूरत से ज्यादा देर तक चेहरे पर लगा रहने देते हैं। उनकी सोच होती है कि जितनी देर फेस पैक रहेगा, त्वचा उतनी ज्यादा ग्लो करेगी। लेकिन इससे ज्यादा गला नहीं होता है बल्कि आपकी स्किन को नुकसान पहुंचता है चलिए बताते हैं कैसे। अधिक देर तक न लगाए रखेंचाहे आप कोई प्रोडक्ट का फेस पैक लगा रहे हो या फिर बेसन और हल्दी का। अधिकतर लोग यही मानते हैं कि ज्यादा देर तक लगाने से स्किन और बेहतर हो जाएगी। चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए फेस पैक का उपयोग काफी आम है। यह त्वचा की गंदगी हटाने, नमी बनाए रखने और नेचुरल ग्लो देने में मदद करता है। लेकिन अगर इसे जरूरत से ज्यादा समय तक चेहरे पर छोड़ दिया जाए, तो यह लाभ की बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है। जब फेस पैक पूरी तरह सूख जाता है और उसके बाद भी उसे चेहरे पर लगा रहने दिया जाता है, तो त्वचा सिकुड़ने लगती है। इससे चेहरे पर खिंचाव महसूस होता है और कई बार जलन, खुजली या लालपन जैसी समस्या भी हो सकती है। त्वचा में रूखापन और नमी की कमीफेस पैक त्वचा से अतिरिक्त तेल, गंदगी और डेड स्किन को हटाने का काम करता है। लेकिन अगर इसे जरूरत से ज्यादा देर तक रखा जाए, तो यह त्वचा की प्राकृतिक नमी भी सोख लेता है। इसके कारण चेहरा सूखा, खुरदरा और थका हुआ दिखने लगता है। कुछ फेस पैक में क्ले, चारकोल या एक्टिव इंग्रीडिएंट्स होते हैं, जो लंबे समय तक त्वचा पर रहने पर रोमछिद्रों को बंद कर सकते हैं। इससे पिंपल्स, दाने या एलर्जिक रिएक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए आपको इन्हें सीमित समय तक कि उसे करना चाहिए यानी कि कैसे फेस पैक सुख आपको उसे धूल देना चाहिए ताकि आपका चेहरा अच्छा रहे।
महंगाई के संकेत सोना चांदी गिरे लेकिन बाजार में तेजी पेट्रोल डीजल के दाम जस के तस

नई दिल्ली । देश में 25 अप्रैल 2026 को सोना चांदी और ईंधन की कीमतों को लेकर मिली जुली स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक ओर सराफा बाजार में गिरावट दर्ज की गई है वहीं कमोडिटी बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना घटकर लगभग 155900 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है और यह करीब 247000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। हालांकि इसके उलट Multi Commodity Exchange यानी एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों में तेजी दर्ज की गई है। यहां सोना करीब 152830 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 244845 रुपए प्रति किलो के आसपास ट्रेड करती नजर आई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कीमतों में उतार चढ़ाव के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। डॉलर की मजबूती पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार को प्रभावित कर रही हैं। इन कारणों से निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है और इसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। ईंधन की बात करें तो देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपए और डीजल 87.67 रुपए प्रति लीटर बना हुआ है। मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपए और डीजल 90.03 रुपए है जबकि चेन्नई में पेट्रोल 100.80 रुपए और डीजल 92.39 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर है। इस बीच बाजार में एक और चिंता पाम ऑयल की कमी को लेकर सामने आई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और खासकर इंडोनेशिया से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो आने वाले समय में खाद्य तेल समेत रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है हालांकि पिछले कुछ महीनों में इसमें बढ़ोतरी देखी गई थी। कुल मिलाकर जहां पेट्रोल डीजल के दाम स्थिर हैं वहीं सोना चांदी में उतार चढ़ाव जारी है और वैश्विक परिस्थितियों के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
प्रभास के फैन की पिटाई से मचा बवाल थिएटर प्रबंधन की सफाई ने बढ़ाई बहस

नई दिल्ली । हैदराबाद के सुदर्शन थिएटर में एक फिल्म शो के दौरान हुई मारपीट की घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है जहां एक ओर वायरल वीडियो में थिएटर स्टाफ एक फैन को डंडे और चप्पलों से पीटता नजर आ रहा है वहीं दूसरी ओर इस घटना के पीछे की वजह को लेकर अलग अलग दावे सामने आ रहे हैं बताया जा रहा है कि यह मामला फिल्म के एक गाने को लेकर शुरू हुआ था जो एक शो में दिखाया गया लेकिन दूसरे शो में नहीं दिखाया गया इसी बात को लेकर कुछ फैंस नाराज हो गए और उन्होंने थिएटर प्रबंधन से जवाब मांगना शुरू कर दिया मामला तब और बढ़ गया जब फिल्म खत्म होने के बाद भी कुछ दर्शक थिएटर से बाहर निकलने को तैयार नहीं थे वे बार बार उसी गाने को दोबारा चलाने की मांग कर रहे थे इस वजह से अगले शो की तैयारी में जुटे स्टाफ को परेशानी होने लगी थिएटर मालिक बालगोविंद के मुताबिक स्टाफ ने दर्शकों से शांति से बाहर निकलने का अनुरोध किया था लेकिन कुछ लोग इस दौरान आक्रामक हो गए और बहस तेज हो गई स्थिति ने गंभीर रूप तब ले लिया जब कथित तौर पर एक फैन ने महिला स्टाफ के साथ बदतमीजी की और आपत्तिजनक इशारे किए बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति नशे की हालत में था जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया थिएटर प्रबंधन का कहना है कि स्टाफ ने पहले स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन जब मामला नियंत्रण से बाहर होता गया तब हाथापाई शुरू हो गई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया है जहां कुछ लोग थिएटर स्टाफ के रवैये की आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हिंसा किसी भी स्थिति का समाधान नहीं हो सकती वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति नशे में महिलाओं के साथ बदतमीजी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी है और ऐसे मामलों में सीमा कहां तय की जानी चाहिए थिएटर मालिक ने कहा है कि वे फैंस के उत्साह को समझते हैं लेकिन नियमों और मर्यादा का पालन करना भी जरूरी है उन्होंने यह भी बताया कि री रिलीज फिल्मों के दौरान अक्सर कुछ लोग नशे की हालत में आ जाते हैं जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है फिलहाल इस मामले की सच्चाई पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना ने सिनेमाघरों में सुरक्षा व्यवस्था और व्यवहार के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है लोग अब यह मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में बेहतर प्रबंधन और संयमित प्रतिक्रिया अपनाई जाए ताकि दर्शकों का अनुभव सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे
IMD की चेतावनी लू का कहर शरीर कितनी गर्मी सह सकता है समझना जरूरी

नई दिल्ली। देश में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। India Meteorological Department (IMD) ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में लू (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। सिर्फ तापमान नहीं, नमी भी है बड़ा कारणविशेषज्ञों के अनुसार, इंसान का शरीर सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि गर्मी और नमी के मेल से प्रभावित होता है। इसे “वेट बल्ब तापमान” कहा जाता है। पहले माना जाता था कि इंसान 35°C तक का वेट बल्ब तापमान सह सकता है, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक यह सीमा करीब 30–31°C के आसपास है। इससे ज्यादा होने पर शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता। नमी वाली गर्मी क्यों ज्यादा खतरनाक?सूखी गर्मी में पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है, लेकिन नमी ज्यादा होने पर पसीना सूख नहीं पाता। इस वजह से शरीर जल्दी गर्म हो जाता है कम तापमान में भी खतरा बढ़ जाता है जब शरीर का तापमान 40°C के पार चला जाता है, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। इसके लक्षण हो सकते हैं चक्कर आना, भ्रम या घबराहट बेहोशी समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। शरीर के अंदर क्या होता है असर?तेज गर्मी का असर शरीर के जरूरी अंगों पर भी पड़ता है दिमाग में सूजन और भ्रम दिल पर ज्यादा दबाव शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम फेल बढ़ती गर्मी और लू के बीच सावधानी बेहद जरूरी है। धूप में कम निकलें पानी ज्यादा पिएं शरीर को ठंडा रखें गर्मी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्क रहना जरूरी है।
किंग का टीजर वायरल शाहरुख खान के एक्शन ने बढ़ाई फैंस की एक्साइटमेंट

नई दिल्ली। शाहरुख खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म किंग का टीजर आखिरकार रिलीज हो गया है और रिलीज होते ही यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है तथा दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है। टीजर में शाहरुख खान का एकदम नया और बेहद दमदार एक्शन अवतार देखने को मिलता है जिससे फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार किया जा रहा था और अब पहला छोटा झलक सामने आने के बाद माहौल पूरी तरह से बदल गया है। सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं और फैंस इसे लेकर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। टीजर की शुरुआत एक रहस्यमय और स्टाइलिश अंदाज में होती है जहां शाहरुख खान के हाथ में किंग लिखा हुआ कार्ड दिखाई देता है। इसके बाद वह अचानक कांच तोड़ते हुए जबरदस्त एंट्री लेते हैं और पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आते हैं। उनके हर सीन में पावर और आत्मविश्वास साफ दिखाई देता है। बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी टीजर को और भी ज्यादा प्रभावशाली बनाते हैं। इस दौरान उनका एक डायलॉग भी सामने आता है जिसमें वह कहते हैं डर नहीं दहशत हूं सिर्फ एक ही नाम किंग। यह लाइन दर्शकों के बीच तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे बार बार शेयर कर रहे हैं। फिल्म की रिलीज डेट भी टीजर के अंत में सामने आ गई है। किंग 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म साल के अंत में आने वाली सबसे बड़ी रिलीज में से एक मानी जा रही है। शाहरुख खान की पिछली फिल्म डंकी भी दिसंबर में रिलीज हुई थी और उससे पहले पठान और जवान जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थीं। अब एक लंबे अंतराल के बाद शाहरुख बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं और इस बार उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। फैंस को विश्वास है कि यह फिल्म भी इतिहास रच सकती है। टीजर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ दर्शक शाहरुख खान के इस नए एक्शन अवतार को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इसे उनके करियर की एक और बड़ी हिट मान रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि टीजर का स्टाइल कुछ हद तक दूसरी फिल्मों जैसा लग रहा है और इसे धुरंधर स्टाइल से जोड़ा जा रहा है। हालांकि फैंस का बड़ा वर्ग इसे किंग खान की शानदार वापसी मान रहा है और लगातार उनकी तारीफ कर रहा है। फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं जो पहले भी बड़े एक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी नजर आएंगी। इसके अलावा दीपिका पादुकोण रानी मुखर्जी और अभिषेक बच्चन जैसे बड़े कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। खास बात यह है कि फिल्म में शाहरुख और दीपिका के बीच रोमांटिक एंगल भी देखने को मिलेगा जिसे लेकर पहले ही काफी चर्चा हो चुकी है। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की जोड़ी पहले भी कई सुपरहिट फिल्मों में साथ नजर आ चुकी है जिनमें ओम शांति ओम चेन्नई एक्सप्रेस हैप्पी न्यू ईयर पठान और जवान शामिल हैं। इन सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। अब किंग के साथ यह जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाका करने के लिए तैयार है और फैंस को उम्मीद है कि यह फिल्म भी सफलता के नए रिकॉर्ड बनाएगी।
बालाघाट में पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप का समापन जबलपुर ओपन में अव्वल

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के बालाघाट में आयोजित राज्यस्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन शानदार अंदाज में हुआ। नूतन कला निकेतन में दो दिनों तक चले इस आयोजन में प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया। शुक्रवार रात हुए पुरस्कार वितरण समारोह के साथ पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता संपन्न हुई जिसमें विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर खिताब अपने नाम किए। ओपन वर्ग में जबलपुर ने 50 रैंक के साथ पहला स्थान हासिल किया और चैंपियन बना। वहीं जूनियर वर्ग में इंदौर कार्पोरेशन ने 54 रैंक के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। सब जूनियर वर्ग में कटनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया। अन्य स्थानों की बात करें तो ओपन वर्ग में इंदौर कार्पोरेशन दूसरे और छिंदवाड़ा तीसरे स्थान पर रहा। जूनियर वर्ग में रीवा ने दूसरा और छिंदवाड़ा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सब जूनियर वर्ग में भोपाल कार्पोरेशन दूसरे और रीवा तीसरे स्थान पर रहा। बॉडी वेट प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। सब जूनियर डिवीजन में भोपाल के मोहित चतुर्वेदी ने पहला स्थान हासिल किया जबकि कटनी के देव ताम्रकर दूसरे और अमृतांश मिश्रा तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर वर्ग में भोपाल के जावेद आलम विजेता बने जबकि रीवा के मोहित वर्मा और अमित मुजालडे क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। ओपन वर्ग में छिंदवाड़ा के शैलेंद्र सेवतिया ने पहला स्थान प्राप्त किया जबकि भोपाल के ध्रुवराज कुरे दूसरे और रीवा के अमन सिंह तीसरे स्थान पर रहे। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता की शुरुआत 23 अप्रैल को हुई थी जिसमें लगभग 200 महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने भाग लिया। आयोजन जिला पावर लिफ्टिंग और वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया। खिलाड़ियों ने बेंच प्रेस स्क्वॉट और डेड लिफ्ट जैसी विधाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में विभिन्न अतिथियों ने विजेताओं को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आयोजकों के अनुसार इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें फिटनेस के प्रति जागरूक बनाना था। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया है जहां वे प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच देने में सफल रहा बल्कि आने वाले समय के लिए नए खिलाड़ियों को प्रेरित भी करता नजर आया।