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एकादशी पर चावल खाने की अनोखी परंपरा जगन्नाथ पुरी मंदिर का चमत्कारी रहस्य

नई दिल्ली। ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर अपनी अद्भुत परंपराओं और रहस्यों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां भगवान जगन्नाथ की पूजा भक्ति और आस्था के विशेष नियमों के साथ की जाती है। इन्हीं नियमों में से एक ऐसा अनोखा नियम है जो एकादशी तिथि से जुड़ा हुआ है। आमतौर पर हिंदू धर्म में एकादशी के दिन चावल और अनाज का सेवन पूर्ण रूप से वर्जित माना जाता है। व्रत रखने वाले भक्त इस दिन केवल फलाहार या निर्जल व्रत का पालन करते हैं। लेकिन जगन्नाथ पुरी मंदिर में इसका नियम बिल्कुल अलग है। इस मंदिर में एकादशी के दिन भी भगवान को चावल का महाप्रसाद अर्पित किया जाता है और भक्त इसे श्रद्धा के साथ ग्रहण करते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि जो भक्त एकादशी का व्रत रखते हैं वे भी इस महाप्रसाद को स्वीकार करते हैं और इसके बावजूद उनका व्रत टूटता नहीं माना जाता। यह परंपरा श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का विषय है और इसे भगवान की विशेष कृपा के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि जगन्नाथ मंदिर में भगवान स्वयं अपने भक्तों के नियमों से ऊपर हैं और यहां भक्ति सबसे बड़ा धर्म है। इसलिए यहां प्रसाद को सामान्य भोजन नहीं बल्कि दिव्य आशीर्वाद माना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर में अर्पित किया गया भोजन पहले भगवान का हो जाता है और फिर प्रसाद के रूप में वितरित होता है। इसी कारण एकादशी जैसे पवित्र व्रत के नियम भी यहां भक्ति के आगे गौण हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं में इस परंपरा का एक रोचक प्रसंग भी मिलता है। कहा जाता है कि एक बार ब्रह्मा जी को भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद ग्रहण करने की इच्छा हुई। जब वे मंदिर पहुंचे तब तक प्रसाद समाप्त हो चुका था। उसी समय उन्होंने एक कुत्ते को पत्तल में बचा हुआ चावल खाते देखा। ब्रह्मा जी ने बिना संकोच उस कुत्ते के साथ बैठकर वही प्रसाद ग्रहण किया। उस दिन एकादशी तिथि थी। यह दृश्य देखकर भगवान जगन्नाथ स्वयं प्रकट हुए और उन्होंने घोषणा की कि अब से उनके महाप्रसाद पर एकादशी का कोई नियम लागू नहीं होगा। एक अन्य मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन चावल का संबंध महर्षि मेधा से बताया जाता है। कहा जाता है कि वे मां शक्ति के क्रोध से बचने के लिए अपने शरीर का त्याग कर चावल और जौ के रूप में पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। इसलिए एकादशी के दिन चावल का सेवन उनके शरीर का भाग माना जाता है और इसे वर्जित किया गया है। लेकिन जगन्नाथ पुरी में भक्ति और प्रसाद की दिव्यता इस नियम से ऊपर मानी जाती है। इसी कारण यह मंदिर आस्था और चमत्कार का अद्भुत केंद्र माना जाता है जहां नियम नहीं बल्कि भक्ति सर्वोपरि है।

रिलायंस का दमदार प्रदर्शन चौथी तिमाही में 20589 करोड़ मुनाफा 6 रुपए डिविडेंड का ऐलान

नई दिल्ली । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का संकेत दिया है। कंपनी ने जनवरी से मार्च तिमाही के लिए 20589 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। साथ ही निवेशकों को 6 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान भी किया गया है जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में आरआईएल ने कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि साल दर साल आधार पर शुद्ध मुनाफे में लगभग 8.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है लेकिन इसके बावजूद कंपनी की कुल आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। तिमाही के दौरान कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू बढ़कर 325290 करोड़ रुपए तक पहुंच गया जो करीब 12.9 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। कंपनी के ऑयल टू केमिकल डिजिटल सर्विसेज और रिटेल सेगमेंट ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया है। खासकर डिजिटल कारोबार में तेजी से विस्तार देखने को मिला है। जियो प्लेटफॉर्म्स का ईबीआईटीडीए 17.9 प्रतिशत बढ़कर 20060 करोड़ रुपए हो गया है। जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 52.4 करोड़ से अधिक हो चुकी है जिनमें 26.8 करोड़ से ज्यादा 5जी यूजर्स शामिल हैं। यह भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। रिटेल सेगमेंट में भी कंपनी ने स्थिर प्रदर्शन किया है। रिलायंस रिटेल का ईबीआईटीडीए 3.1 प्रतिशत बढ़कर 6921 करोड़ रुपए रहा और देशभर में इसके स्टोर्स की संख्या 20000 के पार पहुंच गई है। यह विस्तार कंपनी की आक्रामक ग्रोथ रणनीति को दिखाता है। हालांकि तेल और गैस सेगमेंट में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली है। इसका मुख्य कारण केजी डी6 बेसिन में गैस उत्पादन में प्राकृतिक गिरावट बताया गया है जिससे इस हिस्से की आय प्रभावित हुई है। इसके बावजूद कंपनी अन्य सेगमेंट्स की बदौलत संतुलन बनाए रखने में सफल रही है। पूरे वित्त वर्ष 2025 26 की बात करें तो कंपनी ने रिकॉर्ड 95610 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट हासिल किया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.3 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंपनी का कुल पूंजीगत खर्च 144271 करोड़ रुपए रहा है जो भविष्य की विस्तार योजनाओं और नए प्रोजेक्ट्स में निवेश को दर्शाता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के माध्यम से देश के डिजिटल विकास को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर रिलायंस इंडस्ट्रीज का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी पारंपरिक कारोबार के साथ साथ डिजिटल और रिटेल जैसे नए क्षेत्रों में भी मजबूत पकड़ बना रही है और आने वाले समय में निवेशकों के लिए बेहतर अवसर पैदा कर सकती है।

आर्थिक रिश्तों में नया अध्याय भारत न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर 27 अप्रैल को मुहर

नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से पहले केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूजीलैंड के ट्रेड और इन्वेस्टमेंट मंत्री टॉड मैक्ले का भारत में स्वागत किया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच 27 अप्रैल 2026 को होने वाले समझौते से पहले हुई, जिसे आर्थिक सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत होते भरोसे और साझा आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने इस समझौते को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति देने वाला अहम कदम बताया। इस बीच न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी पहले ही इस समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों को अपने व्यापार का विस्तार करने और एक दूसरे के बाजार तक बेहतर पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। खास तौर पर न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में नए अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लक्सन के अनुसार, इस समझौते के तहत व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम किया जाएगा और धीरे धीरे टैरिफ में भी कमी लाई जाएगी। इससे न केवल सामान का आदान प्रदान आसान होगा बल्कि दोनों देशों के व्यवसायों के लिए प्रतिस्पर्धा के नए अवसर भी खुलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इससे न्यूजीलैंड में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एफटीए के तहत खास तौर पर उन क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है जहां तकनीकी और औद्योगिक सहयोग की गुंजाइश है। न्यूजीलैंड की कंपनियां जो मरीन जेट सिस्टम जैसे विशेष उत्पाद बनाती हैं, उन्हें भारतीय बाजार में प्रवेश आसान हो सकता है। वहीं भारत के लिए भी यह समझौता निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। साथ ही यह साझेदारी इंडो पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक सहयोग को भी मजबूती देगी। आने वाले दिनों में इस समझौते पर आधिकारिक मुहर लगने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देश इस अवसर का किस तरह लाभ उठाते हैं और वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका को कैसे मजबूत करते हैं।

संजय दत्त ने 'खलनायक रिटर्न्स' के साथ किया बॉक्स ऑफिस पर तबाही का एलान।

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। संजय ने अपने करियर में हीरो के लेकर विलन तक के किरदारों से खूब सुर्खियां बटोरी हैं। वहीं, इन दिनों संजय दत्ता ‘धुरंधर’ में अपने एसपी चौधरी के किरदार को लेकर काफी तारीफें बटोर रहे हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से संजय बॉक्स ऑफिस पर बवाल मचाने के लिए तैयार हैं। जी हां, संजय दत्त के फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। संजय दत्त ने ऑफिशियली खलनायक रिटर्न्स अनाउंस कर दिया है। हाल ही में खलनायक रिटर्न्स से संजय का लुक जारी किया गया था, जिसने दर्शकों की एक्साइटमेंट को बढ़ा दिया था। वहीं, अब मूवी से उनका फर्स्ट लुक अनाउंसमेंट वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में संजू बाबा अपने खूंखार अंदाज में नजर आ रहे हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया है। हिंदी सिनेमा में एंटी-हीरो को फिर से डिफाइन करने के तीन दशक से ज्यादा समय बाद, संजय दत्त ने ऑफिशियली खलनायक रिटर्न्स अनाउंस किया है। ऐसे में शुक्रवार को खलनायक रिटर्न्स का फर्स्ट लुक अनाउंसमेंट वीडियो जारी किया गयाहै। इसे शेयर करते हुए संजय ने लिखा, ‘कुछ कहानी खत्म नहीं होती… वो दोबारा शुरू होती है। खलनायक रिटर्न्स।’ हालांकि कास्ट और रिलीज टाइमलाइन के बारे में डिटेल्स अभी भी सीक्रेट रखी गई हैं।संजय दत्त का खौफनाक अंदाज वीडियो का पहला सीन ही बेहद खौफनाक है। इस वीडियो में संजय दत्त का खूंखार अंदाज के साथ खून-खराबा दिखाया गया है। लाशों के बीच लंबे बालों, बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ संजय दत्त अपना खौफ पैदा करते दिख रहे हैं। उनके सामने पड़ा शख्स संजय से जान की भीख मांग रहा है। उससे संजय कहते हैं- बोला था ना, रात के 10 बजे बल्लू जेल से फुरररर… नायक नहीं खलनायक हूं मैं। संजय दत्त का ये स्वैग देख फैंस का क्रेज फिल्म को लेकर और ज्यादा बढ़ गया है। ओरिजिनल खलनायक, जिसे सुभाष घई ने डायरेक्ट किया था, 1993 में रिलीज हुई थी और अपने समय की सबसे डिफाइनिंग फिल्मों में से एक बन गई। संजय दत्त ने बदनाम बल्लू का रोल किया था, साथ में माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ भी थे। इस फिल्म ने हीरो और विलेन के बीच की लाइन को धुंधला कर दिया, और एक ऐसा नैतिक रूप से मुश्किल हीरो दिखाया जिससे लोग डरते भी थे और कभी-कभी वह बहुत इंसान भी था। खलनायक की कहानी बल्लू नाम के एक खतरनाक क्रिमिनल की है जो पुलिस कस्टडी से भाग जाता है और इंस्पेक्टर राम जैकी के रोल में एक हाई-स्टेक पीछा शुरू करता है। श्रॉफ। उसे पकड़ने के लिए, राम की मंगेतर, इंस्पेक्टर गंगा, जिसका रोल माधुरी दीक्षित ने किया है, अंडरकवर हो जाती है, और खुद को बल्लू की दुनिया में शामिल कर लेती है। जो सामने आता है वह सिर्फ एक मैनहंट नहीं है, बल्कि एक इमोशनल लेयर वाली कहानी है जो धोखे, छुटकारा और एक क्रिमिनल बनने की कहानी दिखाती है।

रिहाना का मुंबई में सरप्राइज आगमन फैंस हैरान बिना किसी इवेंट के भारत पहुंचीं ग्लोबल स्टार

नई दिल्ली । ग्लोबल पॉप स्टार रिहाना एक बार फिर भारत पहुंच गई हैं और उनके अचानक मुंबई आगमन ने फैंस को पूरी तरह चौंका दिया है वे गुरुवार शाम को मुंबई के कलिना एयरपोर्ट पर देखी गईं जहां उनकी झलक मिलते ही सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो गई टाइट सिक्योरिटी के बीच रिहाना एयरपोर्ट से बाहर निकलीं और मुस्कुराते हुए पैपराजी की तरफ हाथ भी हिलाया जिसके बाद वे सीधे अपनी कार में बैठकर रवाना हो गईं उनकी इस सरप्राइज विजिट के बारे में पहले किसी को कोई जानकारी नहीं थी इसलिए जैसे ही उनका वीडियो और तस्वीरें सामने आईं वैसे ही इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गई फैंस लगातार उनकी भारत यात्रा का कारण जानने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है रिपोर्ट्स के अनुसार माना जा रहा है कि रिहाना किसी प्रोफेशनल काम के लिए भारत आई हैं और वे अपने ब्यूटी ब्रांड से जुड़े एक प्रमोशनल इवेंट में शामिल हो सकती हैं हालांकि यह सिर्फ अटकलें हैं और अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है उनके ब्रांड के इवेंट दुनिया के कई बड़े शहरों में आयोजित होते हैं और इसी वजह से मुंबई में भी किसी खास लॉन्च या पॉप अप इवेंट की संभावना जताई जा रही है सोशल मीडिया पर जैसे ही रिहाना का वीडियो वायरल हुआ वैसे ही ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उनका नाम ट्रेंड करने लगा फैंस ने तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दीं किसी ने इसे एक बड़ा सरप्राइज बताया तो किसी ने अनुमान लगाया कि शायद कोई बड़ा प्रोजेक्ट या इवेंट हो सकता है उनके फैंस उनकी एक झलक पाकर बेहद उत्साहित नजर आए रिहाना इससे पहले भी भारत आ चुकी हैं साल 2024 में वे गुजरात के जामनगर में हुए अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के प्री वेडिंग फंक्शन में शामिल हुई थीं जहां उन्होंने परफॉर्म भी किया था भारत में उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है और जब भी वे यहां आती हैं तो फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है रिहाना ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में की थी और धीरे धीरे उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली उनके कई गाने जैसे Umbrella Diamonds और Work दुनिया भर में सुपरहिट रहे हैं और आज भी लोग उन्हें बेहद पसंद करते हैं उनकी आवाज और स्टाइल ने उन्हें एक ग्लोबल आइकन बना दिया है सिर्फ म्यूजिक ही नहीं बल्कि बिजनेस की दुनिया में भी रिहाना ने बड़ी सफलता हासिल की है उनका ब्यूटी ब्रांड और फैशन लाइन दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय हैं और इनसे उन्हें भारी कमाई होती है रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ अरबों डॉलर में आंकी जाती है और वे दुनिया की सबसे अमीर सिंगर्स में से एक हैं कुल मिलाकर रिहाना की यह भारत यात्रा फिलहाल रहस्य बनी हुई है और फैंस को उम्मीद है कि जल्द ही उनके आने की असली वजह सामने आएगी

गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

सूरत। गुजरात की डायमंड सिटी नाम से मशहूर सूरत में कुछ देर पहले छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ. शहर के व्यस्त इलाके में एक मुस्लिम युवक ने महिला से छेड़छाड़ की. पीड़िता की चीख-पुकार सुन मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी युवक को जमकर पीटा. शिकायत के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अल्थान इलाके में थाने के बाहर खूब हंगामा और प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी की. इस दौरान, उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई. इसके बाद, पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा. थाने का घेराव करने आए लोगों में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे. लोग अपने हाथों में लाठी और डंडे लिए नजर आए. आरोपी को पीटा जब ये घटना सामने आई तो लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. इसके बाद 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया गया. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक ये खबर दावानल की तरह पूरे इलाके में फैल चुकी थी. इस वजह से बहुत सारे लोग वहां आ गए थे. इसके बाद, भीड़ ने पुलिस वैन से उतारकर आरोपी को पीटा. हालात बिगड़े तो और फोर्स बुलानी पड़ी और तब जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में भारी संख्या में पुलिस फोर्स इलाके में तैनात की गई है. ACP, सूरत ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. हम लोगों से अपील करते हैं कि कृपया कानून-व्यवस्था अपने हाथ न लें. पुलिस अपना काम कर रही है. हम दोषी को कड़ी सजा देंगे. विधायक ने की शांति की अपील मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक मनु पटेल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी लोगों से शांति बहाल करने की अपील की. उन्होंने कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की. इस घटना के मद्देनजर, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है. क्राइम ब्रांच की टीम ने भी पूरे इलाके को राउंड अप किया. दूसरे थानों से भी पुलिस के जवान यहां पहुचे हैं. सूरत में ऐसा ही एक और घिनौना मामला सूरत की सरौली पुलिस ने इस घटना से पहले 21 वर्षीय मोजबीर को तीन साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दबोचा था. बिहार निवासी आरोपी सरौली इलाके की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था. बीते गुरुवार दोपहर जब पीड़िता की मां कुछ काम से बाहर गई थी, तब शेख ने उसे अगवा कर लिया और छत पर बने बाथरूम में ले गया. वहां उसने पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया. इससे पहले कि वह कोई और जघन्य अपराध कर पाता, पीड़िता की मां उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंच गई. स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और शेख की पिटाई कर दी. सरौली पुलिस को सूचना दी गई और शेख के खिलाफ बलात्कार के मामले में बीएनएस (बाल यौन उत्पीड़न अधिनियम) और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.

अशोकनगर में बड़ा हादसा टला फंदे से लटकी महिला को देवर ने बचाया पति पर गंभीर आरोप

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के छैलाई धुर्रा गांव में एक गंभीर घरेलू विवाद ने उस समय भयावह रूप ले लिया जब 25 वर्षीय महिला ने आत्महत्या का प्रयास कर लिया। हालांकि, देवर की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते उसकी जान बच गई और उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार महिला ने घर के अंदर शर्ट के कपड़े से फंदा बनाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इसी दौरान देवर की नजर उस पर पड़ गई और उसने बिना देर किए समझदारी दिखाते हुए घर की छत पर चढ़कर छप्पर हटाया और हंसिया से फंदा काट दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से महिला की जान बच गई। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है। महिला अरूणा ने अपने पति विवेक जाटव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पति लंबे समय से उस पर चरित्र को लेकर शक करता था और इसी वजह से उसके साथ मारपीट करता था। महिला के अनुसार वह मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की प्रताड़ना का सामना कर रही थी जिससे वह बेहद परेशान हो गई थी। महिला ने बताया कि करीब एक साल पहले वह अपने पति के साथ मजदूरी के लिए इंदौर गई थी। वहीं से दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ जो समय के साथ बढ़ता गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका नंदोई सोनू उसके पति को उसके खिलाफ भड़काता था जिसके बाद पति का व्यवहार और आक्रामक हो गया। गांव लौटने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। महिला का आरोप है कि उसका पति शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था और उसे छोड़कर दूसरी शादी करने की धमकी भी देता था। लगातार बढ़ते मानसिक दबाव के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस महिला के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। यह घटना घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर पहलू को उजागर करती है जहां समय रहते हस्तक्षेप और सहायता से एक बड़ी त्रासदी टल गई।

सांप से भिड़ गया कुत्ता, गंवाई जान, लेकिन मासूम छात्रों को बचा लिया; गांववालों ने किया अंतिम संस्कार

मयूरभंज। ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक कुत्ते की बहादुरी की खूब चर्चा हो रही है। इसने अपनी जान पर खेलकर स्कूल में पढ़ने वाले 30 मासूम छात्रों की जान बचाई है। असल में यहां पर एक विषैला सांप निकल आया था। लेकिन यह कुत्ता, सांप से भिड़ गया और सभी बच्चों को बचा लिया। उसकी इस बहादुरी से प्रेरित होकर गांव के लोगों ने उसे काली नाम दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला ढिराकुला गांव का है और घटना सुबह 8.30 बजे हुई। छात्रों के बीच जा पहुंचा सांप जानकारी के मुताबिक श्री जगन्नाथ शिशु विद्या मंदिर में किंडरगार्टन स्कूल में छात्र, परिसर के बाहर जुटे हुए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इसी दौरान एक विषैला सांप वहां पहुंचा, जहां पर छात्र बैठे हुए थे। अभी वहां मौजूद लोग सोच ही रहे थे कि वहां बैठे मासूम छात्रों को कैसे बचाया जाए, तभी यह कुत्ता वहां पहुंच गया। इसके बाद उसने मोर्चा संभाल लिया और छात्रों को बचा लिया। वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि सांप के बार-बार हमले के बावजूद काली डरा नहीं और मोर्चे पर डटा रहा। सांप की हो गई मौत इस दौरान कुत्ता के हमलों से सांप की मौत हो गईं। वहीं, कुत्ता को भी सांप ने मुंह में काट लिया था। इसके चलते बाद में कुत्ता की मौत हो गई। जगहों पर काट लिया था। स्थानीय लोग काली की वीरता से काफी ज्यादा प्रभावित हुए। तमाम लोगों ने बताया कि इससे पहले इस कुत्ता को किसी ने देखा नहीं था। घटना के बाद सबने जुटकर उसे अंतिम विदाई दी। काली के शव को सफेद कपड़ों से ढंका गया और चारों तरफ फूल बिखेरे गए। इसके बाद उसके शव को एक ट्रॉली पर रखकर गांव में घुमाया गया।

खंडवा में प्रशासन का बड़ा खुलासा: चर्बी से नकली घी-आइसक्रीम बनाने वाला अवैध कारखाना पकड़ा

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जिला प्रशासन ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए अवैध तरीके से संचालित हो रहे कारखाने का पर्दाफाश किया है। यहां पशुओं की चर्बी से नकली घी और आइसक्रीम बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। संयुक्त टीम ने मौके से भारी मात्रा में सामग्री जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। शुक्रवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, नगर निगम, खाद्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मोघट थाना क्षेत्र के इमलीपुरा वार्ड स्थित बेगम पार्क के पास दबिश दी। संकरी गलियों में बने कमरों की तलाशी के दौरान टीम को एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य मिले। कार्रवाई के दौरान 79 टीन कनस्तरों और 9 नीले ड्रमों में भरा चर्बी से बना नकली घी बरामद किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में बोरे भरकर पशुओं के अवशेष भी मिले। प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृत पशुओं की चर्बी, खाल और हड्डियों का इस्तेमाल कर घी तैयार किया जा रहा था, जिसे बाजार में सप्लाई किया जाता था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पूरे परिसर को सील कर दिया और जब्त सामग्री के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। पशु चिकित्सा विभाग ने भी चर्बी और अन्य अवशेषों के नमूने लेकर यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है कि किन पशुओं का उपयोग किया गया। इस मामले में आरोपी अनवर कुरैशी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय विधायक ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अवैध कारोबार से लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है। प्रशासन का कहना है कि पूरे जिले में इस तरह के अन्य अवैध ठिकानों की भी जांच की जाएगी, ताकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस तरह के खतरनाक नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

MP: उज्जैन में 8 करोड़ के बीमा घोटाले का खुलासा… पैसों के लिए मरे हुए लोगों को भी नहीं छोड़ा

उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain district) से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों ने पैसे कमाने के लिए मृतकों को भी नहीं बख्शा. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (Economic Offences Cell) ने एक बड़े इंश्योरेंस घोटाले (Major Insurance Scams) का खुलासा किया है, जिसमें करीब 8 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है. इस पूरे मामले में बीमा एजेंट से लेकर पंचायत स्तर तक के लोग शामिल पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ा हुआ है. इस घोटाले में मृत लोगों और गंभीर बीमार व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसी करवाई गई और बाद में फर्जी दस्तावेजों के जरिए क्लेम करने की कोशिश की गई. इस मामले में अब तक 21 नॉमिनी सहित कुल 40 लोगों को आरोपी बनाया गया है. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के एसपी समर वर्मा ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह स्कैम तब सामने आया जब बीमा कंपनी के पास लगातार ऐसे क्लेम आने लगे, जिनमें पॉलिसी लेने के कुछ समय बाद ही लोगों की मौत दिखाई गई थी. इस पर कंपनी को शक हुआ और उसने अपने स्तर पर जांच शुरू की. जांच के दौरान करीब 27 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें बीमा पॉलिसी लेने के बाद जल्दी मौत दिखाई गई थी. इनमें से 8 मामले तो ऐसे निकले, जिनमें पहले से ही मृत लोगों के नाम पर पॉलिसी करवाई गई थी. यह मामला सामने आने के बाद बीमा कंपनी ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को दी. ईओडब्ल्यू ने जब इस पूरे मामले की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले से मृत या गंभीर रूप से बीमार लोगों के नाम पर बीमा पॉलिसी जारी करवाई. इसके बाद उनके नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए और बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया गया. मृत लोगों के नाम पर बनाई गई बीमा पॉलिसियांकुछ मामलों में तो यह भी सामने आया कि पहले से मृत लोगों को जीवित दिखाकर उनके नाम पर पॉलिसी करवाई गई और बाद में उनकी मौत दिखाकर क्लेम करने की कोशिश की गई. इस पूरे खेल में पंचायत स्तर के अधिकारी भी शामिल पाए गए. जांच में सामने आया कि ग्राम सरपंच, ग्राम सचिव और सहायक सचिव ने मिलकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए. इन दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनी में क्लेम लगाया गया. इसके अलावा क्लेम को सही साबित करने के लिए झूठे साक्ष्य भी तैयार किए गए. ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले में 10 बीमा एजेंट शामिल थे. इनमें से कुछ एजेंटों ने एक से अधिक पॉलिसियां जारी करवाई थीं. इससे साफ है कि यह एक संगठित तरीके से किया गया अपराध था, जिसमें कई लोग मिलकर काम कर रहे थे. एसपी समर वर्मा ने बताया कि अब तक दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ग्राम सरपंच, ग्राम सचिव और सहायक सचिव की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है. इन लोगों ने पहले से मृत व्यक्तियों के नाम पर दोबारा मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए और उन्हें आधार बनाकर बीमा क्लेम करने की कोशिश की. इस मामले में अभी विस्तृत जांच जारी है. ईओडब्ल्यू दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. यह मामला इस बात को भी उजागर करता है कि किस तरह कुछ लोग सरकारी सिस्टम और बीमा प्रक्रियाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. संगठित तरीके से किए गए इस अपराध में कई स्तरों पर मिलीभगत सामने आई है, जो बेहद गंभीर चिंता का विषय है. जांच में 40 आरोपी, आगे और खुलासे की संभावनाफिलहाल ईओडब्ल्यू ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह के मामलों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. यह घोटाला न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह समाज की संवेदनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला मामला है, जहां लोगों ने पैसे के लिए मृतकों के नाम का भी दुरुपयोग किया. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं और कितने लोग इस मामले में और सामने आते हैं.