Chambalkichugli.com

पंच परिवर्तन से स्थापित होगा भारतीयता का गौरव : सुरेश सोनी

जबलपुर। अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी ने कहा कि संघ की स्थापना एक निश्चित उद्देश्य के साथ हुई थी और शताब्दी मनाना उसका मूल लक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत का प्राचीन दर्शन और संस्कृति विश्व के लिए कल्याणकारी है, जिसे पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का कार्य तब तक चलता रहेगा, जब तक समाज और संघ में पूर्ण एकरूपता नहीं आ जाती। यह बातें सुरेश सोनी ने गत दिवस शनिवार को राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जबलपुर महानगर के तत्वावधान में श्रीजानकीरमण महाविद्यालय में साहित्यकार एवं इतिहासकार श्रेणी की प्रमुख जन गोष्ठी तथा ‘संघिका’ पुस्तक के प्रथम भाग का लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कही। कार्यक्रम में शरदचंद पालन मुख्य अतिथि एवं विभाग संघ चालक कैलाश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की पूजा-अर्चना एवं ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से हुआ। अतिथियों का परिचय डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने दिया। इस अवसर पर डॉ. आनंद सिंह राणा द्वारा लिखित महाकौशल प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘संघिका’ के प्रथम भाग का विमोचन किया गया। पुस्तक का परिचय एवं समीक्षा दीपक द्विवेदी ने प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना अल्केश चतुर्वेदी ने रखी। सुरेश सोनी ने बताया कि शताब्दी वर्ष के निमित्त देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत 10 करोड़ से अधिक परिवारों से संपर्क और संवाद स्थापित किया गया तथा 60 हजार से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हुआ। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण, समाज को एकसूत्र में बांधना और राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने इन विचारों को व्यवहारिक रूप दिया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की विभिन्न धाराओं क्रांतिकारी, अहिंसक और सैन्य का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ के संस्थापक ने इन सभी आयामों को समझकर समाज निर्माण का कार्य किया। सुरेश सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज का मूल दोष आत्मकेंद्रित होना है, जबकि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है। संघ का स्वयंसेवक भाषा, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि मानता है और निस्वार्थ सेवा उसका आधार है। उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ को समाज परिवर्तन का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इसमें कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य बोध शामिल हैं। उन्होंने परिवार व्यवस्था को भारतीय समाज की मूल इकाई बताते हुए इसे सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक ऐसा विचार है जो वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकता है। भारतीय परंपरा में समस्त सृष्टि को एक मानने की भावना निहित है, जो विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्य अतिथि शरदचंद पालन ने अपने संबोधन में शताब्दी वर्ष के संदर्भ में राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों और इतिहासकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में नूपुर देशकर ने एकल गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में जिज्ञासा-समाधान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सुरेश सोनी ने साहित्यकारों एवं इतिहासकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इस गोष्ठी में लगभग 250 साहित्यकार एवं इतिहासकार शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनंद सिंह राणा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली, जब एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि राज्य में जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है। अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और विपक्ष को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। उनके अनुसार कई क्षेत्रों में जनता ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मतदान किया है, जो आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता अब एक नई दिशा और नई सरकार चाहती है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विशेष रूप से टीएमसी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में एक प्रकार की सिंडिकेट व्यवस्था सक्रिय है, जो प्रशासन और विकास कार्यों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भाजपा को सत्ता मिलती है, तो इस तरह की व्यवस्थाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और पारदर्शी शासन स्थापित किया जाएगा। अमित शाह ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाएगी। उनके अनुसार राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने भाषण में उन्होंने महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी और युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे राज्य में आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके। किसानों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को लेकर भी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है और बाजार व्यवस्था में असंतुलन की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई सरकार बनने पर किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने राज्य में अधूरे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि कई परियोजनाएं लंबे समय से पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने वादा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिलता है, तो इन लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। पूरे भाषण में अमित शाह ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य में एक नए प्रशासनिक मॉडल की जरूरत है, जो पारदर्शिता, विकास और सुशासन पर आधारित हो। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

सदाबहार अदाकारा रेखा के ये गाने आज भी हैं संगीत प्रेमियों की पहली पसंद..

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा रेखा का नाम उन कलाकारों में लिया जाता है, जिनकी लोकप्रियता सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके गानों ने भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। रेखा पर फिल्माए गए कई गीत आज भी उतने ही पसंद किए जाते हैं, जितने अपने समय में थे। उनकी अदाओं, भावनाओं और स्क्रीन प्रेजेंस ने इन गानों को हमेशा के लिए यादगार बना दिया है। रेखा के करियर में कई ऐसे गाने शामिल हैं, जो समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। इन गीतों में संगीत, बोल और प्रस्तुति का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो उन्हें खास बनाता है। एक रोमांटिक गीत, जिसमें उनकी और रणधीर कपूर की जोड़ी नजर आई थी, आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इस गाने में संगीतकार और गायकों की शानदार प्रस्तुति ने इसे अमर बना दिया। इसके अलावा एक और गीत, जो एक क्लासिकल अंदाज में प्रस्तुत किया गया था, उसमें रेखा की भावनात्मक अभिव्यक्ति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी आंखों और हाव-भाव के जरिए उन्होंने गाने को जीवंत बना दिया, जिससे यह गीत आज भी खास बना हुआ है। रेखा के कुछ गाने ऐसे भी हैं, जिनमें उनकी सादगी और खूबसूरती का अनोखा संगम देखने को मिलता है। एक गाने में उनकी मासूमियत और भावनात्मक गहराई ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया, जबकि एक अन्य गीत में उनकी और एक बड़े स्टार की जोड़ी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन गानों की खास बात यह है कि इन्हें सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि देखा भी उतनी ही दिलचस्पी से जाता है। उनके कई गाने ऐसे भी हैं जो अपनी धुन और गायकी के कारण अलग पहचान रखते हैं। इनमें से एक गाना गजल शैली में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आवाज का जादू और रेखा की अदाकारी ने इसे बेहद खास बना दिया। यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है और अक्सर सुना जाता है। रेखा के गानों की एक और खासियत यह है कि वे हर भावना को बेहद खूबसूरती से पेश करते हैं। चाहे वह प्यार हो, दर्द हो या फिर खुशी, हर भावना को उन्होंने अपने अभिनय के जरिए प्रभावी तरीके से दर्शाया। यही कारण है कि उनके ये गीत समय के साथ पुराने नहीं पड़े, बल्कि और भी ज्यादा पसंद किए जाने लगे। आज भी जब लोग पुराने गानों की बात करते हैं, तो रेखा के ये सदाबहार गीत जरूर याद किए जाते हैं। उनकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि अच्छा संगीत और शानदार अभिनय कभी पुराना नहीं होता। रेखा के ये गाने आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उतने ही खास रहेंगे, जितने आज हैं।

मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी

भोपाल । मध्यप्रदेश में आज राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में यह परीक्षा 365 केंद्रों पर आयोजित हो रही है जहां लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में कई बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जा रही है जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक चलेगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। उम्मीदवारों को पहले बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से गुजरना होगा इसके बाद एडमिट कार्ड की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के जरिए तलाशी ली जाएगी। इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा प्रबंधन के अनुसार हर उम्मीदवार की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है ताकि उम्मीदवार पहले से ही सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच सकें। प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है। कुल मिलाकर MPPSC की यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।

डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद

भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें संस्करण का जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सामूहिक श्रवण किया। वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में आमजन की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली जिससे यह एक जनसंवाद का मंच बन गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात आज देशवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के प्रेरक कार्यों नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाया जाता है जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। घर घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा जिसमें नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू होगी जिससे लोग अपने समय अनुसार जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत भी होगी। उन्होंने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व गणना का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है और अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लें क्योंकि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और आमजनों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वरोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान की सीख दी तथा उनके साथ समय बिताया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात देश को सकारात्मक दिशा देने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो प्रसारण नहीं बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की झलक देखने को मिली।

लाइव कॉन्सर्ट से पहले सड़क पर हुआ खास पल, सोनू निगम ने फैंस को दिया अनोखा सरप्राइज

नई दिल्ली। संगीत की दुनिया में अपने सुरों से लाखों दिलों पर राज करने वाले मशहूर गायक सोनू निगम एक बार फिर अपने अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई नया गाना या स्टेज परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि एक बेहद प्यारा और इंसानी जुड़ाव से भरा पल है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। यह घटना उस समय की है जब वह विदेश में अपने एक कॉन्सर्ट के लिए जा रहे थे और रास्ते में कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर हर कोई मुस्कुराए बिना नहीं रह सका। दरअसल, सोनू निगम अपनी कार में बैठे हुए अपने कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर आगे चल रही एक कार पर पड़ी, जिसमें कुछ युवा फैंस पूरे जोश के साथ उनका ही गाना जोर-जोर से बजाकर गा रहे थे। गाड़ी के अंदर मौजूद ये फैंस पूरी तरह म्यूजिक में डूबे हुए थे और उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस आवाज पर वे झूम रहे हैं, वह खुद उनके ठीक पीछे मौजूद है। इस दृश्य को देखकर सोनू निगम खुद भी मुस्कुराने लगे। उन्होंने तुरंत इस खास पल को और यादगार बनाने का फैसला किया। उन्होंने अपने ड्राइवर से कहा कि गाड़ी को उन फैंस की कार के करीब ले जाया जाए। जैसे ही उनकी गाड़ी पास पहुंची, सोनू ने अपनी कार की खिड़की नीचे की और फैंस की ओर देखा। जब उन युवाओं की नजर सोनू निगम पर पड़ी, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जो लोग अभी तक सिर्फ उनके गाने पर झूम रहे थे, वे अचानक अपने पसंदीदा सिंगर को सामने देखकर हैरान और बेहद खुश हो गए। उनके चेहरे पर आई मुस्कान और उत्साह साफ बता रहा था कि यह पल उनके लिए कितना खास था। उन्होंने हाथ हिलाकर सोनू का अभिवादन किया और यह मुलाकात कुछ ही सेकंड की होने के बावजूद हमेशा के लिए यादगार बन गई। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि सोनू निगम ने खुद आगे बढ़कर अपने फैंस के साथ जुड़ने की कोशिश की। अक्सर बड़े कलाकारों और फैंस के बीच दूरी बनी रहती है, लेकिन इस छोटे से कदम ने यह दिखा दिया कि असली स्टार वही होता है, जो अपने चाहने वालों की भावनाओं को समझता है। बाद में इस खूबसूरत पल का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे एक साधारण सा सफर अचानक एक खास अनुभव में बदल गया। सोनू निगम का यह जेस्चर न सिर्फ उनके फैंस के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए खास बन गया, जिसने इसे देखा। यह घटना यह भी साबित करती है कि संगीत सिर्फ सुनने की चीज नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का एक मजबूत माध्यम है। और जब कलाकार खुद उस जुड़ाव को महसूस करते हुए फैंस तक पहुंचता है, तो वह पल और भी खास बन जाता है।

टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा

टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां बीच बाजार में पति पत्नी के बीच हुआ विवाद हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। यह पूरा मामला जिले के लिधौरा कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पति पत्नी पास के किसी गांव से बाजार में खरीददारी करने आए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन अचानक हालात तब बिगड़ गए जब पति पास ही स्थित देसी शराब के ठेके से शराब पीकर लौट आया। पत्नी को जैसे ही इस बात का पता चला उसने पति के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसके बाद माहौल तेजी से गर्म हो गया और नशे में धुत पति ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में उसने पत्नी के साथ बीच बाजार मारपीट शुरू कर दी जिससे वहां अफरा तफरी मच गई। स्थिति यहीं नहीं रुकी बल्कि आरोपी पति ने गुस्से में अपने ही कपड़े फाड़ना शुरू कर दिए जिससे यह पूरा घटनाक्रम और ज्यादा सनसनीखेज बन गया। पति की हरकतों से नाराज पत्नी ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उससे हाथापाई कर ली और देखते ही देखते मामला पूरी तरह बेकाबू हो गया। घटना के दौरान बाजार में मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि इस पूरे विवाद के बाद पति पत्नी दोनों ही मौके से एक साथ अपने घर के लिए रवाना हो गए। फिलहाल दोनों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है और ना ही इस मामले में किसी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के विवाद किस तरह से कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा को प्रभावित करते हैं। स्थानीय लोग भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जता रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्ती की मांग कर रहे हैं।

मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा

शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यहां एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया है जो न सिर्फ गाड़ियां चोरी करता था बल्कि एंबुलेंस को भी फ्री टैक्सी की तरह इस्तेमाल करता था। आरोपी की करतूतें किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगतीं लेकिन यह हकीकत है। मामला धनपुरी क्षेत्र का है जहां 22 अप्रैल को आरोपी रामानंद तिवारी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत खुद को घायल बताकर 108 एंबुलेंस को कॉल किया। उसने दावा किया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है। खास बात यह रही कि उसने एंबुलेंस कर्मियों से जिद कर उसे धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही पहुंचाने को कहा। अस्पताल पहुंचते ही आरोपी ने अपनी एक्टिंग शुरू कर दी। वह लंगड़ाते हुए अंदर गया ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन उसका असली मकसद इलाज नहीं बल्कि चोरी करना था। अस्पताल में मौजूद अफरा तफरी का फायदा उठाकर उसने वहां तैनात एएनएम संगीता सिंह की स्कूटी की चाबी पार कर दी और कुछ ही पलों में वाहन लेकर फरार हो गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में आरोपी की पूरी हरकत कैद हो गई थी जिससे पुलिस को उसके हुलिए का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और जाल बिछाकर आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह चोरी की स्कूटी बेचने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए वे और भी चौंकाने वाले थे। पुलिस के अनुसार वह अक्सर चोरी के मोबाइल फोन से 108 एंबुलेंस को कॉल करता था और खुद को बीमार या घायल बताकर मुफ्त में एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करता था। उसने बताया कि वह डायल 112 से इसलिए बचता था क्योंकि उसमें पुलिस की मौजूदगी होती है। आरोपी का मकसद सिर्फ घूमना फिरना था। वह गाड़ियां चोरी करता और जब तक पेट्रोल रहता तब तक उनका इस्तेमाल करता फिर जहां पेट्रोल खत्म होता वहीं गाड़ी छोड़ देता। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और उस पर धोखाधड़ी और वाहन चोरी के कई केस दर्ज हैं। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। साथ ही जिले के अन्य थानों को भी उसकी गतिविधियों की जानकारी दे दी गई है। यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देते हैं। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को एक गंभीर विमान हादसा टल गया, जब एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेकऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। उड़ान भरने की तैयारी कर रहे विमान में अचानक गड़बड़ी के संकेत मिले, जिसके बाद चालक दल ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए बड़ा निर्णय लिया और उड़ान को रोक दिया। इस दौरान विमान के एक हिस्से से धुआं उठता देखा गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई। जानकारी के मुताबिक, विमान रनवे पर था और टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, तभी इंजन में समस्या सामने आई। इसी बीच विमान के बाएं हिस्से से धुआं निकलने लगा, जबकि दूसरे हिस्से में भी असामान्य स्थिति महसूस की गई। हालात को गंभीर देखते हुए तुरंत आपातकाल घोषित किया गया और विमान को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। विमान में सवार सभी 232 यात्रियों और 13 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। एयरपोर्ट स्टाफ और आपातकालीन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए सभी को बाहर निकाला। इस दौरान कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के चलते संबंधित रनवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रबंधन की सतर्कता के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया और अन्य व्यवस्थाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसमें विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि इंजन में समस्या कैसे उत्पन्न हुई। इसके साथ ही विमान की पूरी तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों और त्वरित कार्रवाई की अहमियत को उजागर किया है। समय पर लिए गए फैसलों और बेहतर समन्वय की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।

ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई। स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।