बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है आपका लिवर; जंक फूड और पेनकिलर्स के इस घातक गठजोड़ को पहचानें।

नई दिल्ली। मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण इंजन कहा जाने वाला ‘लिवर’ आज एक अनचाहे खतरे के साये में है। अक्सर माना जाता है कि लिवर की खराबी का एकमात्र कारण अत्यधिक शराब का सेवन है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि हमारी आधुनिक जीवनशैली की कुछ सामान्य चीजें शराब से भी अधिक तेजी से इस अंग को नष्ट कर रही हैं। लिवर न केवल शरीर से जहरीले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालता है, बल्कि यह पाचन के लिए पित्त बनाने और महत्वपूर्ण विटामिन्स को स्टोर करने का कार्य भी करता है। यदि इसमें सूजन या खराबी आती है, तो यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को ठप कर सकता है। दुर्भाग्यवश, आजकल हर दूसरा व्यक्ति ‘फैटी लिवर’ की समस्या से जूझ रहा है, जिसका मुख्य कारण वह भोजन है जिसे हम सुरक्षित और सामान्य समझकर खा रहे हैं। लिवर को चुपचाप नुकसान पहुँचाने वाली चीजों में सबसे ऊपर प्रोसेस्ड और पैकेट बंद खाद्य पदार्थ आते हैं। इन डिब्बाबंद स्नैक्स में नमक, चीनी और कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स की भारी मात्रा होती है, जो लिवर की कोशिकाओं में सूजन पैदा करती है। इसी श्रेणी में अत्यधिक चीनी वाले आहार भी शामिल हैं। जब हम सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स या बहुत अधिक मीठा खाते हैं, तो लिवर उस अतिरिक्त शुगर को फैट में बदलने लगता है। समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होकर सिरोसिस और फाइब्रोसिस जैसी जानलेवा बीमारियों का मार्ग प्रशस्त करता है, जहाँ लिवर पूरी तरह काम करना बंद कर सकता है। एक और गंभीर खतरा बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर के सेवन से जुड़ा है। फिटनेस के प्रति बढ़ते जुनून के कारण कई लोग बिना उचित जानकारी के भारी मात्रा में सप्लीमेंट्स लेते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इसके साथ ही, मामूली शारीरिक दर्द के लिए बार-बार पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाएं) लेना भी एक आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। ये दवाएं रक्त के माध्यम से सीधे लिवर तक पहुँचती हैं और उसे अंदर से डैमेज करना शुरू कर देती हैं। वहीं, जंक फूड और डीप फ्राइड आइटम्स जैसे मोमोज, चाऊमीन और फ्रेंच फ्राइज में इस्तेमाल होने वाला तेल लिवर की पाचन शक्ति को नष्ट कर देता है। लिवर की सेहत को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि यह विटामिन A, D, E और B12 का मुख्य भंडार है। शराब जहाँ इन पोषक तत्वों को सोख लेती है, वहीं ये पांचों ‘साइलेंट किलर’ लिवर की फिल्टर करने की क्षमता को खत्म कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर की रक्षा के लिए प्राकृतिक और संतुलित आहार ही सबसे उत्तम मार्ग है। यदि आप भी नियमित रूप से बाजार के तले-भुने खाने या बिना जरूरत दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो आज ही संभलने की जरूरत है। स्वस्थ जीवन जीने के लिए लिवर का ‘हैप्पी और हेल्दी’ होना अनिवार्य है।
मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

नई दिल्ली। फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के प्रति बढ़ते रुझान के बीच आज हर कोई एक सुडौल और ताकतवर शरीर की चाहत रखता है। आमतौर पर यह माना जाता है कि बेहतर मसल्स बनाने के लिए अंडे, चिकन या महंगे सप्लीमेंट्स ही एकमात्र विकल्प हैं, लेकिन पोषण विशेषज्ञों ने एक ऐसी सस्ती और सुलभ चीज को ‘प्रोटीन का पावरहाउस’ माना है जो इन सभी को कड़ी टक्कर दे रही है। हम बात कर रहे हैं सोयाबीन की, जिसे सोया चंक्स के रूप में भी जाना जाता है। शाकाहारियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह न केवल शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है, बल्कि बेहद कम खर्च में आपको एक एथलीट जैसी फिटनेस प्रदान करने की क्षमता रखता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो सोयाबीन में मौजूद पोषण इसे दुनिया के सबसे प्रभावी सुपरफूड्स की श्रेणी में खड़ा करता है। इसके प्रति 100 ग्राम में लगभग 36.5 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जो पनीर या किसी भी मांसाहारी आहार की तुलना में काफी अधिक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोयाबीन में सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो कठिन वर्कआउट के बाद मांसपेशियों की मरम्मत (Muscle Recovery) और उनके विकास के लिए अनिवार्य होते हैं। यही कारण है कि अब दुनिया भर के फिटनेस प्रेमी अपनी डाइट में सोया चंक्स, टोफू और सोया दूध को प्रमुखता से शामिल कर रहे हैं। सोयाबीन के फायदे केवल मांसपेशियों तक ही सीमित नहीं हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर, आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के संपूर्ण विकास में सहायक होते हैं। यह हड्डियों को मजबूती देने के साथ-साथ हृदय की धमनियों को भी स्वस्थ रखता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। वजन कम करने के इच्छुक लोगों के लिए भी सोयाबीन एक आदर्श विकल्प है; इसमें प्रोटीन की अधिकता के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे अनावश्यक कैलोरी लेने की इच्छा कम हो जाती है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी तेजी से घटने लगती है। इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी बेहद आसान है। सोया चंक्स का उपयोग स्वादिष्ट सब्जी, पुलाव या सलाद के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा, सोया मिल्क उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो डेयरी उत्पादों से परहेज करते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी आहार का लाभ तभी मिलता है जब उसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। सीमित और नियमित रूप से सोयाबीन को अपनी थाली में जगह देकर आप न केवल अपनी शारीरिक ताकत बढ़ा सकते हैं, बल्कि बिना जेब पर बोझ डाले एक ‘फौलादी’ व्यक्तित्व के मालिक बन सकते हैं।
'ग्लोरी' से लेकर 'बैचमेट्स' तक, इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगेगा मनोरंजन का मेला।

नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में एक बड़ा धमाका होने जा रहा है। 26 अप्रैल से लेकर 1 मई के बीच विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नई फिल्मों और वेब सीरीज की एक बड़ी लहर आने वाली है। अगर आप भी घर बैठे बेहतरीन कंटेंट का आनंद लेना चाहते हैं, तो अपनी वॉच लिस्ट तैयार करने का यह सबसे सही समय है। इस हफ्ते दर्शकों को हिंदी, तेलुगू और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में कॉमेडी, हॉरर, सस्पेंस और एक्शन का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार बच्चों के लिए खास एनिमेशन से लेकर युवाओं के लिए कॉलेज लाइफ ड्रामा और बड़ों के लिए डार्क क्राइम थ्रिलर—हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ विशेष पेश किया जा रहा है। इस हफ्ते की सबसे बहुप्रतीक्षित रिलीज में ‘ग्लोरी’ का नाम सुर्खियों में है। 1 मई को रिलीज होने वाली यह वेब सीरीज खेल की दुनिया के संघर्ष और जुनून की कहानी कहती है, जिसमें पुलकित सम्राट और दिव्येंदु शर्मा जैसे दिग्गज कलाकार अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। वहीं, जो लोग अपराध जगत की सच्ची कहानियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए 27 अप्रैल को ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ नाम की एक क्राइम डॉक्यूमेंट्री पेश की जा रही है, जो पंजाब के आपराधिक इतिहास के कुछ अनछुए पहलुओं को उजागर करेगी। इसके साथ ही, आज यानी 26 अप्रैल से लाइव इवेंट के शौकीनों के लिए ‘सुपरनोवा स्ट्राइकर्स’ शुरू हो रहा है, जहाँ मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज बॉक्सिंग रिंग में मुकाबला करते दिखेंगे। रोमांच और डर का अनुभव चाहने वालों के लिए 29 अप्रैल को ‘द हाउस ऑफ द स्पिरिट्स’ रिलीज होने वाली है। यह सीरीज एक परिवार के गहरे रहस्यों और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटनाओं पर आधारित है। वहीं, 30 अप्रैल को सस्पेंस से भरपूर थ्रिलर ‘मैन ऑन फायर’ दस्तक देगी, जिसकी कहानी एक जांबाज शख्स की बहादुरी और बदले के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कॉलेज लाइफ को करीब से महसूस करने वाले युवाओं के लिए तेलुगू सीरीज ‘बैचमेट्स’ भी इसी हफ्ते आ रही है, जो इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों, दोस्तों के आपसी विवाद और रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दों को एक नए नजरिए से पेश करती है। सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चों के मनोरंजन का भी इस हफ्ते पूरा ख्याल रखा गया है। 1 मई को ‘स्वैप्ड’ नाम की एक शानदार एनिमेटेड फैंटसी फिल्म रिलीज हो रही है, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। इसके अलावा, फैशन और ग्लैमर की दुनिया के उतार-चढ़ाव दिखाने वाली फिल्म ‘द डेविल वियर्स प्राडा 2’ भी 1 मई को डिजिटल पर्दे पर वापसी कर रही है। चाहे वह संगीत प्रेमियों के लिए किसी म्यूजिक ग्रुप का अमेरिकी सफर हो या एक पादरी और आम लड़की की प्रेम कहानी वाली फिल्म ‘माई डियरेस्ट सेनोरीटा-यह हफ्ता हर मायने में मनोरंजन से भरपूर होने वाला है। तो बस, अपनी पसंद की सीरीज चुनें और तैयार हो जाएं एक शानदार फिल्मी सफर के लिए।
एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है। तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है। शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब आपके दिल की धड़कनों को पढ़ेंगे डॉक्टर, हार्ट अटैक के खतरों पर लगेगी लगाम।

नई दिल्ली। चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के संगम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक समस्याओं का समाधान नवाचार में ही छिपा है। झारखंड स्थित आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐसी तकनीकी छलांग लगाई है, जो भविष्य में हजारों जिंदगियां बचाने की क्षमता रखती है। संस्थान के कंप्यूटर साइंस विभाग के विशेषज्ञों ने ‘इकोपल्स’ (EcoPulse) नामक एक आधुनिक प्रणाली विकसित की है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर हृदय संबंधी रोगों की पहचान को बेहद सरल और सटीक बना देगी। यह तकनीक उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है, जो समय पर दिल की बीमारियों का पता न चल पाने के कारण जोखिम में रहते हैं। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह जटिल जांच प्रक्रियाओं को न केवल सस्ता बनाती है, बल्कि इसकी सटीकता किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के विश्लेषण के बराबर है। ‘इकोपल्स’ की कार्यप्रणाली इसे दुनिया की मौजूदा तकनीकों से अलग खड़ा करती है। आमतौर पर हृदय की जांच के लिए किए जाने वाले परीक्षणों की रिपोर्ट को समझना आम आदमी तो क्या, कई बार चिकित्सा कर्मियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन यह नई तकनीक ‘सेल्फ-सुपरवाइज्ड लर्निंग’ मॉडल पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि यह मशीन बिना किसी पुराने रिकॉर्ड के भी हृदय की धड़कनों और रक्त पंप करने की क्षमता में आने वाले सूक्ष्म बदलावों को तुरंत भांप लेती है। इतना ही नहीं, वर्चुअल रियलिटी यानी आभासी वास्तविकता का उपयोग करके डॉक्टर मरीज के दिल की कार्यप्रणाली को 3D प्रारूप में देख सकते हैं। इससे दिल के किसी भी हिस्से में होने वाली रुकावट या कमजोरी को गहराई से समझना और उसका तत्काल उपचार शुरू करना संभव हो जाएगा। इस तकनीक का सबसे क्रांतिकारी प्रभाव भारत के ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे पर पड़ने वाला है। हमारे देश के दूरदराज के क्षेत्रों में अक्सर अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की कमी होती है, जिससे हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान नहीं हो पाती। ‘इकोपल्स’ इस अंतर को पाटने का काम करेगा। इसकी सरलता का लाभ उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी भी किसी विशेषज्ञ की तरह सटीक हृदय जांच कर सकेंगे। यह तकनीक जटिल डेटा को इतने सरल विजुअल्स में बदल देती है कि कोई भी पैरामेडिकल स्टाफ समय रहते जीवनरक्षक निर्णय लेने में सक्षम हो जाएगा। यह नवाचार ग्रामीण भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जहाँ अब विशेषज्ञ सेवाओं के अभाव में इलाज में देरी नहीं होगी। प्रोफेसर ए.सी.एस. राव के नेतृत्व में तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट की गंभीरता को समझते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी इसे भारी समर्थन मिला है। अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने इस स्वदेशी तकनीक के विकास के लिए 47 लाख रुपये की महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य चिकित्सा क्षेत्र को ‘स्मार्ट’ और ‘पारदर्शी’ बनाना है, ताकि तकनीक और मरीज के बीच कोई पर्दा न रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आविष्कार न केवल भारत में हृदय रोगों से होने वाली मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिकित्सा इमेजिंग के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा। यह तकनीक इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?

नई दिल्ली। बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच के रिश्तों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो ने फैंस और फिल्म जगत के जानकारों को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में सुनीता आहूजा का अपने पति गोविंदा के प्रति बेहद तल्ख और बेरुखा अंदाज देखने को मिल रहा है। जब सार्वजनिक स्थान पर मौजूद लोगों ने उनसे गोविंदा की गैर मौजूदगी और उनके ठिकाने के बारे में सवाल किया, तो सुनीता ने सामान्य जवाब देने के बजाय गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि गोविंदा कहाँ हैं, वे शायद घर पर होंगे। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मशहूर जोड़ी के बीच सब कुछ सामान्य है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी दरार आ चुकी है। सफेद शर्ट और जींस पहने अपने पालतू कुत्ते के साथ नजर आ रही सुनीता के चेहरे पर उस वक्त नाराजगी साफ देखी जा सकती थी, जब उनसे पूछा गया कि गोविंदा सर काफी समय से दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। इस सवाल पर जिस तरह का चेहरा उन्होंने बनाया और जिस लहजे में जवाब दिया, वह किसी सामान्य वैवाहिक चर्चा जैसा नहीं था। अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की तारीफ करने वाले इस जोड़े के बीच ऐसी कड़वाहट पहले कभी नहीं देखी गई। इस घटना ने उन पुरानी चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है, जिनमें अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि यह जोड़ी पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत मतभेदों के कारण अलग-अलग रह रही है। गौरतलब है कि हाल ही में सुनीता आहूजा को उनके भांजे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक मंच पर देखा गया था, जिसे सालों पुराने पारिवारिक विवाद के खात्मे के रूप में देखा जा रहा था। प्रशंसकों को लगा था कि अब परिवार में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन पति के प्रति सुनीता की यह हालिया नाराजगी एक नई उलझन पैदा कर रही है। पिछले साल भी जब गोविंदा के निजी जीवन से जुड़ी कुछ खबरें सामने आई थीं, तब सुनीता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे किसी भी बात को तब तक सच नहीं मानेंगी जब तक प्रमाण न देख लें, और सच साबित होने पर वे कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। फिलहाल, इस वायरल घटनाक्रम ने बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ सुनीता के इस अंदाज को उनका स्वाभाविक बेबाकपन बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे एक टूटते हुए रिश्ते की आहट के तौर पर भी देखा जा रहा है। गोविंदा की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुनीता के इस ‘चौंकाने वाले’ जवाब ने यह साफ कर दिया है कि उनके और गोविंदा के बीच फिलहाल स्थितियां बहुत सहज नहीं हैं। आने वाले समय में ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक पल का गुस्सा था या फिर किसी बड़े अलगाव की आधिकारिक शुरुआत।
US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार

वॉशिंगटन। वाशिंगटन हिल्टन होटल में शनिवार की रात 8:45 बजे (अमेरिकी समय के अनुसार) के करीब कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम (Correspondent Dinner Program) के दौरान जोरदार फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) , उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President J.D. Vance) भी शामिल हुए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित वहां से बाहर निकाल लिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि एक शूटर को पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने आगे कहा, “डीसी में आज की शाम काफी गहमागहमी भरी रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।” रॉयटर्स के लिए काम करने वाले एक फ्रीलांस फोटोग्राफर ने आंखोदेखा हाल बताते हुए कहा कि होटल के भीतर फायरिंग की चार से छह राउंड आवाज सुनाई दी। हालांकि ये आवाजें मुख्य डाइनिंग हॉल के बिल्कुल पास नहीं थीं, लेकिन इनकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होटल परिसर के भीतर एक सशस्त्र हमलावर देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आवाजें सुनाई दीं, मेहमानों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। “गेट डाउन, गेट डाउन!” हॉल में मौजूद लगभग 2,600 मेहमान अपनी मेजों के नीचे छिप गए। इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मंच से हटाए जाने से कुछ ही देर पहले मेलानिया ने भीड़ में किसी बात पर प्रतिक्रिया दी और उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई दिए। प्रेस पूल ने सीक्रेट सर्विस के हवाले से बताया कि ट्रंप के डिनर के दौरान हुई कथित गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। यह सुरक्षा घटना उस कमरे के बाहर हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य अधिकारी डिनर कर रहे थे। सीक्रेट सर्विस और अन्य अधिकारी बैंक्वेट हॉल पहुंचे। सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे। क्या होता है कॉरेस्पोंडेंट डिनर?वाशिंगटन डीसी में हर साल कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया जाता है, जिसकी मेज़बानी वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन करता है। इस समारोह में पत्रकार, राजनेता और हॉलीवुड की मशहूर हस्तियां एक साथ जुटती हैं। यह समारोह प्रेस की आजादी का जश्न मनाता है, पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां जुटाता है और इसमें हल्के-फुल्के अंदाज में राजनेताओं की रोस्टिंग (व्यंग्या) किया जाता है। अक्सर इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां

मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) बनाम शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Mosque) मामले में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के विश्वरूप एवं अन्य देवों की मूर्तियों के तथ्य अदालत में पेश किए जाएंगे। ये मूर्तियां समय समय पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में कराई गई खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थीं जो इस समय मथुरा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। जन्मभूमि पक्ष ने पत्र के माध्यम से इन सभी के बारे में पूरी जानकारी संग्रहालय से प्राप्त कर ली है। जन्मभूमि पक्ष इसे अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है। मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जन्मभूमि पक्ष यह बात रख रहा है कि जहां वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद बनी है वही क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है जबकि मस्जिद पक्ष इसका विरोध कर रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जन्मभूमि पक्ष वाद बिंदू तय कराने के लिए अपनी दलील पेश कर रहा है जबकि मस्जिद पक्ष ने दलील दी है कि दूसरा पक्ष पहले यह तो साबित करे कि यह आस्था का विषय है। दोनों पक्ष अपनी अपनी बात के लिए तमाम साक्ष्य जुटा रहे हैं। इस मामले के वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीआई के माध्यम से राजकीय संग्रहालय से उन मूर्तियों की जानकारी जुटाई है जो विभिन्न समय पर इस क्षेत्र में हुई खुदाई में प्राप्त हुई हैं। वहां से विधिवत सूचना प्रेषित कर दी गई है। ऐसी सात मूर्तियां एवं स्तंभ की जानकारी दी गई जो यहां से प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन मूर्ति व एक स्तंभ ऐसा है जिसे हिंदू पक्ष अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है। ये भगवान कार्तिकेय एवं अग्निदेव की, देवी गंगा एवं विश्वरूप विष्णु भगवान की हैं। अन्य भगवान बुद्ध एवं जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ से जुड़े हैं। ये सभी कटरा केशवदेव, श्रीकृष्ण जन्मस्थान से प्राप्त हुई हैं। यह पूरा क्षेत्र कटरा केशवदेव के ही नाम से जाना जाता है व अभिलेखों में भी दर्ज है। हमनें संग्रहालय से रखी इन मूर्तियों के बारे में जानकारी ली है। चाहे भगवान विष्णु का विश्वरूप हो या भगवान कार्तिकेय या नदी देवी की मूर्ति, सभी यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र हिंदू आस्था का केंद्र रहा है। खास तौर से भगवान कृष्ण से जुड़ा रहा है। हम ये सारे तथ्य अदालत में पेश कर रहे हैं।-एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास मामला अदालत में विचाराधीन है। इस दौरान विभिन्न साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाते हैं। जो भी सबूत वो कोर्ट में पेश करेंगे उसका अध्ययन कर हम अपनी दलील पेश करेंगे। पहले भी इस तरह के तथ्य पेश किए गए हैं। -एडवोकेट तनवीर अहमद, शाही ईदगाह मस्जिद सचिव एवं पैरोकार
MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

शिवपुरी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा। सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया। 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगेउन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदाउन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा। कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावाऔद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।
ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार

नई दिल्ली। गर्मी (Heat) शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। वैश्विक तापमान आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों (World 100 Hottest cities) में 92 भारत (India) के हैं। इसके अलावा 6 शहर थाईलैंड और दो शहर नेपाल के हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही दिल्ली (Delhi), मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू जैसे शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। दिल्ली में तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में इसमें और वृदि्ध की आशंका जताई जा रही है। देश में शनिवार को सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस यूपी के बांदा का रहा। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री, झांसी में 44.8 डिग्री रहा। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे ऊपर है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने (Scorching Heatwave) की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रह सकती हैं। यह स्थिति हीट डोम जैसे हालात की ओर इशारा करती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है। गाजियाबाद 43 डिग्री में तपा, सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37100 सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37 शहर हैं। प. बंगाल के 18, पंजाब के सात, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के छह-छह, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, महाराष्ट्र के चार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के दो-दो शहर शामिल हैं। ज्यादातर शहरों में तापमान तापमान 42 से 45 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनीदिल्ली में शनिवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है। इसमें कूलिंग टब, 200 किलो बर्फ बनाने की मशीनें और पोर्टेबल आइस पैक भी रखे गए हैं। दोपहर में काम नहीं कर सकेंगे मजदूरउत्तर प्रदेश : आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक।ओडिशा : सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।केरल : लोगों से दिन में 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह। सेल्फ लॉकडाउन अपनाने के लिए कहा।कर्नाटक : सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने का आदेश। ये सभी यूनिट 31 जुलाई तक चालू रखी जाएंगी।मध्य प्रदेश : नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने हल्के कपड़े पहनने की सलाहमौसम विभाग ने दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। कश्मीर में बारिश और रोहतांग में बर्फबारीश्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में शनिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी भी हुई। वहीं, हिमाचल में रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई।