मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली। मई 2026 की शुरुआत आम जनता और कारोबारियों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आई है। जहां एक ओर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी ने झटका दिया है। साथ ही, सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट और चांदी में लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखने को मिली है। देश की राजधानी New Delhi में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत देते हुए ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। Mumbai, Kolkata और Chennai जैसे प्रमुख महानगरों में भी दाम जस के तस बने हुए हैं। हालांकि, कमर्शियल उपयोग करने वालों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹3,071.50 तक पहुंच गई है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। राहत की बात यह है कि घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है। सर्राफा बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,50,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,38,260 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। वहीं चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है और यह ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर Iran और United States के बीच हालात, बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। इसका असर कच्चे तेल से लेकर सोना-चांदी तक सभी कमोडिटी पर देखने को मिल रहा है। वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs का अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के चलते साल के अंत तक सोना ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है। कुल मिलाकर, जहां ईंधन की स्थिर कीमतों ने आम जनता को राहत दी है, वहीं कमर्शियल एलपीजी की बढ़ी कीमतों से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। सोना-चांदी में जारी उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।
ओजोन परत की रिकवरी में आ रही बाधा, फीडस्टॉक रसायनों के रिसाव से सुधार में आ सकती है देरी

नई दिल्ली। ओजोन परत की सुधार प्रक्रिया को लेकर अब तक मिल रहे सकारात्मक संकेतों के बीच एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। Nature Communications में प्रकाशित शोध के अनुसार, औद्योगिक फीडस्टॉक रसायनों का छिपा हुआ रिसाव ओजोन परत की रिकवरी को धीमा कर सकता है। यह रिसाव पहले के अनुमान से कई गुना अधिक पाया गया है, जिससे 1980 के स्तर तक वापसी में अतिरिक्त समय लग सकता है। ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल की एक अहम सुरक्षा परत है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है। 1980 के दशक में वैज्ञानिकों ने पाया था कि अंटार्कटिका के ऊपर यह परत तेजी से पतली हो रही है, जिसे ओजोन छिद्र के रूप में जाना गया। इसका मुख्य कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसे रसायन थे, जिनका उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एयरोसोल उत्पादों में होता था। इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल लागू किया गया, जिसके तहत 197 देशों ने ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का संकल्प लिया। वैज्ञानिकों के अनुसार इन प्रयासों का असर दिख रहा है और ओजोन परत धीरे-धीरे सुधर रही है। अनुमान है कि यह 2040 से 2060 के बीच 1980 के स्तर के करीब पहुंच सकती है, जिससे त्वचा कैंसर और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, नए अध्ययन में एक अहम खामी सामने आई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि फीडस्टॉक रसायन जिनका उपयोग प्लास्टिक, नॉन-स्टिक कोटिंग्स और अन्य उत्पादों के निर्माण में होता है वास्तव में अपेक्षा से अधिक मात्रा में वातावरण में रिस रहे हैं। पहले जहां इनसे लगभग 0.5 प्रतिशत उत्सर्जन का अनुमान था, वहीं अब यह तीन से चार प्रतिशत तक पाया गया है। यह अतिरिक्त रिसाव ओजोन परत के सुधार की गति को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इस स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो ओजोन परत को 1980 के स्तर तक पहुंचने में करीब सात साल की अतिरिक्त देरी हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि औद्योगिक रसायनों के उपयोग और उनके उत्सर्जन पर सख्त निगरानी जरूरी है। साथ ही, रासायनिक उद्योग के पास मौजूद कम हानिकारक विकल्पों को अपनाकर इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
आईपीएल 2026: जयपुर में भिड़ंत-क्या डीसी तोड़ पाएगी आरआर का किला

नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 के 43वें मुकाबले में आज जयपुर का Sawai Mansingh Stadium हाई-वोल्टेज टक्कर का गवाह बनेगा, जहां Rajasthan Royals और Delhi Capitals आमने-सामने होंगी। एक तरफ शानदार फॉर्म में चल रही राजस्थान है, तो दूसरी ओर लगातार हार से जूझती दिल्ली की टीम, जो वापसी के इरादे से उतरेगी। राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में जबरदस्त लय में नजर आई है। 9 मैचों में 6 जीत के साथ टीम अंकतालिका में मजबूती से बनी हुई है और आज की जीत उसे सीधे शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकती है। कप्तान Riyan Parag की अगुवाई में टीम संतुलित और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। ओपनिंग जोड़ी Yashasvi Jaiswal और वैभव सूर्यवंशी ने लगातार टीम को मजबूत शुरुआत दी है, जबकि मध्यक्रम में डोनोवन फरेरा और शुभम दुबे ने आक्रामक अंदाज से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। गेंदबाजी में Jofra Archer और Ravindra Jadeja जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं, जबकि Ravi Bishnoi स्पिन विभाग को धार दे रहे हैं। घरेलू मैदान पर खेलना राजस्थान के लिए बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो सकता है। वहीं Delhi Capitals के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। टीम को लगातार तीन हार झेलनी पड़ी है और अब प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी हो गई है। कप्तान Axar Patel को ऑलराउंड प्रदर्शन करना होगा, जबकि बल्लेबाजी में KL Rahul, Prithvi Shaw और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में Mitchell Starc की संभावित वापसी टीम के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है, जबकि Kuldeep Yadav स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी संभालेंगे। अगर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की बात करें, तो दोनों टीमों के बीच अब तक 30 मुकाबले खेले गए हैं और आंकड़े पूरी तरह बराबरी पर हैं-15-15 जीत। यानी इतिहास किसी एक टीम का पक्ष नहीं लेता, लेकिन मौजूदा फॉर्म जरूर राजस्थान के पक्ष में झुकती नजर आती है। पिच की बात करें तो सवाई मानसिंह स्टेडियम की सतह संतुलित मानी जाती है, लेकिन इस सीजन यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले भी देखने को मिले हैं। मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे पूरे 40 ओवर का खेल देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, यह मुकाबला रोमांच, दबाव और रणनीति का बेहतरीन मिश्रण होने वाला है। जहां राजस्थान अपनी जीत की लय कायम रखना चाहेगी, वहीं दिल्ली के लिए यह मैच ‘करो या मरो’ से कम नहीं है।
आईपीएल 2026: जेसन होल्डर का दमदार ऑलराउंड शो, बोले-नई गेंद से विकेट ने बदला मैच

नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 में गुरुवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में Gujarat Titans ने Royal Challengers Bengaluru को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मैच के हीरो रहे ऑलराउंडर Jason Holder, जिन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद होल्डर ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि नई गेंद से शुरुआती ओवरों में विकेट लेना टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि मैच के दौरान सब कुछ टीम के पक्ष में गया और शुरुआत से ही खिलाड़ियों की ऊर्जा शानदार रही। होल्डर के मुताबिक, पावरप्ले में तेज गेंदबाजों द्वारा लिए गए विकेटों ने मुकाबले का रुख गुजरात की ओर मोड़ दिया। होल्डर ने खास तौर पर Kagiso Rabada और Mohammed Siraj की तारीफ की, जिन्होंने शुरुआती ओवरों में सटीक गेंदबाजी कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। इस मजबूत शुरुआत ने गुजरात को पूरे मैच में बढ़त बनाए रखने में मदद की। मैच के दौरान एक अहम कैच को लेकर होल्डर ने दिलचस्प प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि कैच लेते वक्त उनका फोकस सिर्फ गेंद पर था और वह टकराव से बचना चाहते थे। उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए कैच को सुरक्षित तरीके से पूरा किया, जो टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।टीम के माहौल पर बात करते हुए होल्डर ने कहा कि ड्रेसिंग रूम में स्पष्टता और अनुशासन है। उन्होंने कोच Ashish Nehra की रणनीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी योजनाएं खिलाड़ियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रखती हैं। यही कारण है कि टीम दबाव के क्षणों में भी संतुलन बनाए रखती है। अगर मैच की बात करें तो गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आरसीबी को 19.2 ओवर में 155 रन पर समेट दिया। इसके जवाब में गुजरात ने 15.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। होल्डर ने गेंदबाजी में 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि बल्लेबाजी में 10 गेंदों पर 12 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए जीत का आधार बना।कुल मिलाकर, यह मुकाबला गुजरात टाइटंस के संतुलित प्रदर्शन और रणनीतिक बढ़त का उदाहरण रहा, जहां जेसन होल्डर ने अपने अनुभव और कौशल से मैच को टीम के पक्ष में मोड़ दिया।
थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर

नई दिल्ली। डेनमार्क में खेले जा रहे प्रतिष्ठित Thomas Cup के नॉकआउट चरण में आज भारत के सामने बड़ी चुनौती है। क्वार्टर-फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मजबूत चीनी ताइपे से होने जा रहा है। चार साल पहले इतिहास रचते हुए खिताब जीतने वाली टीम इंडिया इस बार भी सेमीफाइनल में जगह बनाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेगी। भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे Lakshya Sen पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। पहले सिंगल्स मुकाबले में उनका सामना दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी Chou Tien-chen से होगा। यह मैच बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखते हैं। भारत ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को 4-1 और ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। हालांकि, डिफेंडिंग चैंपियन चीन के खिलाफ टीम को 2-3 से करीबी हार झेलनी पड़ी। वहीं, चीनी ताइपे ने भी उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बावजूद ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और डेनमार्क के खिलाफ शानदार वापसी कर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। डबल्स में भारत की सबसे बड़ी ताकत स्टार जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty पर टिकी होगी, जो विश्व रैंकिंग में शीर्ष जोड़ों में शामिल हैं। उनका मुकाबला चिउ सियांग चीह और वांग ची-लिन की जोड़ी से होगा, जहां भारतीय जोड़ी से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। दूसरे सिंगल्स में आयुष शेट्टी के सामने कठिन चुनौती होगी, जहां उनका सामना लिन चुन-यी से होगा। वहीं तीसरे सिंगल्स में अनुभवी Kidambi Srikanth पर जिम्मेदारी होगी कि वे निर्णायक बढ़त दिला सकें। टीम प्रबंधन ने इस मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, खासकर तब जब एचएस प्रणय जैसे खिलाड़ी को इस बार लाइन-अप में शामिल नहीं किया गया है। भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि लक्ष्य सेन का सामना इस बार लिन चुन-यी से नहीं होगा, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब तक कमजोर रहा है। इसके अलावा, लक्ष्य सेन ने चाउ टिएन-चेन के खिलाफ हालिया मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे से पहले शुरू नहीं होगा और इसे लाइव JioHotstar और Star Sports पर देखा जा सकता है। कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है, जहां जीत उन्हें सेमीफाइनल के करीब ले जाएगी, जबकि हार टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। ऐसे में हर मैच, हर अंक और हर रैली निर्णायक साबित होने वाली है।
ट्रंप का बड़ा फैसला, ब्रिटेन के शाही दौरे के सम्मान में स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ हटाने का किया ऐलान

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के शाही परिवार के सम्मान में एक बड़ा व्यापारिक फैसला लिया है। उन्होंने ब्रिटिश स्कॉच और व्हिस्की पर लगाए गए टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंध हटाने की घोषणा की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह फैसला किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला के हालिया अमेरिका दौरे के सम्मान में लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह कदम स्कॉटलैंड और केंटकी के बीच व्हिस्की और बॉर्बन के व्यापार को बढ़ावा देगा, जो दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण उद्योग हैं। ट्रंप ने अपने संदेश में यह भी लिखा कि लंबे समय से इस फैसले की मांग की जा रही थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि राजा और रानी ने उनसे वह काम करवा दिया, जो अब तक कोई नहीं कर सका—वह भी बिना सीधे आग्रह किए। साथ ही उन्होंने अमेरिका में शाही मेहमानों की मौजूदगी को अपने लिए सम्मान बताया। राष्ट्रपति ने इस फैसले से जुड़े कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इस दौरान किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला ने बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित 9/11 Memorial जाकर आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग से भी मुलाकात की।
एमपी में तेज गर्मी के बीच मौसम ने बदली करवट, 17 जिलों में आज बारिश-ओले की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में बारिश, ओले और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को भोपाल और ग्वालियर सहित 15 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जबकि उमरिया और मुरैना में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए ग्वालियर समेत 17 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से लेकर देर रात तक कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में तेज हवाओं के कारण कोलार रोड सहित कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए। देर रात तक प्रदेशभर में मौसम का यही बदला हुआ रुख बना रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसारशुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम के समय कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। मई की शुरुआत में बदला ट्रेंडआमतौर पर मई में तेज गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने के शुरुआती चार दिनों तक आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।
MP: जबलपुर के बरगी डैम में डूबा पर्यटकों से भरा क्रूज…. 6 शव बरामद, रेस्क्यू जारी

जबलपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) के प्रमुख पर्यटन स्थल बरगी डैम (Bargi Dam) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां नर्मदा नदी (Narmada River) के बैकवाटर में पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक डूब गया. हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 30 लोग सवार बताए जा रहे हैं। जब क्रूज नर्मदा के गहरे बैकवाटर में था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं. पानी की ऊंची लहरों और तेज हवा के दबाव के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नाविकों और प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया. अब तक करीब 15 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया है। राहत और बचाव दल ने 6 शव बरामद किए हैं. अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोर और SDRF की टीमें जुटी हुई हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक आए तूफान की वजह से क्रूज चालक को संभलने का मौका नहीं मिला. फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने की है।CM मोहन यादव की हादसे पर नजरमुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. सूबे के मुखिया ने लिखा, ”आज जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह , पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी , संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया है. जो लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलानमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है. शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। 29 यात्रियों के टिकट किए गए थे जारी सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि बरगी बांध में क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे. इनमें से 15 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 6 व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है. शेष व्यक्तियों की तलाश एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है घटनास्थल पर जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ SDRF समेत अन्य बचाव दल मौजूद हैं और राहत व बचाव कार्य सतत रूप से संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही उजागरबरगी डैम हादसे में प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है. दरअसल, मौसम विभाग ने जबलपुर में तेज हवाओं के चलने का येलो अलर्ट जारी किया था. 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के चलने का अलर्ट था. इसके बावजूद नर्मदा नदी में क्रूज चलाने दिया गया. क्रूज जब नर्मदा नदी में था तब भी तेज हवायें चल रही थीं, इसके बावजूद क्रूज का संचालन जारी रहा. यही हादसे का कारण बना। लापता लोगों की तलाश जारी: मंत्रीघटनास्थल पर पहुंचे BJP सरकार के मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि कलेक्टर समेत स्थानीय प्रशासन से चर्चा कर राहत और बचाव कार्य संबंधी आवश्यक निर्देश दिए हैं. एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंच चुकी है. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी प्रभावित परिजनों के साथ हैं। कांग्रेस ने BJP सरकार को घेराइस घटना के बाद मध्य प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ”जबलपुर के बर्गी डैम में क्रूज पलटने से 4 लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद और हृदयविदारक है. यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं, शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। 23 को बचाया, लापता का कोई सटीक आंकड़ा नहीं: IGबरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे पर जानकारी देते हुए जबलपुर संभाग के आईजी प्रमोद वर्मा ने बताया कि अब तक कुल 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 4 शव बरामद हुए हैं. लापता लोगों का अभी कोई सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि 10 से 12 लोग अभी भी लापता हो सकते हैं। हैदराबाद से एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच रही है, जिसके पास रात के अंधेरे में भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. भोपाल से भी एक टीम रात 10:30 बजे तक मौके पर पहुंच जाएगी. इसके अतिरिक्त, सेना की एक टुकड़ी भी बुलाई गई है ताकि बचाव कार्य रात भर जारी रखा जा सके। आईजी ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने क्रूज के मलबे को काटकर एक व्यक्ति को जिंदा बाहर निकाला है. वर्तमान में SDRF और होमगार्ड की टीमें मौके पर तैनात हैं, वहीं NDRF की टीम भी जल्द पहुंचने वाली है. बचाए गए 22 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं।
देशभर में बुद्ध पूर्णिमा की धूम… आज कई ग्रह बदलेंगे चाल… इन राशियों पर होगी धनवर्षा!

नई दिल्ली। देशभर में आज बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima 2026) मनाई जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह (Vaishakh month) के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हर वर्ष बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है. बुद्ध पूर्णिमा को ही वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं कि इसी दिन गौतम बुद्ध (Gautam Buddha) का जन्म, उन्हें ज्ञान और महानिर्वाण की प्राप्ति हुई थी. इस दिन श्रीहरि और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. इस बार की बुद्ध पूर्णिमा सिर्फ धार्मिक लिहाज से ही नहीं, बल्कि ज्योतिष नजरिए से भी बहुत ही खास मानी जी रही है. दरअसल, आज कई ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे और कुछ राजयोगों का भी निर्माण होगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, बुद्धि के देवता बुध आज मेष राशि में अस्त हो रहे हैं. इसके अलावा, आज मेष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होने जा रहा है. आज सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है. तो चलिए जानते हैं कि बुद्धि पूर्णिमा इन सभी शुभ योगों के बनने से किन राशियों को लाभ होगा।मेष राशिबुधादित्य राजयोग का असर मेष राशि के लोगों के लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है. इस समय पुराने अटके काम धीरे-धीरे पूरे हो सकते हैं. पैसों से जुड़ी परेशानियों में कमी आएगी. कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं. करियर में भी नई संभावनाएं बनेंगी, जिससे तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं. वृषभ राशिइस राजयोग के चलते वृषभ राशि वालों के जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. धन लाभ के योग बन रहे हैं. अगर कहीं निवेश करने का विचार है, तो समय आपके पक्ष में रह सकता है. आगे चलकर अच्छा फायदा दे सकता है। मिथुन राशिमिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है. आत्मविश्वास बढ़ेगा. फैसले लेने में आसानी होगी. हालांकि इस दौरान खर्चों पर ध्यान देना जरूरी है, वरना बजट बिगड़ सकता है. सही योजना बनाकर चलेंगे तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. मीन राशिमीन राशि वालों के लिए यह समय मिला-जुला रह सकता है. कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना जरूरी होगा. जल्दबाजी में उठाया गया कदम नुकसान दे सकता है, लेकिन समझदारी से लिए गए निर्णय लाभ दिला सकते हैं. इस दौरान सोच में सकारात्मकता भी बढ़ेगी।
बुद्ध जयंती 2026: जीवन में शांति और सकारात्मकता लाने वाले सुंदर शुभकामना संदेश..

नई दिल्ली । बुद्ध पूर्णिमा का पर्व हर साल वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है और यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इसी दिन गौतम बुद्ध को बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि जीवन में शांति, करुणा और आत्मज्ञान का संदेश देने वाला विशेष अवसर भी है। यह दिन गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं—जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण—को एक साथ स्मरण करने का प्रतीक है। इस अवसर पर दुनिया भर में लोग मंदिरों में दर्शन करते हैं, ध्यान करते हैं और दान-पुण्य जैसे कार्यों में भाग लेते हैं। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं बल्कि मन को शांत और स्थिर बनाना भी होता है। गौतम बुद्ध ने अपने जीवन में जो उपदेश दिए, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। उन्होंने अहिंसा, करुणा और मध्यम मार्ग का संदेश दिया, जो मनुष्य को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उनकी शिक्षाएं यह बताती हैं कि असली सुख बाहरी चीजों में नहीं बल्कि भीतर की शांति में छिपा होता है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर सकारात्मकता और शांति का संदेश साझा करते हैं। यह परंपरा न केवल रिश्तों को मजबूत बनाती है बल्कि समाज में सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा देती है। संदेशों के माध्यम से लोग यह व्यक्त करते हैं कि जीवन में प्रेम, धैर्य और करुणा को अपनाकर ही सच्चा संतुलन प्राप्त किया जा सकता है। यह पर्व हमें यह भी याद दिलाता है कि जीवन की जटिलताओं के बीच भी मन की शांति को बनाए रखना संभव है। ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच के जरिए व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकता है। बुद्ध की शिक्षाएं हमें सिखाती हैं कि क्रोध और लालच से दूर रहकर एक सरल और शांत जीवन जिया जा सकता है।