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होटल में शर्मनाक हरकत: महिला खिलाड़ियों का वीडियो बनाने पर श्रीलंकाई U-19 क्रिकेटर गिरफ्तार

नई दिल्ली। Sri Lanka Under-19 Cricket Team से जुड़ा एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत को हिला दिया है। आरोप है कि टीम के दो युवा खिलाड़ियों ने होटल में ठहरी महिला खिलाड़ियों का आपत्तिजनक वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह घटना Colombo के नाराहेनपीटा इलाके की बताई जा रही है, जहां महिला खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बाथरूम के पास मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों खिलाड़ियों को हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के बाद दोनों खिलाड़ियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें करीब 5 लाख श्रीलंकाई रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह वीडियो किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा तो नहीं किया गया। इस घटना के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (Sri Lanka Cricket) पर भी दबाव बढ़ गया है। हालांकि बोर्ड ने अभी तक कोई आधिकारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई घोषित नहीं की है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब श्रीलंका क्रिकेट पहले से ही प्रशासनिक बदलावों और विवादों से गुजर रहा है। बोर्ड में हाल ही में कई बड़े बदलाव हुए हैं और एक अंतरिम समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंडर-19 स्तर पर इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं, क्योंकि यह न केवल खिलाड़ियों की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि खेल की गरिमा पर भी सवाल खड़े करती हैं। इस घटना ने खेल जगत में अनुशासन, सुरक्षा और नैतिकता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच के नतीजों और बोर्ड की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

लू और थकान से बचने के लिए आयुर्वेद ने सुझाया गर्मियों का सबसे बेहतर डाइट प्लान।

नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में अक्सर हमारे खान-पान की आदतों में बड़ा बदलाव आता है। चूंकि बाहरी तापमान बढ़ने से शरीर के भीतर पित्त दोष का स्तर भी बढ़ने लगता है, इसलिए आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा गर्म तासीर वाली चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इसी संदर्भ में अक्सर शहद के सेवन को लेकर एक दुविधा बनी रहती है। आमतौर पर शहद को गर्म और आर्द्र प्रवृत्ति का माना जाता है, जिससे कई लोग गर्मियों में इसके इस्तेमाल से कतराते हैं। हालांकि, आयुर्वेद का गहरा विज्ञान यह स्पष्ट करता है कि शहद का प्रभाव इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह क्या है, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि उसे किसके साथ लिया जा रहा है। आयुर्वेद में शहद को ‘योगवाही’ द्रव्य की श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है एक ऐसा तत्व जो स्वयं के गुणों से अधिक उस पदार्थ के गुणों को अपना लेता है जिसके साथ इसे मिश्रित किया जाता है। यदि गर्मियों के दौरान शहद का सेवन सीधे तौर पर किया जाए, तो यह निश्चित रूप से शरीर में गर्मी और पित्त को बढ़ा सकता है। परंतु, यदि इसे बुद्धिमानी से ठंडी तासीर वाले खाद्यों के साथ मिलाया जाए, तो यह शरीर के लिए एक उत्कृष्ट शीतल पेय और ऊर्जा स्रोत बन जाता है। सुबह के समय मिट्टी के घड़े के ताजे पानी में नींबू और शहद का मिश्रण शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित करने और वजन घटाने में जादुई भूमिका निभाता है। गर्मियों के पारंपरिक आहार जैसे सत्तू और दही में भी शहद का समावेश स्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। सत्तू के शरबत में चीनी के विकल्प के रूप में शहद का उपयोग न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि मांसपेशियों की थकान को भी तुरंत मिटाता है। इसी तरह, दोपहर के भोजन में दही के साथ शहद का मेल एक शक्तिशाली प्राकृतिक प्रोबायोटिक तैयार करता है। यह मिश्रण पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शरीर को लू के थपेड़ों से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। आयुर्वेद के अनुसार, ये तरीके शहद की उष्णता को शीतलता में बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। शहद के औषधीय लाभों के बीच आयुर्वेद में कुछ कड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं जिन्हें नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। शहद को कभी भी गर्म पानी में उबालकर या बहुत तेज तापमान वाली चीजों के साथ नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक ताप इसे विषैला बना सकता है। इसके अतिरिक्त, घी और शहद का समान मात्रा में सेवन ‘विरुद्ध आहार’ माना जाता है, जो वात और पित्त के संतुलन को बिगाड़कर त्वचा और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। यदि इन बुनियादी नियमों का पालन किया जाए, तो शहद गर्मियों में भी आपकी जीवनशैली का एक अनिवार्य और गुणकारी हिस्सा बना रह सकता है।

पसीना और असहजता से राहत: गर्मी में कूल रहने के 7 स्मार्ट फैशन नियम..

नई दिल्ली । गर्मियों की सुबह अक्सर एक आम उलझन के साथ शुरू होती है कि आखिर आज क्या पहना जाए। कपड़ों से भरी अलमारी होने के बावजूद सही आउटफिट चुनना मुश्किल लगने लगता है। तेज धूप, उमस और पसीना दिनभर की थकान को और बढ़ा देते हैं, जिससे सही कपड़ों का चुनाव और भी जरूरी हो जाता है। लेकिन अगर कुछ सरल और व्यावहारिक फैशन नियमों को समझ लिया जाए, तो यह रोज की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। सही कपड़े न केवल शरीर को आराम देते हैं, बल्कि पूरे दिन आत्मविश्वास और ताजगी भी बनाए रखते हैं। गर्मियों में सबसे पहला ध्यान कपड़े के फैब्रिक पर देना चाहिए। हल्के और हवा को गुजरने देने वाले कपड़े जैसे कॉटन, लिनन और खादी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। ये पसीना जल्दी सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं, जिससे असहजता कम होती है। इसके विपरीत भारी और सिंथेटिक कपड़े गर्मी को बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर जल्दी थक जाता है। इसके बाद रंगों का चुनाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हल्के रंग जैसे सफेद, क्रीम और हल्के पेस्टल शेड्स गर्मी को कम आकर्षित करते हैं, जिससे शरीर अपेक्षाकृत ठंडा महसूस करता है। वहीं गहरे रंग गर्मी को अधिक सोखते हैं, जिससे असहजता बढ़ सकती है। गर्मियों में ढीले कपड़े पहनना एक और महत्वपूर्ण नियम है। टाइट कपड़े शरीर से चिपककर हवा के प्रवाह को रोकते हैं, जिससे पसीना और जलन बढ़ सकती है। ढीले और आरामदायक कपड़े न केवल शरीर को राहत देते हैं, बल्कि एक सहज और स्टाइलिश लुक भी देते हैं। एक और जरूरी बात यह है कि गर्मियों में लेयरिंग से बचना चाहिए। कई परतों वाले कपड़े शरीर के तापमान को बढ़ा देते हैं, जिससे गर्मी और ज्यादा महसूस होती है। सिंगल और हल्के आउटफिट इस मौसम में सबसे बेहतर विकल्प होते हैं। फुटवियर का सही चयन भी उतना ही जरूरी है। बंद जूते लंबे समय तक पहनने से पैरों में पसीना और बदबू की समस्या हो सकती है। ऐसे में खुले सैंडल, चप्पल या हल्के और सांस लेने वाले शूज बेहतर विकल्प साबित होते हैं। इसके अलावा एक्सेसरीज को भी हल्का रखना चाहिए। भारी गहने या ज्यादा सजावट गर्मी में असुविधा पैदा कर सकती है। मिनिमल एक्सेसरीज न केवल आराम देती हैं बल्कि पूरे लुक को संतुलित और स्टाइलिश बनाए रखती हैं। अंत में, कपड़ों का चुनाव हमेशा दिनचर्या और जरूरत के अनुसार होना चाहिए। अगर दिनभर बाहर रहना है तो हल्के और प्रोटेक्टिव कपड़े पहनना बेहतर होता है, जबकि ऑफिस या घर के लिए आरामदायक और स्मार्ट कैजुअल आउटफिट अधिक उपयुक्त रहते हैं। गर्मियों में सही कपड़े चुनना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस थोड़ी समझदारी और सही विकल्पों के साथ न केवल आराम पाया जा सकता है, बल्कि हर दिन एक स्टाइलिश और आत्मविश्वास भरा लुक भी हासिल किया जा सकता है।

इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मानवीय आधार पर रिहाई की अपील की है। उन्होंने अपने वकील के जरिए अदालत को बताया कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी आंखों में गंभीर संक्रमण की समस्या बनी हुई है। यह याचिका इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की ओर से 190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामले में दी गई सजा के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के दौरान पेश की गई। इस मामले में पिछले वर्ष जनवरी में जवाबदेही अदालत ने इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) द्वारा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने सजा निलंबित करने की मांग की। उन्होंने अदालत में कहा कि मामला 16 महीनों से लंबित है और अब तक 17 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं। वकील ने दावा किया कि इमरान खान की आंखों की स्थिति गंभीर है और उनकी दृष्टि काफी कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, “उनकी आंखों की रोशनी लगभग 15% रह गई है और 85% तक नुकसान हो चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह नुकसान स्थायी हो सकता है। सफदर ने अदालत को बताया कि इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है, जिस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और कई बार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है। वकील ने यह भी आग्रह किया कि जेल अधिकारियों और संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड को अदालत में पेश किया जाए, ताकि उनकी स्थिति की सही जांच हो सके। साथ ही उन्होंने आईजी जेल और अन्य अधिकारियों को तलब करने की मांग भी दोहराई। सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने सुझाव दिया कि अपील की मुख्य सुनवाई पर ध्यान केंद्रित किया जाए ताकि मामले का शीघ्र निपटारा हो सके। हालांकि, बचाव पक्ष ने पहले सजा निलंबन पर निर्णय लेने पर जोर दिया। इसके बाद अदालत ने सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया।

Vastu Tips: घर में धन-समृद्धि बढ़ाने के आसान उपाय, जानिए किन बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली।  घर में सुख-समृद्धि और धन की स्थिरता बनाए रखने के लिए Vastu Shastra में कई सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि यदि इन नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। वास्तु के अनुसार सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम घर की साफ-सफाई को बनाए रखना है। कहा जाता है कि स्वच्छ घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। गंदगी और अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, जिससे बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मुख्य द्वार को वास्तु शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसे घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे पर मोर पंख लगाने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और घर में शांति एवं समृद्धि का वास होता है।इसके अलावा बेडरूम से जुड़े कुछ उपाय भी बताए गए हैं। वास्तु के अनुसार कमरे में चांदी की वस्तु या हाथी की मूर्ति रखने से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और राहु से जुड़े दोषों में कमी आती है। इससे मानसिक शांति और स्थिरता बनी रहती है। धन और समृद्धि की देवी Lakshmi को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय भी बताए जाते हैं। कहा जाता है कि शुक्रवार के दिन घर में लक्ष्मी यंत्र स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। इसे मुख्य द्वार के आसपास रखने की सलाह दी जाती है ताकि घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश न कर सके। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों का पालन पूरी श्रद्धा और नियमितता के साथ करना चाहिए। हालांकि, इसे जीवन में सकारात्मक सोच और मेहनत के साथ जोड़ना भी जरूरी है, तभी वास्तविक परिवर्तन देखने को मिलता है। mकुल मिलाकर, वास्तु शास्त्र के ये सरल उपाय घर में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।

क्रिस वुड का 200वां गोल: नॉटिंघम फॉरेस्ट ने एस्टन विला पर 1-0 से बढ़त बनाई

नई दिल्ली।  UEFA Europa League 2026 के सेमीफाइनल में रोमांचक मुकाबले के दौरान Nottingham Forest ने Aston Villa को 1-0 से हराकर बढ़त हासिल कर ली है। यह जीत टीम के लिए बेहद अहम रही, क्योंकि अब फाइनल की राह और भी करीब नजर आने लगी है। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्टार स्ट्राइकर Chris Wood ने पेनल्टी पर दागा, जो उनके करियर का 200वां गोल भी साबित हुआ। यह उपलब्धि उनके शानदार करियर में एक और बड़ा मील का पत्थर बन गई है। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले हाफ में दोनों ओर से मौके बने, लेकिन गोलकीपरों ने बेहतरीन बचाव करते हुए स्कोरलाइन को बराबर रखा। नॉटिंघम फॉरेस्ट की ओर से मॉर्गन गिब्स-व्हाइट और इलियट एंडरसन ने आक्रामक खेल दिखाया, जबकि एस्टन विला की ओर से मॉर्गन रोजर्स और ओली वॉटकिंस ने भी खतरा पैदा किया। दूसरे हाफ में मुकाबला और भी तेज हो गया। एस्टन विला के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए, लेकिन अंततः अंतिम मिनटों में मैच का रुख बदल गया। ओमारी हचिंसन की कोशिश के दौरान लुकास डिग्ने के हैंडबॉल के कारण नॉटिंघम फॉरेस्ट को पेनल्टी मिली। इस मौके को क्रिस वुड ने पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ गोल में बदल दिया, जिससे टीम को निर्णायक बढ़त मिल गई। मैच के बाद क्रिस वुड ने कहा कि यह सिर्फ पहला चरण है और असली चुनौती अब बर्मिंघम में होने वाले दूसरे लेग में होगी। उन्होंने माना कि Aston Villa अपने घरेलू मैदान पर वापसी करने की पूरी कोशिश करेगी। वहीं टीम के कोच Vitor Pereira ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की और कहा कि टीम ने दबाव में भी शानदार खेल दिखाया है। अब सभी की नजर दूसरे लेग पर है, जहां यह तय होगा कि कौन सी टीम फाइनल में जगह बनाएगी और यूरोपा लीग ट्रॉफी की ओर एक कदम और आगे बढ़ेगी।

कमर्शियल LPG महंगी: 993 रुपये की बढ़ोतरी, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत जारी

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद कारोबारियों और व्यावसायिक संस्थानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार राहत दी गई है और उनके सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी New Delhi में अब 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 3,071.5 रुपये में उपलब्ध होगा। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में आई तेजी के कारण की गई है। तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं, जिनकी संख्या देश में करीब 33 करोड़ है, उनके लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। इसका सीधा फायदा आम परिवारों को मिलेगा, जिन पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर सीधे गैस और ईंधन बाजार पर पड़ रहा है। इससे पहले भी कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की लागत लगातार बढ़ रही है। सरकारी तेल कंपनियों ने यह भी बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। इसके अलावा एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें भी स्थिर रखी गई हैं ताकि हवाई यात्रा की लागत में अचानक बढ़ोतरी न हो। वहीं सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए गए शुल्कों में भी संशोधन किया है, ताकि घरेलू आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके। डीजल और एविएशन फ्यूल पर अलग-अलग दरों पर शुल्क लागू किया गया है, जबकि पेट्रोल पर निर्यात शुल्क शून्य रखा गया है। कुल मिलाकर, यह बदलाव एक तरफ व्यापारिक क्षेत्र के लिए चिंता बढ़ाने वाला है, तो दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में स्थिरता आने तक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: हार के बाद भी RCB नंबर-2, भुवनेश्वर के सिर सजी पर्पल कैप

नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 में गुरुवार को खेले गए मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। Gujarat Titans से 4 विकेट की हार झेलने के बावजूद Royal Challengers Bengaluru दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जो टीम की लगातार अच्छी परफॉर्मेंस को दर्शाता है। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में हुए इस मुकाबले में गुजरात ने जीत दर्ज कर अंकतालिका में पांचवें स्थान पर छलांग लगाई है। वहीं RCB 9 मैचों में 12 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर कायम है। अगर टॉप-4 की बात करें तो Punjab Kings 13 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। तीसरे स्थान पर Sunrisers Hyderabad और चौथे पर Rajasthan Royals काबिज हैं दोनों के 12-12 अंक हैं। नेट रन रेट के आधार पर उनकी रैंकिंग तय हो रही है।मिड-टेबल में Gujarat Titans पांचवें, Chennai Super Kings छठे और Delhi Capitals सातवें स्थान पर हैं। वहीं निचले पायदान पर Kolkata Knight Riders, Mumbai Indians और Lucknow Super Giants क्रमशः आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर मौजूद हैं। इस मैच के बाद पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Bhuvneshwar Kumar ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट झटके और एक बार फिर पर्पल कैप अपने नाम कर ली। उनके अब 9 मैचों में 17 विकेट हो गए हैं। दूसरे स्थान पर Eshan Malinga हैं, जिन्होंने 15 विकेट लिए हैं। वहीं ऑरेंज कैप की बात करें तो Abhishek Sharma 425 रनों के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Heinrich Klaasen (414 रन) दूसरे और Vaibhav Suryavanshi (400 रन) तीसरे स्थान पर हैं। कुल मिलाकर, टूर्नामेंट अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच के साथ पॉइंट्स टेबल में बदलाव हो रहा है। प्लेऑफ की दौड़ तेज हो गई है और आने वाले मुकाबले टीमों की किस्मत तय करेंगे।

बुद्ध पूर्णिमा से शुरू हुआ पावन महीना: मई 2026 के सभी व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली।  मई 2026 की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था के साथ हो चुकी है। आज यानी Buddha Purnima का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जो हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन Gautama Buddha का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाओं को स्मरण किया जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा को आने वाला यह पर्व श्रद्धा, ध्यान और दान का प्रतीक है। मई का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। महीने की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद 3 मई को नारद जयंती मनाई जाएगी। इस दिन देवर्षि नारद के प्राकट्य का उत्सव मनाया जाता है, जिन्हें ब्रह्मा जी का मानस पुत्र माना जाता है। इसके बाद 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। 14 मई को गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अगले ही दिन 16 मई को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत एक साथ पड़ रहे हैं। शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है, वहीं वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। महीने के उत्तरार्ध में 25 मई को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। इसके बाद 26 मई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पुरुषोत्तम (अधिक) मास में पड़ता है और इसका धार्मिक महत्व काफी अधिक माना जाता है। मई महीने के अंत में 28 मई को एक बार फिर गुरु प्रदोष व्रत आएगा, जो भगवान शिव की आराधना के लिए शुभ अवसर माना जाता है। कुल मिलाकर, मई 2026 आस्था, पूजा-पाठ और व्रत-त्योहारों से भरा हुआ महीना है। ऐसे में श्रद्धालु पूरे महीने धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे और इन पर्वों के माध्यम से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करेंगे।

अमेरिका में 76 दिन बाद खत्म हुआ सरकारी शटडाउन, DHS फंडिंग बिल सर्वसम्मति से पारित

वॉशिंगटन। अमेरिका में 76 दिनों से जारी सरकारी शटडाउन आखिरकार समाप्त हो गया है, जिसे अब तक का सबसे लंबा आंशिक सरकारी ठहराव बताया जा रहा है। अमेरिकी संसद के निचले सदन ने गुरुवार को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अधिकांश हिस्सों के लिए फंडिंग से जुड़े विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके साथ ही विभिन्न संघीय एजेंसियों पर पड़े लंबे गतिरोध का औपचारिक रूप से अंत हो गया। DHS के सुरक्षा सचिव मार्कवेने मुलिन ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए बताया कि विभाग फिर से कामकाज शुरू कर चुका है। उन्होंने कहा कि आव्रजन और सीमा प्रवर्तन (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) और सीमा सुरक्षा (यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन) जैसी एजेंसियों के लिए फंडिंग सुलह प्रक्रिया के जरिए सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें डेमोक्रेटिक समर्थन की आवश्यकता नहीं पड़ी। मुलिन ने इस शटडाउन के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया और उन संघीय कर्मचारियों की सराहना की जिन्होंने बिना वेतन गारंटी के भी काम जारी रखा। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और DHS नेतृत्व का भी धन्यवाद किया। यह विधेयक अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। शटडाउन 14 फरवरी को शुरू हुआ था और कई हफ्तों तक संघीय सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि ICE और बॉर्डर गश्ती जैसी कुछ एजेंसियां पहले से मौजूद फंडिंग के कारण अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुईं, लेकिन फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA), ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) और तटरक्षक बल जैसी संस्थाओं को गंभीर संचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि रणनीति के तहत पहले DHS की फंडिंग सुरक्षित की गई ताकि अहम एजेंसियां प्रभावित न हों, और उसके बाद आगे के विधायी कदम उठाए गए। अमेरिकी तटरक्षक बल के अधिकारी केविन लुंडे ने लंबे समय तक फंडिंग की कमी को कर्मचारियों के मनोबल के लिए बेहद कठिन बताया। यह समाधान हफ्तों चले राजनीतिक गतिरोध के बाद सामने आया, जिसमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच आव्रजन प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के बजट को लेकर गहरी असहमति बनी हुई थी। अब आने वाले समय में अतिरिक्त वित्तीय उपायों पर भी काम होने की उम्मीद है।