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CETA agreement: भारत-यूके आर्थिक रिश्तों में मजबूती की नई पहल, सीईटीए बनेगा विकास का मुख्य आधार

CETA agreement: नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद सामने आया है। दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में हुई वर्चुअल बातचीत में व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस बातचीत का केंद्र व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता यानी सीईटीए रहा, जिसे दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों के भविष्य के लिए एक अहम आधार माना जा रहा है। इस चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों देश मिलकर व्यापारिक अवसरों को और अधिक विस्तृत करें, ताकि आपसी आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई पर पहुंचाया जा सके। बातचीत के दौरान यह भी माना गया कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में स्थिर और मजबूत साझेदारियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, और भारत-यूके संबंध इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकते हैं। सीईटीए समझौते के तहत दोनों देशों ने पहले ही व्यापार बढ़ाने के लिए एक साझा रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य न केवल वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाना है, बल्कि निवेश के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करना है। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि समझौते के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि वास्तविक आर्थिक लाभ तेजी से सामने आ सके। Epstein case: एपस्टीन केस में सनसनीखेज खुलासा: मौत से पहले लिखा ‘गुडबाय नोट’ 7 साल से सीलबंद, अब उठे बड़े सवाल भारत की आर्थिक नीति पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक साझेदारियों की ओर तेजी से बढ़ी है। सरकार का ध्यान ऐसे समझौतों पर रहा है जो न केवल व्यापार को बढ़ावा दें, बल्कि देश की औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की क्षमता को भी मजबूत करें। इसी रणनीति के तहत कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए गए हैं, जिससे भारत का अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क और अधिक विस्तृत हुआ है। इस नई पहल के तहत भारत और ब्रिटेन दोनों ही 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को कई गुना बढ़ाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद और नीतिगत समन्वय को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह साझेदारी केवल आर्थिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की संभावना है। हालिया बातचीत में यह भी रेखांकित किया गया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हो रहे बदलावों के बीच भारत और ब्रिटेन एक-दूसरे के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साझेदार बन सकते हैं। मजबूत व्यापारिक ढांचा न केवल आर्थिक स्थिरता प्रदान करेगा, बल्कि दोनों देशों की विकास गति को भी तेज करेगा। Vivo X300 Series की एंट्री तय! 200MP कैमरा और पावरफुल Snapdragon के साथ 6 मई को मचेगा धमाल विशेषज्ञों का मानना है कि सीईटीए जैसे समझौते आने वाले समय में वैश्विक व्यापार संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इससे न केवल बड़े उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान हो सकेगी। इस प्रकार, भारत और ब्रिटेन के बीच यह ताजा संवाद केवल एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

smartphone launch 2026: Vivo X300 Series की एंट्री तय! 200MP कैमरा और पावरफुल Snapdragon के साथ 6 मई को मचेगा धमाल

smartphone launch 2026: नई दिल्ली। स्मार्टफोन मार्केट में हलचल तेज होने वाली है। Vivo अपनी नई Vivo X300 Series के तहत दो दमदार 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है, जिनमें हाई-एंड कैमरा और प्रीमियम फीचर्स देखने को मिलेंगे। Vivo ने कन्फर्म कर दिया है कि उसकी नई Vivo X300 Series के दो मॉडल—Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE—6 मई को भारत में लॉन्च होंगे। लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद यानी 14 मई से इनकी बिक्री भी शुरू हो जाएगी। सीरीज का कॉम्पैक्ट मॉडल Vivo X300 FE डिजाइन और परफॉर्मेंस का बैलेंस लेकर आ रहा है। इसमें 6.31 इंच का 1.5K LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ स्मूद एक्सपीरियंस देगा। फोन में लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट होने की बात सामने आई है, जिससे परफॉर्मेंस काफी तेज रहने की उम्मीद है। बैटरी के मामले में भी यह डिवाइस दमदार है—6,500mAh बैटरी के साथ 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। कैमरा सेटअप में 50MP का प्राइमरी सेंसर, 50MP टेलीफोटो और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया जाएगा, जो फोटोग्राफी के शौकीनों को निराश नहीं करेगा। Junaid Khan debut: जुनैद और साई पल्लवी की ‘एक दिन’ ने दी दस्तक, आमिर खान ने फिल्म के किरदार में देखा अपना अक्स अब बात करें सीरीज के सबसे प्रीमियम मॉडल Vivo X300 Ultra की, तो यह फोन फीचर्स के मामले में एक कदम आगे नजर आता है। इसमें 6.82 इंच का 2K LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स तक की ब्राइटनेस के साथ आएगा। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है, जो हाई-एंड यूजर्स के लिए खास होगा। इसके साथ 16GB तक RAM और 1TB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलेगा। कैमरा ही इस फोन की सबसे बड़ी ताकत है 200MP का प्राइमरी कैमरा, 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा इसे फोटोग्राफी का पावरहाउस बनाते हैं। दोनों डिवाइस में एक खास फीचर भी देखने को मिलेगा। एक्सटर्नल टेलीफोटो एक्सटेंडर सपोर्ट, जिससे जूम फोटोग्राफी को एक नया लेवल मिल सकता है। कीमत की बात करें तो Vivo X300 Ultra करीब 1.6 लाख रुपये और Vivo X300 FE करीब 80 हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हो सकते हैं। लॉन्च के बाद ये फोन Amazon, Flipkart और Vivo के ऑफिशियल स्टोर पर उपलब्ध होंगे। Vivo की X300 सीरीज प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ी चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। खासकर 200MP कैमरा और हाई-एंड स्पेसिफिकेशन्स इसे 2026 के सबसे चर्चित स्मार्टफोन्स में शामिल कर सकते हैं।

ISSF World Cup: 12 सदस्यीय भारतीय शॉटगन स्क्वॉड तैयार, वर्ल्ड कप स्टेज में दिखेगा निशानेबाजों का जलवा

ISSF World Cup: नई दिल्ली। भारतीय शॉटगन निशानेबाजी टीम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने के लिए तैयार है। 12 सदस्यों वाली यह टीम कजाकिस्तान के अल्माटी में आयोजित होने वाले ISSF वर्ल्ड कप स्टेज में हिस्सा लेने जा रही है। इस प्रतियोगिता को इस साल की सबसे अहम शूटिंग स्पर्धाओं में से एक माना जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष निशानेबाज अपनी सटीकता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रतियोगिता 2 मई से 11 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी और इसमें पांच ओलंपिक इवेंट्स शामिल होंगे। कुल मिलाकर 40 से अधिक देशों के लगभग 284 खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग ले रहे हैं। भारतीय दल के कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो रैंकिंग पॉइंट्स के आधार पर मुकाबला करेंगे और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को और मजबूत बनाएंगे। प्रतियोगिता की शुरुआत पुरुष और महिला स्कीट इवेंट्स से होगी, जिनके क्वालिफिकेशन राउंड पहले दिन खेले जाएंगे। इसके अगले ही दिन फाइनल मुकाबले निर्धारित हैं, जबकि ट्रैप इवेंट्स बाद में आयोजित किए जाएंगे। मिश्रित टीम ट्रैप का फाइनल इस स्पर्धा का अंतिम मुकाबला होगा, जिससे पूरे आयोजन का समापन होगा। Junaid Khan debut: जुनैद और साई पल्लवी की ‘एक दिन’ ने दी दस्तक, आमिर खान ने फिल्म के किरदार में देखा अपना अक्स भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी खास है क्योंकि कई अनुभवी खिलाड़ी इस सीजन में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतरेंगे। टीम में शामिल प्रमुख निशानेबाजों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने प्रदर्शन से पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति बनाएंगे। खिलाड़ियों ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है। इस बार भारतीय निशानेबाजों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा। इटली, चीन, रूस, फिनलैंड, डेनमार्क और अन्य कई देशों के शीर्ष खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मेजबान कजाकिस्तान की टीम भी मजबूत मानी जा रही है, जिससे मुकाबला और भी रोमांचक हो जाएगा। हर इवेंट में कड़ा संघर्ष देखने की संभावना है और छोटे अंतर से परिणाम तय हो सकते हैं। भारतीय शॉटगन टीम का हालिया प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी प्रभावशाली रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निशानेबाजों ने लगातार पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इसी वजह से इस प्रतियोगिता में भी उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। कोचिंग स्टाफ और टीम प्रबंधन का मानना है कि खिलाड़ियों ने तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी है और वे मानसिक तथा तकनीकी दोनों स्तर पर पूरी तरह तैयार हैं। अब नजर इस बात पर है कि यह टीम दबाव भरे मुकाबलों में कितना स्थिर प्रदर्शन कर पाती है। अल्माटी का यह मंच भारतीय निशानेबाजों के लिए न केवल एक चुनौती है, बल्कि खुद को वैश्विक स्तर पर और मजबूत साबित करने का सुनहरा अवसर भी है।

ASHOKNAGAR COLLECTOR INSPECTION: अशोकनगर कलेक्टर ने देर रत उपार्जन केंद्र का किया निरीक्षण; गेहूं खुले में न रखने के दिए निर्देश

COLLECTOR SAKET MALVIYA

HIGHLIGHTS: कलेक्टर ने आंधी-बारिश के बीच किया औचक निरीक्षण खुले में गेहूं रखने पर सख्त रोक के निर्देश किसानों से सीधे बातचीत कर समस्याएं सुनीं उपार्जन केंद्र पर छाया और पानी की व्यवस्था के निर्देश खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट   ASHOKNAGAR COLLECTOR INSPECTION: ग्वालियर। अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय नवीन कृषि उपज मंडी स्थित उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने निरीक्षण किया। बता दें की उन्होंने खुले में गेंहू न रखने के निर्देश दिए, साथ ही किसानों के लिए उचित व्यवस्था करने को भी कहा। Apple में बड़ा बदलाव! टिम कुक बनेंगे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, 2026 में 12+ नए प्रोडक्ट लॉन्च की तैयारी तेज़ आंधी-बारिश में किया निरिक्षण कलेक्टर मालवीय उस समय केंद्र पहुंचे जब तेज बारिश हो रही थी। अचानक बदले मौसम को देखते हुए उन्होंने उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं गेहूं की बोरियां खुले में तो नहीं रखी गई हैं। जबलपुर क्रूज हादसा: पानी में फंसे यात्री को स्थानीय युवक ने जोखिम लेकर बचाया, मानवता की मिसाल कायम किसानों से की चर्चा मौके पैर मौजूद किसानों से उन्होंने चर्चा की और उनकी समस्याएं भी सुनी। बताया जा रहा है की उन्होंने उपार्जन केंद्रों पर छाया और पिने के पानी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने ये भी कहा कि खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। हाईवे पर मातम: धार में भीषण दुर्घटना से उजड़े कई घर, 16 की मौत से गूंजा दर्द.. बारिश में अनाज ख़राब होने के आसार गौरतलब है की इस समय जिले के कई उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। अचानक हो रही लगातर बारिश के चलते अनाज खराब होने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।  

Force 3: फिल्म डिमांड पर जबरदस्त बदलाव, हर्षवर्धन राणे का फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन चर्चा में..

 Force 3: नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता हर्षवर्धन राणे इन दिनों अपनी आने वाली एक्शन फिल्म ‘फोर्स 3’ को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इस फिल्म में अपने किरदार को पूरी तरह वास्तविक और दमदार बनाने के लिए उन्होंने अपने शारीरिक रूप में बड़ा बदलाव किया है। निर्देशक की मांग के अनुसार उन्होंने कड़ी मेहनत करते हुए महज 6 महीनों में अपना वजन लगभग 12 किलो बढ़ा लिया है, जिससे उनका लुक पूरी तरह बदल गया है। इस बदलाव के बाद उनका वजन अब करीब 93 किलो तक पहुंच चुका है, जो उनके एक्शन रोल की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में उन्होंने सख्त डाइट प्लान और भारी वर्कआउट रूटीन अपनाया, ताकि स्क्रीन पर उनका किरदार और भी प्रभावशाली दिख सके। उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन फिल्म की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हर्षवर्धन राणे ने इस बदलाव की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की, जहां उन्होंने अपनी फिटनेस जर्नी और मेहनत की झलक दिखाई। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया आसान नहीं थी और इसके लिए उन्हें लगातार अनुशासन और समर्पण बनाए रखना पड़ा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उन्हें अभी भी अपने किरदार के अनुसार कुछ और शारीरिक बदलाव करने हैं। Epstein case: एपस्टीन केस में सनसनीखेज खुलासा: मौत से पहले लिखा ‘गुडबाय नोट’ 7 साल से सीलबंद, अब उठे बड़े सवाल इस फिल्म में उनके साथ जॉन अब्राहम भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। यह एक्शन फिल्म अपने दमदार स्टंट और कहानी को लेकर पहले से ही चर्चा में है। शूटिंग की शुरुआत इसी साल मार्च में हो चुकी है और इसका पहला शेड्यूल गुजरात में पूरा किया गया था। फिल्म की टीम लगातार इसके निर्माण पर काम कर रही है ताकि इसे बड़े स्तर पर पेश किया जा सके। हर्षवर्धन राणे ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट ने उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से मजबूत बनाया है। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए यह कहा कि मेहनत और अनुशासन ही किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी होती है। फिल्म ‘फोर्स 3’ को एक बड़े एक्शन प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कहानी, एक्शन और किरदारों का गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा। हर्षवर्धन का यह ट्रांसफॉर्मेशन न केवल फिल्म के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनके करियर के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ISSF World Cup: फ्री क्लाउड स्टोरेज का जाल! Jio-Airtel का ऑफर बाद में क्यों बन सकता है महंगा सिरदर्द

 ISSF World Cup: नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनियों के आकर्षक ऑफर अक्सर फायदे का सौदा लगते हैं, लेकिन कई बार यही ऑफर आगे चलकर परेशानी बन जाते हैं। Jio और Airtel द्वारा दी जा रही फ्री Google Cloud Storage भी कुछ ऐसा ही मामला बनती दिख रही है। आज के डिजिटल दौर में डेटा ही सब कुछ है फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स और इन्हें सुरक्षित रखने के लिए क्लाउड स्टोरेज सबसे आसान विकल्प माना जाता है। इसी जरूरत को भुनाते हुए Jio और Airtel अपने रिचार्ज प्लान्स के साथ 6 महीने से लेकर 18 महीने तक की फ्री Google Cloud Storage ऑफर कर रहे हैं। शुरुआत में यह ऑफर काफी फायदेमंद लगता है, क्योंकि यूजर्स को 1TB या 2TB तक एक्स्ट्रा स्टोरेज मिल जाती है। लेकिन असली दिक्कत तब शुरू होती है, जब यूजर बिना सोचे-समझे इस स्टोरेज को भर देता है। रक्षा उत्पादन को नई दिशा देंगे रवि, एचएएल के नए प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी.. दरअसल, Google अपने हर यूजर को 15GB फ्री स्टोरेज देता है, जो Gmail, Drive और Photos के बीच शेयर होती है। लेकिन जब यूजर टेलीकॉम ऑफर से मिली बड़ी स्टोरेज पर पूरी तरह निर्भर हो जाता है, तो फ्री पीरियड खत्म होते ही मुश्किल खड़ी हो जाती है। सबसे बड़ा झटका तब लगता है, जब स्टोरेज फुल हो जाती है। ऐसी स्थिति में Gmail पर नए ईमेल आना बंद हो सकते हैं, जिससे आपका जरूरी काम अटक सकता है। यानी एक छोटा-सा ऑफर आपके प्रोफेशनल कामकाज पर असर डाल सकता है। इतना ही नहीं, अगर आपने हजारों फोटो और वीडियो क्लाउड पर अपलोड कर दिए हैं, तो बाद में उन्हें डाउनलोड करना भी आसान नहीं होता। बड़े डेटा को शिफ्ट करना समय और इंटरनेट दोनों की भारी खपत करता है। ऐसे में कई यूजर्स मजबूरी में पेड प्लान लेने पर मजबूर हो जाते हैं। खर्च की बात करें तो Google के क्लाउड प्लान करीब 130 रुपये प्रति महीने से शुरू होकर 2TB स्टोरेज के लिए 600-650 रुपये तक पहुंच जाते हैं। यानी जो स्टोरेज आज फ्री लग रही है, वही कल हर महीने का अतिरिक्त खर्च बन सकती है। क्या करें ताकि न बने सिरदर्द? विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूजर्स शुरुआत से ही स्टोरेज का सही मैनेजमेंट करें। जरूरी फाइल्स ही क्लाउड पर रखें, समय-समय पर डेटा साफ करते रहें और फ्री ऑफर खत्म होने से पहले बैकअप प्लान तैयार रखें। फ्री क्लाउड स्टोरेज एक स्मार्ट सुविधा जरूर है, लेकिन बिना प्लानिंग के यह बोझ बन सकती है। समझदारी इसी में है कि ऑफर का फायदा लें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न हो जाएं।

digital payment India: UPI में बड़ा बदलाव! बिना पिन सिर्फ फिंगरप्रिंट से पेमेंट, 5,000 तक का ट्रांजैक्शन हुआ सुपरफास्ट

 digital payment India: नई दिल्ली। भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम एक नए दौर में पहुंच गया है। अब UPI यूजर्स बिना पिन डाले भी पेमेंट कर सकेंगे। फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्निशन जैसे बायोमेट्रिक फीचर्स के जरिए 5,000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन आसान और तेज हो गया है। डिजिटल इंडिया की रफ्तार अब और तेज हो गई है। UPI में नया बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर जुड़ने के बाद पेमेंट का तरीका पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। अब हर बार UPI पिन याद रखने और डालने की झंझट खत्म होती दिख रही है। इस नए फीचर के तहत यूजर्स फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन के जरिए पेमेंट कर सकते हैं। खास बात यह है कि यह सुविधा छोटे ट्रांजैक्शन को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जिसमें 5,000 रुपये तक का भुगतान बिना पिन के किया जा सकता है। इससे ज्यादा अमाउंट पर अभी भी पिन जरूरी रहेगा, जिससे सुरक्षा बनी रहे। ASHOKNAGAR CENSUS BEGINS: अशोकनगर में जनगड़ना का पहला चरण शुरू, 1 मई से 30 मई तक चलेगा कार्य सबसे पहले इस फीचर को ICICI Bank ने अपने iMobile ऐप पर रोलआउट किया है। यहां यूजर्स QR कोड स्कैन करने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और पर्सनल ट्रांसफर तक, सब कुछ बायोमेट्रिक के जरिए कर सकते हैं। यह सिस्टम मोबाइल में पहले से सेव फिंगरप्रिंट या फेस डेटा का इस्तेमाल करता है, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाती है। इतना ही नहीं, यह सुविधा अब लोकप्रिय पेमेंट ऐप्स तक भी पहुंच चुकी है। PhonePe, Paytm और CRED जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी बायोमेट्रिक पेमेंट का ऑप्शन मिल रहा है। यहां यूजर्स एक टैप में पेमेंट पूरा कर सकते हैं। अगर किसी कारण से बायोमेट्रिक फेल हो जाए, तो पिन का बैकअप विकल्प भी दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर खासकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों और जल्दी-जल्दी होने वाले ट्रांजैक्शन में बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि पिन चोरी या देखने जैसी समस्याओं से भी सुरक्षा मिलेगी। हालांकि, यूजर्स को यह ध्यान रखना होगा कि बायोमेट्रिक डेटा उनके डिवाइस में सुरक्षित हो और फोन किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में न जाए। जरूरत पड़ने पर इस फीचर को ऑन या ऑफ भी किया जा सकता है। UPI का यह नया बायोमेट्रिक फीचर डिजिटल पेमेंट को और आसान, तेज और सुरक्षित बना रहा है। आने वाले समय में यह सुविधा बड़े ट्रांजैक्शन तक भी बढ़ाई जा सकती है, जिससे कैशलेस इंडिया की दिशा और मजबूत होगी।

APPLE EXECUTIVE TIM COOK: Apple में बड़ा बदलाव! टिम कुक बनेंगे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, 2026 में 12+ नए प्रोडक्ट लॉन्च की तैयारी

APPLE EXECUTIVE TIM COOK: नई दिल्ली। टेक दिग्गज Apple में बड़ा नेतृत्व बदलाव देखने को मिल सकता है। कंपनी के मौजूदा सीईओ Tim Cook 1 सितंबर 2026 से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभाल सकते हैं, जबकि John Ternus को नया सीईओ बनाए जाने की चर्चा है। इसी के साथ Apple इस साल प्रोडक्ट लॉन्च की बड़ी तैयारी में जुटा है। Apple के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की खबरों के बीच कंपनी अपने सबसे बड़े प्रोडक्ट एक्सपेंशन प्लान पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tim Cook एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नई भूमिका में नजर आएंगे, जबकि हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट John Ternus को सीईओ की कमान सौंपी जा सकती है। यह बदलाव कंपनी की अगली ग्रोथ स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसी के साथ Apple 2026 को अपने लिए ‘प्रोडक्ट ब्लास्ट ईयर’ बनाने की तैयारी में है। कंपनी इस साल 12 से ज्यादा नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की योजना बना रही है। सबसे ज्यादा चर्चा Apple के पहले फोल्डेबल फोन को लेकर है, जो सीधे प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट में नई प्रतिस्पर्धा खड़ी कर सकता है। Epstein case: एपस्टीन केस में सनसनीखेज खुलासा: मौत से पहले लिखा ‘गुडबाय नोट’ 7 साल से सीलबंद, अब उठे बड़े सवाल इसके अलावा, नए MacBook और iPad मॉडल्स भी लॉन्च लाइनअप में शामिल हैं। कंपनी अपने डिवाइस इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए परफॉर्मेंस, डिजाइन और AI फीचर्स पर खास फोकस कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले प्रोडक्ट्स में बेहतर बैटरी, एडवांस चिपसेट और AI इंटीग्रेशन देखने को मिलेगा। भारत के नजरिए से भी यह साल Apple के लिए बेहद अहम हो सकता है। कंपनी लगातार भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और नए प्रोडक्ट लॉन्च के जरिए यहां अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। खासतौर पर प्रीमियम स्मार्टफोन और टैबलेट सेगमेंट में Apple अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लीडरशिप में बदलाव और नए प्रोडक्ट्स का कॉम्बिनेशन Apple को टेक इंडस्ट्री में नई दिशा दे सकता है। अगर फोल्डेबल फोन और अन्य डिवाइस सफल रहते हैं, तो कंपनी एक बार फिर इनोवेशन की रेस में सबसे आगे नजर आ सकती है।

JABALPUR CRUISE ACCIDENT: जबलपुर क्रूज हादसा: पानी में फंसे यात्री को स्थानीय युवक ने जोखिम लेकर बचाया, मानवता की मिसाल कायम

JABALPUR CRUISE ACCIDENT: मध्‍य प्रदेश /जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा एक ओर जहां दर्द और तबाही की तस्वीर छोड़ गया, वहीं दूसरी ओर इसने मानवता की एक ऐसी मिसाल भी पेश की, जिसने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में इंसानियत किसी धर्म या पहचान की मोहताज नहीं होती। घटना उस समय हुई जब एक डबल डेकर क्रूज अचानक तेज हवाओं और आंधी की चपेट में आ गया। मौसम में अचानक आए बदलाव ने स्थिति को इतना गंभीर बना दिया कि कुछ ही पलों में क्रूज पानी में डूबने लगा। उस समय क्रूज में 30 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें से कई लोग घबराहट में पानी में गिर गए और अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच एक यात्री अयाज हुसैन खुद को किसी तरह बचाते हुए क्रूज के ऊपरी हिस्से पर पहुंच गए। वह वहीं फंसे रहे और तीन घंटे तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। पानी का स्तर और तेज लहरें उनकी स्थिति को और कठिन बना रही थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उसी समय स्थानीय निवासी कन्हैयालाल साहू वहां पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना किसी सुरक्षा उपकरण और अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरने का फैसला किया। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मदद के लिए आगे आए, लेकिन मुख्य भूमिका कन्हैयालाल की ही रही, जिन्होंने सीधे उस यात्री तक पहुंचने की कोशिश की। कन्हैयालाल ने बताया कि अयाज हुसैन जीवन रक्षक उपकरण पहने हुए थे और किसी तरह क्रूज के ऊपरी हिस्से पर टिके हुए थे। चारों ओर पानी और अंधेरा माहौल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। यह पूरा प्रयास बेहद जोखिम भरा था, लेकिन मानवता की भावना ने हर डर पर जीत हासिल की। इस हादसे में कई अन्य लोग भी प्रभावित हुए हैं। बचाव दल लगातार राहत और खोज कार्य में जुटे हुए हैं। अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि कुछ लोगों की तलाश अभी भी जारी है। स्थानीय लोगों की भूमिका इस घटना में बेहद अहम रही है। बिना किसी आधिकारिक संसाधन के उन्होंने जिस तरह से मदद की, वह इस बात का उदाहरण है कि आपदा के समय समाज खुद भी एक बड़ा सहारा बन सकता है। यह पूरी घटना सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि मानवता की ताकत की कहानी बन गई है, जहां एक अनजान व्यक्ति ने दूसरे की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। इसने यह संदेश दिया है कि मुश्किल हालात में इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म होती है।

no screen device: नो-स्क्रीन फोन का ट्रेंड: Gen Alpha के लिए डिजिटल दुनिया का ‘सेफ मोड’, स्मार्टफोन से दूर रहने का नया रास्ता

 no screen device: नई दिल्ली। बढ़ते स्क्रीन टाइम और डिजिटल लत के खतरे के बीच अब बच्चों के लिए एक नया विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है नो-स्क्रीन फोन। Gen Alpha यानी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के बीच यह ट्रेंड खासा चर्चा में है, जहां टेक्नोलॉजी तो है, लेकिन स्क्रीन नहीं। दुनियाभर में बच्चों के बीच स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। स्कूलों में फोन बैन से लेकर घरों में स्क्रीन टाइम कंट्रोल तक, हर जगह एक ही सवाल हैबच्चों को टेक्नोलॉजी से जोड़े रखें, लेकिन उसके नुकसान से कैसे बचाएं? इसी सवाल का जवाब बनकर उभरा है ‘स्क्रीन-फ्री फोन’। अमेरिका और कनाडा में ‘टिन कैन’ नाम का यह खास डिवाइस तेजी से पॉपुलर हो रहा है। करीब 100 डॉलर की कीमत वाला यह फोन देखने में 90 के दशक के लैंडलाइन जैसा लगता है बड़े-बड़े बटन, घुमावदार तार और बेस स्टैंड के साथ। लेकिन इसकी असली ताकत इसके सिंपल और कंट्रोल्ड फीचर्स में छिपी है। यह फोन वाई-फाई से कनेक्ट होकर इंटरनेट कॉलिंग करता है, लेकिन इसमें न कोई ऐप है, न गेम और न ही सोशल मीडिया। यानी बच्चे सिर्फ कॉल कर सकते हैं, वो भी तय किए गए कॉन्टैक्ट्स पर। माता-पिता एक ऐप के जरिए इसे कंट्रोल करते हैं और यह तय करते हैं कि बच्चा किन लोगों से बात कर सकता है। इससे अनजान कॉल, स्पैम और ऑनलाइन खतरे लगभग खत्म हो जाते हैं। इस डिवाइस को डिजाइन करने वाले सिएटल के तीन डेवलपर्स का मकसद साफ था—बच्चों को डिजिटल ओवरलोड से बचाना। उनका मानना है कि आज के स्मार्टफोन बच्चों के लिए जरूरत से ज्यादा जटिल और जोखिम भरे हो चुके हैं। ऐसे में यह फोन एक बैलेंस बनाता है—जहां बच्चा संपर्क में भी रहता है और स्क्रीन की लत से भी दूर। विशेषज्ञों का भी मानना है कि कम उम्र में ज्यादा स्क्रीन एक्सपोजर बच्चों की मानसिक और सामाजिक विकास पर असर डाल सकता है। ऐसे में यह स्क्रीन-फ्री डिवाइस एक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस फोन को लेकर पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है। कई पैरेंट्स इसे ‘डिजिटल डिटॉक्स का आसान तरीका’ बता रहे हैं, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सीमित और सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी की दुनिया में जहां हर दिन नए-नए फीचर्स जुड़ रहे हैं, वहीं यह नो-स्क्रीन फोन एक अलग दिशा दिखा रहा है। यह साबित करता है कि कभी-कभी ‘कम ही ज्यादा होता है’—खासकर तब, जब बात बच्चों की सुरक्षा और भविष्य की हो।