कैशलेस भारत की नई उड़ान, यूपीआई बना दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम

नई दिल्ली। भारत में डिजिटल भुगतान का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण यूपीआई की लगातार बढ़ती रफ्तार है। अप्रैल महीने में यूपीआई ने एक बार फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। इस दौरान कुल लेनदेन की संख्या लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 22 अरब से अधिक पहुंच गई, जबकि कुल लेनदेन मूल्य 29 लाख करोड़ रुपए से ऊपर दर्ज किया गया। यह आंकड़े देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार और लोगों की बढ़ती डिजिटल निर्भरता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। आज स्थिति यह है कि छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक, हर जगह यूपीआई भुगतान एक सामान्य प्रक्रिया बन चुका है। लोग नकद लेनदेन की बजाय मोबाइल के जरिए तुरंत भुगतान करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक मान रहे हैं। इस बदलाव ने न केवल भुगतान प्रणाली को सरल बनाया है, बल्कि लेनदेन की गति और पारदर्शिता को भी बढ़ाया है। अप्रैल के दौरान रोजाना होने वाले यूपीआई लेनदेन में भी लगातार वृद्धि देखी गई। हर दिन औसतन करोड़ों ट्रांजैक्शन इस माध्यम से पूरे किए गए, जो यह दिखाता है कि यह प्रणाली अब दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। चाहे किराने की दुकान हो, ऑनलाइन शॉपिंग हो या फिर सेवाओं का भुगतान, यूपीआई हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना चुका है। इस वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण इसकी सरल प्रक्रिया और तत्काल भुगतान सुविधा है। केवल मोबाइल नंबर या QR कोड के जरिए कुछ ही सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाता है, जिससे समय की बचत होती है और कैश संभालने की परेशानी भी खत्म हो जाती है। इसके अलावा बैंकिंग सिस्टम से सीधा जुड़ाव इसे अधिक सुरक्षित बनाता है। पिछले कुछ वर्षों में यूपीआई ने जिस तेजी से विकास किया है, वह देश की डिजिटल प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेत है। जहां पहले डिजिटल भुगतान सीमित स्तर पर उपयोग होता था, वहीं अब यह प्रणाली देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनती जा रही है। इससे न केवल वित्तीय समावेशन बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिला है। अप्रैल के ये आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत तेजी से कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और यूपीआई इस बदलाव का सबसे मजबूत आधार बन चुका है। आने वाले समय में इसके और विस्तार की संभावना है, जो देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।
हाइपरसोनिक वार की तैयारी? ईरान पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ विकल्प पर अमेरिका, मिडिल ईस्ट में बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने व्हाइट हाउस में हुई एक अहम बैठक में राष्ट्रपति Donald Trump को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों की जानकारी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कमांडर Brad Cooper ने एक “छोटा लेकिन बेहद शक्तिशाली हमला” करने की रणनीति प्रस्तुत की, जिसमें ईरान की बची हुई सैन्य क्षमता, नेतृत्व और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है। इस प्रस्ताव में अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है, जिनमें ‘डार्क ईगल’ हाइपरसोनिक मिसाइल शामिल है। यह मिसाइल करीब 3,200 किलोमीटर तक सटीक हमला करने में सक्षम मानी जाती है और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को टारगेट कर सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी वायुसेना ने B-1B Lancer जैसे भारी बमवर्षक विमानों की तैनाती भी बढ़ा दी है, जो बड़ी मात्रा में हथियार और उन्नत मिसाइल सिस्टम ले जाने में सक्षम हैं। बढ़ते तनाव के संकेत:बीते 24 घंटों में घटनाक्रम तेजी से बदला है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि “तूफान आगे बढ़ रहा है, इसे कोई नहीं रोक पाएगा।” दूसरी ओर, ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। Mojtaba Khamenei ने चेतावनी दी कि अगर हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी और हमलावरों को “समंदर में डुबो दिया जाएगा।” इसी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो पिछले चार वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर है, हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई। जमीनी हालात और क्षेत्रीय असर:दूसरी ओर, लेबनान में भी हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। दक्षिणी इलाकों में हुए हमलों में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। यह घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद Hezbollah और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प का बदला हुआ सुर:हालांकि, इन सभी तैयारियों के बीच ट्रम्प ने यह भी कहा है कि वे दोबारा हमले शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं और फिलहाल सीजफायर तोड़ने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि ईरान समझौते के लिए तैयार नजर आ रहा है।एक तरफ सैन्य तैयारियां और दूसरी ओर कूटनीतिक बयान—इन दोनों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
गौतम अदाणी ने विकास रणनीति में स्थानीय लोगों को दी प्राथमिकता..

नई दिल्ली। अदाणी समूह ने अपनी विकास रणनीति को लेकर एक नया दृष्टिकोण सामने रखा है, जिसमें स्थानीय रोजगार सृजन, कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन और कौशल विकास को केंद्रीय भूमिका दी गई है। समूह के चेयरमैन ने यह स्पष्ट किया है कि संगठन की प्रगति अब केवल आर्थिक विस्तार या बड़ी परियोजनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि वह कितने लोगों के जीवन को बेहतर बना पा रहा है। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जो किसी भी परियोजना से जुड़ा है, वह केवल एक श्रमिक नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा है। उनके अनुसार जब कोई परियोजना पूरी होती है तो वह सिर्फ एक संरचना नहीं होती, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है। उन्होंने यह भी बताया कि समूह की प्राथमिकता अब स्थानीय भर्ती को बढ़ावा देना है। किसी भी परियोजना में सबसे पहले आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अवसर दिया जाएगा, उसके बाद राज्य स्तर पर और आवश्यकता पड़ने पर अन्य क्षेत्रों के उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सीधे विकास प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। कर्मचारियों के कल्याण को लेकर भी समूह ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दूरस्थ और बड़े प्रोजेक्ट स्थलों पर कार्यरत लोगों के लिए बेहतर आवास और सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है ताकि वे गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन जी सकें। इसके साथ ही पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे काम करने वालों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को सम्मानजनक जीवन और बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलना केवल सुविधा नहीं बल्कि एक मूलभूत आवश्यकता है। इसी सोच के साथ संगठन अपने सभी प्रोजेक्ट्स में मानव केंद्रित विकास को प्राथमिकता दे रहा है। संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी हो सके। नई प्रणाली के तहत साइट स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी कम होगी और गति में सुधार आएगा। यह कदम बड़े पैमाने पर चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में सहायक होगा। इसके अलावा साझेदारी के मॉडल में भी बदलाव किया गया है, जिसमें सीमित लेकिन अधिक सक्षम और विश्वसनीय भागीदारों के साथ काम करने की रणनीति अपनाई जा रही है। इसका उद्देश्य बेहतर समन्वय, गुणवत्ता नियंत्रण और तेज निष्पादन सुनिश्चित करना है। यह मॉडल दीर्घकालिक सहयोग और स्थिर विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कौशल विकास को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और उन्नति के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं ताकि वे अपने करियर में आगे बढ़ सकें और अधिक जिम्मेदार भूमिकाएं निभा सकें। इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि लोगों को सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। बड़ी परियोजनाओं को राष्ट्रीय विकास से जोड़ते हुए यह भी कहा गया कि ये केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक और बुनियादी ढांचे की मजबूती का आधार हैं। इनके माध्यम से देश की ऊर्जा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षमता को नया आकार दिया जा रहा है।
बाल रस्सी जैसे रूखे? 15 दिन में फर्क दिखाएगा ये नेचुरल अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क

नई दिल्ली। मौसम बदलने के साथ ही अक्सर हमारे चेहरे और बालों पर इसका असर दिखाई देता है। जबकि स्किन का ख्याल हम रखते हैं, बालों की देखभाल अक्सर अनदेखी रह जाती है। इसका परिणाम बालों की रूखापन और बेजानपन के रूप में सामने आता है। यदि आपके बाल भी रस्सी या झाड़ू जैसे लग रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें गहराई से पोषण की जरूरत है। महंगे शैम्पू और हेयर प्रोडक्ट्स हर बार कारगर नहीं होते। कई बार ये बालों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में नेचुरल उपाय सबसे सुरक्षित और असरदार होते हैं। इन उपायों में अलसी (flax seeds) का इस्तेमाल बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व बालों को मुलायम, चमकदार और मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसीलिए आज हम आपको अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क बनाने और इस्तेमाल करने की विधि बता रहे हैं। इस्तेमाल के लिए सामग्री:2 बड़े चम्मच अलसी के बीजएलोवेरा जेल (आवश्यक मात्रा) हेयर मास्क बनाने की विधि:एक पैन में थोड़ा पानी लेकर उबालें।जब पानी उबलने लगे, उसमें अलसी के बीज डालें और 10 मिनट तक उबालें।पानी गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद करें और इसे छान लें।छने हुए पानी में एलोवेरा जेल मिलाएं और चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंट लें।आपका हेयर मास्क तैयार है। हेयर मास्क का इस्तेमाल:सबसे पहले अपने बालों को धोकर सुलझा लें।तैयार मास्क को बालों की जड़ों से लेकर छोर तक अच्छे से अप्लाई करें।30-40 मिनट तक लगाकर छोड़ दें, फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें। इस मास्क को नियमित रूप से सप्ताह में 2-3 बार लगाने से बालों की रूखापन दूर होगी, नमी लौटेगी और बाल मजबूत बनेंगे। 15 दिन के भीतर फर्क साफ नजर आने लगेगा। नेचुरल और असरदार होने के कारण यह उपाय रसायनों से भरे प्रोडक्ट्स की तुलना में सुरक्षित है। खासकर बदलते मौसम में जब बालों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है, यह मास्क उन्हें जरूरी पोषण देता है। अपने बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाना है तो इस नेचुरल हेयर मास्क को जरूर ट्राई करें। 15 दिन के अंदर ही आप फर्क महसूस करेंगे और बालों की Texture में नर्माई और चमक लौटते देखेंगे।
लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में बड़ा अलर्ट, आतंकी खतरा ‘सीवियर’ स्तर पर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

नई दिल्ली। ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आतंकवादी खतरे का स्तर ‘सीवियर’ कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि देश में अगले कुछ महीनों के भीतर आतंकी हमले की संभावना को बेहद गंभीर माना जा रहा है। यह फैसला उत्तर लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए हमले के बाद आया, जहां दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला किया गया था। Metropolitan Police Service ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है। इसके बाद संयुक्त आतंकवाद विश्लेषण केंद्र (Joint Terrorism Analysis Centre) की सिफारिश पर खतरे का स्तर बढ़ाया गया। ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री Dan Jarvis ने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल एक घटना के आधार पर नहीं लिया गया, बल्कि देश में इस्लामिस्ट और अतिवादी दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी भी इसका कारण है। पिछले कुछ महीनों में यूके में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए लगभग 25 मिलियन पाउंड की अतिरिक्त सुरक्षा फंडिंग की घोषणा की है। जांच और गिरफ्तारीहमले के आरोपी Aisa Suleiman को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका है, जिससे मामले को और गंभीर माना जा रहा है। राजनीतिक प्रतिक्रियाब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा है कि सरकार जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नफरत फैलाने वाले संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नए कानूनों पर भी विचार चल रहा है। लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खतरे का स्तर बढ़ने से यह साफ है कि देश आतंकी गतिविधियों को लेकर बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।अब सवाल यह हैक्या नई सुरक्षा रणनीतियां इन बढ़ते खतरों को रोक पाने में सफल होंगी?
Panchayat Season 5: सचिव जी की नई चुनौती और फुलेरा गांव के मजेदार ट्विस्ट का खुलासा

नई दिल्ली। प्राइम वीडियो ने लोकप्रिय वेब सीरीज Panchayat के पांचवें सीजन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस नए सीजन का बेसब्री से इंतजार फैंस को है, क्योंकि पिछले चार सीजन ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। यह सीरीज गांव की रोजमर्रा की जिंदगी, राजनीति और हास्य से भरे किस्सों के लिए जानी जाती है। Panchayat की शुरुआत 2020 में हुई थी। पहला सीजन दर्शकों को फुलेरा गांव की अनोखी दुनिया से मिलवाया, जहां एक शहर का लड़का सचिव बनकर आता है और गांव के माहौल में खुद को ढालने की कोशिश करता है। पहले सीजन की सफलता के बाद दूसरे, तीसरे और चौथे सीजन ने इसे और बड़ा बना दिया। चौथा सीजन जून 2025 में रिलीज़ हुआ और भारत तथा दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज बन गई। इसे TVF (द वायरल फीवर) ने बनाया है, क्रिएटर दीपक कुमार मिश्रा हैं और लेखन चंदन कुमार का है। पंचायत सीजन 5 की कहानी में भी फुलेरा गांव की ही पृष्ठभूमि रहेगी। इस बार सचिव अभिषेक का सामना नए और सख्त बॉस से होगा, जो उससे बदला लेने की योजना बनाता है। वहीं अभिषेक अपने एमबीए के सपने को पूरा करने और गांव के मामलों को निपटाने की कोशिश करता रहेगा। इस नए सीजन में गांव की राजनीति, मजेदार घटनाएं और हास्य के पल फिर से दर्शकों को बांधेंगे। इस सीजन में दर्शकों को पसंदीदा स्टारकास्ट देखने को मिलेगी। नीना गुप्ता, जितेंद्र कुमार, रघुबीर यादव, सानविका, पंकज झा, फैसल मलिक, चंदन रॉय, सुनीता राजवर, दुर्गेश कुमार और अशोक पाठक जैसी कलाकार अपनी भूमिकाओं में वापस लौटेंगे। उनके अभिनय और केमिस्ट्री के लिए यह सीरीज हमेशा सराही जाती रही है। मेकर्स ने पुष्टि कर दी है कि Panchayat Season 5 इसी साल रिलीज होगा, हालांकि सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर सचिव जी का नया हाल क्या होगा और फुलेरा गांव की कहानी इस सीजन में किस दिशा में जाएगी। पांचवें सीजन में पुराने पात्रों के साथ नए ट्विस्ट और मोड़ देखने को मिलेंगे, जो सीरीज की मजेदार और दिलचस्प शैली को कायम रखेंगे। फैंस के लिए यह सीजन हास्य, रोमांच और ड्रामा का पूरा पैकेज लेकर आ रहा है।
आंग सान सू ची को जेल से हाउस अरेस्ट में शिफ्ट, सजा में कटौती से म्यांमार में नई हलचल

नई दिल्ली। म्यांमार की सैन्य सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि आंग सान सू ची अब अपनी शेष सजा जेल की बजाय निर्धारित आवास पर पूरी करेंगी। यह फैसला राष्ट्रपति Min Aung Hlaing द्वारा घोषित आम माफी कार्यक्रम के तहत लिया गया है। राज्य मीडिया द्वारा जारी की गई एक तस्वीर में सू ची लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई वर्षों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर मानी जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर लगभग 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से अधिक की सजा शेष बताई जा रही है। आम माफी और कैदियों की रिहाई:यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के अवसर पर घोषित आम माफी का हिस्सा है। इस दौरान 1519 कैदियों को रिहा किया गया और कई अन्य की सजा में कटौती की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम सामाजिक स्थिरता और सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियासंयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम का कहना है कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिली है, जिससे स्थिति को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है।2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद सू ची को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का दौर शुरू हो गया। तब से देश में हजारों लोगों की मौत और व्यापक विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं।सू ची की सजा में कटौती और हाउस अरेस्ट में शिफ्ट को म्यांमार की राजनीति में नरमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन देश की स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही है।
भगवान बुद्ध का ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक, अमित शाह ने बताया शांति का मार्ग

नई दिल्ली। लद्दाख की शांत और पवित्र वादियों में उस समय एक विशेष आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला जब भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए लोगों की बड़ी संख्या एकत्र हुई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में Amit Shah ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश केवल अतीत की धरोहर नहीं है, बल्कि यह आज भी उतना ही जीवंत और प्रासंगिक है जितना वह 2500 साल पहले था। उनके अनुसार बुद्ध का ज्ञान मानव जीवन के हर दौर में दिशा दिखाने वाला प्रकाश है। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुद्ध पूर्णिमा का यह अवसर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का क्षण है। जब इतने लंबे अंतराल के बाद पवित्र अवशेषों का पुनः आगमन लद्दाख की धरती पर हुआ, तो यह न केवल आस्था का विषय बना, बल्कि लोगों के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण भी साबित हुआ। इस आयोजन ने क्षेत्र में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित किया। अमित शाह ने भगवान बुद्ध के जीवन को मानवता के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ से तथागत बनने की यात्रा करुणा, त्याग और आत्मज्ञान की ऐसी मिसाल है, जो हर व्यक्ति को जीवन में सही दिशा अपनाने की प्रेरणा देती है। बुद्ध का संदेश अहिंसा, मध्यम मार्ग और संतुलित जीवन पर आधारित था, जो आज के समय में पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में बहुत कम ऐसे व्यक्तित्व हुए हैं जिनके जीवन की घटनाएं इतनी गहराई से प्रतीकात्मक हों। जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों का एक ही आध्यात्मिक अर्थ में जुड़ जाना उनके जीवन की विशिष्टता को दर्शाता है। यह अपने आप में मानवता के लिए एक दुर्लभ और प्रेरणादायक उदाहरण है। लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदियों से बौद्ध धम्म का केंद्र रहा है। यहां न केवल बौद्ध विचारधारा को संरक्षित किया गया, बल्कि उसे आगे भी बढ़ाया गया। यह भूमि शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की जीवंत मिसाल है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गई है। अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, तब भगवान बुद्ध का संदेश समाधान का मार्ग दिखाता है। उनका विचार आज भी उतना ही प्रभावशाली है और मानवता को एक बेहतर, शांत और संतुलित दिशा की ओर ले जाने की क्षमता रखता है।
OTT पर छाया मनोरंजन का मेला: आज रिलीज होंगी थ्रिलर, हॉरर और रोमांटिक फिल्में-सीरीज

नई दिल्ली। शुक्रवार, 1 मई को OTT प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन प्रेमियों के लिए खास मौका है। आज एक साथ कई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं, जो दर्शकों को घर बैठे ही भरपूर एंटरटेनमेंट देने वाली हैं। चाहे आप सस्पेंस, थ्रिलर, हॉरर, रोमांस या कॉमेडी पसंद करते हों, आज का दिन आपके लिए पर्फेक्ट रहेगा। सबसे पहले ज़िक्र करते हैं फिल्म ‘The Kerala Story 2’ का। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में आई थी और अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। अब इसे 1 मई से Zee5 पर देखा जा सकता है। फिल्म में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा की दमदार परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी। वहीं सीरीज ‘Glory’ में दर्शकों को हरियाणा के बॉक्सिंग वर्ल्ड की कहानी देखने को मिलेगी। पुलकित सम्राट और दिव्येंदु के लीड रोल में होने के साथ यह शो दिखाता है कि ओलंपिक गोल्ड जीतने के लिए खिलाड़ी किन-किन मुश्किलों से गुजरते हैं। यह सीरीज आज Netflix पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा ‘Sapne Vs Everyone’ सीजन 2 भी आज Amazon Prime Video पर दस्तक दे रहा है। इस सीजन को पहले से ज्यादा डार्क और गंभीर बनाया गया है। यह दिखाता है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए लोग किन हद तक जाते हैं और क्या-क्या खोने को तैयार रहते हैं। इसमें अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा और विजयंत कोहली अहम रोल में हैं। क्लासिक फिल्मों के शौकीनों के लिए भी आज खास है। श्रीदेवी और कमल हासन की 1982 की फिल्म ‘Moondram Pirai’ अपना OTT डेब्यू कर चुकी है। इसे आज Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है। एनिमेटेड कॉमेडी प्रेमियों के लिए ‘Swapped’ आज Netflix पर रिलीज होगी। माइकल बी जॉर्डन और जूनो टेम्पल ने इसमें लीड किरदारों को आवाज दी है और नाथन ग्रेनो ने इसका निर्देशन किया है। रोमांटिक फिल्म प्रेमियों के लिए ‘My Dearest Señorita’ भी आज Netflix पर उपलब्ध है। यह स्पेनिश ड्रामा फिल्म एलिजाबेथ मार्टिनेज, अनाना कैस्टिलो और पाको लियोन के लीड किरदारों के साथ रोमांस की कहानी पेश करती है। इस प्रकार आज OTT प्लेटफॉर्म्स पर हर दर्शक के लिए कुछ न कुछ है। चाहे आप सस्पेंस थ्रिलर के फैन हों या हल्की-फुल्की कॉमेडी पसंद करते हों, आज का दिन वीकेंड एंटरटेनमेंट के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। अपने पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर लॉगिन करें और घर बैठे फिल्में और वेब सीरीज का मज़ा लें।
भारत–पाक संघर्ष पर ट्रम्प का बड़ा दावा, टैरिफ की धमकी से युद्ध टलने की बात, भारत ने बताया अलग सच

नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर रोका था। ट्रम्प के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो अमेरिका 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है। ट्रम्प ने दावा किया कि इस आर्थिक दबाव के कारण दोनों देशों ने पीछे हटने का फैसला किया और संभावित बड़े युद्ध को टाल दिया गया। उन्होंने यहां तक कहा कि इस फैसले से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाई गई। इसके अलावा ट्रम्प ने यह भी कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने दुनिया भर में करीब 8 संघर्षों को सुलझाने में भूमिका निभाई और कई देशों से उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भी मिले। भारत का रुखहालांकि भारत ने ट्रम्प के इस दावे को सिरे से खारिज किया है। भारतीय पक्ष के अनुसार, संघर्ष विराम किसी बाहरी दबाव से नहीं बल्कि सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए हुआ था। भारत का कहना है कि यह सहमति दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच सीधे संवाद के बाद बनी थी। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया तनाव की पृष्ठभूमि में Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई और दोनों देशों के बीच तनाव में कमी आई। स्थितिभारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं। सीमापार आतंकवाद और सैन्य टकराव अक्सर तनाव का कारण बनते रहे हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी शक्ति की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहते हैं।ट्रम्प का यह दावा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, लेकिन भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया है।