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टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

नई दिल्ली। टीवी अभिनेत्री आरती सिंह के लिए हाल ही में एक ऐसा पल आया जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से गहराई से छू लिया। लंबे समय के बाद जब उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को एक साथ देखा, तो उनकी भावनाएं संभाले नहीं संभल सकीं। यह मुलाकात उनके लिए सिर्फ एक साधारण रीयूनियन नहीं थी, बल्कि टूटे हुए रिश्तों के फिर से जुड़ने जैसा अनुभव था। आरती सिंह ने एक शो के विशेष एपिसोड को देखते हुए अपने परिवार की झलक पाई, जिसमें उनके भाई, भाभी और अन्य करीबी सदस्य एक साथ नजर आए। यह दृश्य उनके लिए बेहद भावुक करने वाला था क्योंकि पिछले कई वर्षों से परिवार के बीच दूरियां और गलतफहमियां बनी हुई थीं। उन्होंने महसूस किया कि समय के साथ रिश्तों में आई दरारें भले ही गहरी हो जाती हैं, लेकिन जब परिस्थितियां बदलती हैं, तो वही रिश्ते फिर से जुड़ भी सकते हैं। आरती के अनुसार, यह मिलन उनके लिए एक सपने के पूरे होने जैसा था, जिसे उन्होंने लंबे समय तक महसूस किया था। इस खास मौके पर उन्होंने अपने भाई और भाभी के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने आगे बढ़कर पुराने गिले-शिकवे दूर करने की पहल की। आरती ने माना कि भावनाएं और माफी जब दिल से होती हैं, तो रिश्तों में नई शुरुआत संभव हो जाती है। उन्होंने अपने परिवार के बड़े सदस्यों को भी याद किया और कहा कि परिवार की जड़ें वही लोग होते हैं जो सभी को जोड़कर रखते हैं। उनके अनुसार, परिवार में प्यार और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही रिश्तों को मजबूत बनाता है। आरती सिंह ने अंत में उम्मीद जताई कि भविष्य में पूरा परिवार फिर से एक साथ खुशहाल पल साझा करेगा और सभी पुराने मतभेद पीछे छोड़कर आगे बढ़ेंगे। यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास और यादगार बन गया।

जब मेकअप ने बदल दी पहचान, ‘मदर इंडिया’ ने सेट पर नहीं पहचाना सुनील दत्त..

नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया में कई बार ऐसे पल सामने आते हैं जो पर्दे के पीछे की असल कहानी को और भी दिलचस्प बना देते हैं। ऐसा ही एक यादगार किस्सा उस समय का है जब भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त अपने ही पति सुनील दत्त को पहचान नहीं सकीं। यह घटना एक फिल्म के सेट पर हुई, जहां एक किरदार के लिए बेहद भारी और वास्तविक दिखने वाला मेकअप किया गया था। सुनील दत्त उस दृश्य में एक वृद्ध व्यक्ति का किरदार निभा रहे थे। उनके लुक को इतना बदल दिया गया था कि चेहरे की बनावट, उम्र और हावभाव पूरी तरह से एक अलग व्यक्ति जैसे लग रहे थे। मेकअप की बारीकी इतनी शानदार थी कि पहचान पाना लगभग असंभव हो गया था। जब नरगिस दत्त सेट पर पहुंचीं, तो उन्होंने सामान्य रूप से अपने पति को ढूंढना शुरू किया। उन्हें उम्मीद थी कि सुनील दत्त कहीं आस-पास होंगे, लेकिन जब उनकी नजर उस वृद्ध किरदार पर पड़ी, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं हुआ कि वह उनके पति ही हैं। वे कई बार आसपास के लोगों से पूछती रहीं कि सुनील दत्त कहां हैं। दिलचस्प बात यह थी कि सुनील दत्त उसी समय उनके सामने खड़े थे, लेकिन भारी मेकअप के कारण नरगिस उन्हें पहचान नहीं पा रही थीं। बातचीत के दौरान भी वह उन्हें एक सामान्य कलाकार समझती रहीं और लगातार अपने पति की तलाश करती रहीं। कुछ समय बाद जब सच्चाई सामने आई कि वही वृद्ध किरदार असल में सुनील दत्त हैं, तो नरगिस दत्त हैरान रह गईं। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि मेकअप की मदद से कोई व्यक्ति इस तरह पूरी तरह बदल सकता है। इस अनोखे अनुभव से प्रभावित होकर उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट की खूब सराहना की और अपनी ओर से एक कीमती उपहार भी दिया। यह घटना सिर्फ एक मजेदार किस्सा नहीं बल्कि फिल्मी तकनीक और कला की उस ताकत को भी दिखाती है, जो किसी कलाकार की पहचान तक बदल सकती है। नरगिस और सुनील दत्त का यह वाकया आज भी सिनेमा की दुनिया में एक दिलचस्प और यादगार कहानी के रूप में सुनाया जाता है।

वैश्विक तनाव और घरेलू डेटा के दबाव में बाजार, निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा सप्ताह तय

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार एक ऐसे अहम सप्ताह में प्रवेश कर रहा है, जहां कई बड़े घरेलू और वैश्विक कारक मिलकर इसकी दिशा तय करेंगे। हाल के सत्रों में बाजार ने सीमित दायरे में हल्की मजबूती दिखाई है, लेकिन आगे की स्थिति काफी हद तक अनिश्चित बनी हुई है। निवेशकों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले दिनों में बाजार किस दिशा में आगे बढ़ेगा। इस पूरे परिदृश्य में सबसे बड़ा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों का रहने वाला है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। वैश्विक आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने तेल की कीमतों को स्थिर नहीं रहने दिया है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर पड़ता है, जहां तेल महंगा होने से महंगाई और कंपनियों की लागत दोनों बढ़ने का खतरा रहता है। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कॉर्पोरेट सेक्टर के तिमाही नतीजे हैं, जिनका बाजार की दिशा पर सीधा प्रभाव पड़ता है। आने वाले दिनों में कई बड़ी कंपनियां अपने वित्तीय प्रदर्शन का खुलासा करेंगी। इन नतीजों से यह संकेत मिलेगा कि मौजूदा आर्थिक माहौल में कंपनियां कितनी मजबूती से प्रदर्शन कर रही हैं। मजबूत नतीजे बाजार में सकारात्मक माहौल बना सकते हैं, जबकि कमजोर परिणाम निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ ही आर्थिक आंकड़े भी बाजार के लिए बेहद अहम रहेंगे। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े प्रमुख संकेतक यह बताएंगे कि देश की आर्थिक गतिविधियां किस गति से आगे बढ़ रही हैं। अगर ये आंकड़े मजबूत आते हैं, तो बाजार में भरोसा बढ़ सकता है, लेकिन कमजोर संकेतकों से निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। पिछले सप्ताह के प्रदर्शन पर नजर डालें तो बाजार ने कुल मिलाकर हल्की बढ़त दर्ज की, लेकिन सेक्टरवार प्रदर्शन में काफी असमानता रही। कुछ क्षेत्रों जैसे ऊर्जा, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती देखी गई, जबकि बैंकिंग और आईटी सेक्टर दबाव में रहे। यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार फिलहाल एक स्पष्ट दिशा में नहीं है और निवेशक चुनिंदा क्षेत्रों पर ही ध्यान दे रहे हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी मिश्रित रुझान देखने को मिला, जहां कुछ शेयरों में तेजी रही तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

सरकार का अलर्ट आया… लेकिन क्या आपका फोन भी हो सकता है कंट्रोल? जानिए पूरा सच

नई दिल्ली। 2 मई की सुबह देशभर में अचानक मोबाइल फोन पर तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट बजा तो कई लोग चौंक गए। यह मैसेज भारत सरकार के नए ‘सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम’ का ट्रायल था, जिसका मकसद आपदा या खतरे के समय लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाना है। लेकिन इस अलर्ट के बाद लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठा क्या सरकार या कोई भी एजेंसी ऐसे ही दूर बैठकर हमारे फोन में बदलाव भी कर सकती है? असल में यह अलर्ट Cell Broadcast Technology के जरिए भेजा गया था। यह एक वन-वे कम्युनिकेशन सिस्टम है, जिसमें मोबाइल टावर अपनी रेंज में मौजूद सभी फोन पर एक साथ मैसेज भेजते हैं। इसमें न तो इंटरनेट की जरूरत होती है और न ही किसी यूजर का मोबाइल नंबर। यही वजह है कि नेटवर्क कमजोर होने या फोन साइलेंट होने के बावजूद भी अलर्ट की तेज बीप सुनाई देती है और स्क्रीन पर पॉप-अप दिखता है। अब सबसे अहम सवालक्या इस तकनीक से आपके फोन में कोई बदलाव किया जा सकता है? जवाब साफ है नहीं। यह तकनीक सिर्फ मैसेज भेजने तक सीमित है। इसे ‘रीड-ओनली’ चैनल माना जाता है, यानी इससे न तो आपके फोन की सेटिंग्स बदली जा सकती हैं, न ही ऐप्स, फोटो या पर्सनल डेटा तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपका फोन पूरी तरह सुरक्षित है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, असली खतरा Spyware जैसे खतरनाक सॉफ्टवेयर से होता है। अगर किसी तरह आपके फोन में स्पाईवेयर इंस्टॉल हो जाए, तो हैकर दूर बैठकर आपके फोन को कंट्रोल कर सकता है—चाहे वह कैमरा हो, माइक्रोफोन हो या आपकी निजी फाइल्स। यानी साफ है सरकारी इमरजेंसी अलर्ट से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सिर्फ आपकी सुरक्षा के लिए है। लेकिन असली सावधानी आपको संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप्स और फर्जी कॉल्स से बरतनी होगी, क्योंकि खतरा वहीं छिपा होता है।

पाकिस्तान का बड़ा ऐलान: अफगानिस्तान संग खत्म हुआ सीजफायर, सीमा पर फिर जंग के आसार तेज

नई दिल्ली। पाकिस्तान और Afghanistan के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। Pakistan ने साफ कर दिया है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई सीजफायर लागू नहीं है, जिससे क्षेत्र में नई सैन्य कार्रवाई की आशंका तेज हो गई है। इससे पहले मार्च में ईद से ठीक पहले दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई थी, लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि वह सिर्फ सीमित अवधि के लिए था और अब खत्म हो चुका है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब सीमा पर हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। दरअसल, हालिया टकराव की शुरुआत तब हुई जब Taliban से जुड़ी ताकतों ने सीमा पार हमले किए, जिन्हें पाकिस्तान ने अपने हवाई हमलों का जवाब बताया। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक भारी सैन्य झड़पें हुईं, जिन्हें दशकों का सबसे बड़ा संघर्ष माना जा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, सीजफायर के बावजूद अफगानिस्तान की तरफ से हमले जारी रहे, जिनमें दर्जनों नागरिकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। इस्लामाबाद लगातार यह आरोप भी दोहरा रहा है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) जैसे आतंकी संगठनों द्वारा किया जा रहा है, हालांकि काबुल और नई दिल्ली दोनों ही इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह संकेत दे दिया है कि हालात फिर से सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकते हैं। पाकिस्तान के सख्त रुख के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या आने वाले दिनों में सीमा पर फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिलेगी।

बाजार में उछाल से बड़ी कंपनियों को फायदा, चार दिग्गजों की वैल्यू में भारी बढ़ोतरी

नई दिल्ली। शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान आई तेजी का सीधा असर देश की बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर देखने को मिला। बाजार में सकारात्मक रुझान के चलते निवेशकों की धारणा मजबूत हुई, जिससे शीर्ष कंपनियों के मार्केटकैप में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में बाजार लगातार हरे निशान में बंद हुआ, जिससे प्रमुख सूचकांकों में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़त देखने को मिली। इसका असर यह हुआ कि देश की टॉप कंपनियों में शामिल चार कंपनियों के कुल मूल्यांकन में बड़ा उछाल दर्ज किया गया, जबकि कुछ अन्य कंपनियों के बाजार मूल्य में गिरावट भी देखी गई। बढ़ोतरी दर्ज करने वाली कंपनियों में टेलीकॉम, आईटी और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियां प्रमुख रहीं। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे इनके मार्केटकैप में हजारों करोड़ रुपए की वृद्धि हुई। यह संकेत देता है कि बाजार में इन सेक्टरों को लेकर भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। दूसरी ओर, कुछ बड़ी बैंकिंग और कंज्यूमर कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट देखने को मिली। इसका कारण बाजार में मुनाफावसूली और कुछ सेक्टरों में दबाव माना जा रहा है। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार में स्थिरता और सकारात्मक रुझान बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों की ओर अधिक है, जिससे कुछ कंपनियों को फायदा मिल रहा है जबकि कुछ दबाव में हैं। आने वाले समय में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

ग्रामीण योजनाओं को मजबूत बनाने की कवायद तेज, पंचायत विकास योजना पर बड़ा राष्ट्रीय मंथन

नई दिल्ली। ग्रामीण विकास और जमीनी स्तर पर शासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसके तहत पंचायत विकास योजनाओं को और अधिक सशक्त और परिणाम आधारित बनाने के उद्देश्य से एक दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राजधानी में होगा, जहां देशभर से जुड़े विशेषज्ञ, अधिकारी और संबंधित हितधारक एक साथ मिलकर ग्रामीण योजनाओं की नई रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजना निर्माण की प्रक्रिया को अधिक डेटा आधारित और सहभागिता पर आधारित बनाना है, ताकि ग्रामीण विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविक परिणाम दे सकें। सरकार का मानना है कि मजबूत पंचायत प्रणाली ही विकसित भारत की नींव है, इसलिए इस स्तर पर सुधार बेहद जरूरी हैं। कार्यशाला में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पंचायत विकास योजनाओं की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने पर भी चर्चा होगी कि ये योजनाएं वित्तीय मानकों और आवश्यक शर्तों के अनुरूप हों, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को सही दिशा मिल सके। इस आयोजन में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। तकनीकी सत्रों और समूह अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक रूप से योजना निर्माण की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। कार्यशाला के दौरान पंचायत स्तर पर डिजिटल प्रणाली को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके। इसके लिए नए पोर्टल और दिशानिर्देशों की भी जानकारी साझा की जाएगी, जिससे पंचायतें आधुनिक तकनीक के साथ अपने विकास कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकें।

AI से नौकरी छीनना गैरकानूनी! कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से कर्मचारियों को बड़ी राहत

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी Artificial Intelligence के बढ़ते दखल के बीच दुनिया भर में नौकरियों पर संकट गहराता जा रहा है, लेकिन अब इस ट्रेंड के बीच एक ऐसा फैसला सामने आया है जिसने कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद जगा दी है। चीन की एक अदालत ने साफ कर दिया है कि केवल इस आधार पर किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता कि उसका काम अब AI कर सकता है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब ‘Zhou’ सरनेम वाले एक कर्मचारी को एक AI कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। Zhou 2022 में क्वालिटी एश्योरेंस सुपरवाइजर के तौर पर काम कर रहे थे, जहां उनकी जिम्मेदारी AI मॉडल के आउटपुट की जांच करना, यूजर्स के सवालों का मिलान करना और गलत कंटेंट को फिल्टर करना था। कुछ समय बाद कंपनी ने दावा किया कि उनका ज्यादातर काम AI सिस्टम संभाल सकता है और उन्हें कम सैलरी पर काम करने का प्रस्ताव दिया गया। Zhou ने इसे अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद कंपनी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। मामला Hangzhou Intermediate People’s Court पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि AI के बढ़ते उपयोग को नौकरी से निकाले जाने का वैध आधार नहीं माना जा सकता। साथ ही, कंपनी यह साबित करने में भी नाकाम रही कि कर्मचारी की भूमिका पूरी तरह अप्रासंगिक या असंभव हो चुकी थी। अदालत ने कम वेतन पर काम करने का प्रस्ताव भी अनुचित माना और टर्मिनेशन को गलत करार दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब Meta, Google, Amazon और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियां ऑटोमेशन और AI के कारण बड़े पैमाने पर छंटनी कर चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ इस साल के शुरुआती महीनों में ही हजारों नौकरियां AI के चलते प्रभावित हुई हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। इससे कंपनियों को यह संदेश गया है कि वे AI का इस्तेमाल तो कर सकती हैं, लेकिन कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं कर सकतीं। यानी तकनीक आगे बढ़ेगी, लेकिन इंसानी नौकरियों की कीमत पर नहीं—कम से कम कानून अब इस संतुलन को बनाए रखने की कोशिश करता नजर आ रहा है।

बिक्री में जोरदार उछाल के साथ मारुति सुजुकी की पकड़ और मजबूत, SUV सेगमेंट ने बढ़ाया ग्रोथ

नई दिल्ली। नए वित्त वर्ष की शुरुआत देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में से एक मारुति सुजुकी के लिए बेहद सकारात्मक रही है। कंपनी ने अप्रैल 2026 में बिक्री के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए यह संकेत दिया है कि ऑटोमोबाइल बाजार में मांग लगातार स्थिर और मजबूत बनी हुई है। इस दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर करीब 42 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच गई, जो उसकी मजबूत पकड़ को दर्शाती है। अप्रैल महीने में कंपनी ने घरेलू बाजार में उल्लेखनीय बिक्री दर्ज की। इस दौरान बिक्री का आंकड़ा अपने अब तक के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया, जिससे यह साफ हुआ कि ग्राहकों की मांग में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले महीनों की तुलना में इस बार बिक्री में बेहतर वृद्धि देखने को मिली, जो कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। घरेलू बिक्री के साथ-साथ कुल बिक्री में भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। घरेलू और निर्यात दोनों को मिलाकर बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी की पकड़ केवल भारत तक सीमित नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी मांग बनी हुई है। एसयूवी सेगमेंट में कंपनी का प्रदर्शन विशेष रूप से मजबूत रहा। इस श्रेणी में बिक्री लगातार बढ़ रही है, जो बदलते उपभोक्ता रुझानों को दर्शाती है। पहले जहां छोटी कारों का दबदबा अधिक था, वहीं अब एसयूवी की ओर ग्राहकों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इस बदलाव का सीधा फायदा कंपनी को मिला है। इसके अलावा हैचबैक और छोटी कारों की बिक्री में भी सुधार देखा गया है। इससे यह पता चलता है कि कंपनी हर सेगमेंट में संतुलित प्रदर्शन कर रही है और अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने में सफल हो रही है।

आधार-एआई स्कैम का बड़ा खुलासा: मोबाइल नंबर बदलकर खाते साफ, OTP से लेकर लोन तक पर ठगों का कब्जा

नई दिल्ली। देश में साइबर ठगी का खेल अब नए और ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जहां आधार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। गुजरात के अहमदाबाद में सामने आए एक मामले ने इस खतरे को साफ कर दिया है, जिसमें ठगों ने बिना जानकारी के आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलकर पूरे डिजिटल सिस्टम पर कब्जा जमा लिया। मामला तब खुला जब एक कारोबारी को पता चला कि उनके आधार से लिंक मोबाइल नंबर बदल चुका है। जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण गड़बड़ी नहीं बल्कि एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड था। आरोपियों ने पहले आधार रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर अपना नंबर जोड़ लिया, जिससे OTP सीधे उनके पास पहुंचने लगे। इसके बाद उन्होंने बैंकिंग ऐप्स और DigiLocker जैसे संवेदनशील प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच बना ली और KYC डिटेल्स बदलकर पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। इस ठगी की सबसे खतरनाक कड़ी AI का इस्तेमाल है। ठगों ने पीड़ित की फोटो से छोटे-छोटे वीडियो क्लिप तैयार किए, जो बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम को धोखा देने के लिए इस्तेमाल हुए। यानी अब सिर्फ OTP ही नहीं, बल्कि फेस वेरिफिकेशन भी सुरक्षित नहीं रहा। यही वजह है कि इस तरह के फ्रॉड को बेहद एडवांस और खतरनाक माना जा रहा है। ठग यहीं नहीं रुके—उन्होंने e-KYC के जरिए कई बैंक अकाउंट खोलने की कोशिश की और Jio Payments Bank से पीड़ित के नाम पर लोन तक ले लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आधार अपडेट किट, जो आमतौर पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में इस्तेमाल होती है, उसका भी दुरुपयोग किया गया। ऐसे मामलों से साफ है कि साइबर अपराधी अब टेक्नोलॉजी का बेहद चालाकी से इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आपके मोबाइल पर OTP, KYC या आधार अपडेट से जुड़ा कोई संदिग्ध मैसेज आए या अचानक सेवाएं बंद हो जाएं, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसी स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक से तुरंत संपर्क कर अकाउंट सुरक्षित करें। सावधानी ही इस नए AI स्कैम से बचने का सबसे मजबूत हथियार है।