शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर

नई दिल्ली। शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोरवेल मशीन गाड़ी ने पैदल जा रहे एक परिवार को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। हादसे में सूखा गांव की रहने वाली अंशु उरमलिया (30) और उनके 6 वर्षीय बेटे राधा रमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय बच्ची आस्था तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गई। गर्भवती महिला की मौके पर मौत, हादसे ने बढ़ाया दर्दप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि अंशु उरमलिया बोरवेल गाड़ी के टायर के नीचे आ गईं। वे 7 महीने की गर्भवती थीं और हादसे में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गंभीर चोटों के कारण उनका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतका अंशु उरमलिया, लाइनमैन राम गोपाल द्विवेदी की बेटी थीं। मासूम बेटे ने अस्पताल में तोड़ा दम, बच्ची की हालत नाजुकहादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल 6 वर्षीय राधा रमन को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं 10 साल की आस्था तिवारी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में लगातार उपचार कर रही है। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक, पुलिस ने दर्ज किया केसहादसे की सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।फरार बोरवेल गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। गांव में मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हालइस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतकों के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवालइस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहनों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का पालन और नियंत्रण होता, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।
सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर

नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के वैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 17 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वैढ़न थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खीरूबिगहा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस रिमांड पर पूछताछ, गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिशदोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और डकैती की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद करेंगे। जेल में बंद मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिशपुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल डकैती का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह है, जो फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि उसने ओडिशा की कुचिंडा जेल में बंद अपने सहयोगी पीयूष जायसवाल के जरिए इस वारदात की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।गिरफ्तार आरोपी लूटे गए माल को ठिकाने लगाने और नेटवर्क को सपोर्ट करने में भूमिका निभा रहे थे। पहले से कई आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गैंग का खुलासाइस मामले में पहले ही फंटूस, कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। लूटे गए माल की बरामदगी पर अभी भी सस्पेंसपुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। हालांकि, डकैती में लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक में हुई थी करोड़ों की डकैती, पूरे क्षेत्र में मचा था हड़कंपगौरतलब है कि 17 अप्रैल को दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर करीब 9-10 किलो सोना और लगभग 20 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस वारदात की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
WEST BENGAL ELECTION: चुनाव में दिखा ‘झालमुड़ी फैक्टर, झाड़ग्राम में बीजेपी की मजबूत पकड़

HIGHLIGHTS: झाड़ग्राम सीट पर बीजेपी शुरुआती रुझानों में आगे पीएम मोदी का झालमुड़ी वाला वीडियो हुआ था वायरल स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव बना चुनावी मुद्दा भवानीपुर के साथ झाड़ग्राम भी बना चर्चा का केंद्र छोटे प्रतीकात्मक घटनाओं का दिखा बड़ा असर WEST BENGAL ELECTION: पश्चिमबंगाल। विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच झाड़ग्राम सीट अचानक सुर्खियों में आ गई है। जहां एक ओर भवानीपुर सीट हाई-प्रोफाइल मुकाबले के कारण चर्चा में है, वहीं झाड़ग्राम ने एक अलग वजह से ध्यान खींचा है। शुरुआती रुझानों में इस सीट पर बीजेपी बढ़त बनाती नजर आ रही है, जिससे सियासी समीकरणों पर नई बहस शुरू हो गई है। इस सीट को अब सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक महत्व के रूप में भी देखा जा रहा है। सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता जब पीएम मोदी ने खाई थी झालमुड़ी झाड़ग्राम सीट की चर्चा का सबसे बड़ा कारण प्रधानमंत्री Narendra Modi का वह दौरा है, जब उन्होंने यहां एक छोटी सी दुकान पर रुककर झालमुड़ी खाई थी। चुनाव प्रचार के दौरान यह दृश्य तेजी से वायरल हुआ था और आम जनता के बीच खूब चर्चा में रहा। पीएम का यह आमजन से जुड़ने का अंदाज बीजेपी के प्रचार का अहम हिस्सा बना और स्थानीय स्तर पर इसका असर भी देखने को मिल रहा है। शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध झालमुड़ी का स्वाद और सियासी संदेश झालमुड़ी, जो पश्चिम बंगाल का लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है, अपने तीखे, खट्टे और नमकीन स्वाद के लिए जाना जाता है। मुरमुरे, सरसों के तेल, मसालों और चटनी से बनने वाला यह स्नैक स्थानीय संस्कृति की पहचान है। पीएम मोदी का इसे खाना केवल एक सामान्य घटना नहीं रही, बल्कि इसे आम जनता से जुड़ाव और स्थानीय परंपराओं के सम्मान के रूप में देखा गया। यही वजह है कि यह घटना चुनावी नैरेटिव का हिस्सा बन गई। पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज बीजेपी की बढ़त ने बढ़ाई दिलचस्पी मतगणना के दौरान झाड़ग्राम सीट पर बीजेपी की बढ़त ने इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के छोटे लेकिन प्रतीकात्मक क्षण मतदाताओं पर असर डालते हैं। हालांकि अंतिम नतीजे अभी बाकी हैं, लेकिन शुरुआती रुझानों ने यह संकेत दे दिया है कि झाड़ग्राम इस चुनाव में एक अहम भूमिका निभा सकता है।
सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे। तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलतापुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है। तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली हैतीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारीतीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है। प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकसदो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध

नई दिल्ली। सतना जिले के सभापुर क्षेत्र में 29 अप्रैल को एक शादी समारोह के दौरान हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। आरोप है कि चार लोगों ने मिलकर 20 वर्षीय मूकबधिर दिव्यांग युवती को जबरन कार में खींचा और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। तेजी से हुई पुलिस कार्रवाई, तीन आरोपी सलाखों के पीछेपुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले मुख्य आरोपी किशन सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 72 घंटे के भीतर दूसरे आरोपी अभयानंद द्विवेदी को भी पुलिस ने दबोच लिया। जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार को तीसरे आरोपी अमन उर्फ रवि गुप्ता को भी मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेजा गयागिरफ्तारी के बाद अमन गुप्ता को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। चौथा आरोपी अब भी फरार, पुलिस कर रही लगातार तलाशइस मामले में अब भी चौथा आरोपी विकास उर्फ गोलू गुप्ता फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस आरोपी की संपत्ति और संपर्कों का भी ब्यौरा जुटा रही है, ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। संवेदनशील मामला, पुलिस की सख्त निगरानी जारीयह मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से निगरानी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिना दफ्तर शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण: पहले ही दौरे में सामने आई अव्यवस्था, अध्यक्ष ने मांगा कार्यालय

नई दिल्ली। रीवा में क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से गठित विंध्य विकास प्राधिकरण की शुरुआत ही अव्यवस्थाओं के बीच होती नजर आई। हाल ही में नियुक्त हुए अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति के पहले औपचारिक दौरे में यह साफ हो गया कि प्राधिकरण के पास न तो स्थायी कार्यालय है और न ही कामकाज के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधन। इस स्थिति ने न केवल प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भविष्य में योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पहले ही दिन उठी कार्यालय की मांग, कमिश्नर से की गई अपीलअध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने स्थिति का जायजा लेने के बाद संभागीय कमिश्नर से औपचारिक रूप से कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना स्थायी दफ्तर के किसी भी विकास प्राधिकरण का सुचारू संचालन संभव नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं की समीक्षा, बैठकों का आयोजन और फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन जैसे कार्यों के लिए जरूरी है कि प्राधिकरण के पास एक सुव्यवस्थित कार्यालय हो। नियुक्तियों के बाद बढ़ी उम्मीदें, लेकिन शुरुआती स्तर पर ही चुनौतियांराज्य सरकार ने हाल ही में विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन करते हुए पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को अध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही डॉ. अजय सिंह पटेल और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन शुरुआती चरण में ही संसाधनों की कमी ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संसाधन और ढांचे की कमी से रुका कामकाज, फील्ड कार्य भी प्रभावितस्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यदि प्राधिकरण के गठन के साथ ही कार्यालय और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती, तो कामकाज की शुरुआत बेहतर तरीके से हो सकती थी। वर्तमान में स्थिति यह है कि कार्यालय के अभाव में न तो बैठकें नियमित रूप से हो पा रही हैं और न ही विकास योजनाओं पर फील्ड स्तर पर कोई ठोस कार्य शुरू हो सका है। आगे की राह: भवन मिलने के बाद ही शुरू होगा असली कामप्रशासनिक स्तर पर अब यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही प्राधिकरण को स्थायी कार्यालय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद ही विंध्य क्षेत्र में विकास योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन शुरू हो सकेगा। फिलहाल, शुरुआत में ही सामने आई इन चुनौतियों ने प्राधिकरण की तैयारियों और योजना निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज

नई दिल्ली। सागर जिले के बंडा नगर परिषद में वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद प्रभुदयाल राठौर और नगर परिषद प्रशासन के बीच पुराना भुगतान विवाद अब गंभीर कानूनी और आपराधिक मोड़ पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि पार्षद का एक टेंडर कार्य का भुगतान पिछले लगभग 7 वर्षों से लंबित था। इसी भुगतान को लेकर उन्होंने हाल ही में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लीगल नोटिस भेजा था। घटना 2 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और उपयंत्री कक्ष में नाली निर्माण कार्य की जानकारी लेने के बाद CMO कक्ष में जाकर नोटिस सौंपा। नोटिस पढ़ते ही बढ़ा विवाद, गाली-गलौज और हाथापाई के आरोपपार्षद प्रभुदयाल राठौर के अनुसार, जैसे ही CMO ने लीगल नोटिस पढ़ा, वे कथित रूप से आवेश में आ गए। उन्होंने नोटिस पर टिप्पणी लिखकर पार्षद के सामने रख दिया और तेज आवाज में बहस करने लगे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पार्षद ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू की। आरोप है कि इसके बाद CMO ने चैंबर से बाहर आकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथापाई की। इस धक्का-मुक्की में पार्षद का मोबाइल भी जमीन पर गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर परिषद कार्यालय के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। थाने से लौटने के बाद फिर बढ़ा विवाद, दी गई जान से मारने की धमकीघटना यहीं नहीं रुकी। शिकायत के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे CMO थाने से लौटकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ आए एक व्यक्ति, जिसने खुद को CMO का रिश्तेदार बताया, ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। एक महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरूघटना की शिकायत बंडा थाने में पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच लगभग एक महीने तक की और साक्ष्यों के आधार पर अब कार्रवाई करते हुए आरोपी अजितराज उर्फ राजा मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासनिक कामकाज पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्णइस घटना के बाद नगर परिषद बंडा में प्रशासनिक कार्यशैली और भुगतान लंबित मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर इस विवाद ने माहौल को और गर्म कर दिया है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Girigo App का सच: इच्छा पूरी करने वाला नहीं, सिर्फ डर और थ्रिल बेचने वाला ट्रेंड!

नई दिल्ली। Girigo App को लेकर सोशल मीडिया पर जो दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि यह इच्छाएं पूरी करने वाली और खतरनाक ऐप है, वह काफी हद तक गलतफहमी और सीरीज के क्रेज से जुड़ा हुआ मामला है। दरअसल यह ऐप किसी असली अलौकिक शक्ति या खतरनाक सिस्टम पर आधारित नहीं है, बल्कि एक कोरियन थ्रिलर वेब सीरीज “If Wishes Could Kill” के प्रमोशन और फैन एक्सपीरियंस से जुड़ा हुआ इंटरैक्टिव कंटेंट है, जिसे लोग कहानी के माहौल को महसूस करने के लिए डाउनलोड कर रहे हैं। रिपोर्ट्स और यूजर्स के अनुभव के मुताबिक, Girigo App को सीरीज के थीम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां इसका इंटरफेस बिल्कुल शो जैसा डार्क और रहस्यमयी दिखता है। ऐप खोलने पर हाथ जोड़ने का विजुअल, “वॉइस/वीडियो रिकॉर्ड” जैसे फीचर्स और कोरियन लैंग्वेज इंटरफेस मिलता है, जिससे यूजर्स को सीरीज जैसा इमर्सिव अनुभव मिलता है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर यह अफवाह फैल गई है कि यह ऐप लोगों की “इच्छाएं पूरी करता है और खतरनाक परिणाम देता है”, लेकिन वास्तविकता यह है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक या वास्तविक दावा नहीं है। यह सिर्फ एक एंटरटेनमेंट-आधारित ऐप है, जिसे दर्शकों की जिज्ञासा और सीरीज के सस्पेंस को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे ऐप्स का मकसद केवल पॉपुलर शो या फिल्म के साथ ऑडियंस इंगेजमेंट बढ़ाना होता है, न कि किसी तरह की अलौकिक या हानिकारक गतिविधि करना। इसलिए इसे “वायरल ट्रेंड” और “मार्केटिंग एक्सपीरियंस” के तौर पर देखना ज्यादा सही है, न कि किसी असली खतरनाक ऐप के रूप में। फिलहाल Girigo App को लेकर लोगों में जो क्रेज देखा जा रहा है, वह पूरी तरह से सीरीज के सस्पेंस और सोशल मीडिया ट्रेंड की वजह से है, न कि किसी वास्तविक इच्छापूर्ति या खतरे की वजह से।
ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

भोपाल। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में केन्द्र सरकार द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के अंतर्गत कृषि कार्य समूह का महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 9 से 13 जून तक ग्रेंड शेरेटन होटल में होगा। पांच दिवसीय इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह जानकारी रविवार देर शाम केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में इंदौर में आयोजित सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और इसे ऐतिहासिक अवसर बताया।वैश्विक कृषि विमर्श का केंद्र बनेगा इंदौरकेन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार और किसान कल्याण जैसे विषयों पर नई दिशा तय करेगा। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, समयबद्ध और सुव्यवस्थित हों। सरकार का लक्ष्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की कृषि क्षमता, नवाचार और परंपरा का प्रभावी प्रदर्शन करना है। केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक कृषि में बड़ा योगदान है, जिसमें लगभग 42 फीसदी कृषि भूमि, 68 फीसदी छोटे किसान, करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन देशों से जुड़ा है। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, यूगांडा, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलम्बिया, इंडोनेशिया सहित कुल 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के लगभग 68 प्रतिशत किसान इन देशों में निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु, स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार और आपूर्ति शृंखला, डिजिटल कृषि और प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स, किसान कल्याण और अनुसंधान सहयोग शामिल हैं। यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं होगा, बल्कि अतिथियों को इंदौर की स्वच्छता, संस्कृति, मालवा की मेहमाननवाज़ी और कृषि विविधता से भी परिचित कराया जाएगा। इंदौर के 56 दुकान के सुस्वाद कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और इससे किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और नवाचार के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत और मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। शहर की स्वच्छता, हरियाली और सुंदरता अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने उत्कृष्ट रूप में प्रदर्शित होना चाहिए। उन्होंने नगर निगम, पुलिस प्रशासन, पर्यटन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थलों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई, आकर्षक सजावट और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, पारंपरिक खान-पान और कृषि नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। विदेशी प्रतिनिधियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदेश भ्रमण और कृषि उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। एयरपोर्ट और होटलों पर अंग्रेजी, रूसी, तुर्की सहित विभिन्न भाषाओं के जानकार गाइड तैनात किए जाएं और उन्हें व्यवहार और आतिथ्य का पूर्व प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेहमानों का स्वागत पगड़ी, तिलक और फूलमालाओं के साथ भारतीय परंपरा के अनुरूप गर्मजोशी से किया जाए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य एवं प्रसिद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की ब्रांडिंग में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि सम्मेलन दो चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण में 9 से 11 जून तक वरिष्ठ अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में स्मार्ट कृषि, कृषि अनुसंधान, कृषि व्यापार, किसान कल्याण तथा सतत विकास रणनीतियों जैसे विषयों पर तकनीकी चर्चा होगी। इसके बाद 12 एवं 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नीति संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में कृषि आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, इंदौर संभागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
5 चीनी कंपनियों पर US ने लगाया बैन, चीन की दो टूक….. कहा-हम नहीं करेंगे प्रतिबंध का पालन

बीजिंग। चीन (China) के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वह ईरान (Iran) से तेल (Oil) खरीदने के कारण अपनी पांच कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions) का पालन नहीं करेगा। चीन हमेशा से ईरानी तेल का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण ग्राहक रहा है। चीन में ईरान से यह तेल मुख्य रूप से स्वतंत्र ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों के माध्यम से खरीदा जाता है। ये छोटी और स्वतंत्र रिफाइनरियां होती हैं जो इस्लामिक गणराज्य (ईरान) से भारी छूट पर कच्चा तेल खरीदती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका (America) का मुख्य लक्ष्य ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी आय के स्रोतों को पूरी तरह से बंद करना है, इसीलिए उसने इस तरह की तेल खरीद करने वाली रिफाइनरियों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। चीन का कड़ा रुख और तर्कचीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले साल से अलग-अलग समय पर घोषित हुए इन अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। प्रतिबंधों को अस्वीकार करना: चीन ने साफ कहा है कि अमेरिकी उपायों को चीन द्वारा “मान्यता नहीं दी जाएगी, लागू नहीं किया जाएगा या उनका पालन नहीं किया जाएगा।” अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला: मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के ये प्रतिबंध अनुचित रूप से चीनी कंपनियों को तीसरे देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां करने से रोकते हैं। चीन का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का सीधा उल्लंघन है। एकतरफा कार्रवाई का विरोध: चीन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हमेशा से उन एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करता रहा है जिन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) की मंजूरी प्राप्त नहीं है। किन कंपनियों पर है अमेरिका का निशाना?चीनी मंत्रालय के इस आदेश के तहत जिन पांच प्रमुख कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाया जा रहा है, वे हैं:शेडोंग प्रांत की तीन कंपनियां:शेडोंग जिनचेंग पेट्रोकेमिकल ग्रुपशेडोंग शौगुआंग ल्यूकिंग पेट्रोकेमिकलशेडोंग शेंगक्सिंग केमिकलचीन के अन्य हिस्सों की दो कंपनियांहेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरीहेबेई सिन्हुआ केमिकल ग्रुप अमेरिका की ताजा कार्रवाईइसी बीच, शुक्रवार को अमेरिका ने एक और चीनी फर्म पर नए प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिका का दावा है कि इस फर्म ने ईरानी कच्चे तेल के “करोड़ों बैरल” का आयात किया है, जिससे तेहरान को अरबों डॉलर की कमाई हुई है। इस फर्म का नाम किंगदाओ हैये ऑयल टर्मिनल कं, लिमिटेड है। हालांकि, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के हालिया आदेश में इस कंपनी का जिक्र नहीं किया गया था। भू-राजनीतिक स्थिति और आगामी कूटनीतियह प्रतिबंध और विवाद ऐसे तनावपूर्ण माहौल में सामने आए हैं।अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से ठप है। फरवरी के अंत में ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से शुरू हुए इस विवाद का फिलहाल कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है। ट्रंप का चीन दौरा: इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने के अंत में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत के लिए चीन का दौरा करने वाले हैं। इस बैठक में व्यापार और प्रतिबंधों का मुद्दा अहम होने की उम्मीद है।