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MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक

उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) जिले के नागदा (Nagda) में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महिदपुर रोड स्थित श्रीराम फाइनेंस बैंक (Shriram Finance Bank) में अचानक एक नंदी और गाय घुस गए। बैंक के अंदर मवेशियों को देख स्टाफ और ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, मध्य प्रदेश में आवारा मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार आवारा मवेशियों ने बैंक के अंदर बवाल काटा! जानकारी के मुताबिक, नागदा शहर के महिदपुर रोड स्थित पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में श्रीराम फाइनेंस बैंक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक नंदी और गाय अचानक बैंक के अंदर घुस गए। बैंक में मौजूद ग्राहक और कर्मचारी घबराकर बाहर निकल आए। कुछ देर तक बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। इस घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बैंक के अंदर नंदी और गाय इधर-उधर भागते हुए नजर आ रही है, वहीं कुछ लोग उसे बाहर निकालने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे है। हालांकि कुछ ही देर बाद नंदी गाय बैंक के बाहर निकल गए। लेकिन इस घटना से एक बार फिर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है, आवारा मवेशी अक्सर इस इलाके में नजर आते हैं और कई बार दुकानों और संस्थानों के अंदर भी घुस जाते हैं। ऐसे में हर बार स्थानीय गौ-सेवा संगठनों की मदद लेनी पड़ती है।

आम से बना रॉयल समर डेजर्ट, मैंगो रबड़ी फालूदा से पाएं चिलचिलाती गर्मी में राहत

नई दिल्ली। चिलचिलाती गर्मी में जब शरीर थकान और गर्म हवाओं से परेशान होने लगता है, तब कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन होना आम बात है। ऐसे मौसम में आम से बना मैंगो रबड़ी फालूदा एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है, जो स्वाद और ठंडक दोनों का शानदार मेल पेश करता है। यह डेजर्ट न सिर्फ खाने में लाजवाब होता है, बल्कि गर्मी में शरीर को ठंडक देने में भी मदद करता है। इस डेजर्ट की खासियत इसकी लेयरिंग और अलग-अलग टेक्सचर में छिपी होती है। इसमें मीठे पके आम का गाढ़ा पल्प, ठंडी रबड़ी, फालूदा सेव और भीगे हुए सब्जा बीज मिलकर इसे एक रॉयल मिठाई का रूप देते हैं। ऊपर से आइसक्रीम और ड्राई फ्रूट्स इसे और भी स्वादिष्ट बना देते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले पके हुए आम का गूदा निकालकर उसे अच्छे से ब्लेंड किया जाता है ताकि एक स्मूद प्यूरी तैयार हो सके। इसके साथ ही दूध को धीमी आंच पर पकाकर गाढ़ी रबड़ी बनाई जाती है, जिसमें हल्की मिठास और खुशबू के लिए इलायची मिलाई जाती है। अगर समय कम हो तो पहले से तैयार रबड़ी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। दूसरी तरफ फालूदा सेव को हल्का उबालकर ठंडा किया जाता है, ताकि वह नरम और स्वादिष्ट बन जाए। सब्जा के बीज को पानी में भिगोकर तैयार रखा जाता है, जो शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं। इसके बाद एक लंबे गिलास में परत दर परत सामग्री डाली जाती है। सबसे पहले भीगे हुए सब्जा बीज, फिर फालूदा सेव, उसके बाद आम का पल्प और फिर ऊपर से रबड़ी डाली जाती है। अंत में आइसक्रीम का एक स्कूप और ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे खूबसूरत और स्वादिष्ट बनाया जाता है। ठंडा-ठंडा मैंगो रबड़ी फालूदा न सिर्फ गर्मी में राहत देता है, बल्कि परिवार और मेहमानों के लिए भी एक शानदार समर ट्रीट बन जाता है। यह आसान रेसिपी घर पर बिना ज्यादा मेहनत के रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देने में पूरी तरह सक्षम है।

MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान

दतिया। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया जिले (Datia district) में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में सगे भाई-बहन की महुअर नदी (Mahuar River) में डूबने से मौत हो गई। खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचे दोनों मासूम गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते जिंदगी की जंग हार बैठे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक भाई सुमित केवट की उम्र 7 साल और बहिन ज्योतिष केवट की उम्र 5 साल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैंसा सुनारी के सिद्धपुरा इलाके में रहने वाले महेश केवट के बेटे सुमित केवट और ज्योतिष केवट अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे महुअर नदी के किनारे पहुंच गए।बताया जा रहा है कि नदी किनारे फिसलन अधिक थी और पानी भी गहरा था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर दोनों बच्चे सीधे नदी में जा गिरे और डूबने लगे।घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबता देख तुरंत उन्हें बाहर निकाला और बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता दतिया शहर में रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम के लिए खरीदारी करने गए थे। बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों के भरोसे छोड़ा गया था।जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि छोटे बच्चों की निगरानी में जरा सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि नदी-तालाब जैसे खतरनाक स्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के किनारे काफी फिसलन थी और पानी भी गहरा था।इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों बच्चे अचानक नदी में गिर पड़े और देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर गांवों में नदी, तालाब और कुओं के आसपास बच्चों का अकेले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है।

MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा

रीवा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा एयरपोर्ट (Rewa Airport) से लापरवाही भरी ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी अपने सिर के बाल खींचने लग सकते हैं। दरअसल 72 सीटों वाला यात्री विमान (72-Seater Passenger Aircraft) बुक था, लेकिन एयरपोर्ट पर 48 सीटर विमान पहुंचा, तो स्टाफ ने कई यात्रियों को यात्रा करने से रोक दिया। घटना के दौरान एयरपोर्ट पर काफी हंगामा हुआ। एक युवती ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। 2 घंटे पहले आ गई, लेकिन फिर भी नहीं चढ़ने दियावीडियो शेयर करने वाली युवती अमरपाटन निवासी है। उसने एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है। युवती के अनुसार, उसने Alliance Air की फ्लाइट के लिए दिल्ली का टिकट बुक किया था। वह तय समय से लगभग 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई। लेकिन, जब वह बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ी, तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके नाम का कोई टिकट उपलब्ध नहीं है। एयरपोर्ट पर दिखी तीखी झड़पयुवती ने अपनी टिकट भी शेयर की, जिसमें 3 मई की हवाई यात्रा दर्ज है। फ्लाइट रात 9.05 बजे से रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात 11.15 बजे पहुंचनी थी। लेकिन, एयरपोर्ट स्टाफ ने उसे यात्रा करने से रोक दिया। वीडियो में युवती के साथ मौजूद शख्स स्टाफ के साथ तीखी बहस करता हुआ नजर आया। 72 सीटों की जगह भेज दिया 48 सीटर विमानहैरानी की बात ये है कि ऐसा केवल उसके साथ ही नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य यात्रियों को भी बोर्डिंग करने से रोक दिया गया। इस कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों में खासा गुस्सा देखने को मिला। युवती ने आरोप लगाया कि जिस फ्लाइट के लिए 72 सीटों की बुकिंग की गई थी, उसकी जगह 48 सीटों वाली छोटा विमान भेज दिया गया है। रीवा से दिल्ली के लिए नवंबर महीने में 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को रीवा से डायरेक्ट दिल्ली की सुविधा देना था, ताकि लोगों का समय बच सके। मगर अब इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने IAS अकैडमी की डायरेक्टर (Director of IAS Academy) से 1.89 करोड़ रुपए की संगठित लूट के मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड (Mastermind.) समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सेमिनार और नए सेंटर खोलने का झांसा देकर डायरेक्टर को दिल्ली से भोपाल बुलाया और फिर हथियारों के दम पर बंधक बनाकर रकम ट्रांसफर कराई। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा जो कि अकैडमी का पूर्व छात्र है, उसने पूरी साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता शुभ्रा रंजन को एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर पिस्टल और कट्टे की नोक पर डराया-धमकाया और 1.89 करोड़ रुपए अपनी सोसायटी ‘जनकशिला’ और ‘आरएस इंटरप्राइजेस’ के खातों में ट्रांसफर करवा ली। फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं शुभ्राघटना सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और चंद घंटों के भीतर पूरी राशि को बैंक खातों में होल्ड करा दिया. पुलिस का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी रकम पीड़िता को वापस मिल जाएगी. शुभ्रा दिल्ली से आकर भदभदा के पास बने एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं. वहीं से आरोपी प्रियांक शर्मा उन्हें अपने साथ फ्रेंचायसी के लिए जगह दिखाने के नाम पर बागसेवनिया ले गया और यहां स्थित एक फ्लैट में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा. इस दौरान उनके खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए। बंधक बनाकर बनाया फर्जी वीडियोआरोपियों ने पीड़िता को डराने के लिए अपने ही एक साथी के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाया, ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे और भविष्य में भी पैसे देती रहे. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात से एक दिन पहले ही किराए का मकान लिया और उसी दिन सुंदरकांड का आयोजन कराया, ताकि शोर-शराबे में पीड़ितों की चीख-पुकार बाहर न जा सके. बाहर से बुलाए गए हथियारबंद बदमाशवारदात को अंजाम देने के लिए दतिया और रीवा से बदमाश बुलाए गए थे, जिन्होंने हथियारों के दम पर पूरी घटना को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी प्रियांक शर्मा ने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर खुद को एम्स अस्पताल के ICU में भर्ती करा लिया, ताकि पुलिस से बच सके. हालांकि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी की मां और पत्नी ने अस्पताल में हंगामा भी किया। विदेश भागने की थी तैयारीजांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विदेश फरार होने की तैयारी में था. फिलहाल उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

MI vs LSG: आज आईपीएल 2026 में ‘करो या मरो’ की जंग, किसका पलड़ा भारी?

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 47वें मुकाबले में आज मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा और दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हारने वाली टीम का प्लेऑफ सफर लगभग खत्म हो सकता है।  हेड-टू-हेड रिकॉर्डदोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में लखनऊ सुपर जायंट्स का पलड़ा भारी रहा है। कुल 8 मैचों में से 6 में लखनऊ ने जीत दर्ज की है, जबकि मुंबई इंडियंस को केवल 2 जीत मिली हैं। यह आंकड़ा मुंबई के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।  मौजूदा फॉर्मपॉइंट्स टेबल में दोनों टीमें निचले पायदान पर हैं। लखनऊ 10वें और मुंबई 9वें स्थान पर है। हालिया प्रदर्शन में लखनऊ की बल्लेबाजी लगातार कमजोर रही है, जबकि गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी ऋषभ पंत के हाथों में है, लेकिन टीम को बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी खल रही है। वहीं मुंबई इंडियंस की टीम भी बड़े खिलाड़ियों के अस्थिर प्रदर्शन से जूझ रही है। मुंबई की चुनौतियांमुंबई इंडियंस को जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों से लगातार बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है। कप्तानी और टीम संयोजन पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है।  आज का मुकाबला क्यों अहम है?यह मैच नॉकआउट की तरह है जो टीम हारेगी, उसका आईपीएल 2026 में सफर लगभग खत्म हो जाएगा। ऐसे में दोनों टीमों पर जीत का भारी दबाव रहेगा। संभावनाएंआंकड़ों के हिसाब से लखनऊ का पलड़ा भारी दिखता है, लेकिन मुंबई का घरेलू मैदान और स्टार खिलाड़ियों का अनुभव मैच का रुख बदल सकता है। आज का मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि दोनों टीमों के सीजन का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

गंभीर जलवायु संकट की तरफ बढ़ रही दुनिया…. 20290 तक भीषण गर्मी और सूखे की चपेट में होंगे 260 करोड़ लोग

नई दिल्ली। दुनिया (World) तेजी से एक ऐसे जलवायु संकट (Climate Crisis) की ओर बढ़ रही है, जहां भीषण गर्मी और सूखा (Extreme heat and Drought)मिलकर अभूतपूर्व खतरा पैदा कर रहे हैं। जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक नई स्टडी के अनुसार अगर मौजूदा जलवायु नीतियों में ठोस बदलाव नहीं हुआ, तो सदी के अंत तक वैश्विक आबादी का करीब 28 फीसदी यानी लगभग 260 करोड़ लोग इस दोहरे संकट की चपेट में होंगे। अध्ययन के अनुसार इसका असर आज की तुलना में करीब पांच गुना तक बढ़ सकता है। अध्ययन के अनुसार 2001 से 2020 के बीच हर साल औसतन चार बार ऐसे हालात बने, जब भीषण गर्मी और सूखा एक साथ पड़े। यह आंकड़ा औद्योगिक काल 1850 से 1900 की तुलना में दोगुना है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2090 तक ऐसी घटनाएं साल में करीब 10 बार तक हो सकती हैं और हर घटना करीब दो हफ्ते तक असर डाल सकती है। इसे कहते हैं कंपाउंड एक्सट्रीमजब कई चरम मौसम घटनाएं एक साथ मिलकर प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती हैं तब इसे वैज्ञानिक भाषा में कंपाउंड एक्सट्रीम कहा जाता है। इससे फसलें तेजी से सूखती हैं, जल स्रोत सिकुड़ते हैं और जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ खाद्य कीमतों में उछाल और लू से मौतों का जोखिम भी बढ़ता है। यह स्थिति वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी सीधा दबाव डाल सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो खुले में काम करते हैं। सही नीतियों से कम हो सकता है खतराअगर देश पेरिस समझौते के तहत अपने जलवायु वादों को प्रभावी ढंग से लागू करें तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह अंतर इस बात को रेखांकित करता है कि आने वाले दशकों में अरबों लोगों के जीवन को सुरक्षित या असुरक्षित बना सकते हैं। अध्ययन का आधार और वैज्ञानिक निष्कर्षअध्ययन के अनुसार 8 जलवायु मॉडलों पर आधारित 152 सिमुलेशन का विश्लेषण किया गया, जिसमें जनसंख्या वृद्धि और ग्लोबल वार्मिंग के विभिन्न परिदृश्यों को शामिल किया गया। ये परिदृश्य इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज,संयुक्त राष्ट्र की जलवायु संबंधी वैज्ञानिक संस्था (आईपीसीसी) की छठी आकलन रिपोर्ट पर आधारित हैं। इसके लिए 1961 से 1990 की अवधि को आधार बनाया गया।

जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: सोते छात्र पर फ्लाईओवर से फेंका गया एसिड, 50% झुलसा युवक

नई दिल्ली। जबलपुर के मदनमहल थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। यहां 22 वर्षीय कॉलेज छात्र शिवांश बैन पर सोते समय फ्लाईओवर से अज्ञात हमलावर द्वारा एसिड फेंक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। घर के अंदर हुआ हमलाघटना रविवार तड़के करीब 3:30 बजे की है। छात्र अपने घर के कमरे में सो रहा था, तभी फ्लाईओवर ब्रिज से फेंका गया एसिड छत को फाड़ते हुए सीधे उसके शरीर पर गिर गया। इसके बाद कमरे में आग जैसी स्थिति बन गई और वह बुरी तरह झुलस गया। 50% तक झुलसा छात्रडॉक्टरों के मुताबिक, शिवांश के दोनों हाथ, सीना और कमर का हिस्सा लगभग 50 प्रतिशत तक जल चुका है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। परिवार ने बचाई जानचीख सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे और कंबल डालकर आग बुझाई। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पहले भी हुई थी संदिग्ध घटनापरिवार का कहना है कि करीब 10 दिन पहले भी घर पर पथराव की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।  पुलिस जांच में जुटीमदनमहल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फ्लाईओवर से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जबलपुर की यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि शहर में बढ़ते अपराध को लेकर भी चिंता बढ़ाती है।

CM AT GWALIOR: CM डॉ. मोहन यादव ने किया ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन, 110 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण

CM MOHAN YADAV

HIGHLIGHTS: CM मोहन ने किया ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन 110 करोड़ रुपए की लागत से बना विश्वविद्यालय कई जनप्रनिधि रहे मौजूद दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में होंगे शामिल आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन   CM AT GWALIOR: ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शिवपुरी लिंक रोड से शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में आवासीय ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया। बता दें कि मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा 55 बीघा भूमि पर करीब 110 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। उज्जैन शिक्षा विभाग में ‘लड्डू-मिठाई’ कोड से उगाही का खुलासा, WhatsApp चैटिंग वायरल कई जनप्रनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य सुरेश सोनी, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रांत संघ चालक अशोक पांडेय, मध्यभारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र बांदिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उज्जैन शिक्षा विभाग में ‘लड्डू-मिठाई’ कोड से उगाही का खुलासा, WhatsApp चैटिंग वायरल राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन इस कार्यक्रम के बाद CM 12.30 बजे मेला मैदान पहुंचकर राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे वृंदावन ग्राम थीम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितलाभ वितरित करेंगे। सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन सिंह पटेल, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: दिव्य श्रृंगार में सजे बाबा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। करीब 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे। यहां से वे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे।

बरगी डैम क्रूज हादसा: को-पायलट का दावा- इंजन खराब था, आखिरी पल तक फंसा रहा; 13 की मौत से हड़कंप

नई दिल्ली। बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 लोग किसी तरह बचा लिए गए थे। हादसे में को-पायलट रहे महेश पटेल ने घटना के बाद बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन पहले से स्लो था और अचानक आई तेज हवाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। कैसे हुआ हादसा?महेश पटेल के अनुसार, क्रूज शाम करीब 5:16 बजे यात्रा पर निकला था। लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं, जिनकी रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर स्टाफ को लाइफ जैकेट बांटने के निर्देश दिए गए थे। उनका दावा है कि इसी दौरान क्रूज का एक इंजन काम करना बंद कर गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्रूज पानी में डूबने लगा।  “आखिरी दम तक अंदर फंसा रहा”महेश पटेल ने कहा कि वे क्रूज के पायलट केबिन में थे और आखिरी समय तक अंदर ही फंसे रहे। बाद में पानी के दबाव से बाहर निकल पाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी को छोड़कर नहीं भागे और हालात बेहद भयावह थे। अनुभव और जिम्मेदारीपटेल ने बताया कि वे पिछले 10 साल से क्रूज संचालन कर रहे हैं और 2012 में उन्होंने ट्रेनिंग ली थी। उनका कहना है कि यदि उन्हें मौसम संबंधी चेतावनी या संचालन रोकने के निर्देश मिले होते, तो क्रूज कभी नहीं चलाया जाता।  मेंटेनेंस और टिकट विवादउन्होंने यह भी कहा कि क्रूज का आखिरी बड़ा मेंटेनेंस करीब 3 साल पहले हुआ था। साथ ही टिकट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं, जहां कुछ यात्रियों के बिना टिकट होने की बात सामने आई है।  कार्रवाई और जांचहादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच महेश पटेल को नौकरी से बर्खास्त भी किया गया है। बरगी डैम हादसा एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अभी जारी है।