उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित

नई दिल्ली। उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में चोरों ने ताले तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने बैंक में रखे लगभग 85 लाख रुपए को बिल्कुल भी नहीं छुआ। CPU और डेटा सिस्टम को बनाया निशानाचोरों ने बैंक में घुसते ही सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काट दिए और रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) भी चुरा लिया। इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा CPU अपने साथ ले गए, जिसमें बैंक का महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था। सबूत मिटाने की कोशिशघटना से साफ संकेत मिलता है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से बैंक के इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को निशाना बनाया। CCTV कैमरे और DVR चोरी होने से पुलिस की जांच में शुरुआती दिक्कतें सामने आ रही हैं। संदिग्ध परिस्थितियां, जांच तेजपुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी नहीं लग रही है, क्योंकि नकदी को छोड़कर सिर्फ डेटा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे किसी अंदरूनी जानकारी या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा। स्टाफ पर भी उठे सवालबैंक के चपरासी ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बावजूद वह बैंक आया था और शाम को ताला लगाकर गया था। इस बयान के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्टाफ की भूमिका भी शामिल है। पुलिस जांच जारीपुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है। चोरी से ज्यादा रहस्य गहराउज्जैन की यह घटना सामान्य चोरी से अलग एक रहस्यमयी मामला बन गई है, जिसमें नकदी सुरक्षित छोड़कर केवल डेटा सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

भोपाल। मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत इस बार तेज गर्मी के बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हो रही है। सोमवार को प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में कहीं ओले गिरे तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम का यही रुख मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने राज्य के 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में हवा की रफ्तार सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश के आसार हैं। वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों—इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा—में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि सिस्टम के असर से कुछ स्थानों पर बदलाव हो सकता है। प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच कई शहरों में गर्मी भी बनी हुई है। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरे दिन सबसे अधिक रहा। इसके अलावा खरगोन में 43 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, मंडला में 41.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, बैतूल में 40.7 डिग्री, रतलाम में 40.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.2 डिग्री और शाजापुर में 40.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दूसरी ओर, खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी से भी कम है। दतिया में 34.8 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 34.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री और भोपाल में 40.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सोमवार को रीवा और आगर-मालवा जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पास से गुजर रही दो ट्रफ लाइनों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कहीं ओलावृष्टि तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। 8 मई तक प्रदेश में ऐसे ही मौसम के बने रहने का अनुमान है।
एक वोट ने पलटा चुनावी परिणाम, तमिलनाडु में मंत्री की हार, तिरुप्पत्तूर सीट बनी चर्चा का केंद्र

तिरुप्पत्तूर। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच एक ऐसा परिणाम सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तमिलगा वेत्री कझगम की जीत के बीच तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां हार-जीत का फैसला सिर्फ एक वोट से हुआ। इस सीट पर के.आर. पेरियाकरुप्पन, जो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वरिष्ठ नेता और मंत्री हैं, उन्हें महज एक वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ टीवीके उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति आर विजयी रहे। मतगणना पूरी होने के बाद सामने आया कि सीनिवास सेतुपति को कुल 83,375 वोट मिले, जो पेरियाकरुप्पन से सिर्फ एक वोट अधिक थे। इस बेहद करीबी मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कितनी अहमियत होती है। कम अंतर से हुए इस नतीजे को हाल के चुनावों के सबसे कड़े मुकाबलों में गिना जा रहा है। यह परिणाम उन उदाहरणों में शामिल हो गया है, जहां जीत या हार का फैसला एक ही वोट से हुआ हो। पूरे राज्य के नतीजों की बात करें तो 234 विधानसभा सीटों की गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें तमिलगा वेत्री कझगम 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 47 सीटें मिलीं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की और पीएमके के खाते में 4 सीटें आईं।
बंगाल-असम में BJP ने की बड़ी जीत दर्ज, केरल में UDF की वापसी, तमिलनाडु में TVK का कमाल

नई दिल्ली। देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें कई बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिले हैं। पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वापसी करते हुए जीत हासिल की है, जबकि तमिलनाडु में नई पार्टी टीवीके ने दमदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब पहुंचकर सबको चौंका दिया है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बहुमत के लिए जरूरी 148 सीटों के आंकड़े को पार करते हुए 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस नतीजे के साथ ही राज्य में लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है और वह 81 सीटों पर सिमट गई। इसे राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। असम में भी बीजेपी ने कांग्रेस को बड़े अंतर से हराते हुए अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। वहीं तमिलनाडु में नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब पहुंचकर राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) बहुमत हासिल करने में सफल रहा है, जिससे राज्य में उसकी वापसी मानी जा रही है। बंगाल की पावन धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ है- PM मोदीइस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत को “नया सूर्योदय” बताते हुए इसे जनता का भरोसा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकारें हैं और पार्टी विकास व सुशासन के आधार पर जनता का विश्वास जीत रही है। ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंसउधर, पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार शाम 4 बजे कालीघाट स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी चुनाव नतीजों और हार के कारणों पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। इससे पहले भी उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे।
ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: पेड़ के नीचे बैठे मजदूर को कार ने कुचला, 24 घंटे बाद मौत

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। सिकंदर कंपू क्षेत्र में पेड़ के नीचे बैठकर आराम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर शाकिर खान को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। शाकिर दिनभर काम करने के बाद थककर आराम कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालकप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। 24 घंटे तक चला जिंदगी का संघर्षअस्पताल में शाकिर खान ने करीब 24 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। CCTV फुटेज से जांच तेजपुलिस ने घटना के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। कुछ फुटेज मिल चुके हैं, जिनके आधार पर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है। माधौगंज थाना पुलिस के अनुसार, वाहन को कब्जे में ले लिया गया है और चालक की तलाश जारी है। पुलिस की कार्रवाईपुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारी ने कहा है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा। सड़क सुरक्षा पर फिर सवालयह हादसा एक बार फिर शहरों में तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों को उजागर करता है। एक मेहनतकश मजदूर की जान ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बंगाल में संघर्ष की जीत: घरों में काम करने वाली कल्पिता माझी बनीं विधायक, बदली जिंदगी की तस्वीर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की औशग्राम विधानसभा सीट से इस बार एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां संघर्ष और मेहनत ने राजनीति में बड़ी सफलता दिलाई। कल्पिता माझी ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक पद हासिल किया है। गुस्करा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 स्थित मझपुकुर पार की रहने वाली कल्पिता माझी पहले घरेलू कामगार के रूप में काम करती थीं। वह चार घरों में झाड़ू-पोछा और सफाई कर लगभग ₹2,500 प्रतिमाह कमाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती थीं। अब वही कल्पिता जनता के वोट से विधायक बन गई हैं। चुनाव परिणामों के मुताबिक, उन्होंने औशग्राम सीट से 1,07,692 वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष की पहचान भी है। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली कल्पिता माझी ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही सक्रिय चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। कल्पिता इससे पहले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरी थीं, लेकिन तब उन्हें तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखा, जो इस बार जीत में बदल गया। घरेलू काम से लेकर चुनावी मैदान तक का उनका सफर साधारण जीवन से उठकर जनप्रतिनिधि बनने की मिसाल है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया और अपने संघर्ष को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। राज्य के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार बड़ी जीत दर्ज करते हुए 206 सीटों पर कब्जा जमाया और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं और एक सीट पर बढ़त के साथ कुल 81 सीटों तक सीमित रहना पड़ा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं, जबकि AJUP भी 2 सीटों पर सिमट गई। वाम दल CPI(M) और AIF को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा।
खंडवा: 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, विद्यालय ने खेलों में रचा इतिहास

नई दिल्ली। खंडवा में आयोजित 28 से 30 अप्रैल 2026 की क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय के 80 छात्रों ने खो-खो, कबड्डी, शतरंज, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, योग और ताइक्वांडो जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लिया। कबड्डी में दोहरी स्वर्ण जीत14 आयु वर्ग और 17 आयु वर्ग की बालक कबड्डी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं 17 आयु वर्ग की बालिका खो-खो टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी चमके खिलाड़ीशतरंज में आर्यन सोलंकी ने रजत पदकलॉन टेनिस में आराध्य जोशी ने रजत पदकटेबल टेनिस में आरव दुबे को रजत, प्रिंसी पटेल और नंदिनी दीलावरे को कांस्ययोग में दिकांश जमरा ने कांस्यताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन कियाशूटिंग में अश्विनी चौहान ने रजत पदक हासिल किया 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चयनउत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कुल 28 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इनमें कबड्डी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, शूटिंग और योग के खिलाड़ी शामिल हैं।कबड्डी से अंश कामटे, मोहम्मद मिस्बाह, तनिष्क पारखे, टेबल टेनिस से आरव दुबे और अन्य प्रमुख खिलाड़ी चयनित हुए हैं। विद्यालय में उत्साह का माहौलविद्यालय प्राचार्य धनीराम पटेल, उप प्राचार्य हरेंद्र प्रसाद, योग शिक्षक नितिन पाटीदार और खेल प्रशिक्षक बेनी प्रसाद बघेल सहित सभी शिक्षकों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताई। खेल प्रतिभा का उभरता केंद्रपीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा ने एक बार फिर साबित किया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर छात्र राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
बड़ा मंगल पर इन राशियों पर बरसेगी हनुमान जी की विशेष कृपा, मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली। बड़ा मंगल 5 मई से शुरू होकर 23 जून तक मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है और सामान्य मंगलवार की तुलना में अधिक विशेष और फलदायी माना जाता है। इस दौरान अनुशासन और ब्रह्मचर्य का पालन करना शुभ माना गया है। बड़ा मंगल के पीछे कई पौराणिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। मान्यता है कि इसी दिन हनुमान जी ने पांडु पुत्र भीम का अहंकार दूर किया था, जिसके कारण इसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है। वहीं त्रेतायुग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी और भगवान श्रीराम की पहली भेंट हुई थी। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में हनुमान जी कुछ विशेष राशियों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। मेष राशिमेष राशि को हनुमान जी की प्रिय राशियों में प्रमुख माना जाता है। इस राशि के लोग साहसी और परिश्रमी होते हैं। बजरंगबली की कृपा से इनके कार्यों में तेजी आती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। सच्चे मन से पूजा करने पर सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। सिंह राशिसिंह राशि के जातक नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास के लिए जाने जाते हैं। हनुमान जी की कृपा से इन्हें समाज में सम्मान और सफलता प्राप्त होने के अवसर बढ़ जाते हैं। वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि के लोग दृढ़ निश्चयी होते हैं। हनुमान जी की आराधना से इनके जीवन में भय और परेशानियां कम होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है। कुंभ राशिकुंभ राशि के लोग धार्मिक प्रवृत्ति और सकारात्मक सोच वाले माने जाते हैं। हनुमान जी की पूजा से इन्हें सही दिशा मिलती है और जीवन में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलते हैं।
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, 8 बड़े मंगल में बरसेगी बजरंगबली की कृपा! जानें कथा और चमत्कारी महत्व

नई दिल्ली। ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है और यह दिन हनुमान जी की विशेष पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-अर्चना करने से बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस बार बड़ा मंगल खास माना जा रहा है, क्योंकि लगभग 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जब ज्येष्ठ मास में 4 नहीं बल्कि 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। क्यों खास है बड़ा मंगल?मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी का मिलन हुआ था। जब भगवान राम माता माता सीता की खोज में भटक रहे थे, उसी दौरान उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई थी। इस मिलन के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। दूसरी कथा: अमरत्व का वरदानएक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन हनुमान जी को चिरंजीवी (अमर) होने का वरदान प्राप्त हुआ था। इसलिए भी ज्येष्ठ मास के मंगलवार को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। तीसरी कथा: नवाब वाजिद अली शाह से जुड़ी मान्यतानवाब वाजिद अली शाह की बेगम हनुमान जी की परम भक्त थीं। उन्हें सपने में हनुमान जी के दर्शन हुए, जिसके बाद उन्होंने अलीगंज हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया। कहा जाता है कि मंदिर बनने के कुछ समय बाद लखनऊ में भयंकर महामारी फैल गई थी। इससे बचने के लिए बेगम ने बड़े मंगल के दिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर भंडारा कराया। तभी से लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर भव्य भंडारे और आयोजन की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है। बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक दिन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन हनुमान जी की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
पैसों से भरा रहेगा पर्स! बस छिपाकर रख लें ये गुप्त चीजें, बरकत देख दुनिया रह जाएगी हैरान

नई दिल्ली। पर्स सिर्फ पैसे रखने की जगह नहीं, बल्कि धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर पर्स को सही तरीके से रखा जाए और उसमें कुछ खास चीजें रखी जाएं, तो यह माता माता लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित कर सकता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पैसा आता तो है, लेकिन टिकता नहीं ऐसे में ये छोटे-छोटे उपाय आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। पीपल का पत्ता: धन आकर्षण का सरल उपायहिंदू मान्यता के अनुसार पीपल का पेड़ में भगवान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में एक साफ पीपल का पत्ता लें, उसे गंगाजल से शुद्ध करें और उस पर केसर या चंदन से ‘श्रीं’ लिखें। सूखने के बाद इसे पर्स के गुप्त हिस्से में रख दें। माना जाता है कि यह पत्ता धन को अपनी ओर आकर्षित करता है। जब पत्ता सूख जाए या खराब हो जाए, तो उसे किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर नया पत्ता रख लें। अक्षत के 21 दाने: खर्चों पर लगामअक्षत यानी बिना टूटे चावल, जो शुभता और समृद्धि का प्रतीक होते हैं। 21 दाने लेकर उन्हें लाल कपड़े या कागज में लपेटकर पर्स में रखें। लाल रंग ऊर्जा और मंगल का प्रतीक है, जबकि चावल को शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो धन-वैभव का कारक माना जाता है। यह उपाय अनावश्यक खर्चों को कम करने और आय के नए रास्ते खोलने में सहायक माना जाता है। लक्ष्मी की प्रिय कौड़ी: बरकत और सुरक्षाकौड़ी को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है, क्योंकि इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से जुड़ी है। एक सफेद या पीली कौड़ी को लक्ष्मी जी के चरणों से स्पर्श कराकर पर्स में रखें। यह न केवल आर्थिक तंगी दूर करने में मदद करती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा से भी बचाव करती है। यदि कौड़ी उपलब्ध न हो, तो चांदी का लक्ष्मी-गणेश वाला सिक्का भी रखा जा सकता है। पर्स से जुड़ी जरूरी सावधानियांबरकत बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पर्स में कभी भी फटे नोट, पुराने बिल या उधारी की पर्चियां न रखें, क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना जाता है। साथ ही, पर्स में पूर्वजों की तस्वीर रखना भी उचित नहीं माना जाता, इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका पर्स हमेशा भरा रहे और धन टिके, तो इन सरल उपायों को अपनाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखें। सही आदतें और सकारात्मक ऊर्जा मिलकर ही असली समृद्धि लाती हैं।