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भोजशाला के प्राचीन पत्थरों पर अंकित हैं कई मंत्र, सर्वे में मिले ऐतिहासिक तांबे के सिक्के और शिलालेख

इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में चल रही नियमित सुनवाई के दौरान मंगलवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने दावा किया ऐतिहासिक भोजशाला के प्राचीन पत्थरों पर कई मंत्र अंकित हैं, जिन्हें मिटाने के सबूत भी मौजूद हैं। वहीं, सर्वे के दौरान ऐतिहासिक तांबे के सिक्के और शिलालेख भी मिले हैं। भोजशाला मामले में मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन ने विस्तृत सर्वे रिपोर्ट पेश की। इसमें बताया कि इस बार भोजशाला का सर्वे पूर्व की तुलना में अधिक व्यापक और वैज्ञानिक तरीके से किया गया है। एएसआई की ओर से बताया गया कि पूर्व में केवल तीन अधिकारियों द्वारा सीमित स्तर पर सर्वे किया गया था, जबकि इस बार 22 अप्रैल 2024 से 98 दिनों तक संरक्षित स्मारक के सभी हिस्सों का विस्तृत अध्ययन किया गया। इस सर्वे में सात एक्सपर्ट्स अधिकारी, पुरातत्वविद और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे, जिन्होंने दोनों पक्षों की उपस्थिति में प्रतिदिन सुबह से शाम तक कार्य किया। सर्वे के दौरान विशेष सावधानी बरती गई कि खुदाई से भोजशाला की मूल संरचना को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। सर्वे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि प्रत्येक प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट 10 वॉल्यूम में तैयार की गई है, जिसमें कुल 2189 पृष्ठ शामिल हैं। रिपोर्ट में सर्वे के दौरान मिले विभिन्न पुरातात्विक साक्ष्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। एएसआई की ओर से सर्वे का विवरण बताते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन ने कहा कि ऐतिहासिक भोजशाला में प्राचीन पत्थरों पर ऊं नम: शिवाय समेत कई मंत्र अंकित पाए गए। गणेश, ब्रह्मा, नृसिंह, भैरव सहित कई देवी-देवताओं की आकृतियां मिलीं। धार्मिक और स्थापत्य महत्व को दर्शातीं 94 कलाकृतियां भी पाई गईं। ये सिद्ध करते हैं कि भोजशाला प्राचीन मंदिर ही थी। इसके साथ ही कई पत्थरों पर अंकित संस्कृत-प्राकृत अक्षरों को मिटाने के साक्ष्य भी मिले हैं। उन पर अरबी-फारसी शब्द स्याही से लिखे होने से छेड़छाड़ के स्पष्ट संकेत मिलते हैं।राजा भोज के काल में बनी भोजशालाअधिवक्ता जैन ने यह भी कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से किए गए सर्वे से पता चला है कि भोजशाला का निर्माण 10वीं-11वीं सदी के बीच परमार राजा भोज के काल में किया गया था। यहां पाई गईं मिट्टी की ईंटों से बनीं काफी चौड़ी दीवारों की बनावट वैसी ही पाई गई, जैसा उल्लेख राजा भोज की पुस्तकों में मिलता है।अब्दुल शाह चंगेज ने बना दिया था मंदिरों को नमाज की जगहएएसआई के अधिवक्ता सुनील जैन ने प्राचीन साहित्य का उल्लेख करते हुए कोर्ट को अवगत कराया कि खिलजी शासन के दौरान अब्दुल शाह चंगेज ने फौज के साथ मालवा की राजधानी धार में प्रवेश किया था और ताकत के बल पर कई मंदिरों को नमाज पढ़ने की जगह के रूप में परिवर्तित कर दिया था।सर्वे में क्या-क्या मिला, एएसआई ने बतायाएएसआई के अनुसार, सर्वे में भोजशाला में संस्कृत और प्राकृत भाषा में 150 से अधिक शब्द और शिलालेख मिले। इनमें प्राचीन लेखन स्पष्ट दिखाई देता है। ऊं नम: शिवाय और ऊं सरस्वतैय: नम: जैसे मंत्र पत्थरों पर उकेरे हुए पाए गए। गणेश, ब्रह्मा, नृसिंह, भैरव सहित कई देव आकृतियां मिलीं। कुल 94 प्राचीन कलाकृतियां पाई गईं, जो धार्मिक और स्थापत्य महत्व दर्शाती हैं। स्तंभों और दीवारों पर शेर, बंदर, सांप और कीर्तिमुख की आकृतियां मिलीं। सीलिंग और पत्थरों पर कमल के डिजाइन मिले, जो मंदिर वास्तुशैली की पहचान माने जाते हैं। संस्कृत-प्राकृत अक्षरों वाले पत्थरों को मिटाकर दोबारा उपयोग के संकेत मिले। ईंट, बेसाल्ट, चूना पत्थर और मार्बल का उपयोग पाया। इससे विभिन्न कालखंडों में निर्माण के संकेत हैं। दक्षिणी हिस्से की मेहराब बाद में जोड़ी गई, जिसका मटेरियल बाकी ढांचे से अलग है। पत्थरों पर स्याही से लिखे गए शब्द भी मिले, जो बाद में जोड़े जाने का संकेत देते हैं। मंगलवार को एएसआई के तर्क पूरे हो गए। अगली सुनवाई 6 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें मध्य प्रदेश शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और सलेक चंद जैन की ओर से एडवोकेट दिनेश राजभर अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे।

टोल प्लाजा हटेंगे…. देश में शुरू होगा नया GPS बेस्ड ऑटोमैटिक सिस्टम

नई दिल्ली। देश में बहुत जल्द ही नया टोल सिस्टम (New Toll System) आने वाला है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने इसको लेकर जानकारी दी है। इसके मुताबिक इस साल के अंत तक पूरे देश से टोल प्लाजा हट सकते हैं। इसकी जगह ऑटोमैटिक सिस्टम (Automatic system) शुरू होगा। जीपीएस बेस्ड इस सिस्टम (GPS Based System) के जरिए गाड़ियों की नंबर प्लेट और फास्टैग लिंक्ड सिस्टम से पैसे कट जाएंगे। गडकरी ने इस सिस्टम के कई फायदे बताए हैं। जिसमें सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लाइनों से छुटकारा मिल जाएगा। जेब पर भी नहीं पड़ेगा भारी नितिन गडकरी ने बताया कि नया सिस्टम काफी सस्ता भी पड़ेगा। टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 के दौरान केंद्रीय परिवहन मंत्री इस नए सिस्टम की खूबियां बता रहे थे। उन्होंने कहाकि एक बार ऑटोमैटिक सिस्टम लागू होने के बाद वाहन चालकों के पैसे भी बचेंगे। गडकरी ने कहाकि अभी तक टोल बूथ पर 125 से 150 रुपए देने पड़ते हैं। लेकिन नया सिस्टम लागू होने के बाद यह रकम घटकर 15 रुपए प्रति टोल तक आ सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं, 3000 रुपए का पास भी बनवाया जा सकेगा, जिससे वाहन चालक 200 टोल क्रॉसिंग्स तक पार कर सकेंगे। कैसे कटेगा पैसा नए टोल सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए गडकरी ने कहाकि वाहन चालक आराम से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जाएंगे। बिना वाहन को रोके नंबर प्लेट और फास्टैग डिटेल कैप्चर की जाएंगी। इसके बाद तय की गई दूरी के अनुसार बैंक अकाउंट से टोल अमाउंट ऑटोमैटिकली कट जाएगी। परिवहन मंत्री के मुताबिक फिलहाल 85 टोल लोकेशंस पर यह सिस्टम पहले ही शुरू किया जा चुका है। इस साल के अंत तक इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है। ट्रॉलिंग पर क्या बोले नितिन गडकरी ने कहाकि सुधार हमेशा प्रैक्टिकल होने चाहिए। उन्होंने गाड़ियों के हॉर्न को बांसुरी और तबले की धुनों से बदले जाने की अपने सुझाव को याद किया। इसके लिए उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा ट्रॉल किया गया था। गडकरी ने बताया कि लोगों ने इस आइडिया की इतनी ज्यादा खिंचाई की कि उन्हें यह आइडिया ही ड्रॉप करना पड़ा। उन्होंने कहाकि इसके बाद मुझे समझ आया कि सुधार प्रैक्टिकल होने चाहिए और ऐसे होने चाहिए जिसे बड़े पैमाने पर स्वीकार किया जाए।

MP सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला… गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन बढ़ाई

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने किसानों के हित में गेहूं खरीद (Purchasing wheat) के लिए स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) की समय-सीमा बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है ताकि कोई भी किसान एमएसपी के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सोमवार को यह घोषणा की। पहले इसकी अंतिम तिथि नौ मई थी। एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला इस उद्देश्य से लिया गया है कि समर्थन मूल्य योजना से कोई भी किसान वंचित न रह जाए। चना और मसूर की खरीद की डेडलाइनअधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। साल 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। चना और मसूर की खरीद की डेडलाइन 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है। सरकार ने चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत लगभग 3.55 लाख टन क्षमता का भंडारण तैयार किया गया है। सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। भूमि और फसल का होगा पूरा डिजिटल रिकॉर्डसीएम मोहन यादव ने बताया कि ‘ई-विकास’ और ‘ई-किसान’ प्रणाली के जरिए किसानों को योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और तकनीकी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है। एक अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में लागू ई-किसान प्रणाली के तहत हर किसान को एक विशिष्ट आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी भूमि और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा। हर खेत का किया जा रहा भू-टैगिंगकिसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक खेत का भू-टैगिंग किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी। 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन आपरेटरों को ट्रेनिंगमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश और दुनिया में अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती हो रही है और 6,000 से अधिक संकुल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि प्रणाली के तहत 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन ऑपरेटरों को जैविक कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

बड़ा फैसला…. छह साल बाद सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या…. कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जजों की संख्या को लेकर मंगलवार को अहम फैसला लिया। कैबिनेट ने SC में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला छह साल बाद लिया गया है, जब 2019 में इसे 31 से बढ़ाकर 33 किया गया था। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सुप्रीम कोर्ट को और मजबूत करना व न्याय प्रक्रिया को तेज (Justice Process Speeding up) करना है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने बताया कि फिलहाल अदालत में 33 न्यायाधीश और एक मुख्य न्यायाधीश हैं। संसद के आगामी सत्र में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया जाएगा। विधेयक के पारित होने के बाद मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों की कुल संख्या 38 हो जाएगी। यह फैसला न्यायालय में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से लिया गया है। SC में कुछ इस तरह बढ़ती गई जजों की संख्यासुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम 1956 में मूल रूप से मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर 10 न्यायाधीशों का प्रावधान था। 1960 में इसे 13 और बाद में 17 किया गया। 1986 के संशोधन से संख्या 25 हो गई और 2009 में इसे 30 कर दिया गया। फिलहाल ताजा प्रस्ताव के बाद न्यायपालिका को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उठाया गया है, जो देश के न्यायिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित होगा। भारत के संविधान में सुप्रीम कोर्ट की कुल संख्या तय नहीं है। अनुच्छेद 124(1) के तहत चीफ जस्टिस के अलावा अन्य जजों की संख्या संसद तय करती है। समय-समय पर बढ़ती मुकदमों की संख्या को देखते हुए इसमें बदलाव किया जाता है। इस बढ़ोतरी का मकसद लंबित मामलों के बोझ को कम करना है। हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ जजों की संख्या बढ़ाने से ही न्याय में देरी पूरी तरह दूर नहीं हो सकती।

रद्द हो सकती है सोनम रघुवंशी की जमानत…. मेघालय सरकार ने HC में दी चुनौती

इंदौर। राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Main accused Sonam Raghuvanshi) की जमानत अब कानूनी मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। मेघालय सरकार (Government of Meghalaya) ने इस जमानत को हाई कोर्ट (High Court) में चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। राज्य सरकार का तर्क है कि मामला अत्यंत गंभीर है और सेशंस कोर्ट का फैसला न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले, निचली अदालत ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और दस्तावेजों में स्पष्टता की कमी के आधार पर सोनम रघुवंशी को जमानत दी थी। अब मेघालय हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है। सरकार बोली- सख्त रुख अपनाए कोर्टमेघालय सरकार ने अपनी अर्जी में कहा है कि ईस्ट खासी हिल्स की सेशंस कोर्ट ने जो जमानत दी है। वह जुर्म की प्रकृति के हिसाब से सही नहीं है। इससे इंसाफ मिलने में दिक्कत आ सकती है। मेघालय सरकार का मानना है कि आरोप बहुत ही संगीन हैं और ऐसे मामलों में अदालत को सख्त रुख अपनाना चाहिए। गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कुछ गलतियां27 अप्रैल को शिलॉन्ग में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी क्योंकि उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कुछ गलतियां थीं। लगभग एक साल बाद मिली इस जमानत के दौरान अदालत ने यह पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े कागजों में जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया था। नहीं भरे गए थे चेक बॉक्सदस्तावेजों में चेकबॉक्स तक नहीं भरे गए थे और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के बारे में भी साफ तौर पर कुछ नहीं लिखा गया था। अदालत ने यह भी कहा था कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से अवगत नहीं कराया गया कि उसे किस गंभीर धारा में गिरफ्तार किया जा रहा है। सोनम रघुवंशी को नोटिसइसके अलावा, प्रारंभिक पेशी के दौरान विधिक सहायता की उपलब्धता को लेकर भी रिकॉर्ड में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। मेघालय हाई कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की गई है। तकनीकी आधार पर दी गई बेल को बरकरार रखना उचित नहींमेघालय सरकार का पक्ष है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी थी और संबंधित दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। ऐसे में केवल तकनीकी आधार पर दी गई जमानत को बरकरार रखना उचित नहीं होगा।

बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार

नई दिल्ली। सरकार (Government) बाजार (Market) में बिकने वाले सिंथेटिक पनीर (Synthetic Cheese) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India- FSSAI) ने फैसला लिया है कि कम पोषण वाले और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले दिखावटी पनीर को बाजार से पूरी तरह बाहर किया जाएगा। मामले से जुड़े दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस मामले में बनी एक हाई लेवल कमेटी ने अक्टूबर 2025 में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया था, जिसे मार्च 2026 की बैठक में आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। समिति का कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी उत्पादक देश है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में बड़ी मात्रा में सस्ता सिंथेटिक पनीर बेचा जा रहा है। यह असली पनीर जैसा दिखता और स्वाद में मिलता-जुलता होता है, जिससे आम ग्राहक के लिए पहचान करना मुश्किल हो जाता है और वह भ्रमित होता है। 1,000 कंपनियों के पास सिंथेटिक पनीर बनाने के लाइसेंसइसी वजह से इसे बाजार से चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं है। देश में करीब 1,000 ऐसी कंपनियां या कारोबारी हैं, जिनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है। नई नीति के तहत अब नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे और मौजूदा कंपनियों को अपना स्टॉक खत्म करने और उत्पादन बंद करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। इसलिए पड़ी जरूरतबीते कुछ समय से बाजार में ‘सिंथेटिक पनीर’ का चलन तेजी से बढ़ा है। यह एक सस्ता विकल्प है, जिसे ताजे दूध की बजाय मुख्यतः पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और इमल्सीफायर्स से बनाया जाता है। यह दिखने और बनावट में असली पनीर जैसा होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य दूध से बने पनीर की तुलना में काफी कम होता है। यह सिंथेटिक पनीर सस्ता होने के कारण कई रेस्तरां में उपयोग किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रम होता है। लगातार बढ़ रहा बाजार: उत्तर भारत में खासतौर पर पनीर प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। यही कारण है कि भारत का पनीर बाजार 10.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। मार्केट रिसर्च कंपनी आईएमएआरसी के अनुसार, वर्ष 2033 तक भारतीय पनीर बाजार के 22.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 8.7% रहने की संभावना है। कीमत में भारी अंतर: अधिकारियों के अनुसार, असली ब्रांडेड पनीर की कीमत करीब 450 रुपये प्रति किलो तक होती है, जबकि खुले में बिकने वाला सिंथेटिक या बिना ब्रांड वाला पनीर 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ास्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिंथेटिक पनीर में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम और फैट बहुत ज्यादा होता है। इसके नियमित सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध पैदा हो सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।

होर्मुज में फंसे जहाज निकालने के लिए US का बड़ा कदम….प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगाया अस्थायी ब्रेक

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच जंग के बाद अब एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में फंसे जहाजों को निकालने के लिए चलाए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (‘Project Freedom’) को थोड़े समय के लिए रोक दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और एक पक्का समझौता होने के करीब है. लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी. हालांकि, राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इन सब के बीच सबसे बड़ी बात है कि अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को खत्म करने का ऐलान किया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रूबियो ने ये ऐलान किया है. उन्होंने साफ किया कि अब अमेरिका किसी नई लड़ाई की स्थिति नहीं चाहता और शांति का रास्ता अपनाना चाहता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि पाकिस्तान और दूसरे देशों की मांग पर और अमेरिका की ‘जबरदस्त सैन्य सफलता’ के बाद दोनों पक्षों ने मिलकर यह ऑपरेशन थोड़े समय के लिए रोकने का फैसला किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत एक ‘पूरे और आखिरी समझौते’ की तरफ बढ़ रही है और बहुत अच्छी प्रगति हुई है. यह रोकना दरअसल यह देखने के लिए किया गया है कि क्या यह समझौता आखिरकार हो सकता है. लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगीयहां एक बहुत जरूरी बात है. राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि भले ही प्रोजेक्ट फ्रीडम रुक गया हो लेकिन होर्मुज की खाड़ी पर अमेरिका की नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी. यानी जहाजों को निकालने का काम रुका है लेकिन ईरान पर दबाव कम नहीं हुआ. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी क्या दी?एक पत्रकार ने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि ईरान को संघर्ष विराम यानी युद्ध रोकने के समझौते का उल्लंघन करने के लिए क्या करना होगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब दिया कि तुम्हें पता चल जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान जानता है कि उसे क्या नहीं करना है. इसके बाद ट्रंप ने एक बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि ईरान ने छोटी-छोटी नावों से छोटे-छोटे हथियारों से हमला किया था. और फिर उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास कोई नाव ही नहीं बची. यानी राष्ट्रपति ट्रंप का सीधा इशारा था कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना को इतना नुकसान पहुंचाया है कि उनके पास लड़ने के लिए कुछ बचा ही नहीं. ईरान के आम लोगों के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के लोग विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन उनके पास बंदूकें नहीं हैं. फिर उन्होंने कहा कि अगर 2 लाख लोग प्रदर्शन कर रहे हों और 5 या 6 बीमार सोच वाले लोग बंदूक लेकर आ जाएं और उन्हें आंखों के बीच गोली मारने लगें तो बहुत कम लोग वहां खड़े रह पाएंगे. UN का ईरान को अल्टीमेटमस्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र में एक अहम प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें ईरान को सख्त चेतावनी दी गई है। इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर ईरान जहाजों पर हमले नहीं रोकता, अवैध टोल वसूली बंद नहीं करता और समुद्र में लगाए गए माइंस की जानकारी साझा नहीं करता, तो उस पर प्रतिबंध या अन्य कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत पर दुनियाभर से आ रही प्रतिक्रियाएं, ट्रंप ने भी PM मोदी को दी बधाई

वॉशिंगटन। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party -BJP)) की ऐतिहासिक जीत के बाद देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत की बधाई दी है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने बातचीत में बताया कि हाल ही में फोन पर हुई बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि भारत सौभाग्यशाली है कि उसका नेतृत्व आप जैसे नेता के हाथों में है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को इस हालिया ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत के लिए बधाई दी है। बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलावभाजपा की इस जीत के साथ पहली बार पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की है। यह राज्य लंबे समय से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। इस चुनाव परिणाम के साथ ही राज्य में बनर्जी का करीब 15 साल का शासन समाप्त हो गया है। इसे पीएम मोदी के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कद और मजबूत हुआ है। ‘यह नए युग की शुरुआत’जीत की घोषणा के बाद नई दिल्ली में समर्थकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसे पश्चिम बंगाल के लिए नए युग की शुरुआत बताया था। उन्होंने कहा कि यह जनादेश भयमुक्त, विकासशील और विश्वास से भरे बंगाल की दिशा में एक निर्णायक कदम है। पीएम मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का उल्लेख करते हुए कहा “अब दशकों का इंतजार खत्म हुआ है और जनता ने उस विजन को साकार करने का अवसर भाजपा को दिया है।” अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भारत का प्रभावइस ऐतिहासिक जीत और ट्रंप की बधाई को भारत की बढ़ती वैश्विक साख से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती मिलेगी और वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और प्रभावशाली होगी।

US: टेक्सास के कैरोलटन शहर में अंधाधुंध फायरिंग…. 2 की मौत और तीन घायल, हमलावर गिरफ्तार

वॉशिंगटन। अमेरिका (America) के टेक्सास (Texas) राज्य में डलास के उत्तरी शहर कैरोलटन (Carrollton K-Town Plaza) में मंगलवार को एक व्यक्ति ने पांच लोगों पर गोलियां चला दीं। इस हिंसक घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हमलावर (Attacker) को गिरफ्तार (Arrested) कर लिया है। कैरोलटन पुलिस प्रमुख रॉबर्टो एरेडोंडो ने जानकारी दी कि यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था। हमलावर और पीड़ित एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पुलिस का मानना है कि उनके बीच कोई व्यावसायिक संबंध था और वे किसी मीटिंग के लिए मिले थे। हालांकि, उस मुलाकात का असली मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। यह घटना कैरोलटन के कोरियाटाउन इलाके में स्थित के टाउन प्लाजा में हुई, जो डलास से करीब 32.1 किलोमीटर दूर है। सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में पुलिस अधिकारी हाथों में हथियार लिए प्लाजा की तलाशी लेते नजर आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ एफबीआई (FBI) और एक अन्य संघीय एजेंसी के अधिकारी भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे।

गुण और कर्म से बनता है इंसान श्रेष्ठ: चाणक्य नीति में छिपा जीवन का मूल मंत्र

नई दिल्ली। प्राचीन भारतीय दर्शन और नीति शास्त्र में चाणक्य नीति को जीवन को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इस ग्रंथ में आचार्य चाणक्य ने इंसान के व्यवहार, सोच और कर्मों के आधार पर यह समझाया है कि एक अच्छा इंसान कौन होता है। चाणक्य के अनुसार, किसी व्यक्ति की श्रेष्ठता उसके बाहरी स्वरूप से नहीं बल्कि उसके अंदर मौजूद गुणों और उसके कार्यों से तय होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, कर्तव्य और नैतिकता को समझकर आगे बढ़ता है, वही वास्तव में अच्छा इंसान कहलाता है। इस नीति शास्त्र में यह स्पष्ट किया गया है कि ज्ञान केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारना जरूरी है। जो व्यक्ति सही और गलत के अंतर को समझकर निर्णय लेता है और उसी के अनुसार व्यवहार करता है, वह समाज में सम्मान प्राप्त करता है। चाणक्य ने यह भी बताया है कि हर इंसान का एक निश्चित कर्तव्य होता है, जिसे निभाना उसका धर्म है। जिस प्रकार प्रकृति में हर तत्व का अपना स्वभाव होता है, उसी तरह मनुष्य का स्वभाव भी उसके कर्मों और जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। जब कोई व्यक्ति अपने कर्तव्यों को समझकर कार्य करता है, तभी उसका जीवन संतुलित और सफल बनता है। इसके अलावा चाणक्य नीति यह भी सिखाती है कि सही निर्णय लेने के लिए विवेक और अनुभव दोनों जरूरी हैं। जो व्यक्ति अपने कर्मों के परिणाम को समझकर आगे बढ़ता है, वही जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त करता है। इस ग्रंथ में यह भी संदेश दिया गया है कि कर्तव्य से पीछे हटना कमजोरी है, जबकि अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाना ही सच्ची मानवता है। इस प्रकार चाणक्य नीति के अनुसार अच्छा इंसान वही है जो अपने विचारों में स्पष्ट हो, कर्मों में ईमानदार हो और जीवन में धर्म तथा कर्तव्य को सर्वोपरि रखता हो। यही गुण उसे समाज में सम्मान और श्रेष्ठ स्थान दिलाते हैं।