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हेडफोन 60-60 रूल: दिनभर हेडफोन यूज करने वालों के लिए जरूरी चेतावनी, नहीं तो सुनने की क्षमता हो सकती है प्रभावित

नई दिल्ली। आज के समय में Headphones और ईयरबड्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है, लेकिन लंबे समय तक तेज आवाज में म्यूजिक सुनना कानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए विशेषज्ञ “60-60 रूल” अपनाने की सलाह देते हैं। 60-60 रूल का मतलब है कि हेडफोन की अधिकतम वॉल्यूम के लगभग 60 प्रतिशत स्तर पर सिर्फ 60 मिनट तक ही लगातार म्यूजिक सुनना चाहिए। इसके बाद कुछ समय का ब्रेक लेना जरूरी होता है, ताकि कानों पर लगातार दबाव न पड़े और सुनने की क्षमता सुरक्षित रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार तेज आवाज में हेडफोन यूज करने से कानों की अंदरूनी सेंसरी सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है, जो ध्वनि को मस्तिष्क तक पहुंचाने का काम करती हैं। एक बार ये सेल्स डैमेज हो जाएं तो इन्हें दोबारा ठीक करना संभव नहीं होता, जिससे सुनने की क्षमता पर स्थायी असर पड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक 80 डेसिबल से ज्यादा आवाज लंबे समय तक सुनना खतरनाक हो सकता है। सामान्य बातचीत लगभग 60 डेसिबल होती है, जबकि ट्रैफिक और तेज शोर इससे कहीं ज्यादा होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मोबाइल में वॉल्यूम लिमिट सेट करके और हर 60 मिनट पर ब्रेक लेकर हेडफोन का इस्तेमाल किया जाए। यह छोटी-सी सावधानी लंबे समय में सुनने की क्षमता को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।

AC Gas Leakage: बार-बार क्यों खत्म हो रही गैस, जानें असली वजह और बचाव के आसान तरीके

नई दिल्ली। गर्मियों में Air Conditioner (AC) की कूलिंग घटने की सबसे आम शिकायत “गैस खत्म हो गई” मानी जाती है, लेकिन तकनीकी रूप से AC की रेफ्रिजरेंट गैस सामान्य स्थिति में जल्दी खत्म नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बार-बार गैस भरवानी पड़ रही है तो इसका साफ मतलब है कि सिस्टम में कहीं न कहीं लीकेज मौजूद है। AC में गैस का मुख्य काम कमरे की गर्म हवा को बाहर निकालकर उसे ठंडी हवा में बदलना होता है। जब सिस्टम में गैस कम हो जाती है, तो कूलिंग धीरे-धीरे गिरने लगती है और AC सही तरीके से ठंडक नहीं दे पाता। गैस लीकेज के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं। सबसे आम वजह कॉपर पाइप में जंग लगना, माइक्रो क्रैक या छोटे-छोटे छेद होना है। इसके अलावा गलत इंस्टॉलेशन, ढीले जॉइंट्स या समय पर सर्विस न कराना भी लीकेज की संभावना बढ़ा देता है। नमी और धूल भी धीरे-धीरे पाइपलाइन और कनेक्शन को कमजोर कर देती है। अगर AC में गैस लीकेज हो रही हो तो कुछ संकेत साफ दिखते हैं कूलिंग कम होना, AC का ज्यादा देर तक चलने पर भी कमरे का ठंडा न होना, बिजली बिल का बढ़ना, इनडोर यूनिट पर बर्फ जमना, या AC से असामान्य आवाज आना। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ गैस भरवाना समाधान नहीं है, बल्कि असली लीकेज की मरम्मत कराना जरूरी है। अगर लीकेज को ठीक नहीं किया गया तो बार-बार गैस खत्म होगी और लंबे समय में कंप्रेसर पर भी असर पड़ सकता है, जिसकी मरम्मत काफी महंगी होती है। बचाव के लिए AC की नियमित सर्विस साल में 1-2 बार कराना, फिल्टर की सफाई करना और इंस्टॉलेशन हमेशा अनुभवी तकनीशियन से करवाना बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ गैस लीकेज रोकी जा सकती है, बल्कि AC की लाइफ और परफॉर्मेंस भी बेहतर रहती है।

मदर्स डे स्पेशल: स्मार्ट गैजेट्स से आसान होगी मां की जिंदगी, किचन से लेकर सेहत तक मिलेगा स्मार्ट सपोर्ट

नई दिल्ली। मदर्स डे के मौके पर लोग अब पारंपरिक गिफ्ट्स की जगह ऐसे स्मार्ट और उपयोगी टेक गैजेट्स चुन रहे हैं, जो मां की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना सकें। टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब घर के कई काम स्मार्ट डिवाइस की मदद से तेजी से और सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं। आजकल बाजार में ऐसे कई स्मार्ट होम डिवाइस उपलब्ध हैं, जो खासतौर पर घरेलू कामों में मदद करते हैं। इनमें स्मार्ट डोरबेल जैसे डिवाइस शामिल हैं, जो घर के दरवाजे पर आने वाले व्यक्ति की जानकारी मोबाइल पर दिखाते हैं। इससे सुरक्षा भी बढ़ती है और बिना दरवाजा खोले बातचीत भी संभव हो जाती है। किचन के काम को आसान बनाने के लिए एयर फ्रायर और ऑटोमैटिक कुकिंग डिवाइसेज का चलन बढ़ रहा है। ये गैजेट्स कम समय में खाना तैयार करने में मदद करते हैं और लंबे समय तक किचन में खड़े रहने की परेशानी को कम करते हैं। सेहत को ध्यान में रखते हुए स्मार्टवॉच और हेल्थ ट्रैकिंग डिवाइस भी एक बेहतर गिफ्ट विकल्प बन गए हैं। ये डिवाइस हार्ट रेट, नींद और रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखते हैं, जिससे स्वास्थ्य की निगरानी आसान हो जाती है। इसके अलावा डिजिटल फोटो फ्रेम जैसे गैजेट्स परिवार की यादों को लगातार जीवित रखने का काम करते हैं, जबकि नए स्मार्टफोन भी एक प्रैक्टिकल और उपयोगी गिफ्ट साबित हो सकते हैं। टेक विशेषज्ञों के अनुसार, ये स्मार्ट गैजेट्स सिर्फ सुविधा ही नहीं बढ़ाते बल्कि मां की दिनचर्या को ज्यादा आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक बनाते हैं।

मुख्यमंत्री बनते ही विजय का भावुक और दमदार जननायक’ रूप, परिवार की आंखें नम..

नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय उस समय शुरू हुआ जब अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी में आयोजित इस भव्य समारोह ने न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी चर्चा पैदा कर दी। यह अवसर उनके जीवन का सबसे निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जहां एक फिल्मी करियर से निकलकर उन्होंने सीधे राज्य के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। शपथ ग्रहण के बाद विजय का व्यक्तित्व पूरी तरह बदला हुआ और आत्मविश्वास से भरा नजर आया। मंच पर आते ही उन्होंने जनता को संबोधित किया और अपने विचारों को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उनका संदेश पूरी तरह जनसेवा और जिम्मेदारी पर केंद्रित था, जिसमें उन्होंने जनता के कल्याण को अपनी प्राथमिक प्राथमिकता बताया। इस दौरान उनके अंदाज में एक अलग ही गंभीरता और नेतृत्व क्षमता झलक रही थी, जिसे कई लोगों ने उनके ‘जननायक’ रूप से जोड़कर देखा। इस पूरे आयोजन का सबसे भावनात्मक पक्ष उनके परिवार की मौजूदगी रही। जैसे ही विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उनके पिता और माता भावुक हो उठे। उनके चेहरे पर गर्व के साथ-साथ भावनाओं की गहराई भी साफ दिखाई दे रही थी। यह दृश्य केवल एक राजनीतिक क्षण नहीं बल्कि एक पारिवारिक उपलब्धि का प्रतीक बन गया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। इसी समारोह में विजय के करीबी लोगों की मौजूदगी ने भी इस पल को और खास बना दिया। अभिनेत्री तृषा कृष्णन इस आयोजन में विशेष रूप से शामिल हुईं और पूरे कार्यक्रम के दौरान बेहद भावनात्मक नजर आईं। बताया जाता है कि इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान उनकी आंखों में नमी थी और वे इस उपलब्धि को बेहद करीब से महसूस कर रही थीं। उनकी उपस्थिति ने भी इस पूरे माहौल को और अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बना दिया। कार्यक्रम के दौरान कई अन्य प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिससे यह आयोजन एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मिलन के रूप में सामने आया। मंच पर और उसके बाद विजय का कई लोगों के साथ संवाद भी देखने को मिला, जिसमें एक नई शुरुआत और सहयोग की झलक स्पष्ट दिखाई दी। शपथ ग्रहण के बाद विजय सीधे सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला। यह क्षण उनके राजनीतिक सफर में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत का प्रतीक बना। इस दौरान उनके समर्थकों में उत्साह और जोश का माहौल देखा गया, जो लगातार उनके नेतृत्व को लेकर आशान्वित नजर आ रहे थे। इस पूरे आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि विजय का राजनीतिक प्रवेश केवल एक व्यक्तिगत यात्रा नहीं है, बल्कि यह एक बड़े जन समर्थन और उम्मीदों से जुड़ा हुआ अध्याय है। भावनाओं, जिम्मेदारियों और नई उम्मीदों से भरा यह दिन तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

रायसेन में बड़ा हादसा: बाइक सवार को बचाने में टैंकर पुलिया पर लटका

नई दिल्ली। सलामतपुर क्षेत्र में भोपाल-विदिशा नेशनल हाईवे 146 पर शुक्रवार रात एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। आमखेड़ा और काछी कानाखेड़ा गांव के बीच एक ऑयल टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग पर अटक गया और आधा वाहन हवा में लटक गया। यह घटना उस समय हुई जब टैंकर चालक ने सामने से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में अचानक वाहन मोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, टैंकर (एमपी04 एचई 7333) विदिशा की ओर जा रहा था, तभी अचानक सामने से बाइक सवार आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टेयरिंग घुमा दिया, जिससे टैंकर नियंत्रण खो बैठा और पुलिया की रेलिंग पर जाकर फंस गया। गनीमत रही कि टैंकर पूरी तरह नीचे नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस टक्कर में बाइक को भी नुकसान पहुंचा, जिसका अगला पहिया टूट गया। हालांकि बाइक सवार को गंभीर चोट नहीं आई और वह सुरक्षित बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग घबरा गए। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन की मदद से टैंकर को सुरक्षित रूप से हटाया गया और हाईवे पर यातायात को फिर से बहाल किया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंकर पूरी तरह पुलिया से नीचे गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि नीचे काफी गहराई है और वाहन में भारी मात्रा में तेल भी भरा हुआ था।

सरकारी कार्रवाई: वन भूमि पर कब्जे के आरोप में पंचायत सचिव की नौकरी गई

नई दिल्ली । विदिशा वन मंडल में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ग्राम पंचायत बीजूखेड़ी, जनपद पंचायत लटेरी के पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई वन भूमि पर कब्जे के गंभीर आरोपों और जांच में दोष सिद्ध होने के बाद की गई है। मामले की शुरुआत उस समय हुई जब वन परिक्षेत्र उत्तर लटेरी की देहरीपामा बीट के कक्ष क्रमांक पी-410 में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत सामने आई। इस पर वन विभाग ने 21 जुलाई 2024 को वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर पर ही इस अतिक्रमण का आरोप था। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 ‘अ’ के तहत संबंधित सचिव को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे मामला और गंभीर हो गया। जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद वनमंडलाधिकारी विदिशा ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया। आदेश की अवहेलना के बाद विभाग ने जिला पंचायत को कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। इसके बाद जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर 8 मई 2026 को पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों। इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर एक सख्त संदेश दिया गया है।

iPhone 18 Pro Leak: क्या सच में सस्ता होगा अगला iPhone? कीमत स्थिर रखने की तैयारी में Apple, नए फीचर्स को लेकर बड़े दावे

नई दिल्ली। टेक जगत में इस समय Apple Inc. के अपकमिंग फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ताज़ा लीक्स रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इस बार कीमतों में बड़ा इजाफा करने की बजाय उन्हें लगभग स्थिर रखने की रणनीति पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनियाभर में मेमोरी चिप्स और कंपोनेंट्स की कीमतें बढ़ने के बावजूद Apple सप्लाई कॉस्ट को खुद मैनेज कर यूजर्स पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहता। अनुमान है कि iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत लगभग 1,099 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की कीमत करीब 1,199 डॉलर के आसपास रह सकती है। हालांकि भारत में टैक्स और इंपोर्ट ड्यूटी के कारण कीमतें ज्यादा हो सकती हैं। लीक्स में यह भी दावा किया गया है कि Apple सितंबर 2026 में iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च कर सकता है। इन डिवाइसेज में 6.3 इंच और 6.9 इंच OLED डिस्प्ले मिलने की संभावना है, साथ ही डायनामिक आइलैंड का आकार पहले से छोटा किया जा सकता है, जिससे स्क्रीन एक्सपीरियंस और बेहतर होगा। परफॉर्मेंस के लिए इस बार नया 2nm A20 Pro चिपसेट मिलने की चर्चा है, जो ज्यादा तेज प्रोसेसिंग और बेहतर बैटरी एफिशिएंसी दे सकता है। इसके अलावा Apple अपने पुराने मॉडेम की जगह नया इन-हाउस C2 मॉडेम भी इस्तेमाल कर सकता है, जिससे नेटवर्क और बैटरी परफॉर्मेंस में सुधार संभव है। कलर ऑप्शंस में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जिनमें डार्क ब्लू, मिस्ट ब्लू, डार्क ग्रे और डार्क चेरी जैसे नए प्रीमियम शेड्स शामिल हो सकते हैं। हालांकि ये सभी जानकारियां अभी लीक्स और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, इसलिए आधिकारिक पुष्टि लॉन्च के समय ही सामने आएगी।

काम का बोझ या आपसी झगड़ा? आमला में देर रात घर लौटने को लेकर विवाद के बाद महिला का सुसाइड, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

नई दिल्ली । बैतूल जिले के आमला से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गृहक्लेश और तंगहाली ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। वार्ड नंबर-1 में रहने वाली 30 वर्षीय महिला नीलू नागले ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ (सल्फास) खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। विवाद और तंगहाली: दो मासूमों के सिर से उठा मां का सायाघटना की जानकारी मिलते ही आमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहाँ मृतका के सिरहाने से सल्फास की खाली डिब्बी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी को मुख्य कारण माना जा रहा है। देर रात घर लौटने पर होता था झगड़ाथाना प्रभारी मुकेश ठाकुर के अनुसार, नीलू बर्तन मांजने का काम करती थी। काम की अधिकता के कारण उसे अक्सर घर लौटने में देर हो जाती थी। इसी बात को लेकर पति विजय नागले, जो कि एक होटल में काम करता है, के साथ उसका अक्सर विवाद होता था। अंतिम मुलाकात: शनिवार रात करीब 12:30 बजे नीलू अपने पति के पास से बच्चों को लेने गई थी। संदिग्ध स्थिति: उसके कुछ ही समय बाद नीलू की तबीयत बिगड़ी और जहर के असर के कारण उसकी मौत हो गई। आर्थिक दबाव: पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर परिवार चला रहे थे, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते घर में मानसिक तनाव बना रहता था। पुलिस जांच और पोस्टमार्टमपुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है और मामले के हर पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या की असल वजह स्पष्ट हो सके।

UPPCL का बड़ा बदलाव: प्रीपेड मीटर से पोस्टपेड सिस्टम की ओर, जून 2026 से डिजिटल तरीके से मिलेगा बिजली बिल

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड Uttar Pradesh Power Corporation Limited (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव करते हुए प्रीपेड मीटर सिस्टम को पोस्टपेड मॉडल में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को अब बिजली रिचार्ज की टेंशन से राहत मिलेगी और हर महीने खपत के आधार पर बिल जारी किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मई 2026 का बिजली बिल जून 2026 में 1 से 10 तारीख के बीच उपभोक्ताओं तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाया जाएगा। UPPCL ने साफ किया है कि अब बिल एसएमएस और व्हाट्सएप  के जरिए सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजे जाएंगे, जिससे पेपर बिल की प्रक्रिया धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। उपभोक्ताओं को बिजली बिल प्राप्त करने के चार प्रमुख तरीके दिए गए हैंपहला तरीका SMS अलर्ट है, जिसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बिल की जानकारी भेजी जाएगी। दूसरा तरीका WhatsApp है, जहां डिस्कॉम के आधिकारिक नंबर पर मैसेज भेजकर बिल प्राप्त किया जा सकता है। तीसरा विकल्प Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट ऐप्स हैं, जहां कस्टमर ID डालकर बिल देखा और भुगतान किया जा सकता है। चौथा तरीका टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 है, जहां कॉल करके बिल की पूरी जानकारी ली जा सकती है। यूपीपीसीएल  के अनुसार, यह बदलाव स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और आसान बिलिंग सुविधा मिल सके। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को समय पर बिल की जानकारी और भुगतान की सुविधा मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी।

खुद चला रहा था ट्रैक्टर, लौटते समय हादसा: हरदा में नदी पार करते वक्त अनहोनी

नई दिल्ली ।  हरदा जिले के झाड़पा गांव में रविवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। अजनाल नदी पर बने पुल पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब किशोर खेत से मक्का लेकर ट्रॉली में भरकर गांव लौट रहा था और स्वयं ट्रैक्टर चला रहा था। जानकारी के अनुसार, झाड़पा गांव निवासी सूरज विश्नोई का बेटा दर्शन विश्नोई (15) रविवार सुबह नीमगांव स्थित अपने खेत से मक्का भरकर ट्रॉली में गांव लौट रहा था। लौटते समय जब वह अजनाल नदी के रपटे पर पहुंचा, तो ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे नदी में पलट गया। हादसे में किशोर ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे किशोर को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे तत्काल हरदा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक दर्शन विश्नोई अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसका बड़ा भाई लुधियाना में पढ़ाई कर रहा है। दर्शन हरदा के सरस्वती शिशु मंदिर में दसवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की मदद के लिए खेत का काम भी करता था। ग्रामीणों के अनुसार, नदी का रपटा कई बार हादसों का कारण बन चुका है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खतरनाक रास्तों और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के जोखिम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।