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YouTube Shorts पर बड़ा कंट्रोल: नई सेटिंग से मोबाइल फीड से हट सकते हैं शॉर्ट वीडियो, ऐसे करें बंद

नई दिल्ली। अगर आप यूट्यूब पर लगातार शॉर्ट्स  देखकर समय बर्बाद करने की आदत से परेशान हैं, तो अब इसका समाधान मिल सकता है। यूट्यूब ने एक नया फीचर या सेटिंग विकल्प दिया है, जिसकी मदद से यूजर्स अपने मोबाइल ऐप पर शॉर्ट्स को सीमित या लगभग बंद कर सकते हैं। इस सेटिंग का उद्देश्य डिजिटल वेल-बीइंग को बढ़ावा देना है, ताकि यूजर्स अनावश्यक स्क्रॉलिंग से बच सकें। कई यूजर्स खासकर पैरेंट्स इस फीचर को बच्चों की स्क्रीन टाइम आदत नियंत्रित करने के लिए उपयोगी मान रहे हैं। कैसे काम करता है यह फीचरYouTube ऐप में शॉर्ट्स फ़ीड लिमिट या समान नाम का विकल्प दिया गया है, जिसमें यूजर अपने शॉर्ट्स देखने के समय को मैनेज कर सकता है। इसमें डेली लिमिट सेट करने का विकल्प होता है, जिसे कम या जीरो तक सेट करने पर Shorts फीड काफी हद तक बंद हो सकती है। सेटिंग बदलने के बाद ऐप को रीस्टार्ट करना जरूरी होता है, ताकि बदलाव लागू हो सके। पैरेंट्स के लिए खास सुविधायह फीचर गूगल और YouTube फ़ैमिली सेंटर से जुड़े टीन अकाउंट्स में और ज्यादा कंट्रोल देता है। पैरेंट्स बच्चों के अकाउंट में Shorts देखने की लिमिट सेट कर सकते हैं, जिसे बच्चे आसानी से बदल नहीं सकते। किन डिवाइस पर उपलब्धयह फीचर फिलहाल केवल यूट्यूब मोबाइल ऐप (Android और iOS) पर ही उपलब्ध है। अभी तक इसे डेस्कटॉप और स्मार्ट टीवी वर्जन पर लागू नहीं किया गया है। नई यूट्यूब सेटिंग उपयोगकर्ता को शॉर्ट्स की आदत पर बेहतर कंट्रोल देती है और अनावश्यक स्क्रॉलिंग को कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि इसका असर यूजर सेटिंग और ऐप वर्जन पर निर्भर करता है।

बमोरी में हंगामा: खाद न मिलने पर किसानों का प्रदर्शन, तहसीलदार के आश्वासन के बाद खुला रास्ता

नई दिल्ली। गुना जिले के बमोरी क्षेत्र स्थित बागेरी डबल लॉक केंद्र पर सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंचे। किसानों के पास निर्धारित तारीख के ऑनलाइन टोकन थे, लेकिन केंद्र पर सर्वर डाउन होने के कारण खाद का वितरण शुरू नहीं हो सका। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत किसानों को पहले स्वयं टोकन जनरेट करना होता है और उसी दिन केंद्र पर पहुंचकर खाद प्राप्त करनी होती है। लेकिन तकनीकी खराबी ने पूरी व्यवस्था को ठप कर दिया। नाराज किसानों ने किया चक्काजामखाद न मिलने और बार-बार हो रही परेशानियों से आक्रोशित किसानों ने सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि यदि आज का टोकन एक्सपायर हो जाता है तो उन्हें फिर से पूरी प्रक्रिया दोहरानी पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होगी। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन मौके पर पहुंचा, समझाइश से शांत हुआ मामलास्थिति बिगड़ती देख बमोरी पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि किसानों के आज के टोकन मान्य रहेंगे और इन्हीं के आधार पर उन्हें अगले दिन खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सड़क यातायात बहाल हो गया। ऑनलाइन सिस्टम पर उठे सवालइस घटना ने खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि सर्वर डाउन और तकनीकी खराबी के कारण उन्हें बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि समय पर खाद न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है। बमोरी की यह घटना साफ दर्शाती है कि डिजिटल व्यवस्था के बावजूद जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियां किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं। प्रशासनिक आश्वासन के बाद भले ही मामला शांत हो गया हो, लेकिन सिस्टम की खामियों को सुधारने की जरूरत अब और ज्यादा महसूस की जा रही है।

GUAN CEMENT PLANT INAUGURATION: गुना में भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान CM और सिंधिया को पहनाई गई एक ही माला

GUAN CEMENT PLANT INAUGURATION

HIGHLIGHTS: गुना में सीमेंट प्लांट भूमिपूजन कार्यक्रम में दिखा दिलचस्प नजारा विधायक पन्नालाल शाक्य के चश्मे पर सिंधिया ने की तारीफ CM और सिंधिया को एक ही माला पहनाने की चर्चा 1059 करोड़ के सीमेंट प्लांट का हुआ भूमिपूजन CM मोहन यादव और उद्योगपति प्रणव अदाणी भी रहे मौजूद   GUAN CEMENT PLANT INAUGURATION: मध्यप्रदेश। गुना के मावन क्षेत्र में निजी कंपनी की ओर से करीब 1059 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सीमेंट प्लांट का भूमिपूजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उद्योगपति प्रणव अदाणी मुख्य रूप से शामिल हुए। इसके अलावा जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार समेत कई भाजपा नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को जिले के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आसिम मुनीर की भारत को चेतावनी: ‘भविष्य में होगा दर्दनाक अंजाम’, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फिर बढ़ा तनाव विधायक के चश्मे पर सिंधिया ने ली चुटकी कार्यक्रम के दौरान एक हल्का-फुल्का और मजेदार पल भी देखने को मिला। गुना विधायक पन्नालाल शाक्य काला चश्मा पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्हें देखकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुस्कुराते हुए बोले, आज तो बड़े जच रहे हो। सिंधिया की इस टिप्पणी पर मंच पर मौजूद नेता और कार्यकर्ता भी मुस्कुराने लगे। कार्यक्रम के दौरान नेताओं के बीच यह हल्की बातचीत चर्चा का विषय बनी रही। इजरायल, ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव पर बड़ा दावा: ‘युद्ध भड़काने की थी साजिश, लेकिन MBS ने रोका बड़ा संकट’ पहले आपको धन्यवाद दूंगा भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने विधायक पन्नालाल शाक्य का परिचय उद्योगपति प्रणव अदाणी से कराया। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा इन्हें धन्यवाद दीजिए। इस पर विधायक ने तुरंत जवाब दिया कि पहले आपको धन्यवाद दूंगा, बाद में इन्हें। विधायक के इस जवाब पर मंच पर मौजूद नेता और कार्यकर्ता हंस पड़े। दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। आईपीएल 2026: आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर पर गिरी गाज, मैच फीस का 15% जुर्माना एक ही माला से हुआ दोनों नेताओं का स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्वागत का एक अलग ही दृश्य भी देखने को मिला। पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया का मालाओं और भाजपा पट्टियों से स्वागत किया गया। बाद में जब मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों द्वारा एकत्र की गई वही मालाएं और पट्टियां कार्यकर्ताओं ने उठाकर CM के स्वागत में भी इस्तेमाल कर लीं। यह नजारा कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।  

MacBook Neo पर बड़ा ऑफर: Apple का सबसे सस्ता लैपटॉप हुआ और सस्ता, Amazon सेल में मिल रही भारी छूट

नई दिल्ली। एप्पल का एंट्री-लेवल मैकबुक नियो अब पहले से भी सस्ता हो गया है। मार्च में लॉन्च हुए इस लैपटॉप पर पहली बार बड़ा डिस्काउंट देखने को मिल रहा है, जिससे यूजर्स को हजारों रुपये की सीधी बचत का मौका मिल रहा है। ऑनलाइन सेल में यह ऑफर खासतौर परअमेज़न पर उपलब्ध है। कंपनी ने मैकबुक नियो को बजट सेगमेंट में उतारते हुए इसे हल्का, तेज और पावरफुल बनाने की कोशिश की है। इसमें Apple का A18 Pro चिपसेट दिया गया है, जो 5-कोर GPU के साथ आता है। Apple का दावा है कि यह कई Intel Core Ultra 5 लैपटॉप्स की तुलना में करीब 50% तक बेहतर परफॉर्मेंस देता है। इस लैपटॉप में 13 इंच का Liquid Retina डिस्प्ले, 1080p FaceTime HD कैमरा, डुअल माइक्रोफोन और डॉल्बी एटमॉस सपोर्ट वाले स्पीकर दिए गए हैं। इसके अलावा इसमें Magic Keyboard, बड़ा ट्रैकपैड और Touch ID जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी मिलती हैं। इसका वजन सिर्फ 1.23 किलोग्राम है, जिससे यह काफी पोर्टेबल बन जाता है। Amazon पर ऑफर डिटेलभारत में मैकबुक नियो के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत करीब ₹69,900 है, लेकिन Amazon सेल में यह लैपटॉप ₹61,990 में उपलब्ध है। यानी लगभग ₹8,000 की सीधी छूट मिल रही है। इसके अलावा चुनिंदा क्रेडिट कार्ड्स पर अतिरिक्त ₹4,000 तक का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है, जिससे कुल मिलाकर करीब ₹12,000 तक की बचत हो सकती है। इस ऑफर के बाद यह Apple का सबसे सस्ता MacBook और भी किफायती हो गया है। दूसरे ब्रांड्स पर भी ऑफरसिर्फ एप्पल ही नहीं, बल्कि फ्लिपकार्ट और अमेज़न दोनों प्लेटफॉर्म्स पर सैमसंग, आसुस और डैल जैसे ब्रांड्स के लैपटॉप पर भी भारी छूट मिल रही है। उदाहरण के तौर पर सैमसंग गैलेक्सी बुक 4 i7 को भी काफी कम कीमत में उपलब्ध कराया गया है, जिससे यह सेल टेक यूजर्स के लिए आकर्षक बन गई है।

आसिम मुनीर की भारत को चेतावनी: ‘भविष्य में होगा दर्दनाक अंजाम’, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फिर बढ़ा तनाव

नई दिल्ली। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत के खिलाफ सख्त बयान देते हुए भविष्य में “दर्दनाक परिणाम” भुगतने की चेतावनी दी है। यह बयान रावलपिंडी स्थित GHQ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जो कथित तौर पर ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान की वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। आसिम मुनीर ने दावा किया कि 6 और 7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया था, जिसका जवाब पाकिस्तान ने पूरी ताकत से दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई होती है, तो उसका जवाब “बहुत बड़ा और दर्दनाक” होगा। अपने संबोधन में उन्होंने भारत पर कई पुराने आतंकी हमलों के बाद की गई कार्रवाइयों को “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” बताने का आरोप लगाया और कहा कि भारत पाकिस्तान पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। हालांकि भारत इन सभी आरोपों को पहले ही सिरे से खारिज कर चुका है और उसका कहना है कि उसकी सभी कार्रवाइयां आतंकवाद के खिलाफ और आत्मरक्षा में होती हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जारी रखेगा। पिछले वर्षों में सीमा पार आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई को भारत अपनी सुरक्षा नीति का हिस्सा बताता रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

मंगलादित्य योग में चमकेगा दूसरा बड़ा मंगल 2026: मेष, वृश्चिक और मीन राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और धन लाभ के द्वार

नई दिल्ली। 12 मई 2026, मंगलवार को पड़ने वाला दूसरा बड़ा मंगल इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन मंगलादित्य योग और रुचक योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस योग के प्रभाव से साहस, सफलता, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक लाभ के अवसर बढ़ते हैं। बड़ा मंगल का धार्मिक महत्वबड़ा मंगल विशेष रूप से हनुमान जी की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं। मान्यता है कि इससे जीवन के संकट दूर होते हैं और आत्मबल में वृद्धि होती है। 2026 का यह दूसरा बड़ा मंगल विशेष योगों के कारण और भी अधिक फलदायी बताया जा रहा है। किन राशियों को मिलेगा लाभ मेष राशिमेष राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत और अवसरों से भरा रहेगा। नौकरी और करियर में अच्छे मौके मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बनेंगे। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक सुधार और भाग्य वृद्धि लेकर आ सकता है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। करियर में बदलाव के अच्छे अवसर मिल सकते हैं और विवाह या रिश्तों में सकारात्मकता बढ़ेगी। मीन राशिमीन राशि के जातकों के लिए यह बड़ा मंगल बहुत शुभ संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मेहनत का फल मिलेगा और आर्थिक लाभ के योग बनेंगे। मानसिक शांति और आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ेगी। ज्योतिषीय संकेत क्या कहते हैंमंगलादित्य योग तब बनता है जब सूर्य और मंगल एक विशेष स्थिति में आते हैं, जो ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है। वहीं रुचक योग पंच महापुरुष योगों में से एक है, जो व्यक्ति को साहसी, प्रभावशाली और सफल बनाता है। इन दोनों योगों का संयोग इस बड़े मंगल को अत्यंत शक्तिशाली बना रहा है। 2026 का दूसरा बड़ा मंगल धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टियों से खास है। यह दिन जहां भक्ति और आस्था का प्रतीक है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह करियर, धन और सम्मान में बड़ी उन्नति का संकेत भी लेकर आ सकता है।

इजरायल, ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव पर बड़ा दावा: ‘युद्ध भड़काने की थी साजिश, लेकिन MBS ने रोका बड़ा संकट’

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया की राजनीति एक बार फिर बड़े दावों और आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। सऊदी अरब के पूर्व खुफिया प्रमुख और पूर्व राजदूत प्रिंस तुर्की अल-फैसल ने दावा किया है कि यदि इजरायल की कथित रणनीति सफल हो जाती, तो ईरान और सऊदी अरब के बीच सीधा सैन्य संघर्ष भड़क सकता था, जिससे पूरा क्षेत्र विनाशकारी युद्ध की चपेट में आ जाता। हालांकि उन्होंने कहा कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की सूझबूझ और संयम की नीति के चलते सऊदी अरब इस बड़े संकट से बच गया। पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ते आरोपतुर्की अल-फैसल ने अपने लेख में दावा किया कि हाल के वर्षों में क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुछ बाहरी ताकतें चाहती थीं कि सऊदी अरब और ईरान सीधे टकराव में आ जाएं। उनके अनुसार, यदि यह स्थिति बनती तो खाड़ी देशों की तेल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और नागरिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंच सकता था। हालांकि यह सभी दावे उनके व्यक्तिगत विश्लेषण और राय पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद यह बयान क्षेत्रीय भू-राजनीति की जटिलता को उजागर करता है। सऊदी अरब की ‘संयम नीति’ का दावातुर्की अल-फैसल का कहना है कि सऊदी नेतृत्व ने इस पूरे तनाव के दौरान आक्रामक प्रतिक्रिया देने के बजाय कूटनीति और संयम का रास्ता अपनाया। उनके मुताबिक, अगर सऊदी अरब ईरान के हमलों का सैन्य जवाब देता, तो हालात तेजी से युद्ध में बदल सकते थे और खाड़ी क्षेत्र की तेल सुविधाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती थीं। उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब ने पर्दे के पीछे रहकर तनाव को कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की। ‘युद्ध में धकेलने की कोशिश’ का आरोपपूर्व खुफिया प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक समूहों के जरिए सऊदी अरब पर दबाव बनाने और उसे संघर्ष में खींचने की कोशिश की गई। लेकिन नेतृत्व ने सार्वजनिक बयानबाजी से दूरी बनाकर स्थिति को बिगड़ने से रोका। उनके अनुसार, यदि उस समय स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती तो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को भारी नुकसान पहुंच सकता था। MBS की रणनीति पर फोकसतुर्की अल-फैसल ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नीति को “दूरदर्शी और व्यावहारिक” बताया। उनके अनुसार, सऊदी अरब ने सीधे टकराव से बचकर क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी, जिससे एक बड़े युद्ध की आशंका टल गई। क्षेत्रीय राजनीति पर असरयह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावे भले ही राजनीतिक दृष्टिकोण हों, लेकिन ये क्षेत्र में जारी शक्ति संतुलन और कूटनीतिक संघर्ष को दर्शाते हैं। तुर्की अल-फैसल का यह दावा एक बार फिर दिखाता है कि पश्चिम एशिया की राजनीति कितनी जटिल और संवेदनशील है। जहां एक ओर सैन्य तनाव की आशंकाएं बनी रहती हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीति और संयम कई बार बड़े युद्धों को टालने में अहम भूमिका निभाते हैं।

आईपीएल 2026: आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर पर गिरी गाज, मैच फीस का 15% जुर्माना

नई दिल्ली।  आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को आखिरी गेंद तक चले संघर्ष में 2 विकेट से हरा दिया, लेकिन जीत के बाद टीम के हेड कोच एंडी फ्लावर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई ने सुर्खियां बटोर लीं। फ्लावर पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है क्योंकि उन्हें कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल 1 उल्लंघन का दोषी पाया गया। अंपायर से बहस बना विवाद की वजयह घटना आरसीबी की पारी के 17.2 ओवर में हुई, जब एक फैसले को लेकर मैदान पर असमंजस की स्थिति बनी। अल्लाह गजनफर की गेंद पर क्रुणाल पांड्या ने लॉन्ग-ऑन की दिशा में शॉट खेला, जहां नमन धीर ने शानदार फील्डिंग करते हुए गेंद को सीमा रेखा के पास से उछाल दिया। गेंद कैच के रूप में पूरी नहीं हुई और निर्णय को लेकर अंपायरों ने रिप्ले देखा, जिसके बाद इसे छक्का नहीं माना गया। इसी फैसले से नाराज होकर एंडी फ्लावर डगआउट से उठकर चौथे अंपायर के पास पहुंच गए और तीखी बहस करते नजर आए। कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन स्वीकाआईपीएल आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के तहत यह मामला ‘अभद्र भाषा और अनुचित व्यवहार’ की श्रेणी में आया। एंडी फ्लावर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जुर्माना स्वीकार कर लिया है, जिससे मामला यहीं समाप्त हो गया। मैच का रोमांच: आखिरी गेंद पर आरसीबी की जीमैच की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 166 रन बनाए। तिलक वर्मा ने 57 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि नमन धीर ने 47 रन जोड़े। जवाब में आरसीबी ने 168 रनों का लक्ष्य अंतिम गेंद पर हासिल किया। क्रुणाल पांड्या ने 73 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम की जीत की नींव रखी। वहीं, भुवनेश्वर कुमार ने न सिर्फ 4 विकेट झटके बल्कि आखिरी गेंद पर अहम रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। हालांकि आरसीबी ने एक रोमांचक जीत दर्ज की, लेकिन एंडी फ्लावर पर लगे जुर्माने ने मैच को विवादों में भी ला दिया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि आईपीएल में दबाव केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ पर भी उतना ही रहता है।

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की टूटी उम्मीदें, इन 5 बड़ी वजहों से डूबा प्लेऑफ का सपना

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का सफर निराशाजनक रहा। स्टार खिलाड़ियों की खराब फॉर्म, कमजोर मिडिल ऑर्डर और रणनीतिक गलतियों ने टीम को प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। आरसीबी से हार के बाद टीम की कमियां खुलकर सामने आ गईं। 1. सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म बनी सबसे बड़ी कमजोरीमुंबई इंडियंस के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव इस सीजन पूरी तरह लय से बाहर नजर आए। 11 पारियों में सिर्फ 195 रन और औसत 17.72 ने टीम की बल्लेबाजी को गहरी चोट पहुंचाई। उनसे जिस आक्रामक शुरुआत की उम्मीद थी, वह पूरी तरह नदारद रही। सिर्फ एक अर्धशतक उनके नाम रहा, जिससे मध्यक्रम पर दबाव लगातार बढ़ता गया। 2. जसप्रीत बुमराह का फीका प्रदर्शन, गेंदबाजी पड़ी कमजोरटीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस बार अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। 11 मैचों में केवल 3 विकेट लेना और 8.51 की इकोनॉमी रेट उनके लिए निराशाजनक रहा। डेथ ओवर्स में उनकी धार कम पड़ गई, जिसका खामियाजा टीम को लगातार हार के रूप में भुगतना पड़ा। 3. हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर उठे सवालकप्तान हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन भी इस सीजन चर्चा का विषय रहा। बल्ले से 146 रन और गेंद से 4 विकेट उनके प्रभाव को दर्शाते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उनकी रणनीति रही, जिसमें सही समय पर गेंदबाजी परिवर्तन और प्लेइंग इलेवन का चयन लगातार गलत साबित हुआ। कई करीबी मुकाबले टीम की पकड़ से फिसल गए। 4. मजबूत स्पिन विभाग का अभाव पड़ा भारीमुंबई इंडियंस इस सीजन एक प्रभावी स्पिनर की कमी से जूझती नजर आई। अल्लाह गजनफर लगातार प्रदर्शन करने में असफल रहे, जबकि मिचेल सैंटनर की चोट ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। बीच के ओवरों में रन रोकने और विकेट निकालने की क्षमता कमजोर रही, जिससे विपक्षी टीमों को खुलकर खेलने का मौका मिला। 5. कमजोर मिडिल ऑर्डर ने किया निराशइस सीजन मुंबई इंडियंस का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ाया हुआ दिखा। सूर्यकुमार के अलावा हार्दिक पांड्या, नमन धीर और विल जैक्स जैसे खिलाड़ी लगातार रन बनाने में असफल रहे। वहीं ओपनिंग जोड़ी भी स्थिर शुरुआत देने में नाकाम रही, जिससे पूरा बल्लेबाजी क्रम दबाव में आ गया। कुल मिलाकर मुंबई इंडियंस का आईपीएल 2026 अभियान उम्मीदों के विपरीत रहा। स्टार खिलाड़ियों की विफलता, कमजोर रणनीति और संतुलन की कमी ने टीम को प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। अब फ्रेंचाइजी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले सीजन के लिए अपनी गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करना होगा।

भ्रष्टाचार विवाद के बीच चीन का भावनात्मक दांव: गलवान शहीदों की माताओं का वीडियो जारी कर बदली सियासी नैरेटिव

नई दिल्ली। चीन में सेना के भीतर भ्रष्टाचार और नेतृत्व स्तर पर सख्त कार्रवाई की खबरों के बीच बीजिंग ने ध्यान भटकाने के लिए एक भावनात्मक रणनीति अपनाई है। मदर्स डे (10 मई) के मौके पर सरकारी मीडिया ने गलवान घाटी संघर्ष में मारे गए सैनिकों की माताओं का वीडियो जारी किया, जिसमें उन्हें अपने बेटों की याद में भावुक होते दिखाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में 2020 के गलवान संघर्ष में मारे गए सैनिकों के परिजनों को ‘चीनी जन क्रांति सैन्य संग्रहालय’ का दौरा करते दिखाया गया, जहां वे अपने बेटों की प्रतिमाएं देखकर भावुक हो उठीं। इस कंटेंट को चीनी मीडिया ने देशभक्ति और बलिदान की भावना से जोड़कर पेश किया। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पीएलए (People’s Liberation Army) में भ्रष्टाचार और उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में पूर्व रक्षा मंत्रियों वेई फेंगहे और ली शांगफू को लेकर सामने आए कथित भ्रष्टाचार मामलों ने चीन की सैन्य व्यवस्था पर बहस तेज कर दी है। pic.twitter.com/B7sut6p7zb — IndianArmy Observer (@PorkJihadist) May 11, 2026 सोशल मीडिया पर भी चीनी नागरिकों के बीच सेना में व्याप्त भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और हथियार खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर चर्चा बढ़ी हुई है। ऐसे में गलवान शहीदों के वीडियो को सरकार की तरफ से भावनात्मक और राष्ट्रवादी माहौल बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि चीन किस तरह संवेदनशील राष्ट्रीय घटनाओं का इस्तेमाल आंतरिक राजनीतिक दबाव और भ्रष्टाचार विवादों से ध्यान हटाने के लिए करता है।