Indore water crisis: पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

Indore water crisis: नई दिल्ली । इंदौर में गर्मी बढ़ते ही पानी का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को शहर के विकास नगर इलाके में पानी की गंभीर समस्या से परेशान रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और जोरदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने खाली मटके सड़क पर फोड़ दिए, जिससे माहौल और अधिक आक्रोशपूर्ण हो गया। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय पार्षद भी शामिल रहीं, जिन्होंने लोगों के साथ सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने महापौर और नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की आपूर्ति ठीक नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि पानी की सप्लाई में अनियमितता के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। Portable TV: अब टीवी आपके साथ चलेगा! बैटरी वाला स्मार्ट टीवी बना नया टेक ट्रेंड, जानिए फीचर्स, कीमत और फायदे-नुकसान बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई में इंटरकनेक्शन के जरिए बदलाव किया गया है, जिसके कारण कुछ इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया है। साथ ही दूषित पानी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि मौके पर स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर इस तरह का विरोध शहर में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है
SanDisk Crayola Pen Drive लॉन्च: क्रेयॉन जैसी डिजाइन वाली नई USB ड्राइव, बच्चों को खेल-खेल में सिखाएगी टेक्नोलॉजी

नई दिल्ली। भारत में SanDisk ने अपनी नई Crayola USB-C Pen Drive लॉन्च की है, जिसका डिजाइन बिल्कुल क्रेयॉन (मोम पेंसिल) जैसा रखा गया है। यह पेन ड्राइव सिर्फ डेटा स्टोरेज के लिए नहीं, बल्कि बच्चों को टेक्नोलॉजी समझाने के लिए एक एजुकेशनल टूल के रूप में तैयार की गई है। क्यों बनाई गई यह पेन ड्राइव?SanDisk और Crayola की पार्टनरशिप में बनी यह डिवाइस खासतौर परबच्चों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिएस्टोरेज डिवाइस को डराने वाली चीज नहीं बल्कि मजेदार टूल बनाने के लिएपैरेंट्स और टीचर्स को पढ़ाई में मदद देने के लिएबच्चों को खेल-खेल में डिजिटल फाइल्स समझाने के लिएयानी इसका मकसद है “सीखना आसान और मजेदार बनाना। इसे कैसे डिजाइन किया गया है?अंदर: नॉर्मल हाई-स्पीड फ्लैश मेमोरी चिपक्रेयॉन (मोम पेंसिल) जैसा प्लास्टिक डिजाइनUSB-C कनेक्टर फ्रंट में दिया गया हैइसे इस तरह बनाया गया है कि यह खिलौने जैसा भी लगे और टेक डिवाइस भी रहे यही वजह है कि पहली नजर में यह पेन ड्राइव नहीं बल्कि क्रेयॉन जैसा लगता है। फीचर्स और टेक्नोलॉजीUSB 3.2 Gen 1 = 300 MB/s तक की हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर स्टैंडर्ड USB 3.2 Gen 1 इंटरफेसरीड स्पीड: 300 MB/s तकUSB-C सपोर्टस्टोरेज: 64GB, 128GB, 256GBलैपटॉप, iPad और Chromebook सपोर्टप्लग एंड प्ले (कोई सेटअप नहीं)5 साल की लिमिटेड वारंटी कीमत64GB → ₹2,769128GB → ₹3,939256GB → ₹6,029 सभी मॉडल ऑनलाइन (जैसे Amazon) पर उपलब्ध हैं डिजाइन और खास बातक्रेयॉन जैसा यूनिक डिजाइनMango, Tango, Blue और Lime कलर ऑप्शनकंप्यूटर में कनेक्ट करने पर आइकन भी क्रेयॉन जैसा दिखता हैहल्की और पोर्टेबल डिवाइस फायदेबच्चों के लिए आसान और मजेदार सीखने का तरीकातेज डेटा ट्रांसफरयूनिक और आकर्षक डिजाइनस्कूल प्रोजेक्ट और एजुकेशन में उपयोगीलैपटॉप और टैबलेट के बीच आसान फाइल शेयरिंग नुकसानसामान्य पेन ड्राइव से महंगीडिजाइन फोकस ज्यादा, प्रोफेशनल फीचर्स कमबच्चों के लिए होने के कारण हर यूजर के लिए जरूरी नहींखोने या नुकसान होने का रिस्क ज्यादा (खिलौने जैसी फीलिंग) बच्चों के लिए सीखने का साधनक्रेयोला पेन ड्राइव = स्टोरेज डिवाइस + बच्चों के लिए सीखने का साधनसैंडिस्क क्रेयोला पेन ड्राइव एक यूनिक कॉन्सेप्ट है जो टेक्नोलॉजी और एजुकेशन को जोड़ती है। यह बच्चों के लिए खास तौर पर बनाई गई है ताकि वे स्टोरेज डिवाइस और डिजिटल फाइल्स को खेल-खेल में समझ सकें, लेकिन इसकी कीमत और सीमित प्रोफेशनल उपयोग इसे हर किसी के लिए जरूरी गैजेट नहीं बनाते।
डैंड्रफ और खुजली से परेशान हैं? अपनाएं ये आसान घरेलू हर्बल शैम्पू रेसिपी

नई दिल्ली । गर्मी का मौसम आते ही बालों और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। पसीना, धूल और उमस के कारण अक्सर डैंड्रफ, खुजली और ऑयली स्कैल्प जैसी परेशानियां लोगों को घेर लेती हैं। ऐसे में अधिकतर लोग केमिकल युक्त शैम्पू का उपयोग करते हैं, जो शुरुआती राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से नेचुरल हर्बल उपायों की ओर रुझान बढ़ रहा है। आयुर्वेद में नीम को बालों और त्वचा की समस्याओं के लिए बेहद प्रभावी माना गया है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण स्कैल्प को गहराई से साफ करने और खुजली व डैंड्रफ को कम करने में मदद करते हैं। घर पर बना नीम हर्बल शैम्पू न केवल सुरक्षित है, बल्कि बालों को प्राकृतिक पोषण भी देता है। इस शैम्पू को बनाने के लिए ताजी नीम की पत्तियां, पानी, माइल्ड लिक्विड या कास्टाइल साबुन, एलोवेरा जेल और नारियल तेल की जरूरत होती है। सबसे पहले नीम की पत्तियों को अच्छे से धोकर पानी में उबाला जाता है, जब तक पानी आधा न रह जाए। इसके बाद इसे ठंडा कर छान लिया जाता है ताकि नीम का अर्क अलग हो जाए। इस अर्क में हल्का साबुन मिलाकर शैम्पू तैयार किया जाता है। चाहें तो इसमें एलोवेरा जेल और नारियल तेल भी मिलाया जा सकता है, जिससे बालों को अतिरिक्त नमी और पोषण मिलता है। यह मिश्रण बालों को साफ करने के साथ-साथ स्कैल्प को ठंडक भी प्रदान करता है। इस्तेमाल के लिए बालों को हल्का गीला कर तैयार शैम्पू लगाकर 2–3 मिनट तक हल्की मसाज करनी चाहिए और फिर साफ पानी से धो लेना चाहिए। बेहतर परिणाम के लिए इसका उपयोग सप्ताह में दो से तीन बार किया जा सकता है। यह घरेलू हर्बल शैम्पू खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, जो डैंड्रफ, खुजली, ऑयली स्कैल्प या हल्के फंगल इंफेक्शन से परेशान रहते हैं। नियमित उपयोग से बाल साफ, मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं।
मंगलवार के दिन करें हनुमान मंत्रों का जाप, हर संकट से मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली । मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में हनुमान जी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होने और सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन हनुमान जी की उपासना करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ और विशेषकर लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा के लिए घर के ईशान कोण को साफ करके वहां हनुमान जी के साथ भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा या चित्र स्थापित किए जाते हैं। इसके बाद दीपक जलाकर पुष्प, माला और लाल सिंदूर अर्पित किया जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। भोग के रूप में गुड़-चना और बूंदी चढ़ाने की परंपरा भी है। पूजा के दौरान हनुमान जी के विशेष मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। श्रद्धालु निम्न मंत्रों का उच्चारण करते हैं, जिनमें शक्ति और संरक्षण का भाव निहित है- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।इसके अलावा अन्य पवित्र मंत्रों का भी जाप किया जाता है, जिनसे मानसिक शांति और भय से मुक्ति मिलने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि नियमित रूप से इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। मंगलवार को हनुमान जी को लाल सिंदूर और तिल का तेल अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। लाल वस्त्र और लाल पुष्प भी उन्हें अत्यंत प्रिय होते हैं। इस दिन की गई सच्चे मन से पूजा भक्त के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की भक्ति से व्यक्ति में साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का विकास होता है। मंगलवार का दिन उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है, जो भक्तों को हर प्रकार के संकट से उबारने की क्षमता रखता है।
वट सावित्री व्रत 2026: नए व्रतियों के लिए आसान पूजा विधि और जरूरी नियम

नई दिल्ली । वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत का संबंध माता सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जिसमें सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति के प्राण वापस ले लिए थे। इसी कारण यह व्रत वैवाहिक जीवन की मजबूती और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में वट सावित्री व्रत 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा। यह तिथि ज्येष्ठ माह की अमावस्या को पड़ रही है। अमावस्या तिथि का आरंभ सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा और यह देर रात 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर व्रत 16 मई को ही रखा जाएगा। जो महिलाएं पहली बार व्रत रखने जा रही हैं, उनके लिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर वट वृक्ष की पूजा की जाती है। महिलाएं वट वृक्ष की परिक्रमा करती हैं और कच्चा सूत बांधकर पूजा करती हैं। सावित्री-सत्यवान की कथा सुनना इस व्रत का प्रमुख हिस्सा है। इसके बाद पति की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना की जाती है। पूजा के लिए इस दिन शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, जो अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस वर्ष वट सावित्री व्रत पर सौभाग्य योग और शोभन योग का संयोग भी बन रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। वट सावित्री व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पति-पत्नी के अटूट प्रेम और समर्पण को भी दर्शाता है। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजा करें ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
बिग बी की रातों की कहानी: काम और नींद के बीच संघर्ष, मिडनाइट रूटीन ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता Amitabh Bachchan एक बार फिर अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता और निजी अनुभवों को लेकर चर्चा में हैं। 83 वर्ष की उम्र में भी लगातार काम करने की उनकी आदत अब उनकी दिनचर्या और नींद पर असर डाल रही है। हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग के माध्यम से इस बात का खुलासा किया कि व्यस्त कार्य शेड्यूल के चलते उनकी रातों की नींद प्रभावित हो रही है और उनका रूटीन पूरी तरह बदल चुका है। अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा कि कई बार रात देर तक काम करने के कारण नींद सामान्य समय पर नहीं आ पाती। उन्होंने यह भी साझा किया कि डॉक्टर अक्सर उन्हें पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कम से कम सात घंटे की नींद जरूरी होती है। इसके बावजूद उनका काम और जिम्मेदारियां उन्हें लगातार व्यस्त रखती हैं, जिससे उनका सोने का पैटर्न प्रभावित हो गया है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि रात के शांत समय में काम करना और विचारों में खोए रहना अब उनकी आदत बन चुकी है। जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब वे अपने काम और डिजिटल माध्यमों से जुड़े रहते हैं। इसी दौरान उन्हें संगीत सुनने का भी समय मिलता है, जिसे वे मानसिक शांति का सबसे बड़ा साधन मानते हैं। उन्होंने विशेष रूप से शास्त्रीय और वाद्य संगीत का जिक्र किया, जिसमें स्लाइड गिटार और सितार जैसी धुनें उन्हें गहरी शांति देती हैं। उनके अनुसार, यह संगीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि आत्मा को सुकून देने वाला अनुभव है, जो थकान और मानसिक दबाव को कम करने में मदद करता है। अपने विचारों में उन्होंने संगीत को मानवता की एक साझा भाषा भी बताया। उनके अनुसार दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, संगीत के सुर एक जैसे ही होते हैं और यही बात इसे सबसे अनोखा बनाती है। उनका मानना है कि संगीत न केवल भावनाओं को जोड़ता है बल्कि इंसान को भीतर से संतुलित भी रखता है। काम के मोर्चे पर भी Amitabh Bachchan लगातार सक्रिय हैं। वे जल्द ही एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट के सीक्वल में नजर आने वाले हैं, जिसमें उनका किरदार फिर से दर्शकों के सामने आएगा। इस फिल्म ने पहले भाग में बड़ी सफलता हासिल की थी और अब इसके अगले अध्याय को लेकर भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। 83 साल की उम्र में भी उनकी ऊर्जा और समर्पण यह दिखाते हैं कि उनके लिए अभिनय केवल पेशा नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा है। हालांकि नींद और स्वास्थ्य को लेकर उनकी चिंता भी सामने आई है, लेकिन उनका काम के प्रति जुनून अभी भी पहले जैसा ही मजबूत है। उनकी यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की दिनचर्या नहीं, बल्कि उस समर्पण की झलक है जो उम्र के साथ भी कम नहीं होता। यह दिखाता है कि कैसे एक कलाकार अपने जुनून और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता रहता है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।
Honda NX500 E-Clutch भारत में लॉन्च: ₹7.44 लाख कीमत, बिना क्लच दबाए चलेगी बाइक

नई दिल्ली। होंडा ने भारत में अपनी नई एडवेंचर बाइक NX500 E-Clutch को लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹7.44 लाख रखी गई है। यह बाइक अपनी नई E-Clutch टेक्नोलॉजी के कारण चर्चा में है, जिसमें राइडर को गियर बदलते समय क्लच लीवर दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। क्या है खास E-Clutch टेक्नोलॉजी?इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणाली का उपयोग करके स्वचालित क्लच सक्रियण होंडा की E-Clutch सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक एक्चुएटर्स लगे होते हैं, जो गियर बदलने, बाइक स्टार्ट करने और रोकने के दौरान क्लच को अपने आप ऑपरेट करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि राइडर चाहे तो क्लच लीवर का मैनुअल कंट्रोल भी इस्तेमाल कर सकता है, यानी यह पूरी तरह ऑटोमैटिक नहीं बल्कि सेमी-ऑटोमैटिक अनुभव देता है। इंजन और परफॉर्मेंसNX500 E-Clutch में कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं किया गया है471cc, पैरलल ट्विन, लिक्विड-कूल्ड इंजनपावर: 47 hp @ 8,500 rpm6-स्पीड गियरबॉक्सफ्रंट: USD फोर्क सस्पेंशनरियर: मोनोशॉकब्रेकिंग सेटअप:फ्रंट: 296mm डुअल डिस्करियर: 240mm सिंगल डिस्कडुअल चैनल ABS वजन और डिजाइनE-Clutch सिस्टम से बाइक का वजन सिर्फ 3 किलो बढ़ाकुल वजन: 199 किलोटेक्नोलॉजी कॉम्पैक्ट होने के बावजूद परफॉर्मेंस पर असर नहीं पड़ता कीमत और मुकाबलानई NX500 पहले वाले मॉडल से करीब ₹1.11 लाख महंगी है।मार्केट में इसका मुकाबला इन बाइक्स से होगा:BMW F 450 GS Trophy — ₹5.30 लाखKawasaki Versys 650 — ₹8.63 लाखहोंडा की यह बाइक अपनी बिल्ड क्वालिटी और कम मेंटेनेंस कॉस्ट के लिए जानी जाती है। फीचर्स और वेरिएंटदो कलर: व्हाइट और ब्लैक5-इंच TFT डिस्प्लेस्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोलबुकिंग सभी Honda BigWing डीलरशिप पर शुरूराइडिंग मोड्स नहीं दिए गए हैंE-Clutch उन राइडर्स के लिए खास है जो ट्रैफिक में बार-बार क्लच दबाने से थक जाते हैं। यह सिस्टम शहर और हाईवे दोनों तरह की राइडिंग को आसान बनाता है।
आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में Delhi Capitals ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 3 विकेट से मात दी। धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में दिल्ली ने 211 रनों का लक्ष्य 19 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज साबित हुआ। मैच की शुरुआत दिल्ली के लिए बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक पोरेल मात्र 5 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि केएल राहुल सिर्फ 9 रन ही बना सके। मिडिल ऑर्डर भी लड़खड़ा गया और साहिल प्रकाश 13 रन तथा ट्रिस्टन स्टब्स 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 74 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद दिल्ली संकट में नजर आ रही थी। लेकिन इसके बाद कप्तान Axar Patel और डेविड मिलर ने पारी को संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 34 गेंदों में 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। अक्षर पटेल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वहीं David Miller ने भी 28 गेंदों में 51 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। अंतिम ओवरों में आशुतोष शर्मा ने 10 गेंदों में 24 रन की तेज पारी खेली। वहीं माधव तिवारी और आकिब नबी ने नाबाद रहते हुए तेजी से रन बटोरे और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिरी क्षणों में लगाए गए बड़े शॉट्स ने मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया और दिल्ली कैपिटल्स ने जीत दर्ज कर ली। इससे पहले पंजाब किंग्स की ओर से बेहतरीन बल्लेबाजी देखने को मिली। कप्तान Shreyas Iyer ने 36 गेंदों में 59 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं प्रियांश आर्या ने 33 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। कूपर कोनोली ने 38 रनों का योगदान दिया, जबकि सूर्यांश शेडगे ने अंतिम ओवरों में तेजी से 21 रन जोड़े। दिल्ली की गेंदबाजी में Mitchell Starc और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट हासिल किए। हालांकि पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी के बावजूद दिल्ली ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया। यह मुकाबला आईपीएल के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है, जहां दबाव के बीच दिल्ली कैपिटल्स ने बेहतरीन टीमवर्क दिखाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
रिजेक्शन से आत्मविश्वास टूटने तक का सफर: रुबीना दिलैक की जिंदगी का वह मोड़ जिसने उन्हें मजबूत बना दिया

नई दिल्ली ।टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के उस दौर को याद किया, जिसने उनकी सोच और आत्मविश्वास दोनों को गहराई से प्रभावित किया था। आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें उनके लुक्स के आधार पर रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था। रुबीना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में जब वह इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही थीं, तब उन्हें कई बार अपने चेहरे और व्यक्तित्व को लेकर कठोर टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। एक मौके पर तो एक डायरेक्टर ने सीधे यह कह दिया था कि उनका चेहरा “लीड रोल के लायक नहीं” है। यह बात उनके लिए बेहद आहत करने वाली थी और इसी ने उनके आत्मविश्वास को हिला कर रख दिया था। उस समय रुबीना खुद को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। उनके अनुसार, वह अपने लुक्स को लेकर अक्सर असहज महसूस करती थीं, खासकर जब उनके दांतों में ब्रेसेस लगे हुए थे। उन्हें लगता था कि शायद वह उस इंडस्ट्री के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, जहां बाहरी खूबसूरती को अक्सर बहुत महत्व दिया जाता है। इस सोच ने उन्हें कई बार भीतर से कमजोर भी किया। लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को समझना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने यह महसूस किया कि बाहरी आलोचनाएं उनकी पहचान तय नहीं कर सकतीं। उन्होंने अपनी कमियों को कमजोरी के रूप में नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व का हिस्सा मानना शुरू किया। यही सोच उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई। रुबीना के अनुसार, खुद को स्वीकार करना आसान नहीं था, लेकिन यही वह कदम था जिसने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया। उन्होंने अपने भीतर आत्मविश्वास को फिर से खड़ा किया और अपने करियर को एक नई दिशा देने की कोशिश की। इस बदलाव ने उन्हें न केवल एक बेहतर कलाकार बनाया, बल्कि एक मजबूत इंसान भी बनाया। अपने निजी जीवन के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गई हैं। अब उनके लिए काम से ज्यादा परिवार और बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। किसी चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट में हिस्सा लेना उनके लिए अब केवल प्रोफेशनल फैसला नहीं होता, बल्कि भावनात्मक रूप से भी एक बड़ी जिम्मेदारी बन गया है। इस सफर में उनके जीवनसाथी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि कठिन समय में उन्हें अपने परिवार का पूरा सहयोग मिला, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। यह समर्थन उनके लिए बेहद अहम साबित हुआ, खासकर तब जब वह खुद पर विश्वास खोने लगी थीं। आज रुबीना दिलैक उस मुकाम पर हैं जहां वह न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि कई लोगों के लिए प्रेरणा भी बन चुकी हैं। उनका यह सफर यह दिखाता है कि असफलता और आलोचना अंत नहीं होती, बल्कि सही सोच और आत्मविश्वास के साथ उन्हें ताकत में बदला जा सकता है।
रणवीर सिंह बनेंगे भगवान शिव, अमिश त्रिपाठी की 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' पर आधारित भव्य ट्रायलॉजी का हुआ शंखनाद

नई दिल्ली ।भारतीय फिल्म उद्योग के ऊर्जावान अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर के सबसे सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। अपनी पिछली रिलीज फिल्मों की ऐतिहासिक सफलता के बाद, रणवीर ने अब एक ऐसे प्रोजेक्ट पर हाथ डाला है जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। ताजा जानकारी के अनुसार, रणवीर सिंह विख्यात लेखक अमिश त्रिपाठी की सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तक शृंखला ‘द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पर आधारित एक भव्य ट्रायलॉजी फिल्म बनाने की योजना बना रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस फिल्म में रणवीर न केवल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, बल्कि वे इसे अपने स्वयं के प्रोडक्शन बैनर के तले निर्मित भी करेंगे। यह फिल्म भगवान शिव के एक मानवीय और वीर स्वरूप की गाथा होगी, जो एक प्राचीन सभ्यता के भाग्य को बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। फिल्म जगत में इस खबर के आने के बाद से ही प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि फिल्म की पूरी स्टार कास्ट अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन स्क्रीनप्ले पर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस महागाथा के पहले भाग का प्रोडक्शन कार्य साल 2028 तक शुरू होने की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि इस कहानी के अधिकारों को लेकर बॉलीवुड में लंबे समय से चर्चाएं थीं। पूर्व में अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों ने भी इस कहानी में रुचि दिखाई थी, लेकिन अंततः यह प्रोजेक्ट रणवीर सिंह के खाते में गया है। रणवीर की टीम इस प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी और रचनात्मक निवेश करने की तैयारी में है। रणवीर सिंह की हालिया फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। स्पाई थ्रिलर शैली में उनकी पिछली प्रस्तुतियों ने वैश्विक स्तर पर हजारों करोड़ का कारोबार कर उनकी साख को एक वैश्विक सितारे के रूप में स्थापित किया है। उनके अभिनय की विविधता और किरदार में जान फूंकने की कला को देखते हुए यह माना जा रहा है कि भगवान शिव का जटिल और शक्तिशाली किरदार उनके लिए एक नई चुनौती और उपलब्धि होगा। इसके साथ ही, चर्चाएं यह भी हैं कि वे आगामी वर्षों में कुछ अन्य बड़े निर्देशकों के साथ भी बड़े स्तर की एक्शन और थ्रिलर फिल्मों में नजर आएंगे। फिलहाल, ‘द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पर आधारित यह प्रोजेक्ट भारतीय पौराणिक कथाओं को बड़े पर्दे पर देखने वाले दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है।