महंगाई ने बढ़ाई टेंशन, पेट्रोल-डीजल, CNG, दूध और सोने की कीमतों में जोरदार उछाल..

नई दिल्ली । देश में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश तक हर चीज की कीमतों में अचानक आए उछाल ने घरेलू बजट पर बड़ा दबाव डाल दिया है। पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़ने के साथ ही दूध और सोने की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे आम उपभोक्ता की चिंता और बढ़ गई है। ईंधन की कीमतों में बदलाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है क्योंकि परिवहन से लेकर वस्तुओं की ढुलाई तक हर चीज इससे जुड़ी होती है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे देश के बड़े शहरों में रेट नए स्तर पर पहुंच गए हैं। लंबे समय बाद हुए इस बदलाव ने उपभोक्ताओं के बीच असंतोष बढ़ा दिया है, क्योंकि पहले से ही बढ़ती लागत के बीच यह अतिरिक्त बोझ सामने आया है। पेट्रोल-डीजल के साथ ही CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी ने शहरी परिवहन व्यवस्था पर असर डालना शुरू कर दिया है। कई महानगरों में CNG के दाम बढ़ने के बाद ऑटो, टैक्सी और बस संचालन की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि परिवहन यूनियनें किराया बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बन सकता है। महंगाई का असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह रसोई तक भी पहुंच गया है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों द्वारा दूध के दाम में बढ़ोतरी की गई है, जिससे हर घर के मासिक खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दूध जैसी जरूरी वस्तु की कीमत बढ़ने से परिवारों का बजट सीधे प्रभावित होता है, खासकर उन घरों में जहां दूध दैनिक उपयोग का हिस्सा है। कंपनियों का कहना है कि पशु आहार, पैकेजिंग और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण यह निर्णय लेना पड़ा। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में लगातार तेजी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर बढ़ती मांग के चलते सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। शादी और त्योहारों के सीजन में सोने की बढ़ती कीमतें आम लोगों की खरीद क्षमता पर सीधा असर डाल रही हैं। निवेश के लिहाज से सोना भले ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमतें खरीददारों के लिए चुनौती बन गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय तनाव इस महंगाई के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है। एक साथ कई जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, NEET एग्जाम पैटर्न में बदलाव तय

नई दिल्ली । Dharmendra Pradhan ने NEET 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब अगले साल से NEET UG परीक्षा OMR शीट की बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। सरकार ने यह फैसला पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लिया है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET परीक्षा पर सवाल तब उठे, जब 7 मई को कथित गेस पेपर के सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद केंद्र सरकार और National Testing Agency ने जांच शुरू की। जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने पर 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह केवल परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि “शिक्षा माफियाओं” के खिलाफ बड़ी लड़ाई है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब ऑनलाइन होगी NEET परीक्षसरकार का मानना है कि OMR आधारित परीक्षा में पेपर लीक और छेड़छाड़ की आशंका अधिक रहती है। इसी वजह से अब CBT मोड को अपनाने का फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था में छात्र कंप्यूटर पर परीक्षा देंगे, जिससे मॉनिटरिंग और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी। 21 जून को होगी दोबारा परीक्षाNational Testing Agency ने NEET UG 2026 री-एग्जाम की नई तारीख 21 जून घोषित की है। छात्रों को परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, जबकि एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जाएंगे।छात्रों को क्या फायदा होगा?पेपर लीक की संभावना कम होगीरिजल्ट प्रोसेसिंग तेज होगीपरीक्षा अधिक पारदर्शी बनेगीडिजिटल मॉनिटरिंग आसान होगीबड़े स्तर पर गड़बड़ी रोकने में मदद मिलेगीहालांकि, कई छात्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को CBT मोड के लिए अतिरिक्त तैयारी की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में सरकार जल्द ही मॉक टेस्ट और डिजिटल प्रैक्टिस प्लेटफॉर्म भी शुरू कर सकती है। सोशल मीडिया अफवाहों से बचने की सलाहशिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें। केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जानकारी को ही सही मानें।
पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी पर सियासत तेज, राहुल गांधी बोले—गलती सरकार की, बोझ जनता पर

नई दिल्ली । पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ईंधन के दाम बढ़ने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे सीधे तौर पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसका सीधा असर देश की महंगाई पर पड़ेगा और इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फैसले सरकार के होते हैं, लेकिन उसकी कीमत जनता को चुकानी पड़ती है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि ईंधन की कीमतों में पहले से ही असर दिखना शुरू हो गया है और आगे चलकर इसका बोझ और बढ़ सकता है। उनके अनुसार, इस तरह के फैसले आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर डालते हैं और महंगाई को और बढ़ाते हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक चुनौतियों के पीछे नेतृत्व की कमी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का अभाव है। उनके मुताबिक, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर अतिरिक्त दबाव बनता है और यह स्थिति सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर आम उपभोक्ताओं तक सही तरीके से नहीं पहुंचाया गया है। उनका दावा है कि जब वैश्विक स्तर पर कीमतें कम थीं, तब उसका लाभ जनता को नहीं मिला, और अब जब कीमतें बढ़ रही हैं, तो उसका बोझ सीधे लोगों पर डाला जा रहा है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा लंबे समय के बाद ईंधन कीमतों में संशोधन किए जाने के बाद यह मुद्दा और अधिक गर्म हो गया है। दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बजट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष का कहना है कि ईंधन की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई और अधिक बढ़ सकती है। वहीं सरकार की ओर से इस पर आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक बाजार के प्रभावों को कारण बताया जा रहा है।
खंडवा में दर्दनाक हादसा: पुल से 200 फीट गहरी खाई में गिरी बोलेरो, ड्राइवर की मौत

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार सुबह एक भयावह सड़क हादसा हो गया। खंडवा-भोपाल हाईवे पर स्थित नर्मदानगर ओवरब्रिज से एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना इंदिरा सागर बांध के बाहरी हिस्से में बने ओवरब्रिज पर हुई। बताया जा रहा है कि भोपाल की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई और सुरक्षा जाल पार करते हुए नीचे जा गिरी। वाहन ने गिरते समय पावर स्टेशन की रिटेनिंग वॉल को भी तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार यदि यह दीवार नहीं होती, तो बोलेरो सीधे टरबाइन से निकलने वाले तेज बहाव वाले पानी में समा सकती थी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। करीब 200 फीट नीचे उतरकर पुलिसकर्मियों ने क्षतिग्रस्त बोलेरो के गेट तोड़े और अंदर फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान अभिषेक नरगावे (26) निवासी ग्राम अंजनिया खुर्द के रूप में हुई है। नर्मदानगर थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती में गंभीर चोटों को मौत का कारण बताया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि अभिषेक खुद अपनी बोलेरो टैक्सी के रूप में चलाता था। गुरुवार रात वह कुछ यात्रियों को छोड़ने राजगढ़ गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना सुबह करीब 4 बजे हुई। अभिषेक अविवाहित था और परिवार का सहारा माना जाता था।
शी जिनपिंग के ‘पतनशील अमेरिका’ वाले बयान पर ट्रंप की मुहर, बोले- बाइडेन ने देश को कमजोर कर दिया

नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन दौरे के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा अमेरिका को “पतनशील राष्ट्र” कहे जाने पर वह कुछ हद तक सहमत हैं। हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि यह टिप्पणी मौजूदा अमेरिकी स्थिति पर नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल की नीतियों पर लागू होती है। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उनकी बीजिंग यात्रा बेहद सफल रही और शी जिनपिंग ने कई मुद्दों पर उनकी सराहना भी की। ट्रंप के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति ने अमेरिका की स्थिति को लेकर जो टिप्पणी की, उसका इशारा बाइडेन प्रशासन की आर्थिक और विदेश नीति की ओर था। ट्रंप ने कहा कि बाइडेन सरकार के दौरान अमेरिका को आर्थिक कमजोरी, वैश्विक दबाव और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेतृत्व संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नीतियों की वजह से अमेरिका की वैश्विक छवि कमजोर हुई और चीन जैसे देशों को बढ़त मिली। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी वापसी के बाद अमेरिका फिर से मजबूत स्थिति में आ रहा है। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया कि ट्रंप ने शी जिनपिंग के किस बयान का जिक्र किया। माना जा रहा है कि वह चीन-अमेरिका संबंधों पर हुई बंद कमरे की बातचीत या “थ्यूसीडाइड्स ट्रैप” से जुड़े बयान की ओर इशारा कर रहे थे। अपनी मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने कहा था कि दुनिया की स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अमेरिका और चीन के रिश्तों का संतुलित रहना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान अमेरिकी राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है, क्योंकि उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से चीन की आलोचनात्मक टिप्पणी को सही ठहराने जैसा संकेत दिया है। वहीं रिपब्लिकन खेमे में इसे बाइडेन प्रशासन पर सीधा हमला माना जा रहा है।
अरावली पर्वतमाला विवाद पर SC की टिप्पणी, पर्यावरण सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

नई दिल्ली । देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली पर्वतमाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त और महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने संकेत दिया है कि इस पूरे मामले में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और जब तक सभी पहलुओं पर पूरी तरह संतुष्टि नहीं मिलती, तब तक किसी भी प्रकार की खनन गतिविधियों को लेकर कोई राहत देने पर विचार नहीं किया जाएगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसे अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला क्षेत्र में चल रही खनन गतिविधियों को लेकर लगातार गंभीर और चिंताजनक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो रही हैं। इन प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अदालत ने फिलहाल खनन पट्टा धारकों के पक्ष में कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि गहरे पारिस्थितिकीय प्रभावों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें अत्यधिक सावधानी आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले की सुनवाई को टुकड़ों में नहीं करेगा, बल्कि सभी पहलुओं पर एक साथ विचार करेगा। अदालत ने यह संकेत दिया कि जब तक पूरे मामले की व्यापक समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक किसी भी नई गतिविधि या निर्णय की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह टिप्पणी इस बात को दर्शाती है कि न्यायालय इस पर्यावरणीय मुद्दे को बेहद गंभीरता से देख रहा है। इससे पहले भी न्यायालय ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए थे और विशेषज्ञों की एक समिति से सुझाव मांगे थे। इस समिति ने सुझाव दिया था कि स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली संरचना को अरावली पहाड़ी माना जाए, जबकि 500 मीटर के भीतर स्थित दो या अधिक पहाड़ियों के समूह को अरावली पर्वतमाला के रूप में परिभाषित किया जाए। हालांकि, इस परिभाषा को लेकर कई पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों के बीच चिंता भी जताई गई थी। न्यायालय ने यह भी माना कि इस परिभाषा के लागू होने से कुछ क्षेत्रों में पर्यावरणीय संरक्षण की स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। इसी कारण अदालत ने पहले दिए गए आदेशों को अस्थायी रूप से स्थगित भी किया था और सभी खनन गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी खनन पट्टे को रद्द किया जाता है, तो संबंधित पक्ष को उसे चुनौती देने का पूरा अधिकार होगा। लेकिन वर्तमान परिस्थिति में किसी भी तरह का पक्षपातपूर्ण आदेश देने से बचा जाएगा। अदालत का यह रुख स्पष्ट करता है कि पर्यावरण और पारिस्थितिकी से जुड़े मामलों में न्यायालय संतुलित और सतर्क दृष्टिकोण अपना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अरावली पर्वतमाला न केवल पर्यावरणीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र भू-जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता के लिए भी अत्यंत आवश्यक भूमिका निभाता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अनियंत्रित खनन गतिविधि लंबे समय में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकती है।
भोजशाला की पहचान अब स्पष्ट': हाईकोर्ट की बड़ी मुहर, हिंदुओं की आस्था की हुई जीत

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के चर्चित धार भोजशाला विवाद मामले में शुक्रवार को बड़ा फैसला सामने आया। Madhya Pradesh High Court की इंदौर बेंच ने अपने फैसले में भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर माना और हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार दिए जाने की बात कही। अदालत ने कहा कि यह स्थान परमार वंश के राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र और देवी सरस्वती का मंदिर था। कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) की रिपोर्ट और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। अदालत ने यह भी माना कि पुरातत्व एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और उसके निष्कर्षों पर भरोसा किया जा सकता है। कोर्ट ने क्या-क्या कहा?हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कई अहम बातें कहीं भोजशाला परिसर एक संरक्षित स्मारक है, यह मूल रूप से हिंदू मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र था, हिंदुओं को पूजा का अधिकार है, ASI परिसर का संरक्षण और प्रबंधन जारी रखेगा, सरकार संस्कृत शिक्षा की व्यवस्था पर भी विचार करे ,श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अदालत ने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। नमाज की अनुमति वाला आदेश रद्दहाईकोर्ट ने वर्ष 2003 में ASI द्वारा दिए गए उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति दी गई थी। हालांकि अदालत ने मुस्लिम पक्ष को यह छूट दी है कि वे नमाज के लिए धार जिले में अलग जमीन उपलब्ध कराने को लेकर सरकार से संपर्क कर सकते हैं। ASI सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन पर भरोसाकोर्ट ने साफ कहा कि ASI सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन में मिले तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जज ने सुनवाई के दौरान सभी वकीलों का आभार जताते हुए कहा कि अदालत ने सभी तथ्यों, ASI एक्ट और संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखकर फैसला दिया है। लंबे समय से चल रहा था विवादधार भोजशाला मामला लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रहा है। हिंदू पक्ष लगातार इसे देवी सरस्वती का मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र बताता रहा, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद मानता था। अब हाईकोर्ट के इस फैसले को इस मामले में एक बड़ा और अहम निर्णय माना जा रहा है। प्रशासन ने फैसले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
गर्मी से फसलों पर संकट: किसानों ने पपीता बचाने के लिए लगाए क्रॉप कवर

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि दोपहर के समय लगभग 25 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर पपीता की खेती पर देखने को मिल रहा है। खेतों का तापमान तेजी से बढ़ने के कारण छोटे पौधों के झुलसने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में किसान अपनी फसल को बचाने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं। कई किसान खेतों में क्रॉप कवर लगा रहे हैं, जबकि कुछ किसान पुराने कपड़े, जालियां और साड़ियों का इस्तेमाल कर पौधों को तेज धूप और लू से बचा रहे हैं। विशेषज्ञ किसान विजय यादव के अनुसार, नर्सरी और खुले खेत के तापमान में करीब 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा जा रहा है। यही कारण है कि शुरुआती अवस्था में पौधों को अतिरिक्त सुरक्षा देना जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि जब तक तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर नहीं हो जाता, तब तक क्रॉप कवर हटाना जोखिम भरा हो सकता है। उद्यानिकी विभाग के अनुसार जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पपीता की खेती की गई है। उद्यानिकी उपसंचालक केके गिरवाल ने किसानों को सलाह दी है कि तेज धूप से बचाने के लिए पौधों के चारों ओर घेरा बनाएं और नियमित सिंचाई करते रहें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। गर्मी का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह 11 बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा छाने लगता है और लोग शाम तक घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान और गुजरात की ओर से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं के कारण हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। अनुमान है कि 20 मई तक इसी तरह भीषण गर्मी और लू का असर जारी रह सकता है।
सरकारी गाड़ी छोड़ साइकिल से दफ्तर पहुंचे अशोकनगर कलेक्टर

HIGHLIGHTS: कलेक्टर साइकिल से पहुंचे कलेक्ट्रेट ईंधन बचत का दिया संदेश पर्यावरण संरक्षण पर जोर अधिकारियों से की खास अपील इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा ASHONAGAR COLLECTOR: अशोकनगर। साकेत मालवीय ने शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देते हुए सरकारी वाहन छोड़ साइकिल से कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनूठी पहल की। सुबह वे अपने सरकारी आवास से साइकिल पर निकले और पहले सामूहिक योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद वहीं से साइकिल चलाकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। भोजशाला मामले में सामने आईं ऐतिहासिक तस्वीरें, हिंदू पक्ष ने बताए मंदिर से जुड़े प्रमाण ईंधन बचत का दिया संदेश कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए अब पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना जरूरी है। अधिकारियों-कर्मचारियों से की अपील कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से चर्चा की। उन्होंने अपील की कि सभी शासकीय कर्मचारी और आम नागरिक सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल, पैदल या इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करें। उनका कहना था कि इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा। मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार दिखा पहल का असर कलेक्टर की इस पहल का असर तुरंत देखने को मिला। संयुक्त कलेक्टर सोनम जैन सहित कई अधिकारी पैदल और इलेक्ट्रिक वाहन से कार्यालय पहुंचे। शहरभर में कलेक्टर की इस सादगीपूर्ण और जागरूकता भरी पहल की सराहना की जा रही है।
आज का राशिफल 15 मई: जानें किस राशि को होगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

नई दिल्ली।15 मई 2026 शुक्रवार को ग्रहों की विशेष स्थिति कई राशियों के लिए धन लाभ, करियर ग्रोथ और रिश्तों में मजबूती लेकर आ रही है, जबकि कुछ राशियों को स्वास्थ्य, खर्च और विवादों से सतर्क रहने की जरूरत है। जानिए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशिआज आत्मविश्वास और ऊर्जा चरम पर रहेगी। करियर में नेतृत्व करने का मौका मिल सकता है। बिजनेस में नए निर्णय लाभ दिलाएंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।शुभ रंग: लाललकी नंबर: 9 वृषभ राशिअनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सतर्क रहें। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। निवेश सोच-समझकर करें।शुभ रंग: सफेदलकी नंबर: 6 मिथुन राशिआर्थिक लाभ और करियर में तरक्की के मजबूत योग हैं। नई योजनाएं सफल होंगी। दोस्तों और परिवार का सहयोग मिलेगा।शुभ रंग: हरालकी नंबर: 5 कर्क राशिकार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। मेहनत का फल मिलेगा। परिवार का सहयोग रहेगा, लेकिन तनाव से बचें।शुभ रंग: सिल्वरलकी नंबर: 2 सिंह राशिभाग्य का पूरा साथ मिलेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे। यात्रा और निवेश दोनों लाभदायक रह सकते हैं।शुभ रंग: सुनहरालकी नंबर: 1 कन्या राशिआज सावधानी जरूरी है। स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।शुभ रंग: नीलालकी नंबर: 7 तुला राशिसाझेदारी में लाभ मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। नौकरी और बिजनेस दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।शुभ रंग: गुलाबीलकी नंबर: 6 वृश्चिक राशिप्रतिस्पर्धियों पर जीत मिलेगी। पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें।शुभ रंग: मरूनलकी नंबर: 8 धनु राशिविद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शानदार रहेगा। नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी।शुभ रंग: पीलालकी नंबर: 3 मकर राशिपरिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।शुभ रंग: ग्रेलकी नंबर: 4 कुंभ राशिसाहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। यात्रा और नए संपर्क लाभकारी रहेंगे।शुभ रंग: आसमानीलकी नंबर: 11 मीन राशिधन लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी। रिश्तों में गंभीरता और स्थिरता आएगी।शुभ रंग: क्रीमलकी नंबर: 7