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Akshay Kumar की भारी फीस ने चौंकाया, अजय देवगन से ज्यादा मिलने की खबर

नई दिल्ली। कॉमेडी और एंटरटेनमेंट से भरपूर गोलमाल फ्रेंचाइजी अब अपने पांचवें पार्ट के साथ लौट रही है। इस बार फिल्म में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि अजय देवगन और पुरानी स्टारकास्ट के साथ अब अक्षय कुमार भी नजर आने वाले हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन अब सबसे ज्यादा चर्चा अक्षय कुमार की फीस को लेकर हो रही है। अक्षय कुमार को मिली इतनी फीसरिपोर्ट्स के अनुसार, अक्षय कुमार ने गोलमाल 5 के लिए लगभग 18 से 22 दिनों की शूटिंग की है। इसके बदले उन्हें करीब 35 से 40 करोड़ रुपये फीस दी गई है। कहा जा रहा है कि यह रकम फिल्म के लीड स्टार Ajay Devgn की फीस से भी ज्यादा है। हालांकि खबरों के मुताबिक अजय देवगन फिल्म से प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल पर जुड़े हुए हैं, इसलिए उनकी कमाई बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगी।  फिल्म में दिखेगा अक्षय का नया अवतारAkshay Kumar इस फिल्म में एक बिल्कुल अलग लुक में दिखाई देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह गंजे अवतार में नजर आएंगे और उनका किरदार काफी दमदार और सीरियस होगा। इससे पहले फिल्म हाउसफुल 4 में भी उनका गंजा लुक देखने को मिला था, लेकिन वह कॉमिक अंदाज में था।  20 साल पुरानी है गोलमाल फ्रेंचाइजीगोलमाल फ्रेंचाइजी की शुरुआत साल 2006 में हुई थी। इसके बाद गोलमाल रिटर्न्स, गोलमाल 3 और गोलमाल अगेन ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। निर्देशक Rohit Shetty ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह फ्रेंचाइजी उनके करियर का सबसे अहम हिस्सा रही है। अक्षय बोले- अजय ही फिल्म के असली हीरोअक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि फिल्म के मुख्य हीरो अजय देवगन ही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह की असुरक्षा नहीं है और उनके लिए कहानी ज्यादा मायने रखती है। अक्षय की आने वाली बड़ी फिल्मेंगोलमाल 5 के अलावा अक्षय कुमार जल्द ही कई बड़ी फिल्मों में नजर आने वाले हैं, जिनमें:Welcome to the JungleHera Pheri 3Haiwaanजैसी फिल्में शामिल हैं।

चुनावी हार के बाद ममता का बड़ा संदेश, बोलीं- जिसे जाना है जाए, TMC को फिर से खड़ा करेंगे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी अब पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई हैं। चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी उम्मीदवारों के साथ अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। पार्टी में बढ़ती अंदरूनी हलचल और नेताओं के पाला बदलने की अटकलों के बीच ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं। ‘जिसे जाना है जाए, मैं नहीं रोकूंगी’बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने दो टूक कहा कि वे किसी को भी जबरदस्ती पार्टी में बनाए रखने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग दूसरी पार्टियों में जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। मैं पार्टी को फिर से खड़ा करूंगी।” उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि जिन पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें दोबारा तैयार किया जाए। ममता ने कहा कि दफ्तरों की मरम्मत कर उन्हें फिर से सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी पार्टी कार्यालयों को पेंट करेंगी। ममता ने भरोसा जताया कि तृणमूल कांग्रेस मुश्किल हालात के बावजूद झुकेगी नहीं और एक बार फिर मजबूती से वापसी करेगी। सोशल मीडिया पर दिखी एकजुटताबैठक के बाद टीएमसी के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से नेताओं की तस्वीरें साझा की गईं। पोस्ट में कहा गया कि पार्टी के उम्मीदवारों ने दबाव और धमकियों के बावजूद साहस के साथ चुनाव लड़ा। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि तृणमूल कांग्रेस एक परिवार की तरह एकजुट है और जनता के जनादेश की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। चुनाव में TMC को बड़ा झटकाहालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। 294 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। टीएमसी ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 211 उम्मीदवार हार गए। हारने वालों में कई बड़े नेता और मंत्री भी शामिल रहे। सबसे बड़ा झटका खुद ममता बनर्जी को लगा, जो अपने गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं। ‘जनादेश लूटा गया’चुनावी हार की समीक्षा के दौरान ममता बनर्जी ने नतीजों पर सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के जनादेश को “लूटा” और “चुराया” गया है। टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि पार्टी इस हार के बाद संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने की दिशा में काम करेगी।

निकेल दिवस (Nickel Day): इतिहास, महत्व और उपयोग की पूरी जानकारी

निकेल दिवस (Nickel Day) एक जागरूकता दिवस है जो दुनिया में निकेल धातु (Nickel Metal) के महत्व, उसके उपयोग और आधुनिक जीवन में उसकी भूमिका को समझाने के लिए मनाया जाता है। निकेल एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु है, जिसका उपयोग आज के समय में लगभग हर आधुनिक तकनीक में होता है जैसे बैटरी, स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल। निकेल दिवस क्यों मनाया जाता है?इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि निकेल सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि आधुनिक विकास की रीढ़ है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैंनिकेल के औद्योगिक उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाना सतत विकास (Sustainable Development) में इसकी भूमिका समझाना पर्यावरण-अनुकूल तकनीक में निकेल के योगदान को उजागर करना रीसाइक्लिंग और संसाधन संरक्षण को बढ़ावा देना नई पीढ़ी को धातु विज्ञान (Metallurgy) के प्रति प्रेरित करना निकेल का इतिहासनिकेल की खोज 18वीं सदी में हुई थी। 1751 में स्वीडिश रसायनज्ञ Axel Fredrik Cronstedt ने निकेल धातु की खोज की थी शुरुआत में इसे एक बेकार अयस्क (ore) समझा गया था बाद में पता चला कि यह एक मजबूत, जंग-रोधी और उपयोगी धातु है 19वीं और 20वीं सदी में इसका उपयोग तेजी से बढ़ा आज निकेल दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक धातुओं में से एक है। निकेल का महत्व क्या है?निकेल आधुनिक दुनिया में कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है: 1. स्टील निर्माणस्टेनलेस स्टील बनाने में निकेल का उपयोग होता है यह धातु को मजबूत और जंग-रोधी बनाता है 2. बैटरी टेक्नोलॉजीइलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरियों में निकेल का इस्तेमाल होता है यह बैटरी की क्षमता और ऊर्जा को बढ़ाता है 3. इलेक्ट्रॉनिक्समोबाइल, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग 4. एयरोस्पेस और डिफेंसविमान और अंतरिक्ष उपकरणों में निकेल आधारित मिश्र धातु (Alloys) का प्रयोग होता है निकेल दिवस का आधुनिक महत्वआज के समय में जब दुनिया इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है, निकेल का महत्व और भी बढ़ गया है। EV बैटरियों की बढ़ती मांग स्वच्छ ऊर्जा तकनीक का विकास औद्योगिक उत्पादन में तेजी रीसाइक्लिंग की जरूरत निकेल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि एक साधारण दिखने वाली धातु भी आधुनिक सभ्यता की नींव हो सकती है। निकेल न केवल उद्योगों के लिए जरूरी है, बल्कि यह भविष्य की स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल दुनिया बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। -निकेल दिवस विशेष

Post Office Investment: सुरक्षित निवेश से पाएं फिक्स और मजबूत रिटर्न

नई दिल्ली । आज के समय में जहां शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, वहीं पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और स्थिर रिटर्न वाला विकल्प मानी जाती हैं। सरकार की गारंटी के कारण इन योजनाओं पर बाजार के उतार-चढ़ाव, मंदी या वैश्विक संकट का सीधा असर नहीं पड़ता। सुरक्षित और गारंटीड रिटर्पोस्ट ऑफिस की योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत है पूरी सुरक्षा और तय रिटर्न।यह स्कीम खासकर उन लोगों के लिए बेहतर है जो जोखिम नहीं लेना चाहते। इसमें निवेश पर सरकार की गारंटी होती हैतय अवधि पर निश्चित ब्याज मिलता है बच्चों की पढ़ाई से लेकर रिटायरमेंट प्लान तक उपयोगी  पोस्ट ऑफिस FD पर कितना मिलता है ब्याजपोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (FD) में अवधि के अनुसार ब्याज मिलता है: 1 साल की FD: लगभग 6.9% सालाना2 साल की FD: लगभग 7% सालाना3 साल की FD: लगभग 7.1% सालाना5 साल की FD: लगभग 7.5% सालाना कितनी राशि से शुरू कर सकते हैं निवेश?न्यूनतम निवेश: ₹1000 से शुरूअधिकतम निवेश: कोई ऊपरी सीमा नहीं (स्कीम के अनुसार)जॉइंट अकाउंट की सुविधा भी उपलब्ध (3 लोगों तक) कौन खोल सकता है खाता?कोई भी भारतीय नागरिक10 साल से ऊपर के बच्चे भी खाता खोल सकते हैं (अभिभावक के साथ)जॉइंट अकाउंट की सुविधा उपलब्ध  क्यों खास है पोस्ट ऑफिस स्कीम?100% सरकारी सुरक्षाबाजार के उतार-चढ़ाव से कोई असर नहींमंदी या युद्ध जैसी स्थिति में भी सुरक्षित निवेशस्थिर और भरोसेमंद रिटर्नयही वजह है कि इसे “लो-रिस्क इन्वेस्टमेंट” का सबसे मजबूत विकल्प माना जाता है। अगर आप ऐसे निवेश की तलाश में हैं जहां जोखिम कम और भरोसा ज्यादा हो, तो पोस्ट ऑफिस की एफडी स्कीम एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह उन लोगों के लिए खास है जो धीरे-धीरे लेकिन सुरक्षित तरीके से अपने पैसे को बढ़ाना चाहते हैं।

एमपी में गर्मी ने किया हाल बेहाल, भोपाल में पिघला सड़क का डामर, 12 शहरों का पारा 43 डिग्री के पार

भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। राजधानी भोपाल में तेज गर्मी के चलते सड़क का डामर तक पिघल गया। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 37 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं इंदौर, उज्जैन और मंडला में वॉर्म नाइट की स्थिति रहेगी, यानी रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा। IMD के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, छतरपुर, सागर, दमोह और मंडला समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। हालांकि जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिवनी, बालाघाट और बैतूल जैसे जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी, लेकिन वहां फिलहाल लू का अलर्ट नहीं है।  सागर, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, रायसेन और पन्ना समेत कई जिलों में भी मौसम बदला रहा। तापमान की बात करें तो शाजापुर में 44.6 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री और रतलाम-नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल का तापमान 42.8 डिग्री, इंदौर और जबलपुर में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में ज्यादा देर तक नहीं रहने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

राष्ट्रीय पियर्सिंग दिवस: शरीर कला, आत्म-अभिव्यक्ति और फैशन का अनोखा उत्सव

राष्ट्रीय पियर्सिंग दिवस (National Piercing Day) एक ऐसा दिवस है जो शरीर में किए जाने वाले पियर्सिंग (कान, नाक, होंठ, नाभि आदि में छेद कर आभूषण पहनने) की कला, उसके सांस्कृतिक महत्व और आधुनिक फैशन में उसकी भूमिका को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन लोगों को शरीर सजावट की इस प्राचीन परंपरा और उसकी बदलती आधुनिक पहचान के बारे में जागरूक करता है। इसकी शुरुआत कब और किसने की?राष्ट्रीय पियर्सिंग दिवस की शुरुआत किसी एक सरकारी संस्था या अंतरराष्ट्रीय संगठन ने नहीं की थी। यह मुख्य रूप से बॉडी आर्ट और फैशन कम्युनिटी द्वारा शुरू किया गया एक अनौपचारिक जागरूकता दिवस माना जाता है। इसका उद्देश्य शरीर पियर्सिंग को सिर्फ “फैशन” नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आत्म-अभिव्यक्ति के रूप में पहचान दिलाना था। यह दिवस धीरे-धीरे सोशल मीडिया, पियर्सिंग स्टूडियो और टैटू-बॉडी आर्ट कम्युनिटी के माध्यम से लोकप्रिय हुआ और कई देशों में इसे जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पियर्सिंग दिवस?इस दिन को मनाने के पीछे कई उद्देश्य हैं शरीर कला (Body Art) के प्रति जागरूकता बढ़ाना पियर्सिंग से जुड़े सुरक्षित और स्वच्छ तरीकों को समझाना लोगों को आत्म-अभिव्यक्ति (Self Expression) के लिए प्रोत्साहित करना पारंपरिक और आधुनिक फैशन के बीच संतुलन दिखाना बॉडी आर्ट को एक सम्मानजनक कला के रूप में स्वीकार कराना पियर्सिंग का इतिहासपियर्सिंग की परंपरा बहुत पुरानी है। इतिहास में इसके प्रमाण हजारों साल पहले से मिलते हैं। प्राचीन मिस्र में कान और नाक की पियर्सिंग रॉयल स्टेटस का प्रतीक थी रोमन सैनिकों में निपल पियर्सिंग बहादुरी का प्रतीक मानी जाती थी भारत में नाक की पियर्सिंग (नथ) को पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व प्राप्त है अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका की जनजातियों में यह पहचान और रीति-रिवाजों का हिस्सा रही है आधुनिक समय में महत्वआज के समय में पियर्सिंग सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। युवा इसे अपनी पहचान, स्टाइल और व्यक्तित्व को दिखाने के लिए अपनाते हैं।फैशन इंडस्ट्री में यह एक बड़ा ट्रेंड हैसेलिब्रिटी कल्चर ने इसे और लोकप्रिय बनाया हैअलग-अलग प्रकार की ज्वेलरी ने इसे और आकर्षक बनाया है सुरक्षा और सावधानियांइस दिन के साथ यह संदेश भी दिया जाता है कि पियर्सिंग हमेशा किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ से ही करवाना चाहिए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान स्टरलाइज्ड उपकरणों का उपयोग सही देखभाल (aftercare) जरूरी संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाना आवश्यकराष्ट्रीय पियर्सिंग दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शरीर कला केवल फैशन नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है। यह दिन लोगों को सुरक्षित पियर्सिंग और उसके ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूक करता है। -राष्ट्रीय पियर्सिंग दिवस विशेष

हिमाचल की छुपी हुई जन्नत: जहां से दिखेगा कैलाश पर्वत का शानदार दृश्य

नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश अपनी बर्फीली चोटियों और शांत वादियों के लिए मशहूर है, लेकिन किन्नौर जिले का कल्पा गांव एक ऐसी जगह है जहां प्रकृति, शांति और आध्यात्मिकता एक साथ मिलते हैं। सबसे खास बात यहां से साफ मौसम में किन्नर कैलाश पर्वत का अद्भुत और बेहद करीब जैसा दृश्य दिखाई देता है।  कल्पा क्यों है खासकल्पा सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि एक अनुभव है।यह जगह अपने लिए जानी जाती है-बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के शानदार नज़ारेदेवदार और सेब के घने बागानशांत और कम भीड़-भाड़ वाला वातावरणसूर्योदय और सूर्यास्त का सुनहरा दृश्य सुबह की पहली किरण जब किन्नर कैलाश की चोटियों पर पड़ती है, तो पूरा पर्वत सुनहरे और गुलाबी रंग में चमक उठता है यह नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।  यहां से दिखता है किन्नर कैलाश का सबसे सुंदर दृश्कल्पा गांव को किन्नर कैलाश देखने के सबसे अच्छे पॉइंट्स में गिना जाता है।इसके अलावा आप यहां से देख सकते हैं:पूरी किन्नौर घाटीबर्फीली हिमालयी श्रृंखलाएंदेवदार के जंगलों का फैला हुआ दृश्य फोटोग्राफर्स के लिए यह जगह किसी “नेचुरल स्टूडियो” से कम नहीं है।  कल्पा कैसे पहुंचे?सड़क मार्ग (सबसे आसान तरीका)दिल्ली से बस: कश्मीरी गेट से रिकांग पिओ के लिए HRTC बसरिकांग पिओ से टैक्सी/लोकल बस द्वारा कल्पाकुल दूरी: लगभग 580–600 kmसमय: 14–16 घंटे  ट्रेन सेनजदीकी रेलवे स्टेशन: शिमलावहां से सड़क मार्ग से आगे यात्रा करनी होती है  हवाई मार्गनजदीकी एयरपोर्ट: शिमला एयरपोर्टवहां से टैक्सी द्वारा कल्पा रुकने और खाने की सुविधाकल्पा में बजट से लेकर आरामदायक ठहरने की सुविधा आसानी से मिल जाती है:होमस्टे, होटल और गेस्ट हाउस उपलब्धकिराया लगभग ₹800 से शुरू खाने में आप ट्राई कर सकते हैं:किन्नौरी राजमासिद्दूमोमो और थुकपादेसी घी वाली रोटियांताजा सेब और एप्पल जूस अगर आप भीड़ से दूर, शांति और प्रकृति के बीच कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो हिमाचल का कल्पा गांव आपके लिए परफेक्ट जगह है। यहां का किन्नर कैलाश दर्शन न सिर्फ आंखों को सुकून देता है, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी कराता है।

शनि गोचर से बड़ा बदलाव: इन राशियों पर बरसेगी कृपा, बन सकता है धन लाभ

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में शनि को न्याय और कर्म का ग्रह माना जाता है, जो धीरे-धीरे लेकिन गहरा प्रभाव डालता है। 16 मई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो बुध ग्रह का नक्षत्र माना जाता है और धन, बुद्धि तथा समृद्धि से जुड़ा हुआ है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह गोचर आईटी, बैंकिंग, मैनेजमेंट और तकनीकी क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। साथ ही रोजगार और व्यापार के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। वृषभ राशि (Taurus): आर्थिक मजबूती और करियर ग्रोथवृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर स्थिरता और आर्थिक सुधार के संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति मिल सकती है। व्यापार में रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और नई साझेदारियों से लाभ हो सकता है। मिथुन राशि (Gemini): नए अवसरों का द्वार खुलेगामिथुन राशि के लिए यह समय करियर में बदलाव और नई नौकरी के अवसर लेकर आ सकता है। मीडिया, टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार और आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। सिंह राशि (Leo): प्रतिष्ठा और सफलता में वृद्धिसिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर में मजबूती लेकर आ सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में लाभ और निवेश से अच्छे परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं। तुला राशि (Libra): संतुलन और आर्थिक सुधारतुला राशि के लोगों के लिए यह समय स्थिरता और संतुलन का संकेत दे रहा है। नौकरी में पदोन्नति और व्यापार में नई डील मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और मानसिक तनाव में कमी आने के योग हैं। मकर राशि (Capricorn): करियर में बड़ी उपलब्धियांमकर राशि के लिए यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी में सम्मान, रुका हुआ धन वापस मिलने और व्यापार में विस्तार के संकेत हैं। आईटी और फाइनेंस सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रह सकता है। शनि का यह नक्षत्र गोचर कई राशियों के लिए करियर, धन और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। हालांकि ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्ति की कुंडली और कर्मों पर भी निर्भर करते हैं, इसलिए निर्णय सोच-समझकर लेना ही बेहतर माना जाता है।

शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार व्रत में इन नियमों का पालन जरूरी

नई दिल्ली । शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। शनि देव को कर्मफलदाता कहा जाता है, जो व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनिवार व्रत का उद्देश्य जीवन में शांति, स्थिरता और समृद्धि प्राप्त करना होता है। ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों पर शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती का प्रभाव होता है, उनके लिए यह व्रत विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। शनिवार व्रत की विधि और नियमशनिवार व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने से करनी चाहिए। इस दिन काले या नीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। पूजा में शनिदेव को काले तिल, काली उड़द दाल, सरसों का तेल और काले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। कुछ भक्त पीपल वृक्ष की पूजा भी करते हैं, जिसमें दीपक जलाकर धागा बांधने की परंपरा है। व्रत के दौरान कई लोग दिनभर उपवास रखते हैं और सूर्यास्त के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। शनिवार व्रत के प्रमुख लाभशनिवार व्रत के कई आध्यात्मिक और व्यावहारिक लाभ बताए गए हैं। यह व्रत शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है। इस व्रत से व्यक्ति में अनुशासन, संयम और आत्म-नियंत्रण बढ़ता है। मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार और कार्यों में सफलता मिलने की भी मान्यता है। दान और सेवा का विशेष महत्वशनिवार के दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन काले तिल, उड़द दाल, तेल, लोहे की वस्तुएं और काले कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जरूरतमंदों की सेवा और गरीबों को भोजन कराना भी शनिदेव को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ उपाय माना गया है। हनुमान जी और पीपल पूजा का महत्वमान्यता है कि शनिदेव की कृपा पाने के लिए हनुमान जी की पूजा भी अत्यंत लाभकारी होती है। इसके साथ ही पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और उसकी परिक्रमा करना शनि दोष को शांत करने में सहायक माना जाता है। शनिवार व्रत का आध्यात्मिक महत्वशनिवार व्रत केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने का माध्यम माना जाता है। यह व्रत व्यक्ति को आत्मिक शुद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। नियमपूर्वक व्रत और पूजा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।

मेष राशि का आज का दिन (16 मई 2026): मिले-जुले परिणाम, धैर्य से बनेंगे काम

नई दिल्ली । आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि आपको आज हर काम में सोच-समझकर कदम बढ़ाने की जरूरत है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि धैर्य से किए गए काम अच्छे परिणाम दे सकते हैं। करियर और नौकरीकार्यस्थल पर आज कुछ बाधाएं आ सकती हैं। किसी सहकर्मी के साथ मतभेद होने की संभावना है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि दिन के दूसरे हिस्से में स्थितियां थोड़ी बेहतर होती नजर आएंगी और रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। आर्थिक स्थितिआर्थिक मामलों में आज सतर्क रहने की जरूरत है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है। किसी भी बड़े निवेश या लेन-देन से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा। धन प्राप्ति के नए स्रोत अभी धीमे रह सकते हैं, इसलिए फिजूलखर्ची से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।  पारिवारिक और प्रेम जीवनपरिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है, लेकिन बातचीत से समस्या का समाधान संभव है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए आपको धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। प्रेम संबंधों में भी आज भावनात्मक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, इसलिए किसी भी बात को बढ़ाने से बचें। स्वास्थ्यसेहत के मामले में आज थोड़ा ध्यान रखने की आवश्यकता है। थकान, सिरदर्द या मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। काम के बीच में आराम जरूर करें और पर्याप्त पानी पिएं। बाहर के खाने से परहेज करना बेहतर रहेगा।  उपायआज हनुमान जी को लाल फूल चढ़ाएं और “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। कुल मिलाकर, मेष राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है, लेकिन धैर्य, संयम और सही निर्णय आपको सफलता की ओर ले जाएंगे।