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गर्मियों में चमकती त्वचा का राज: घर की चीजों से पाएं हेल्दी और ग्लोइंग स्किन..

नई दिल्ली ।  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता प्रदूषण, तेज धूप और अनियमित खानपान का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में चेहरे की चमक कम होने लगती है और त्वचा बेजान व थकी हुई नजर आने लगती है। ऐसे में कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन हर बार ये उपाय लंबे समय तक असरदार साबित नहीं होते। वहीं घरेलू उपाय न केवल किफायती होते हैं, बल्कि त्वचा को प्राकृतिक तरीके से पोषण भी देते हैं। त्वचा की देखभाल के लिए घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजें बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। एलोवेरा उनमें सबसे प्रमुख है। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने के साथ उसे हाइड्रेट रखने में मदद करता है। नियमित रूप से ताजा एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाने से त्वचा मुलायम और फ्रेश महसूस हो सकती है। गर्मियों में इसका इस्तेमाल त्वचा को राहत देने का काम करता है। गुलाब जल भी स्किन केयर का एक आसान और असरदार उपाय माना जाता है। यह प्राकृतिक टोनर की तरह काम करता है और चेहरे को तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है। दिन में एक या दो बार गुलाब जल लगाने से त्वचा में ताजगी बनी रहती है और गर्मी के कारण होने वाली चिपचिपाहट भी कम महसूस होती है। चेहरे की रंगत निखारने के लिए हल्दी और बेसन का फेस पैक लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। बेसन त्वचा की गंदगी साफ करने में मदद करता है, जबकि हल्दी त्वचा को प्राकृतिक चमक देने के लिए जानी जाती है। इसमें थोड़ा दही मिलाकर तैयार किया गया फेस पैक चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ और निखरी हुई नजर आ सकती है। नियमित उपयोग से चेहरे की चमक धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। शहद भी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ उसे सॉफ्ट और हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। हल्के हाथों से चेहरे पर शहद की मसाज करने से त्वचा में प्राकृतिक ग्लो आ सकता है। इसके अलावा खीरे का रस भी गर्मियों में त्वचा को ठंडक पहुंचाने और टैनिंग कम करने में कारगर माना जाता है। खीरे में मौजूद पानी और पोषक तत्व त्वचा को ताजगी देने का काम करते हैं। त्वचा की खूबसूरती केवल बाहरी देखभाल से ही नहीं आती, बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ रखना भी उतना ही जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है और चेहरा हेल्दी नजर आता है। साथ ही अच्छी नींद और संतुलित आहार भी त्वचा की चमक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले त्वचा की प्रकृति को समझना जरूरी है। यदि त्वचा बहुत संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, तो पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। सही देखभाल और नियमित घरेलू उपायों की मदद से बिना ज्यादा खर्च किए भी त्वचा को प्राकृतिक रूप से चमकदार और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज

उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में गुजरात से आई दो महिलाओं से विशेष दर्शन और नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गूगल सर्च से मिला नंबर, खुद को बताया मंदिर से जुड़ा व्यक्तिगुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आई थीं। आरती बुकिंग के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नाम से एक मोबाइल नंबर मिला। महिलाओं का आरोप है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताया और नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पैसे लेने के बाद करता रहा बहानेमहिलाओं के मुताबिक आरोपी लगातार बुकिंग कन्फर्म होने की बात कहता रहा। बाद में 16 मई की शाम उसने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह रकम वापस कर देगा। संदेह होने पर जब दोनों महिलाएं मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई अधिकृत पुजारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोपी सागर का निवासी, पुलिस तलाश में जुटीमहाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का काम करता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामलेइससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में दर्शन कराने के नाम पर उनसे और उनके दोस्तों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की अपीलश्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती और विशेष दर्शन की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें। भस्म आरती की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से करें तत्काल बुकिंग एक दिन पहले सुबह 8 बजे उपलब्ध होती है भस्म आरती शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क हैं प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत काउंटर से टिकट लें सोशल मीडिया, गूगल नंबर या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।

ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

भोपाल । भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनका दामाद नशे का बेहद आदी था और उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने अब दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है। ‘हमारी बेटी ड्रग्स एडिक्ट नहीं थी’ट्विशा के पिता ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रही थी, जबकि असल में उनका दामाद ही नशीले पदार्थों का आदी था। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।नवनिधि शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दामाद के खिलाफ नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी जांच होनी चाहिए। 12 मई को ससुराल में मिला था शवट्विशा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्विशा और उसके पति समर्थ की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ महीनों बाद ही ट्विशा को प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिजनों का कहना है कि ट्विशा भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थी और वह लगातार अपने परिवार से संपर्क में थी। दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांगट्विशा के पिता ने कहा कि उन्हें मौजूदा जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि शव को दिल्ली AIIMS भेजा जाए, ताकि स्वतंत्र मेडिकल जांच हो सके और मौत की असली वजह सामने आए।उन्होंने कहा कि शव खराब होने से पहले सच्चाई सामने आना जरूरी है। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग भी उठाई है। अग्रिम जमानत पर उठाए सवालट्विशा के पिता ने रिटायर्ड जज सास को मिली अग्रिम जमानत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन उसी दिन अग्रिम जमानत मिल जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि केवल उम्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर अग्रिम जमानत दी जा रही है, तो यह कानून की भावना के खिलाफ है। परिवार ने इसे “खतरनाक मिसाल” बताया। पुलिस जांच और SIT की कार्रवाईभोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी प्रमुख रजनीश कश्यप ने कहा कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस दहेज प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और मौत के बाद सबूत मिटाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। पति की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 18 मई को होनी है। परिवार का आरोप- मौत की जानकारी भी समय पर नहीं दी गईट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को समय पर यह नहीं बताया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार को यह भी जानकारी नहीं दी गई कि शव को AIIMS ले जाया जा रहा है।

भारती एयरटेल ने रचा इतिहास, मार्केट कैप में HDFC बैंक को पीछे छोड़ बनी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल ने बाजार पूंजीकरण के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़ते हुए देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। इस बदलाव ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींचा है, क्योंकि लंबे समय से बैंकिंग सेक्टर की मजबूत उपस्थिति के बीच यह एक महत्वपूर्ण उलटफेर माना जा रहा है। 18 मई को बाजार में कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में तेजी देखने को मिली और कीमतें बढ़कर नए स्तरों के करीब पहुंच गईं। इस तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया, जबकि HDFC बैंक का मूल्यांकन इससे थोड़ा नीचे रह गया। हालांकि दिन के अंत में हल्की गिरावट के साथ दोनों कंपनियों के आंकड़ों में अंतर कम जरूर हुआ, लेकिन बाजार की चाल ने यह स्पष्ट कर दिया कि एयरटेल फिलहाल मजबूत स्थिति में है। पिछले एक सप्ताह में एयरटेल के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। इसके विपरीत HDFC बैंक के शेयरों में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त देखने को मिली है और पिछले कुछ महीनों में इसमें दबाव भी बना रहा है। बैंक के नेतृत्व और आंतरिक बदलावों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है, जिसके कारण इसके शेयरों पर असर पड़ा है। हालांकि एयरटेल ने इस उपलब्धि के साथ भले ही बाजार मूल्यांकन में बढ़त हासिल की हो, लेकिन इसके हालिया वित्तीय नतीजों में मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की तुलना में घटा है, लेकिन इसके बावजूद राजस्व में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। मोबाइल सेवाओं से होने वाली आय में सुधार और ग्राहकों की बढ़ती संख्या ने कंपनी के कुल कारोबार को मजबूती प्रदान की है। प्रति उपयोगकर्ता औसत आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि कंपनी अपने ग्राहकों से बेहतर रिटर्न हासिल कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल का बढ़ता मार्केट कैप केवल टेलीकॉम सेक्टर की मजबूती ही नहीं, बल्कि कंपनी के डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की रणनीति का भी परिणाम है। कंपनी आने वाले समय में डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है और ऑप्टिकल फाइबर तथा डिजिटल सेवाओं में भी बड़े निवेश की तैयारी में है। इसके साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर में भी कंपनी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है और बाजार पूंजीकरण के मामले में पहले स्थान पर मजबूती से कायम है। एयरटेल की यह उपलब्धि हालांकि महत्वपूर्ण है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ इसे प्रतिस्पर्धी सेक्टरों में बदलते रुझानों का संकेत मान रहे हैं, जहां टेलीकॉम और डिजिटल कंपनियां तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। कुल मिलाकर यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में सेक्टर आधारित शक्ति संतुलन में हो रहे परिवर्तन को दर्शाता है, जहां पारंपरिक बैंकिंग दिग्गजों को अब नई पीढ़ी की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।

मेडिकल फील्ड में अवसर, NHM चंडीगढ़ में संविदा आधार पर डॉक्टरों की भर्ती घोषित

नई दिल्ली ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चंडीगढ़ ने चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर जारी किया है। विभाग ने मेडिकल ऑफिसर के कुल 5 रिक्त पदों पर संविदा आधार पर भर्ती की घोषणा की है, जिसके लिए चयन प्रक्रिया सीधे वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से पूरी की जाएगी। यह भर्ती विभिन्न मेडिकल कैटेगरी के अंतर्गत की जा रही है, जिसमें आपातकालीन चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पद शामिल हैं। इन पदों पर चयन पूरी तरह से इंटरव्यू और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह लगभग 72 हजार रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे अनुभवी चिकित्सा पेशेवरों को भी अवसर प्राप्त हो सके। योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है, साथ ही एक वर्ष की रोटेटरी इंटर्नशिप भी पूरी की होनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार का संबंधित राज्य चिकित्सा परिषद या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग में पंजीकरण होना जरूरी है। अनुभव के आधार पर उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, खासकर उन लोगों को जिनके पास स्त्री रोग, प्रसूति या बाल रोग जैसे विभागों में कार्य अनुभव है। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को 25 मई को निर्धारित समय पर इंटरव्यू स्थल पर पहुंचना होगा। यह इंटरव्यू सुबह 9:30 बजे से आयोजित किया जाएगा, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया उसी दिन सुबह 10:30 बजे तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति और उनकी फोटोकॉपी साथ लेकर आएं ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न हो। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति संविदा आधार पर की जाएगी, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों और सेवाओं में योगदान देंगे। यह अवसर उन चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं या अपने करियर को एक स्थिर दिशा देना चाहते हैं। चंडीगढ़ में आयोजित होने वाला यह वॉक-इन इंटरव्यू चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है, जिसमें बिना लंबी परीक्षा प्रक्रिया के सीधे चयन की संभावना मौजूद है।

ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है। वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत

ग्वालियर। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर सरकारी मल्टी में पति-पत्नी के बीच देर से घर आने को लेकर हुआ विवाद एक दर्दनाक घटना में बदल गया। बहस के बाद पत्नी ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया। देर से घर आने पर शुरू हुआ विवादजानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे रामचंद्र आदिवासी घर पहुंचे थे। देर से आने पर पत्नी सोनम ने उनसे सवाल किए, जिसके बाद दोनों के बीच बच्चों के सामने बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि रामचंद्र गुस्से में घर से बाहर चले गए। इसी दौरान पत्नी सोनम कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बच्चों ने दी दर्दनाक सूचनाकुछ देर बाद बड़ा बेटा ओम रोते हुए बाहर आया और पिता को बताया कि मां पंखे से लटकी हुई है। यह सुनकर पिता तुरंत घर की ओर दौड़े।दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दीवार तोड़ी और अंदर दाखिल हुए। अस्पताल में इलाज के दौरान मौतपरिजन सोनम को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने करीब 26 मिनट के इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शुरू की जांचघटना की सूचना मिलने पर थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया।थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घरेलू विवाद बना जानलेवायह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी कई बार गंभीर और दुखद परिणाम दे सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

कप्तानी और रवैये पर फिर सवाल, रियान पराग का वीडियो वायरल, नन्हे फैन से हुई धक्का-मुक्की पर विवाद

नई दिल्ली । राजस्थान रॉयल्स के युवा कप्तान रियान पराग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें वे एक नन्हे फैन के साथ कथित तौर पर सख्त व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसके बाद उनके रवैये को लेकर बहस छिड़ गई है। घटना उस समय की बताई जा रही है जब रियान पराग सुरक्षा घेरे के बीच से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक छोटा बच्चा भीड़ से निकलकर उनके करीब पहुंच गया और उनके साथ फोटो लेने की कोशिश करने लगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा लगातार उनके साथ चलकर तस्वीर लेने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान वह उनके काफी करीब पहुंच गया। स्थिति के अनुसार, रियान पराग ने पहले बच्चे को दूर रहने का इशारा किया और उसे साइड में हटने के लिए कहा। लेकिन जब बच्चा नहीं रुका, तो उन्होंने उसे हाथ से पकड़कर किनारे की ओर हटा दिया और आगे बढ़ गए। इस पूरी घटना का वीडियो कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने रियान पराग के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा है कि एक पेशेवर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते उन्हें फैंस, खासकर बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और विनम्र तरीके से पेश आना चाहिए था। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि सुरक्षा घेरा और भीड़ को देखते हुए खिलाड़ी पर दबाव की स्थिति भी हो सकती है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब रियान पराग चर्चा में आए हों। पिछले समय में भी उनके व्यवहार और मैदान के बाहर की गतिविधियों को लेकर कई बार बहस होती रही है। इसके चलते वे अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना का विषय बने रहते हैं। मैदान पर प्रदर्शन की बात करें तो इस सीजन उनका खेल भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अब तक 11 मुकाबलों में लगभग 258 रन बनाए हैं, जिसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल हैं। उनके इस प्रदर्शन को लेकर भी टीम चयन और उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर उनके समर्थक इसे सुरक्षा स्थिति से जुड़ा सामान्य व्यवहार बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे फैंस के प्रति असंवेदनशील रवैया मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर खिलाड़ी या टीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

पहलवानी के माहौल में पले दीपक पूनिया ने कम उम्र से ही कुश्ती में अपनी अलग पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

नई दिल्ली । पहलवानी की परंपरा और अखाड़े की मिट्टी में पले-बढ़े भारतीय पहलवान Deepak Punia की कहानी संघर्ष, अनुशासन और असाधारण प्रतिभा का ऐसा उदाहरण है, जिसने उन्हें कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर पहचान दिला दी। हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव में जन्मे दीपक का बचपन कुश्ती के माहौल में बीता, जहां उनके पिता सुभाष स्वयं एक पहलवान रह चुके थे और उन्होंने ही बेटे को पहलवानी की शुरुआती ट्रेनिंग दी। मात्र पांच साल की उम्र में अखाड़े से जुड़कर दीपक ने जिस तरह से अपनी क्षमता दिखानी शुरू की, उसने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। दंगलों में छोटी उम्र में ही जीत हासिल कर उन्होंने अपनी मजबूत नींव तैयार कर ली थी। धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा को पहचान मिलने लगी और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं के दौरान उनके खेल में निखार साफ दिखाई देने लगा। इसी दौरान उन्हें प्रसिद्ध कोचिंग सिस्टम और प्रशिक्षण सुविधाओं से जुड़ने का अवसर मिला, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी। मिट्टी पर पारंपरिक कुश्ती से निकलकर मैट पर मुकाबला करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगातार अभ्यास से खुद को ढाल लिया। यह बदलाव उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी यात्रा शुरू हुई। साल 2016 उनके करियर का शुरुआती सुनहरा दौर रहा, जब उन्होंने जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इसके बाद लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप और अन्य जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। 2019 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद वह वैश्विक स्तर पर सबसे चर्चित युवा पहलवानों में शामिल हो गए। ओलंपिक मंच पर पहुंचकर उन्होंने भारत की उम्मीदों को नई ऊंचाई दी। टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने पुरुषों के 86 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचकर मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि अंतिम मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ा संकेत था कि देश के युवा खिलाड़ी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। इसके बाद भी उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां कभी चोट तो कभी तकनीकी कारणों ने उनकी राह मुश्किल की। कई महत्वपूर्ण क्वालीफाइंग इवेंट्स में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार वापसी की कोशिश करते रहे। एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंचों पर उन्होंने भारत के लिए कई पदक जीतकर अपनी जगह मजबूत की। आज दीपक पूनिया को उन खिलाड़ियों में गिना जाता है, जिन्होंने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अगर अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास हो, तो किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के लिए वे आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं, जो यह दिखाते हैं कि संघर्ष से ही सफलता की असली कहानी लिखी जाती है।

काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त नेताओं के काफिला और शक्ति प्रदर्शन विवाद के बाद अब सरकार और संगठन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भोपाल में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ संदेश दिया कि नेताओं को खुद अनुशासन में रहना होगा और किसी के उकसावे में आने से बचना होगा। CM बोले- सोशल मीडिया की ‘तीसरी आंख’ सब देख रहीप्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया हर गतिविधि पर नजर रखता है। नेताओं को समझदारी और संयम के साथ काम करना होगा।उन्होंने कहा, “अगर कोई आपको उलझाए या भड़काए तो उससे बचना आपको ही है। कोई दूसरा आपका मददगार नहीं होगा। आप खुद जवाबदार हैं।” मुख्यमंत्री ने नेताओं को सलाह दी कि शुरुआत के एक-दो महीने काम को समझने और सीखने में लगाएं। नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करें और अपने संस्थानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार से केवल नुकसान होगा। सरकार जब चाहे जिम्मेदारी बदल सकती है, इसलिए पद को सेवा का माध्यम मानकर काम करें। हेमंत खंडेलवाल बोले- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाईHemant Khandelwal ने हालिया विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ घटनाओं की वजह से संगठन को दुखी मन से कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपेक्षा है कि पार्टी के लोग ताकतवर बनें, लेकिन उस ताकत का इस्तेमाल जनता और कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए होना चाहिए। खंडेलवाल ने कहा कि निगम-मंडलों में नियुक्त सभी लोगों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है और संगठन उनसे अनुशासन तथा जिम्मेदारी की अपेक्षा करता है। प्रदेश प्रभारी की चेतावनी- रोज जाएगी रिपोर्टबीजेपी प्रदेश प्रभारी Mahendra Singh ने नेताओं को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अब उनके कामकाज और व्यवहार की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक रोज रिपोर्ट पहुंचेगी कि कौन क्या कर रहा है, उसका व्यवहार कैसा है और परिवार की भूमिका कितनी है। सरकार और संगठन दोनों मिलकर परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेंगे।साथ ही नेताओं को सोशल मीडिया सक्रिय रखने, अनुशासन बनाए रखने और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई। 18 विभागों के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंगप्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं को वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रिया, अधिकार, जिम्मेदारियां और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने समझाया कि निगम-मंडलों में काम करते समय सरकारी नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कैसे करना है ताकि शासन व्यवस्था प्रभावित न हो। काफिला और शक्ति प्रदर्शन बना था विवाद की वजहहाल ही में कई निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़े-बड़े काफिले और वाहन रैलियां निकाली गई थीं। इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी संगठन को दिल्ली स्तर तक नाराजगी झेलनी पड़ी थी। इसके बाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए। मंत्रियों और अफसरों से टकराव रोकने की तैयारीसरकार नहीं चाहती कि निगम-मंडलों में नियुक्त नेताओं और विभागीय मंत्रियों या अफसरों के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बने। इसी वजह से प्रशिक्षण में अधिकारों की सीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।