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भोजशाला की प्रतिमा की कहानी: 26 कलाकारों ने 35 दिन में तैयार की थी वाग्देवी मूर्ति

नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक ऐसी ऐतिहासिक और भावनात्मक कहानी छिपी है, जो धार की भोजशाला से जुड़ी है। यहां रखी हुई मां वाग्देवी (सरस्वती) की अष्टधातु प्रतिमा पिछले 15 वर्षों से एक घर में सुरक्षित रखी गई है, जिसका निर्माण 2011 में मात्र 35 से 40 दिनों में 26 कलाकारों ने मिलकर किया था। यह प्रतिमा मूल रूप से धार स्थित भोजशाला के गर्भगृह में स्थापित की जानी थी, लेकिन उस समय उपजे धार्मिक और प्रशासनिक विवाद के कारण इसे वहां नहीं ले जाया जा सका और ग्वालियर में ही रोक दिया गया। लंदन म्यूजियम वाली प्रतिमा की हूबहू कॉपीइस प्रतिमा की सबसे खास बात यह है कि इसे लंदन म्यूजियम में रखी मूल मां वाग्देवी की मूर्ति के समान आकार और डिज़ाइन में बनाया गया है।यह प्रतिमा अष्टधातु (आठ धातुओं के मिश्रण) से बनी हैऊंचाई लगभग साढ़े 3 फीट और वजन 250 किलो से अधिक है2011 में इसकी लागत लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये आई थीइसे पूरी तरह पारंपरिक शिल्प और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तैयार किया गया विवाद के कारण रुक गई प्राण-प्रतिष्ठामूर्तिकार प्रभात राय के परिवार के अनुसार, जब 2011 में बसंत पंचमी पर प्रतिमा की स्थापना की तैयारी थी, तभी भोजशाला को लेकर विवाद भड़क गया। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने प्रतिमा को धार भेजने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कई वर्षों तक हर बसंत पंचमी पर पुलिस सुरक्षा में प्रतिमा को कुछ दिनों के लिए प्रदर्शित किया जाता रहा, लेकिन स्थायी स्थापना कभी नहीं हो सकी। 15 साल से ग्वालियर में सुरक्षा के साये मेंइस प्रतिमा को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील रही। शुरुआती वर्षों में मूर्तिकार के घर पर पुलिस सुरक्षा तक तैनात रही। प्रतिमा को आज भी ग्वालियर में सुरक्षित रखा गया है और इसकी देखरेख परिवार कर रहा है। मूर्तिकार परिवार का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। कोर्ट फैसले के बाद फिर जगी उम्मीदहाल ही में भोजशाला को लेकर आए कोर्ट के फैसले के बाद इस प्रतिमा को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। हिंदू पक्ष का कहना है कि मूल प्रतिमा को वापस लाकर भोजशाला में स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। “अगर कोई नहीं ले गया तो मैं इसे रखूंगा” – मूर्तिकार का बयानमूर्तिकार प्रभात राय के बेटे अनुज राय ने भावुक होकर कहा कि यदि भविष्य में प्रतिमा को भोजशाला ले जाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तो वे इसे अपने पास ही गर्व से सुरक्षित रखेंगे। उनके अनुसार, यह प्रतिमा केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। लंदन में रखी मूल प्रतिमा पर भी चर्चाइधर, धार की मूल मां वाग्देवी प्रतिमा के लंदन म्यूजियम में होने को लेकर भी मांगें उठ रही हैं कि उसे भारत लाकर भोजशाला में पुनः स्थापित किया जाए। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह प्रतिमा खंडित अवस्था में है, लेकिन धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बदनामी के डर से खामोशी: हनीट्रैप मामले में कई पीड़ित नहीं आ रहे सामने

नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल में सामने आए हाईप्रोफाइल हनीट्रैप केस ने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे गैंग की शुरुआत जेल के अंदर हुई थी, जहां श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित की दोस्ती बनी थी। यहीं से “फंसाओ और वसूली करो” की खतरनाक साजिश का बीज पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जो नेताओं, कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर उन्हें हनीट्रैप में फंसाता और फिर वीडियो-फोटो के जरिए मोटी रकम की मांग करता था। कैसे चलता था पूरा हनीट्रैप सिस्टम?पुलिस के अनुसार गैंग बेहद संगठित तरीके से काम करता था। पहले किसी महिला के जरिए टारगेट से नजदीकी बढ़ाई जाती थी। फिर निजी मुलाकातों में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे। इसके बाद धमकी देकर लाखों-करोड़ों की वसूली शुरू हो जाती थी। गैंग के सदस्य खुद को कभी कारोबारी, कभी राजनीतिक संपर्क वाला व्यक्ति बताकर भरोसा जीतते थे। कई मामलों में फर्जी पहचान और सोशल मीडिया नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया गया। हाईप्रोफाइल नामों तक पहुंचने की कोशिशजांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि दिल्ली तक के नेताओं को टारगेट करने की कोशिश की थी। पुलिस को शक है कि गैंग के पास कई प्रभावशाली लोगों के निजी वीडियो और डाटा मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल दबाव बनाने में किया जा रहा था। पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 40 अफसरों की टीम एक्टिवमामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की 7 टीमें बनाकर इंदौर और भोपाल में एक साथ छापेमारी की। पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कई मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं। पुलिस को यह भी शक है कि कुछ वीडियो एआई (AI) तकनीक से तैयार किए गए हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है। ड्रग्स और हथियार नेटवर्क से भी जुड़े तारजांच में सामने आया है कि इस गैंग के कुछ सदस्य ड्रग्स और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया चैट्स की गहन जांच कर रही है। बदनामी के डर से कई पीड़ित सामने नहीं आएपुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने कई बड़े कारोबारियों और नेताओं को पहले भी निशाना बनाया है, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से कई लोग शिकायत दर्ज नहीं करा रहे। उज्जैन से शुरू हुआ विवाद, बना बड़ा रैकेटसूत्रों के मुताबिक अलका दीक्षित का उज्जैन में एक जमीन विवाद था, जिसके बाद उसने हनीट्रैप का रास्ता अपनाया। धीरे-धीरे यह नेटवर्क भोपाल, इंदौर और आसपास के जिलों तक फैल गया। पुलिस का बयानडीसीपी क्राइम ब्रांच के अनुसार जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।

#JusticeForTwisha ट्रेंड में: सोशल मीडिया पर इंसाफ की मांग तेज

नई दिल्ली । भोपाल की दिवंगत अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForTwisha अभियान तेजी से वायरल हो गया है। इंस्टाग्राम, X (ट्विटर) और व्हाट्सऐप पर लोग लगातार उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। शुरुआत उनके परिवार और दोस्तों द्वारा पोस्ट और वीडियो शेयर करने से हुई, जिसके बाद यह मुद्दा धीरे-धीरे बड़े सोशल मीडिया मूवमेंट में बदल गया। हजारों पोस्ट और तेजी से बढ़ता ट्रेंडरिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 6,000 से ज्यादा पोस्ट X पर और लगभग 4,000 से ज्यादा पोस्ट इंस्टाग्राम पर #JusticeForTwisha के साथ किए जा चुके हैं। जैसे-जैसे यह हैशटैग बढ़ा, सोशल मीडिया एल्गोरिदम ने इसे ट्रेंडिंग में शामिल कर दिया, जिससे यह और ज्यादा लोगों तक पहुंचने लगा। सोशल मीडिया अभियान कैसे बनता है ट्रेंड?विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे अभियान अक्सर तीन चरणों में फैलते हैं:परिवार या करीबी लोगों की भावनात्मक पोस्ट से शुरुआतसोशल मीडिया यूजर्स और क्रिएटर्स का जुड़ावएल्गोरिदम द्वारा हैशटैग को ट्रेंड में प्रमोट करनाजब किसी हैशटैग पर कम समय में ज्यादा लाइक, शेयर और कमेंट आते हैं, तो वह तेजी से वायरल हो जाता है। क्या इसके पीछे कोई बड़ी टीम होती है?ऐसे अभियानों के पीछे हमेशा संगठित टीम हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार यह पूरी तरह ऑर्गेनिक होता है, जहां लोग भावनात्मक रूप से जुड़कर पोस्ट करते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में डिजिटल मार्केटिंग, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया नेटवर्क भी इन अभियानों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। पिछले बड़े मामलों जैसे सुशांत सिंह राजपूत केस में भी इसी तरह के हैशटैग ट्रेंड हुए थे, जहां लाखों यूजर्स एक साथ जुड़ गए थे। क्या ऐसे कैंपेन में पैसा भी लगता है?डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ अभियानों में सोशल मीडिया प्रमोशन और कंटेंट पुश करने के लिए पैसे भी खर्च किए जाते हैं। हालांकि, हर ट्रेंड पेड नहीं होता। कई बार यह पूरी तरह यूजर्स की भावनाओं से प्रेरित होता है। फेक अकाउंट और डिजिटल पॉलिटिक्स का पहलूकुछ मामलों में ऐसे ट्रेंड्स को बढ़ाने के लिए फेक अकाउंट्स और संगठित डिजिटल नेटवर्क का भी इस्तेमाल होने के आरोप लगते रहे हैं। मुंबई पुलिस जैसी जांचों में पहले यह भी सामने आया था कि हजारों फेक अकाउंट्स से हैशटैग ट्रेंड करवाए गए थे। #JusticeForTwisha जैसे अभियान यह दिखाते हैं कि सोशल मीडिया आज सिर्फ बातचीत का नहीं, बल्कि न्याय की मांग का भी बड़ा मंच बन चुका है। लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि जानकारी और तथ्यों की जांच के बाद ही किसी ट्रेंड को आगे बढ़ाया जाए।

दवा बिक्री को लेकर बड़ा विरोध: भोपाल-छतरपुर में केमिस्टों की नारेबाजी

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में बुधवार को दवा व्यापारियों की बड़ी हड़ताल देखने को मिली। प्रदेशभर में लगभग 41 हजार मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, जबकि अकेले भोपाल में ही 3 हजार से ज्यादा दुकानों ने कामकाज रोक दिया। यह बंद ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते प्रभाव और नियमों की कमी के विरोध में बुलाया गया था। इस दौरान केवल अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को ही छूट दी गई, ताकि इमरजेंसी मरीजों को दवा मिल सके। केमिस्टों का आरोप: ऑनलाइन दवाएं बन रही खतराकेमिस्ट संगठनों का कहना है कि बिना सख्त नियमों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री बढ़ रही है, जिससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। उनका आरोप है कि:नकली या गलत दवाओं की संभावना बढ़ रही हैपर्चियों की सत्यता की सही जांच नहीं हो रहीछोटे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स को भारी नुकसान हो रहा हैभारी डिस्काउंट के कारण बाजार असंतुलित हो रहा हैइस मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने पूरे देश में विरोध दर्ज कराया है। मरीजों की परेशानी, अस्पताल स्टोर्स पर बढ़ी भीड़दवा दुकानों के बंद रहने से आम मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर लोग जरूरी दवाइयों के लिए सरकारी अस्पतालों की ओर दौड़ते नजर आए, जिससे वहां भीड़ बढ़ गई। इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाई गई है, जो जरूरतमंद मरीजों तक दवाएं पहुंचाने का काम कर रही है। भोपाल, छतरपुर और अन्य जिलों में प्रदर्शनभोपाल में थोक दवा बाजार में केमिस्टों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी की। छतरपुर और अन्य जिलों में भी इसी तरह विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कई जगह केमिस्टों ने बाइक रैलियां निकालीं और प्रशासन को अपनी मांगें सौंपीं। केमिस्टों की प्रमुख मांगेंहड़ताल कर रहे व्यापारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:ई-फार्मेसी पर सख्त और स्पष्ट नियम लागू किए जाएंऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण लगाया जाएभारी डिस्काउंट वाली ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगेनकली और बिना निगरानी वाली दवाओं पर सख्त कार्रवाई हो कोविड के दौरान मिली थी छूकोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन दवा बिक्री को सरकार ने आवश्यक सेवा के तहत अनुमति दी थी, ताकि लोगों को घर बैठे दवाएं मिल सकें। इसी छूट का उपयोग अब केमिस्ट संगठन नियमों की कमी के रूप में बता रहे हैं। यह विरोध सिर्फ व्यापार का नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। एक तरफ ऑनलाइन दवा बिक्री की सुविधा है, तो दूसरी तरफ केमिस्ट संगठन इसे जोखिम भरा बता रहे हैं। आने वाले समय में इस पर सरकार की नीति और नियमों की भूमिका बेहद अहम होगी।

PAK सैन्य अधिकारी के दावे झूठे, जिन एयरबेस को तबाह करने की बात कही, भारत में उनका अस्तित्व ही नहीं

इस्लामाबाद। पाकिस्तान और भारत के बीच पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ने की घटनाओं के बीच एक बार फिर पाकिस्तानी सेना का दावा चर्चा में आ गया है। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई को “ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस” नाम दिया था, जिसके तहत भारतीय क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की गई थी, हालांकि भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को विफल कर दिया था। पाकिस्तान की ओर से 10 मई 2025 को ‘फतह-1’ रॉकेट दागने का भी दावा किया गया था, जिसे भारत ने हवा में ही नष्ट कर दिया था। पाकिस्तान ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की हवाई सीमाओं में घुसपैठ की कोशिश करने की बात कही थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी कैप्टन मुनीब जमाल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह दावा करते नजर आते हैं कि उनकी मिसाइलों ने भारत के दो एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि लक्ष्य राजौरी और मामून एयरबेस थे, जिन्हें सफलतापूर्वक तबाह किया गया। हालांकि इस दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन स्थानों का जिक्र किया गया है, उनमें से राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक जिला है, जहां कोई वायुसेना एयरबेस मौजूद नहीं है। वहीं मामून पंजाब के पठानकोट में स्थित एक सैन्य छावनी है, जिसे एयरबेस के रूप में नहीं जाना जाता। वीडियो में अधिकारी यह भी दावा करते हैं कि हमले के समय वहां आम नागरिक मौजूद थे, जिससे सैनिकों का हौसला बढ़ा। सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इन बयानों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि जिन ठिकानों पर हमले का दावा किया गया है, उनका वास्तविक अस्तित्व ही स्पष्ट नहीं है। कुछ यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि ये ऐसे “एयरबेस” हैं जिन्हें शायद नक्शों में ही ढूंढना पड़ेगा।

केवल एक फूल नहीं, श्रद्धा का प्रतीक है मंत्र पुष्पांजलि, जानिए क्यों हर धार्मिक अनुष्ठान इसके बिना माना जाता है अधूरा

नई दिल्ली  : सनातन धर्म में जब कभी भी पूजा-पाठ, हवन या कोई बड़ा अनुष्ठान किया जाता है, तो उसकी समाप्ति पर पु्ष्पांजलि की जाती है. पूजन के बाद मंत्र पुष्पांजलि की परंपरा सदियों पुरानी है. कहा जाता है कि यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है, जो आज के भौतिकवादी युग में भी जीवंत है. वैसे तो पूजा-पाठ करने वाला हर व्यक्ति ‘पुष्पांजलि’ इस शब्द से परिचित होता है, लेकिन कई बार लोग इसका महत्व और वास्तविक अर्थ नहीं समझ पाते, जिसकी वजह से अनुष्ठान का संपूर्ण फल प्राप्त नहीं होता. ऐसे में आइए जानते हैं कि पूजा-पाठ या हवन इत्यादि धार्मिक अनुष्ठान के बाद पुष्पांजलि क्यों की जाती है, इसका महत्व क्या है और इसके फायदे क्या हैं. क्या होती है मंत्र पुष्पांजलि?किसी भी पूजा-पाठ या हवन या अन्य धार्मिक अनुष्ठान की समाप्ति पर देवी-देवताओं के प्रति आदर प्रकट करने के लिए दोनों हाथों को जोड़कर उसमें फूल रखे जाते हैं. इसके बाद विशेष मंत्रों का उच्चारण करते हुए उस फूल को देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है. शास्त्रों के मुताबिक, इसे ही पुष्पांजलि का जाता है. चूंकि यह प्रक्रिया विशेष मंत्र और फूल के साथ की जाती है, इसलिए इसे मंत्र पुष्पांजलि भी कहते हैं.क्या है मंत्र पुष्पांजलि का महत्व?शास्त्रों के अनुसार, मंत्र पुष्पांजलि देवी-देवताओं के प्रति भक्ति और निष्ठा को प्रकट करने के लिए की जाती है. कहा जाता है देवी-देवताओं को मंत्रों के साथ पुष्प अर्पित करने से मन रहता है और विचारों में शुद्धता आती है. ऐसा करने से आत्मिक शांति और संतोष मिलता है. पुराणों के मुताबिक, मंत्र पुष्पांजलि भगवान को धन्यवाद ज्ञापित करने और परिवार के सदस्यों की सुख-शांति के लिए की जाती है. मान्यतानुसार, मंत्र पुष्पांजलि करने से देवी-देवता प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं. पुष्पांजलि मंत्र “ॐ यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास्तनि धर्माणि प्रथमान्यासन् ते ह नाकं महिमान: सचंत यत्र पूर्वे साध्या: संति देवा:”“ॐ राजाधिराजाय प्रसह्य साहिनेनमो वयं वैश्रवणाय कुर्महेस मस कामान् काम कामाय मह्यंकामेश्र्वरो वैश्रवणो ददातु कुबेराय वैश्रवणाय महाराजाय नम:”“ॐ स्वस्ति, साम्राज्यं भौज्यं स्वाराज्यंवैराज्यं पारमेष्ट्यं राज्यं महाराज्यमाधिपत्यमयं समन्तपर्यायीस्यात् सार्वभौमः सार्वायुषः आन्तादापरार्धात् पृथीव्यै समुद्रपर्यंताया एकराळ इति”

तमिलनाडु में बढ़ा सियासी तनाव, AIADMK से नजदीकी पर TVK सरकार को माकपा की चेतावनी, समर्थन वापसी की धमकी

चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। मुख्यमंत्री थलपति विजय की पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कझगम’ (TVK) को बाहर से समर्थन दे रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) ने सरकार को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। माकपा ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि TVK ने विपक्षी दल AIADMK के साथ किसी प्रकार का समझौता किया या उन्हें सरकार में शामिल करने की कोशिश की, तो पार्टी अपना समर्थन वापस लेने पर विचार कर सकती है। माकपा के वरिष्ठ नेता शनमुगम ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता ने इस बार DMK और AIADMK दोनों के खिलाफ मतदान कर एक नया जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि वामपंथी दलों और वीसीके ने केवल इसलिए TVK सरकार को बाहर से समर्थन दिया ताकि राज्य में एक साफ-सुथरी और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार स्थापित हो सके। शनमुगम ने विजय के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रचार के दौरान “क्लीन गवर्नेंस” और भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का भरोसा दिलाया था। ऐसे में यदि सरकार चलाने के लिए AIADMK नेताओं का सहारा लिया जाता है या उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जाता है, तो यह जनता के भरोसे और जनादेश दोनों के साथ विश्वासघात माना जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि TVK नेतृत्व ऐसा कदम नहीं उठाएगा। हालांकि, यदि AIADMK को सरकार में शामिल करने या उनके सहयोग से सत्ता चलाने की कोशिश हुई, तो माकपा अपने समर्थन पर दोबारा विचार करेगी। ऐसे हालात में सरकार पर संकट भी खड़ा हो सकता है। माकपा के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री विजय के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।

20 मई OTT धमाका: Netflix से Apple TV तक रिलीज़ हुईं 5 फिल्में और सीरीज, एक्शन-रोमांस और थ्रिलर का जबरदस्त कॉम्बो

नई दिल्ली(New Delhi)। अगर आप भी हर हफ्ते नई फिल्में और वेब सीरीज देखने का इंतजार करते हैं, तो 20 मई 2026 आपके लिए खास साबित होने वाला है। आज नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, सन नेक्स्ट और एप्पल टीवी जैसे बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कई दमदार फिल्में और सीरीज रिलीज हुई हैं। इनमें रिएलिटी ड्रामा, स्पाई थ्रिलर, रोमांटिक-कॉमेडी और डार्क कॉमेडी जैसे अलग-अलग जॉनर शामिल हैं। करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की ग्लैमरस दुनिया से लेकर जैक रायन के हाई-वोल्टेज मिशन तक, आज दर्शकों को भरपूर एंटरटेनमेंट मिलने वाला है। 1. Desi Blingओटीटी प्लेटफॉर्म: Netflixभाषा: हिंदी और अंग्रेजीजॉनर: रिएलिटी ड्रामा टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल Karan Kundrra और Tejasswi Prakash इस शो में पहली बार अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के साथ नजर आ रहे हैं। दुबई के हाई-प्रोफाइल सोशल सर्कल, चमकदार पार्टियों और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को इस शो में करीब से दिखाया गया है। ग्लैमर और पर्सनल ड्रामे का तड़का इस शो को और भी दिलचस्प बनाता है। 2. Married To The Game Season 2ओटीटी प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Videoभाषा: अंग्रेजीजॉनर: रिएलिटी शो यह पॉपुलर रिएलिटी शो अपने दूसरे सीजन के साथ लौट आया है। इसमें प्रीमियर लीग फुटबॉलर्स की पत्नियों और गर्लफ्रेंड्स की निजी जिंदगी, फेम, रिश्तों और ग्लैमर के पीछे छिपे दबाव को दिखाया गया है। शो में इमोशनल मोमेंट्स के साथ हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल की झलक भी देखने को मिलती है। 3. Sathi Leelavathiओटीटी प्लेटफॉर्म: Sun NXTभाषा: तेलुगू और तमिलजॉनर: रोमांटिक-कॉमेडी Lavanya Tripathi की शादी के बाद रिलीज होने वाली यह पहली फिल्म है, जिसमें उनके साथ Dev Mohan लीड रोल में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी लीला और राम सेतु की शादीशुदा जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। बिजी करियर, रिश्तों में बढ़ती दूरियां और शक की वजह से दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ता जाता है। इमोशनल ड्रामा और हल्के-फुल्के कॉमेडी मोमेंट्स फिल्म को खास बनाते हैं। 4. Jack Ryan – Ghost Warओटीटी प्लेटफॉर्म: Prime Videoभाषा: हिंदी और अंग्रेजीजॉनर: स्पाई थ्रिलर और एक्शन John Krasinski एक बार फिर सीआईए एजेंट जैक रायन के किरदार में लौटे हैं। इस बार कहानी ग्लोबल साजिशों, खतरनाक मिशन और बड़े राजनीतिक संकटों के इर्द-गिर्द घूमती है। जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस और सस्पेंस से भरपूर यह सीरीज थ्रिलर पसंद करने वालों के लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। 5. Maximum Pleasure Guaranteedओटीटी प्लेटफॉर्म: Apple TV+भाषा: अंग्रेजीजॉनर: डार्क कॉमेडी थ्रिलर यह सीरीज एक तलाकशुदा महिला की कहानी दिखाती है, जो अपने बच्चे की कस्टडी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही होती है। लेकिन उसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है, जब वह गलती से एक किडनैपिंग की घटना देख लेती है। इसके बाद ब्लैकमेल, डर और कॉमिक ट्विस्ट से भरी घटनाएं कहानी को बेहद रोमांचक बना देती हैं। 20 मई का दिन ओटीटी दर्शकों के लिए पूरी तरह एंटरटेनमेंट से भरा हुआ है। चाहे आपको एक्शन पसंद हो, रोमांस या फिर रियलिटी ड्रामा, आज रिलीज हुई ये फिल्में और सीरीज आपके वीकेंड मूड को पूरी तरह फ्रेश कर सकती हैं।

भोजन से पहले करें इन शक्तिशाली मंत्रों का उच्चारण, शरीर को मिलेगा पूरा पोषण और मन रहेगा शांत

नई दिल्ली : हिन्दू धर्म में दैनिक दिनचर्या से जुड़े कई नियम बताए गए हैं जो जीवन जीने के तरीके को और सरल व उद्येश्यपूर्ण बनाते हैं. इन्हीं में से एक है भोजन से जुड़े नियम जिसका पालन कर एक व्यक्ति सकारात्मक सोच और स्वस्थ्य शरीर पा सकता है. क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में भोजन करने व भोजन करने के बाद के लिए कुछ मंत्र बताए गए हैं जिनका जाप कर हम अन्न और मां अन्नपूर्ण के लिए आभार व्यक्त करते हैं. साथ ही भोजन से जुड़े कुछ नियम भी है जिनका पालन करने से मन शांति रहता है और शारीरिक ऊर्ज संतुलित रहती है. आइए भोजन मंत्र और भोजन करने के लिए नियम जानें. भोजन से पहले मंत्र जापभोजन करने से पहले पालथी मारकर बैठें और मां अन्नपूर्णा व सामने रखे भोजन को प्रणाम करें. इसके बाद आभार मंत्र या अन्नपूर्णा मंत्र का पाठ करें. ये मंत्र है-पहला भोजन मंत्रॐ सह नाववतु ।सह नौ भुनक्तु ।सह वीर्यं करवावहै ।तेजस्विनावधीतमस्तु ।मा विद्‌विषावहै ॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥ दूसरा भोजन मंत्रॐ अन्नपूर्णे सदापूर्णेशंकरप्राणवल्लभे। ज्ञानवैराग्यसिद्यर्थम् भिक्षां देहि च पार्वति।ॐ सहनाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।तेजस्विनावधीतमस्तु। मा विद्विषावहै ॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:: ॥ तीसरा भोजन मंत्रब्रहमार्पणं ब्रहमहविर्‌ब्रहमाग्नौ ब्रहमणा हुतम्।ब्रहमैव तेन गन्तव्यं ब्रहमकर्मसमाधिना ॥ॐ सहनाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।तेजस्विनावधीतमस्तु। मा विद्विषावहै ॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:: ॥ खाना खाने के बाद का मंत्रइन चारों मंत्र के अलावा कुछ और मंत्र का जाप खाना खाने के बाद करने से भोजन शरीर में लगता है और पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को खाए गए भोजन से लाभ होता है. ये मंत्र है-पहला मंत्र‘अन्नाद् भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसंभवः।’‘यज्ञाद भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्म समुद् भवः।।’दूसरा मंत्र‘अगस्त्यम कुम्भकर्णम च शनिं च बडवानलनम।’‘भोजनं परिपाकारथ स्मरेत भीमं च पंचमं ।।’ भोजन करने के नियम भोजन करने से पहले अपने 5 अंगों को 2 हाथ, 2 पैर और मुख को अच्छे धोकर साफ कर लें. तभी भोजन करें. भोजन करने से पहले अन्नपूर्णा माता की स्तुति करें और उनका आभार व्यक्त कर धन्यवाद करें. प्रार्थना करें कि ‘सभी भूखों को भोजन मिले’. भोजन बनाने वाले व्यक्ति को ध्यान रखना चाहिए कि वो स्नान करके शुद्ध मन से भोजन पकाए. रसोई में बनी पहली रोटी गाय को दें और आखिरी दो रोटी, कुत्ते और कौवे के लिए निकालें. इसके बाद अग्निदेव को भी थोड़ा सा अन्न भोग के लिए दें. पूरा परिवार भोजन साथ बैठकर ही करें. परिवार के सदस्यों में प्यार और लगाव बना रहेगा. मन में प्रेम और एकता का भाव आएगा. सुबह और शाम में ही भोजन करने का नियम है क्योंकि सूर्योदय से 2 घंटे बाद और सूर्यास्त से 2.30 घंटे पहले पाचनक्रिया की जठराग्नि प्रबल रहती है. भोजन पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुंख करके ही करें. दक्षिण दिशा की ओर किया भोजन प्रेत को जाता है. इस दिशा में किए भोजन से रोग होता है.

बेटे के स्विमिंग करियर के लिए आर माधवन का बड़ा फैसला: भारत छोड़ दुबई में बसाया नया आशियाना

नई दिल्ली(New Delhi)। बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के जाने-माने अभिनेता R. Madhavan इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। खबरों के मुताबिक, आर माधवन अब भारत में स्थायी रूप से नहीं रह रहे हैं और उन्होंने अपने परिवार के साथ दुबई में नया घर बसा लिया है। यह फैसला उन्होंने अपने बेटे Vedaant Madhavan के स्विमिंग करियर को ध्यान में रखते हुए लिया है। बेटे के सपने के लिए बड़ा फैसलाआर माधवन ने एक इंटरव्यू में बताया कि कोविड-19 के दौरान भारत में स्विमिंग पूल लंबे समय तक बंद रहने से उनके बेटे की ट्रेनिंग पर असर पड़ा था। वहीं दुबई और कई यूरोपीय देशों में खेल सुविधाएं जल्दी दोबारा शुरू हो गईं, जिससे वहां बेहतर ट्रेनिंग का माहौल मिल सका। इसी वजह से उन्होंने परिवार के साथ दुबई शिफ्ट होने का फैसला किया, ताकि बेटे की प्रैक्टिस और करियर पर कोई रुकावट न आए। दुबई में नया घर और जीवनशैलीरिपोर्ट्स के अनुसार आर माधवन का दुबई में एक आलीशान घर है, जहां वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते हैं। बताया जाता है कि उन्होंने अपने घर में एक छोटा मंदिर भी बनाया है, जहां वे नियमित पूजा करते हैं। यह कदम उनके शांत और पारिवारिक जीवन की झलक दिखाता है। करियर और नेटवर्थआर माधवन लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उनकी नेटवर्थ लगभग 125 करोड़ रुपये बताई जाती है। वे फिल्मों के साथ-साथ ब्रांड एंडोर्समेंट से भी अच्छी कमाई करते हैं। वर्क फ्रंट: फिल्मों में लगातार एक्टिववर्क फ्रंट की बात करें तो आर माधवन हाल ही में फिल्म Dhurandhar 2 में नजर आए, जहां उनके किरदार अजय सान्याल को काफी सराहा गया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। अब फैंस उनकी आने वाली फिल्मों और प्रोजेक्ट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जबकि उनका दुबई शिफ्ट होना लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।