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बुधवार व्रत विधि: कब और कैसे शुरू करें, जानें पूरी पूजा प्रक्रिया

नई दिल्ली। हिंदू धर्म और सनातन परंपरा में सप्ताह के हर दिन का विशेष महत्व बताया गया है। बुधवार का दिन विशेष रूप से भगवान श्री गणेश और नवग्रहों के राजकुमार बुध देवता को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में बुद्धि, विवेक, धन, करियर और कारोबार में सकारात्मक परिवर्तन आता है। बुधवार व्रत कब और कैसे शुरू करेंधार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार व्रत की शुरुआत किसी भी हिंदी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से करना शुभ माना जाता है। यदि उस दिन बुध ग्रह का विशेष नक्षत्र हो, तो इसका फल और भी अधिक बढ़ जाता है। व्रत को कम से कम 21 या 45 बुधवार तक रखने की परंपरा बताई गई है। यदि किसी कारणवश व्रत टूट जाए, तो आगे से फिर नियमपूर्वक इसे जारी रखा जा सकता है और अंत में उद्यापन करना आवश्यक माना जाता है। बुधवार व्रत की पूजा विधिव्रत के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ या हरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के पूजा स्थान में भगवान गणेश और बुध देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर विधिवत पूजा की जाती है। गणपति को दूर्वा घास अत्यंत प्रिय मानी गई है, इसलिए 21 गांठों वाली दूर्वा अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही बुध देवता को हरे रंग की वस्तुएं, हरी मूंग दाल या हरे वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। पूजा के दौरान बुध मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी बताया गया है। अंत में गणेश जी और बुध देव की आरती कर व्रत पूर्ण किया जाता है। व्रत के प्रमुख लाभ और धार्मिक महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार व्रत करने से व्यक्ति की बुद्धि तेज होती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। करियर और व्यवसाय में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है जो नौकरी, व्यापार या शिक्षा में प्रगति चाहते हैं। बुधवार व्रत का उद्यापन कैसे करेव्रत अवधि पूरी होने के बाद उद्यापन करना आवश्यक माना जाता है। उद्यापन के दिन सुबह स्नान कर गणेश और बुध देव की विशेष पूजा की जाती है। इसके बाद बुध मंत्रों का अधिक संख्या में जाप और हवन करने की परंपरा है। अंत में ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान दिया जाता है। इससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

जून 2026 वाहन खरीद मुहूर्त: 17 से 29 तक 7 दिन रहेंगे सबसे शुभ, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। जून 2026 में नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए पंचांग के अनुसार खास शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक इस समय अधिक मास (मलमास) का प्रभाव चल रहा है, जिसकी वजह से मई 2026 में वाहन खरीदने जैसे मांगलिक कार्यों को शुभ नहीं माना जा रहा है। ऐसे में अब लोगों की नजर जून महीने के शुभ मुहूर्तों पर टिकी है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जून 2026 में 17 जून से 29 जून के बीच कुल 7 ऐसे दिन हैं, जब वाहन खरीदना शुभ फल देने वाला माना गया है। इन दिनों में अलग-अलग नक्षत्रों का शुभ संयोग बन रहा है, जो नई शुरुआत और समृद्धि के लिए अनुकूल माने जाते हैं। जून 2026 के शुभ वाहन खरीद मुहूर्त इस प्रकार हैं:17 जून (बुधवार) – पुनर्वसु नक्षत्र19 जून (शुक्रवार) – आश्लेषा नक्षत्र21 जून (रविवार) – पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र22 जून (सोमवार) – उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र24 जून (बुधवार) – चित्रा नक्षत्र27 जून (शनिवार) – अनुराधा नक्षत्र29 जून (सोमवार) – मूल नक्षत्र इन तारीखों को वाहन खरीदना विशेष रूप से शुभ माना गया है क्योंकि इन दिनों में नक्षत्रों का ऐसा संयोग बनता है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। विशेष मुहूर्त की खास बातें:17 जून को पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग वाहन खरीद के लिए बेहद अनुकूल रहेगा।19 जून को आश्लेषा नक्षत्र के दौरान सुबह का समय खास शुभ बताया गया है।21 और 22 जून को लगातार शुभ नक्षत्रों का प्रभाव रहेगा, जिससे इन दिनों में खरीदारी लाभकारी मानी गई है।27 और 29 जून को अंतिम शुभ संयोग बन रहा है, जो वाहन खरीद के लिए उत्तम अवसर माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन शुभ मुहूर्तों में खरीदी गई नई गाड़ी जीवन में सुख, समृद्धि और प्रगति का संकेत देती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि वाहन खरीदते समय केवल मुहूर्त ही नहीं, बल्कि अपनी आवश्यकता, बजट और उपयोगिता का भी ध्यान रखना जरूरी है। Tags: #ShubhMuhurat #CarPurchase #June2026 #AstrologyNews #VehicleBuying #Jyotish #HinduCalendar

बुधवार के उपाय: धन-वैभव और करियर में तरक्की पाने के आसान टोटके

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार बुधवार का संबंध भगवान गणेश और बुध ग्रह से माना गया है। बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, वाणी और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में बुध कमजोर हो, तो व्यक्ति को आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव और करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बुधवार के दिन कुछ सरल उपाय अपनाकर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता पाई जा सकती है। बुध ग्रह को मजबूत करने के उपायज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का जाप बेहद लाभकारी माना गया है। बीज मंत्र:“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”इस मंत्र का श्रद्धा के साथ जाप करने से बुद्धि तेज होती है और निर्णय क्षमता मजबूत होती है। धन-समृद्धि के लिए करें ये उपायबुधवार के दिन हरे रंग की वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से—हरी मूंग दाल का दान करेंजरूरतमंदों को हरी वस्तुएं देंमान्यता है कि इससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। कर्ज और आर्थिक संकट से मुक्ति का उपाययदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी या कर्ज से परेशान है, तो बुधवार के दिन ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।यह उपाय जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और आर्थिक स्थिरता देने में सहायक माना जाता है। गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के सरल उपायबुधवार के दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए ये उपाय करें-गणेश जी को 11 या 21 दूर्वा अर्पित करें“ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जाप करेंगणेश जी की विधिवत पूजा करेंइन उपायों से जीवन में रुकावटें दूर होने और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। गौ सेवा से मिलेगा सौभाग्यज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन गाय को हरी घास खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे-सौभाग्य में वृद्धि होती हैमानसिक शांति मिलती हैजीवन की परेशानियां कम होती हैं  बुध दोष से मुक्ति के उपाययदि कुंडली में बुध ग्रह कमजोर हो तो माता दुर्गा की उपासना करना लाभकारी माना जाता है। मंत्र:“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”इस मंत्र का नियमित जाप करने से बुध दोष कम होता है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। बुधवार के दिन किए गए ये सरल उपाय जीवन में धन, बुद्धि और सफलता के मार्ग खोल सकते हैं। श्रद्धा और नियमितता के साथ इन उपायों को अपनाने से करियर और कारोबार में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

बढ़ता स्वास्थ्य संकट: फैटी लिवर से कैसे बचें और क्या हैं शुरुआती संकेत?

नई दिल्ली। फैटी लिवर आज दुनिया भर में लिवर सिरोसिस की सबसे बड़ी वजह बनता जा रहा है। भारत भी इससे तेजी से प्रभावित हो रहा है। मेडिकल भाषा में इसे Metabolic Dysfunction Associated Steatotic Liver Disease कहा जाता है, जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देती, जिससे इसे “साइलेंट किलर” कहा जा रहा है। भारत में क्यों बढ़ रहे हैं मामलेइंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत में मोटापा, डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि फैटी लिवर के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गलत खानपान, फास्ट फूड, मीठे पेय पदार्थ और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं। शुरुआती लक्षण जिन्हें हल्के में न लेंडॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती चरण में मरीज को यह एहसास नहीं होता कि वह गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। कुछ सामान्य संकेत दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे-लगातार थकान महसूस होनाखाने के बाद भारीपन या पेट फूलनाशरीर में ऊर्जा की कमीपेट के आसपास फैट बढ़नाये लक्षण सामान्य लग सकते हैं, लेकिन यह लिवर में फैट जमा होने का संकेत हो सकते हैं। बीमारी बढ़ने पर हो सकते हैं गंभीर परिणामअगर फैटी लिवर समय पर कंट्रोल न किया जाए तो यह गंभीर स्थिति में बदल सकता है। डॉक्टरों के अनुसार एडवांस स्टेज में-पीलियापेट में पानी भरनापैरों में सूजनखून की उल्टीयहां तक कि लिवर फेलियर और कोमाजैसी स्थिति भी बन सकती है। किन कारणों से बढ़ रहा खतरा?विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ लिवर की नहीं बल्कि पूरी मेटाबॉलिक हेल्थ की समस्या है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं-ज्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूडदेर रात खाना खाने की आदतलंबे समय तक बैठकर काम करनाफिजिकल एक्टिविटी की कमीमीठे ड्रिंक्स और ट्रांस फैट का अधिक सेवनहैरानी की बात यह है कि सामान्य वजन वाले लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं। बचाव और इलाज कैसे संभव है?अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार जीवनशैली में सुधार सबसे अहम इलाज है-वजन नियंत्रित करनाब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रणहेल्दी डाइट अपनानाशुगर और जंक फूड से दूरीनियमित एक्सरसाइज और एक्टिव लाइफस्टाइल फैटी लिवर एक ऐसी बीमारी है जो बिना चेतावनी के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक रोका और ठीक किया जा सकता है।

पैक्ड फूड पर बड़ा खुलासा: भारत के 80% उत्पादों में ज्यादा शुगर और फ्लेवर

नई दिल्ली। नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 80% से ज्यादा पैक्ड फूड में अतिरिक्त शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और हानिकारक एडिटिव्स पाए गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। भारत में पैक्ड फूड की बढ़ती खपत के बीच एक नई रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है, जिसने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में बिकने वाले 80% से अधिक पैक्ड फूड उत्पादों में अतिरिक्त शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और कई तरह के एडिटिव्स मौजूद हैं, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। यह रिपोर्ट Natfirst और इसके कंज्यूमर न्यूट्रिशन प्लेटफॉर्म ट्रुथइन के विश्लेषण पर आधारित है। इसमें करीब 23,000 फूड प्रोडक्ट्स की 25 से अधिक श्रेणियों के लेबल का अध्ययन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार बिस्कुट, कोल्ड ड्रिंक्स, रेडी-टू-ईट फूड और मीठे स्नैक्स में सबसे ज्यादा समस्या पाई गई है। करीब 80% बिस्कुट में आर्टिफिशियल फ्लेवर और सस्ते पाम ऑयल का इस्तेमाल देखा गया, जबकि लगभग 98% कोल्ड ड्रिंक्स में हानिकारक एडिटिव्स मौजूद पाए गए। इसी तरह रेडी-टू-ईट फूड में भी उच्च मात्रा में नमक और रसायनों का उपयोग सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पैटर्न दर्शाता है कि पैक्ड फूड में स्वाद बढ़ाने और शेल्फ लाइफ लंबी करने के लिए बड़ी मात्रा में चीनी, नमक और रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अधिकांश उपभोक्ता पैकेट पर लगे लेबल को पढ़ने का दावा करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही सामग्री की पूरी जानकारी ध्यान से देखते हैं। इसी लापरवाही का फायदा कंपनियां उठाती हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोगों को पैक्ड फूड का सीमित उपयोग करना चाहिए और ताजे व घरेलू भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। रिपोर्ट का संदेश साफ है पैक्ड फूड का बढ़ता सेवन भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है।

मीन राशिफल (20 मई 2026): मिला-जुला रहेगा दिन, सेहत और खर्च पर रखें ध्यान

नई दिल्ली। मीन राशि के जातकों के लिए 20 मई 2026 का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आ सकता है। दिन की शुरुआत थोड़ी सामान्य रहेगी, लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, कामकाज में अतिरिक्त दबाव महसूस हो सकता है। Pisces वालों को आज अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने की जरूरत होगी। मन में उत्साह रहेगा, लेकिन काम की अधिकता के कारण थकान भी महसूस हो सकती है। आर्थिक मामलों में किसी भी बड़े निर्णय से पहले सोच-विचार करना जरूरी होगा। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट पर नियंत्रण रखें। निवेश या लेन-देन में जल्दबाजी नुकसानदायक हो सकती है। सेहत को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बदलते मौसम या तनाव के कारण हल्की परेशानी हो सकती है, इसलिए आराम और संतुलित दिनचर्या अपनाएं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी और दिन के तनाव में कमी आएगी। मीन राशि वालों के लिए यह दिन न तो बहुत अच्छा और न ही बहुत खराब रहेगा। धैर्य और संतुलन से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है।