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Honda कल लॉन्च करेगी 2 नई कारें, फीचर्स देख रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली। Honda Cars India भारतीय बाजार में अपनी दो नई कारों को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी 22 मई को फेसलिफ्टेड Honda City और बिल्कुल नई Honda ZR-V की कीमतों का ऐलान करेगी। इन दोनों मॉडल्स को लेकर ऑटो बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि ZR-V लंबे समय बाद भारत में आने वाला Honda का नया फ्लैगशिप मॉडल होगा। नई Honda City फेसलिफ्ट लॉन्च से पहले ही डीलरशिप तक पहुंच चुकी है। इसके डिजाइन और फीचर्स में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। कार में नया फ्रंट और रियर बंपर, अपडेटेड ग्रिल, नई LED DRLs, फ्रंट LED लाइट बार और डुअल-टोन अलॉय व्हील्स का नया डिजाइन दिया गया है। इसके अलावा कार में नया रियर डिफ्यूजर और क्लियर लेंस LED टेल लाइट्स भी देखने को मिलेंगी, जिससे इसका लुक पहले से ज्यादा प्रीमियम और स्पोर्टी नजर आएगा। कार के इंटीरियर को भी पूरी तरह अपडेट किया गया है। इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, नया AC कंट्रोल मॉड्यूल, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि यह सेडान फीचर और टेक्नोलॉजी के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देगी। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Volkswagen Virtus और Hyundai Verna जैसी कारों से होगा। इंजन की बात करें तो नई Honda City में वही 1.5 लीटर VTEC पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 119bhp की पावर और 145Nm का टॉर्क जनरेट करेगा। यह इंजन 6-स्पीड मैनुअल और CVT गियरबॉक्स विकल्प के साथ आएगा। वहीं नई Honda ZR-V को कंपनी प्रीमियम हाइब्रिड SUV के रूप में पेश करेगी। इसमें 2.0 लीटर पेट्रोल हाइब्रिड पावरट्रेन मिलने की उम्मीद है, जो करीब 180bhp की पावर और 240Nm का टॉर्क जनरेट करेगा। यह इंजन CVT गियरबॉक्स से लैस होगा। ZR-V में फ्री-स्टैंडिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, इलेक्ट्रिक सनरूफ, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस चार्जर और पूरी तरह LED लाइटिंग जैसे प्रीमियम फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Volkswagen Tiguan R-Line और Skoda Kodiaq के चुनिंदा वेरिएंट्स से माना जा रहा है। Honda की इन नई पेशकशों से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है। कंपनी अब प्रीमियम फीचर्स, हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और आधुनिक डिजाइन के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

POK में मारा गया पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड, हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या

नई दिल्ली। 2019 के चर्चित पुलवामा आतंकी हमला के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में हत्या कर दी गई है। ‘डॉक्टर’ के नाम से पहचाने जाने वाले हमजा को मुजफ्फराबाद के पास अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भून डाला। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार था और वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई वर्षों से POK में एक स्कूल टीचर की फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। इसी आड़ में वह आतंकी नेटवर्क, ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फराबाद के घने जंगल वाले इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे कई गोलियां लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। हमजा आतंकी संगठन अल-बद्र का प्रमुख कमांडर था और वह जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी नेटवर्क के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे UAPA के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पुलवामा हमले से जुड़ी चार्जशीट में भी उसका नाम प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल था। बताया जाता है कि हमजा पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हुआ था और बाद में उसका कमांडर बन गया। वह पाकिस्तान से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने, युवाओं को संगठन में भर्ती करने और फंडिंग जुटाने का काम करता था। गृह मंत्रालय के अनुसार, हमजा युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने और आतंकी संगठनों के लिए आर्थिक मदद जुटाने में भी सक्रिय था। पुलवामा हमले के अलावा उसे कई अन्य आतंकी घटनाओं का भी मास्टरमाइंड माना जाता था। 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। उस दिन जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था, तभी पुलवामा के लेथपोरा इलाके में विस्फोटकों से भरी एक कार जवानों की बस से टकरा गई थी। धमाका इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए थे। इस आत्मघाती हमले को स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था, जबकि इसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। एनआईए की विस्तृत जांच में मसूद अजहर, अब्दुल रऊफ असगर, उमर फारूक और हमजा बुरहान समेत कई आतंकियों को इस हमले की साजिश में शामिल पाया गया था। अब हमजा की मौत को आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, उसकी हत्या किसने और किन कारणों से की, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

लग्जरी और पावर का शानदार कॉम्बिनेशन, भारत में आईं GLE-GLS नाइट एडिशन

नई दिल्ली। Mercedes-Benz ने भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय लग्जरी SUV Mercedes-Benz GLE और Mercedes-Benz GLS के नए नाइट एडिशन लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी इन्हें ग्लोबल लिमिटेड-रन सीरीज के तहत पेश कर रही है। शानदार डिजाइन, दमदार इंजन और प्रीमियम फीचर्स से लैस ये SUV लॉन्च होते ही चर्चा में आ गई हैं। कंपनी ने GLE 300d नाइट एडिशन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.05 करोड़ रुपये रखी है। वहीं GLE 450 नाइट एडिशन की कीमत 1.14 करोड़ रुपये तय की गई है। दूसरी ओर GLS 450 नाइट एडिशन की कीमत 1.41 करोड़ रुपये और GLS 450d नाइट एडिशन की कीमत 1.43 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है। नई नाइट एडिशन SUV को खास बनाने के लिए कंपनी ने इनके डिजाइन और इंटीरियर में कई एक्सक्लूसिव बदलाव किए हैं। दोनों मॉडल्स को ऑब्सीडियन ब्लैक और एल्पाइन ग्रे कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। खास बात यह है कि एल्पाइन ग्रे कलर केवल नाइट एडिशन में ही उपलब्ध होगा और इसे स्टैंडर्ड मॉडल्स में नहीं दिया गया है। इंटीरियर की बात करें तो दोनों SUV में ब्लैक नैप्पा लेदर अपहोल्स्ट्री और एंथ्रासाइट ओपन पोर ओक वुडन ट्रिम दिया गया है, जो इन्हें और ज्यादा प्रीमियम फील देता है। इसके अलावा दोनों नाइट एडिशन वेरिएंट में हेड-अप डिस्प्ले स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर शामिल किया गया है। GLE नाइट एडिशन में कंपनी ने एयरमैटिक सस्पेंशन भी दिया है, जो ड्राइविंग को ज्यादा आरामदायक और स्मूद बनाता है। कंपनी का दावा है कि यह फीचर SUV को शानदार राइड क्वालिटी और बेहतर रोड प्रेजेंस देता है। परफॉर्मेंस की बात करें तो GLE 300d नाइट एडिशन में 2.0 लीटर का 4-सिलेंडर डीजल इंजन मिलता है, जो 198 किलोवाट की पावर और 550 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह SUV मात्र 6.9 सेकेंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 230 kmph है। वहीं GLE 450 नाइट एडिशन में 3.0 लीटर इनलाइन-सिक्स पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 280 किलोवाट की ताकत और 500 Nm का टॉर्क पैदा करता है। यह SUV सिर्फ 5.6 सेकेंड में 100 kmph की रफ्तार पकड़ लेती है और इसकी अधिकतम स्पीड 250 kmph है। GLS 450 नाइट एडिशन में भी यही 3.0 लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है, जबकि GLS 450d नाइट एडिशन में 3.0 लीटर इनलाइन-सिक्स डीजल इंजन दिया गया है। यह इंजन 270 किलोवाट की पावर और 750 Nm का जबरदस्त टॉर्क जनरेट करता है। GLS के दोनों वेरिएंट केवल 6.1 सेकेंड में 100 kmph की रफ्तार हासिल कर लेते हैं। लक्जरी, टेक्नोलॉजी और दमदार परफॉर्मेंस के साथ Mercedes-Benz की ये नई नाइट एडिशन SUV भारतीय प्रीमियम कार बाजार में बड़ा आकर्षण बनने वाली हैं।

ऐप से बुक होंगे ह्यूमनॉइड रोबोट, घर आकर करेंगे सफाई

नई दिल्ली। घरेलू कामकाज की दुनिया में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में अमेरिकी रोबोटिक्स स्टार्टअप Gatsby ने एक नई सर्विस शुरू की है। कंपनी ने अमेरिका के San Francisco में पहली बार ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट भेजा, जिसने ग्राहक के अपार्टमेंट की सफाई पूरी तरह खुद से की। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रोबोट कंपनी के iOS ऐप के जरिए बुक किया गया था और उसने इंसानी मदद के बिना सफाई का काम पूरा किया।  कैसे काम करती है यह सर्विस?Gatsby का मॉडल काफी हद तक कैब बुकिंग ऐप्स जैसा बताया जा रहा है। ग्राहक ऐप से रोबोट बुक करेंगे।तय समय पर रोबोट घर पहुंचेगा,सफाई का काम करेगा।काम पूरा होने के बाद वापस चला जाएगाकंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य लोगों का समय बचाना है, खासकर रोजमर्रा के घरेलू कामों में।  कितना खर्च आएगा?रिपोर्ट्स के अनुसार,कंपनी 150 डॉलर (करीब ₹12,000–₹13,000) फ्लैट फीस ले रही हैअपार्टमेंट के आकार के अनुसार कीमत नहीं बदलतीयह मॉडल सैन फ्रांसिस्को की पारंपरिक होम-क्लीनिंग सेवाओं को चुनौती दे सकता है, जहां सामान्य सफाई का खर्च इससे ज्यादा भी हो सकता है। रोबोट बेचने के बजाय “रेंटल मॉडल”दिलचस्प बात यह है कि Gatsby: रोबोट सीधे ग्राहकों को बेचने के बजाय “service-on-demand” मॉडल अपना रही है जबकि कई दूसरी कंपनियां, जैसे: Tesla 1X महंगे ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित कर रही हैं।  कंपनी की असली ताकत क्या है?रिपोर्ट्स के अनुसार Gatsby खुद रोबोट बॉडी बनाने पर पूरी तरह निर्भर नहीं है। कंपनी का फोकस है: स्मार्ट सॉफ्टवेयर नेविगेशन सिस्टम यूजर इंटरफेस अलग-अलग रोबोट प्लेटफॉर्म के साथ काम करने वाला AI सिस्टम बताया जा रहा है कि कंपनी को NVIDIA का समर्थन भी मिला हुआ है।  क्या बदल सकता है भविष्य?अगर ऐसी सेवाएं सफल होती हैं, तो भविष्य में: घरेलू सफाई बुजुर्गों की सहायता होटल और ऑफिस सर्विस वेयरहाउस सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में ह्यूमनॉइड रोबोट आम हो सकते हैं। हालांकि अभी: लागत सुरक्षा भरोसेमंद प्रदर्शन प्राइवेसी जैसे मुद्दे बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं।

‘कुर्बानी पर रोक बर्दाश्त नहीं’: हुमायूं कबीर के बयान से गरमाई बंगाल की राजनीति..

नई दिल्ली । बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल में कुर्बानी को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। राज्य सरकार की ओर से पशु वध को लेकर जारी किए गए नए निर्देशों के बाद अब इस मुद्दे ने सियासी रंग पकड़ लिया है। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर के तीखे बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा और कुर्बानी की परंपरा पहले की तरह जारी रहेगी। दरअसल राज्य सरकार ने हाल ही में पशु वध नियंत्रण कानून के तहत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के गाय और भैंस के वध पर सख्त रोक लगाने की बात कही गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि किसी भी बैल, बछड़े, गाय या भैंस का वध निर्धारित नियमों और प्रमाण पत्र के बिना नहीं किया जा सकेगा। बकरीद से ठीक पहले जारी इस निर्देश के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने सरकार पर धार्मिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुर्बानी की परंपरा सदियों पुरानी है और इसे कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय अपने धार्मिक अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कबीर ने कहा कि सरकार प्रशासन चलाने तक सीमित रहे और धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप करने से बचे। हुमायूं कबीर ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुर्बानी केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि आस्था और परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समाज में पहले से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को राजनीतिक मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। उनके अनुसार किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कदम सामाजिक तनाव को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए। इस विवाद के बीच राज्य की राजनीति में माहौल और अधिक गर्म हो गया है। विपक्षी दल जहां सरकार के फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं, वहीं कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर संतुलित रवैया अपनाने की अपील की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बकरीद से पहले उठा यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। हुमायूं कबीर पहले भी कई विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। पिछले वर्षों में भी उनके कुछ बयान राजनीतिक बहस का कारण बने थे। हालांकि इस बार उनका बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस पूरे मामले का असर आगामी चुनावी समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल राज्य में प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की जा रही है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी के बीच आम जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों में 118 प्रोफेसर पदों पर भर्ती शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली । चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे अनुभवी डॉक्टरों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने देश के विभिन्न ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों और पीजीआईएमएसआर संस्थानों में प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए बड़ा भर्ती अभियान शुरू किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग मेडिकल विभागों में कुल 118 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। भर्ती को लेकर जारी अधिसूचना के बाद मेडिकल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत एनाटॉमी, अनेस्थीसियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, सामुदायिक चिकित्सा, सामान्य चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, माइक्रोबायोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, मनोरोग चिकित्सा, रेस्पिरेटरी मेडिसिन और ब्लड बैंक समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में रिक्तियां निकाली गई हैं। मेडिकल शिक्षा और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह भर्ती स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में एमडी, एमएस या समकक्ष मान्यता प्राप्त पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होना अनिवार्य रखा गया है। इसके साथ ही संबंधित विषय में निर्धारित वर्षों का शिक्षण अनुभव भी जरूरी होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयनित उम्मीदवार मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण योगदान दे सकें। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र 50 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्गों से आने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू, शॉर्टलिस्टिंग और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान के साथ अन्य सरकारी सुविधाएं और भत्ते भी दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार चयनित प्रोफेसरों को प्रति माह एक लाख तेइस हजार रुपये से लेकर दो लाख पंद्रह हजार रुपये तक का वेतन मिल सकेगा। आवेदन शुल्क को लेकर भी अलग-अलग श्रेणियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और विभागीय पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, महिलाओं और पूर्व सैनिकों को शुल्क में छूट दी गई है। इससे अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर मिल सकेगा। उम्मीदवारों को आवेदन पत्र भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज सावधानीपूर्वक संलग्न करने होंगे। आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद उसकी एक प्रति भविष्य के लिए सुरक्षित रखना भी जरूरी बताया गया है। मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती एक बड़ा अवसर मानी जा रही है। आने वाले समय में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रतियोगिता भी काफी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

कश्मीर के बहादुर आदिल शाह की याद में बड़ा कदम: सरकार ने स्कूल को दिया नया नाम

नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले आदिल हुसैन शाह को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान दिया है। उनके साहस और बलिदान को याद रखते हुए अनंतनाग जिले के एक सरकारी हाई स्कूल का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा गया है। इस निर्णय को उनकी वीरता और मानवता के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आदिल हुसैन शाह पहलगाम क्षेत्र में पोनी चलाने का कार्य करते थे और पर्यटकों की सेवा से जुड़े रहते थे। 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के दौरान उन्होंने कई पर्यटकों की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मृत्यु हो गई। उनकी इस बहादुरी ने पूरे क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी थी। राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अनंतनाग जिले के हापतनगर स्थित एक सरकारी हाई स्कूल का नाम बदलकर शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल कर दिया गया है। इस फैसले को सरकार की ओर से आयोजित एक विशेष समारोह में औपचारिक रूप से लागू किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आदिल शाह का बलिदान केवल एक व्यक्ति की बहादुरी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है, लेकिन आदिल शाह ने अपने कार्य से यह साबित किया कि यहां के लोग अपने मेहमानों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा आगे रहते हैं। परिवार के सदस्यों ने इस फैसले पर सरकार का आभार व्यक्त किया और इसे गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम उनके नाम पर रखे जाने से आने वाली पीढ़ियां भी आदिल शाह के साहस और बलिदान को याद रखेंगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया और इसे एक प्रेरणादायक निर्णय बताया, जिससे क्षेत्र में शांति और मानवता का संदेश और मजबूत हुआ है। Get smarter responses, upload files and images, and more.

देशभर में मौसम का डबल अटैक: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं लू का कहर, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट

नई दिल्ली ।देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 22 मई को देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, भारी बारिश और तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। तेज हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में बिजली गिरने, पेड़ उखड़ने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। मौसम में इस अचानक बदलाव की वजह से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन तेज तूफान और बारिश नई परेशानियां भी खड़ी कर सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है, जिसका असर कई राज्यों में दिखाई देगा। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक मौसम प्रणाली मजबूत हो रही है। इसी कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, असम, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, आजमगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं बिहार के गया, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल और भागलपुर जैसे जिलों में भारी बारिश और तूफान का खतरा बना हुआ है। झारखंड में भी रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में भी मौसम बिगड़ सकता है और कई जिलों में तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भी मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के नैनीताल, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि खराब मौसम के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। राजधानी दिल्ली में भी 22 मई की शाम मौसम अचानक बदल सकता है। यहां तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हालांकि तापमान अभी भी काफी ऊंचा बना रहेगा और अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। जयपुर, ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय हो गया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं अंडमान-निकोबार क्षेत्र में भी मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ सकता है, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि तेज आंधी और बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

लखनऊ में पिता ने ही रची अपनी मासूम बेटी के कत्ल की खौफनाक साजिश, सिरविहीन टुकड़ों में मिला किशोरी का शव

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने ऑनर किलिंग के काले सच को एक बार फिर समाज के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर खड़ी छपरा-गोमती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच की एक सीट के नीचे लावारिस हालत में रखे बक्से से जब पुलिस ने एक किशोरी का सिरविहीन शव बरामद किया, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बक्से को खोलने पर सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए क्योंकि उसके भीतर मासूम बच्ची के शरीर को छह अलग-अलग टुकड़ों में काटकर बेरहमी से छुपाया गया था। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड का खुलासा करने के लिए प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए कई विशेष जांच टीमों का गठन किया और सुरागों की तलाश तेज कर दी। जांचकर्ताओं ने जब रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो कुशीनगर जिले के तमकुही रेलवे स्टेशन के कैमरों से एक बेहद महत्वपूर्ण और संदिग्ध सुराग हाथ लगा। इस सुराग के जरिए जब कड़ियों से कड़ियां जोड़ी गईं, तो हत्या के पीछे किसी बाहरी का नहीं बल्कि मृतिका के सगे पिता, उसकी सगी बुआ और फूफा का हाथ होने की बात सामने आई। कानून के हाथ जैसे ही इन आरोपियों तक पहुंचे, इस खौफनाक साजिश का पूरा सच खुलकर सामने आ गया। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान मृतिका शब्बा के पिता विग्गन अंसारी, बुआ नूरजहां और फूफा मोजीबुल्ला अंसारी के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने कुशीनगर जिले से घेराबंदी करके दबोच लिया। इस दर्दनाक वारदात के पीछे की मुख्य वजह पारिवारिक प्रतिष्ठा और रूढ़िवादी सोच से उपजा आक्रोश बताया जा रहा है। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी पिता अपनी दो बड़ी बेटियों द्वारा परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर अपनी पसंद से शादी करने के फैसले से लंबे समय से बेहद परेशान और समाज में अपमानित महसूस कर रहा था। इसी बीच जब उसे पता चला कि उसकी सोलह वर्षीय सबसे छोटी बेटी भी किसी से फोन पर बातचीत करती है और उसका प्रेम प्रसंग चल रहा है, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। घर में इस बात को लेकर आए दिन विवाद, तनाव और कलह का माहौल रहने लगा था। अपनी दो बड़ी बेटियों के कदम से आहत पिता किसी भी कीमत पर अपनी तीसरी बेटी को अपनी मर्जी के खिलाफ जाते नहीं देखना चाहता था। इसी जिद और सनक के कारण उसने अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी को हमेशा के लिए खामोश करने की योजना बना डाली। आरोपियों ने मिलकर पहले किशोरी को मौत के घाट उतारा और फिर पकड़े जाने के डर से शव को बेरहमी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया। फिलहाल इस पूरे मामले में आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि मृतिका के गायब सिर को ढूंढने के लिए बिहार सीमा और कुशीनगर के आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

बढ़ सकती हैं जरूरी दवाओं की कीमतें: फार्मा कंपनियों की तैयारी, आम लोगों पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसे हालातों का असर अब वैश्विक सप्लाई चेन पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से दवा निर्माण की लागत में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसी कारण देश में 384 जरूरी दवाओं की कीमतें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे फार्मा सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और दवा मूल्य निर्धारण से जुड़ी संस्थाओं के बीच इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा चल रही है। उद्योग जगत की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया है कि बढ़ती उत्पादन लागत को देखते हुए आवश्यक दवाओं की कीमतों में संशोधन किया जाए। फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है और अंतिम निर्णय परिस्थितियों को देखते हुए लिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि जिन दवाओं की कीमतों में बदलाव की चर्चा हो रही है, उनमें कई जीवन रक्षक दवाएं शामिल हैं। इनमें एंटीबायोटिक, हृदय रोगों की दवाएं, बुखार और दर्द निवारक दवाएं, सूजन कम करने वाली दवाएं तथा विटामिन सप्लीमेंट जैसी आवश्यक दवाएं भी शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग सामान्य संक्रमण से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज तक में किया जाता है, जिससे इनकी मांग हमेशा बनी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर दवा निर्माण पर पड़ता है। कई जरूरी फार्मा सामग्री आयात पर निर्भर होती है, ऐसे में सप्लाई बाधित होने पर उत्पादन लागत बढ़ जाती है। इसी वजह से कंपनियां कीमतों में संशोधन की मांग कर रही हैं। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि यदि वैश्विक हालात सामान्य होते हैं और सप्लाई चेन फिर से स्थिर हो जाती है, तो इन दवाओं की कीमतों में कमी भी संभव है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अंतिम निर्णय नियामक संस्थाओं की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा। इस संभावित बदलाव को लेकर आम लोगों में चिंता भी बढ़ सकती है, क्योंकि जरूरी दवाओं की कीमतों में वृद्धि सीधे स्वास्थ्य खर्च पर असर डालती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस दौरान संतुलन बनाए रखना होगा ताकि मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और दवा उद्योग भी स्थिर बना रहे।