Chambalkichugli.com

उज्जैन में डॉग बाइट का बढ़ता खतरा: 4 महीने में 2439 लोग शिकार

मध्यप्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामले में सभा मंडप के पास काम कर रही एक महिला कर्मचारी पर कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला कर्मचारी मंदिर परिसर में अपने कार्य में लगी हुई थी, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और उस पर हमला कर दिया। हमले के बाद महिला दर्द से तड़पने लगी और आसपास मौजूद लोग उसकी मदद के लिए दौड़े। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। महाकाल मंदिर ही नहीं, पूरे उज्जैन शहर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम और कई कॉलोनियों में कुत्तों के झुंड लगातार लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक दोनों ही इन हमलों से परेशान हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच उज्जैन में 2439 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इसके अलावा 192 लोग बिल्ली, बंदर और घोड़े के हमलों में घायल हुए हैं। यह स्थिति शहर में पशु नियंत्रण व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाती है। मंदिर परिसर में पिछले दो वर्षों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु भी कुत्तों के हमले में घायल हुई थी, जिसे तुरंत मंदिर अस्पताल में उपचार दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में आधा दर्जन से अधिक आवारा कुत्ते लगातार घूमते रहते हैं और कई बार श्रद्धालुओं पर हमला कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन और नगर निकाय पर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद स्थायी नियंत्रण व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।

बांग्लादेश पासपोर्ट विवाद: “Except Israel” शर्त की वापसी, राजनीतिक प्रतीकों को हटाने की तैयारी

नई दिल्ली। बांग्लादेश एक बार फिर अपने पासपोर्ट नीति में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। ढाका से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार देश के पासपोर्ट में “Except Israel” यानी “इजरायल को छोड़कर” वाला वाक्यांश फिर से शामिल किया जाएगा। यह वही प्रावधान है जिसे 2020 में शेख हसीना सरकार के दौरान हटाया गया था, हालांकि उस समय भी इजरायल में पासपोर्ट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू था। रिपोर्टों के मुताबिक अब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाली सरकार इस वाक्यांश को दोबारा शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। कहा जा रहा है कि यह कदम देश की विदेश नीति और फिलिस्तीन मुद्दे पर लंबे समय से चले आ रहे रुख को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। इसी के साथ पासपोर्ट डिज़ाइन और वॉटरमार्क में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रस्ताव के अनुसार, बांग्लादेश के ऐतिहासिक और राजनीतिक प्रतीकों से जुड़े कई चिन्ह हटाए जा सकते हैं, जिनमें बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान से जुड़े स्थल और स्मारक भी शामिल हैं। इसमें धनमंडी 32 स्थित उनका आवास, तुंगीपारा स्थित मकबरा और अन्य राष्ट्रीय पहचान से जुड़े प्रतीक शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यह बदलाव पहले चरण में नए जारी होने वाले पासपोर्ट पर लागू होगा, जबकि पुराने पासपोर्ट को तुरंत बदलने की कोई योजना नहीं है। जैसे-जैसे पुराने पासपोर्ट की अवधि समाप्त होगी, नए नियमों के अनुसार ही दस्तावेज जारी किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक और वैचारिक दिशा में भी बड़ा संकेत है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि नई सरकार अपनी विदेश नीति और घरेलू राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रही है, जिसमें फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल विरोधी रुख को दोबारा मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है।

पाकिस्तान के पूर्व NSA की भारत को खुली धमकी: चीन के साथ मिलकर “बर्बाद करने” की बात, कश्मीर-सिंधु जल पर जहर

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नासिर खान जंजुआ ने एक टीवी इंटरव्यू में भारत के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर के साथ बातचीत के दौरान पाकिस्तान और चीन को भविष्य की “सुपरपावर” बताते हुए दावा किया कि दोनों देश मिलकर भारत को कड़ी चुनौती देंगे। उनके इस बयान को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इंटरव्यू में जंजुआ ने कहा कि मौजूदा समय में भारत की नीतियों के कारण उसके खिलाफ माहौल बन रहा है और उसके “दुश्मन” बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने चीन की तेजी से बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बदल देंगे। जंजुआ ने आगे दावा किया कि भविष्य में ऐसा समय आ सकता है जब कश्मीर और सिंधु जल संधि जैसे लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों का समाधान “ताकत के आधार पर” किया जाएगा। उनके इस बयान को भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में अत्यंत संवेदनशील और विवादित माना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और पाकिस्तान का सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा और यह गठजोड़ भारत के लिए चुनौती साबित हो सकता है। इंटरव्यू में दिए गए इन बयानों को भारत के खिलाफ उकसाने वाली भाषा के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इन दावों पर किसी आधिकारिक स्तर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नासिर खान जंजुआ पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने अपने करियर में कई अहम सैन्य पदों पर काम किया है। वे क्वेटा कोर कमांडर भी रहे हैं और 2015 से 2018 तक पाकिस्तान के 7वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी इस्लामाबाद के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर भारत-पाकिस्तान और चीन के बीच भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

एमपी सरकार की नई पहल: स्कूल छोड़ चुके बच्चे फिर से शुरू कर सकेंगे पढ़ाई

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से पढ़ाई से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘शिक्षा घर योजना’ को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। यह निर्णय हाल ही में मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जहां मौजूदा योजनाओं की प्रगति और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत खासतौर पर कक्षा 8 या उससे ऊपर पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्रदेश में अब भी कई क्षेत्रों में ड्रॉपआउट दर चिंता का विषय बनी हुई है। आर्थिक कठिनाइयों, सामाजिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से कई छात्र स्कूल छोड़ देते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। ‘शिक्षा घर योजना’ के जरिए ऐसे छात्रों की पहचान कर उन्हें फिर से स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। योजना के तहत शिक्षा विभाग गांव-गांव और शहरों में ऐसे बच्चों का सर्वे करेगा जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके बाद उन्हें नजदीकी स्कूलों, ओपन स्कूलिंग सिस्टम या अन्य वैकल्पिक शिक्षा कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने का अवसर मिलेगा और वे आगे बेहतर करियर की ओर बढ़ सकेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे छात्रों को भारतीय इतिहास और संस्कृति की बेहतर समझ मिलेगी और उनमें राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं को जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और प्रभावी ढंग से किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आंशिक रूप से जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का फोकस सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। फिलहाल, शिक्षा विभाग ‘शिक्षा घर योजना’ के मॉडल को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि इसे जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

60 लाख की चोरी मामले में नया मोड़: बयान बदलने का दबाव, धमकी का आरोप

मध्यप्रदेश । इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में सामने आए 60 लाख रुपए की बड़ी चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। अब इस केस में पीड़िता को अदालत में बयान बदलने के लिए धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले में शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मामला कुम्हार खाड़ी निवासी मनीषा यादव से जुड़ा है, जिनके घर 7 फरवरी 2026 को चोरी की वारदात हुई थी। उस समय परिवार घर पर नहीं था और 9 फरवरी को लौटने पर उन्हें घर का ताला टूटा मिला। जांच में सामने आया कि घर से सोने के जेवर और नकदी समेत करीब 60 लाख रुपए का कीमती सामान चोरी हो गया था। पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन से अधिक संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इनकी पहचान में महिला के रिश्तेदार भी शामिल पाए गए, जिनमें जेठ का बेटा रोहित उर्फ गोलू और उसके कुछ साथी आरोपी बनाए गए। पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में वे जमानत पर बाहर आ गए। अब पीड़िता मनीषा यादव ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने दोबारा उसे डराने-धमकाने की कोशिश की है ताकि वह कोर्ट में अपना बयान बदल दे। महिला का कहना है कि 19 मई 2026 की दोपहर करीब 4 बजे आरोपी रोहित उर्फ गोलू अपने साथी प्रदुम्य के साथ उसके घर आया और पहले दर्ज कराए गए चोरी के केस में समझौता करने और बयान बदलने का दबाव बनाने लगा। महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके और उसके पति के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़िता ने सीधे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और सुरक्षा की मांग की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चोरी के मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन अब धमकी और गवाह को प्रभावित करने के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या यह मामला गवाह को डराकर केस कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है। इस पूरे मामले में अब दोहरी जांच चल रही है एक चोरी की वारदात की और दूसरी गवाह को धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है और उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। यह मामला अब सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

दर्दनाक घटना: डॉक्टर की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

मध्यप्रदेश । इंदौर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर अमन पटेल की आत्महत्या मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों और दोस्तों ने इस मामले में प्रेम प्रसंग और इंटरकास्ट विवाह को लेकर बढ़ते तनाव को कारण बताया है। घटना के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव और सवालों का माहौल बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि अमन पटेल का कॉलेज की ही एक छात्रा के साथ लगभग तीन साल से प्रेम संबंध था और दोनों शादी को लेकर गंभीर थे। लेकिन पिछले कुछ समय से रिश्तों में आई दूरी और मानसिक तनाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। परिजनों के अनुसार युवती के व्यवहार में बदलाव आया था और वह किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने लगी थी, जिससे अमन गहरे तनाव में आ गए थे। सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना से पहले फोन पर बातचीत के दौरान युवती ने कथित रूप से कहा था—“जो करना है कर लो”, जिसके बाद अमन हॉस्टल की पांचवीं मंजिल पर पहुंचे और छलांग लगा दी। घटना के बाद उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने दावा किया है कि इस रिश्ते में इंटरकास्ट शादी को लेकर भी विरोध था। युवती के परिवार ने कथित रूप से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया और हाल ही में इंदौर आकर इसका विरोध जताया था। परिजनों का कहना है कि इसी दबाव और मानसिक तनाव के कारण अमन टूट गए। घटना से पहले अमन ने अपनी लकवाग्रस्त मां को फोन कर कहा था कि “अच्छा नहीं लग रहा है।” इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को मोबाइल पासवर्ड भी भेजा था। पुलिस ने उनका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है और कॉल रिकॉर्ड, चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। दोस्तों का दावा है कि अमन और युवती के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत थे और दोनों ने साथ में कई बार समय भी बिताया था। इसी महीने की शुरुआत में दोनों इंदौर से जबलपुर भी घूमने गए थे, जहां वे कई जगह साथ रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना से 24 घंटे पहले युवती के माता-पिता इंदौर पहुंचे थे और उन्होंने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया था। इसके बाद युवती ने अमन से दूरी बना ली, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गए। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान युवती की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दोस्तों का कहना है कि यदि रिश्ता इतना गहरा था तो उसकी गैरमौजूदगी कई संदेह पैदा करती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब प्रेम संबंध, मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव के गंभीर पहलुओं से जुड़ गया है।

साइबर फ्रॉड पर सख्ती: वरिष्ठ नागरिकों के लिए डबल OTP सिस्टम से बढ़ेगी बैंकिंग सुरक्षा

नई दिल्ली । देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामलों के बीच वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। डिजिटल लेनदेन के दौरान होने वाली ठगी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से अब “डबल OTP सिस्टम” लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के खाताधारकों के बैंक ट्रांजैक्शन को तभी मंजूरी मिलेगी जब दो अलग-अलग स्तरों पर OTP की पुष्टि पूरी हो जाएगी। जानकारी के अनुसार, इस प्रणाली के तहत पहला OTP खाताधारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा, जबकि दूसरा OTP उस व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर जाएगा जिसे खाताधारक ने अपने विश्वसनीय संपर्क यानी “ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट” के रूप में चुना होगा। यह संपर्क आमतौर पर परिवार का कोई सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति होता है। जब तक दोनों OTP की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक कोई भी वित्तीय लेनदेन पूरा नहीं किया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार की डिजिटल धोखाधड़ी न हो सके। कई बार देखा गया है कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, लिंक या खुद को अधिकारी बताकर लोगों से बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते हैं। ऐसे मामलों में बुजुर्ग अधिक असुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि वे तकनीकी धोखाधड़ी को तुरंत पहचान नहीं पाते। डबल OTP सिस्टम इस खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद करेगा। फिलहाल इस व्यवस्था को सीमित स्तर पर लागू किया गया है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ बैंकों में शुरू किया गया है। शुरुआती चरण में चुनिंदा शाखाओं को इसमें शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के लिए इस नई सुविधा का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे धीरे-धीरे अन्य बैंकों में भी लागू किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है। इससे न केवल धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि परिवार के सदस्यों की भागीदारी भी वित्तीय सुरक्षा में बढ़ेगी। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि सुरक्षा के साथ-साथ सिस्टम को सरल बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में यह डबल OTP सिस्टम एक अतिरिक्त सुरक्षा परत की तरह काम करेगा, जिससे बिना दूसरी पुष्टि के कोई भी बड़ा लेनदेन संभव नहीं होगा। इससे ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी लेनदेन जैसे मामलों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

शिवपुरी में महिला का बच्चों संग प्रदर्शन: माधव चौक पर पेट्रोल छिड़ककर बैठी

मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के माधव चौक पर गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ अचानक सड़क पर पहुंची और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर धरना प्रदर्शन करने लगी। महिला ने इस दौरान भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उनके साथियों पर मारपीट, छेड़छाड़ और जमीन विवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए। घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाइश देकर थाने ले गई। महिला ने बताया कि वह देहात थाना क्षेत्र के रायश्री गांव की रहने वाली है। उसके अनुसार पति ने उसे छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहना शुरू कर दिया, जिसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर उसकी संपत्ति और जमीन से उसे वंचित कर दिया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। महिला का यह भी कहना है कि भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उनके परिवार के सदस्यों ने न केवल उसकी जमीन का सौदा करवाया बल्कि उसका हिस्सा भी नहीं दिया। इसी विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी हुईं। पीड़िता ने दावा किया कि उसने पहले भी थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर उसने गुरुवार को बच्चों के साथ माधव चौक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला का बेटा उनके रिश्तेदार की दुकान में चोरी का प्रयास करते हुए पकड़ा गया था। इसी विवाद को दबाने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह संपत्ति और पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार यह मामला दो परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

यातायात विभाग का सख्त एक्शन: एक बस पर 10 हजार का चालान

मध्यप्रदेश । शाजापुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर आरटीओ और यातायात विभाग ने गुरुवार सुबह संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान शहर और आसपास के मार्गों पर चल रही बसों की सघन जांच की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। साथ ही एक बस पर 10 हजार रुपये का चालान भी किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दोनों बसें वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना ही सड़क पर संचालित हो रही थीं। इसके अलावा बसों में जरूरी सुरक्षा उपकरणों की भी कमी पाई गई। इमरजेंसी एग्जिट गेट, अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं या तो अनुपस्थित थीं या खराब हालत में थीं। इन गंभीर खामियों को देखते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई की। यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों को पूरा किए कोई भी बस सड़क पर नहीं चलने दी जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले वाहन मालिकों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद और अधिक तेज कर दी गई है। कुछ दिन पहले शाजापुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक होटल के पास खड़ी बस में अचानक आग लग गई थी, जिसमें 4 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। इस घटना ने परिवहन विभाग और प्रशासन को सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीरता से कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। घटना के बाद से ही जिले में बसों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और परमिट की जांच को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और मांग की है कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटनाओं और आगजनी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। कुल मिलाकर, शाजापुर में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि अब परिवहन नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

होंडा सिटी फेसलिफ्ट और ZR-V कल होंगी लॉन्च, 360° कैमरा और वेंटिलेटेड सीट जैसी प्रीमियम फीचर्स से लैस

नई दिल्ली। होंडा कार्स इंडिया कल (22 मई) भारत में अपनी दो नई कारों की कीमतों का ऐलान करने जा रही है। इसमें फेसलिफ्टेड होंडा सिटी सेडान और बिल्कुल नई होंडा ZR-V SUV शामिल हैं। खास बात यह है कि ZR-V लंबे समय बाद कंपनी का नया मॉडल नाम है और इसे भारत में ब्रांड का फ्लैगशिप SUV माना जा रहा है। नई होंडा सिटी फेसलिफ्ट में कई कॉस्मेटिक और फीचर अपडेट किए गए हैं, जिनमें नया फ्रंट और रियर डिजाइन, LED DRLs, LED लाइट बार, डुअल-टोन अलॉय व्हील्स और अपडेटेड बूटलिड शामिल हैं। इंटीरियर में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, अपडेटेड AC कंट्रोल, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और 360-डिग्री कैमरा जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलेंगे। इंजन की बात करें तो इसमें 1.5-लीटर VTEC पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है, जो 119bhp पावर और 145Nm टॉर्क जनरेट करेगा, साथ ही मैनुअल और CVT गियरबॉक्स ऑप्शन मिल सकते हैं। वहीं, नई होंडा ZR-V में 2.0-लीटर पेट्रोल हाइब्रिड पावरट्रेन मिलने की उम्मीद है, जो करीब 180bhp पावर और 240Nm टॉर्क देगा। यह मॉडल CVT गियरबॉक्स के साथ आएगा और प्रीमियम SUV सेगमेंट में टिगुआन R-Line और स्कोडा कोडियाक जैसी गाड़ियों को टक्कर देगा।