एमपी में गर्मी का कहर बढ़ा, 4 जिलों में रेड अलर्ट, नौतपा में और तपेगा प्रदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेशभर में सूरज के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कई शहरों में सुबह के समय ही पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 31 मई तक गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है। शुक्रवार को निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों के लिए तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने का अनुमान है। 41 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारीमौसम विभाग ने प्रदेश के 41 जिलों में लू को लेकर अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की है। 4 जिलों में रेड अलर्टनिवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू की स्थिति बन सकती है। यहां तापमान 46 डिग्री के पार जाने की आशंका जताई गई है। 21 जिलों में ऑरेंज अलर्टग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में तेज लू चलने की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 20 जिलों में येलो अलर्टभोपाल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, शाजापुर, रायसेन, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इन जिलों में उमस और तेज गर्मीइंदौर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, बड़वानी, झाबुआ और आलीराजपुर में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।इंदौर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, बड़वानी, झाबुआ और आलीराजपुर में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। 25 मई से शुरू होगा नौतपामौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है, जिसके दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में गर्मी और अधिक तीखी होने की संभावना है। आने वाले दिनों में लोगों को गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान का सामना करना पड़ सकता है।
अजय देवगन का भोजपुरी कनेक्शन: मनोज तिवारी के साथ सुपरहिट फिल्म का जलवा

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दमदार अभिनेता Ajay Devgn अपनी बहुआयामी अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में एक्शन, रोमांस और कॉमेडी जैसे हर जॉनर में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अजय देवगन ने भोजपुरी सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी और वहां भी दर्शकों के बीच जबरदस्त प्रभाव छोड़ा था। साल 2006 में आई भोजपुरी फिल्म ‘धरती कहे पुकार के’ में अजय देवगन ने स्पेशल अपीयरेंस किया था। इस फिल्म में उनके साथ भोजपुरी सुपरस्टार Manoj Tiwari मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म में अजय देवगन के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस शर्बानी मुखर्जी भी अहम किरदार में थीं। फिल्म का निर्देशन असलम शेख ने किया था। फिल्म की कहानी एक ग्रामीण परिवेश पर आधारित थी, जहां एक गांव को एक अत्याचारी विलेन “वीर मंगिया” के जुल्मों से परेशान दिखाया गया। इसी संघर्ष में मनोज तिवारी और अजय देवगन मिलकर गांव की रक्षा करते हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं। अजय देवगन ने फिल्म में एक पुलिस अधिकारी एसपी कुणाल सिंह का किरदार निभाया था, जो कहानी में निर्णायक मोड़ लेकर आता है। फिल्म का एक खास सीन आज भी दर्शकों को याद है, जिसमें मनोज तिवारी पर हमला होता है और अजय देवगन की एंट्री होती है। वह अपनी जान पर खेलकर उन्हें बचाते हैं और गुंडों का सामना करते हैं। यही सीन फिल्म का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। ‘धरती कहे पुकार के’ सिर्फ अपनी कहानी के कारण ही नहीं, बल्कि अपने गानों और संगीत के कारण भी सुपरहिट रही। फिल्म के गाने मनोज तिवारी, पामेला जैन, मधुश्री, अनुराधा पौडवाल, कैलाश खेर, सोनू कक्कड़ और उदित नारायण जैसे बड़े गायकों ने गाए थे। संगीत निर्देशन धनंजय मिश्रा ने किया था और गीत विनय बिहारी ने लिखे थे। फिल्म का बजट लगभग 2 करोड़ रुपये बताया जाता है, जबकि इसका कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीब 7 करोड़ रुपये तक पहुंचा था, जिससे यह उस समय की सुपरहिट भोजपुरी फिल्मों में शामिल हो गई। IMDb पर भी फिल्म को अच्छी रेटिंग मिली है। आज भी यह फिल्म यूट्यूब पर उपलब्ध है और करोड़ों दर्शक इसे देख चुके हैं। टी-सीरीज के भोजपुरी चैनल पर मौजूद इस फिल्म को अब तक 1 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, जो इसकी लोकप्रियता को साबित करता है। कुल मिलाकर, अजय देवगन का यह भोजपुरी अवतार उनके करियर का एक अनोखा और यादगार हिस्सा बन गया, जिसने साबित किया कि असली स्टारडम भाषा या इंडस्ट्री का मोहताज नहीं होता।
पुरुषोत्तम मास में सावधानी: घर में न रखें ये वस्तुएं, सुख-शांति पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग में Purushottam Maas को अत्यंत पवित्र और विशेष महीना माना जाता है। यह अवधि भगवान विष्णु को समर्पित होती है, जिसमें श्रद्धालु पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इस महीने किए गए शुभ कार्य कई गुना फल देते हैं, लेकिन इसी के साथ वास्तु शास्त्र में कुछ विशेष सावधानियां भी बताई गई हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषोत्तम मास के दौरान घर में रखी कुछ वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं और परिवार की सुख-शांति पर असर डाल सकती हैं। इसलिए इस अवधि में विशेष रूप से घर की सफाई और अनावश्यक वस्तुओं को हटाने पर जोर दिया जाता है। सबसे पहले जिन चीजों से बचने की सलाह दी गई है, वे हैं टूटी हुई देवी-देवताओं की मूर्तियां। घर में किसी भी प्रकार की खंडित मूर्ति रखना वास्तु दोष का कारण माना जाता है। ऐसी मूर्तियां नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और पारिवारिक शांति को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए इन्हें नदी या पवित्र जल में विसर्जित करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा सूखे या मुरझाए हुए पौधे भी इस पवित्र माह में अशुभ माने गए हैं। घर में रखे सूखे पौधे न केवल वातावरण की ताजगी को कम करते हैं, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाते हैं। इसके स्थान पर हरे-भरे पौधे, विशेषकर तुलसी का पौधा, अत्यंत शुभ माना गया है क्योंकि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाता है। वास्तु शास्त्र में टूटे-फूटे कांच के बर्तनों को भी अशुभ बताया गया है। ऐसे बर्तन घर में रखने से आर्थिक परेशानियों और बाधाओं का संकेत मिलता है। इसलिए पुरुषोत्तम मास में इन्हें तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए ताकि घर में समृद्धि और स्थिरता बनी रहे। इसी तरह बंद पड़ी या खराब घड़ियां भी नकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती हैं। समय रुकना प्रगति में बाधा का संकेत माना जाता है, और वास्तु के अनुसार यह परिवार के विकास और तरक्की को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ऐसी घड़ियों को या तो ठीक करवा लेना चाहिए या फिर घर से हटा देना चाहिए। पुरुषोत्तम मास में धार्मिक आस्था के साथ-साथ घर के वातावरण को भी शुद्ध और सकारात्मक बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि इस अवधि में किया गया हर छोटा सुधार भी जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। कुल मिलाकर यह पवित्र महीना भक्तों के लिए भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का अवसर है, और साथ ही यह समय घर को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त करने और सकारात्मकता बढ़ाने का भी संदेश देता है।
Sawan 2026: इस बार कब-कब पड़ेंगे सावन सोमवार, नोट कर लें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। भगवान शिव की भक्ति का सबसे पावन और महत्वपूर्ण महीना Shravan Month हर साल श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस दौरान शिवभक्त उपवास रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के जरिए भोलेनाथ की कृपा पाने का प्रयास करते हैं। साल 2026 में भी सावन का यह पवित्र महीना भक्तों के लिए विशेष महत्व लेकर आ रहा है। पंचांग गणना के अनुसार सावन 2026 की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी, जब सावन कृष्ण प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा। वहीं यह पावन महीना 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के साथ समाप्त हो जाएगा। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस धार्मिक काल में वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाता है और हर तरफ “ॐ नमः शिवाय” के जयकारे गूंजने लगते हैं। इस बार सावन के दौरान कुल 4 सावन सोमवार पड़ रहे हैं, जिन्हें शिवभक्त अत्यंत शुभ मानते हैं। मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। खासकर कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए और श्रद्धालु अपने कष्टों के निवारण के लिए व्रत रखते हैं। सावन 2026 के सावन सोमवार इस प्रकार रहेंगे-पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026 इन सभी सोमवारों पर देशभर के शिव मंदिरों में विशेष भीड़ देखने को मिलेगी। भक्त सुबह से ही शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस समय भगवान शिव पृथ्वी पर अपने भक्तों के अधिक करीब माने जाते हैं। इसी कारण इस महीने को शिव कृपा प्राप्ति का सबसे उत्तम समय माना गया है। पूजा विधि की बात करें तो श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करने के बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल और चंदन चढ़ाते हैं। इसके बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप किया जाता है। अंत में शिव चालीसा और आरती के साथ पूजा संपन्न की जाती है। कुल मिलाकर सावन 2026 शिवभक्तों के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक विशेष संगम लेकर आ रहा है, जिसका इंतजार हर श्रद्धालु पूरे वर्ष करता है।
आईपीएल 2026 में धमाका कर रहे वैभव, कार्तिक ने बताया असली चुनौती

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी लगातार अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में हलचल मचा रहे हैं। मात्र 15 साल की उम्र में जिस तरह की आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाज़ी वह कर रहे हैं, उसने उन्हें चर्चा का सबसे बड़ा चेहरा बना दिया है। हर मैच के साथ उनके फैंस की संख्या बढ़ती जा रही है और सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक उनकी तुलना दिग्गज बल्लेबाज़ Sachin Tendulkar से करने लगे हैं। लेकिन इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Dinesh Karthik ने इस तुलना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वैभव को “अगला सचिन तेंदुलकर” कहना जल्दबाज़ी होगी और इससे खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है। दिनेश कार्तिक का मानना है कि हर खिलाड़ी की अपनी अलग यात्रा होती है और उसे किसी महान खिलाड़ी की छाया में नहीं देखना चाहिए। कार्तिक ने एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि वैभव जो कर रहे हैं वह बेहद खास है, लेकिन लोगों को उन्हें किसी और की कॉपी के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में जो हासिल किया, वह अलग परिस्थितियों और अलग दौर में था, जबकि वैभव की राह और चुनौतियाँ पूरी तरह अलग होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जहां सचिन को मैदान के भीतर और बाहर दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, वहीं वैभव के सामने आज के डिजिटल दौर में मानसिक दबाव, सोशल मीडिया की अपेक्षाएं और तेजी से बदलती क्रिकेट संस्कृति जैसी नई चुनौतियाँ होंगी। दूसरी ओर, आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने अब तक खेले गए 13 मैचों में 237 के स्ट्राइक रेट से 579 रन बनाए हैं और वह ऑरेंज कैप की दौड़ में टॉप-5 में बने हुए हैं। उनकी बल्लेबाज़ी ने राजस्थान रॉयल्स को कई मैचों में मजबूती दी है और टीम को प्लेऑफ की रेस में बनाए रखा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव में असाधारण प्रतिभा है, लेकिन इतनी कम उम्र में लगातार स्थिरता बनाए रखना ही असली परीक्षा होगी। इसी संदर्भ में कार्तिक ने यह भी कहा कि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट अब पूरी तरह बदल चुके हैं। आज डेटा, एनालिटिक्स और रणनीति का महत्व बहुत बढ़ गया है और यह लीग अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और प्रतिस्पर्धी हो चुकी है। उन्होंने आईपीएल को “स्टेरॉयड पर बढ़ा हुआ खेल” बताते हुए कहा कि यह अब सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक ग्लोबल लाइफस्टाइल बन चुका है, जहां युवा खिलाड़ियों के लिए मौके भी हैं और दबाव भी। वैभव सूर्यवंशी के लिए यह सफर अभी शुरुआती दौर में है, और क्रिकेट जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह इस शुरुआती चमक को लंबे करियर में कैसे बदलते हैं। फिलहाल, दिनेश कार्तिक की सलाह यही संकेत देती है कि तुलना से ज्यादा जरूरी है खिलाड़ी की अपनी पहचान को मजबूत करना।
ट्रंप के बाद अब पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ करेंगे चीन की यात्रा…. जानें क्या है एजेंडा?

बीजिंग। पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shahbaz Sharif) चीन की यात्रा (China Tour) करने वाले हैं। चीन (China) के प्रधानमंत्री ली क्वियांग (Prime Minister Li Keqiang) ने उन्हें बुलावा भेजा है। शरीफ की चीन यात्रा 23 से 26 मई के बीच होगी। इस दौरान वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनिपिंग (Chinese President Xi Jinping) और प्रधानमंत्री ली क्वियांग से मिलेंगे। बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) चीन की यात्रा से लौटे हैं। चीन यात्रा के दौरान ट्रंप और जिनपिंग ने ईरान युद्ध और ताइवान समेत विभिन्न मुद्दों पर बात हुई। अब देखने वाली बात यह है कि शरीफ चीन पहुंचकर क्या खिचड़ी पकाते हैं। यात्रा के क्या हो सकते हैं मायनेचीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, गुओ जियाकुन ने कहाकि शरीफ का दौरा दोनों देशों के बीच काफी अहम होने वाला है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर करीबी संवाद और समन्वय बनाए रखा है। साथ ही अपने साझा हितों की प्रभावी रूप से सुरक्षा की है। उन्होंने कहाकि इसके अलावा हमने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया है। चीन को उम्मीद है कि इस अवसर का इस्तेमाल करते हुए दोनों देश, परंपरागत दोस्ती, सभी स्तर के सहयोग और एकता का नया अध्याय लिखेंगे। गुओ ने कहाकि हमारी कोशिश है कि चीन-पाकिस्तान समुदाय नए समय में एक साझा भविष्य की नींव रखे। जिनपिंग ने जरदारी से की थी बातबता दें कि गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष आसिफ अली जरदारी को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर भी शुभकामनाएं दीं। सरकारी समाचार एजेंसी, शिन्हुआ मुताबिक, शी ने इस संदेश में कहाकि चीन और पाकिस्तान अच्छे दोस्त। साथ ही सभी मौसमों में सहयोगी रणनीतिक साझीदार हैं। हम पहाड़ों और नदियों से जुड़े हैं और सुख-दुःख साझा करते हैं। चीनी नेता ने कहाकि कूटनीतिक संबंध बनने के 75 साल के बाद से चीन और पाकिस्तान के बीच दोस्ती हमेशा से मजबूत और अटूट रही है। सुरक्षा और सहयोग बढ़ाने पर जोरचीनी राष्ट्रपति ने आगे कहाकि दोनों देशों ने लंबे समय से उच्च-स्तरीय आपसी राजनीतिक विश्वास, व्यावहारिक सहयोग, सुरक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बनाए रखा है। यह दोनों देशों के बीच संबंधों को आदर्श रूप में दिखाता है। जिनपिंग ने कहाकि वे चीन-पाकिस्तान संबंधों को महत्वपूर्ण मानते हैं। साथ ही जरदारी के साथ मिलकर इस वर्षगांठ को एक अवसर के रूप में इस्तेमाल करने को तैयार हैं ताकि संबंधों को और बेहतर बनाया जा सके। साथ ही जिनपिंग ने पारंपरिक दोस्ती को बढ़ाने, सभी पहलुओं के सहयोग को और बेहतर करने पर जोर दिया।
पनगढ़िया ने दी रुपये की गिरावट में हस्तक्षेप न करने की सलाह, बोले- 100 सिर्फ एक संख्या

नई दिल्ली। नीति आयोग (Policy Commission) के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रमुख अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India.- RBI) को रुपये के गिरावट (Decline of Rs) पर हस्तक्षेप न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि एक डॉलर के बराबर 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को नीति निर्धारण का आधार न बनाएं। पनगढ़िया ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 100 भी बस एक संख्या है, ठीक 99 और 101 की तरह। उन्होंने साफ कहा कि कच्चे तेल (Crude oil) की कमी अल्पकालिक हो या दीर्घकालिक, इस समय रुपये को अपने स्तर पर गिरने देना ही सही नीति है। अर्थशास्त्री ने कहा कि यदि कच्चे तेल की कमी तीन महीने से एक साल तक की है तो रुपये में शुरुआती कमजोरी आएगी, लेकिन बाद में तेल कीमतों में नरमी आने पर रुपये में मजबूत वापसी होगी। इस दौरान विदेशी निवेशक ‘सस्ते’ रुपये का फायदा उठाकर भारत में निवेश बढ़ा सकते हैं। दीर्घकालिक तेल संकट की स्थिति में पनगढ़िया का मत है कि रुपये के अवमूल्यन के अलावा कोई विकल्प घाटे का सौदा साबित होगा। विदेशी मुद्रा भंडार खर्च करके रुपये बचाने की कोशिश बेकार होगी, क्योंकि इससे कोई स्थायी फायदा नहीं होगा। उन्होंने डॉलर में बॉन्ड जारी करने या प्रवासी भारतीयों से ऊंची ब्याज दर पर जमा स्वीकार करने जैसे उपायों को अस्थायी राहत बताते हुए खारिज किया। पनगढ़िया ने चेतावनी दी कि इनसे प्राप्त विदेशी मुद्रा पर चुकाए जाने वाले ब्याज की लागत, मिलने वाले लाभ से ज्यादा होगी। पनगढ़िया ने आगे कहा कि मौजूदा समय 2013 जैसा नहीं है, जब मुद्रास्फीति दोहरे अंकों में थी। आज भारतीय अर्थव्यवस्था रुपये के कुछ अवमूल्यन से आने वाले मुद्रास्फीति दबाव को सहन करने की क्षमता रखती है। गुरुवार को रुपये में उछालइस बीच, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये ने गुरुवार को अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरते हुए 50 पैसे की तेजी दर्ज की। अंतरबैंक बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये 96.36 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 96.05 के उच्चतम और 96.60 के निम्नतम स्तर को छुआ। बुधवार को रुपये ने 96.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद होने के बाद गुरुवार को मजबूती दिखाई। भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत और केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप की उम्मीद ने रुपये को सहारा दिया। क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने के शुरुआती संकेत और आरबीआई के सक्रिय हस्तक्षेप से रुपये संभला है। आगे निवेशकों का ध्यान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और मौद्रिक नीति समीक्षा पर रहेगा। उन्होंने अनुमान जताया कि रुपये 95.74 से 96.50 के दायरे में रह सकता है। मिराए एसेट शेयरखान के अनुज चौधरी ने कहा कि आरबीआई के दखल और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये में मजबूती आई है।
ट्रंप को बड़ा झटका… ईरान के सुप्रीम लीडर बोले- विदेश नहीं भेजेंगे देश का यूरेनियम भंडार

तेहरान। अमेरिका (America) के साथ यूरेनियम (Uranium) को लेकर चल रही तीखी तकरार के बीच ईरान (Iran) ने बड़ा फैसला लिया है। दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों के मुताबिक, देश के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाखा मोजतबा मेनेई (Supreme Leader Ayatollah Mojtaba Menei) ने निर्देश जारी कर दिया है कि ईरान का लगभग हथियार-योग्य समृद्ध यूरेनियम भंडार विदेश नहीं भेजा जाएगा। इससे अमेरिका की प्रमुख मांग पर तेहरान का रुख और सख्त हो गया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इजरायल के साथ मिलकर चल रही शांति वार्ता अब और जटिल हो सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने इजरायल को आश्वासन दिया था कि ईरान का अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार देश से बाहर भेज दिया जाएगा और किसी भी शांति समझौते में इसे अनिवार्य शर्त बनाया जाएगा। नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले ईरानी सूत्रों ने बताया कि सर्वोच्च नेता का यह निर्देश और सत्ता के अंदरूनी हलकों में आम सहमति है कि समृद्ध यूरेनियम को देश से बाहर नहीं जाना चाहिए। अधिकारियों का मानना है कि ऐसा करने से ईरान भविष्य में अमेरिका-इजरायल हमलों के प्रति और अधिक कमजोर हो जाएगा। नेतन्याहू की सख्तीदूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि जब तक ईरान से समृद्ध यूरेनियम हटाया नहीं जाता, उसके प्रॉक्सी मिलिशिया समर्थन बंद नहीं होते और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता समाप्त नहीं की जाती, तब तक युद्ध समाप्त नहीं माना जाएगा। ईरान को विश्वास नहीं28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों से शुरू हुए युद्ध के बाद अस्थिर युद्धविराम लागू है। इस दौरान ईरान ने खाड़ी राज्यों में अमेरिकी ठिकानों पर गोलीबारी की और लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई तेज हुई। हालांकि शांति प्रयास अभी तक नाकाम रहे हैं। ईरानी सूत्रों ने कहा कि तेहरान को आशंका है कि युद्धविराम वाशिंगटन का सिर्फ रणनीतिक धोखा है, ताकि नए हमलों की तैयारी की जा सके। ईरान के शीर्ष शांति वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने बुधवार को कहा कि दुश्मन की गतिविधियां नए हमलों की तैयारी का संकेत दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?ट्रंप ने बुधवार को कहा कि यदि ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो अमेरिका नए हमलों के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने कुछ दिनों का इंतजार करने का भी संकेत दिया। दोनों पक्षों ने कुछ मुद्दों पर समझौता शुरू कर दिया है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरे मतभेद बरकरार हैं, खासकर समृद्ध यूरेनियम के भविष्य और संवर्धन अधिकार पर। ईरान का रुख सख्तईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि उनकी प्राथमिकता युद्ध का स्थायी समाधान और अमेरिका-इजरायल से कोई हमला न होने की विश्वसनीय गारंटी है। इसके बाद ही वे परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत बातचीत के लिए तैयार होंगे। ईरान लंबे समय से परमाणु बम बनाने से इनकार करता रहा है। युद्ध से पहले ईरान ने अपने 60% समृद्ध यूरेनियम भंडार का आधा हिस्सा बाहर भेजने पर सहमति जताई थी, लेकिन ट्रंप की लगातार धमकियों के बाद यह रुख बदल गया, जिसका परिणाम अब सबके सामने है। क्या कह रहे आईएईए के आंकड़े?अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, जून 2025 के हमलों के समय ईरान के पास 440.9 किलोग्राम 60% समृद्ध यूरेनियम था। हमलों के बाद बचा हुआ भंडार मुख्य रूप से इस्फहान और नतांज के परमाणु केंद्रों में सुरक्षित है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसे चिकित्सा और अनुसंधान रिएक्टर के लिए सीमित मात्रा में अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम की जरूरत है।
कैबिनेट में बायोगैस को बढ़ावा देने पर जोर…. PM मोदी ने मंत्रियों से कहा- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत खोजें

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर नाकेबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक अहम निर्देश दिया है। गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम मोदी ने ऊर्जा के नए और वैकल्पिक स्रोतों की तलाश तेज करने को कहा है। उन्होंने खास तौर पर रसोई गैस (LPG) के विकल्प के रूप में बायोगैस को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। 5 देशों के दौरे से लौटते ही ऐक्शन में पीएमयूएई (UAE) और चार यूरोपीय देशों का अहम दौरा पूरा करके लौटने के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के साथ यह मैराथन बैठक की, जो करीब साढ़े तीन घंटे तक चली। गौरतलब है कि पीएम के इस विदेशी दौरे पर भी पश्चिमी एशिया का तनाव और उसके परिणाम चर्चा के मुख्य विषय रहे थे। इस बैठक की शुरुआत विदेश मंत्री एस. जयशंकर के एक संक्षिप्त प्रेजेंटेशन से हुई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के इस 5 देशों के दौरे के मुख्य नतीजों की जानकारी दी। इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट पेश की। ‘सुधारों से आम जनता को परेशानी न हो’बैठक में पीएम मोदी ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाने) पर सबसे ज्यादा फोकस किया। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सरकार की किसी भी नई पहल या सुधार से आम नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सुधारों का एकमात्र उद्देश्य जनता की जिंदगी को आसान बनाना होना चाहिए। ‘विकसित भारत 2047 सिर्फ वादा नहीं, कमिटमेंट है’प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार से पूरी ऊर्जा के साथ सुधारों को लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि देश के प्रति एक कमिटमेंट है। पीएम ने मंत्रियों को ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म’ का अपना गवर्नेंस मंत्र याद दिलाया। उन्होंने कहा कि हमें पुरानी बातों या अफसोस में उलझने के बजाय पूरी तरह से भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मंत्रालयों का रिपोर्ट कार्ड और रैंकिंगएनडीए-3 सरकार आगामी 9 जून को सत्ता में अपने दो साल पूरे करने जा रही है। इसे देखते हुए बैठक में कई प्रमुख मंत्रालयों ने पिछले दो सालों में किए गए सुधारों पर अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की। इनमें विदेश, कृषि, वन, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट मामले, श्रम, वाणिज्य और ऊर्जा मंत्रालय शामिल रहे। इसके अलावा कैबिनेट सचिव और नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने भी सुधारों को लेकर अपना प्रेजेंटेशन दिया। बैठक के दौरान मंत्रियों को उनके मंत्रालयों और विभागों के प्रदर्शन से भी अवगत कराया गया। फाइलें निपटाने और जनता की शिकायतें दूर करने जैसे कई पैमानों पर कामकाज की समीक्षा की गई। इसके आधार पर हर इंडिकेटर में टॉप-5 और बॉटम-5 (सबसे खराब प्रदर्शन वाले) मंत्रालयों की रैंकिंग भी तैयार की गई है।
इस दिन रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे सूर्य देव…. नौतपा में पड़ेगी प्रचंड गर्मी

नई दिल्ली। ज्येष्ठ महीने (Jyeshtha month) के शुरू होते ही गर्मी अपना प्रचंड (Extreme Heat) रूप दिखाने लगी है. लेकिन अब नौतपा (Nautapa) के चलते सूरज आग के गोले की तरह तपने वाला है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 25 मई 2026 को दोपहर 03:37 बजे ग्रहों के राजा सूर्य देव अपने मित्र चंद्रमा के नक्षत्र ‘रोहिणी’ (Nakshatra ‘Rohini’) में प्रवेश कर रहे हैं. सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन (Surya Nakshatra Parivartan 2026) प्रकृति और मानव जीवन पर बड़ा असर डालेगा. सूर्य के रोहिणी में आते ही 25 मई से 2 जून 2026 तक ‘नौतपा’ रहेगा, जिसके कारण उत्तर और मध्य भारत में भीषण हीटवेव (लू) की स्थिति बनेगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जो शीतलता के प्रतीक हैं. जब अग्नि तत्व सूर्य देव इस नक्षत्र में आते हैं, तो वे इसकी शीतलता को सोख लेते हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाता है. सूर्य का यह उग्र रूप 8 जून 2026 तक रहेगा, लेकिन शुरुआती 9 दिन यानी नौतपा का समय सबसे ज्यादा कष्टप्रद होगा. सूर्य के इस गोचर से जहां कुछ राशियों को लाभ होगा, वहीं 4 विशेष राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर भारी नुकसान और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 1. वृषभ राशि (Taurus)चूंकि सूर्य देव आपकी ही राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, इसलिए इसका सबसे सीधा और गहरा प्रभाव आप पर पड़ेगा. इस अवधि में आपके स्वभाव में बेवजह का गुस्सा, अहंकार और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों या बिजनेस में पार्टनर के साथ गंभीर विवाद हो सकते हैं. 25 मई से 8 जून के बीच पार्टनरशिप के कामों में कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं. 2. मिथुन राशि (Gemini)मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव यानी व्यय और हानि के भाव में होने जा रहा है. इस दौरान आपके खर्चों में अप्रत्याशित रूप से भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा. धन हानि के प्रबल योग बन रहे हैं. किसी कानूनी मामले या कोर्ट-कचहरी के चक्कर में दौड़भाग और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. इस समय अवधि में किसी को भी बड़ा कर्ज या उधार देने से बचें. पैसों के लेनदेन में पूरी सतर्कता बरतें. 3. वृश्चिक राशि (Scorpio)सूर्य देव आपकी राशि से सातवें भाव (साझेदारी और वैवाहिक जीवन) में गोचर करेंगे, जो सीधे आपके रिश्तों को प्रभावित करेगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ गलतफहमियां और तनाव बढ़ सकता है. व्यापार में यदि पार्टनरशिप है, तो वहां भी मतभेद उभर सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा को थोड़ी ठेस पहुंचने की आशंका है. जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. किसी भी व्यावसायिक दस्तावेज पर बिना अच्छी तरह पढ़े हस्ताक्षर न करें. 4. कुंभ राशि (Aquarius)कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर चौथे भाव में होने जा रहा है, जिसे सुख, संपत्ति और माता का भाव माना जाता है. पारिवारिक सुख-शांति में कमी आ सकती है और घरेलू मोर्चे पर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है. भूमि, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. इसके अलावा, सेहत में गिरावट आ सकती है. अपनी माता के स्वास्थ्य को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें. सीने में तकलीफ या हाई ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) के मरीज इस दौरान अपनी दवाइयां समय पर लें और धूप में निकलने से बचें.