चार घंटे चली मोदी सरकार की बड़ी बैठक: विकसित भारत 2047, रिफॉर्म्स और वैश्विक संकट पर गहन मंथन

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण और विस्तृत बैठक में देश के भविष्य की दिशा को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। करीब चार से साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य, प्रशासनिक सुधारों, आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने तथा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से निपटने की रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री के साथ सभी केंद्रीय मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री भी उपस्थित रहे, जिससे यह बैठक नीति निर्माण और समीक्षा के दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक में 9 प्रमुख मंत्रालयों ने अपने-अपने कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी शामिल था। सबसे पहले वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसके बाद पेट्रोलियम, गृह, वित्त और विदेश मंत्रालय सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों ने अपने-अपने क्षेत्र में किए गए सुधारों और उपलब्धियों को सामने रखा। सभी मंत्रालयों को पहले से निर्देश दिया गया था कि वे अपने कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित कर प्रस्तुत करें—कानूनी सुधार, नियामक बदलाव, नीतिगत परिवर्तन और कार्य प्रणाली में सुधार। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इन सुधारों का सीधा असर आम जनता के जीवन पर किस प्रकार पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने मंत्रियों से अपील की कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसे सुधारों को प्राथमिकता दें, जिनसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी नागरिकों के दैनिक जीवन को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जा सके। इसके साथ ही ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि आर्थिक विकास की गति को और तेज किया जा सके। बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और उसके वैश्विक प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसके संभावित प्रभावों का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि इस स्थिति के मद्देनज़र ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे आम नागरिकों पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़े। ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए उन पर सतत निगरानी रखने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट संकेत दिया गया कि सरकार आने वाले वर्षों में नीति निर्माण और क्रियान्वयन के स्तर पर बड़े सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेगी। तकनीक आधारित प्रशासन, पारदर्शिता और तेज निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात दोहराई गई। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक कल्याण, सुशासन और नागरिक संतुष्टि भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इस बैठक को सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण समीक्षा और दिशा निर्धारण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भविष्य की नीतियों और प्राथमिकताओं की स्पष्ट रूपरेखा उभरकर सामने आई है।
भारत-अमेरिका रिश्तों में नई ऊर्जा की बात, मार्को रूबियो बोले-भारत को जितना तेल चाहिए, देने को तैयार अमेरिका

नई दिल्ली। वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा सहयोग के बीच भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक अहम बयान सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में ध्यान खींचा है। क्वाड देशों की आगामी बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को लेकर सकारात्मक और सहयोगात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि भारत एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका भारत की बढ़ती मांग को पूरा करने की क्षमता रखता है और जितनी मात्रा में भारत तेल या ऊर्जा संसाधनों की आवश्यकता महसूस करेगा, उसे उपलब्ध कराने की दिशा में अमेरिका तैयार है। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूती देने वाले संकेत के रूप में देखा जा रहा है। रूबियो ने यह टिप्पणी अपनी आगामी विदेश यात्रा से पहले मियामी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उन्होंने कहा कि भारत के साथ सहयोग कई क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है और दोनों देश वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत को एक ऐसा साझेदार बताया जिसके साथ अमेरिका लंबे समय से विश्वास और सहयोग के आधार पर संबंध बनाए हुए है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिका अपनी उत्पादन और निर्यात क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा सुरक्षा आज दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और अमेरिका इस दिशा में सहयोगी देशों, खासकर भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। नई दिल्ली। आगामी क्वाड बैठक को लेकर भी उन्होंने उत्साह व्यक्त किया। यह बैठक 26 मई को आयोजित होने जा रही है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे। भारत इस बैठक की अध्यक्षता करेगा और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इस महत्वपूर्ण मंच का नेतृत्व करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। रूबियो ने यह भी बताया कि उनका भारत दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें चार प्रमुख देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और करीब से समझने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्वाड सहयोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है और इसमें भारत की भूमिका अत्यंत अहम है। नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दौरा 23 मई से 26 मई तक प्रस्तावित है, जिसमें वे नई दिल्ली के अलावा कोलकाता, आगरा और जयपुर जैसे शहरों का भी दौरा करेंगे। कोलकाता यात्रा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कई वर्षों बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री वहां पहुंचने वाला है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर मार्को रूबियो का यह बयान और आगामी भारत यात्रा ऐसे समय में सामने आए हैं जब वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बल्कि व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है।
ग्वालियर में गर्मी का रिकॉर्ड टूट रहा: रात का पारा 30.2°C पहुंचा

मध्य प्रदेश । ग्वालियर में इस समय भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि शहर में दिन ही नहीं बल्कि रातें भी रिकॉर्ड तोड़ गर्म हो रही हैं। गुरुवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रातभर गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे नींद भी प्रभावित हुई। सुबह होते ही स्थिति और खराब हो गई और 8:30 बजे तक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। वहीं, सुबह 5:30 बजे भी पारा 32 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। मौसम विभाग ने ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है। लगातार बढ़ता तापमान और गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल मई महीने में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी लगातार ऊंचा बना हुआ है, जिससे लोगों को किसी भी समय राहत नहीं मिल पा रही है। रात 8 बजे भी गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे कूलर और एयर कंडीशनर भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं। गर्मी का असर शहर की सड़कों और बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग केवल बेहद जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। सड़कें सुनसान नजर आईं और पेड़ों की छांव में लोग राहत ढूंढते दिखाई दिए। चिड़ियाघर में भी जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें स्प्रिंकलर और ठंडक देने वाले उपाय शामिल हैं। वहीं वन्यजीवों के लिए खस और पानी की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की गर्मी में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में सिर ढककर चलने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर ग्वालियर इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और आने वाले दिनों में राहत के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
इंदौर में सड़क चौड़ीकरण अभियान तेज, छावनी क्षेत्र में चला बुलडोजर एक्शन

मध्य प्रदेश। शहर विकास योजना के तहत इंदौर में सड़क चौड़ीकरण अभियान एक बार फिर तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ छावनी क्षेत्र में पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से सड़क में बाधा बन रहे निर्माणों को ध्वस्त किया गया। नगर निगम की टीम ने सुबह से ही पूरे क्षेत्र को घेरकर कार्रवाई शुरू की, जिससे स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। जिन मकानों और दुकानों का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण में बाधक था, उन्हें मशीनों की मदद से हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शहर के मास्टर प्लान को लागू करने के लिए जरूरी है और इसे दोपहर तक जारी रखा जा सकता है। गौरतलब है कि इस सड़क को पहले 80 फीट चौड़ा करने की योजना थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इसे संशोधित कर 60 फीट तक सीमित कर दिया गया है। इसके बावजूद सड़क निर्माण में बाधा बन रहे हिस्सों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। नगर निगम ने पहले ही संबंधित रहवासियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की सूचना दे दी थी। इसके बावजूद जब निर्माण नहीं हटाए गए, तो प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम भी मौजूद रही ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी हाल ही में क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और स्थानीय लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि शहर के विकास और मास्टर प्लान की सड़कों का समय पर निर्माण बेहद जरूरी है, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ छावनी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे जारी रहेगी। इससे पहले भी लक्ष्मीबाई प्रतिमा से जिंसी चौराहे तक 16 मकानों के अवैध हिस्सों को हटाया गया था। लगातार चल रही इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि नगर निगम अब मास्टर प्लान सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है और अतिक्रमण हटाने में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
नौतपा से पहले ही झुलसता मध्यप्रदेश: तापमान ने बढ़ाई चिंता

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और नौतपा शुरू होने से पहले ही हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। सुबह के समय ही तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे दिन की शुरुआत ही तपती गर्मी के साथ हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, आने वाले 10 दिन यानी 31 मई तक प्रदेश में गर्मी का असर अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में लू की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जाने की संभावना जताई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। गर्मी के इस बढ़ते असर का कारण लगातार तेज धूप, सूखी हवाएं और नमी की कमी बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे नौतपा करीब आ रहा है, वैसे-वैसे तापमान और अधिक बढ़ सकता है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होने जा रहा है और इसके दौरान 10 दिनों तक भीषण गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है। लू के इस दौर में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अधिक सावधानी रखने की जरूरत है। इस बीच प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने की तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। गर्मी के इस बढ़ते संकट के बीच पानी की समस्या भी एक बड़ी चुनौती बन सकती है, इसलिए विशेषज्ञ जल संरक्षण और सीमित उपयोग की सलाह दे रहे हैं। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और आने वाले दिन और भी कठिन साबित हो सकते हैं।
गजकेसरी और बुधादित्य योग का शुभ संयोग, आज से इन 5 राशियों के तरक्की और धन लाभ के योग

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज ग्रहों की विशेष स्थिति से गजकेसरी योग और बुधादित्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह योग बेहद शुभ माना जाता है और इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। गजकेसरी योग गुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से बनता है, जो सुख-समृद्धि और मान-सम्मान प्रदान करता है। वहीं सूर्य और बुध की युति से बनने वाला बुधादित्य योग बुद्धि, करियर और व्यापार में सफलता दिलाने वाला माना गया है। इन दोनों शुभ योगों के प्रभाव से 5 राशियों के लिए आज से अच्छे दिनों की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक लाभ के भी मजबूत योग बन रहे हैं। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई डील या बड़ा लाभ मिलने के संकेत हैं। सरकारी कार्यों या कानूनी मामलों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। मिथुन राशिमिथुन राशि के जातकों को बुध की शुभ स्थिति का विशेष लाभ मिल सकता है। धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी। सिंह राशिसिंह राशि वालों का आत्मविश्वास और प्रभाव बढ़ने वाला है। नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा होगी। वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना साकार हो सकती है। तुला राशितुला राशि के लिए यह योग आर्थिक और पारिवारिक सुख लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पुराने कर्ज से राहत मिलने की संभावना है। परिवार में चल रहे मतभेद दूर हो सकते हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। धनु राशिगुरु ग्रह की कृपा से धनु राशि पर इस योग का प्रभाव सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है। रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े प्रयास सफल हो सकते हैं। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं। बड़े प्रोजेक्ट या ऑर्डर मिलने से प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
इंदौर में युवक की गोली मारकर हत्या: लसूडिया में बदमाशों का तांडव

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बार फिर अपराध की बड़ी वारदात सामने आई है। लसूडिया थाना क्षेत्र के गुलाब बाग कॉलोनी में गुरुवार रात उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अभयेंद्र सिंह तोमर के रूप में हुई है, जिसे हमलावरों ने चार गोलियां मारीं। गंभीर रूप से घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। बताया जा रहा है कि मृतक अभयेंद्र का वर्ष 2024 में एक गोलीकांड से संबंध रहा था, जिसमें भिंड क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या की गई थी। उसी पुराने विवाद और दुश्मनी ने इस नए हत्याकांड की नींव रखी। सूत्रों के अनुसार, अभयेंद्र सिंह हाल ही में करीब चार महीने पहले जेल से रिहा हुआ था और उसके बाद इंदौर में रहकर ठेकेदारी का काम कर रहा था। इसी बीच उस पर निगरानी रखी जा रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले उसकी रेकी की और फिर पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे बदले की भावना प्रमुख कारण हो सकता है। आरोप है कि मृतक के पुराने विवाद के चलते उसके विरोधियों ने संगठित होकर हमला किया और उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर इंदौर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राज्यसभा चुनाव को लेकर MP की सियासत गरमाई, दोनों दलों में रणनीति तेज

मध्य प्रदेश । भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 18 जून को होने वाले इस चुनाव में प्रदेश की तीन महत्वपूर्ण राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होगा, जिन पर सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा के तीन सदस्यों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, जबकि भारतीय जनता पार्टी से केंद्रीय मंत्री George Kurian और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। अब इन सीटों को भरने के लिए दोनों प्रमुख दलों में रणनीति बननी शुरू हो गई है। कांग्रेस की ओर से इस बार कई बड़े नामों पर चर्चा चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल और सज्जन सिंह वर्मा जैसे नेताओं के नाम रेस में बताए जा रहे हैं। हालांकि दिग्विजय सिंह इस बार चुनाव लड़ने से पीछे हट चुके हैं, जिससे समीकरण और भी रोचक हो गए हैं। वहीं बीजेपी के लिए मौजूदा सांसद जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा भेजने की संभावना जताई जा रही है। कुरियन पार्टी के वरिष्ठ और विश्वसनीय नेताओं में गिने जाते हैं और केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उनके अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए पार्टी उन्हें फिर से उच्च सदन भेज सकती है। कांग्रेस के लिए इस बार संख्याबल सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। पार्टी के कुछ विधायकों की स्थिति अनिश्चित है, जिससे वोटिंग पैटर्न प्रभावित हो सकता है। खासकर कुछ निर्दलीय और झूलते विधायकों की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है। दूसरी ओर बीजेपी अपने संगठित वोट बैंक और विधायकों के समर्थन के भरोसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। पार्टी चाहती है कि वह अपने दोनों मौजूदा सीटों पर पकड़ बनाए रखे और एक सीट पर नए चेहरे को मौका दे या पुराने चेहरे को रिपीट करे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ सीटों का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा का भी संकेत देगा। कांग्रेस जहां अपने दिग्गज नेताओं को संसद भेजने की कोशिश में है, वहीं बीजेपी संगठन और अनुभव के संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। 18 जून का यह राज्यसभा चुनाव न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे कई बड़े नेताओं का भविष्य भी तय होगा।
भोपाल के नन्हे ट्रैकर्स ने माइनस तापमान में की 3600 मीटर ऊंचाई पर चढ़ाई

मध्य प्रदेश । भोपाल के बागमुगालिया क्षेत्र की रहने वाली मात्र 5 वर्षीय आर्या और 6 वर्षीय धैर्य ने वह कर दिखाया, जो आमतौर पर अनुभवी ट्रेकर्स के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। दोनों बच्चों ने हिमाचल प्रदेश के कठिन पर्वतीय इलाके में लगभग 3600 मीटर की ऊंचाई तक स्थित मंजनी टॉप का सफल ट्रैक पूरा कर सभी को हैरान कर दिया। इस रोमांचक यात्रा के दौरान दोनों बच्चों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। माइनस तापमान, तेज हवाएं और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों के बावजूद उनका उत्साह एक पल के लिए भी कम नहीं हुआ। खास बात यह रही कि इतनी कम उम्र में भी दोनों बच्चों ने पूरे ट्रैक को खुद पैदल तय किया और किसी तरह की हार नहीं मानी। आर्या ने ट्रैक पूरा करने के बाद अपनी मासूम मुस्कान के साथ बताया कि उसे यह सफर बहुत मजेदार लगा। हालांकि रास्ते में थकान जरूर हुई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने यह भी स्वीकार किया कि रास्ते में जंगली जानवरों का डर जरूर लगा, लेकिन उसने खुद को संभालकर आगे बढ़ना जारी रखा। इस पूरी यात्रा के पीछे बच्चों के परिवारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आर्या के पिता हिमांशु सोनी, जो एक आर्किटेक्ट हैं, ने बताया कि उन्होंने इस ट्रैक का उद्देश्य केवल एडवेंचर नहीं बल्कि बच्चों को प्रकृति के करीब लाना रखा था। उन्होंने बेटी को प्रेरित करने के लिए “टॉप पर स्नोमैन बनाने” का लक्ष्य दिया, जिसने आर्या को पूरे सफर में उत्साहित बनाए रखा। आर्या की तैयारी भी इस उपलब्धि का अहम हिस्सा रही। उसने एक दिन खुद ही लगभग 7 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाने की जिद की थी और पूरी दूरी बिना रुके तय की थी। यह उसकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास का संकेत था, जिसने आगे चलकर उसे इस कठिन ट्रैक के लिए तैयार किया। दूसरी ओर, 6 वर्षीय धैर्य ने भी पूरे सफर में अपनी ऊर्जा और उत्साह से सभी को प्रभावित किया। उसके पिता राहुल कौशल ने बताया कि उनका मकसद बेटे को डिजिटल दुनिया से निकालकर प्रकृति के करीब लाना था। नियमित साइकिलिंग और वॉकिंग की आदत ने उसकी फिटनेस को मजबूत बनाया, जिससे वह इस चुनौती के लिए तैयार हुआ। ट्रैक के दौरान जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, मौसम और भी कठिन होता गया। लेकिन बच्चों ने न सिर्फ परिस्थितियों का सामना किया बल्कि आत्मविश्वास के साथ मंजनी टॉप तक पहुंचकर इस यात्रा को सफल बनाया। वहां पहुंचकर दोनों बच्चों ने अपने इस साहसिक कारनामे को सेलिब्रेट भी किया। यह पूरा अनुभव न केवल उनकी शारीरिक क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और प्रेरणा से छोटे बच्चे भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
हाईकोर्ट में अहम सुनवाई: समर्थ की जमानत याचिका पर 2:30 बजे तक स्थगित

मध्य प्रदेश । भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब इस केस में बड़ा मोड़ तब आया जब मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की CBI जांच के लिए अपनी सहमति दे दी है। इस फैसले के बाद जांच अब राज्य पुलिस से हटकर केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथों में जाने की संभावना तेज हो गई है, जिससे पूरे मामले की दिशा बदल सकती है। सरकारी स्तर पर यह आश्वासन पहले ही दिया गया था कि परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी परिवार से मुलाकात के दौरान यह संकेत दिए थे कि जरूरत पड़ने पर मामले की जांच उच्च स्तरीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है। वहीं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी लगातार CBI जांच की मांग उठाई थी। इधर, मामले में आरोपी बनाए गए समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। हालांकि आज की सुनवाई में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए समय की मांग की, जिसके बाद अदालत ने सुनवाई को 2:30 बजे तक स्थगित कर दिया। यह मामला जस्टिस ए.के. सिंह की समर वेकेशन बेंच में सुना जा रहा है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने इस पूरे मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समर्थ सिंह पहले सरकार में लीगल एडवाइजर के रूप में काम कर चुका है और केस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कटारा हिल्स थाना प्रभारी को हटाने की मांग भी की है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस शुरुआती जांच में निष्पक्ष नहीं रही और कई प्रक्रियात्मक खामियां रहीं। शव के सुपुर्दगी पत्र पर जबरन साइन कराने और एफआईआर दर्ज करने में देरी जैसे आरोप भी सामने आए हैं। परिजनों का कहना है कि वे दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग पर अड़े हुए हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। परिवार के सदस्य लगातार यह भी दावा कर रहे हैं कि घटनास्थल को सुरक्षित नहीं रखा गया, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ती है। वहीं समर्थ पक्ष के वकील का कहना है कि पति-पत्नी के संबंध सामान्य थे और किसी बड़े विवाद की पुष्टि नहीं होती। इस बीच मामले से जुड़े कुछ CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें ट्विशा को घटना से पहले छत पर जाते और बाद में कुछ लोगों द्वारा नीचे लाया जाता देखा गया है। इन वीडियो ने केस को और जटिल बना दिया है। अब CBI जांच की मंजूरी के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है और सभी की नजरें आगे की कानूनी और जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं।