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भटके हुए जैन मुनि के मिलने पर भावुक हुए श्रद्धालु, आंसू छलक पड़े

मध्यप्रदेश । बड़वानी जिले में भीषण गर्मी के बीच एक दिगंबर जैन मुनि के 30 घंटे तक भटकने का मामला सामने आया। आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में दिगंबर जैन मुनि Vidambar Sagar Maharaj बिना आहार और जल के भटकते रहे, जिसके बाद पुलिस और समाजजनों की मदद से उन्हें सुरक्षित खोज लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार मुनि महाराज 20 मई को महाराष्ट्र के शिरपुर से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर बड़वानी जिले के गवाड़ी पहुंचे थे। इसके बाद वे सेंधवा और जुलवानिया क्षेत्र की ओर विहार करते हुए आगे बढ़े। इसी दौरान मार्ग की गलत जानकारी और व्यवस्था में कमी के कारण वे दिशा भटक गए। रात के समय सुरक्षित स्थान न मिलने पर उन्होंने एक ढाबे के पास बगीचे में विश्राम किया, लेकिन अगले दिन सुबह से ही तेज धूप और लू में उनका कठिन विहार जारी रहा। लगातार बढ़ती गर्मी और जल–आहार की अनुपलब्धता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। स्थानीय लोगों और जैन समाज के सदस्यों ने जब मुनि महाराज के लापता होने की सूचना पाई तो तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और जुलवानिया व आसपास के थाना क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया। करीब 6 घंटे की तलाश के बाद मुनि महाराज ठान फाटे के पास एक पुल के नीचे बैठे मिले। मुनि महाराज के मिलने पर उपस्थित समाजजनों और पुलिस टीम ने राहत की सांस ली। उन्हें तुरंत पेड़ की छांव में बैठाकर जल और आहार कराया गया। इस दृश्य को देखकर कई श्रद्धालु भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। स्थानीय समाजजनों ने कहा कि रास्तों की सही जानकारी और विहार व्यवस्था की कमी के कारण यह स्थिति बनी। अब जैन समाज की ओर से इस तरह के मामलों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने की बात कही जा रही है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर विहार करने वाले मुनियों को भविष्य में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

फिटनेस चिंता के बीच भी ब्राजील की सबसे बड़ी उम्मीद बने नेमार

नई दिल्ली । ब्राजील के स्टार फुटबॉलर Neymar एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय से चोटों से जूझ रहे नेमार को फीफा विश्व कप 2026 के लिए ब्राजील की टीम में शामिल किया गया है। यह उनका चौथा विश्व कप होगा और संभवत: आखिरी भी। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या नेमार अपनी फिटनेस समस्याओं को पीछे छोड़कर ब्राजील को 24 साल बाद फिर विश्व चैंपियन बना पाएंगे। महज 18 साल की उम्र में 2010 में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम से डेब्यू करने वाले नेमार ने बहुत कम समय में खुद को दुनिया के सबसे खतरनाक और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शामिल कर लिया था। उनकी तुलना फुटबॉल के दिग्गज Lionel Messi और Cristiano Ronaldo से होने लगी। शानदार ड्रिब्लिंग, तेज रफ्तार, बेहतरीन फिनिशिंग और आक्रामक खेल शैली ने उन्हें करोड़ों फैंस का पसंदीदा बना दिया। नेमार ने ब्राजील के लिए अब तक 128 मैचों में 79 गोल दागे हैं और वह टीम के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। 2016 ओलंपिक में उन्होंने ब्राजील को पहला फुटबॉल गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रचा था। इसके अलावा वे 2014, 2018 और 2022 फीफा विश्व कप में भी ब्राजील का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। क्लब फुटबॉल में भी नेमार का करियर बेहद शानदार रहा। 2013 से 2017 तक वे FC Barcelona के लिए खेले, जहां उन्होंने कई बड़े खिताब जीते। इसके बाद 2017 में वे रिकॉर्ड ट्रांसफर फीस के साथ Paris Saint-Germain F.C. में शामिल हुए और फुटबॉल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने। 2023 में वे Al Hilal SFC पहुंचे, लेकिन चोटों के कारण वहां ज्यादा मैच नहीं खेल सके। फिलहाल वे अपने पुराने क्लब Santos FC के लिए खेल रहे हैं। हालांकि 2018 के बाद से चोटें नेमार के करियर की सबसे बड़ी दुश्मन बन गईं। अक्टूबर 2023 के बाद वे ब्राजील के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाए थे। यही वजह थी कि विश्व कप 2026 की टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने अनुभव और मैच विनिंग क्षमता को देखते हुए उन पर भरोसा जताया। ब्राजील अब तक रिकॉर्ड 5 बार फीफा विश्व कप जीत चुका है, लेकिन टीम ने आखिरी बार 2002 में खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में 2026 विश्व कप में नेमार के पास इतिहास रचने और अपने करियर को यादगार अंत देने का सुनहरा मौका होगा।

यात्री सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, परिवहन विभाग ने चलाया जांच अभियान

मध्यप्रदेश । खंडवा में लगातार सामने आ रहे बस हादसों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार को यात्री बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इंदौर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने हुई इस कार्रवाई में कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। जांच के दौरान कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट के सामने अतिरिक्त सीटें लगी मिलीं, जबकि कई बसों के इमरजेंसी गेट खराब हालत में पाए गए। अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया। अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने आने-जाने वाली यात्री बसों को रोककर उनकी गहन जांच की। कार्रवाई में 30 बसों के चालान बनाए गए और करीब 40 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह विशेष अभियान मध्यप्रदेश पुलिस और पुलिस परिवहन शोध संस्थान के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। खंडवा में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय, एआरटीओ दीपक मांझी और टीआई देवेंद्र सिंह परिहार की निगरानी में की गई। अधिकारियों के अनुसार 21 मई से 27 मई 2026 तक प्रदेशभर में यात्री बसों की विशेष चेकिंग की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। चेकिंग के दौरान टीम ने बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, ड्राइवर के लाइसेंस और बैज की भी जांच की। इसके अलावा बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और तकनीकी सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी देखी गई। कई बसों की हेडलाइट, इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर में भी खामियां मिलीं। अधिकारियों ने विशेष रूप से इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगाए जाने को बेहद खतरनाक बताया। उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यही इमरजेंसी गेट यात्रियों की जान बचाने का सबसे अहम रास्ता होता है। यदि वहां सीटें लगा दी जाएं या गेट खराब हो, तो हादसे के समय बड़ा नुकसान हो सकता है। ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय ने कहा कि हाल के महीनों में प्रदेश में हुई बस दुर्घटनाओं को देखते हुए अब यात्री सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बस चालकों को ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन न चलाने की सख्त हिदायत भी दी।

पटियाला से युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बांटे गए 188 नियुक्ति पत्र

नई दिल्ली । केंद्र सरकार की देशव्यापी रोजगार मुहिम के तहत पंजाब के पटियाला में आयोजित रोजगार मेले ने सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी। पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान 188 युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह, उम्मीद और खुशी से भरा दिखाई दिया। नौकरी पाने वाले युवाओं और उनके परिवारों के चेहरों पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के नवनियुक्त उम्मीदवारों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ काम करने का संदेश दिया। रोजगार मेले में मौजूद उम्मीदवारों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताया और इसे अपने करियर की नई शुरुआत के रूप में देखा। पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रिंसिपल चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें से 126 उम्मीदवारों को पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स के विभिन्न विभागों और ट्रेडों में नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। कई उम्मीदवारों ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की सिफारिश या आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ा और केवल योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ। युवाओं का कहना था कि इस प्रक्रिया ने सरकारी नौकरियों के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया है। रोजगार मेले में चयनित पश्चिम बंगाल की रितिका दत्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 में आवेदन किया था और अब उनका चयन पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिए सरकार और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं उत्तर प्रदेश की शांति चतुर्वेदी ने बताया कि उनका चयन डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिला। उत्तर प्रदेश के ही विजय दुबे ने बताया कि उनका चयन जेई मैकेनिकल पद पर हुआ है और यह उनके लंबे इंतजार और मेहनत का परिणाम है। हिमाचल प्रदेश के योगेश ने भी चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी मिलने से उनके परिवार में उत्साह का माहौल है। रोजगार मेले के आयोजन को युवाओं के लिए सकारात्मक पहल माना जा रहा है। लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रोजगार की चुनौतियों के बीच ऐसे कार्यक्रम युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। पटियाला में आयोजित यह रोजगार मेला न केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित रहा, बल्कि यह युवाओं के सपनों और उम्मीदों को नई दिशा देने वाला आयोजन भी बन गया।

शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने मचाई तबाही, मिल के आधे हिस्से तक पहुंचीं लपटें

मध्यप्रदेश । खरगोन जिले के सनावद स्थित अवंति सूत मिल में शुक्रवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में उसने मिल परिसर में रखी करीब 200 रूई की गठानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें मिल के आधे हिस्से तक पहुंच गईं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे मिल परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने जब तक स्थिति को समझा, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। रूई जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। हालात बिगड़ते देख तत्काल मिल की बिजली सप्लाई बंद की गई और दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बड़वाह और ओंकारेश्वर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके साथ ही सनावद नगर परिषद का पानी का टैंकर भी आग बुझाने में लगाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय प्रशासन की टीम ने लगातार करीब चार घंटे तक मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि शाम करीब 6 बजे तक परिसर से धुआं निकलता रहा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार केसी सोलंकी, सीएमओ राजेंद्र मिश्रा और नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी। मिल प्रबंधक धर्मेंद्र मित्तल ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने अचानक तेजी पकड़ ली। शुरुआत में कर्मचारियों ने मिल के अगले हिस्से में लगी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें पीछे के हिस्से तक पहुंच चुकी थीं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ी मात्रा में सामग्री जलकर खाक हो गई। आग की इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

नई दिल्ली । देशभर में आयोजित राष्ट्रीय रोजगार मेले के तहत शनिवार को कोलकाता में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली। सियालदह स्थित डॉ. बी.सी. रॉय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 188 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के चेहरों पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। रोजगार मेले में रेलवे सहित विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि देश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के और अधिक अवसर तैयार किए जाएंगे ताकि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिल सके। रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बढ़ते नेटवर्क और नई परियोजनाओं को देखते हुए कर्मचारियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विभागों में योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है। नियुक्ति पत्र पाने वाले कई युवाओं ने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत बताया। कार्यक्रम में चयनित एक युवक ने कहा कि रेलवे के तकनीकी विभाग में चयन होना उसके लिए गर्व की बात है और वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। वहीं दूसरे चयनित उम्मीदवार ने कहा कि लंबे समय की तैयारी और संघर्ष के बाद यह सफलता मिली है, जिससे परिवार में भी खुशी का माहौल है। रोजगार मेले में शामिल युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें यह भरोसा मिलता है कि मेहनत करने वालों के लिए अवसर लगातार उपलब्ध हैं। कई चयनित उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है और सरकारी विभागों में नई नियुक्तियां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। रोजगार मेले के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि युवाओं को समय पर अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। कोलकाता में आयोजित यह रोजगार मेला युवाओं के लिए उम्मीद और नए अवसरों का प्रतीक बनकर सामने आया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कई युवाओं ने इसे अपने सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में चयनित उम्मीदवारों ने भविष्य में देश सेवा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया।

भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी

मध्यप्रदेश । खरगोन जिले में भीषण गर्मी और गहराते जलसंकट के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार खारक डैम से 0.5 एमसीएम पानी छोड़ा है। यह पानी करीब 72 घंटे में 32 किलोमीटर का लंबा और जंगली रास्ता तय कर शनिवार सुबह नगर पालिका के कुंदा बैराज तक पहुंच गया। पानी पहुंचने के बाद शहरवासियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दरअसल, खरगोन शहर में इन दिनों तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां शहर में प्रतिदिन करीब 28 एमएलडी पानी की सप्लाई होती थी, वहीं अब मांग बढ़कर 32 एमएलडी तक पहुंच गई है। अतिरिक्त 4 एमएलडी पानी की जरूरत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शहर की प्रमुख जल स्रोत कुंदा नदी पूरी तरह सूखने लगी और कुंदा बैराज में केवल सात दिन का पानी शेष रह गया। ऐसे में प्रशासन ने जल संकट गहराने से पहले ही खारक डैम से आरक्षित पानी छोड़ने का निर्णय लिया। जल संसाधन विभाग ने बुधवार को डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा था। पानी को सुरक्षित तरीके से बैराज तक पहुंचाने के लिए नगर पालिका की जल शाखा की टीम लगातार तीन दिन तक निगरानी करती रही। नदी के रास्ते में कई जगह मिट्टी और पत्थरों के कारण बहाव बाधित हो रहा था। ऐसे में टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से 12 अलग-अलग स्थानों पर अवरोध हटाए, ताकि पानी का प्रवाह लगातार बना रहे और वह बीच रास्ते में रुक न जाए। नगर पालिका सीएमओ कमला कौल ने बताया कि शहर में संभावित जलसंकट को देखते हुए पहले ही यह कदम उठाया गया। प्रशासन लगातार जल वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, जल शाखा प्रभारी संजय सोलंकी ने कहा कि बैराज में पानी का स्तर तेजी से घट रहा था और इसी कारण खारक डैम से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल खारक डैम में नगर पालिका के लिए लगभग 7.5 एमसीएम पानी रिजर्व रखा गया है। जरूरत पड़ने पर आगे भी पानी छोड़ा जा सकता है। कुंदा बैराज तक पानी पहुंचने से अब शहर में पेयजल आपूर्ति कुछ समय तक सामान्य बनी रहने की उम्मीद है।

विहिप नेता ने भोजशाला में मंदिर होने का दावा दोहराया, बयान से बढ़ी चर्चा

मध्यप्रदेश । धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के केंद्र में है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यहां लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है और शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला भी भोजशाला पहुंचे। उन्होंने मां वाग्देवी के दर्शन और पूजन कर अपनी आस्था व्यक्त की। भोजशाला परिसर में इन दिनों धार्मिक माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। भोजशाला पहुंचने के बाद हुकुमचंद सावला ने इसे केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा और आस्था का प्राचीन केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में यहां विभिन्न विद्याओं की शिक्षा दी जाती थी और यह स्थान मां सरस्वती यानी वाग्देवी का दिव्य मंदिर रहा है। सावला ने दावा किया कि भोजशाला की स्थापत्य शैली, पत्थरों पर बने चिह्न और संरचना स्वयं इस बात के प्रमाण हैं कि यह मूल रूप से मंदिर स्वरूप में निर्मित की गई थी। उन्होंने परिसर का निरीक्षण करते हुए कहा कि यहां मौजूद पत्थरों और दीवारों पर बने चिन्ह इतिहास की सच्चाई को दर्शाते हैं। सावला ने कहा कि जनभावनाओं और आस्था के अनुरूप भविष्य में यहां मां वाग्देवी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद भोजशाला को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि धार की भोजशाला लंबे समय से ऐतिहासिक और धार्मिक विवाद का विषय रही है। विभिन्न पक्ष इसे लेकर अपने-अपने दावे करते रहे हैं। हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यहां धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इसके बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। भोजशाला में रोजाना पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन भी पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न बने। हुकुमचंद सावला के दौरे और बयान के बाद भोजशाला एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

वीडी सतीशन का दिल्ली दौरा बना सियासी हलचल का केंद्र, कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से कई अहम बैठकें

नई दिल्ली । केरल में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन अपने पहले आधिकारिक दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं। सत्ता संभालने के बाद यह उनका पहला राष्ट्रीय राजधानी दौरा माना जा रहा है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री सतीशन शुक्रवार देर रात दिल्ली पहुंचे, जहां केरल हाउस में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह स्वागत उनके हालिया चुनावी जीत और लंबे समय बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन का प्रतीक माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातों का सिलसिला शुरू किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में केवल औपचारिक बातचीत ही नहीं हुई बल्कि संगठनात्मक रणनीति और सरकार के आगामी कार्यों को लेकर भी गंभीर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सतीशन ने चुनावी अभियान के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ेगी और जनता से किए गए वादों को किस तरह पूरा किया जाएगा। बंद कमरे में हुई इन बैठकों में राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और राजनीतिक संतुलन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही केरल कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चा भी इस दौरे का अहम हिस्सा रही। संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना के बीच पार्टी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर भी गहन मंथन हुआ। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी संगठन में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ेगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री सतीशन आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि इस संभावित बैठक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि यह मुलाकात होती है, तो यह राज्य और केंद्र के बीच सहयोग और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर होगा। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने लेफ्ट सरकार को पराजित कर केरल की सत्ता में वापसी की है। यह जीत राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। ऐसे में नए मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा न केवल औपचारिक मुलाकातों का हिस्सा है, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

देवास में ट्रैफिक लापरवाही उजागर, हफ्तेभर में दूसरी बार टूटा सुरक्षा नेट

मध्यप्रदेश । देवास शहर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले एमजी तिराहे पर धूप से बचाव के लिए लगाया गया ग्रीन नेट शेड एक बार फिर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर का शिकार हो गया। शुक्रवार देर रात एक अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने तिराहे पर लगे शेड को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसका बड़ा हिस्सा उखड़कर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जब सड़क पर लोगों और वाहनों की आवाजाही बेहद कम थी। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि दिनभर इस तिराहे पर भारी भीड़ रहती है और लोग धूप से बचने के लिए इसी शेड के नीचे खड़े रहते हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सीधे ग्रीन नेट शेड से टकराता है और उसे तोड़ते हुए मौके से निकल जाता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर वाहन और उसके चालक की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले भी इसी एमजी तिराहे पर एक अन्य वाहन की टक्कर से यही ग्रीन नेट शेड टूट गया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का आरोप है कि तिराहे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एमजी तिराहे पर स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नागरिकों का कहना है कि यह तिराहा शहर का प्रमुख यातायात केंद्र है और यहां हर समय लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम बेहद जरूरी हैं।