नाले की सफाई पर विवाद बढ़ा, पार्षद ने प्रशासन को दी सात दिन की मोहलत

मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के इछावर नगर में गंदे नाले की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद जुनैद खान ने नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सात दिन के भीतर नाले की सफाई और निर्माण कार्य पूरा करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो वार्डवासी नाले की गंदगी निकालकर सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर डालेंगे। शनिवार को पार्षद जुनैद खान नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नगर के बीचोंबीच गुजरने वाला यह नाला लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। पूरे शहर का दूषित पानी और गंदगी इसी नाले में बहती है, लेकिन इसके बावजूद सफाई और निर्माण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। पार्षद ने आरोप लगाया कि नाले का निर्माण कार्य काफी समय पहले शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। नतीजतन नाला कीचड़, मलबे और सड़ी हुई गंदगी से पूरी तरह भर चुका है। जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से हालात और खराब हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास रहना मुश्किल हो गया है। दिनभर बदबू फैलने से लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। वार्डवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद जुनैद खान ने कहा कि नगर परिषद यदि सात दिनों के भीतर सफाई और निर्माण कार्य पूरा नहीं करती, तो जनता के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत और सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले के बाद नगर परिषद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन तय समय में कार्रवाई करता है या फिर वार्डवासियों का विरोध प्रदर्शन शहर में बड़ा मुद्दा बनता है।
ड्रग्स बिक्री के शक में स्वास्थ्य विभाग का एक्शन, मेडिकल स्टोर जांच के घेरे में

मध्यप्रदेश । सतना जिले के कोटर क्षेत्र के अबेर गांव में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को ड्रग विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के दो मेडिकल स्टोर्स पर अचानक छापा मारकर जांच की। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एक मेडिकल स्टोर को तत्काल सील कर दिया गया, जबकि दूसरे स्टोर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। संयुक्त कार्रवाई में ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे, डीएसपी मुख्यालय मनोज दीक्षित और कोटर थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने अबेर स्थित अनन्या मेडिकल स्टोर और जागृति मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान अनन्या मेडिकल स्टोर में कई गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि निरीक्षण के समय न तो मेडिकल स्टोर का प्रोपराइटर मौजूद था और न ही लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट मौके पर मिला। इसके अलावा दवाओं के रखरखाव और रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां पाई गईं। नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं जागृति मेडिकल स्टोर की जांच में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। हालांकि यहां स्थिति अपेक्षाकृत कम गंभीर होने के कारण दुकान को सील नहीं किया गया, लेकिन संचालक को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। खासकर युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। पुलिस और ड्रग विभाग अब क्षेत्र के अन्य मेडिकल स्टोर्स की भी निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री हो रही हो तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
मां को दर्द बताने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

मध्यप्रदेश । सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र में सामने आए आत्महत्या के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रतापपुर निवासी 23 वर्षीय नित्यम पांडेय पर आरोप है कि उसने लगातार प्रताड़ित और मानसिक दबाव बनाकर ज्वेलर्स कारोबारी दीपेश सोनी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। करीब दो महीने तक चली पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। घटना 27 मार्च 2026 की है। बैरहना निवासी शकुंतला सोनी ने प्रतापपुर में अपने दूसरे मकान में ज्वेलर्स की दुकान खोल रखी थी। घटना वाले दिन उनका बेटा दीपेश सोनी दुकान संभाल रहा था। बताया गया है कि उसी दौरान गांव का युवक नित्यम पांडेय अपने कुछ साथियों के साथ दुकान के सामने पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। इससे दीपेश काफी परेशान और मानसिक रूप से तनाव में आ गया था। घटना से कुछ देर पहले दीपेश ने अपनी मां शकुंतला सोनी को फोन कर पूरी बात बताई थी। उसने कहा था कि नित्यम पांडेय और उसके साथी दुकान के बाहर खड़े होकर अभद्रता कर रहे हैं और लगातार परेशान कर रहे हैं। मां को अपनी परेशानी बताने के बाद दीपेश ने फोन काट दिया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत उसकी आखिरी कॉल साबित होगी। फोन कटने के कुछ समय बाद ही दीपेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने सीधे तौर पर नित्यम पांडेय और उसके साथियों पर दीपेश को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की। धारकुंडी थाना पुलिस ने करीब दो महीने तक पूरे मामले की जांच की। इस दौरान परिजनों के बयान, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों को खंगाला गया। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना दी जा रही थी, जिससे परेशान होकर दीपेश ने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी नित्यम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
सतना में बड़ा खुलासा: ट्रेजरी और समग्र आईडी लिंक होते ही सामने आया मामला

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना में सतना जिले से बड़ा अनियमितता मामला सामने आया है। जिले में 27 ऐसी महिलाओं की पहचान हुई है, जो सरकारी सेवा में होने के बावजूद हर महीने योजना के तहत 1500 रुपए की राशि ले रही थीं। ट्रेजरी सिस्टम में समग्र आईडी लिंक होने के बाद यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसके बाद प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। अब इन महिलाओं से शासन द्वारा मिली राशि की रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, चिन्हित 27 महिलाओं में से 16 नगर निगम क्षेत्र की कर्मचारी हैं। ये महिलाएं एक तरफ सरकारी खजाने से वेतन ले रही थीं, वहीं दूसरी ओर लाड़ली बहना योजना का लाभ भी लगातार उठा रही थीं। जांच में सामने आया कि इन कर्मचारियों ने अब तक कुल 5 लाख 5 हजार 450 रुपए योजना के तहत अपने खातों में प्राप्त किए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि योजना में आवेदन करते समय गलत जानकारी दी गई थी या बाद में सरकारी सेवा मिलने के बावजूद लाभ लेना जारी रखा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना की शुरुआत में लाभार्थियों का चयन सेल्फ डिक्लेरेशन यानी स्व-घोषणा के आधार पर किया गया था। उस समय समग्र आईडी और ट्रेजरी रिकॉर्ड आपस में लिंक नहीं थे। लगभग एक साल पहले जब सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए समग्र आईडी को ट्रेजरी से जोड़ा गया, तब यह गड़बड़ी पकड़ में आई। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि संबंधित निकायों की समितियां जांच कर रही हैं। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कुछ महिलाएं योजना का लाभ लेने के बाद सरकारी सेवा में तो नहीं आईं। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों की भी अलग से जांच होगी, क्योंकि शासन द्वारा उन्हें कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी गई है। प्रशासन ने संबंधित निकायों से इन महिला कर्मचारियों के आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाते और सेवा संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वालों से पूरी राशि वापस ली जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद योजना की पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। वर्तमान में सतना जिले में लाड़ली बहना योजना के लगभग 3 लाख 76 हजार हितग्राही हैं। योजना के नियमों के अनुसार, सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं, आयकरदाता परिवार और अधिक आय वर्ग के लोग इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी योजना का लाभ ले रहे थे, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गोली मारकर हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त के बयान से खुलासा

मध्यप्रदेश । सागर शहर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विवेकानंद वार्ड के मछरयाई स्थित गौंड बब्बा चबूतरा इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। घटना 21 मई की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते फरियादी ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू का आरोपियों से विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने अवैध हथियार निकालकर मयंक साहू पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के दौरान मयंक को बचाने दौड़े उसके भाई ओम साहू पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में ओम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन आठिया, एक 16 वर्षीय नाबालिग और एक 60 वर्षीय महिला शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक मयंक साहू और मुख्य आरोपी यश पहले बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों का साथ उठना-बैठना था, लेकिन कुछ साल पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों के रिश्तों में दुश्मनी बढ़ती चली गई। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी रंजिश ने इस खूनी वारदात का रूप लिया। प्रत्यक्षदर्शी शिवम तिवारी ने बताया कि घटना के वक्त मयंक और उसके दोस्त घर के बाहर खड़े थे। तभी अचानक यश वहां पहुंचा और जेब से कट्टा निकालकर सीधे मयंक पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक जमीन पर गिर पड़ा। शिवम के मुताबिक ओम साहू जब बीच-बचाव करने पहुंचा तो उस पर चाकू से हमला किया गया। एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि अब तक इस मामले में छह आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।
कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, 10 उपाध्यक्ष और 21 सचिव नियुक्त

मध्यप्रदेश । सागर में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी की स्वीकृति के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने नई टीम का ऐलान किया। नई कार्यकारिणी में कुल 51 सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं। संगठन ने दावा किया है कि टीम गठन में सभी वर्गों, समाजों और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का विशेष ध्यान रखा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए बताया कि इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी समेत कई पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। मुख्य कार्यकारिणी में 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि स्थायी आमंत्रित सदस्यों में भी 3 महिलाओं को जगह दी गई है। कांग्रेस संगठन का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती मिलेगी और संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी। नई कार्यकारिणी में अखिलेश मोनी केसरवानी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर संतोष सराफ, प्रमिला सिंह राजपूत, निरंजन सिंह घोषी, आरआर पाराशर, अभिषेक गौर, सौरभ हजारी, जतिन चौकसे, चंद्रभान सिंह दीवान, निर्भय सिंह ठाकुर और भाव सिंह यादव को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संगठन को सक्रिय बनाए रखने के लिए 15 महासचिव भी नियुक्त किए गए हैं। इनमें आंचल आठया, नंदकिशोर भारती, प्रशांत समैया, प्रभु मिश्रा, अवधेश तोमर, संजय चौधरी टड़ा, बिहारी कुशवाहा, मोंटी यादव, अशरफ खान, हरि नारायण कुशवाहा, अवधेश सिंह सिमरिया, सुरेंद्र सिंह राजपूत सिंगपुर, देवेंद्र नायक, प्रकाश बजाज और देवव्रत तिवारी शामिल हैं। संगठन में सचिव पद पर भी 21 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें बृजेंद्र मिश्रा, प्रियंका पांडे, मीनाक्षी साहू, धर्मेंद्र ठाकुर, बलवंत सिंह राजपूत, अनुप मिश्रा, दुष्यंत बुंदेला, डॉ. निलेश रीछारिया, इंदरीश खान, चंदन सुहाने, संजना कुर्मी, मनोज राय, रामनिवास लोधी, पुरुषोत्तम शिल्पी, महेंद्र पटेल, ओमप्रकाश राजपूत, सुरेंद्र कुशवाहा, प्रवीण लोधी, मोहिनी कश्यप, शिव कुमार और खुशीलाल अहिरवार को शामिल किया गया है। कांग्रेस ने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पकड़ मजबूत करने के लिए भी अलग से जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रवक्ता के रूप में सूर्या शुक्ला और डॉ. हेमकुमारी कुर्मी को नियुक्त किया गया है, जबकि सोशल मीडिया प्रभारी के तौर पर पंकज यादव और जितेंद्र राजपूत काम करेंगे। इसके अलावा स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों की लंबी सूची भी जारी की गई है, जिसमें वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल कर संगठनात्मक संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नई टीम आगामी राजनीतिक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सागर में खून से लथपथ मिला युवक, धारदार हथियार से हमले की आशंका

मध्यप्रदेश । सागर शहर के पुरव्याऊ टौरी इलाके में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब काली मंदिर के पास एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। युवक के शरीर पर धारदार हथियार से चोट के कई निशान पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह एक दुकानदार अपनी दुकान खोलने के लिए काली मंदिर क्षेत्र पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे पड़े एक युवक पर पड़ी, जो बुरी तरह घायल था और उसके कपड़े खून से सने हुए थे। यह दृश्य देखकर दुकानदार घबरा गया और उसने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। थोड़ी ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में घायल युवक की पहचान काकागंज वार्ड निवासी अक्कू के रूप में हुई है। स्थानीय रहवासियों ने पुलिस को बताया कि युवक सुबह करीब 5 बजे से ही काली मंदिर के आसपास घूम रहा था और हाथ में धारदार हथियार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को वह परेशान कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की थी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। रहवासियों का कहना है कि युवक की हरकतों से लोग डरे हुए थे। कई लोगों ने उससे दूरी बनाकर रखी, जबकि कुछ लोगों ने उसे समझाने की कोशिश भी की। हालांकि कुछ देर बाद वही युवक मंदिर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। उसके शरीर पर धारदार हथियार के वार के निशान पाए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी विवाद के दौरान उस पर हमला किया गया होगा। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक के साथ आखिर क्या हुआ। फिलहाल पुलिस घायल अक्कू के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक की हालत स्थिर होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक पर हमला किसने किया और इसके पीछे क्या वजह रही। मामले को लेकर आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।
रीवा सड़क हादसे में बड़ा नुकसान, पुलिस ने झपकी आने की आशंका जताई

मध्यप्रदेश । रीवा जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। रीवा-सीधी रोड पर गहरी पकरा गांव के पास सीमेंट से भरा एक बल्कर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे आम के पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बल्कर पलट गया और कुछ ही सेकंड में उसमें आग भड़क उठी। हादसे के वक्त ड्राइवर केबिन में ही फंस गया और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और ड्राइवर जिंदा जल गया। जानकारी के मुताबिक बल्कर क्रमांक MP19 HA 6094 बरिगवां से सतना स्थित बिरला प्लांट की ओर जा रहा था। शुक्रवार रात करीब 2 बजे गहरी पकरा गांव के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज रफ्तार बल्कर पहले सड़क किनारे पेड़ से टकराया और फिर पलटते ही उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास मौजूद लोग चाहकर भी ड्राइवर को बचा नहीं सके। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क से गुजर रहे लोगों ने तुरंत डायल-112 और गुढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई सुरेश साकेत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने किसी तरह जले हुए शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान सीधी जिले के सतोहरी धनहा गांव निवासी 36 वर्षीय ब्रिजेश गौतम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से ट्रांसपोर्ट लाइन में काम कर रहा था और हादसे के वक्त अकेला वाहन चला रहा था। पुलिस को आशंका है कि देर रात लगातार ड्राइविंग करने की वजह से ड्राइवर को झपकी आ गई होगी, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। हादसे के चलते रीवा-सीधी रोड पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सड़क पर बल्कर के जलने और धुएं के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। बाद में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए यातायात बहाल कराया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी तय करने वाले भारी वाहन चालकों की सुरक्षा और लगातार ड्राइविंग के खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात की थकान और झपकी कई बार ऐसे हादसों की वजह बनती है, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
भारत बना भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर, युवाओं की ताकत और टेक्नोलॉजी से दुनिया प्रभावित: पीएम मोदी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को 19वें रोजगार मेले के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभर रहा है और दुनिया भारत की युवा शक्ति तथा तकनीकी क्षमता को लेकर बेहद उत्साहित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनना चाहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और इसका सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास नए रोजगार और अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने हालिया विदेश दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि विभिन्न देशों के नेताओं और वैश्विक कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं में भारत के प्रति गहरा भरोसा देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा, उनकी क्षमता और देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया में सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने बताया कि नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, कृषि और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है। वहीं स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी पर सहमति बनी है। इसके अलावा नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और मैरीटाइम सेक्टर में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है। यूएई और इटली जैसे देशों के साथ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां सीधे तौर पर भारत के युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करेंगी। उन्होंने सेमीकंडक्टर सेक्टर का उदाहरण देते हुए बताया कि वैश्विक स्तर की कंपनियां भारत की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, जिससे देश में नई तकनीक और रोजगार दोनों का विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे और भारत इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा। रोजगार मेले को लेकर उन्होंने कहा कि यह पहल देश में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। 19वें रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 47 स्थानों पर किया गया, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा देश बन रहा है जो वैश्विक विकास का प्रमुख आधार बन सकता है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत की प्रगति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
नस काटने के बाद भी नहीं मिला न्याय, युवक ने जहर खाकर दी जान देने की कोशिश

मध्यप्रदेश । रीवा में एक सरकारी शिक्षक द्वारा दो दिन के भीतर दूसरी बार आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अनिल कुमार तिवारी ने पहले अपनी कलाई की नस काटी और फिर कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर जहर खा लिया। फिलहाल उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति नाजुक बता रहे हैं। होश आने पर पूछा- “क्या किसी ने मेरी फरियाद सुनी?”परिजनों के मुताबिक 21 मई को आत्महत्या की पहली कोशिश के बाद जब शिक्षक को होश आया तो उन्होंने सबसे पहले बेटे से पूछा कि क्या आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई? जब उन्हें पता चला कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, तो वे पूरी तरह टूट गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने दोबारा जहरीला पदार्थ खा लिया। टीआई और पत्रकार पर लगाए गंभीर आरोपसीएम राइज स्कूल लालगांव में पदस्थ शिक्षक ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में हितेंद्र शर्मा और निशांत मिश्रा उर्फ अंकित को अपनी दुर्दशा के लिए जिम्मेदार बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी 28 साल की साफ-सुथरी नौकरी पर दाग लगाने की कोशिश की गई। सुसाइड नोट में उन्होंने कॉल डिटेल जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाई जाए। पेड़ काटने के विवाद से शुरू हुआ मामलाशिक्षक के बेटे के अनुसार पूरा विवाद एक हरे-भरे पेड़ को काटने से शुरू हुआ। आरोप है कि पड़ोसी परिवार ने उनकी जमीन पर लगा पेड़ काट दिया था। विरोध करने पर शिक्षक और परिवार को धमकियां दी गईं और बाद में पुलिस में मामला दर्ज करा दिया गया। परिजनों का कहना है कि इसी तनाव और अपमान के कारण शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए। परिवार बोला- “अब पूरा सिस्टम जिम्मेदार”शिक्षक की बेटी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि परिवार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाता रहा लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि एक ईमानदार व्यक्ति को सिस्टम ने इतना प्रताड़ित किया कि उसने मौत का रास्ता चुन लिया। परिवार ने मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाईइस मामले में गुरुकरण सिंह ने कहा कि परिवार की शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। रीवा का यह मामला केवल एक शिक्षक की आत्महत्या की कोशिश नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, पुलिस कार्रवाई और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर सवालों को भी सामने ला रहा है। अब सबकी नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।