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‘हेरा फेरी 3’ को लेकर फैली अफवाहों पर फूटा परेश रावल का गुस्सा, बोले- फिल्म नहीं छोड़ी, सच्चाई कुछ और है

नई दिल्ली ।  हेरी फेरी 3 को लेकर एक बार फिर खबर आई कि परेश रावल ने फिल्म से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। दावा किया गया कि परेश रावल ने फिल्म के साइनिंग अमाउंट में मिले 11 लाख रुपये भी अक्षय कुमार को वापस कर दिए हैं। इस खबर से फैंस परेशान थे। इस बीच परेश रावल ने इन खबरों पर रिएक्ट किया है। उन्होंने साफ किया है कि ये खबरें झूठी हैं और वो फिल्म का हिस्सा हैं। परेश रावल ने नहीं छोड़ी है हेरा फेरी 3विकी लालवाणी के इंस्टाग्राम पेज के मुताबिक, परेश रावल ने साफ किया है कि वो अब भी हेरा फेरी का हिस्सा हैं। उन्होंने कोई भी साइनिंग अमाउंट वापस नहीं किया है। परेश रावल ने कहा कि उनके फिल्म छोड़ने की खबरों आधारहीन हैं। परेश रावल ने वापस कर दिए 11 लाख रुपयेबॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि परेश रावल ने प्रोजेक्ट से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। उन्होंने निर्माताओं को 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ साइनिंग अमाउंट में मिले 11 लाख रुपये लौटा दिए हैं। किस चीज से खुश नहीं थे परेश रावल?रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि परेश रावल की टोटल फीस 15 करोड़ रुपये थी। शीट में लिखा गया था कि फिल्म के रिलीज के एक महीने बाद परेश रावल को 14.89 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। परेश रावल इस शर्त से खुश नहीं थे। फिल्म का शूट अगले साल शुरू होना है। इसका मतलब है कि हेरा फेरी 3 2026 या 2027 में रिलीज होगी। इसका मतलब है कि परेश रावल को अपने बकाया रुपयों के लिए दो साल का इंतजार करना पड़ता। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि हेरा फेरी 3 का अनाउंसमेंट वीडियो भूत बंगला के सेट पर शूट किया गया था। फिल्म को लेकर क्या बोले थे अक्षय कुमार?बता दें, कुछ वक्त पहले अक्षय कुमार ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि हेरा फेरी 3 अभी नहीं बन रही है। उन्होंने कहा था कि जब सही समय होगा तब हेरा फेरी 3 बनेगी। उन्होंने ये भी कहा था कि ऐसा न कि सही समय आते-आते वो लोग बहुत बूढ़े हो जाएं। साल 2025 में शुरू हुआ था विवादहेरा फेरी 3 को लेकर विवाद साल 2025 में शुरू हुआ था। जब परेश रावल ने कहा था कि वो हेरा फेरी 3 नहीं करेंगे। फैंस इस बात से काफी निराश हुए थे। इसके बाद खबरें आईं कि अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने परेश रावल के अचानक एग्जिट से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए एक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसके बाद खबरें आई थीं कि परेश रावल पार्ट 3 का हिस्सा होंगे।

टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज

नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने की संभावना बन रही है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। हालांकि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन व्यक्तिगत फॉर्म में लगातार गिरावट ने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का भविष्य अब पूरी तरह से टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की राय और भूमिका पर निर्भर करता है। माना जा रहा है कि चयन समिति इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि यदि कोई खिलाड़ी बल्ले से लगातार योगदान नहीं दे पा रहा है, तो उसे कप्तानी की जिम्मेदारी कितनी उचित है। पिछले एक साल से सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा, जहां उन्होंने 12 पारियों में केवल 210 रन बनाए और उनका औसत 18 से भी कम रहा। इस खराब फॉर्म ने न सिर्फ उनके बल्लेबाजी स्थान को अस्थिर किया है, बल्कि कप्तानी पर भी दबाव बढ़ा दिया है। एक वरिष्ठ बीसीसीआई सूत्र के हवाले से कहा गया है कि चयनकर्ता इस बात पर सहमत दिख रहे हैं कि “अगर कोई खिलाड़ी अपनी जगह बल्लेबाज के रूप में पक्की नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए कप्तान बने रहना मुश्किल होता है।” हालांकि इस पूरे समीकरण में सबसे बड़ा फैक्टर गौतम गंभीर माने जा रहे हैं। गंभीर और सूर्यकुमार यादव के बीच संबंध काफी मजबूत बताए जाते हैं। यहां तक कि ‘SKY’ उपनाम भी गंभीर ने ही दिया था। टीम मैनेजमेंट में दोनों के बीच बेहतर समझ होने के कारण यदि गंभीर उनका समर्थन करते हैं, तो चयनकर्ता फिलहाल कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं। इसी बीच भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बीसीसीआई 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर नई रणनीति बना रहा है। इसी कारण कई युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व भूमिकाओं में आजमाया जा रहा है। इस रेस में श्रेयस अय्यर का नाम मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। उनकी आक्रामक कप्तानी शैली और अनुभव चयनकर्ताओं को आकर्षित कर रहा है। हालांकि उनके और गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी क्रिकेट सर्कल में चर्चा बनी हुई है। वहीं शुभमन गिल को लेकर भी संभावनाएं बनी हुई हैं। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टी20 टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन कप्तानी में बदलाव की स्थिति में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है। सबसे दिलचस्प नाम तिलक वर्मा का सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार चयनकर्ता उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं। इसी कारण उन्हें इंडिया-ए टीम की कप्तानी सौंपी गई है, ताकि उनकी नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जा सके। इसके अलावा संजू सैमसन, ईशान किशन और युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के नाम भी भविष्य की योजनाओं में शामिल बताए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टीम इंडिया की टी20 कप्तानी किस दिशा में जाती है और क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या नहीं।

ICC की नई रणनीति से बदलेगा खेल, टेस्ट क्रिकेट में हो सकते हैं बड़े बदलाव

नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया एक बार फिर बड़े बदलावों की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) आगामी दिनों में खेल के कई महत्वपूर्ण नियमों में संशोधन पर विचार कर सकती है, जिनसे टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट का स्वरूप काफी हद तक बदल सकता है। इस प्रस्तावित बदलाव को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है और खिलाड़ियों से लेकर प्रशासकों तक सभी की नजरें अब 30 मई 2026 को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, ICC की इस बैठक में सबसे बड़ा और चर्चित प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट से जुड़ा हुआ है। इसमें सुझाव दिया गया है कि यदि मैच के दौरान खराब रोशनी या मौसम के कारण फ्लडलाइट्स का उपयोग करना पड़े, तो दोनों टीमों की सहमति से लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि यह नियम लागू होता है तो टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक स्वरूप में यह एक ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा, जहां एक ही मैच में दो अलग-अलग गेंदों का उपयोग संभव होगा। इसके अलावा वनडे क्रिकेट को लेकर भी एक नया प्रस्ताव सामने आया है। इसके तहत ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान अब मुख्य कोच को मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से सीधे रणनीतिक बातचीत करने की अनुमति मिल सकती है। अभी तक यह सुविधा केवल सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों तक सीमित है, लेकिन नए नियम से टीम मैनेजमेंट की भूमिका और अधिक सक्रिय हो सकती है। टी20 क्रिकेट को और अधिक तेज और रोमांचक बनाने के लिए ICC एक और बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, पारी के बीच मिलने वाले 20 मिनट के ब्रेक को घटाकर 15 मिनट किया जा सकता है। इससे खिलाड़ियों को कम समय में रणनीति बनानी होगी और मैच की गति और अधिक तेज हो जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, गेंदबाजों के संदिग्ध एक्शन यानी ‘चकिंग’ को लेकर भी ICC सख्ती बरतने की तैयारी में है। प्रस्ताव है कि ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉक-आई डेटा का उपयोग करने की अनुमति दी जाए, जिससे मैच के दौरान ही गेंदबाजी एक्शन की जांच संभव हो सके। इससे लंबे समय से चल रहे विवादों और देरी को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। इन सभी प्रस्तावों पर पहले ही ICC की चीफ एग्जीक्यूटिव कमेटी (CEC) की वर्चुअल बैठक में चर्चा हो चुकी है, जिसमें ICC क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भी शामिल रहे। अब सभी की निगाहें अहमदाबाद बैठक पर हैं, जहां इन बदलावों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होते हैं, तो 1 अक्टूबर 2026 से क्रिकेट का पूरा स्वरूप एक नए युग में प्रवेश कर सकता है।

पंजाब में आवारा कुत्तों पर एक्शन, मदद के लिए आगे आए सिंगर मीका सिंह

नई दिल्ली। पंजाब सरकार के हालिया फैसले ने देशभर में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भीड़भाड़ वाले इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाने की घोषणा के बाद जहां एक वर्ग इस निर्णय का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पशु प्रेमी और कई सेलेब्स इस पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। मामला अब सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं रहा, बल्कि यह संवेदनशील सामाजिक और मानवीय मुद्दे के रूप में सामने आ गया है। इसी बीच बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय सिंगर मीका सिंह ने एक बड़ा और भावनात्मक कदम उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए घोषणा की है कि वह अपनी लगभग 10 एकड़ जमीन आवारा कुत्तों के लिए दान करेंगे, जहां उनके लिए एक सुरक्षित शेल्टर होम तैयार किया जा सकेगा। मीका का कहना है कि यह स्थान सिर्फ आश्रय नहीं होगा, बल्कि वहां कुत्तों के लिए भोजन, इलाज और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था भी होगी। मीका सिंह ने अपने संदेश में कहा कि कोई भी जानवर हिंसा, यातना या मारने का हकदार नहीं होता, चाहे उसे किसी भी कारण से “कंट्रोल” करने की बात क्यों न कही जाए। उन्होंने यह भी कहा कि असली इंसानियत ताकतवर लोगों के साथ व्यवहार से नहीं, बल्कि कमजोर और असहाय जीवों के प्रति हमारे रवैये से पहचानी जाती है। अपने भावनात्मक संदेश में उन्होंने लिखा कि आवारा कुत्ते बोल नहीं सकते, अपनी रक्षा नहीं कर सकते, लेकिन वे सिर्फ वफादारी, प्यार और जीवित रहने की कोशिश जानते हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। हालांकि मीका ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना को सफल बनाने के लिए उन्हें सरकार, प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट तक के सहयोग की आवश्यकता होगी, ताकि इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके और उचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर मीका सिंह की जमकर सराहना हो रही है। कई लोगों ने उनके इस कदम को “मानवता की मिसाल” बताया है। वहीं कुछ यूजर्स ने इसे एक प्रेरणादायक पहल बताते हुए अन्य सेलेब्स से भी आगे आने की अपील की है। उधर, पंजाब सरकार के फैसले को लेकर विरोध और समर्थन दोनों ही जारी हैं। पशु अधिकार संगठनों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल हटाने से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और मानवीय तरीकों से किया जाना चाहिए। इस पूरे विवाद के बीच मीका सिंह की यह पहल अब चर्चा का केंद्र बन गई है, जिसने इस मुद्दे को एक नया मानवीय दृष्टिकोण दे दिया है।

एमपी में गर्मी का कहर जारी, 37 जिलों में लू का अलर्ट, अगले 4 दिन राहत के आसार नहीं

 भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लोगों को तेज गर्मी व लू का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को छतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो सबसे गर्म स्थान रहे। नौगांव में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो में पारा 45.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा और फिलहाल राहत मिलने की संभावना नहीं है। IMD भोपाल ने रविवार के लिए कई जिलों में हीटवेव और सीवियर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। 4 जिलों में रेड अलर्टमौसम विभाग ने टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अत्यधिक गर्म हवाएं चलने और तापमान में और बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। 11 जिलों में ऑरेंज अलर्टदतिया, निवाड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 22 जिलों में येलो अलर्टग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और रतलाम में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में उमस और तेज गर्मीभोपाल, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भी तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। नौतपा में और बढ़ेगी तपिशमौसम विभाग के मुताबिक 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है और 31 मई तक गर्मी अपने चरम पर बनी रह सकती है। अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई बड़े शहरों में तापमान लगातार ऊंचा बना रहेगा।

लू का प्रकोप जारी, एमपी के कई जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर लगातार जारी है और हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 42 जिलों में हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग आवश्यक कार्यों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नौगांव में दर्ज किया गया है, जहां पारा सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया। इसके अलावा ग्वालियर, खजुराहो, टीकमगढ़ और रीवा जैसे इलाकों में भी लू का असर तेज बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि गर्मी के इस मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या भी बढ़ने लगी है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बिजली की मांग बढ़ने से कई जगहों पर आपूर्ति पर भी दबाव देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

1 जून से नया नियम, नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना मुश्किल

नई दिल्ली। मलेशिया सरकार ने ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। 1 जून 2026 से देश में ऐसे नए नियम लागू होंगे, जिनके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना मुश्किल हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद खतरनाक और हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए उठाया गया है। नए नियमों के लागू होने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ जाएगी। Meta, TikTok, YouTube और X जैसे प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि नाबालिग यूजर्स आसानी से अकाउंट न बना सकें। इसके साथ ही कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को मजबूत करना होगा और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करनी होगी। सरकार के नियमों के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब विज्ञापन देने वालों की पहचान की जांच भी करनी होगी। अगर किसी फोटो, वीडियो या कंटेंट में बदलाव या एआई जनरेटेड एडिटिंग की गई है, तो उसे स्पष्ट रूप से लेबल करना अनिवार्य होगा। हालांकि सरकार ने कंपनियों को इन नियमों को लागू करने के लिए कुछ समय देने की बात कही है, लेकिन इसकी सटीक समयसीमा अभी तय नहीं है। इसी बीच मलेशिया सरकार एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी भी कर रही है, जिसके तहत यूजर्स की उम्र की पुष्टि जरूरी हो सकती है। यह सिस्टम पहचान पत्र या अन्य डिजिटल वेरिफिकेशन तरीकों पर आधारित हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों ने इस पर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई है। पिछले कुछ वर्षों में मलेशिया में ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर बुलिंग और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट के मामले तेजी से बढ़े हैं। सरकार विशेष रूप से ऑनलाइन जुआ, स्कैम, साइबर अपराध और भड़काऊ कंटेंट को लेकर चिंतित है। इसी वजह से बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मलेशिया अकेला देश नहीं है जो इस दिशा में कदम उठा रहा है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू किए हैं। वहीं फ्रांस, यूके और अमेरिका के कई हिस्सों में भी इसी तरह की नीतियों पर काम चल रहा है। इन नए नियमों का सीधा असर वैश्विक टेक कंपनियों पर पड़ेगा। अब उन्हें अपने प्लेटफॉर्म्स पर उम्र सत्यापन और कंटेंट मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करना होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया का बड़ा यूजर बेस होने के कारण यह बदलाव टेक कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। कुल मिलाकर यह फैसला बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर कई तकनीकी और प्राइवेसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

रविवार को करें खास उपाय, जीवन में आएंगे शुभ परिणाम और सफलता

नई दिल्ली। रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की परेशानियां दूर हो सकती हैं। करियर, स्वास्थ्य, दांपत्य जीवन और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं। रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के साथ-साथ परेशानियों को दूर करने में सहायक होते हैं। माना जाता है कि सूर्यदेव की आराधना करने से व्यक्ति को आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। रविवार के दिन स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करना और “आदित्य हृदय स्तोत्र” का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति करियर में बाधाओं का सामना कर रहा है, तो शिवलिंग पर गंगाजल और पुष्प मिश्रित जल अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। इससे कार्यक्षेत्र में सफलता के अवसर बढ़ते हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए आटे में शक्कर और केले मिलाकर प्रसाद बनाकर भगवान को अर्पित करना तथा उसे बच्चों में बांटना शुभ माना गया है। इससे घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। इसी प्रकार मनोकामना पूर्ति के लिए शिव मंदिर में नारियल अर्पित करने का भी उल्लेख किया गया है। मान्यता है कि इससे लंबे समय से अटकी इच्छाएं पूरी होने लगती हैं। रिश्तों में सुधार और पारिवारिक सामंजस्य बनाए रखने के लिए भी रविवार को विशेष उपाय बताए गए हैं। भगवान शिव की उपासना और बच्चों में प्रसाद बांटने से रिश्तों में मधुरता आती है। स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग पर सफेद चंदन और पुष्प अर्पित करना शुभ माना गया है। वहीं, दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बनाए रखने के लिए कपूर और रोली से जुड़े उपाय किए जाते हैं। इसके अलावा रविवार को दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। ब्राह्मण को चावल या गुड़ का दान करने से जीवन में उन्नति और सौभाग्य के द्वार खुलते हैं। कुल मिलाकर रविवार को सूर्यदेव की आराधना और सरल उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव, मानसिक शांति और सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।

भीषण गर्मी में घूमने के लिए परफेक्ट शहर, फैमिली ट्रिप की पूरी गाइड

नई दिल्ली । उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोग अब राहत पाने के लिए ठंडी जगहों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में परिवार के साथ कुछ दिनों की ट्रिप प्लान करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। गर्मियों की छुट्टियों में सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन में मसूरी सबसे आगे है। नई दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने के बाद यहां पहुंचना और आसान हो गया है। सिर्फ 3.5 से 4 घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है। मसूरी का सुहावना मौसम, केंपटी फॉल्स और मॉल रोड पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। जो लोग भीड़ से दूर शांत जगह की तलाश में हैं, उनके लिए चकराता एक बेहतरीन विकल्प है। देवदार और ओक के घने जंगलों से घिरा यह हिल स्टेशन प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। यहां स्थित टाइगर फॉल्स पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है। गर्मी में एडवेंचर और सुकून दोनों का मजा लेना हो तो ऋषिकेश शानदार जगह है। गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है। कम बजट में घूमने वालों के लिए यह जगह सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अगर आप गर्मियों में भी बर्फ का अनुभव लेना चाहते हैं तो लद्दाख का खारदुंगला एक अनोखा विकल्प है। दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में शामिल यह स्थान गर्मियों में भी बर्फ से ढका रहता है, हालांकि यहां जाने से पहले परमिट और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। हिमाचल की स्पीति घाटी कोल्ड डेजर्ट के रूप में मशहूर है। यहां का शांत वातावरण, बर्फीले पहाड़ और चंद्रताल झील पर्यटकों को एक अलग अनुभव देते हैं। मई-जून में भी यहां ठंडक बनी रहती है। वहीं गुलमर्ग (कश्मीर) गर्मियों में भी ठंडा और बेहद खूबसूरत बना रहता है। यहां की बर्फ से ढकी चोटियां और वादियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। बजट ट्रैवल की बात करें तो दिल्ली से लगभग 2500 से 5000 रुपये में भी कई जगहों की यात्रा प्लान की जा सकती है। कसोल, नैनीताल, चैल और अन्य हिल स्टेशन कम खर्च में बेहतरीन अनुभव देते हैं। कुल मिलाकर, ये सभी डेस्टिनेशन गर्मियों में न सिर्फ राहत देते हैं बल्कि परिवार के साथ यादगार छुट्टियां बिताने का शानदार मौका भी प्रदान करते हैं।

नौतपा 2026: इन दानों से सूर्य देव की कृपा और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें

नई दिल्ली । हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। इस अवधि में सूर्य देव अपनी चरम ऊर्जा पर होते हैं और धरती पर भीषण गर्मी महसूस की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय किए गए दान-पुण्य से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही, पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। साल 2026 में नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे दान भी बड़ा पुण्य प्रदान करते हैं और कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में गेहूं और चावल का दान सबसे उत्तम माना गया है। इससे घर में अन्न की कमी नहीं होती और पितृ भी प्रसन्न होते हैं। गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न दान करना अत्यंत शुभ फल देता है। गर्मी के इस मौसम में खरबूजे का दान भी विशेष महत्व रखता है। इसमें जल की मात्रा अधिक होती है, जिससे प्यासे लोगों को राहत मिलती है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इसी तरह जल दान यानी प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इससे जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। नौतपा में शरबत का दान भी अत्यंत शुभ माना जाता है। राहगीरों और जरूरतमंदों को ठंडा शरबत पिलाने से सूर्य और चंद्र दोनों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे यश और सम्मान बढ़ता है। इसके अलावा पंखा दान भी बहुत फलदायी माना गया है। मंदिर, अस्पताल या जरूरतमंदों को पंखा देने से जीवन में सुख-शांति आती है और दरिद्रता दूर होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में सूर्य देव की उपासना का भी विशेष महत्व है। इस दौरान सुबह सूर्य को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और जरूरतमंदों की सहायता करना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। कुल मिलाकर, नौतपा का यह समय केवल भीषण गर्मी का नहीं बल्कि दान-पुण्य के जरिए जीवन में शुभता और समृद्धि लाने का भी विशेष अवसर माना जाता है।