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आपकी चाल में छिपा है लंबी जिंदगी का राज: रिसर्च में सामने आया तेज और धीमी चाल का चौंकाने वाला असर

नई दिल्ली। स्वस्थ और लंबी जिंदगी जीना लगभग हर व्यक्ति की इच्छा होती है। बेहतर खानपान, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली को लंबे जीवन का आधार माना जाता है, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस विषय में एक दिलचस्प पहलू सामने रखा है। अध्ययन के अनुसार केवल पैदल चलना ही नहीं, बल्कि चलने की गति भी व्यक्ति की संभावित उम्र और स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकती है। यह दावा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि रोजमर्रा की आदत से जुड़ा यह पहलू जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़ा माना जा रहा है। शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में बड़ी संख्या में लोगों की जीवनशैली और चलने की आदतों का विश्लेषण किया। अध्ययन के दौरान यह समझने की कोशिश की गई कि तेज गति से चलने और धीमी गति से चलने वाले लोगों के स्वास्थ्य और जीवन अवधि में क्या अंतर दिखाई देता है। शोध में पाया गया कि नियमित रूप से तेज चाल में चलने वाले लोगों की संभावित उम्र अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। वहीं धीमी गति से चलने वाले कुछ समूहों में जीवन अवधि अपेक्षाकृत कम देखी गई। अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया कि केवल शरीर का वजन या बाहरी शारीरिक स्थिति ही बेहतर स्वास्थ्य का पैमाना नहीं हो सकती। इसके बजाय व्यक्ति की सक्रिय जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियां ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग अधिक सक्रिय रहते हैं और नियमित रूप से तेज गति से चलते हैं, उनमें स्वास्थ्य संबंधी कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे शरीर की कार्यक्षमता और फिटनेस स्तर बेहतर होने की संभावना भी बढ़ती है। एक अन्य अध्ययन में इस विषय से जुड़ा जैविक कारण भी समझने की कोशिश की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि शरीर की कोशिकाओं और उम्र बढ़ने के बीच संबंध रखने वाले कुछ जैविक तत्वों का संबंध चलने की गति से भी हो सकता है। अध्ययन में यह संकेत मिला कि तेज चाल से चलने वाले लोगों में शरीर के कुछ ऐसे संकेतक बेहतर स्थिति में पाए गए, जिन्हें उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार ये संकेतक व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और भविष्य की शारीरिक स्थिति को समझने में मदद कर सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल तेज चलना ही लंबी उम्र की गारंटी नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण जैसे कई कारक एक स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। फिर भी यह अध्ययन संकेत देता है कि रोजमर्रा की एक साधारण आदत, जैसे चलने की गति, भी व्यक्ति के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक असर डाल सकती है। ऐसे में सक्रिय जीवनशैली अपनाना और नियमित रूप से पैदल चलना स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

बेली फैट कम करने के लिए कौन ज्यादा असरदार? जीरा पानी और मेथी पानी को लेकर एक्सपर्ट ने दूर किया बड़ा कन्फ्यूजन

नई दिल्ली। आजकल वजन कम करने के लिए लोग केवल जिम और डाइटिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि घरेलू उपायों और डिटॉक्स ड्रिंक्स की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है। खासकर सुबह खाली पेट पी जाने वाली कुछ पारंपरिक ड्रिंक्स लोगों के बीच काफी चर्चा में रहती हैं। इनमें जीरा पानी और मेथी पानी का नाम सबसे ऊपर आता है। सोशल मीडिया और हेल्थ ट्रेंड्स के दौर में इन दोनों ड्रिंक्स को लेकर कई दावे किए जाते हैं कि ये तेजी से वजन कम करने, पेट की चर्बी घटाने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों को लेकर लोगों के बीच कई गलतफहमियां भी मौजूद हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जीरा पानी और मेथी पानी दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन दोनों का काम करने का तरीका अलग है। इसलिए यह कहना कि इनमें से कोई एक सभी लोगों के लिए सबसे बेहतर है, पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, खानपान, पाचन क्षमता और लाइफस्टाइल के आधार पर इनके प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं। जीरा पानी को लंबे समय से पाचन सुधारने वाले घरेलू उपाय के रूप में देखा जाता रहा है। माना जाता है कि यह पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, ब्लोटिंग और अपच में राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है। जब पाचन बेहतर होता है तो शरीर भोजन को सही तरीके से प्रोसेस कर पाता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में अप्रत्यक्ष सहायता मिल सकती है। इसके अलावा शरीर में जमा अतिरिक्त पानी और भारीपन की समस्या कम होने से हल्कापन महसूस हो सकता है। दूसरी तरफ मेथी पानी का प्रभाव भूख नियंत्रण से जोड़कर देखा जाता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करा सकता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है। जिन लोगों को अनावश्यक स्नैकिंग या ओवरईटिंग की आदत होती है, उनके लिए यह उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अलावा ब्लड शुगर संतुलन में मदद मिलने से भी अचानक लगने वाली भूख कम हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि इन ड्रिंक्स को वजन घटाने का जादुई उपाय मानना सही नहीं होगा। केवल जीरा या मेथी पानी पीने से तेजी से फैट लॉस होने की उम्मीद करना वास्तविकता से दूर हो सकता है। वजन घटाने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, पानी का सही सेवन और तनाव नियंत्रण जैसे कई कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इन ड्रिंक्स का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट संबंधी दिक्कतें या अन्य परेशानियां हो सकती हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं, मधुमेह की दवा लेने वालों और किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों को ऐसे घरेलू उपाय अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली की जगह कोई एक ड्रिंक नहीं ले सकती, बल्कि यह केवल अच्छी आदतों को सपोर्ट करने का काम करती है।

ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम क्या है? जानिए कैसे बिगड़ सकती है आपकी स्किन

नई दिल्ली। आज के दौर में ग्लोइंग और बेदाग त्वचा पाने की चाहत में लोग कई तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया, ब्यूटी इन्फ्लुएंसर्स और वायरल ट्रेंड्स के प्रभाव में आकर लोग एक साथ कई सीरम, क्रीम, एक्सफोलिएटर और एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना लेते हैं। लेकिन त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार जरूरत से ज्यादा स्किन केयर करना अब एक नई समस्या बनकर सामने आ रहा है, जिसे “ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम” कहा जा रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्किन की भी एक प्राकृतिक सुरक्षा परत होती है, जिसे बार-बार फेसवॉश, स्क्रब, एसिड बेस्ड प्रोडक्ट्स और केमिकल युक्त कॉस्मेटिक्स से नुकसान पहुंच सकता है। जब लोग बिना जरूरत कई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो त्वचा की नैचुरल बैरियर कमजोर होने लगती है। इसका असर जलन, लालपन, ड्रायनेस, पिंपल्स और एलर्जी के रूप में दिखाई देता है। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, ओवर-स्किनकेयर सिंड्रोम के सबसे सामान्य लक्षणों में त्वचा का अत्यधिक संवेदनशील हो जाना, बार-बार दाने निकलना, चेहरे पर खुजली, स्किन का छिलना और लगातार रूखापन शामिल हैं। कई बार लोग इन समस्याओं को ठीक करने के लिए और ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि हर चमकदार या वायरल प्रोडक्ट हर स्किन टाइप के लिए सही नहीं होता। बिना विशेषज्ञ की सलाह के एक्टिव इंग्रीडिएंट्स जैसे रेटिनॉल, सैलिसिलिक एसिड, विटामिन-सी और केमिकल पील्स का अधिक उपयोग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्किनकेयर रूटीन हमेशा सरल और संतुलित होना चाहिए। एक अच्छे फेसवॉश, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल ज्यादातर लोगों के लिए पर्याप्त होता है। इसके अलावा त्वचा को पर्याप्त आराम देना, पानी ज्यादा पीना और संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार स्किन संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो घरेलू प्रयोग या सोशल मीडिया ट्रेंड्स अपनाने की बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर माना जाता है। ब्यूटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वस्थ त्वचा पाने का मतलब केवल ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाना नहीं, बल्कि त्वचा की जरूरत को समझकर सही देखभाल करना है।

26 मई 2026 राशिफल: कुंभ राशि को करियर में लाभ, कई राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल । 26 मई 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। कुछ लोगों को करियर और व्यापार में सफलता मिलने के योग हैं, तो कुछ राशियों को आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सोमवार का दिन विशेष रूप से कुंभ राशि वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। मेष राशि के लोगों में ऊर्जा और आत्मविश्वास बना रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन आर्थिक दृष्टि से मजबूत रहने वाला है। पुराने रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और किसी करीबी से अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी रखने की सलाह दी गई है। मिथुन राशि वालों के लिए करियर में नए अवसर बनने की संभावना है। मित्रों का सहयोग मिलेगा और यात्रा के योग भी बन सकते हैं। हालांकि मानसिक तनाव से बचने की जरूरत होगी। कर्क राशि के लोगों को नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। सिंह राशि वालों को व्यापार में लाभ और सामाजिक सम्मान मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। वहीं कन्या राशि के जातकों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन छोटे-छोटे लाभ मिलते रहेंगे। तुला राशि वालों के लिए नए संपर्क भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की और परिवार में शुभ कार्यों की चर्चा संभव है। वृश्चिक राशि के जातकों को पुराने विवादों से राहत मिल सकती है, लेकिन व्यापार में सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होगा। धनु राशि के लोगों के लिए भाग्य का साथ मिलने के योग हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। मकर राशि के जातकों का दिन कामकाज में व्यस्तता भरा रहेगा, हालांकि परिवार का सहयोग उन्हें मानसिक राहत देगा। कुंभ राशि वालों के लिए 26 मई बेहद शुभ माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलने के प्रबल संकेत हैं। अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है और निवेश के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा। वहीं मीन राशि के लोगों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी गई है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सोमवार का दिन सकारात्मक सोच और संयम के साथ बिताने से कई राशियों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।