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RCB को रहना होगा सतर्क: क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के ये 5 खिलाड़ी पलट सकते हैं पूरा मैच

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। बल्लेबाजी में साई सुदर्शन और शुभमन गिल की विस्फोटक जोड़ी से लेकर गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज की धार तक, जीटी के पास कई ऐसे हथियार हैं जो आरसीबी के फाइनल में पहुंचने के सपने को तोड़ सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा इस समय साई सुदर्शन हैं। आईपीएल 2026 में उनका बल्ला जमकर बोल रहा है। सुदर्शन इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं और उन्होंने 14 मैचों में 638 रन ठोक दिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता दोनों नजर आई हैं। अगर आरसीबी को मुकाबले में वापसी करनी है, तो उन्हें शुरुआती ओवरों में सुदर्शन का विकेट निकालना बेहद जरूरी होगा। सुदर्शन के साथ कप्तान शुभमन गिल ने भी गुजरात को कई शानदार शुरुआत दिलाई हैं। गिल इस सीजन 616 रन बना चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी काफी आक्रामक रहा है। बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखने वाले गिल पावरप्ले में मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल सकते हैं। धर्मशाला की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर गिल आरसीबी के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। मिडिल ऑर्डर में जोस बटलर गुजरात की सबसे बड़ी ताकत हैं। बड़े मैचों में उनका अनुभव टीम के काम आता है। बटलर इस सीजन 469 रन बना चुके हैं और कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाल चुके हैं। अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं, तो बटलर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से आरसीबी पर दबाव बना सकते हैं। गेंदबाजी में कगिसो रबाडा गुजरात के तुरुप का इक्का हैं। उनकी तेज रफ्तार और उछाल भरी गेंदें किसी भी बल्लेबाजी क्रम को हिला सकती हैं। 24 विकेट लेकर रबाडा इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। धर्मशाला की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों को मदद देती हैं और ऐसे में रबाडा आरसीबी के टॉप ऑर्डर के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं। वहीं, मोहम्मद सिराज भी इस मुकाबले में खास भूमिका निभा सकते हैं। सिराज आरसीबी के पूर्व खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वह टीम के बल्लेबाजों की कमजोरियों को अच्छी तरह जानते हैं। नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता गुजरात को बढ़त दिला सकती है। कुल मिलाकर गुजरात टाइटंस के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऐसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबला पलट सकते हैं। ऐसे में पहला क्वालिफायर बेहद रोमांचक और हाई-प्रेशर मुकाबला होने की उम्मीद है।

RCB के इन 5 खिलाड़ियों से GT को सबसे बड़ा खतरा: क्वालिफायर-1 में बदल सकते हैं मैच का रुख

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच हाईवोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच इस सीजन कांटे की टक्कर देखने को मिली है, लेकिन प्लेऑफ के दबाव वाले मैच में आरसीबी के कुछ खिलाड़ी गुजरात के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। विराट कोहली की अनुभवी बल्लेबाजी से लेकर भुवनेश्वर कुमार की घातक स्विंग तक, आरसीबी के कई मैच विनर खिलाड़ी जीटी की मुश्किलें बढ़ाने के लिए तैयार हैं। सबसे पहले बात विराट कोहली की। बड़े मैचों में विराट का रिकॉर्ड हमेशा शानदार रहा है और इस सीजन भी वह जबरदस्त लय में दिखाई दिए हैं। 14 मैचों में 557 रन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि दबाव में उनका बल्ला और ज्यादा खतरनाक हो जाता है। अगर कोहली शुरुआती ओवरों में टिक गए, तो गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है। आरसीबी के लिए इस बार देवदत्त पडिक्कल भी एक्स फैक्टर बनकर उभरे हैं। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ जिम्मेदारी भी दिखाई है। 171 के स्ट्राइक रेट से 433 रन बनाकर पडिक्कल ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। धर्मशाला जैसे बल्लेबाजों के अनुकूल मैदान पर उनकी टाइमिंग और तेज रन गति गुजरात के लिए चिंता बढ़ा सकती है। टीम के कप्तान रजत पाटीदार भी शानदार फॉर्म में हैं। उनकी कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी ने आरसीबी को नई पहचान दी है। 183 के स्ट्राइक रेट से लगभग 400 रन बनाने वाले रजत मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बटोरते हैं। खास बात यह है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका अटैकिंग गेम गुजरात के पेस अटैक की रणनीति बिगाड़ सकता है। गेंदबाजी में आरसीबी की सबसे बड़ी उम्मीद भुवनेश्वर कुमार हैं। इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल भुवनेश्वर नई गेंद से बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। अगर वह पावरप्ले में शुभमन गिल और साई सुदर्शन की जोड़ी को जल्दी तोड़ देते हैं, तो मैच का रुख पूरी तरह आरसीबी की तरफ जा सकता है। वहीं, आखिरी ओवरों में टिम डेविड गुजरात के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन सकते हैं। छोटी बाउंड्री वाले धर्मशाला स्टेडियम में डेविड की विस्फोटक बल्लेबाजी मैच पलटने का दम रखती है। लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले डेविड कुछ गेंदों में ही मुकाबले का नतीजा बदल सकते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो आरसीबी के पास अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। ऐसे में पहला क्वालिफायर रोमांच से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है और गुजरात टाइटंस को फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए आरसीबी के इन पांच खिलाड़ियों से खास तौर पर सावधान रहना होगा।

IPL 2026 क्वालिफायर-1 में रोमांचक भिड़ंत: RCB बनाम GT, जानें किसका पलड़ा भारी हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के प्लेऑफ चरण की शुरुआत एक बड़े मुकाबले के साथ होने जा रही है, जहां पहले क्वालिफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी। यह हाई-वोल्टेज मुकाबला मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेंगी। आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला है। दोनों टीमों के बीच कुल 8 मैच खेले गए हैं, जिसमें दोनों ने 4-4 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि दोनों टीमें एक-दूसरे को बराबरी की टक्कर देती रही हैं। आईपीएल 2026 में दोनों टीमों की भिड़ंतों में भी रोमांच देखने को मिला है। पहली बार जब दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं, तब आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट से जीत दर्ज की थी। वहीं, दूसरी भिड़ंत में गुजरात टाइटंस ने वापसी करते हुए आरसीबी को 4 विकेट से हराकर हिसाब बराबर कर दिया। प्लेऑफ में आरसीबी का रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है। टीम अब तक तीन बार पहले क्वालिफायर में खेल चुकी है, जिसमें दो बार उसे जीत मिली है। 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार के अलावा टीम ने 2016 में गुजरात लायंस और 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं गुजरात टाइटंस का प्रदर्शन भी क्वालिफायर मुकाबलों में मिला-जुला रहा है। टीम ने 2022 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में धर्मशाला की ठंडी हवाओं के बीच यह मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां दोनों टीमें फाइनल की टिकट हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाएंगी।

ईंधन बाजार में फिर झटका, दिल्ली में सीएनजी ₹83 के पार, कच्चे तेल की तेजी से बढ़ा दबाव

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश सहित देशभर में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं को भी महंगाई का नया झटका लगा है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि लागू कर दी गई है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में सीएनजी अब 83.09 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होगी। हाल के दिनों में ईंधन बाजार में लगातार हो रहे संशोधन ने परिवहन क्षेत्र से लेकर आम घरेलू बजट तक व्यापक असर डालना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सीएनजी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। पिछले 11 दिनों के दौरान इसकी कीमत में कुल 6 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है। अलग-अलग तारीखों में कई चरणों में बढ़ोतरी की गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है। सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल की तुलना में किफायती विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन मौजूदा बढ़ोतरी के बाद इसका लाभ पहले की अपेक्षा कम होता दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी सेवाओं और निजी वाहनों का बड़ा वर्ग सीएनजी पर निर्भर करता है, ऐसे में कीमतों में यह बदलाव सीधे लाखों लोगों को प्रभावित कर सकता है। सीएनजी से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सोमवार को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी में नई दरों के बाद पेट्रोल और डीजल दोनों ही ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले दस दिनों में कई बार ईंधन दरों में संशोधन किया गया है, जिससे वाहन चालकों के लिए रोजाना का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ईंधन कीमतों में हो रही वृद्धि का प्रभाव केवल निजी वाहन उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका असर माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से बाजार में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। जब परिवहन लागत बढ़ती है तो इसका सीधा असर रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में आम जनता को अप्रत्यक्ष रूप से और अधिक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी सीएनजी की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में नई दरें पहले से अधिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं। मुंबई में भी सीएनजी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि यह प्रभाव केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं है बल्कि देश के कई हिस्सों में ऊर्जा बाजार दबाव की स्थिति में है। विशेषज्ञ वैश्विक परिस्थितियों को इस तेजी की प्रमुख वजह मान रहे हैं। मध्य-पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाला उतार-चढ़ाव घरेलू ईंधन कीमतों पर सीधा प्रभाव डालता है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

WhatsApp ला रहा ‘Sensitive Content Hide’ फीचर, मैसेज भेजने से पहले स्पॉयलर और जरूरी जानकारी हो सकेगी ब्लर

नई दिल्ली। WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक नया और बेहद काम का फीचर लाने की तैयारी में है, जिसकी मदद से मैसेज भेजने से पहले ही सेंसिटिव या स्पॉयलर कंटेंट को हाइड किया जा सकेगा। यह फीचर फिलहाल डेवलपमेंट स्टेज में है और आने वाले समय में इसकी बीटा टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नया फीचर एक एडवांस टेक्स्ट फॉर्मेटिंग टूल की तरह काम करेगा। इसमें यूजर किसी भी मैसेज के चुने हुए हिस्से को ब्लर या हाइड मार्क कर सकेगा। जब यह मैसेज रिसीवर को पहुंचेगा, तो उसे छिपे हुए हिस्से को देखने के लिए उस पर टैप करना होगा। इससे यूजर कंटेंट को पूरी तरह ओपन करने से पहले कंट्रोल कर सकेगा। यह फीचर खासतौर पर स्पॉयलर कंटेंट के लिए काफी उपयोगी माना जा रहा है, जैसे कि मूवी, वेब सीरीज, मैच रिजल्ट या किसी ऐसी जानकारी को शेयर करना जिसे तुरंत दिखाना जरूरी नहीं होता। इससे चैटिंग ज्यादा सेफ और व्यवस्थित हो जाएगी और अनचाहे स्पॉयलर से बचाव होगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह फीचर सिर्फ टेक्स्ट तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इसे मीडिया कैप्शन, फोटो और वीडियो पर भी लागू किया जा सकता है, जिससे यूजर्स किसी भी संवेदनशील या जरूरी हिस्से को शेयर करने से पहले हाइड कर सकेंगे। इसके साथ ही WhatsApp एक और प्राइवेसी फीचर पर काम कर रहा है, जिसे “After Reading” नाम दिया जा सकता है। इस फीचर के तहत यूजर यह सेट कर सकेगा कि मैसेज पढ़ने के तुरंत बाद वह अपने आप डिलीट हो जाए या फिर 5 मिनट, 1 घंटे या 12 घंटे के भीतर गायब हो जाए। यह मौजूदा Disappearing Messages फीचर का और एडवांस वर्जन होगा। कुल मिलाकर WhatsApp लगातार अपने प्लेटफॉर्म को ज्यादा प्राइवेसी-कंट्रोल और यूजर फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम कर रहा है, और यह नया फीचर उसी अपग्रेड का हिस्सा माना जा रहा है।

मां की उम्मीद ने तोड़ा दिल: बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक प्रार्थना, डेडबॉडी से खून बहता रहा

विदिशा । विदिशा जिले में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां अपने बेटे की मौत के बाद भी उसे जीवित मानकर पांच दिनों तक उसके शव के पास बैठी रही और लगातार प्रार्थना करती रही। महिला ने बेटे के सीने पर बाइबिल रख दी थी और उसे जिंदा करने की उम्मीद में लगातार धार्मिक अनुष्ठान करती रही। मृतक की पहचान शीनू वर्गिस (42) के रूप में हुई है, जो मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का काम करता था और कुछ समय से अपनी मां के साथ विदिशा में रह रहा था। पिता की मौत के बाद वह मां की देखभाल के लिए उनके साथ रह रहा था। पड़ोसियों और पुलिस के अनुसार, महिला मरियमा वर्गिस ने बेटे की मौत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें विश्वास था कि प्रार्थना और बाइबिल रखने से उनका बेटा वापस जीवित हो जाएगा। इसी कारण शव को घर में ही रखा गया और अंतिम संस्कार नहीं किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब दूध विक्रेता सुबह घर पर पहुंचा और दरवाजे के नीचे से तेज दुर्गंध और खून बहता देखा। इसके बाद आसपास के लोगों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो महिला ने उन्हें घर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की और दरवाजा बंद करने का प्रयास भी किया। काफी समझाने के बाद पुलिस अंदर दाखिल हुई, जहां कमरे में शीनू का शव पड़ा मिला। शव के ऊपर बाइबिल रखी हुई थी और धार्मिक सामग्री भी मौजूद थी। पुलिस के अनुसार, शव लगभग पांच दिन पुराना था और उसमें दुर्गंध तथा कीड़े लग चुके थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लंबे समय से बीमार था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। महिला को निगरानी में रखा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। यह घटना न सिर्फ मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि मानसिक स्थिति और जागरूकता को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है।

watchOS 27 में Apple Watch को मिलेगा बड़ा हेल्थ अपग्रेड, हार्ट-रेट ट्रैकिंग होगी और ज्यादा स्मार्ट

Apple Watch यूजर्स के लिए आने वाला watchOS 27 अपडेट इस बार बड़े डिजाइन बदलावों की बजाय हेल्थ और परफॉर्मेंस सुधारों पर फोकस करता नजर आ सकता है। ब्लूमबर्ग के जाने-माने टेक पत्रकार Mark Gurman की रिपोर्ट के मुताबिक Apple इस अपडेट में सिस्टम को ज्यादा स्थिर और स्मूद बनाने के साथ-साथ कुछ अहम हेल्थ फीचर्स को भी अपग्रेड कर सकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि watchOS 27 में सबसे बड़ा बदलाव हार्ट-रेट ट्रैकिंग फीचर को लेकर देखने को मिल सकता है। Apple अपनी मौजूदा सेंसर तकनीक और एल्गोरिद्म को और बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, जिससे हार्ट-रेट डेटा पहले से ज्यादा सटीक और भरोसेमंद मिल सकेगा। यह सुधार उन यूजर्स के लिए खास होगा जो फिटनेस और हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए Apple Watch का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल Apple Watch में ECG, अनियमित हार्टबीट अलर्ट, स्लीप ट्रैकिंग और कई फिटनेस मैट्रिक्स जैसे एडवांस हेल्थ फीचर्स पहले से मौजूद हैं। ऐसे में हार्ट-रेट ट्रैकिंग में सुधार इस पूरे हेल्थ इकोसिस्टम को और मजबूत बना सकता है। हालांकि रिपोर्ट यह भी बताती है कि इस बार Apple किसी बड़े विजुअल या डिजाइन चेंज की योजना में नहीं है। यानी यूजर्स को नया इंटरफेस या बड़ा UI बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, बल्कि छोटे लेकिन उपयोगी सुधारों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही Apple अंदरूनी तौर पर अपने AI आधारित हेल्थ प्रोजेक्ट “Project Mulberry” पर भी काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य ऐसा AI सिस्टम तैयार करना है जो Apple Health डेटा के आधार पर यूजर्स को हेल्थ इनसाइट्स और सलाह दे सके। लेकिन फिलहाल इसकी रफ्तार धीमी बताई जा रही है, इसलिए AI हेल्थ कोचिंग फीचर्स iOS 27 के शुरुआती वर्जन में आने की संभावना कम है। रिपोर्ट्स के अनुसार Apple अपने Health ऐप को भी नए डिजाइन और स्मार्ट फीचर्स के साथ अपडेट कर सकता है, लेकिन यह बदलाव iOS 27.1 या उसके बाद के अपडेट्स में देखने को मिल सकता है। इससे यूजर्स को हेल्थ डेटा को समझने और ट्रैक करने का ज्यादा आसान और AI-आधारित अनुभव मिलेगा। कुल मिलाकर watchOS 27 का फोकस बड़े बदलावों से ज्यादा स्थिरता, बेहतर परफॉर्मेंस और हेल्थ फीचर्स को ज्यादा स्मार्ट बनाने पर रहेगा।

विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना

विदिशा । विदिशा शहर के माधवगंज चौराहे स्थित होटल राजावत में मंगलवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब होटल के मीटर बॉक्स से धुआं निकलता देखा गया। शुरुआती तौर पर कर्मचारियों को स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन कुछ ही देर में चिंगारियां निकलने लगीं और आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया। होटल स्टाफ ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। साथ ही होटल में मौजूद अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग को फैलने से पहले ही मीटर बॉक्स तक सीमित कर दिया गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पानी डालकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। होटल संचालक महिपाल सिंह ने बताया कि यदि मौके पर अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं होते तो आग तेजी से फैल सकती थी और होटल को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। संचालक ने अन्य व्यापारियों, होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

स्वच्छ ऊर्जा मिशन को बड़ी उड़ान, रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ दुनिया का विशाल बैटरी ऊर्जा भंडारण नेटवर्क

नई दिल्ली । भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की शुरुआत कर ऊर्जा क्षेत्र में नया वैश्विक रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के अनुसार यह चीन के बाहर अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजना है और इसे दुनिया में सबसे तेज गति से पूरी की गई उपयोगिता स्तर की बैटरी भंडारण परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इस उपलब्धि को भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आने वाले वर्षों में ऊर्जा भंडारण तकनीक स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ बन सकती है। खावड़ा स्थित इस परियोजना की संचयी क्षमता अब 3.37 गीगावाट-घंटे तक पहुंच गई है। मार्च 2026 के दौरान इसमें 1.37 गीगावाट-घंटे की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई, जिससे परियोजना की कुल परिचालन क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे देश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे बिजली भंडारण प्रणालियों की जरूरत भी तेजी से बढ़ती जा रही है। सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोत पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प माने जाते हैं, लेकिन इनकी उपलब्धता प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर होती है। ऐसे में बैटरी स्टोरेज सिस्टम अतिरिक्त ऊर्जा को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उपयोग के लिए उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। कंपनी का मानना है कि बड़े स्तर पर ऊर्जा भंडारण भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के अगले चरण में निर्णायक भूमिका निभाने वाला है। जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तेजी से बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौबीसों घंटे भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में मजबूत ऊर्जा भंडारण ढांचा भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बैटरी स्टोरेज सिस्टम न केवल बिजली संग्रहित करेगा बल्कि ग्रिड स्थिरता को भी मजबूत बनाएगा, जिससे पीक डिमांड के दौरान ऊर्जा उपलब्धता बनाए रखना आसान हो सकेगा। बताया जा रहा है कि यह विशाल ऊर्जा भंडारण क्षमता लगभग दस लाख घरों को पूरे दिन तक बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम है। इसके अलावा यह इंदौर, चंडीगढ़ और पूरे गोवा जैसे क्षेत्रों की उच्चतम बिजली मांग को भी संभाल सकती है। परियोजना की क्षमता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि यह 12 मिलियन से अधिक एलईडी बल्बों को लगातार कई घंटों तक बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम है। विशेषज्ञ इसे हरित ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाली तकनीक के रूप में देख रहे हैं। इस परियोजना की एक और बड़ी उपलब्धि इसकी निर्माण गति रही। कंपनी के अनुसार ऑन-साइट निर्माण शुरू होने के केवल दस महीनों के भीतर इस विशाल परियोजना को तैयार कर संचालन में लाया गया। भविष्य की योजनाओं के तहत कंपनी वित्त वर्ष 2027 तक 10 गीगावाट-घंटे से अधिक अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ने और अगले पांच वर्षों में इसे 50 गीगावाट-घंटे तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। खावड़ा में विकसित हो रहे विशाल नवीकरणीय ऊर्जा नेटवर्क के साथ यह परियोजना भारत के ऊर्जा भविष्य को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखी जा रही है।

iPhone 18 Pro सीरीज में अब तक का सबसे बड़ा डिस्प्ले? Pro और Pro Max मॉडल में मिल सकता है नया रिकॉर्ड साइज

नई दिल्ली। एप्पल के अपकमिंग फ्लैगशिप iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर बड़ी लीक्स सामने आई हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि कंपनी इस बार डिस्प्ले साइज में बड़ा बदलाव कर सकती है। रिपोर्ट्स और टिप्स्टर जानकारी के मुताबिक iPhone 18 Pro में 6.4 इंच और Pro Max में करीब 7 इंच तक का डिस्प्ले दिया जा सकता है। अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह अब तक का सबसे बड़ा iPhone डिस्प्ले होगा, क्योंकि अभी तक Apple 6.9 इंच से आगे नहीं गया है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लीक के अनुसार, इस बार डिजाइन में भी कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कहा जा रहा है कि iPhone 18 Pro मॉडल्स में Dynamic Island को और छोटा किया जा सकता है, जो मौजूदा मॉडल्स की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत तक कम होगा। इसके साथ ही Apple नया LTPO+ डिस्प्ले पैनल इस्तेमाल कर सकता है, जो पहले से ज्यादा पावर एफिशिएंट और स्मूद परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगा। बैटरी को लेकर भी बड़े अपडेट की चर्चा है। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि iPhone 18 Pro सीरीज में 5,100mAh से 5,200mAh तक की बैटरी मिल सकती है। वहीं Pro Max मॉडल में बड़ी बैटरी के कारण डिवाइस की मोटाई में हल्का इजाफा भी देखने को मिल सकता है। लॉन्चिंग टाइमलाइन को लेकर कहा जा रहा है कि Apple अपनी परंपरा के अनुसार सितंबर महीने में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर सकता है। लॉन्च के कुछ हफ्तों बाद इनकी बिक्री शुरू होने की उम्मीद है। कीमत की बात करें तो अनुमान है कि कंपनी इस बार भी मौजूदा Pro सीरीज के आसपास ही कीमत रख सकती है, यानी भारत में शुरुआती कीमत करीब 1.34 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। हालांकि ये सभी जानकारियां अभी लीक्स और अनुमान पर आधारित हैं, इसलिए असली फीचर्स और डिजाइन का खुलासा Apple के ऑफिशियल लॉन्च इवेंट में ही होगा।