Chambalkichugli.com

बुरहानपुर में वन्यजीवों का बढ़ता खतरा: भालू के हमले में किसान घायल, अस्पताल में भर्ती

बुरहानपुर । बुरहानपुर जिले में वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच बढ़ता टकराव चिंता का विषय बनता जा रहा है। धूलकोट थाना क्षेत्र के धोंड गांव में शनिवार सुबह एक भालू ने 60 वर्षीय किसान पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल किसान का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार धोंड गांव निवासी रायसिंह पिता मानसिंह शनिवार सुबह अपने खेत पर गए हुए थे। सुबह करीब नौ बजे अचानक एक भालू उनके सामने आ गया और हमला कर दिया। हमले में किसान के पैर और जांघ पर गंभीर चोटें आईं। दर्द और डर के बीच किसान ने जोर-जोर से आवाज लगाई, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के शोर मचाने और भीड़ जुटने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना तत्काल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को दी गई। 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायल किसान को प्राथमिक उपचार प्रदान किया। बाद में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बुरहानपुर रेफर कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार भीषण गर्मी और जलस्रोतों के सूखने के कारण वन्यप्राणी जंगलों से बाहर निकलकर रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। धूलकोट रेंज के अधिकारियों का कहना है कि पानी और भोजन की तलाश में भालू सहित अन्य वन्यजीव खेतों और गांवों के आसपास दिखाई दे रहे हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। गौरतलब है कि जिले में पिछले पांच दिनों के भीतर भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले उतर्नी गांव में बकरियां चरा रहे एक ग्रामीण पर भी भालू ने हमला किया था। उस घटना में घायल व्यक्ति का उपचार जिला अस्पताल में किया गया था और उसकी हालत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और जंगलों या खेतों में अकेले न जाने की सलाह दे रही हैं। साथ ही सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि यदि किसी क्षेत्र में भालू या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो तुरंत विभाग को सूचना दें और खुद उन्हें भगाने का प्रयास न करें। अधिकारियों का मानना है कि जनजागरूकता और सतर्कता से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल घायल किसान का उपचार जारी है और वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और लोग वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

200MP कैमरा और अगली पीढ़ी का प्रोसेसर, OnePlus 16 को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी

नई दिल्ली । प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में अपनी मजबूत पहचान रखने वाली कंपनी वनप्लस के आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 16 को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक इस डिवाइस की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हालिया लीक रिपोर्ट्स ने टेक्नोलॉजी जगत में इसकी चर्चा तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि OnePlus 16 को अत्याधुनिक AI फीचर्स, हाई-एंड कैमरा सिस्टम, दमदार बैटरी और अगली पीढ़ी के प्रोसेसर के साथ पेश किया जा सकता है। यदि सामने आई जानकारियां सही साबित होती हैं, तो यह डिवाइस कंपनी के अब तक के सबसे उन्नत स्मार्टफोन्स में शामिल हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार OnePlus 16 में 185Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले दिया जा सकता है। यह फीचर स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक नया मानक स्थापित कर सकता है, क्योंकि वर्तमान में अधिकांश फ्लैगशिप डिवाइस इससे कम रिफ्रेश रेट के साथ आते हैं। फोन में फ्लैट OLED डिस्प्ले पैनल और 1.5K रेजोल्यूशन मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही बेहद पतले बेज़ल्स और प्रीमियम डिजाइन इसे आकर्षक लुक प्रदान कर सकते हैं। उच्च रिफ्रेश रेट का लाभ गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और रोजमर्रा के उपयोग में अधिक स्मूद अनुभव के रूप में देखने को मिल सकता है। कैमरा विभाग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक स्मार्टफोन में 200 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल किया जा सकता है, जो 3x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करेगा। यह कैमरा लंबी दूरी की तस्वीरों को बेहतर डिटेल और स्पष्टता के साथ कैप्चर करने में सक्षम हो सकता है। मोबाइल फोटोग्राफी पसंद करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह फीचर विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है। इसके अलावा कंपनी कैमरा सॉफ्टवेयर और इमेज प्रोसेसिंग में भी AI आधारित सुधार जोड़ सकती है, जिससे फोटो और वीडियो क्वालिटी को और बेहतर बनाया जा सके। प्रोसेसर की बात करें तो OnePlus 16 में क्वालकॉम का अगली पीढ़ी का फ्लैगशिप चिपसेट दिए जाने की संभावना है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह डिवाइस स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 6 प्रो प्रोसेसर के साथ आ सकता है, जिसकी क्लॉक स्पीड 5GHz तक पहुंच सकती है। यह चिपसेट हाई-परफॉर्मेंस गेमिंग, मल्टीटास्किंग और AI आधारित प्रोसेसिंग के लिए बेहतर क्षमता प्रदान कर सकता है। तेज प्रोसेसिंग स्पीड और ऊर्जा दक्षता के कारण उपयोगकर्ताओं को अधिक स्मूद और शक्तिशाली अनुभव मिलने की उम्मीद है। स्मार्टफोन में एक नया डेडिकेटेड AI बटन भी दिए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस बटन के माध्यम से यूजर्स विभिन्न AI फीचर्स और स्मार्ट असिस्टेंट टूल्स तक तुरंत पहुंच सकेंगे। हालांकि इसके कार्य करने के तरीके को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। AI तकनीक पर बढ़ते फोकस को देखते हुए कंपनी इसे अपने प्रमुख आकर्षण के रूप में पेश कर सकती है। बैटरी क्षमता के मामले में भी OnePlus 16 मजबूत नजर आ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें लगभग 7000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो लंबे समय तक बैकअप प्रदान करने में सक्षम होगी। इससे गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और लगातार उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिल सकता है। फिलहाल कंपनी ने लॉन्च टाइमलाइन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि यह स्मार्टफोन वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बाजार में दस्तक दे सकता है।

हीटवेव का स्मार्टफोन पर भी असर, बढ़ती गर्मी में ओवरहीटिंग से फोन को बचाना क्यों है जरूरी

नई दिल्ली ।देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसका असर केवल लोगों की सेहत पर ही नहीं बल्कि उनके स्मार्टफोन पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती गर्मी के कारण मोबाइल फोन तेजी से गर्म हो रहे हैं, बैटरी अपेक्षा से अधिक तेजी से खत्म हो रही है और कई डिवाइसों में चार्जिंग तथा कैमरा संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ओवरहीटिंग की स्थिति स्मार्टफोन की कार्यक्षमता और उसकी उम्र दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। स्मार्टफोन आज दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं और उनका उपयोग संचार, बैंकिंग, मनोरंजन, फोटोग्राफी तथा कार्यालयी कार्यों तक के लिए किया जाता है। ऐसे में डिवाइस का बार-बार गर्म होना उपयोगकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बन रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अत्यधिक तापमान का सबसे ज्यादा असर बैटरी पर पड़ता है। लगातार गर्मी के संपर्क में रहने से बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे फोन की बैकअप क्षमता घट जाती है और चार्जिंग चक्र भी प्रभावित होता है। ओवरहीटिंग की स्थिति में स्मार्टफोन अपने आप कुछ सुरक्षा उपाय अपनाता है। इसे तकनीकी भाषा में थर्मल थ्रॉटलिंग कहा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान फोन का प्रोसेसर अपनी गति कम कर देता है ताकि आंतरिक तापमान नियंत्रित किया जा सके। इसके कारण फोन की परफॉर्मेंस धीमी हो सकती है, एप्लिकेशन खुलने में अधिक समय लग सकता है और गेमिंग या वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि यह व्यवस्था डिवाइस को नुकसान से बचाने के लिए बनाई गई है, लेकिन बार-बार ऐसा होना फोन के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म मौसम में फोन के उपयोग को लेकर कुछ सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। धूप में लंबे समय तक फोन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और यदि डिवाइस गर्म महसूस हो तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर रखना चाहिए। अत्यधिक गर्म फोन को तुरंत चार्जिंग पर लगाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि चार्जिंग प्रक्रिया स्वयं अतिरिक्त गर्मी उत्पन्न करती है। इससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और डिवाइस की सुरक्षा प्रणाली चार्जिंग को स्वतः रोक सकती है। गर्मी के मौसम में वाहन के अंदर फोन छोड़ना भी जोखिम भरा हो सकता है। बंद कार का तापमान बाहरी वातावरण की तुलना में काफी अधिक हो जाता है, जिससे फोन की बैटरी, स्क्रीन और कैमरा सेंसर प्रभावित हो सकते हैं। कई मामलों में बैटरी फूलने, स्क्रीन पर धब्बे आने या डिवाइस के अचानक बंद हो जाने जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं। विशेषज्ञ बैटरी सेवर मोड और डार्क मोड के उपयोग की भी सलाह देते हैं। इसके अलावा कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में 5जी सेवा को अस्थायी रूप से बंद करने से भी फोन की गर्मी कम की जा सकती है। सही उपयोग और सावधानी के जरिए स्मार्टफोन को भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है और उसकी कार्यक्षमता लंबे समय तक बरकरार रखी जा सकती है।

कचरा निपटान यूनिट के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा: डेढ़ घंटे तक रुका प्रशासनिक अमला

बड़वानी । बड़वानी जिले में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब नगर पालिका की टीम जमीन सीमांकन और कब्जा प्रक्रिया के लिए मौके पर पहुंची। बंधान ग्राम के समीप आमलिया पानी क्षेत्र में कचरा निपटान यूनिट स्थापित किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार नगर पालिका का अमला सीएमओ, इंजीनियरिंग टीम और अन्य अधिकारियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर निर्धारित स्थल पर पहुंचा था। कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि प्रशासनिक टीम को बड़वानी-सेंधवा मार्ग किनारे करीब डेढ़ घंटे तक रुकना पड़ा। ग्रामीणों ने ट्रेंचिंग ग्राउंड तक जाने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर पाइप और मोटरसाइकिलें खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने परियोजना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास पहले से ही आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहा है। यहां पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पानी की टंकी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण भी किया जा चुका है या निर्माणाधीन है। ऐसे में कचरा निपटान यूनिट बनने से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों और शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। कई बार जनसुनवाई और अन्य प्रशासनिक मंचों पर मामला उठाने के बाद भी समाधान नहीं निकला। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि परियोजना के लिए आवश्यक स्थानीय सहमति भी नहीं ली गई है। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने मार्ग खाली कराया और निर्माण कार्य शुरू करवाया। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई। तहसीलदार हितेंद्र भावसार ने बताया कि यहां कचरा निपटान यूनिट विकसित की जा रही है और इससे आसपास के ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजना सार्वजनिक हित में है तथा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का विरोध जारी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर आगे भी चर्चा और समाधान की संभावनाएं बनी हुई हैं।

BSNL का दमदार प्रीपेड प्लान बना ग्राहकों की पसंद, 150 दिन की वैलिडिटी के साथ रोज 2GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग

नई दिल्ली । भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और इसी बीच सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अपने लंबी वैलिडिटी वाले प्रीपेड प्लानों के कारण ग्राहकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। ऐसे समय में जब अधिकांश उपभोक्ता बार-बार रिचार्ज कराने की परेशानी से बचना चाहते हैं, कंपनी का 997 रुपये वाला प्रीपेड प्लान एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आया है। यह प्लान ग्राहकों को पूरे 150 दिनों की वैलिडिटी प्रदान करता है, जिससे लगभग पांच महीने तक दोबारा रिचार्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती। टेलीकॉम बाजार में आज उपभोक्ताओं की प्राथमिकता केवल डेटा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे ऐसे पैकेज तलाशते हैं जिनमें डेटा, कॉलिंग और मैसेजिंग जैसी सभी आवश्यक सेवाएं एक साथ उपलब्ध हों। BSNL का यह प्लान इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। प्लान के तहत ग्राहकों को प्रतिदिन 2GB हाई-स्पीड डेटा उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा देशभर में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा भी दी जाती है। साथ ही रोजाना 100 मुफ्त SMS का लाभ भी मिलता है, जिससे यह पैकेज सामान्य और पेशेवर दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी वैलिडिटी वाले प्लान उन लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक होते हैं जो अपने मोबाइल नंबर को लगातार सक्रिय रखना चाहते हैं और बार-बार रिचार्ज की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं। छात्रों, वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों, ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने वालों और नियमित इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए इस तरह के प्लान विशेष रूप से लाभदायक माने जाते हैं। प्रतिदिन मिलने वाला 2GB डेटा वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन मीटिंग, सोशल मीडिया उपयोग और सामान्य इंटरनेट गतिविधियों के लिए पर्याप्त माना जाता है। बाजार में मौजूद अन्य टेलीकॉम कंपनियों के समान श्रेणी के प्लानों की तुलना में BSNL का यह पैकेज वैलिडिटी के मामले में अलग पहचान बनाता है। जहां कई निजी कंपनियां लगभग समान कीमत पर सीमित अवधि की सेवा उपलब्ध कराती हैं, वहीं BSNL लंबी अवधि तक सेवाएं प्रदान कर ग्राहकों को अतिरिक्त सुविधा देने का प्रयास कर रही है। यही कारण है कि बजट और वैलिडिटी दोनों को महत्व देने वाले उपभोक्ताओं के बीच इस प्लान की चर्चा बढ़ रही है। दूरसंचार क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच BSNL लगातार अपने नेटवर्क विस्तार और ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे किफायती प्लान उपलब्ध कराना है जो आम उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा कर सकें। 997 रुपये वाला यह प्रीपेड प्लान भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें लंबी वैलिडिटी के साथ डेटा, कॉलिंग और मैसेजिंग जैसी सुविधाओं का संतुलित पैकेज दिया गया है। आने वाले समय में ऐसे प्लान उन ग्राहकों के लिए और अधिक आकर्षक साबित हो सकते हैं जो कम खर्च में अधिक अवधि तक निर्बाध मोबाइल सेवाओं का लाभ लेना चाहते हैं।

खंडवा में संवेदनशील मामला: गोवंश अवशेष मिलने के बाद तनाव, जांच में जुटी पुलिस

खंडवा| खंडवा जिले के मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत बड़ियातुला गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। शुक्रवार देर रात सामने आए इस मामले के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे गांव के बाहर सड़क किनारे पॉलिथीन में भरे गोवंश के अवशेष फेंके जाने की सूचना मिली। इसी दौरान आसपास के गांवों के कुछ युवक मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवाओं को देखकर संदिग्ध लोग वहां से भाग निकले और अपनी एक बाइक मौके पर छोड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद कुछ वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और बल तत्काल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घटनास्थल से गोवंश के अवशेष और एक बाइक जब्त कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रातभर जांच और तलाशी अभियान चलाया। शनिवार सुबह तड़के एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है और चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन लोगों से संयम बरतने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है।

खंडवा में मौसम ने ली करवट: ओंकारेश्वर-हरसूद में झमाझम बारिश, नौतपा की तपिश से मिली राहत

खंडवा । खंडवा जिले में नौतपा के पांचवें दिन शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब साढ़े आठ बजे आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ ओंकारेश्वर, मोरटक्का, हरसूद, रोशनी-पटाजन और खालवा क्षेत्र में झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। नौतपा के दौरान लगातार बढ़ रही गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन शनिवार सुबह हुई बारिश ने जनजीवन को राहत दी। कई क्षेत्रों में लोगों ने घरों से बाहर निकलकर मौसम का आनंद लिया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के अनुसार यह बारिश प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा नहीं है, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि इस बदलाव से लू का असर कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन गर्मी का दौर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा सकती है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन करते रहने को कहा गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है। बारिश के बाद जिले में मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है और लोगों को नौतपा की तपिश से अस्थायी राहत मिली है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

खरगोन में बड़ा अग्निकांड: कपड़े, ज्वेलरी और फर्नीचर जलकर खाक, दमकल ने दो घंटे बाद पाया काबू

खरगोन । खरगोन शहर के गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित एक शॉपिंग मॉल में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक कपड़ा शोरूम से अचानक धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और शोरूम में रखा लाखों रुपये का सामान उसकी चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। जानकारी के अनुसार आग गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित शॉपिंग मॉल के मल्टी मार्ट कपड़ा शोरूम में लगी। सुबह के समय जब अधिकांश दुकानें बंद थीं, तभी शोरूम की ऊपरी मंजिल से धुआं निकलता दिखाई दिया। मेन रोड से गुजर रहे लोगों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए तत्काल शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ और नगरपालिका के फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ का कहना है कि अलसुबह किसी विद्युत खराबी के कारण आग भड़की होगी, जिसने धीरे-धीरे पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही शोरूम में रखे रेडीमेड कपड़े, पैकिंग कार्टून, प्लास्टिक का सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फर्नीचर और अन्य सामग्री जलने लगी। आग के साथ उठ रहे घने धुएं ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया। दमकल कर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शोरूम में प्रवेश करने की थी। भवन में इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं होने के कारण अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया। ऐसे में दमकल दल ने जेसीबी मशीन की मदद से पहली मंजिल के कांच तोड़कर भीतर जाने का रास्ता बनाया। इसके बाद फायर फाइटर्स ने लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले अभियान के दौरान दमकलकर्मियों ने आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास की दुकानों और पूरे मॉल को भी अपनी चपेट में ले सकती थी। राहत की बात यह रही कि घटना सुबह के समय हुई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है। शोरूम में रखा अधिकांश माल पूरी तरह जलकर राख हो गया है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने भी भवनों में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई है। यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है। इमरजेंसी गेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव न केवल राहत कार्य में बाधा बनता है, बल्कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में जान-माल का नुकसान भी बढ़ा सकता है। फिलहाल प्रशासन और फायर विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हैं।

धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस

धार। धार शहर और आसपास के जेतपुरा क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि लोगों को तपती गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिल गई। सुबह करीब छह बजे आसमान पर घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह राहत की फुहार साबित हुई। पिछले कई दिनों से धार जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। तापमान लगातार 41.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। दिन के समय सड़कें सूनी नजर आती थीं और लोग गर्मी से बेहाल थे। ऐसे में शनिवार सुबह अचानक बदले मौसम ने लोगों को बड़ी राहत दी। सुबह होते-होते आसमान में बादलों का जमावड़ा दिखाई देने लगा। तेज हवाओं के साथ मौसम में ठंडक घुलने लगी और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान कई बार बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे क्षेत्र में बारिश का असर साफ दिखाई दिया और वातावरण पूरी तरह बदल गया। बारिश के कारण धार शहर और जेतपुरा के कई इलाकों में सड़कों तथा गलियों में पानी भर गया। कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। हालांकि बारिश का समय अधिक लंबा नहीं रहा, लेकिन उसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जगह-जगह पानी बहता दिखाई दिया और लोगों को आवागमन में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाएं चलने लगीं और वातावरण में ताजगी महसूस होने लगी। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोग घरों से बाहर निकल आए। शहर के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे राहत देने वाली बारिश रही। गर्मी से बेहाल लोगों को मौसम के इस बदलाव ने नई ऊर्जा दी है। बारिश के बाद पूरे दिन मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और खुशनुमा बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। इस बारिश का फायदा किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए शुभ संकेत बताया है। उनका कहना है कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी। लंबे समय से सूखी पड़ी जमीन को इस बारिश से राहत मिली है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह मौसम अनुकूल बना रहता है तो कृषि गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। फिलहाल बारिश के बाद धार और जेतपुरा क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, जबकि किसानों को भी बेहतर खेती की उम्मीद दिखाई देने लगी है।

डेटा ज्यादा या वैलिडिटी लंबी, सिर्फ ₹1 के अंतर वाले दो प्रीपेड प्लान ने बढ़ाई ग्राहकों की दिलचस्पी

नई दिल्ली । देश के दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और कंपनियां ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए-नए रिचार्ज विकल्प पेश कर रही हैं। इसी क्रम में एक प्रमुख टेलीकॉम कंपनी ने अपने प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिए ₹199 का नया प्लान बाजार में उतारा है। खास बात यह है कि कंपनी का ₹198 वाला प्लान भी पहले की तरह उपलब्ध है। दोनों योजनाओं के बीच कीमत का अंतर मात्र ₹1 है, लेकिन इनके लाभ और उपयोगिता को लेकर ग्राहकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि कौन-सा प्लान किस प्रकार के उपभोक्ताओं के लिए अधिक उपयुक्त साबित हो सकता है। ₹198 वाला प्लान उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो इंटरनेट का अधिक उपयोग करते हैं और तेज नेटवर्क सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं। इस प्लान में 14 दिनों की वैधता प्रदान की जाती है। उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 2 जीबी हाई-स्पीड डेटा मिलता है, जिसके आधार पर पूरे रिचार्ज अवधि में कुल 28 जीबी डेटा का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 एसएमएस की सुविधा भी दी जाती है। पात्र ग्राहकों को हाई-स्पीड 5G नेटवर्क का अतिरिक्त लाभ भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे डेटा उपयोग की सीमाएं काफी हद तक कम हो जाती हैं। यही वजह है कि अधिक इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के बीच यह प्लान आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दूसरी ओर नया ₹199 प्लान अलग सोच के साथ पेश किया गया है। इस योजना में ग्राहकों को प्रतिदिन 1.5 जीबी हाई-स्पीड डेटा उपलब्ध कराया जाता है। कुल मिलाकर उपभोक्ता पूरे रिचार्ज चक्र में 27 जीबी डेटा का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि डेटा की मात्रा ₹198 प्लान की तुलना में थोड़ी कम है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता 18 दिनों की वैधता है। यानी ग्राहकों को सिर्फ ₹1 अतिरिक्त खर्च करने पर चार दिन ज्यादा सेवा अवधि प्राप्त होती है। इस प्लान में भी अनलिमिटेड कॉलिंग और प्रतिदिन 100 एसएमएस की सुविधा शामिल है, जिससे सामान्य उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह एक संतुलित विकल्प बनकर उभरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी रिचार्ज योजना का चुनाव करते समय केवल कीमत नहीं बल्कि उपयोग की आवश्यकता को प्राथमिकता देनी चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के पास 5G समर्थित स्मार्टफोन है और जो वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग या अन्य डेटा-आधारित गतिविधियों का अधिक उपयोग करते हैं, उनके लिए ₹198 वाला प्लान अधिक लाभदायक माना जा सकता है। वहीं जिन ग्राहकों का दैनिक डेटा उपयोग सीमित है और जो अधिक वैधता की तलाश में रहते हैं, उनके लिए ₹199 का नया प्लान बेहतर मूल्य प्रदान करता है। बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियां अब केवल कम कीमत पर नहीं बल्कि अलग-अलग जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार करने पर जोर दे रही हैं। यही कारण है कि मात्र ₹1 के अंतर वाले ये दोनों प्लान अलग-अलग उपभोक्ता वर्ग को आकर्षित कर रहे हैं। ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपने डेटा उपयोग, नेटवर्क आवश्यकता और वैधता की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सही विकल्प का चयन करें, ताकि उन्हें अपने खर्च का अधिकतम लाभ मिल सके।