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जमीन विवाद में हत्या के बाद हंगामा, सीहोर में फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग तेज

सीहोर । सीहोर जिले में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसक घटना के बाद अब मामला प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। इछावर थाना क्षेत्र के कालापीपल में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से नाराज होकर शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। मृतक कैलाश चंद्र वर्मा के पुत्र विमलेश वर्मा ने एसडीओपी पूजा शर्मा को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया गया है। शिकायत के अनुसार 26 अप्रैल को जमीन विवाद को लेकर कुछ लोगों ने परिवार पर लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में कैलाश चंद्र वर्मा और उनके दोनों पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कैलाश चंद्र वर्मा की मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। परिजनों का कहना है कि केवल पांच आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि फरार आरोपी लगातार उन्हें धमकियां दे रहे हैं और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर समझौते का दबाव बना रहे हैं। परिजनों ने यह भी कहा कि आरोपियों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे परिवार में भय का माहौल है। धरना प्रदर्शन के दौरान परिवार ने सभी फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की। एसपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि शेष आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा

सागर । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुई बाइक चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। यह मामला सिंधी कैंप, संत कंवर राम वार्ड निवासी महेश कुमार आडवाणी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 28 मई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 मई की रात उन्होंने अपनी बाइक (MP 15 MH 0655) घर के बाहर खड़ी की थी, जो सुबह गायब मिली। गाड़ी चोरी होने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। लगातार सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने पगारा रोड स्थित सुभाष नगर निवासी 30 वर्षीय रीतेश जाटव (पिता हुकुमचंद जाटव) को हिरासत में लिया। थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी से अन्य संभावित चोरी की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि आशंका है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा हो सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई में CCTV तकनीक की अहम भूमिका रही, जिससे न केवल आरोपी की पहचान संभव हुई बल्कि चोरी गई बाइक भी बरामद हो सकी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच में जुटी हुई है। इस सफलता से स्थानीय लोगों में राहत है और पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन

सागर । सागर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पगारा और भैंसा क्षेत्रों में दबिश देकर नियम विरुद्ध विकसित की जा रही कॉलोनियों में बने पक्के निर्माण और बाउंड्रीवॉल को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की टीम सबसे पहले ग्राम भैंसा पहुंची, जहां खसरा नंबर 138 पर ANA बिल्डर द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद निर्माण कार्यों को बिना किसी देरी के तोड़ दिया गया। इस परियोजना से जुड़े पार्टनर सिमरजीत सिंह, आशु और अमरदीप के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इसके बाद टीम ने ग्राम पगारा में कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जहां खसरा नंबर 831 पर लाल जैन द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाते हुए बाउंड्रीवॉल और अन्य संरचनाओं को जेसीबी से गिरा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन जमीनों पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा और आगे की प्लॉटिंग या विकास गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो सके। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अमन मिश्रा ने किया। उनके साथ तहसीलदार राहुल गौंड, नितिन यादव, संजय जैन, निरंजन कुर्मी, आशुतोष गौतम और पटवारी उमाशंकर पांडे सहित कैंट थाना पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी काटने वाले बिल्डर्स में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पंचकुला के रामगढ़ रेंज में DRDO का हाई-पावर बम परीक्षण, 2 किमी क्षेत्र ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित

नई दिल्ली । हरियाणा के पंचकुला जिले में सुरक्षा और वैज्ञानिक परीक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण गतिविधि के तहत रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 31 मई को रामगढ़ रेंज में हाई-पावर बम का परीक्षण करने जा रहा है। इस परीक्षण को लेकर स्थानीय प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है और आसपास के गांवों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। यह परीक्षण DRDO की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा किया जा रहा है, जो देश में हथियारों, विस्फोटकों और गोला-बारूद की जांच एवं विकास से जुड़ी प्रमुख इकाई मानी जाती है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह परीक्षण पूरी तरह से नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाएगा और इसका उद्देश्य रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं सुरक्षित बनाना है। परीक्षण के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए रामगढ़ रेंज के आसपास के लगभग दो किलोमीटर के दायरे को ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में बम विस्फोट के दौरान निकलने वाले टुकड़े और प्रभावी दबाव से किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान से बचाव के लिए प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। स्थानीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं, इसलिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस वजह से प्रभावित क्षेत्र के सभी गांवों को अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से अपील की गई है कि परीक्षण के निर्धारित समय के दौरान वे अपने घरों के अंदर ही रहें और किसी भी प्रकार की खुले स्थानों पर आवाजाही से बचें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह एक नियमित और वैज्ञानिक परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जाएगी और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी इस परीक्षण की मॉनिटरिंग के लिए मौजूद रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने विशेष रूप से भानू और बिल्ला गांवों के निवासियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आसरेवाली, नाग्गल, मोगीनंद, किशनगढ़ और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य गांवों के लोगों को भी सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह परीक्षण देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है और इसमें सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है ताकि परीक्षण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।

सागर: शिव बारात में जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 माह से था फरार

सागर । सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में शिवरात्रि के अवसर पर निकली शिव बारात जुलूस के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी घटना के बाद से करीब तीन महीने से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, 15 फरवरी को क्षेत्र में शिव बारात का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान जुलूस में तलवार लाने को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने आयोजक अनिल उर्फ अन्ना कोष्टी पर हमला कर दिया। इस हमले में मयंक यादव, देव उर्फ देवरा यादव और ओम यादव शामिल थे। आरोप है कि मयंक यादव ने छुरे से अनिल पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल को तत्काल देवरी अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर सागर रेफर कर दिया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मयंक यादव (पिता महेंद्र यादव, निवासी पड़रई बुजुर्ग, हाल मुकाम झुनकू वार्ड देवरी) से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को पहले ही पकड़ा जा चुका है, जबकि तीसरा आरोपी ओम यादव अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही थी, हालांकि अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सागर सनसनी: घायल हालत में सड़क पर चलता दिखा बुजुर्ग, चाकू कंधे में धंसा रहा

रीवा । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब पीने के लिए पैसे न देने पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में चाकू सीधे उनके कंधे के पास घुस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पीड़ित बुजुर्ग बड़ी माता मंदिर क्षेत्र के रहने वाले हैं। घटना के दौरान पांच बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और शराब के लिए पैसे की मांग करने लगे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में एक बदमाश ने चाकू से उनके बाएं कंधे पर वार किया, जो गहराई तक धंस गया। इसके बावजूद घायल बुजुर्ग किसी तरह सड़क पर पैदल चलते हुए दिखाई दिए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हालत में चलते हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जब उन्हें इस हालत में देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। राहगीरों ने उन्हें सहारा देकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर बताई है और इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या पांच थी, जो वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर घायल बुजुर्ग के बयान दर्ज कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना एक बार फिर शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को उजागर करती है, जिस पर पुलिस प्रशासन के लिए सख्त कार्रवाई की चुनौती सामने आई है।

रीवा में मनरेगा घोटाला उजागर, RTI कार्यकर्ता के नाम फर्जी मस्टर रोल बना भुगतान

रीवा। रीवा जिले की गंगेव जनपद पंचायत अंतर्गत कैथा गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि एक RTI और सामाजिक कार्यकर्ता के नाम पर बिना किसी कार्य के फर्जी मस्टर रोल तैयार कर मजदूरी भुगतान दिखाया गया। यह मामला ग्राम कैथा निवासी शिवानंद द्विवेदी से जुड़ा है, जिनके खेत में तालाब निर्माण के लिए वर्ष 2023-24 में 3.85 लाख रुपये से अधिक की तकनीकी स्वीकृति दी गई थी। लेकिन लंबे समय तक कार्य शुरू नहीं हुआ, जिसके बाद हितग्राही ने 21 मई 2025 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर कार्य शुरू कराने की मांग की। आरोप है कि पंचायत ने इस शिकायत को गलत तरीके से समझते हुए वास्तविक निर्माण कार्य शुरू करने के बजाय हितग्राही के नाम पर ही मस्टर रोल जारी कर दिया। जांच में सामने आया कि मस्टर रोल क्रमांक 9296, 9298 और 9299 में शिवानंद द्विवेदी के नाम से 20 दिनों का रोजगार दर्शाया गया, जबकि वास्तव में कोई कार्य हुआ ही नहीं था। जिला पंचायत की मनरेगा शाखा द्वारा की गई जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित जॉब कार्ड पर मजदूरी भुगतान के नाम पर 42.28 रुपये दर्शाए गए, जबकि 1617.36 रुपये की राशि बकाया भी दिखा दी गई। यह स्थिति योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच अधिकारी योगेन्द्र पाण्डेय द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि कार्य स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के प्रमाण नहीं मिले। न ही वहां मजदूरी करने के फोटो, माप पुस्तिका (मेजरमेंट बुक) या कोई हस्ताक्षरित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इसके बावजूद तत्कालीन उपयंत्री और सहायक यंत्री द्वारा ई-एमबी (eMB) प्रणाली में कार्य का ऑनलाइन सत्यापन कर दिया गया, जिसे जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना गया है। पूरे मामले की जांच के बाद ग्राम पंचायत कैथा के सचिव महेश पटेल, तत्कालीन उपयंत्री प्रवीण पाण्डेय और सहायक यंत्री निखिल मिश्रा को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है। इस संबंध में 31 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेज दी गई है। रिपोर्ट में तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इस खुलासे के बाद रीवा जिले के मनरेगा विभाग में हड़कंप की स्थिति है और पूरे मामले की आगे की जांच जारी है।

कर्नाटक में सत्ता बदलाव की हलचल तेज, डीके शिवकुमार 3 जून को ले सकते हैं मुख्यमंत्री पद की शपथ

नई दिल्ली । कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से जारी अस्थिरता और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब सरकार गठन की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सहमति बनने के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के शपथ लेने की संभावना 3 जून को जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में यह घटनाक्रम राज्य की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां पार्टी अब संतुलन और स्थिरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद से ही सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई थी। कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद अब डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनाने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है, जिसके बाद शपथ ग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार डीके शिवकुमार ने अपने पारिवारिक ज्योतिषी से विचार-विमर्श के बाद 3 जून की तारीख को शपथ ग्रहण के लिए उपयुक्त माना है। राजनीतिक और व्यक्तिगत निर्णयों में धार्मिक और ज्योतिषीय परामर्श की परंपरा रखने वाले शिवकुमार के इस फैसले को भी चर्चा का विषय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम बेहद सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ-साथ नई सरकार की नींव रखी जाएगी। नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल को लेकर भी रणनीति तेज हो गई है। पार्टी के भीतर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए उपमुख्यमंत्री पदों के दो नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें एक प्रतिनिधित्व दलित समुदाय से और दूसरा अल्पसंख्यक समुदाय से हो सकता है। इस रणनीति को राज्य के विविध सामाजिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित राजनीतिक समीकरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य सभी प्रमुख वर्गों को साथ लेकर चलना बताया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए नई सरकार में युवाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर भी विचार कर रहा है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उनके परिवार से भी किसी प्रमुख भूमिका में शामिल किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश स्पष्ट रूप से नजर आती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक दिशा को भी तय करेगा। राज्य में स्थिर सरकार देने की चुनौती के साथ नई टीम को विकास और संगठनात्मक मजबूती दोनों पर ध्यान देना होगा। वहीं कांग्रेस के लिए यह कदम आगामी चुनावों से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल के नामों और शपथ ग्रहण की अंतिम तिथि को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है, जिसके बाद कर्नाटक की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा

शिवपुरी में नौतपा के बीच मौसम का कहर, आंधी-बारिश से भारी तबाही

शिवपुरी।  शिवपुरी जिले में नौतपा के पांचवें दिन शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। मौसम के इस बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया और कई जगहों पर व्यापक नुकसान की स्थिति बन गई। शाम के समय शुरू हुई तेज आंधी के बाद देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान शिवपुरी शहर सहित कोलारस, बदरवास, पिछोर, करैरा, बैराड़ और रन्नौद क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखा गया। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जिससे कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। रन्नौद तहसील के खरेह गांव में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जहां तेज आंधी के कारण कई मकानों की टीन शेड उड़ गईं और घरों में रखा सामान व अनाज भीग गया। इसी गांव में पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित BSNL का पुराना मोबाइल टावर तेज हवाओं के कारण गिरकर पास के मकान पर जा गिरा। इस हादसे में मकान के दो ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र रघुवंशी ने बताया कि यह टावर 20 साल से अधिक पुराना और जर्जर स्थिति में था। इसे हटाने के लिए पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह सजाई गांव में तेज आंधी के कारण एक विशाल इमली का पेड़ ट्रैक्टर पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीजरी गांव में भगवत सिंह दांगी के मकान पर नीम का पेड़ गिरने से मकान को भी नुकसान पहुंचा है। ठाठी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से ग्रामीणों द्वारा रखे गए हजारों कंडों में आग लग गई, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण कई मकानों की दीवारें भी ढह गईं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। पूरे जिले में आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। शिवपुरी शहर सहित कई ग्रामीण इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण यातायात भी बाधित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भीषण प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति का व्यापक नुकसान हुआ है।

नगर निगम चुनाव परिणामों में ‘झाड़ू’ का परचम, 8 में से 5 निगमों पर आम आदमी पार्टी ने दर्ज की शानदार जीत

नई दिल्ली । पंजाब में हुए स्थानीय नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है, जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए अपना दबदबा कायम रखा है। कुल 104 नगर निकायों के परिणामों में पार्टी ने 56 निकायों पर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के प्रति जनता के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। इन चुनावों को वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा था, जिसमें मतदाताओं का रुझान एक बार फिर आम आदमी पार्टी के पक्ष में दिखाई दिया है। राज्य के आठ प्रमुख नगर निगमों में से पांच पर आम आदमी पार्टी ने एकतरफा जीत दर्ज की है। इनमें बरनाला, मोहाली, मोगा, भटिंडा और बटाला जैसे महत्वपूर्ण नगर निगम शामिल हैं, जहां पार्टी ने मजबूत संगठनात्मक ढांचे और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रणनीति के दम पर विपक्ष को पीछे छोड़ दिया। वहीं कांग्रेस ने भी इस चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की है। पार्टी ने कपूरथला नगर निगम सहित कुल 24 निकायों में जीत हासिल कर यह साबित किया है कि राज्य में उसकी राजनीतिक उपस्थिति अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, भले ही वह सत्ता की दौड़ में पीछे रह गई हो। भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में सीमित लेकिन महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है। पार्टी ने अबोहर नगर निगम में जीत हासिल की, जबकि पठानकोट नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर भी वह बहुमत से दूर रह गई। शिरोमणि अकाली दल का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा और उसे अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिल सका। नगर परिषदों और वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाए रखी, जहां कुल 75 नगर परिषदों में से 40 पर उसका नियंत्रण स्थापित हुआ। वहीं कांग्रेस 18 परिषदों तक सीमित रही, जबकि अकाली दल और भाजपा को क्रमशः 10 और 4 परिषदों में सफलता मिली। वार्ड स्तर के आंकड़े भी राजनीतिक रुझान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं, जहां कुल 1,977 वार्डों में आम आदमी पार्टी ने 958 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। कांग्रेस को 397, अकाली दल को 192, भाजपा को 172, निर्दलीय उम्मीदवारों को 251 और बहुजन समाज पार्टी को 7 वार्डों में जीत मिली है। नगर पंचायतों के परिणामों में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाए रखी और 21 में से 11 पंचायतों पर नियंत्रण हासिल किया, जबकि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा को सीमित सफलता से संतोष करना पड़ा। इन परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में आम आदमी पार्टी की पकड़ और मजबूत मानी जा रही है, जबकि विपक्षी दलों के लिए यह नतीजे संगठनात्मक पुनर्गठन और नई रणनीति तैयार करने का संकेत दे रहे हैं, जिससे आने वाले समय में पंजाब की राजनीतिक दिशा और अधिक प्रतिस्पर्धी और दिलचस्प होने की संभावना है।