वन विभाग और ग्रामीण मिलकर चलाएंगे अभियान, गांधी सागर भेजी जाएंगी नीलगाय

मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में किसानों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी नीलगायों की समस्या के समाधान की दिशा में वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले में पहली बार आधुनिक ‘बोमा’ तकनीक का उपयोग करते हुए करीब 100 नीलगायों को सुरक्षित रूप से पकड़ने और उनका पुनर्वास करने की तैयारी की जा रही है। इस अभियान के तहत पकड़ी गई नीलगायों को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा जाएगा, जहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित जीवन मिल सकेगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इस दौरान 13 से 14 संभावित स्थानों का सर्वेक्षण किया गया। नीलगायों के झुंड के आकार, उनके आने-जाने के रास्तों और गतिविधियों का अध्ययन करने के बाद अभियान के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया गया है। इस विशेष अभियान के लिए करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल घेराबंदी तैयार की जा रही है। बोमा तकनीक के तहत यह घेराबंदी फनल यानी कीप के आकार में बनाई जाती है, जिससे जानवरों को धीरे-धीरे एक सुरक्षित स्थान की ओर ले जाया जा सके। इसके निर्माण में मजबूत बाड़ और तिरपाल का उपयोग किया जा रहा है ताकि नीलगायों को बिना किसी चोट या तनाव के नियंत्रित किया जा सके। वन विभाग की रणनीति के अनुसार बाड़ा तैयार होने के बाद शुरुआती दो से तीन दिनों तक वहां कोई विशेष गतिविधि नहीं की जाएगी। इस दौरान नीलगायों के लिए चारा और पानी की व्यवस्था की जाएगी ताकि वे स्वाभाविक रूप से उस स्थान पर आने लगें और नए वातावरण के अभ्यस्त हो सकें। इससे अभियान के दौरान उन्हें पकड़ना अपेक्षाकृत आसान और सुरक्षित रहेगा। इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि इसमें हेलीकॉप्टर, ट्रैंक्विलाइजर गन या अन्य महंगे संसाधनों का उपयोग नहीं किया जाएगा। वन विभाग पारंपरिक हांका पद्धति और आधुनिक निगरानी तकनीक का संयोजन अपनाएगा। ड्रोन के जरिए नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, जबकि ग्रामीणों और वनकर्मियों की मदद से उन्हें धीरे-धीरे बोमा संरचना की ओर ले जाया जाएगा। ऑपरेशन में लगभग 60 लोगों की टीम शामिल होगी। इसमें चार गांवों के ग्रामीण, वन विभाग के कर्मचारी और वन्यजीव विशेषज्ञ एक साथ काम करेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए राजगढ़ से तीन विशेषज्ञों की टीम उज्जैन पहुंच चुकी है। इसके अलावा शाजापुर वन विभाग की टीम भी अभियान के दौरान सहयोग करेगी। वन विभाग का मानना है कि इस पहल से एक ओर किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर नीलगायों का सुरक्षित और मानवीय तरीके से पुनर्वास भी सुनिश्चित होगा। यदि यह अभियान सफल रहता है, तो भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है।
विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई यादगार प्रदर्शनों का गवाह बना। लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली Royal Challengers Bengaluru की सफलता के बीच कई विदेशी खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से टूर्नामेंट पर गहरी छाप छोड़ी। बल्ले और गेंद दोनों से विदेशी सितारों का जलवा देखने को मिला, जिन्होंने अपनी-अपनी टीमों के अभियान में अहम भूमिका निभाई। सबसे पहले बात करते हैं Heinrich Klaasen की, जिन्होंने Sunrisers Hyderabad के लिए शानदार बल्लेबाजी की। विकेटकीपर-बल्लेबाज क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाकर खुद को सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया। करीब 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने छह अर्धशतक लगाए और कई मौकों पर टीम की लड़खड़ाती पारी को संभाला। गेंदबाजी विभाग में Jofra Archer ने अपनी रफ्तार और सटीकता से खूब प्रभावित किया। Rajasthan Royals के तेज गेंदबाज ने 16 मुकाबलों में 25 विकेट हासिल किए और टीम को दूसरे क्वालीफायर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्चर पूरे सीजन बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे। आईपीएल 2026 के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी रहे Kagiso Rabada। Gujarat Titans के स्टार तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा की घातक गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। नई गेंद से लेकर डेथ ओवरों तक उन्होंने लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा। इस सीजन की सबसे बड़ी खोजों में से एक रहे Cooper Connolly। Punjab Kings के लिए अपने पहले आईपीएल सीजन में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 491 रन बनाए। 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कोनोली ने एक शतक और दो अर्धशतक जड़े। भले ही पंजाब प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी, लेकिन युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। वहीं Mitchell Marsh ने Lucknow Super Giants के लिए अकेले दम पर कई मुकाबलों में संघर्ष किया। टीम के अन्य बल्लेबाजों के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद मार्श ने 13 मैचों में 563 रन बनाए। उन्होंने पूरे सीजन में एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए तथा 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा। आईपीएल 2026 में विदेशी खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया कि वे लीग की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। क्लासेन, मार्श और कोनोली ने बल्ले से रंग जमाया, जबकि रबाडा और आर्चर ने गेंद से विपक्षी टीमों की मुश्किलें बढ़ाईं। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय बना रहा।
भारत में एडटेक ग्रोथ को AI दे रहा नई रफ्तार, डिजिटल विज्ञापन बाजार में बड़ा उछाल

नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव ने वैश्विक विज्ञापन उद्योग की संरचना को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, एआई अब केवल एक सहायक तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह विज्ञापन उद्योग के हर स्तर को अधिक स्वचालित, डेटा-आधारित और परिणाम-केंद्रित मॉडल में बदल रहा है। इस बदलाव के बीच भारत को वैश्विक एडटेक हब के रूप में उभरने की मजबूत संभावना के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विज्ञापन बाजार पहले ही 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है, जिसमें डिजिटल विज्ञापन की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में कुल विज्ञापन खर्च का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर केंद्रित है, जबकि इसका बड़ा भाग प्रोग्रामेटिक तकनीक के जरिए संचालित हो रहा है। एआई इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक सटीक, तेज और प्रभावी बना रहा है, जिससे विज्ञापनदाताओं को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। भारत इस बदलाव में एक अहम भूमिका निभा रहा है। देश में हर साल लाखों इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी छात्र तैयार हो रहे हैं, जिससे एक विशाल तकनीकी प्रतिभा आधार विकसित हो रहा है। इसके साथ ही करोड़ों डेवलपर्स और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स भारत में मौजूद हैं, जो वैश्विक कंपनियों के लिए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। यह मजबूत इकोसिस्टम एआई आधारित विज्ञापन तकनीक के विकास को गति दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, एआई अब विज्ञापन उद्योग की लगभग हर प्रमुख प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। मीडिया खरीद से लेकर क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, ग्राहक टारगेटिंग और परफॉर्मेंस मापन तक, हर स्तर पर एआई आधारित सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं। मशीन लर्निंग और ट्रांसफॉर्मर आधारित मॉडल विज्ञापनों को अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी बनाने में मदद कर रहे हैं, जिससे कंपनियों की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार आने वाले वर्षों में तेज गति से बढ़ सकता है। अनुमान के अनुसार, वर्ष 2025 में यह बाजार लगभग 21 अरब डॉलर का होगा, जो 2030 तक बढ़कर 33 से 42 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है। इस वृद्धि के पीछे ई-कॉमर्स, मोबाइल इंटरनेट की पहुंच और एआई आधारित विज्ञापन तकनीकों का बढ़ता उपयोग प्रमुख कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारतीय मूल की एडटेक कंपनियां अब केवल सेवा प्रदाता के रूप में सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक उत्पाद कंपनियों के रूप में उभर रही हैं। ये कंपनियां अब सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म आधारित बिजनेस मॉडल पर काम कर रही हैं, जिससे उनकी आय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता दोनों में वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ेगा, मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञापनदाताओं और प्रकाशकों के बीच बेहतर नेटवर्क और खुले डिजिटल इकोसिस्टम की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। भारत के पास इन सभी क्षेत्रों में मजबूत आधार मौजूद है, जिससे वह वैश्विक एडटेक बाजार में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
पत्थर से सिर कुचलकर की हत्या, शव ठिकाने लगाने की कोशिश नाकाम

मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले के तराना थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। ग्राम कनासिया स्थित आमडी की खाल में मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और बेटे को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों ने मिलकर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था और सबूत छिपाने के लिए शव को पानी से भरी खाल में फेंक दिया था। जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्रामीणों ने आमडी की खाल में एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ देखा था। शव के आसपास खून के निशान भी दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलते ही तराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पहचान के प्रयासों के बाद मृतक की शिनाख्त देवास जिले के ग्राम नायता पोलाय निवासी मदनलाल सोलंकी के रूप में हुई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की गहन पड़ताल की। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मृतक की पत्नी सौरम बाई और बेटे संजू सोलंकी पर संदेह हुआ। जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस के मुताबिक मदनलाल सोलंकी शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अक्सर परिवार के सदस्यों के साथ विवाद और मारपीट करता था। आए दिन होने वाले झगड़ों और प्रताड़ना से परिवार परेशान था। इसी तनाव के चलते पत्नी और बेटे ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने पत्थर से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को आमडी की खाल में फेंक दिया गया ताकि हत्या को दुर्घटना या अन्य घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। मंगलवार को मृतक के परिजन तराना थाने पहुंचे और उन्होंने पुलिस के समक्ष आशंका जताई कि इस हत्याकांड में दो से तीन अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संभावित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पत्नी और बेटे से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाल रही है।
ग्लोबल इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए AI सॉल्यूशन, Coforge स्टॉक 5% चढ़ा

नई दिल्ली । ग्लोबल इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा के बाद आईटी और टेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी कोफोर्ज के शेयर में मंगलवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। कंपनी द्वारा ‘नेक्सा एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म’ पेश किए जाने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और शेयर में 5 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 1,554 रुपये के उच्च स्तर को भी छुआ, हालांकि बाद में यह कुछ नरमी के साथ कारोबार करता नजर आया। कंपनी का यह नया प्लेटफॉर्म खास तौर पर वैश्विक इंश्योरेंस उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य इंश्योरेंस कंपनियों को उनके मौजूदा सिस्टम को बदले बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताओं का लाभ देना है। कोफोर्ज के अनुसार यह प्लेटफॉर्म बीमा कंपनियों को नए प्रोडक्ट और सेवाओं को तेजी से बाजार में लॉन्च करने में मदद करेगा और उनके ऑपरेशनल एफिशिएंसी को भी बढ़ाएगा। इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि यह मौजूदा कोर सिस्टम के ऊपर एक अतिरिक्त AI लेयर के रूप में काम करता है, जिससे कंपनियों को भारी तकनीकी बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें 30 से अधिक इंश्योरेंस आधारित एआई एसेट्स का मार्केटप्लेस भी शामिल किया गया है, जो अंडरराइटिंग, क्लेम प्रोसेसिंग, कस्टमर सर्विस और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों को अधिक स्मार्ट और तेज बनाते हैं। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम मॉड्यूलर और फ्लेक्सिबल है, जिससे कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार इसे अनुकूलित कर सकती हैं। कोफोर्ज का यह नया प्लेटफॉर्म केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं बल्कि उसकी वैश्विक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह समाधान प्रॉपर्टी एंड कैजुअल्टी इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, स्पेशलिटी इंश्योरेंस और मैनेजिंग जनरल एजेंट्स सहित पूरे इंश्योरेंस इकोसिस्टम के लिए उपयोगी है। इसमें मानव निगरानी और ऑडिट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखा जा सके। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के AI आधारित इनोवेशन आईटी कंपनियों के लिए लंबे समय में ग्रोथ के नए अवसर खोल सकते हैं। यही कारण है कि घोषणा के तुरंत बाद निवेशकों की खरीदारी बढ़ी और शेयर में तेज उछाल देखने को मिला। पिछले कुछ हफ्तों में भी कोफोर्ज का प्रदर्शन मजबूत रहा है और एक महीने में यह स्टॉक लगभग 32 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। हालांकि लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्टॉक में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बीते छह महीनों में इसमें गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एक साल के आधार पर भी इसमें कमजोरी रही है। इसके बावजूद हालिया तेजी यह संकेत देती है कि कंपनी के नए प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी आधारित रणनीति को बाजार सकारात्मक रूप से देख रहा है। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि AI और इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी का यह संयोजन आने वाले वर्षों में ग्लोबल इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि यह प्लेटफॉर्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करता है, तो कोफोर्ज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और अधिक बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, कोफोर्ज का यह नया AI प्लेटफॉर्म न केवल कंपनी के शेयर में तेजी का कारण बना है, बल्कि यह भी संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में इंश्योरेंस और टेक्नोलॉजी के मेल से बाजार में नए अवसर तेजी से उभर सकते हैं।
युवतियों के विवाद के बाद कैब चालक पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद वारदात

मध्य प्रदेश । इंदौर में लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाओं के बीच बाणगंगा इलाके में एक कैब ड्राइवर पर हुए हमले का मामला चर्चा में है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हमला उस विवाद से जुड़ा माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत एमआईजी क्षेत्र स्थित एक कैफे में युवतियों के बीच हुए झगड़े और चाकूबाजी से हुई थी। जानकारी के मुताबिक शनिवार रात एमआईजी स्थित सरपंच कैफे में आरूही नाम की युवती पर वैष्णवी, नेहा और अच्छू नामक युवतियों ने कथित रूप से चाकू से हमला किया था। घटना के बाद तीनों वहां से फरार हो गई थीं। बताया जा रहा है कि इसके बाद इनमें से एक युवती अपने कुछ साथियों के पास पहुंची, जहां आगे की घटनाओं ने हिंसक रूप ले लिया। रात करीब साढ़े तीन बजे अरविंदो अस्पताल के पास आरोपी युवकों ने अरुण नमनवाल और उसके साथी नीरज प्रजापत को रोक लिया। आरोपियों ने दोनों से उन्हें एमआर-10 क्षेत्र तक छोड़ने के लिए कहा। जब अरुण ने ऐसा करने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद हमलावरों ने ब्लेड और चाकू से उस पर हमला कर दिया। हमले में अरुण के पैर पर गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गया। उसके साथी नीरज प्रजापत के साथ भी मारपीट की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने केवल मारपीट ही नहीं की, बल्कि पीड़ितों की कार के कांच भी तोड़ दिए और फिर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके फुटेज अब पुलिस को सौंप दिए गए हैं। घटना के बाद घायल युवक शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। हालांकि उस समय थाना प्रभारी की अनुपस्थिति के कारण पुलिस ने उसका आवेदन लेकर पहले इलाज कराने की सलाह दी। मंगलवार को पीड़ित युवक दोबारा थाने पहुंचा और उसने सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस बीच जांच में यह भी सामने आया है कि एमआईजी क्षेत्र में युवतियों के विवाद के बाद उनके परिचितों के बीच भी तनाव बढ़ गया था। रविवार दोपहर एक कैफे के बाहर दो पक्षों के बीच चाकूबाजी की एक और घटना हुई थी, जिसमें विक्की और तरुण बनोड़िया नामक युवकों ने एक-दूसरे पर हमला किया था। उस मामले में पुलिस दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आक्रामकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी घटनाओं के आपसी संबंधों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वैश्विक तनाव से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 400 अंक टूटा, आईटी सेक्टर ने संभाली गिरावट

नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों में बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल देखने को मिला, जिसका सीधा असर प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा। बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 300 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। सुबह के सत्र में सेंसेक्स करीब 322 अंक गिरकर 73,945 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी50 में भी लगभग 150 अंकों की गिरावट देखने को मिली। कुछ ही समय बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया, जिससे सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 23,200 के आसपास फिसल गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू आर्थिक चिंताओं के चलते देखने को मिली है। बाजार पर दबाव का प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता में अनिश्चितता माना जा रहा है। इसके साथ ही कमजोर मानसून की आशंका ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कमजोर मानसून का अनुमान जताए जाने के बाद कृषि आधारित शेयरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों पर दबाव बढ़ गया है। सेक्टोरल मोर्चे पर अधिकतर इंडेक्स लाल निशान में नजर आए। ऑटो, रियल्टी और केमिकल सेक्टर में लगभग एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और सीमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे व्यापक बाजार में कमजोरी बढ़ी। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग एक प्रतिशत तक टूटकर कारोबार कर रहे थे, जिससे यह संकेत मिला कि गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। हालांकि इस गिरावट के बीच आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ राहत दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली, जिसमें इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे प्रमुख शेयरों ने मजबूती दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मांग और डॉलर की मजबूती के कारण आईटी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है, जिससे इस सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट दिया। कमोडिटी बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई है, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई दोनों में हल्की गिरावट के बावजूद वैश्विक आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता कायम है। विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार वैश्विक घटनाक्रमों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। पश्चिम एशिया में यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर ऊर्जा कीमतों और वैश्विक इक्विटी बाजारों पर और अधिक देखने को मिल सकता है। वहीं, घरेलू स्तर पर मानसून की स्थिति आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि इस अस्थिर माहौल में जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाना अधिक सुरक्षित माना जा रहा है। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और घरेलू आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार फिलहाल दबाव में नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और मानसून से जुड़े अपडेट बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
देवास नाका पर तकनीकी खराबी से पानी सप्लाई प्रभावित: निगम ने बढ़ाए टैंकर, कमिश्नर ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश । इंदौर के देवास नाका चौराहे पर ट्रैकमैन वाल्व में आई अचानक तकनीकी खराबी के कारण शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। समस्या की जानकारी मिलते ही नगर निगम का अमला सक्रिय हो गया और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार वाल्व खराब होने के कारण कई पानी की टंकियों तक पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में सप्लाई अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में स्कीम नंबर-114 पार्ट-1, स्कीम नंबर-78, राजीव आवास विहार, लोहा मंडी, स्कीम नंबर-113, स्कीम नंबर-136, स्कीम नंबर-78 स्लाइस-1 और स्कीम नंबर-78 स्लाइस-2 जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। जलापूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त पानी के टैंकर तैनात कर दिए हैं। प्रभावित कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। निगम अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही जलापूर्ति को सामान्य कर दिया जाएगा। इस बीच सोमवार को आई तेज आंधी और तूफान का असर भी जल व्यवस्था पर देखने को मिला। मौसम खराब होने के कारण महेश्वर स्थित पंपिंग स्टेशन में तकनीकी फॉल्ट आ गया था, जिससे कुछ जलाशय और टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर सकीं। हालांकि निगम का दावा है कि इससे नियमित जलापूर्ति पर व्यापक असर नहीं पड़ेगा। फिर भी एहतियात के तौर पर संबंधित क्षेत्रों में टैंकर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के साथ अपर आयुक्त आशीष पाठक और जल प्रदाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो और प्रभावित नागरिकों तक वैकल्पिक जल आपूर्ति समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही क्षेत्रवार निगरानी रखकर स्थिति की लगातार समीक्षा करने को कहा गया है। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे जल संकट की इस अस्थायी स्थिति को देखते हुए पानी का उपयोग सावधानी और जरूरत के अनुसार करें। निगम का कहना है कि तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द दूर करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं और जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
पीएम मोदी ने बताया आत्म-संयम और दृढ़ निश्चय को सफलता की कुंजी, संस्कृत श्लोक किया साझा

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवन में दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये दोनों गुण ऐसे आधार हैं, जो किसी भी कठिन परिस्थिति को सरल बना सकते हैं और व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश खासतौर पर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, जो देश के विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए उसके गहरे अर्थ को भी सरल भाषा में समझाया। उन्होंने लिखा कि जो व्यक्ति किसी कार्य को पूरी समझ और दृढ़ निश्चय के साथ शुरू करता है और उसे बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, वही वास्तव में बुद्धिमान माना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने समय के सदुपयोग और आत्म-नियंत्रण को भी सफलता का मूल आधार बताया। उनका यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि केवल इच्छा शक्ति ही नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतर प्रयास भी सफलता की राह को मजबूत बनाते हैं। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने शिक्षा और ज्ञान से जुड़े संस्कृत सुभाषितों को साझा किया था, जिनमें उन्होंने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया और शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला था। लगातार ऐसे संदेशों के माध्यम से प्रधानमंत्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवन मूल्यों के बीच संतुलन को सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति में मौजूद ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक है और उसे जीवन में अपनाकर व्यक्ति न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल कर सकता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दे सकता है। प्रधानमंत्री के इस संदेश को युवाओं के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। आज के समय में जब प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां बढ़ रही हैं, ऐसे में आत्म-अनुशासन और दृढ़ निश्चय जैसे गुण और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संदेश युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं और उन्हें लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहने में मदद करते हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उनका यह विचार बार-बार सामने आता है कि यदि देश के युवा अनुशासित, लक्ष्य-उन्मुख और आत्म-नियंत्रित होंगे, तो भारत विकास के नए आयाम हासिल कर सकता है। इसी दृष्टिकोण के तहत उन्होंने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत किया है। आज के डिजिटल युग में जहां ध्यान भटकाने वाली चीजें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में आत्म-संयम और दृढ़ निश्चय का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह संदेश न केवल व्यक्तिगत जीवन में सफलता का मार्ग दिखाता है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा भी देता है। प्रधानमंत्री का यह विचार इस बात को रेखांकित करता है कि सफलता केवल संसाधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि मानसिक दृढ़ता और अनुशासन पर आधारित होती है। यही संदेश आगे चलकर युवाओं के व्यवहार और सोच में बदलाव ला सकता है, जिससे वे अधिक जिम्मेदार और लक्ष्य-उन्मुख बन सकें। आत्म-संयम और दृढ़ निश्चय का यह विचार आने वाले समय में समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सकता है और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा दे सकता है।
तेज हवाओं के बाद ठंडक बढ़ी, इंदौर में बारिश का दौर जारी रहने के संकेत

मध्य प्रदेश । इंदौर में जून की शुरुआत के साथ ही प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ने लगी हैं। सोमवार शाम अचानक बदले मौसम ने शहरवासियों को गर्मी से बड़ी राहत दी। 93 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी और हल्की बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। दिन में जहां अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं रात का तापमान 26 डिग्री से गिरकर 22.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। एक ही दिन में रात के तापमान में 4 डिग्री की कमी ने मौसम को पूरी तरह सुहाना बना दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है। टर्फ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले तीन से चार दिनों तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। सोमवार शाम आई तेज आंधी का असर शहर की बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली कंपनी ने 450 फीडर से जुड़ी 132 केवी लाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते शहर के कई इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। नगर निगम और बिजली कंपनी की टीमों ने संयुक्त रूप से मरम्मत कार्य कर स्थिति को सामान्य बनाया। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक सामान्य से कुछ देर से हो सकती है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस वर्ष इसकी गति धीमी बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है और सामान्य तौर पर केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद यह मध्यप्रदेश में प्रवेश करता है। ऐसे में मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी संभव है। हालांकि मानसून की देरी के बावजूद प्री-मानसून गतिविधियां लोगों को गर्मी से राहत दे रही हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून में इंदौर का तापमान अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि पिछले साल जून में साढ़े पांच इंच से अधिक बारिश हुई थी। इंदौर का मौसम रिकॉर्ड भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी, जबकि 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड बना था। दूसरी ओर 3 जून 1991 को शहर का तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने नागरिकों को तेज हवाओं और संभावित बारिश को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में मौसम के और सुहाना बने रहने की संभावना है।