रणवीर सिंह ने घटाई फीस, लेकिन मुनाफे में हिस्सेदारी से करेंगे बड़ी कमाई

नई दिल्ली। रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म सीरीज ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की। फिल्म की को-प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे ने खुलासा किया कि रणवीर ने इस प्रोजेक्ट के लिए पारंपरिक तरीके से बड़ी फीस नहीं ली थी। इसके बजाय उन्होंने एक छोटी निश्चित फीस के साथ “बैकएंड डील” यानी फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी का विकल्प चुना। यही रणनीति बाद में उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई। निर्देशक आदित्य धर ने भी लिया रिस्कफिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने भी इसी मॉडल को अपनाया। उन्होंने भी कम फिक्स्ड फीस लेकर फिल्म के लाभ में हिस्सेदारी स्वीकार की।निर्माताओं के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य यह था कि फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों की सफलता में सीधी भागीदारी हो और सभी का फोकस बेहतर परिणाम देने पर रहे। जब बजट बढ़ा, लेकिन दांव सफल रहाज्योति देशपांडे के मुताबिक फिल्म का वास्तविक खर्च शुरुआती अनुमान से काफी अधिक हो गया था। शुरुआत में जो बजट तय किया गया था, वह बाद में लगभग दोगुना हो गया। हालांकि फिल्म की शानदार कमाई ने इस जोखिम को सफलता में बदल दिया और निवेशकों से लेकर कलाकारों तक सभी को इसका लाभ मिला। एक फिल्म से बनी दो फिल्मों की फ्रेंचाइजीनिर्माताओं का कहना है कि शुरुआत में ‘धुरंधर’ को एक ही फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था। लेकिन पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी होने के बाद कहानी और फुटेज का दायरा इतना बढ़ गया कि इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यही निर्णय बाद में फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। शानदार स्टारकास्ट ने बढ़ाई फिल्म की ताकतफिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, गौरव गेरा, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार नजर आए। रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुई ‘धुरंधर 2रिपोर्ट्स के अनुसार ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ ने मिलकर दुनिया भर में लगभग 3000 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वहीं ‘धुरंधर 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। इस सूची में शीर्ष स्थान पर दंगल बनी हुई है। ‘धुरंधर’ की सफलता यह दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल बड़ी फीस ही कमाई का रास्ता नहीं होती। सही रणनीति, जोखिम उठाने की क्षमता और मुनाफे में हिस्सेदारी का मॉडल कलाकारों और निर्माताओं दोनों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।
चीनी अरबपति झांग यिमिंग बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति, मुकेश अंबानी को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली। बाइटडांस कंपनी (ByteDance Company) की कीमत बढ़ने और उसके एआई चैटबॉट (AI Chatbot) की सफलता से झांग यिमिंग (Zhang Yiming) मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) को पीछे छोड़कर एशिया के दूसरे सबसे अमीर बन गए हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, झांग के पास अब 92.8 अरब डॉलर हैं। वह चीन के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 2019 में उनके पास सिर्फ 13 अरब डॉलर थे। यानी उनकी दौलत सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। बता दें 117 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ गौतम अडानी (Gautam Adani) दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में तो 17वें स्थान पर हैं, लेकिन उनके सिर पर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज बरकरार है। पहले मुकेश अंबानी के सिर पर कई वर्षों तक एशिया के सबसे रईस का ताज था। कुछ महीने पहले ही इनसे यह ताज अडानी ने छीन लिया और अंबानी एशिया के दूसरे नंबर के रईस बन गए। अब यह पोजीशन भी उनकी चली गई। दुनिया के अमीरों में घटा अंबानी का रुतबायही नहीं, दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में अंबानी अब 4 पायदान नीचे 25वें स्थान पर चले गए हैं। इसकी वजह एक ही दिन में झांग की दौलत में 24.1 अरब डॉलर की छलांग, जेफ यास की दौलत में 7.56 अरब डॉलर, डेविड सुन की दौलत में 2.75 अरब डॉलर और झान तू की दौलत में 2.75 अरब डॉलर की उछाल है। ये चारों अब अंबानी से ऊपर पहुंच गए हैं। झांग को 24 अरब डॉलर का फायदाब्लूमबर्ग ने ब्लैकरॉक, फिडेलिटी, टी. रो प्राइस, एचएसजी और जनरल अटलांटिक जैसे निवेशकों के मूल्यांकन देखे। इसके बाद झांग की दौलत में 24 अरब डॉलर से अधिक का उछाल आया। टिकटॉक और दोउबाओ ने दिया मौकाझांक के ऊपर अचानक हुई डॉलर की बारिश यूं ही नहीं हुई। इसमें टिकटॉक ऐप की लोकप्रियता और एआई चैटबॉट ‘दोउबाओ’ का बड़ा योगदान है। दोउबाओ हर महीने 30 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं। यह चीन का सबसे पसंदीदा चैटबॉट है। बाइटडांस ने इसी साल अपने अमेरिका के कुछ कामकाज वहां के निवेशकों को बेच भी दिए थे। चीन की सबसे बड़ी निजी कंपनीबाइटडांस चीन की सबसे चर्चित निजी कंपनी है। दोउबाओ इतना सफल हुआ कि कंपनी अब उसके लिए पैसे लेने की तैयारी कर रही है। चीन में लोग ऑनलाइन सेवाओं के लिए पैसे देने को तैयार नहीं होते, इसलिए यह बड़ी बात है। कंपनी को भविष्य में शेयर बाजार में उतरने की भी उम्मीद है। अमेरिका में टिकटॉक का मामला सुलझाटिकटॉक के अमेरिकी व्यापार को ओरेकल, सिल्वर लेक और अबू धाबी के एमजीएक्स को दे दिया गया। इससे कई सालों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हुई। आलोचक टिकटॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे थे। एआई पर बड़ा दांवअब बाइटडांस एआई पर जोर लगा रहा है। ब्लूमबर्ग की खबर के अनुसार, कंपनी इस साल 70 अरब डॉलर तक खर्च करने की बात कर रही है। इससे चीन के एआई बाजार में कंपनी सबसे आगे रहेगी और अमेरिकी कंपनियों को टक्कर देगी। यह पैसा 2025 में कंपनी द्वारा कमाए गए करीब 50 अरब डॉलर के मुनाफे से आएगा।
डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम

नई दिल्ली। रणवीर सिंह और FWICE के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह ने संगठन को लीगल नोटिस भेजा है। बताया जा रहा है कि नोटिस भेजे जाने के बाद FWICE को अदालत या कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना पड़ सकता है। हालांकि नोटिस में की गई मांगों का आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। FWICE ने जारी किया था गैर-सहयोग निर्देशपिछले सप्ताह FWICE ने अपने सदस्यों से रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करने का आग्रह किया था। संगठन का यह कदम ‘डॉन 3’ परियोजना से जुड़े विवाद के बाद सामने आया। FWICE का कहना था कि फिल्म से अचानक अलग होने के कारण निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके चलते संगठन ने यह रुख अपनाया। फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट की शिकायतरिपोर्ट्स के अनुसार फरहान अख्तर और Excel Entertainment ने FWICE को शिकायत भेजी थी। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। ऐसे में मुख्य अभिनेता के परियोजना से हटने से निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हुई और आर्थिक नुकसान हुआ। क्या है पूरा मामला?कुछ वर्ष पहले Don 3 की घोषणा हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था। यह भूमिका पहले शाहरुख खान निभा चुके हैं। बाद में खबरें आईं कि रणवीर अब इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद निर्माताओं और अभिनेता के बीच मतभेदों की चर्चा शुरू हुई, जो अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गई है। आगे क्या हो सकता है?फिल्म इंडस्ट्री की नजरें अब इस मामले पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत से समाधान नहीं निकालते, तो विवाद लंबी कानूनी प्रक्रिया का रूप ले सकता है। वहीं, उद्योग जगत यह भी देख रहा है कि इसका असर रणवीर सिंह की आगामी फिल्मों और ‘डॉन 3’ की प्रगति पर कितना पड़ता है। रणवीर के आगामी प्रोजेक्ट्सविवादों के बीच रणवीर सिंह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक वह निर्देशक आदित्य धर की एक नई फिल्म से जुड़े हैं। इसके अलावा निर्देशक जय मेहता की एक ज़ॉम्बी-आधारित फिल्म में भी उनके काम करने की चर्चा है।
ट्विशा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह ने खुद की पैरवी, कोर्टरूम में हुई जमकर हंगामा

भोपाल। ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) मौत मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम हुआ जब पूर्व जज गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) ने अपने केस की पैरवी खुद की. इस दौरान उनकी ट्विशा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव (Anurag Srivastava) के साथ जोरदार बहस हुई जब दोनों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। दरअसल, मंगलवार को पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह (Samarth Singh) को भोपाल की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. इसी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में हाई-वोल्टेज ड्रामा और तीखी बहस देखने को मिली. 63 साल की पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अपना पक्ष खुद रखा. अदालत में मौजूद लोगों के अनुसार वह काफी आक्रोशित नजर आ रही थीं और बार-बार ऊंची आवाज में अपनी बात रख रही थीं। कोर्ट में हाथापाई और धक्कामुक्कीइस दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में हाथापाई और धक्कामुक्की की. इसी दौरान कोर्टरूम में मौजूद वकील अनुराग श्रीवास्तव ने इस आरोप का तीखा जवाब देते हुए कहा ‘अगर ऐसा कोई घटनाक्रम हुआ है तो अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर ली जाए. पूरे परिसर में कैमरे लगे हैं और वहां मीडिया भी बड़ी संख्या में मौजूद था, उनके फुटेज भी चेक किए जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. गिरीबाला के वकील भी इस दौरान अनुराग श्रीवास्तव से बहस करते दिखे। ‘हम जहां भी जाते हैं मीडिया हमारे पीछे पहुंच जाती है’गिरिबाला सिंह ने मामले में हो रही ‘मीडिया ट्रायल’ पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने अदालत से कहा ‘हम जहां भी जाते हैं मीडिया हमारे पीछे-पीछे पहुंच जाती है. यह बंद होना चाहिए. हमारी जान को खतरा है. गिरिबाला सिंह ने क्राइम सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि जांच एजेंसियों ने उन्हें उनके घर तक सीधे ले जाने के बजाय कई मकान पहले ही वाहन से क्यों उतार दिया और मीडिया के कैमरों के सामने पूरा सीन रिक्रिएशन कराया गया जो अप्रत्याशित था। गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के छत पर जाते और बाद में उसे लेकर नीचे उतारते समर्थ के सीसीटीवी फुटेज से भी खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह फुटेज किसने लीक की थी। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोपइसके बाद अनुराग श्रीवास्तव ने एक और सवाल उठाते हुए पूछा कि 30 हजार रुपये के इनामी और फरार चल रहे समर्थ सिंह को जबलपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चेंबर में शरण कैसे मिली? इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. वहीं समर्थ सिंह की ओर से पेश वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने दलील दी कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो तो उसे सुरक्षित स्थान पर शरण लेने का अधिकार है. इस पूरी सुनवाई के दौरान माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
Bhind Wedding Chaos: बिना दुल्हन लिए लौटी बारात, लाठी-डंडे और चाकू चले; जाने पूरा मामला

HIGHLIGHTS: डीजे पर डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई लाठी-डंडे और चाकू-छुरी चलने का आरोप कई वाहन क्षतिग्रस्त, कांच फोड़े गए पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस FIR दर्ज की Bhind Wedding Chaos: मध्यप्रदेश। भिंड जिले के लहार क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बारात के स्वागत के दौरान दोनों पक्षों के कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। बताया जा रहा है कि इसके बाद शादी का माहौल खराब हो गया और बारात बिना दुल्हन लिए ही वापस लौट गई। FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं दोनों पक्षों ने बरसाए लाठी डंडे गांव निवासी मुस्तफा खान की पुत्री के विवाह समारोह में मंगलवार रात बारात पहुंची थी। डीजे पर डांस करते समय शुरू हुए विवाद में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि झगड़े के दौरान लाठी-डंडों, लोहे के सरियों और चाकू-छुरी जैसे धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इससे कई लोग घायल हो गए और समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। GWALIOR WEATHER TODAY: ग्वालियर-चंबल में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 3 दिन मौसम रहेगा मेहरबान वाहनों में भी की गई तोड़फोड़ मारपीट के दौरान बारात में शामिल हुए वाहनों को भी निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने की कुछ लोगों ने लोहे के सरियों से शादी में आए वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कार के कांच भी तोड़ दिए। जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ। ईरान को कड़ा संदेश देने निकला अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, कई देशों में सुरक्षा सहयोग पर जोर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर घटना के बाद दोनों पक्ष लहार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है, पुलिस ने घटनास्थल से चाकू भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुरे मामले की जांच की जा रही है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
‘जब रफी साहब की आवाज ने बदल दी राजेश खन्ना की जिद्द’: एक गाने ने रच दिया था इतिहास

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार राजेश खन्ना अपने करियर के चरम पर थे। उस समय उनके कई हिट गाने किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड हो रहे थे। राजेश खन्ना को यह विश्वास था कि किशोर कुमार उनकी सफलता की “लकी आवाज” हैं। लेकिन फिल्म ‘दो रास्ते’ के एक गाने को लेकर स्थिति बदल गई, जब संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने अलग राय रखी। मखमली आवाज की तलाश और रफी की एंट्रीम्यूजिक डायरेक्टर्स का मानना था कि इस खास गाने के लिए एक ऐसी आवाज चाहिए जो नरम, भावपूर्ण और रूहानी हो। इसी कारण उन्होंने मोहम्मद रफी को चुना। राजेश खन्ना इसके खिलाफ थे और उन्होंने किशोर कुमार की आवाज की जिद्द रखी, लेकिन संगीतकारों ने स्पष्ट कहा कि इस गाने के साथ सिर्फ रफी साहब ही न्याय कर सकते हैं। स्टूडियो में हुआ वो जादू जिसने सब बदल दियाजब मोहम्मद रफी ने स्टूडियो में “रेशमी जुल्फें” गाया, तो पूरा माहौल बदल गया। उनकी आवाज में ऐसा जादू था कि हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद खुद राजेश खन्ना भी इस गाने के फैन बन गए। कहा जाता है कि इसी पल उन्होंने स्वीकार किया कि यह गाना सिर्फ रफी साहब की आवाज में ही सही लग सकता है। फिल्म, कास्ट और दिलचस्प किस्सेफिल्म के लिए पहले संजय खान को अप्रोच किया गया था, लेकिन बाद में यह रोल संजय खान से हटकर राजेश खन्ना को मिला। फिल्म में मुमताज पहली बार बतौर लीड ए-ग्रेड अभिनेत्री नजर आईं और उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। रफी की विरासत और दीवानगीमोहम्मद रफी की आवाज का जादू ऐसा था कि संगीतकारों से लेकर दर्शकों तक हर कोई उनके गीतों का दीवाना था। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके अंतिम संस्कार में भारी बारिश के बावजूद हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। यह किस्सा सिर्फ एक गाने का नहीं, बल्कि उस दौर की संगीत परंपरा और कलाकारों की समझ का प्रतीक है, जहां सही आवाज और सही भाव ही किसी गीत को अमर बना देते थे। “रेशमी जुल्फें” ने न सिर्फ राजेश खन्ना की सोच बदली, बल्कि मोहम्मद रफी की गायकी को एक और ऐतिहासिक ऊंचाई दी
‘फिल्म इंडस्ट्री से दूरी जरूरी थी’ – भारत भाग्य विधाता से पहले कंगना रनौत का बड़ा बयान, जानिए वजह

नई दिल्ली। अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर चल रहे प्रमोशन के दौरान कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक रहने के बाद अक्सर कलाकार एक “बबल” में जीने लगते हैं, जहां वास्तविक जीवन से दूरी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के किरदार में खुद को ढालना शुरू किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि इस भूमिका को सही तरीके से निभाने के लिए वास्तविक जीवन के अनुभव जरूरी हैं। नर्स के किरदार ने बदला नजरियाकंगना इस फिल्म में एक नर्स का किरदार निभा रही हैं, जो 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह किरदार केवल अभिनय नहीं, बल्कि “एक तरह की तपस्या” जैसा अनुभव था। उनके मुताबिक, मिडल क्लास बैकग्राउंड से आने के बावजूद लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में रहने के कारण असल जिंदगी से दूरी बढ़ जाती है। राजनीति और आम लोगों से जुड़ाव का असरकंगना रनौत ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति से जुड़े रहने के कारण उन्हें आम लोगों से सीधे बातचीत का मौका मिला, जिससे उनके अभिनय में और गहराई आई। उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि समाज की वास्तविकता को समझना भी जरूरी है। फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ पर चर्चा तेजफिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म में कंगना का किरदार मुंबई हमलों के दौरान मेडिकल स्टाफ की भूमिका पर केंद्रित है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कंगना रनौत का कहना है कि वास्तविक जीवन से दूरी कभी-कभी कलाकारों के लिए जरूरी हो सकती है, ताकि वे अपने किरदारों को ज्यादा प्रामाणिक तरीके से निभा सकें। ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए वह एक बार फिर गंभीर और संवेदनशील भूमिका में नजर आने वाली हैं।
FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं

नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से USA, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रूप से होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा, जहां एक बार फिर दुनिया की नजरें दिग्गज खिलाड़ियों पर होंगी। लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इस वर्ल्ड कप को आखिरी माना जा रहा है, जिससे टूर्नामेंट और भी ऐतिहासिक बन जाता है। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब बचाने उतरेगी। 1. मिरोस्लाव क्लोस – 16 गोल (सबसे ऊपर)जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2002 से 2014 के बीच 4 वर्ल्ड कप में 24 मैच खेलकर 16 गोल किए। उनकी खासियत रही लगातार प्रदर्शन, जिसमें 2002 और 2006 में 5-5 गोल शामिल हैं। यह रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ सका है। 2. रोनाल्डो (ब्राजील) – 15 गोलरोनाल्डो, जिन्हें “फेनोमेनन” कहा जाता है, ने 1994 से 2006 के बीच 19 मैचों में 15 गोल किए। 2002 का वर्ल्ड कप उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय रहा, जहां उन्होंने 8 गोल दागकर ब्राजील को चैंपियन बनाया। 3. जस्ट फॉन्टेन – 13 गोल (एक टूर्नामेंट में रिकॉर्ड)जस्ट फॉन्टेन ने 1958 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 13 गोल दागे, जो किसी एक संस्करण में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि आज भी लगभग अटूट मानी जाती है। 4. लियोनेल मेसी – 13 गोललियोनेल मेसी ने 2006 से 2022 तक वर्ल्ड कप में 13 गोल किए। 2022 का वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने 7 गोल करते हुए अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया। 5. किलियन एमबाप्पे – 12 गोल (और बढ़ रहा है)किलियन एमबाप्पे ने अब तक सिर्फ 14 मैचों में 12 गोल दागे हैं। 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, खासकर 2022 में उन्होंने 8 गोल कर गोल्डन बूट अपने नाम किया और फाइनल में हैट्रिक लगाई। गोलों की रफ्तार ही बनाती है दिग्गजवर्ल्ड कप इतिहास में ये खिलाड़ी सिर्फ गोल स्कोरर नहीं बल्कि मैच विनर रहे हैं। 2026 वर्ल्ड कप में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एमबाप्पे या कोई नया स्टार इस रिकॉर्ड लिस्ट को बदल पाता है या नहीं।
राज्यसभा रेस में कमलनाथ का नाम सबसे आगे, सियासी हलचल तेज

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 जून तक पूरी होनी है। इनमें से दो सीटें भारतीय जनता पार्टी के पास हैं, जबकि एक सीट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दावा है।इसी एक सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर जबरदस्त सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर जारी है और अगले दो दिनों में उम्मीदवारों के नाम तय होने की संभावना जताई जा रही है। कमलनाथ रेस में सबसे आगे, दिल्ली का फैसला निर्णायकसूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्यसभा उम्मीदवारों की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी की भूमिका अहम होगी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व यदि चाहे तो उनके नाम पर भी अंतिम निर्णय संभव है। जातीय समीकरणों पर भी कांग्रेस का फोकसइस बार कांग्रेस केवल वरिष्ठता नहीं, बल्कि जातीय संतुलन को भी ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय करने की रणनीति बना रही है। पार्टी OBC, SC, ST और सामान्य वर्ग से संतुलित प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रही है। इस सूची में पूर्व मंत्री अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल समेत कई नामों पर चर्चा चल रही है। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी भी चर्चा मेंप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी हालांकि सार्वजनिक रूप से राज्यसभा की रेस से खुद को अलग बता चुके हैं, लेकिन पार्टी के अंदर उनकी सक्रियता और दिल्ली नेतृत्व से संपर्क को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के स्तर पर भी उनके नाम को लेकर समर्थन की बात सामने आ रही है। दिल्ली में होगा अंतिम फैसलाकर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है। इसी बैठक में मध्यप्रदेश राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। पार्टी रणनीति यह भी है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों को साधते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जाए। मध्यप्रदेश में राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर घमासान तेज है। कमलनाथ सबसे आगे जरूर माने जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पूरी तरह दिल्ली नेतृत्व के हाथ में है। जातीय समीकरण और राजनीतिक संतुलन इस फैसले में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
GWALIOR WEATHER TODAY: ग्वालियर-चंबल में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 3 दिन मौसम रहेगा मेहरबान

HIGHLIGHTS: पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव 2 से 3 दिन तक बारिश और तेज हवाओं के आसार उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत फिलहाल लू चलने की संभावना कम किसानों के लिए प्री-मानसून गतिविधियां फायदेमंद GWALIOR WEATHER TODAY: ग्वालियर। भीषण गर्मी के बिच ग्वालियर-चंबल संभाग में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। मौसम विभाग ने क्षेत्र में आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि हवा नहीं चलने के कारण उमस बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों का असर ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर समेत पूरे चंबल अंचल पर दिखाई दे रहा है। आज विश्व साइकिल दिवस: प्रदूषण मुक्त भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम अगले 2 दिन तक बारिश का दौर जारी मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों तक तेज हवाएं, बादल और कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है। साथ ही मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। बीते दिन भी बादलों की आवाजाही इसी तरह बानी रही, इसके बावजूद भी नमी बढ़ने से दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। GUJRAT BUS ACCIDENT: गुजरात के सूरत में भीषण सड़क दुर्घटना, दो बसों की भिड़ंत में 5 यात्रियों की जान गई देखें आपके शहर का तापमान ग्वालियर : 37°C / 27°C मुरैना : 38°C / 28°C भिंड : 39°C / 29°C दतिया : 38°C / 27°C शिवपुरी : 35°C / 25°C श्योपुर : 39°C / 28°C