भूजल संरक्षण पर फोकस, वर्षा जल संग्रहण को लेकर जागरूकता अभियान

इंदौर । इंदौर में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को गति देने के लिए नगर निगम 4 जून को विशेष वर्कशॉप आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यक्रम ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सुबह 11 बजे रवींद्र नाट्य ग्रह में आयोजित होगा। वर्कशॉप का उद्देश्य नागरिकों और रहवासी संगठनों को वर्षा जल संग्रहण की उपयोगिता और वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराना है। महापौर और निगम कमिश्नर रहेंगे मौजूदकार्यक्रम में पुष्यमित्र भार्गव और क्षितिज सिंघल विशेष रूप से शामिल होंगे। जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा के अनुसार, शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक स्तर पर लागू करने और लोगों को इससे जोड़ने के लिए यह पहल की जा रही है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के सफल मॉडल होंगे साझावर्कशॉप में उन आवासीय परिसरों, संस्थानों और संगठनों के अनुभव साझा किए जाएंगे जिन्होंने पहले से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। इन सफल उदाहरणों के माध्यम से अन्य कॉलोनियों और संस्थानों को भी वर्षा जल संग्रहण अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। तकनीकी सहयोग और रखरखाव की जानकारीनगर निगम विशेषज्ञों द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, रखरखाव, मरम्मत और प्रभावी संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन पर भी चर्चा होगी, जिससे नागरिक अपने स्तर पर जल संरक्षण की पहल को मजबूत कर सकें। भूजल स्तर सुधारने और जल संकट कम करने पर फोककार्यक्रम में वर्षा जल संग्रहण से होने वाले प्रमुख लाभों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा, जिनमें—भूजल स्तर में वृद्धिजल संकट में कमीपेयजल स्रोतों का संरक्षणपर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावाभविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करनाजैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। महापौर की नागरिकों से अपीलमहापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों, रहवासी संगठनों और कॉलोनी प्रतिनिधियों से वर्कशॉप में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संग्रहण को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर ही भविष्य के जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदमतेजी से बढ़ती आबादी और भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए वर्षा जल संग्रहण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। नगर निगम की यह पहल न केवल लोगों को जागरूक करेगी, बल्कि शहर में जल संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी को भी मजबूत बनाएगी।
छोटी बहन ने देखा दर्दनाक मंजर, घर में फंदे पर लटका मिला शव

इंदौर। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित प्रगति नगर, छोटा बांगड़दा में मंगलवार शाम एक 12 वर्षीय बच्ची राधिका अपने घर में फंदे पर लटकी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में बच्ची द्वारा दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्मघाती कदम उठाने की जानकारी सामने आई है। छोटी बहन ने सबसे पहले देखा घटनास्थलघटना का खुलासा तब हुआ जब राधिका की छोटी बहन ने काफी देर तक कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित होकर उसने आसपास के लोगों को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया तो बच्ची फंदे पर लटकी हुई मिली। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मां काम पर गई थी, शाम को लौटने पर मिली जानकारीपरिजनों के अनुसार राधिका की मां एक स्कूल में भोजन बनाने का काम करती हैं। घटना के समय वह अपनी बड़ी बेटी के साथ काम पर गई हुई थीं। शाम को घर लौटने पर उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली। परिवार की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। चार महीने पहले पिता का हुआ था निधनपुलिस के अनुसार बच्ची के पिता का करीब चार महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं।पिता की मौत के बाद परिवार पहले से ही कठिन दौर से गुजर रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी तक आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। कारण स्पष्ट नहीं, जांच जारीपुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों पर कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। संवेदनशील मामला, निष्कर्ष से पहले जांच जरूरीयह घटना एक परिवार के लिए गहरा सदमा है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के अनुमान से बचना जरूरी है।
इंदौर में क्रिकेट का महाकुंभ, आज से शुरू होगी मध्य प्रदेश प्रीमियम लीग

इंदौर। इंदौर में पहली बार मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) का आयोजन होने जा रहा है। पिछले दो सफल सीजन के बाद यह टूर्नामेंट अब प्रदेश क्रिकेट का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। इस लीग ने कई खिलाड़ियों को पहचान दिलाई है, जिनमें से कई खिलाड़ी आगे चलकर Indian Premier League (IPL) तक पहुंचे हैं। आज होगा उद्घाटन मुकाबलाटूर्नामेंट का पहला मुकाबला आज शाम 7:30 बजे ग्वालियर चीता और उज्जैन फाल्कंस के बीच खेला जाएगा। 4 जून से लीग में प्रतिदिन दो से तीन रोमांचक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। ऑक्शन में छाए युवा खिलाड़ीइस बार का खिलाड़ी नीलामी सत्र काफी चर्चा में रहा। आईपीएल में करोड़ों रुपये पाने वाले कई खिलाड़ियों को अपेक्षाकृत कम रकम में खरीदा गया। आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख रुपये में खरीदा। सबसे महंगी बोली आशुतोष शर्मा पर लगी, जिन्हें मालवा स्टैलियंस ने 15 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इन 10 टीमों के बीच होगी ट्रॉफी की जंगइंदौर पिंक पैंथर्सभोपाल लेपर्ड्सबुंदेलखंड बुल्सचंबल घड़ियालग्वालियर चीताजबलपुर रॉयल लॉयंसरीवा जगुआरमालवा स्टैलियंसउज्जैन फाल्कंसरॉयल निमाड़ ईगल्स इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहेंटूर्नामेंट में कई चर्चित खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। इनमें रजत पाटीदार, आवेश खान, अर्शद खान, कुमार कार्तिकेय, कुलवंत खेजरोलिया और आशुतोष शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। एमपी क्रिकेट की बढ़ती ताकतमध्य प्रदेश क्रिकेट का स्तर लगातार ऊंचा हुआ है। इस वर्ष आईपीएल में प्रदेश के 11 खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों का हिस्सा रहे। इससे साफ है कि एमपीएल युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है। रजत पाटीदार बोले- अपने प्रदेश में खेलना खासरजत पाटीदार ने टूर्नामेंट से पहले कहा कि मध्य प्रदेश में खेलना हमेशा विशेष अनुभव होता है। उन्होंने MPL को राज्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बताते हुए अपनी टीम की ट्रॉफी जीतने की मंशा जाहिर की। मैच कैसे देखें?क्रिकेट प्रशंसक टिकट बुकिंग के लिए District App का उपयोग कर सकते हैं। वहीं टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण JioHotstar पर उपलब्ध रहेगा। टिकट की कीमत 100 रुपये से 250 रुपये तक रखी गई है।
दिनेश मकवाना आत्महत्या केस में CBI की एंट्री: परिवार से 3 घंटे पूछताछ, दस्तावेजों की जांच शुरू

इंदौर। इंदौर के चर्चित दिनेश मकवाना आत्महत्या प्रकरण में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। भोपाल से पहुंची अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को मकवाना के घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हुई, जिसके तहत सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए गए थे। क्या है पूरा मामला?शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने नवंबर 2025 में कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बाद में सामने आए एक वीडियो में उन्होंने आबकारी विभाग की तत्कालीन उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत मांगने और आर्थिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। परिवार से तीन घंटे तक पूछताछसूत्रों के अनुसार सीबीआई की छह सदस्यीय टीम ने करीब तीन घंटे तक परिवार के अलग-अलग सदस्यों से बातचीत की। अधिकारियों ने दिनेश मकवाना के कमरे का निरीक्षण किया और परिजनों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। जांच के दौरान यह भी समझने की कोशिश की गई कि आत्महत्या से पहले दिनेश किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उन्होंने किन लोगों से अपनी परेशानियां साझा की थीं। पुलिस जां च और शिकायतों पर भी सवालसीबीआई अधिकारियों ने परिवार से यह भी पूछा कि यदि दिनेश पर कथित दबाव था, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों या अन्य सरकारी संस्थाओं के पास औपचारिक शिकायत क्यों नहीं की। इसके अलावा स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच, दर्ज बयानों और कार्रवाई के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। मां की याचिका से खुला CBI जांच का रास्तादिनेश की मां संतोष बाई मकवाना ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मई 2026 में सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की। दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे मेंजांच एजेंसी ने व्यापारिक गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बैंक रिकॉर्ड, कारोबारी दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि मामले में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
92 करोड़ के फर्जी बिल मामले में ED की कार्रवाई, पूर्व इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली। इंदौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले में जांच एजेंसियों को ऐसे कई मामलों के दस्तावेज मिले हैं, जिनमें ड्रेनेज, सीवरेज और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन जमीन पर कार्यों के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कुछ परियोजनाएं केवल कागजों में दिखाई गईं, जबकि वास्तविक काम या तो हुआ ही नहीं या फिर भुगतान की तुलना में बहुत कम स्तर पर किया गया। पूर्व सहायक यंत्री सहित तीन आरोपी गिरफ्तारजांच के दौरान ईडी ने नगर निगम के पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर को कथित मास्टरमाइंड मानते हुए गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा को भी हिरासत में लिया गया है। तीनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया। 92 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं के दस्तावेजी प्रमाणईडी का दावा है कि जांच में अब तक लगभग 92 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ियों के दस्तावेजी प्रमाण सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार सरकारी धन की कथित हेराफेरी से अर्जित रकम का उपयोग मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया। इसी आधार पर 43 संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका जांच के दायरे मेंजांच एजेंसी का मानना है कि फर्जी बिल तैयार करने और भुगतान स्वीकृत कराने में अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ठेकेदारों के बीच मिलीभगत हो सकती है। फिलहाल ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कथित घोटाले से प्राप्त राशि का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया। जांच के प्रमुख बिंदु92 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण सामने आए।पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।विशेष अदालत ने तीन दिन की ईडी रिमांड मंजूर की।मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में 43 संपत्तियां अटैच की गईं।फर्जी निर्माण कार्यों और जाली बिलों के जरिए भुगतान लेने के आरोप।कई अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका जांच के घेरे में। पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीदईडी को उम्मीद है कि रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ से धन के प्रवाह, संपत्तियों की खरीद और कथित घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी। हालांकि जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया तथा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इंदौर नगर निगम का यह कथित फर्जी बिल घोटाला सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ईडी की कार्रवाई के बाद अब सबकी नजरें जांच के अगले चरण पर टिकी हैं, जहां इस मामले की और परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।
नेपाल में बालेन शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी… भारत ने सीमा पर बढ़ाई चौकसी

नई दिल्ली। भारत (India) की जमीन कब्जा करने के नेपाली पीएम बालेन शाह (Nepali PM Balen Shah) के दावे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सधी हुई प्रक्रिया दी है। कहा कि सीमा विवादों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच एक स्थापित तंत्र है, जिसके जरिये समाधान निकाला जाएगा। साथ ही इसमें किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को खारिज कर दिया। इस बीच उत्तराखंड (Uttarakhand) से सटे नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। बालेन शाह के बयान के खिलाफ डडेलधुरा समेत कई स्थानों पर विभिन्न छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस बीच भारत-नेपाल सीमा (India-Nepal border) पर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से गश्त तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पगडंडी मार्गों, चेकपोस्टों और सीमावर्ती गांवों में लगातार निगरानी कर रही हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस किया जा रहा है जहां सीमा अपेक्षाकृत खुली है और लोगों का आवागमन अधिक रहता है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्तमंगलवार को बलुवाकोट क्षेत्र में थानाध्यक्ष नीमा बोहरा के नेतृत्व में पुलिस और एसएसबी की टीम ने संयुक्त गश्त की। इस दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमित गश्त और निगरानी जारी रहेगी। बालेन शाह के बयान पर विदेश मंत्रालयविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने भारत-नेपाल सीमा के संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री की टिप्पणियों के साथ-साथ इस मामले पर नेपाली विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान को भी देखा है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा का लगभग 98 फीसदी हिस्सा निर्धारित हो चुका है, फिर भी कुछ हिस्से को सुलझाना बाकी है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बहाव में परिवर्तन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके अतिरिक्त सीमा के निर्धारित हिस्सों में सीमा पार कब्जे और नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण के मामले भी हैं, जिनका संयुक्त रूप से मानचित्रण किया जा रहा है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने सीमा संबंधी सभी मामलों से निपटने के लिए द्विपक्षीय तंत्र स्थापित किए हैं। सभी संबंधित पक्षों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। हाल में पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख पर भी भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जायसवाल ने कहा कि हम संयुक्त प्रेस बयान में भारत के अंदरूनी मामलों पर ऐसे बेवजह जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं।
इंदौर में बच्ची की मौत पर नया मोड़, 4 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

नई दिल्ली। इंदौर के बालदा कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार की दो वर्षीय बेटी काशवी की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। परिजनों के मुताबिक बच्ची को 27 मई को सामान्य उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उसे एक निजी क्लिनिक में दिखाया गया।अगले ही दिन उसकी तबीयत गंभीर हो गई और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ड्रिप लगाने के बाद बिगड़ी हालत, परिजनों ने लगाए आरोपपरिवार का आरोप है कि निजी क्लिनिक में बच्ची को लगातार कई ड्रिप चढ़ाई गईं। उनका कहना है कि इलाज के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन उन्हें आश्वस्त किया जाता रहा कि वह जल्द ठीक हो जाएगी। परिजनों के अनुसार घर पहुंचने के बाद बच्ची के हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ने लगे, जिसके बाद उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे गंभीर स्थिति में बाल चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां उसे बचाया नहीं जा सका। सच्चाई जानने के लिए 4 दिन बाद निकाला गया शवमौत के बाद परिवार ने इलाज में लापरवाही की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम की अनुमति से बच्ची का शव चार दिन बाद कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की गई और पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कराया गया। 5 डॉक्टरों की विशेष टीम ने किया पोस्टमॉर्टमजांच अधिकारियों के अनुसार पोस्टमॉर्टम पांच डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं। जांच एजेंसियां इलाज से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी जुटा रही हैं। परिवार का दर्द: ‘मेरी बेटी नहीं लौटेगी, लेकिन सच सामने आना चाहिए’बेटी की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन यदि किसी की लापरवाही से उसकी जान गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजारफिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मौत के कारण या किसी की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
दक्षिण सूडान में तैनात 565 भारतीय सैनिक प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से हुए सम्मानित

खार्तूम। दक्षिण सूडान (South Sudan) में संयुक्त राष्ट्र मिशन (United Nations Mission) के तहत तैनात कम से कम 565 भारतीय शांति सैनिकों (565 Indian Peacekeepers) को उनकी उत्कृष्ट सेवा, नागरिकों की सुरक्षा और शांति स्थापना के प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक (Prestigious United Nations Medal) से सम्मानित किया गया है। सम्मानित होने वाले इन सैनिकों में 53 महिला सैन्यकर्मी भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) निकाय द्वारा जारी बयान के अनुसार, भारतीय शांति सैनिकों को यह सम्मान गश्त के माध्यम से नागरिकों की रक्षा करने, स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ाव बढ़ाने, पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करने, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने, लैंगिक हिंसा के खिलाफ लड़ने और मानवीय सहायता की पहुंच को सुगम बनाने के लिए दिया गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने भारतीय दल को बधाई दी। मिशन ने कहा, “भारतीय ब्लू हेल्मेट्स ने अपने संचालन के सभी क्षेत्रों में लगातार व्यावसायिकता और कर्तव्यपरायणता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। देश को उनकी सेवा पर गर्व है।” आपको बता दें कि ब्लू हेल्मेट्स उन सैन्य कर्मियों, पुलिस अधिकारियों और नागरिक विशेषज्ञों को कहा जाता है जो संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की कमान के तहत दुनिया के अशांत क्षेत्रों में काम करते हैं। शांति स्थापना में भारत का योगदानभारत का संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में एक गौरवशाली और लंबा इतिहास रहा है। नेपाल के बाद भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में वर्दीधारी सैन्य और पुलिसकर्मियों का योगदान देने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के वर्तमान में 4,200 से अधिक सैन्य और पुलिस कर्मी संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मिशनों में तैनात हैं, जिनमें 155 महिला कर्मी शामिल हैं। भारतीय सैनिक इस समय दक्षिण सूडान के अलावा एबेई, मध्य अफ़्रीकी गणराज्य, साइप्रस, कांगो, लेबनान, मध्य पूर्व, सोमालिया और पश्चिमी सहारा के मिशनों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वैश्विक शांति की वेदी पर भारत ने सबसे बड़ा बलिदान भी दिया है। कर्तव्य की वेदी पर देश के लगभग 180 भारतीय शांति सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है, जो किसी भी सैनिक योगदान देने वाले देश की तुलना में सबसे अधिक संख्या है।
नौतपा में बदला मौसम का मिजाज, MP में गर्मी की जगह बारिश और ओलावृष्टि

नई दिल्ली। आमतौर पर नौतपा के दौरान मध्यप्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहता है, लेकिन इस बार मौसम ने बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की। पूरे नौ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। लगातार बदले मौसम के कारण प्रदेश में हीटवेव का प्रभाव लगभग समाप्त हो गया है और अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। 36 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्टमौसम विभाग ने बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, देवास, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट समेत 36 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तापमान में 10 डिग्री तक गिरावटलगातार बारिश और बादलों के कारण दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में तापमान सामान्य से 8 से 10 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावितइंदौर में मंगलवार को हुई तेज बारिश और आंधी के दौरान कई इलाकों में नुकसान की घटनाएं सामने आईं। विजय नगर क्षेत्र में एक इमारत का टीन शेड उड़कर सड़क पर जा रही कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। देवास और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई पेड़ उखड़ गए तथा मकानों के टीन शेड उड़ने से लोगों को चोटें आईं। वहीं मुरैना जिले के कैलारस क्षेत्र में देर रात जोरदार बारिश दर्ज की गई। किसानों और जल स्रोतों के लिए राहतविशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले हुई बारिश ने जल स्रोतों को कुछ राहत दी है और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सकती है। हालांकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। क्या रखें सावधानी?तेज आंधी के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहें।बिजली चमकने पर खुले मैदानों में न जाएं।वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें। मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। जहां आमतौर पर लू और झुलसाने वाली गर्मी होती है, वहीं इस बार बारिश, ओले और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।
Chardham Yatra: केदारनाथ में उमड़ रही भारी भीड़…वीडियो देख CM धामी ने किया बड़ा ऐलान

देहरादून। पिछले दिनों केदारनाथ दर्शन (Kedarnath Darshan) को लेकर लोगों की भारी-भरकम भीड़ और रोते-बिलखते श्रद्धालुओं (Devotees.) की आपबीती वाले वायरल वीडियो सामने आए थे। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami.) ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के दौरान धामों की धारण क्षमता के अनुरूप दर्शन को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी। उन्होंने चारधाम यात्रा को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धामों में दर्शन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें। किसी भी धाम या पड़ाव के लिए तय क्षमता से अधिक लोगों के आने की स्थिति में नीचे के होल्डिंग एरिया-प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों व श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को भेजा जाए ताकि धामों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। भीड़ नियंत्रण पर क्या प्लानसीएम ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के तहत श्रद्धालुओं को रोकने पर उन्हें इस के कारण, संभावित प्रतीक्षा समय और आगे की व्यवस्था की सूचना नियमित उपलब्ध कराई जाए। यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में जानकारी के अभाव का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एफएम रेडियो से सूचनाएं पहुंचाई जाएं। मौसम में बदलाव, सड़क बंद होने, यातायात जाम या दर्शन में देरी जैसी स्थितियों के बारे में यात्रियों को समय रहते बताया जाए ताकि उनमें भ्रम और असंतोष पैदा न हो। सीएम ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय समेत सभी जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रात 10 से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों पर रोकचारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अफसरों को यह व्यवस्था सख्ती से लागू करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि, ट्रक और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात के समय संचालन की अनुमति दी जाएगी। उनके अनुसार, चारधाम यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां प्रतिकूल मौसम की सबसे बड़ी चुनौती होगी। लिहाजा, संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड व सैटेलाइट फोन के साथ एम्बुलेंस और राहत-बचाव के जरूरी उपकरणों की व्यवस्था कराई जाए। सभी अफसरों को फील्ड में रहकर सारे इंतजाम का निरीक्षण और श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दिन में मालवाहक वाहनों पर रोकचारधाम यात्रा रूट पर दिन में मध्यम व भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। तीर्थयात्रियों को जाम से निजात के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद चारधाम यात्रा के नोडल अफसर संदीप सैनी ने यह आदेश किए। हेली एम्बुलेंस के लिए नोडल अफसर बनेंगेमुख्यमंत्री ने गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिलाने के लिए हेली एम्बुलेंस के लिए राज्य स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर डीएम समन्वय बनाकर मरीजों को मदद मुहैया करवा सकेंगे। उन्होंने केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शेड और बारिश-धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था के साथ स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। इस बैठक में मंत्री सतपाल महाराज, भरत सिंह चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन आदि मौजूद रहे। होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में अनिवार्य होगी रेट लिस्टमुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित सैंपलिंग को कहा। गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को नियमित समीक्षा, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस यात्रा से जुड़े जिलों के जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यात्रा प्रबंधन की निरंतर निगरानी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।