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GWALIOR DOWRY CASE: सगाई के बाद बदली मंगेतर की नीयत, बोला- कार और 5 लाख दो, नहीं तो नहीं आएगी बारात

GWALIOR DOWRY CASE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में दहेज प्रथा का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। इंदरगंज इलाके की रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने अपने मंगेतर और उसके परिवार पर दहेज मांगने तथा मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के अनुसार, सितंबर 2025 में उसकी सगाई कंपू निवासी युवक से हुई थी। परिवार ने अपनी क्षमता से बढ़कर सगाई समारोह में करीब 2 लाख रुपए का खर्च किया और शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन शादी से पहले अचानक मंगेतर ने फोन कर नई मांग रख दी। RBI MPC बैठक के बीच SBI चेयरमैन का बड़ा बयान, कहा- फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव न होना अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर युवती का आरोप मंगेतर ने कहा कि शादी करनी है तो 5 लाख रुपए नकद, एक कार और सोने-चांदी के जेवर देने होंगे। उसने साफ कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो बारात लेकर नहीं आएगा और शादी तोड़ देगा। मैं बात करने उसके घर गई तो वहां मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। CYBER TEHSIL 2.0: अब सरकारी सेवाएं होंगी और आसान, CM बोले -साइबर तहसील 2.0 से मजबूत हो रहा ई-गवर्नेंस युवती के साथ की मारपीट युवती ने पुलिस को बताया कि जब उसने मांग का विरोध किया और बात संभालने युवक के घर गई, तो बातचीत करने के बजाय मंगेतर और उसके माता-पिता, भाई-बहन ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब युवती ने विरोध किया, तो सबने मिलकर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान युवती के सिर, गले और हाथों में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उसे धक्का देकर घर से निकाल दिया और धमकी दी कि अगर पुलिस के पास गई, तो तुझे जान से मार डालेंगे। MP ALCOHOL DISPUTE: शराब के लिए विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में परिजनों संग पहुंची थाने घटना के बाद युवती अपने घर पहुंची और अपनी मां व भाई को साडी बात बताई। परिवार वाले उसे तुरंत थाने ले गए और मंगेतर व उसके घरवालों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई।जिसके बाद पुलिस ने युवती की काउंसिलिंग की और मेडिकल कराया है, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई है। फिलहाल पुलिस ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंडोनेशिया ओपन से सात्विक-चिराग का सफर खत्म, कंधे की चोट से पहले राउंड में ही हुए बाहर

नई दिल्ली । भारत की स्टार पुरुष बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का इंडोनेशिया ओपन 2026 में सफर बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। पहले ही राउंड में कंधे की चोट के कारण सात्विक को मुकाबले से हटना पड़ा, जिसके बाद भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट से नाम वापस लेना पड़ा। यह मुकाबला मलेशिया की जोड़ी कांग खाई जिंग और एरॉन ताई के खिलाफ खेला जा रहा था, जहां भारतीय जोड़ी पहले गेम में 6-11 से पीछे चल रही थी। इसी दौरान सात्विक ने अपने दाहिने कंधे में दर्द की शिकायत की और खेल जारी नहीं रख सके। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें वॉकओवर देना पड़ा। चोट ने रोकी लय, लगातार संघर्ष के बाद बड़ा झटकासात्विक के कंधे की समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की परेशानी के चलते इस जोड़ी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप से नाम वापस लिया था। लगातार चोट की वजह से उनकी लय प्रभावित हो रही है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बयान जारी करते हुए कहा कि सात्विक की रिकवरी और रिहैबिलिटेशन पर पूरा ध्यान दिया जाएगा, ताकि वह जल्द कोर्ट पर वापसी कर सकें। हालिया जीत के बाद मिला था आत्मविश्वासगौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही इस भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया की मजबूत जोड़ी फजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को हराया था। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में उन्होंने 18-21, 21-17, 21-16 से जीत दर्ज की थी। यह जीत उनकी हालिया फॉर्म और मजबूती का संकेत थी। इतना ही नहीं, यह जोड़ी सिंगापुर ओपन जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष डबल्स टीम भी बनी थी, जिसने देश के बैडमिंटन इतिहास में नया अध्याय जोड़ा था। अन्य भारतीय खिलाड़ियों का मिला-जुला प्रदर्शनइंडोनेशिया ओपन में भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिश्रित रहा। रोहन कपूर और रुथविका गड्डे ने शानदार शुरुआत करते हुए शीर्ष 20 ताइवान जोड़ी को हराकर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं लक्ष्य सेन को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। पुरुष युगल में हरिहरन अम्साकारुनन और एम.आर. अर्जुन की जोड़ी ने मलेशिया की अनुभवी जोड़ी को हराकर भारत को राहत दी। भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा झटकासात्विक-चिराग की जोड़ी भारत की सबसे भरोसेमंद डबल्स टीम मानी जाती है। उनकी अचानक चोट से बाहर होना भारत के अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजरें उनकी फिटनेस और आगामी टूर्नामेंट में वापसी पर टिकी हैं।

सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा से घटाकर ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा इकाइयों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सौरव गांगुली के लिए अब उच्चतम स्तर की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उनकी सुरक्षा को कम कर ‘Y’ श्रेणी में परिवर्तित किया गया है। 2023 में बढ़ी थी सुरक्षा, अब हुआ संशोधनगौरतलब है कि वर्ष 2023 में सौरव गांगुली की सुरक्षा को ‘Y’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी किया गया था। उस समय राज्य सरकार ने उनकी लोकप्रियता, सार्वजनिक भूमिका और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था। हालांकि, ताजा समीक्षा के बाद सुरक्षा स्तर में यह कटौती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी विशेष घटना के कारण नहीं, बल्कि राज्य भर में सभी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं के पुनर्मूल्यांकन का हिस्सा है। बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच चर्चापश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली एक बेहद लोकप्रिय चेहरा हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वे खेल प्रशासन और विभिन्न सार्वजनिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है और उनके प्रशंसकों की संख्या पूरे देश में काफी बड़ी है। इस सुरक्षा बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह सुरक्षा विश्लेषण पर आधारित तकनीकी निर्णय है। भारतीय क्रिकेट में गांगुली का योगदानसौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत की नई संस्कृति विकसित की। उन्होंने हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ और एमएस धोनी जैसे कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। कप्तानी के बाद उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में भी भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा

नई दिल्ली । नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 2026 एक बार फिर भारतीय शतरंज के लिए यादगार बन गया है, जहां युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार मात देकर सबको चौंका दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रज्ञानंद ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले सफेद मोहरों से और अब काले मोहरों से कार्लसन को हराया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल शतरंज की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत में भी उन्हें लेकर उत्साह चरम पर पहुंच गया है। आनंद  महिंद्रा की प्रतिक्रिया, कहा- “अब अभेद्य लगने लगे हैं प्रज्ञानंद”उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि अब प्रज्ञानंद “अभेद्य” यानी लगभग अजेय लगने लगे हैं। महिंद्रा ने यह भी कहा कि मैग्नस कार्लसन ने इस हार पर किसी तरह की निराशा नहीं दिखाई, जो यह संकेत देता है कि वह अब प्रज्ञानंद के साथ ऐसे परिणामों के आदी होते जा रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई। राइवलरी ने पकड़ी रफ्तार, लगातार दूसरी बड़ी जीतप्रज्ञानंद और कार्लसन के बीच यह मुकाबला अब एक मजबूत राइवलरी का रूप ले चुका है। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने पहले भी कार्लसन को हराया था और अब दूसरी जीत ने उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। खेल के अंतिम चरण तक मुकाबला बेहद संतुलित रहा, लेकिन समय की कमी में कार्लसन दबाव में आ गए और प्रज्ञानंद ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। भारतीय शतरंज का बढ़ता दबदबाइस टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमराजू को हार का सामना करना पड़ा, जबकि दिव्या देशमुख भी अपने मुकाबले में पीछे रह गईं। वहीं राउंड 8 के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं, अलीरेजा फिरौजा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं और प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। टाइटल की रेस में मजबूत दावेदारीहालांकि प्रज्ञानंद अभी शीर्ष पर नहीं हैं, लेकिन लगातार दो जीत ने उन्हें खिताबी दौड़ में मजबूती से खड़ा कर दिया है। उनकी रणनीतिक समझ, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन ने उन्हें इस समय दुनिया के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यह प्रदर्शन जारी रहा तो वह जल्द ही किसी बड़े विश्व खिताब के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।

“जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था। लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया। हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा। भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।

हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची

नई दिल्ली । भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 25-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। मंगलवार को खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले ही मिनटों से सिंगापुर की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने दूसरे मिनट में पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जिसके बाद लगातार गोलों की झड़ी लग गई। मैच की सबसे बड़ी स्टार नौशीन नाज रहीं, जिन्होंने सात गोल दागे और विपक्षी डिफेंस को पूरी तरह तोड़ दिया। गीताश्री नम्मी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच गोल किए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल किए, जबकि प्रियंका मिंज ने हैट्रिक लगाई। इसके अलावा दीया, नैन्सी सरोहा, श्रुति कुमारी, पुष्पा मांझी, रश्मीन कौर और संदीपा कुमारी ने भी एक-एक गोल कर टीम की बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में तेज पासिंग, आक्रामक मूवमेंट और मजबूत फिनिशिंग का प्रदर्शन किया। पहले हाफ में ही भारत ने एकतरफा बढ़त बना ली थी, जबकि दूसरे हाफ में गोलों की रफ्तार और तेज हो गई। आखिरी क्वार्टर में टीम ने 10 गोल दागकर सिंगापुर को पूरी तरह दबाव में ला दिया। इस जीत के साथ भारत ने पूल ए में अपने सभी मैच जीतकर 9 अंक हासिल किए और बिना हार के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। टीम ने इससे पहले मलेशिया और कोरिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी। यह प्रदर्शन अंडर-18 स्तर पर भारतीय महिला हॉकी के अब तक के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है, जिसने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत दावेदारी को और पुख्ता कर दिया है।

50 घंटे की बैटरी और 50MP सेल्फी कैमरे के साथ आया Motorola Edge 2026, प्रीमियम फीचर्स से बाजार में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली । स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है और इसी बीच Motorola ने अपने नए प्रीमियम स्मार्टफोन Edge 2026 को पेश कर तकनीक प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कंपनी ने इस डिवाइस को आकर्षक डिजाइन, उन्नत कैमरा सिस्टम, दमदार प्रोसेसर और लंबी बैटरी लाइफ जैसे फीचर्स के साथ उतारा है। यह स्मार्टफोन उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो रोजमर्रा के उपयोग के साथ-साथ बेहतर मल्टीमीडिया अनुभव और फोटोग्राफी क्षमता की तलाश में रहते हैं। Motorola Edge 2026 में 6.3 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। यह स्क्रीन न केवल स्मूथ स्क्रॉलिंग और बेहतर विजुअल अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उच्च ब्राइटनेस क्षमता के कारण तेज धूप में भी स्पष्ट दृश्यता देने में सक्षम है। डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए मजबूत ग्लास प्रोटेक्शन भी दिया गया है, जिससे स्क्रीन को रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। फोन का डिस्प्ले वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और सोशल मीडिया उपयोग के दौरान प्रीमियम अनुभव देने का दावा करता है। परफॉर्मेंस के मोर्चे पर कंपनी ने इसमें MediaTek Dimensity 7450 प्रोसेसर का उपयोग किया है। यह चिपसेट आधुनिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और मल्टीटास्किंग के साथ-साथ गेमिंग के दौरान भी बेहतर प्रदर्शन देने में सक्षम माना जा रहा है। फोन में 8GB LPDDR5x रैम और 128GB स्टोरेज का संयोजन दिया गया है, जिससे ऐप्स तेजी से खुलते हैं और उपयोगकर्ताओं को स्मूथ अनुभव मिलता है। यह डिवाइस नवीनतम एंड्रॉयड आधारित इंटरफेस पर काम करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को नए फीचर्स और बेहतर सुरक्षा सुविधाएं भी मिलती हैं। फोटोग्राफी के क्षेत्र में भी Motorola Edge 2026 को विशेष रूप से मजबूत बनाया गया है। इसके पीछे ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है जिसमें 50 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा शामिल है। इसके साथ 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो सेंसर मौजूद है। यह संयोजन विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर तस्वीरें लेने में मदद करता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो हाई-रेजोल्यूशन इमेज और स्पष्ट वीडियो अनुभव प्रदान करने का दावा करता है। बैटरी बैकअप आज के स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इस डिवाइस में 5,000mAh की बैटरी दी है। फोन 68W फास्ट चार्जिंग और 15W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है। कंपनी का दावा है कि सामान्य उपयोग की स्थिति में यह स्मार्टफोन एक बार चार्ज करने पर लगभग 50 घंटे तक चल सकता है, जिससे बार-बार चार्जिंग की आवश्यकता कम हो जाती है। फोन की मजबूती को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। डिवाइस को धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करने वाली उन्नत रेटिंग मिली है। इसके अलावा मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन इसे कठिन परिस्थितियों में भी उपयोग के लिए सक्षम बनाता है। ऑडियो अनुभव को बेहतर बनाने के लिए Dolby Atmos तकनीक से लैस डुअल स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं, जो मनोरंजन प्रेमियों के लिए आकर्षक साबित हो सकते हैं। कीमत की बात करें तो इस स्मार्टफोन को प्रीमियम श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल इसे चुनिंदा वैश्विक बाजारों में उपलब्ध कराया गया है, जबकि भारतीय बाजार में इसकी लॉन्चिंग को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। तकनीकी विशेषताओं और फीचर्स को देखते हुए यह डिवाइस प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश कर सकता है।

नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार

नई दिल्ली । नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ियों में शामिल मैग्नस कार्लसन को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की। काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने इस मुकाबले में बेहतरीन रणनीति और संयम का परिचय दिया और एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। यह प्रज्ञानंद की कार्लसन पर इसी टूर्नामेंट में दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने व्हाइट मोहरों से भी कार्लसन को मात दी थी। इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानंद अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया है। इस जीत के बाद टूर्नामेंट में खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। वेस्ली सो फिलहाल 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अलीरेजा फिरोजा 13 अंकों के साथ उनसे बेहद करीब हैं। प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ मजबूत दावेदारी में बने हुए हैं और अंतिम राउंड से पहले टाइटल रेस पूरी तरह खुली हुई है। दूसरी ओर, भारतीय वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अपने मुकाबले में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। व्हाइट मोहरों से खेलते हुए गुकेश ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टाइम प्रेशर में वह बढ़त बनाए नहीं रख सके और मुकाबला हार गए। महिला वर्ग में भी भारत के लिए मिला-जुला प्रदर्शन रहा। दिव्या देशमुख को बिबिसारा असौबायेवा के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। मुकाबले में असौबायेवा ने दबाव बनाए रखा और दिव्या की टाइम समस्या का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की। वहीं, चीन की झू जिनर ने मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस बीच भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने आर्मागेडन टाईब्रेकर में जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण अतिरिक्त अंक हासिल किए। राउंड 8 के बाद महिला वर्ग में बिबिसारा असौबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ बराबरी पर बनी हुई हैं। टूर्नामेंट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जहां खिताबी दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर अहमदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 131 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार

नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया है। अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में देर रात छापेमारी कर बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच के बाद 131 लोगों की पहचान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। इसके अलावा करीब 160 अन्य संदिग्धों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच जारी है। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में शहर में चलाए गए सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह विशेष अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया। इसके लिए अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमों को एक साथ विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया था। ऑपरेशन के दौरान शहर के संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कुछ क्षेत्रों में अवैध रूप से विदेशी नागरिकों के रहने की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। क्राइम ब्रांच के अनुसार चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर समेत कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के पहचान दस्तावेजों की जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान 131 लोगों के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक सत्यापन में इन लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। हालांकि सभी मामलों में विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए अन्य 160 लोगों के दस्तावेजों और नागरिकता संबंधी विवरणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न सरकारी अभिलेखों और पहचान दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उनके संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जा रही है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस अभियान के साथ-साथ प्रशासन ने चंडोला झील क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों ने क्षेत्र में बने कई अवैध ढांचों को हटाने का अभियान चलाया है। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित जलाशय क्षेत्र के आसपास अनधिकृत निर्माण पर्यावरण और शहरी नियोजन दोनों के लिए चुनौती बने हुए थे। इसलिए दस्तावेजों के सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के बाद अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया गया। पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शहर में पहचान और दस्तावेज सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन सभी विदेशी नागरिकों से वैध दस्तावेज रखने और संबंधित नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है। वहीं जिन लोगों के पास आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार अवैध प्रवास और फर्जी दस्तावेजों के मामलों की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी मजबूत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पात्र मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अहमदाबाद में चलाया गया यह अभियान सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है।

सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे

मध्यप्रदेश । जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक टीम घंटों तक महिला को समझाने में जुटी रही। महिला ने आरोप लगाया कि उसके परिवार के ही कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस व प्रशासन उसकी फरियाद नहीं सुन रहे हैं। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर टावर पर चढ़ गई। घटना की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का कहना है कि उसके बड़े पिता के पुत्र संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह ने एक स्थानीय व्यवसायी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसने यह भी दावा किया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने, तहसील कार्यालय और अन्य विभागों में कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे महिला थाने पहुंची थी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इसके बाद मौके पर पहुंची सिहोरा पुलिस ने लगातार समझाइश शुरू की। थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को सहित अन्य अधिकारी उसे शांत कराने में लगे रहे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार महिला टावर से नीचे उतर आई, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। फिलहाल पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए तलब किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही महिला की शिकायत को एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।