रिवॉर्ड रिडीम करने का मैसेज पड़ा भारी, युवती के मोबाइल पर साइबर ठगों ने किया बड़ा हाथ साफ

मध्य प्रदेश । इंदौर में साइबर अपराध का एक और मामला सामने आया है, जहां रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम करने के नाम पर एक युवती को लाखों रुपए की चपत लगा दी गई। साइबर ठगों ने बैंक के नाम से फर्जी मैसेज भेजकर पहले युवती को अपने झांसे में लिया और फिर उसके बैंक खाते से करीब 1.76 लाख रुपए निकाल लिए। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमआईजी थाना पुलिस के अनुसार खजराना मेन रोड क्षेत्र निवासी प्रियंका सोनी ने शिकायत दर्ज कराई है कि 24 मई को उनके मोबाइल पर एक्सिस बैंक के नाम से एक मैसेज आया था। मैसेज में बताया गया था कि उनके खाते में रिवॉर्ड प्वाइंट उपलब्ध हैं, जिन्हें रिडीम किया जा सकता है। इसके लिए एक लिंक भी भेजा गया था, जिसे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट जैसा बताया गया। विश्वास में आकर प्रियंका ने लिंक खोला और उसमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। जैसे ही उन्होंने ओटीपी दर्ज किया, उनका मोबाइल फोन अचानक काम करना बंद कर गया। उस समय उन्हें किसी बड़े साइबर फ्रॉड का अंदेशा नहीं हुआ। घटना के कुछ दिन बाद 30 मई को उनके मोबाइल पर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन से जुड़े संदेश प्राप्त हुए। इन संदेशों में बताया गया कि उनके बैंक खाते से 24 मई को करीब 49 हजार रुपए, 26 मई को 99 हजार रुपए और 28 मई को लगभग 28 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए हैं। कुल मिलाकर उनके खाते से करीब 1 लाख 76 हजार रुपए निकाल लिए गए। जब प्रियंका ने अपने बैंक खाते और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी जांची तो पता चला कि रकम अलग-अलग यूपीआई आईडी के माध्यम से ट्रांसफर की गई है। इसके बाद उन्होंने परिजनों को पूरी जानकारी दी और साइबर सेल से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जानकारी जुटा रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही फर्जी वेबसाइट और साइबर गिरोह तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक कभी भी मैसेज या फोन के जरिए ओटीपी, पासवर्ड या संवेदनशील जानकारी नहीं मांगते। ऐसे किसी भी संदेश की सत्यता की पुष्टि किए बिना उस पर कार्रवाई करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
तेज रफ्तार मिक्सर मशीन बनी काल, बाइक सवार दो दोस्तों को मारी टक्कर; एक की मौके पर मौत

मध्य प्रदेश । इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नायता मुंडला इलाके में हुआ, जहां तेज रफ्तार मिक्सर मशीन वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आकिब पुत्र अयूब खान निवासी कटकटपुरा के रूप में हुई है। हादसे के समय वह अपने दोस्त समीर पुत्र मुर्तजा खान के साथ बाइक पर सवार था। दोनों देर रात घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि आकिब अपने दोस्त समीर को उसके घर छोड़ने नायता मुंडला क्षेत्र की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में तेज रफ्तार मिक्सर मशीन वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर लगते ही दोनों युवक बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरे। समीर सड़क के किनारे दूर जा गिरा, जबकि आकिब वाहन की चपेट में आ गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने आकिब के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं गंभीर रूप से घायल समीर को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय मिक्सर मशीन वाहन तेज गति से चल रहा था। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल मिक्सर मशीन डंपर को जब्त कर लिया है और चालक की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस हादसे के बाद मृतक आकिब के परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे अस्पताल और थाने पहुंचे। वहीं घायल समीर के परिजन भी अस्पताल में उसकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसे के समय वाहन चालक ने यातायात नियमों का पालन किया था या नहीं।
15 जून से शुरू होंगे भीमाशंकर के दर्शन, उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने लागू किए नए नियम

नई दिल्ली। भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखने वाले महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रसिद्ध भीमाशंकर मंदिर के कपाट आगामी 15 जून 2026 से श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिए जाएंगे। विकास और जीर्णोद्धार कार्यों के चलते पिछले करीब पांच महीनों से इस ऐतिहासिक मंदिर में आम भक्तों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से पूरा करने और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जनवरी महीने से ही मंदिर को बंद रखने का निर्णय लिया था। अब बुनियादी ढांचे के विकास का पहला चरण पूरा होने के बाद शिव भक्तों का लंबा इंतजार समाप्त होने जा रहा है और मंदिर परिसर एक बार फिर जय भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान होने के लिए तैयार है। इस धार्मिक स्थल को अस्थाई रूप से बंद किए जाने का मुख्य कारण आगामी वर्ष 2027 में नासिक के त्र्यंबकेश्वर तीर्थ में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला है। इस वैश्विक आयोजन के दौरान महाराष्ट्र के सभी प्रमुख और पौराणिक तीर्थस्थलों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना है। इसी भविष्यगामी भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा भीमाशंकर मंदिर परिसर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू करवाए गए थे। इन पांच महीनों की अवधि के दौरान मंदिर के मुख्य मुख्य मार्ग, प्रवेश व निकास द्वारों को चौड़ा करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम करने के लिए विशेष बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है ताकि कुंभ मेले के समय किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भीमाशंकर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े और नए नियम भी लागू किए जा रहे हैं। अब यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्व ऑनलाइन पंजीकरण कराना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। दर्शन के लिए स्लॉट बुक करने की ऑनलाइन प्रक्रिया 5 जून 2026 से मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दी जाएगी। मंदिर प्रबंधन समिति ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती दौर में प्रतिदिन केवल सीमित संख्या में ही पंजीकृत श्रद्धालुओं को गर्भगृह और मुख्य परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिससे कतार प्रबंधन को बेहतर ढंग से संभाला जा सके और वीआईपी व आम भक्तों के बीच संतुलन बना रहे। प्रशासन ने देश भर से आने वाले शिव भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर के नए नियमों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग न केवल एक महान धार्मिक केंद्र है, बल्कि यह अपने अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और वन्यजीव अभ्यारण्य के लिए भी दुनिया भर के पर्यटकों और ट्रैकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है। सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित होने के कारण यहां पहुंचने का मार्ग पहाड़ी और घुमावदार है। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए पुणे जंक्शन और कर्जत रेलवे स्टेशन से राज्य परिवहन की विशेष बसों और टैक्सियों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे जून के महीने में मानसून की शुरुआत के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परिवहन संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
नाबालिग से छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई, पॉक्सो कोर्ट ने बुजुर्ग को भेजा जेल

मध्य प्रदेश । इंदौर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने समाज को झकझोर देने वाले एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 78 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी प्रभाकर बापट को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश रमा जयंत मित्तल ने इस मामले में पीड़िता और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए 30 मई को अपना फैसला सुरक्षित किया था, जिसका विस्तृत आदेश 3 जून को जारी किया गया। कोर्ट ने सजा के साथ-साथ दोषी बुजुर्ग पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह पूरा मामला एक 12 वर्षीय मासूम बालिका के साथ लगातार हुए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है, जिसे आरोपी अपनी उम्र का लिहाज किए बिना लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था। इस संवेदनशील मामले का खुलासा तब हुआ जब 30 अक्टूबर 2023 को इंदौर की एक सामाजिक संस्था की प्रतिनिधि पीड़िता के घर पहुंचीं। संस्था के पास आरोपी की करतूतों का एक वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद था, जिसे उन्होंने बच्ची की मां को दिखाया। वीडियो देखकर स्तब्ध रह गई मां ने जब अपनी बेटी को विश्वास में लेकर पूछताछ की, तब मासूम ने अपने साथ हुई भयावह दास्तां बयां की। पीड़िता ने बताया कि पड़ोस में रहने वाला बुजुर्ग प्रभाकर बापट उसके स्कूल आते-जाते समय लगातार पीछा करता था। वह उसे रास्ते में रोककर जबरन बात करने की कोशिश करता और बस स्टॉप तक उसके पीछे चला आता था। इस दौरान आरोपी कई बार बच्ची के बेहद करीब आने का प्रयास करता था, जिससे वह बुरी तरह असहज और भयभीत हो जाती थी। मासूम ने अपनी मां को यह भी बताया कि आरोपी ने एक दिन उसे बहलाने-फुसलाने के लिए 10 रुपये देने की कोशिश भी की थी। आरोपी की हिम्मत इतनी बढ़ गई थी कि अक्टूबर 2023 में उसने बच्ची के घर के बाहर आकर भी अत्यंत आपत्तिजनक और अश्लील इशारे किए। इसके बाद भी उसकी हरकतें थमी नहीं और 27 अक्टूबर को उसने बस स्टॉप के पास बालिका के साथ फिर से अनुचित व्यवहार किया, जिसका बच्ची ने डटकर विरोध किया। लोकलाज और डर के कारण बच्ची ने शुरुआत में यह बात अपने परिवार से छिपाई थी, लेकिन सामाजिक संस्था की सतर्कता से सच सामने आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां ने तत्काल थाना परदेशीपुरा में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादंवि) की धारा 354, 354-घ, 341, पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और घटनास्थल से जुड़े प्रत्यक्ष व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए। प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक वर्षा पाठक ने शासन की ओर से कोर्ट में दमदार पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 9 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए और पुख्ता दस्तावेजी व डिजिटल साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद माना कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पूरी तरह पर्याप्त और विश्वसनीय हैं। अदालत ने आरोपी की ढलती उम्र को दरकिनार करते हुए अपराध की गंभीरता के मद्देनजर उसे पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत अधिकतम 5 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाकर समाज में एक कड़ा संदेश दिया है।
इंदौर में युवक ने उठाया खौफनाक कदम, आईफोन तोड़ने के बाद कमरे में गया और फंदे पर झूल गया

मध्य प्रदेश । इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मृतक की पहचान नार्थ तोड़ा निवासी गौरव पुत्र मनोज कुरिल के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गौरव अपने मामा के साथ जूते-चप्पल की दुकान पर काम करता था। परिजनों ने बताया कि बुधवार को वह सुबह से ही परेशान और गुमसुम नजर आ रहा था। वह किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रहा था। दिनभर उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। परिवार के मुताबिक घटना से कुछ समय पहले गौरव ने अपना आईफोन तोड़ दिया था। इसके बाद उसने अपनी मां का मोबाइल लिया और कमरे में चला गया। काफी देर तक कमरे का दरवाजा बंद रहने और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों को चिंता हुई। जब दरवाजा खटखटाने पर भी जवाब नहीं मिला तो पड़ोसियों की मदद से कमरे का लॉक तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। गौरव फंदे पर लटका हुआ मिला। कमरे में उसका टूटा हुआ मोबाइल भी पड़ा था। पुलिस के अनुसार गौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता मनोज कुरिल वाहन पॉलिश का काम करते हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि जांच के लिए टूटे हुए मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सुबह गौरव अपनी पैंट पर दूसरी पैंट का रंग लग जाने से नाराज हो गया था। गुस्से में उसने कैंची से अपनी पैंट काट दी थी। इस बात को लेकर घर में विवाद भी हुआ था। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद उसकी मां नाराज होकर घर से बाहर चली गई थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि गौरव ने मां के मोबाइल से अपने एक दोस्त को फोन कर आईफोन ठीक कराने की बात कही थी। इसके बाद उसने कमरे में खुद को बंद कर लिया। फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, परिजनों के बयान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत परिवार, मित्रों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
बारिश से बदला मौसम का मिजाज, 29 जिलों में झमाझम; 18.8°C के साथ पचमढ़ी सबसे ठंडा

मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश में मानसून भले ही अभी कुछ दिन दूर हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने पूरे प्रदेश का मौसम बदल दिया है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 29 जिलों में तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। राजधानी भोपाल में रातभर बारिश का दौर चलता रहा, जबकि गुरुवार सुबह भी कई इलाकों में बूंदाबांदी होती रही। लगातार हुई बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। सबसे ज्यादा बारिश श्योपुर जिले में हुई, जहां करीब पौने दो इंच पानी गिरा। भारी वर्षा के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मंडला में पौन इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में करीब आधा इंच पानी बरसा। गुना, दमोह, सागर, उमरिया, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं बैतूल, हरदा, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, रीवा, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल में भी मौसम ने करवट ली। बारिश के असर से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। भोपाल का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। इंदौर में 25.8 डिग्री, उज्जैन में 25.5 डिग्री, ग्वालियर में 27.3 डिग्री और जबलपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भोपाल सहित 22 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे अधिक रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, श्योपुर, मुरैना, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, सागर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर और दमोह शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और अन्य मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर कई जिलों में बना रह सकता है। हालांकि मानसून के आगमन को लेकर अब देरी के संकेत मिल रहे हैं। सामान्यतः मध्यप्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 5 से 7 दिन देर से आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है। उधर मई महीने का मौसम भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक ओर कई जिलों में भीषण गर्मी और लू चली, वहीं दूसरी ओर सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई। खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन नौतपा के दौरान भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार मई में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
निर्जला एकादशी 2026: व्यापार में उन्नति और मानसिक शांति के लिए इस बार बेहद खास हैं ये ज्योतिषीय उपाय

नई दिल्ली। सनातन परंपरा में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को बेहद खास और पवित्र माना गया है। इस वर्ष निर्जला एकादशी का महापर्व 25 जून 2026 को मनाया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक दृष्टिकोण से यह केवल एक पारंपरिक उपवास नहीं है, बल्कि व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सकारात्मक दिशा में ले जाने का एक बड़ा माध्यम है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए पूरी निष्ठा से व्रत का पालन करते हैं, उन्हें साल भर की सभी चौबीस एकादशियों के समान ही पुण्यफल प्राप्त होता है। ज्योतिषीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्रत व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ उसकी मानसिक क्षमताओं का विकास करने में भी सहायक सिद्ध होता है। इस पावन पर्व का संबंध महाभारत काल की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कथा से जुड़ा हुआ है। पांडव भाइयों में भीमसेन अपनी अत्यधिक भूख के कारण हर महीने आने वाली एकादशियों का नियमित व्रत रखने में असमर्थ थे। अपनी इस विवशता को लेकर जब वे महर्षि वेदव्यास जी के पास पहुंचे, तब व्यास जी ने उन्हें एक सरल किंतु बेहद कठिन मार्ग सुझाया। उन्होंने भीम को समझाया कि यदि वे ज्येष्ठ मास की इस मुख्य एकादशी पर बिना पानी पिए पूर्ण निष्ठा के साथ निर्जल उपवास रखें, तो उन्हें वर्ष भर की समस्त एकादशियों का लाभ एक साथ मिल जाएगा। भीम ने गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए इस कठिन व्रत को पूरा किया, जिसके बाद से ही सनातन समाज में इसे भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाने लगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार निर्जला एकादशी का सीधा संबंध ब्रह्मांड में चंद्रमा की ऊर्जा से माना गया है। इस दिन किया जाने वाला मानसिक और शारीरिक संयम व्यक्ति के चित्त को स्थिर रखता है और उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करता है। यह विशेष तिथि भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति के तत्वों को अत्यधिक बल प्रदान करती है, जिसके कारण यह दिन केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रहता बल्कि कुंडली में ग्रहों के संतुलन को ठीक करने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। यही वजह है कि करियर और व्यापार में लंबे समय से गतिरोध का सामना कर रहे जातकों के लिए इस दिन कुछ विशेष उपायों को आजमाना बेहद फलदायी माना जाता है। इस शुभ अवसर पर व्यापारिक और आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए पीपल के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु का स्मरण करने का विधान है। सुबह या शाम के समय पीपल के पेड़ के पास जाकर ‘ओम् नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर हल्दी व केसर मिश्रित गंगाजल का छिड़काव करने से राहु और केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और घरेलू कलह का नाश होता है। आर्थिक समृद्धि के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चरणों में ग्यारह पीली कौड़ियां रखकर उन पर हल्दी का तिलक लगाने और पूजा के बाद उन्हें तिजोरी में सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है, जिससे अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहता है। विद्यार्थियों के लिए भी यह दिन एकाग्रता बढ़ाने का एक उत्तम अवसर लेकर आता है। जो छात्र पढ़ाई में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते, वे अपनी अध्ययन सामग्री पर हल्दी का छोटा तिलक लगाकर विष्णु सहस्त्रनाम का श्रवण कर सकते हैं, जिससे उनकी स्मरण शक्ति मजबूत होती है। सामाजिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से इस दिन स्वयं निर्जल रहकर बेजुबान पक्षियों के लिए स्वच्छ जल पात्र की व्यवस्था करना सूर्य और गुरु ग्रह को शुभ फल देने के लिए प्रेरित करता है। इसके साथ ही कार्यस्थल पर शंखध्वनि करने से वातावरण शुद्ध होता है और व्यापारिक निर्णय लेने की क्षमता में स्पष्टता आती है। इस दिन परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर कम से कम आधा घंटा विष्णु कथा का पाठ करने से आपसी मतभेद दूर होते हैं। व्रत की पूर्णता के लिए केवल भूखा-प्यासा रहना ही काफी नहीं है, बल्कि इस दिन क्रोध, असत्य और किसी के अपमान की भावना का पूरी तरह त्याग कर मन को शुद्ध रखना अनिवार्य माना गया है।
हनी ट्रैप-2 की परतें खुलीं, ब्लैकमेलिंग नेटवर्क पर शिकंजा; कोर्ट में पेश हुए अहम सबूत

मध्य प्रदेश । इंदौर के बहुचर्चित हनी ट्रैप-2 मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। बिल्डर और शराब कारोबारी चिंटू उर्फ हितेंद्र ठाकुर को कथित रूप से ब्लैकमेल कर रकम वसूलने के मामले में गिरफ्तार सागर निवासी रेशू चौधरी और हनी ट्रैप-1 की मुख्य आरोपी श्वेता जैन को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच ने कोर्ट को बताया कि दोनों महिलाओं से जुड़ा गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था और बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूली करता था। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों के कब्जे से कुल 9 मोबाइल फोन, एक स्पाई कैमरा, पावर बैंक, 32 जीबी का मेमोरी कार्ड और दो पेन ड्राइव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा अन्य आरोपियों से भी मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ऐसे अहम डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। मामले में गिरफ्तार लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित, लाखन चौधरी, जितेंद्र पुरोहित, हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा और जयदीप ने जमानत के लिए कानूनी प्रयास शुरू कर दिए हैं। लाखन चौधरी की ओर से दायर जमानत याचिका का क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अदालत में विरोध किया। वहीं पुलिस ने अलका दीक्षित से आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड की मांग भी की है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामला केवल फरियादी चिंटू ठाकुर तक सीमित नहीं है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने कई अन्य प्रभावशाली और संपन्न लोगों को भी निशाना बनाया हो सकता है। जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस की प्रारंभिक जांच में रेशू चौधरी, श्वेता जैन, अलका दीक्षित और हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के बीच संवेदनशील फोटो और जानकारी साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी अन्य व्यक्ति का नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया है। जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रेशू चौधरी के पास से बरामद स्पाई कैमरा माना जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि इस कैमरे का उपयोग गुप्त रिकॉर्डिंग करने के लिए किया जाता था। कैमरे के साथ मिला 32 जीबी का मेमोरी कार्ड और अन्य स्टोरेज डिवाइस अब फॉरेंसिक जांच के दायरे में हैं। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्ड किए गए फोटो और वीडियो किन-किन डिवाइस में सुरक्षित रखे गए थे और कहीं कोई डेटा डिलीट तो नहीं किया गया। क्राइम ब्रांच की विभिन्न टीमें मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं और कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस की नजर जब्त मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा पर है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय कर सकता है।
इंदौर में दिन का पारा 38°C पर स्थिर, रातों की गर्मी बढ़ी; 24 घंटे में तापमान 7 डिग्री उछला

मध्य प्रदेश । इंदौर में पिछले दिनों हुई तेज आंधी और बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। शहर में दिन का तापमान लगातार तीन दिनों से करीब 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा। हालांकि दिन के मुकाबले रातें फिर गर्म होने लगी हैं। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य स्तर पर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। टर्फ लाइन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर में पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से रात के तापमान में तेजी से इजाफा हुआ है। यही कारण है कि दिन में मौसम अपेक्षाकृत सुहाना महसूस हो रहा है, जबकि रात में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। इस वर्ष नौतपा के दौरान भी गर्मी का असर अपेक्षाकृत कम रहा। पूरे नौ दिनों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं पहुंचा। नौतपा के अंतिम दिनों में हुई बारिश ने भी तापमान को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाई। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में भी प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे बीच-बीच में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। मानसून की बात करें तो सामान्य तौर पर मध्यप्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है। वर्ष 2025 में मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था। लेकिन इस बार इसके 5 से 7 दिन देरी से आने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की दस्तक 20 से 22 जून के बीच हो सकती है। आमतौर पर केरल में मानसून पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मध्यप्रदेश में इसका आगमन होता है, लेकिन कई बार मौसमीय परिस्थितियों के कारण इसमें विलंब भी हो जाता है। इंदौर के मौसम का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। जून महीने में यहां तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलती है। पिछले सात वर्षों में जून के दौरान अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। पिछले वर्ष जून में शहर में साढ़े पांच इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। वहीं वर्ष 1980 में जून माह में 17 इंच से अधिक वर्षा का रिकॉर्ड बना था। 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी, जबकि 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम के ये आंकड़े बताते हैं कि जून का महीना इंदौर में गर्मी और बारिश के बीच संतुलन बनाने वाला दौर साबित होता है।
पाकिस्तान में फ्रांसीसी महिला से दरिंदगी के दोषियों को होगी फांसी: उच्च न्यायालय ने खारिज की अपील, वैश्विक स्तर पर न्यायिक कड़ेपन का समर्थन

नई दिल्ली। पाकिस्तान की न्यायपालिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित और संवेदनशील ‘लाहौर मोटरवे सामूहिक दुष्कर्म मामले’ में एक अत्यंत कड़ा और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। लाहौर उच्च न्यायालय (LHC) ने इस बर्बर कांड के दो मुख्य दोषियों, आबिद अली और शफकत अली की फांसी की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा है। दोनों दोषियों ने साल 2021 में आतंकवाद निरोधी अदालत (ATC) द्वारा दी गई मौत की सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने अभियोजन पक्ष के पुख्ता सबूतों के आलोक में सिरे से खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद अब दोनों अपराधियों की मौत की सजा का क्रियान्वयन तय माना जा रहा है, जिसने वैश्विक स्तर पर भी मानवाधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े संगठनों का ध्यान आकर्षित किया है। यह अत्यंत क्रूर और खौफनाक घटना 9 सितंबर 2020 की है, जब पाकिस्तानी मूल की एक फ्रांसीसी महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर कार से यात्रा कर रही थी। देर रात अचानक कार का ईंधन समाप्त हो जाने के कारण उनका परिवार सुनसान सड़क के किनारे असहाय स्थिति में फंस गया था। महिला अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार के दरवाजे बंद कर भीतर ही मदद की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावरों ने वाहन की खिड़की का शीशा तोड़कर महिला को जबरन बाहर घसीट लिया और उसके ही रोते-बिलखते बच्चों के सामने बंदूक की नोक पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। अपराधी वहां से भागने से पहले पीड़ित परिवार से नकदी, आभूषण और बैंक कार्ड भी लूट ले गए थे। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद पूरे पाकिस्तान में जनाक्रोश भड़क उठा था और कार्यस्थलों तथा सार्वजनिक मार्गों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनों की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन हुए थे। जनभावनाएं उस समय और अधिक उग्र हो गई थीं, जब तत्कालीन लाहौर पुलिस प्रमुख उमर शेख ने प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए उल्टा पीड़िता के समय और मार्ग चयन पर ही अनुचित सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, बढ़ते दबाव के बीच पुलिस प्रशासन ने अपराधियों को पकड़ने के लिए एक व्यापक वैज्ञानिक अभियान चलाया। जांचकर्ताओं ने अत्याधुनिक मोबाइल फोन डेटा विश्लेषण और घटनास्थल से एकत्र किए गए डीएनए नमूनों की सहायता से आरोपियों को दबोचा था। बाद में न्यायिक कार्यवाही के दौरान पीड़िता ने भी दोनों की पहचान की थी और एक आरोपी ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। उच्च न्यायालय में अपील की सुनवाई के दौरान दोषियों के विधिक सलाहकारों ने दलील दी थी कि जांच एजेंसी की प्रक्रिया में कई तकनीकी कमियां हैं और साक्ष्य पूरी तरह विश्वसनीय नहीं हैं। इसके विपरीत, सरकारी वकीलों ने अदालत के समक्ष अकाट्य वैज्ञानिक (डीएनए) और तकनीकी (सेलुलर लोकेशन) प्रमाण प्रस्तुत किए, जो सीधे तौर पर अपराधियों की अपराध स्थल पर उपस्थिति और संलिप्तता को प्रमाणित करते थे। उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को वैध मानते हुए स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला पूर्णतः न्यायसंगत था। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसिद्ध वैश्विक उद्यमी और टेस्ला प्रमुख एलन मस्क ने भी सोशल मीडिया पर ‘शाबाश पाकिस्तान’ लिखते हुए न्यायिक कड़ेपन की सराहना की और कहा कि पश्चिमी देशों को भी हिंसक अपराधों के खिलाफ ऐसे ही कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।