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शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर 17.84 लाख की ठगी, मोबाइल बंद कर फरार आरोपी

मध्‍य प्रदेश।  इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक प्रॉपर्टी ब्रोकर से शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर कुल 17.84 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित नितेश दवे ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट निवेश से जुड़े कुछ विज्ञापन देखे थे, जिनमें कम समय में ज्यादा मुनाफे का दावा किया गया था। इसी विज्ञापन के जरिए उनकी बातचीत व्हाट्सएप पर एक महिला से शुरू हुई, जिसने खुद को आराध्या शर्मा बताया और एक बड़ी निवेश कंपनी से जुड़ा बताया। आरोपी महिला ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा, जहां “सीनियर अधिकारी” के रूप में हरीनी पटेल नाम की एक अन्य महिला से परिचय कराया गया। इसके बाद पीड़ित को एक ऑनलाइन एग्रीमेंट भी भेजा गया, जिसमें निवेश पर 15 प्रतिशत कमीशन का झांसा दिया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने 10 हजार रुपये का निवेश करवाया, जिसके बदले में पीड़ित को करीब 13 हजार रुपये वापस भेजे गए। इससे उनका विश्वास बढ़ गया और वे लगातार निवेश करते चले गए। इसके बाद “7 दिन के हाई रिटर्न प्लान” का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में कई ट्रांजेक्शन कराए गए। कुल मिलाकर 28 ट्रांजेक्शन के जरिए 17 लाख 84 हजार रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवा लिए गए। जब पीड़ित ने अपना पैसा और मुनाफा वापस मांगना शुरू किया, तो आरोपी महिला ने संपर्क बंद कर दिया। कुछ ही समय में उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया और उसे टेलीग्राम ग्रुप से भी हटा दिया गया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। घटना की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराने के बाद मामला एरोड्रम थाने तक पहुंचा, जहां पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारकों और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का मामला हो सकता है।

दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा मासूम, शरीर इतना कमजोर कि चलना भी मुश्किल

मध्‍य प्रदेश। इंदौर से सामने आया एक वीडियो इन दिनों लोगों को भावुक कर रहा है, जिसमें एक 11 वर्षीय बीमार बच्चे को उसके माता-पिता भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर धकेलते हुए अस्पताल ले जाते दिखाई दिए। यह दृश्य जितना दर्दनाक दिखा, उसकी असली वजह उतनी ही गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जुड़ी है। यह बच्चा, आदर्श मलक, पिछले कई महीनों से गंभीर न्यूरोलॉजिकल और आनुवंशिक समस्याओं से जूझ रहा है। उसकी स्थिति ऐसी है कि वह चलने-फिरने में असमर्थ है और पूरी तरह देखभाल पर निर्भर है। परिजनों के अनुसार, उसका इलाज इंदौर के एमवाय अस्पताल में चल रहा है। परिवार ने बताया कि बच्चे को एक दुर्लभ बीमारी हाइपोहाइड्रोटिक एक्टोडर्मल डिस्प्लेसिया (Hypohidrotic Ectodermal Dysplasia) है। इस बीमारी में शरीर की पसीना ग्रंथियां ठीक से विकसित नहीं हो पातीं, जिसके कारण मरीज को बहुत कम या बिल्कुल पसीना नहीं आता। यही वजह है कि गर्मी उसके लिए बेहद खतरनाक हो जाती है। इसके अलावा इस बीमारी का असर शरीर के अन्य हिस्सों पर भी पड़ता है, जैसे दांतों का विकास, बालों की वृद्धि और त्वचा की संरचना। आदर्श की उम्र 11 साल होने के बावजूद उसका शारीरिक विकास सामान्य बच्चों की तुलना में काफी पीछे है और उसके दूध के दांत भी अभी तक पूरी तरह नहीं गिरे हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स में उसके मामले में डिमायलिनेटिंग डिजीज और गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थितियों की आशंका भी जताई गई है। इन बीमारियों में नसों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे शरीर में कमजोरी और लकवे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। परिजनों ने बताया कि शनिवार को डॉक्टरों ने बच्चे को स्पाइन संबंधी इलाज के लिए सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल भेजने को कहा था। लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने और स्टाफ की देरी के कारण उन्हें मजबूरी में बच्चे को स्ट्रेचर पर ही ले जाना पड़ा। करीब एक किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल तक वे उसे धूप में धकेलते हुए ले गए। इस दौरान उसकी मां लगातार गीले कपड़े से बच्चे के शरीर को ठंडा करने की कोशिश करती रहीं, क्योंकि आदर्श को सामान्य लोगों की तुलना में अधिक गर्मी महसूस होती है और उसे पसीना नहीं आता। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं, घटना के वायरल वीडियो के बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि मरीज को ट्रांसफर में देरी क्यों हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई। फिलहाल आदर्श की स्थिति जटिल बनी हुई है, लेकिन डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में लगातार जुटी हुई है। यह मामला न केवल चिकित्सा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है, बल्कि एक परिवार के संघर्ष और मासूम की जिदंगी की लड़ाई को भी सामने लाता है।

MP स्वास्थ्य विभाग में सख्ती, विधवा और परित्यक्ता कर्मचारियों के लिए अनिवार्य दस्तावेज

मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति एक बार फिर चर्चा और विवाद के केंद्र में आ गई है। इस नीति में विधवा और परित्यक्ता महिला कर्मचारियों से उनकी स्थिति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अनिवार्यता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत, ऐसे महिला कर्मचारियों को तबादले के लिए आवेदन करते समय न केवल शपथ पत्र देना होगा, बल्कि एसडीएम या कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। इसी तरह यदि कोई कर्मचारी 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे की एकमात्र देखभाल कर रहा है, तो उसे भी शपथ पत्र या संबंधित अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। यह प्रावधान महिला और पुरुष दोनों कर्मचारियों पर लागू होगा। हालांकि इस नीति को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि राज्य के अन्य विभागों जैसे स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति में ऐसी कोई कठोर शर्त नहीं रखी गई है। वहां केवल विकल्प चयन के आधार पर आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी तबादला आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ई-एचआरएमएस पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन की प्रक्रिया 8 जून से 12 जून तक चलेगी, जबकि 13 जून तक उनकी जांच पूरी कर ली जाएगी। विभाग ने जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के स्तर पर हेल्प डेस्क भी स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कर्मचारियों को आवेदन में किसी तरह की परेशानी न हो। आवेदक अधिकतम पांच स्थानों का चयन कर सकते हैं। नीति के अनुसार, गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी फेल्योर, हृदय रोग या मानसिक रोग की स्थिति में भी संबंधित मेडिकल बोर्ड या अधिकृत अधिकारी का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। वहीं प्रोबेशन अवधि में कार्यरत या तीन साल से कम सेवा वाले कर्मचारी स्वैच्छिक स्थानांतरण के पात्र नहीं होंगे। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी ऑनलाइन प्रक्रिया के अलावा किसी अन्य माध्यम से तबादले के लिए प्रयास करता पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नई नीति के लागू होने के बाद जहां प्रशासन इसे व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बता रहा है, वहीं कर्मचारी संगठनों में इसे लेकर असंतोष और बहस तेज हो गई है।

मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज

मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम ने अपने तेवर पहले ही दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। हालात यह हैं कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम विभाग भी हैरान है। राज्य के कई जिलों में रविवार को भी तेज बारिश देखने को मिली। खंडवा, जबलपुर और सीहोर जैसे जिलों में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही जनजीवन को भी प्रभावित किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण यातायात बाधित हुआ और हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और बदलते दबाव के कारण लगातार बारिश हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है। भोपाल, आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जैसे जिलों में इस महीने अब तक 2 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं सतना, सीधी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, हरदा और बुरहानपुर जैसे जिलों में भी एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां मानसून के मजबूत संकेत हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सावधानी भी जरूरी होगी।

ट्विशा केस: जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल, सबूत हैंडलिंग और दस्तावेज़ लीक की जांच तेज

मध्‍य प्रदेश ट्विशा शर्मा डेथ केस में पुलिस जांच की प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठे हैं। हाईकोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार सबूतों के हैंडलिंग, केस डायरी की पहुंच और मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। अब सीबीआई पूरे मामले की हर कड़ी को दोबारा जांच रही है। जांच प्रक्रिया में सामने आई खामियांमामले में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार जांच के शुरुआती चरण में कई प्रक्रियागत चूक हुईं। 13 मई 2026 को सब-इंस्पेक्टर द्वारा फंदे की रस्सी जब्त की गई थी, लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी पहचान और सीलिंग किसने की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महत्वपूर्ण सबूत को सीधे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने के बजाय उसे पुलिस वाहन में रखा गया, जिससे उसकी सुरक्षा और प्रमाणिकता पर सवाल उठे हैं। सबूत की हैंडलिंग पर विवाददस्तावेजों में दावा किया गया है कि रस्सी और अन्य अहम साक्ष्यों को तुरंत एम्स या फॉरेंसिक लैब भेजने की बजाय देर से प्रोसेस किया गया। इस देरी को जांच की गंभीर चूक माना जा रहा है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि जब्ती से जुड़े दस्तावेजों में फंदे की पहचान करने वाले अधिकारी का स्पष्ट रिकॉर्ड दर्ज नहीं है, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। केस डायरी और दस्तावेज लीक का आरोपहाईकोर्ट में पेश जवाब में यह भी आरोप लगाया गया है कि केस डायरी से जुड़े दस्तावेज समय से पहले संबंधित पक्षों तक पहुंच गए। इससे जांच की गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं। हालांकि पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सीबीआई की नई जांच दिशासीबीआई अब इस मामले में कई स्तरों पर जांच कर रही है:सबूतों की जब्ती और उनकी सुरक्षा प्रक्रियामेडिकल दस्तावेजों की सत्यताकेस डायरी की गोपनीयताजांच के दौरान की गई प्रशासनिक प्रक्रियाएंसीबीआई ने उस मनोचिकित्सक से भी पूछताछ की है, जिनका नाम इलाज संबंधी दस्तावेजों में सामने आया था। मेडिकल रिकॉर्ड पर भी सवालजांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पीड़िता का वास्तव में इलाज हुआ था या मेडिकल दस्तावेजों का उपयोग कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया गया। डॉक्टर से इलाज, काउंसलिंग और मानसिक स्थिति से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की गई है, जबकि डॉक्टर ने मरीज की निजी जानकारी साझा करने से इनकार किया है। अग्रिम जमानत और कोर्ट में दलीलेंदस्तावेजों के आधार पर आरोप है कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हाईकोर्ट में पहले ही प्रस्तुत की गई, जिसके चलते संबंधित पक्षों को कानूनी लाभ मिला। हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले में अग्रिम जमानत से जुड़ा फैसला सुनाया था, जिसके बाद जांच पर और सवाल उठे। ट्विशा केस अब सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि पुलिस प्रक्रिया, सबूत प्रबंधन और न्यायिक पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बनता जा रहा है। सीबीआई की जांच से यह तय होगा कि चूक लापरवाही थी या किसी बड़े स्तर पर गड़बड़ी।

MP Weather Update: 8 जून को गर्मी और उमस का डबल अटैक, कहीं बादल तो कहीं तेज धूप; मानसून की आहट का इंतजार

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। जून का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। 8 जून को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने की संभावना है। राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और उमस का असर देखने को मिल सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही राहत का अहसास करा सकती है। मौसम के ताजा संकेत बताते हैं कि भोपाल में सुबह के समय बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा। दोपहर के समय पारा 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। हवा में नमी अधिक रहने से गर्मी का एहसास वास्तविक तापमान से ज्यादा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाई हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में इसके प्रवेश में कुछ देरी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में भी मौसम लगभग इसी तरह बना रह सकता है। दोपहर के समय तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है, जबकि शाम के समय बादलों की हल्की आवाजाही और तेज हवाएं कुछ राहत दे सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसम किसानों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसान मानसून की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि मानसून की रफ्तार सामान्य रहती है तो अगले एक-दो सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर 8 जून का दिन मध्य प्रदेश में गर्मी, उमस और मानसून की प्रतीक्षा के बीच गुजरने वाला है। लोगों को राहत की उम्मीद बादलों और संभावित हल्की बारिश से जरूर रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

Aaj Ka Rashifal 8 जून 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन, किसे मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 8 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। ग्रहों की चाल के आधार पर कुछ लोगों को करियर में सफलता मिलेगी तो कुछ को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल। मेष राशि:आज आप करियर को लेकर बेहद प्रेरित और सक्रिय रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। हालांकि काम के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन को भी महत्व देना जरूरी होगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आय के नए अवसर मिल सकते हैं। वृषभ राशि:आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जिसके कारण ओवरटाइम भी करना पड़ सकता है। विवादों और अनावश्यक बहस से दूर रहें। अचानक खर्च सामने आने से बजट प्रभावित हो सकता है। मिथुन राशि:आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहेगा। काम का तनाव घर तक न लाने की सलाह दी जाती है। धन लाभ के योग बन रहे हैं। कर्क राशि:खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। परिवार के किसी सदस्य की आर्थिक सहायता करनी पड़ सकती है। कार्य से जुड़ी यात्रा संभव है। फिटनेस को लेकर लापरवाही न करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें। सिंह राशि:आज कोई सुखद समाचार मिल सकता है। करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा आपके प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। दिन लाभकारी रहने के संकेत हैं। कन्या राशि:आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए संयमित व्यवहार रखें। मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और योग का सहारा लें। कार्य के दबाव के बीच खुद को समय देना भी जरूरी होगा। तुला राशि:आज का दिन लाभ और सफलता के संकेत दे रहा है। कोई नया प्रोजेक्ट या अवसर हाथ लग सकता है, जिससे आर्थिक लाभ होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखने के लिए साथी को समय देना जरूरी रहेगा। वृश्चिक राशि:आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। रिश्तों में खुलकर संवाद करना लाभदायक रहेगा। अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। आपका व्यक्तित्व और व्यवहार ही आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। धनु राशि:आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के बावजूद खर्चों में वृद्धि हो सकती है। धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र का तनाव निजी जीवन पर हावी न होने दें। योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे तो सफलता मिलेगी। **मकर राशि:**प्रेम और रोमांस के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। अविवाहित लोगों के जीवन में किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा। आर्थिक लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं। **कुंभ राशि:**कार्यस्थल पर व्यस्तता बढ़ सकती है, लेकिन दिन कुल मिलाकर सकारात्मक रहेगा। शाम का समय प्रियजन या साथी के साथ सुखद बीतेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। खर्च करते समय समझदारी से निर्णय लें। **मीन राशि:**आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। कार्यभार अधिक महसूस हो सकता है, इसलिए अनावश्यक तनाव से बचें। नियमित व्यायाम और संतुलित दिनचर्या आपको ऊर्जा प्रदान करेगी। सकारात्मक सोच बनाए रखें।

भारत में बढ़ती तंबाकू और शराब की लत: NFHS-6 रिपोर्ट ने खोली स्वास्थ्य संकट की पोल

नई दिल्ली।  भारत में तंबाकू और शराब का बढ़ता चलन अब केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि देश के सामने खड़ा सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बन चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज’ (IIPS) द्वारा तैयार की गई नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) की ताजा रिपोर्ट ने इस भयावह जमीनी हकीकत से पर्दा उठा दिया है। इस विस्तृत अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी नशे की गिरफ्त में आ चुकी है, जिसके चलते कैंसर, लिवर और दिल की गंभीर बीमारियों का ग्राफ तेजी से ऊपर भाग रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 30.4 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जबकि लगभग 14.9 प्रतिशत पुरुष आबादी शराब की आदी हो चुकी है। यह आंकड़े राष्ट्रीय औसत को दर्शाते हैं, लेकिन अगर राज्यों के स्तर पर देखें तो स्थिति और भी ज्यादा डरावनी नजर आती है। पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या खतरनाक स्तर पर है, वहीं पंजाब, गोवा और सिक्किम जैसे राज्यों में शराब के शौकीनों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार के सर्वे में शहरी इलाकों में नशे की लत ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले काफी अधिक दर्ज की गई है। कामकाजी और सबसे उत्पादक माने जाने वाले 25 से 54 वर्ष के आयु वर्ग के लोग इस लत से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो देश के आर्थिक भविष्य के लिए भी एक बड़ा झटका है। तनाव और खराब जीवनशैली बनी वजह; इलाज के आर्थिक बोझ तले दब रहे परिवारचिकित्सा जगत के विशेषज्ञों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि आधुनिक दौर में बढ़ता मानसिक तनाव, काम का दबाव, बदलती और बेहद खराब जीवनशैली के साथ-साथ जागरूकता का अभाव इस समस्या की सबसे प्रमुख वजहें हैं। लोग अक्सर शुरुआत में तनाव कम करने या दोस्तों के दबाव में आकर शौक के तौर पर नशा शुरू करते हैं, जो धीरे-धीरे एक गंभीर लत में तब्दील हो जाता है। तंबाकू और शराब का यह अनियंत्रित और लगातार सेवन सीधे तौर पर मानव शरीर को खोखला कर रहा है। इसके कारण मुंह और फेफड़ों का कैंसर, लिवर सिरोसिस, दिल का दौरा पड़ना और फेफड़ों की गंभीर बीमारी सीओपीडब्ल्यू (COPD) जैसी जानलेवा बीमारियों के मामले अस्पतालों में बाढ़ की तरह आ रहे हैं। रिपोर्ट आगाह करती है कि देश में हर साल लाखों लोगों की असमय मौत का कारण यही नशा बन रहा है, जिससे न सिर्फ कीमती जानें जा रही हैं, बल्कि इलाज के भारी-भरकम खर्च के कारण लाखों परिवार कर्ज और गरीबी के दलदल में धंसते जा रहे हैं। समय रहते संभलना जरूरी; सख्त नियमों और जागरूकता से ही निकलेगा समाधानस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस उभरते संकट से निपटने के लिए कुछ अत्यंत जरूरी और कड़े कदम उठाने की वकालत की है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है जब सरकार को स्कूल और कॉलेजों के स्तर पर व्यापक रूप से नशामुक्ति और जागरूकता अभियान चलाने होंगे ताकि देश की भावी पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके। इसके साथ ही तंबाकू और शराब की बिक्री, विज्ञापनों और उपलब्धता पर बेहद सख्त कानूनी नियम लागू करने की दरकार है। मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए काउंसलिंग केंद्रों की संख्या बढ़ानी होगी ताकि लोग तनाव से निपटने के लिए नशे का सहारा न लें। कुल मिलाकर, NFHS-6 की यह रिपोर्ट देश के नीति-निर्माताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी की तरह है। यदि अब भी सामूहिक प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या देश के चिकित्सा तंत्र को ध्वस्त कर देगी। इस संकट से पार पाने के लिए सरकार, नागरिक समाज और खुद आम जनता को मिलकर एक बड़ी जंग छेड़नी होगी।