Gwalior Murder Case: 26 दिन तक छिपा रहा राज, फिर टूट गया; पिता बोला- बेटी ने नाक कटाई, इसलिए उसे मार डाला!

Gwalior Murder Case: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के डबरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। जहां 33 वर्षीय जूली गुर्जर 8 मई के बाद अचानक गायब हो गई थी।जिसके बाद परिवार उसकी मौजूदगी को लेकर टालमटोल जवाब देता रहा, लेकिन 26 दिन बाद गांव में उठी चर्चाएं पुलिस तक पहुंच गईं। पूछताछ में सामने आई खौफनाक कहानी 3 जून को पुलिस जूली के पिता किशन गुर्जर और उसके दोनों बेटों को पूछताछ के लिए लेकर गई। घंटों चली पूछताछ के बाद पिता ने जो कहानी बताई, उसने सभी को चौंका दिया। आरोप है कि 8 मई की रात घर में विवाद के दौरान किशन ने बेटी का गला घोंट दिया और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटका दिया। सोमवार भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, चंदन-आभूषण से सजा राजा स्वरूप आधी रात को खेत ले जाकर जलाया शव पुलिस के अनुसार वारदात के बाद किशन ने अपने बेटों रामसेवक और दीपू को बुलाया। रात करीब 12 बजे तीनों ने शव को ट्रैक्टर में रखा और गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में ले गए। वहां शव को आग के हवाले कर दिया गया। आग बुझने के बाद हड्डियों और अवशेषों को खेत में अलग-अलग जगह फेंक दिया गया और कुछ को जमीन में दबा दिया गया। राज छिपाने के लिए करवाया कन्या भोज घटना के बाद परिवार ने किसी को शक न हो, इसके लिए सामान्य व्यवहार जारी रखा। आत्मा की शांति के नाम पर पूजा-पाठ कराया गया और 12 दिन बाद कन्याभोज भी करवाया। जब रिश्तेदारों ने सवाल किए तो परिवार के लोग इधर उदाहर की बातें कर कर बात को टालते रहे जिसपर लोगों को शक हुआ। बेटी का था प्रेम संबंध पुलिस जांच में सामने आया कि जूली के गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध थे। 5 मई को वह घर छोड़कर चली गई थी। बाद में पुलिस उसे मुरैना से बरामद कर घर लेकर आई, इसके बाद परिवार और जूली के बीच लगातार विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी बात को लेकर पिता नाराज था। जूली की शादी वर्ष 2010 में हुई थी। जिससे उसका एक बेटा भी है पति से विवाद के बाद वह पिछले तीन साल से मायके में रह रही थी। पति ने तलाक के लिए भी कोर्ट में मामला दायर किया था। गुलाब जल से निखरेगी त्वचा की खूबसूरती: जानिए इसके फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका आरोपी पिता का बयान मैंने अपनी बेटी को इसलिए मार डाला क्योंकि वह मेरी निगाह से बाहर हो गई थी। उसे बेटे की तरह पाला था, लेकिन उसने मेरी नाक कटवा दी। मेरी बात नहीं मानी और समाज में बदनामी करा दी। पुलिस को खेत से कुछ हड्डियों के अवशेष मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि लैब रिपोर्ट और डीएनए जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि अवशेष जूली के हैं या नहीं। इसके बाद ही हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मजदूर के बेटे की गुहार पर दौड़े TI, आरक्षक ने किया रक्तदान-उज्जैन पुलिस ने बचाई महिला की जान

मध्य प्रदेश। उज्जैन में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है। चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में एक गंभीर रूप से बीमार महिला की जान समय रहते रक्त उपलब्ध होने से बच गई। पूरी घटना एक छात्र की भावुक गुहार से शुरू हुई, जिसने पुलिस को तुरंत हरकत में ला दिया। इस्कॉन मंदिर के पीछे रहने वाले कक्षा 7वीं के छात्र सूरज भाटी ने अपनी मां सुनीता भाटी के लिए रक्त की मदद मांगते हुए सीधे चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया को फोन किया। सूरज ने बताया कि उसकी मां बिरला अस्पताल में भर्ती हैं और पिछले दो दिनों से परिवार रक्त की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। परिवार की स्थिति बेहद कमजोर थी, क्योंकि सूरज के पिता का दो साल पहले निधन हो चुका है और उसकी मां घरेलू काम कर तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। बच्चे की भावुक अपील सुनते ही थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया तुरंत अस्पताल पहुंचे। हालांकि, उन्होंने स्वयं रक्तदान करने का प्रयास किया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों और ब्लड ग्रुप मेल न खाने के कारण वे रक्तदान नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने तत्काल अपने थाना स्टाफ के व्हाट्सएप ग्रुप में बी-पॉजिटिव रक्तदाता की आवश्यकता का संदेश साझा किया। कुछ ही समय में आरक्षक जगदीश गेहलोत ने आगे बढ़कर रक्तदान के लिए सहमति दी और बिना देर किए पुष्पा मिशन अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। समय पर रक्त मिलने से सुनीता भाटी की हालत में सुधार हुआ और उनकी जान बच गई। यह घटना न केवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि संकट के समय मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है। उज्जैन पुलिस की इस पहल की हर ओर सराहना हो रही है।
सोमवार भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, चंदन-आभूषण से सजा राजा स्वरूप

मध्य प्रदेश। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देव प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन शुरू किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। जटाधारी भगवान महाकाल को चंदन तिलक, भांग, त्रिपुंड और आभूषण अर्पित कर उन्हें राजा स्वरूप में भव्य रूप से श्रृंगारित किया गया। भस्म आरती की शुरुआत पारंपरिक प्रथम घंटा बजाकर की गई, जिसके बाद मंत्रोच्चार के बीच हरिओम का जल अर्पित किया गया और कपूर आरती की गई। पूरे वातावरण में “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढककर विधिवत भस्म रमाई गई। इसके बाद भगवान महाकाल को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब की खुशबू से पूरा मंदिर परिसर महक उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रही। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जो इस आरती को और भी विशेष बना देता है।
39 लाख की सप्लाई ठगी का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, भरोसा जीतकर कारोबारी को लगाया चूना

मध्य प्रदेश। शिवपुरी में एक बड़े सप्लाई फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए देहात थाना पुलिस ने करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी राजीव भाटिया को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक कारोबारी से मार्केटिंग सामग्री सप्लाई के नाम पर 39.49 लाख रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप है। पुलिस के अनुसार, शिवपुरी के छोटा लुहारपुरा निवासी राहुल गुप्ता, जो ‘श्री मां इंटरप्राइजेज’ नाम से मार्केटिंग व्यवसाय चलाते हैं, उनकी मुलाकात जयपुर स्थित ‘आरबीएम मार्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के संचालक राजीव भाटिया से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने समय पर भुगतान लेकर माल की सप्लाई कर दी, जिससे दोनों के बीच विश्वास बन गया। यही भरोसा बाद में ठगी का आधार बन गया। अगस्त 2024 से राहुल गुप्ता ने आरोपी की कंपनी के खाते में लगातार आरटीजीएस के जरिए बड़ी रकम भेजनी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने माल भेजना बंद कर दिया और संपर्क से बचने लगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कुल 39 लाख 49 हजार रुपये प्राप्त करने के बाद न तो कोई माल सप्लाई किया और न ही रकम वापस लौटाई। जब कारोबारी ने पैसे या सामान की मांग की तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। मामले को लेकर पीड़ित राहुल गुप्ता ने बताया कि जनवरी 2025 में वह अपने भाई के साथ जयपुर पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात आरोपी से होटल रॉयल ऑर्किड में हुई थी। वहां आरोपी ने पान मसाला ब्रांड लॉन्च करने की बात कही और 20 जनवरी से सप्लाई शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि यह पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी का है। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। आखिरकार तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर उसे जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी ठगी की है।
हेल्दी नाश्ता है अच्छी सेहत की कुंजी: जानिए सुबह की थाली में क्या-क्या होना चाहिए शामिल

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या जल्दबाजी में कुछ भी खाकर दिन की शुरुआत कर लेते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। बढ़ते मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सुबह के हेल्दी नाश्ते के महत्व के प्रति जागरूक किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह का नाश्ता शरीर के लिए ईंधन की तरह काम करता है। रातभर के लंबे अंतराल के बाद शरीर को ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। यदि नाश्ता छोड़ दिया जाए तो मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा दिनभर थकान, कमजोरी और बार-बार भूख लगने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि स्वस्थ रहने और मोटापे से बचने के लिए दिन की शुरुआत संतुलित और पौष्टिक नाश्ते से करनी चाहिए। अच्छा नाश्ता शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत को भी कम करता है। जब सुबह पेट भरकर और पोषणयुक्त भोजन लिया जाता है तो दिनभर जंक फूड या तली-भुनी चीजें खाने की इच्छा कम होती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नाश्ते में फाइबर, प्रोटीन और अच्छे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाना चाहिए। ओट्स, दही, अंडा, अंकुरित अनाज, साबुत अनाज की रोटी, सब्जियों वाला पराठा, उपमा और हल्की खिचड़ी जैसे विकल्प शरीर को संतुलित पोषण प्रदान करते हैं। ये खाद्य पदार्थ लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और शरीर को आवश्यक ऊर्जा उपलब्ध कराते हैं। फल भी सुबह के नाश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा होने चाहिए। सेब, केला, संतरा, पपीता और मौसमी फलों में विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। नियमित रूप से फल खाने से शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है और अतिरिक्त कैलोरी से भी बचाव होता है। मंत्रालय ने लोगों से स्मार्ट स्नैकिंग अपनाने की भी अपील की है। यदि दोपहर के बीच भूख महसूस हो तो चिप्स, नमकीन, मिठाई या पेस्ट्री जैसे विकल्पों से बचना चाहिए। उनकी जगह भुने हुए चने, बादाम, अखरोट, किशमिश, ताजे फल या सलाद का सेवन अधिक फायदेमंद माना जाता है। ये विकल्प पोषण देने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें लंबे समय में बड़े बदलाव ला सकती हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पौष्टिक नाश्ते को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर मोटापे और उससे जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत सुबह की थाली से होती है और सही नाश्ता पूरे दिन की सेहत का आधार बन सकता है। यदि आप फिट, ऊर्जावान और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो सुबह के नाश्ते को कभी नजरअंदाज न करें। संतुलित भोजन और स्मार्ट खानपान की आदतें न केवल वजन नियंत्रित रखेंगी, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएंगी।
गुलाब जल से निखरेगी त्वचा की खूबसूरती: जानिए इसके फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका

नई दिल्ली। प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों की बात हो और गुलाब जल का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। भारतीय घरों में वर्षों से इस्तेमाल किया जाने वाला गुलाब जल आज भी त्वचा की देखभाल के सबसे भरोसेमंद और आसान उपायों में शामिल है। इसकी खासियत यह है कि यह लगभग हर प्रकार की त्वचा पर इस्तेमाल किया जा सकता है और त्वचा को ताजगी के साथ प्राकृतिक निखार देने में मदद करता है। गुलाब जल त्वचा के लिए एक प्राकृतिक टोनर का काम करता है। दिनभर धूल, प्रदूषण और गर्मी के संपर्क में रहने से त्वचा थकी हुई और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में चेहरे को साफ करने के बाद गुलाब जल लगाने से त्वचा को तुरंत ताजगी महसूस होती है। यह त्वचा के रोमछिद्रों को साफ रखने में मदद करता है और चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल को संतुलित करने का काम भी करता है। गर्मियों के मौसम में गुलाब जल का उपयोग और भी फायदेमंद माना जाता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण त्वचा में जलन और लालिमा की समस्या हो सकती है। गुलाब जल त्वचा को ठंडक पहुंचाकर राहत देता है। फ्रिज में ठंडा किया हुआ गुलाब जल कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाने से त्वचा को तुरंत आराम मिलता है और ताजगी का एहसास होता है। त्वचा को हाइड्रेट रखने में भी गुलाब जल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कई बार त्वचा में नमी की कमी के कारण रूखापन और खिंचाव महसूस होता है। ऐसे में गुलाब जल को फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा लंबे समय तक तरोताजा और नम बनी रहती है। मेकअप से पहले और बाद में भी इसका उपयोग त्वचा को फ्रेश बनाए रखने में मदद करता है। गुलाब जल का नियमित उपयोग त्वचा की प्राकृतिक चमक बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसे एलोवेरा जेल, मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाउडर के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा को अतिरिक्त पोषण मिलता है और चेहरा अधिक साफ व दमकता हुआ दिखाई देता है। हालांकि किसी भी स्किनकेयर उत्पाद की तरह गुलाब जल का इस्तेमाल करने से पहले उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। शुद्ध और बिना अतिरिक्त रसायनों वाला गुलाब जल ही चुनना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, तो उपयोग से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गुलाब जल त्वचा की नियमित देखभाल का एक अच्छा हिस्सा बन सकता है, लेकिन यह किसी गंभीर त्वचा रोग का उपचार नहीं है। यदि त्वचा संबंधी कोई लगातार समस्या बनी रहती है, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। कुल मिलाकर, गुलाब जल एक सरल, किफायती और प्राकृतिक विकल्प है, जो त्वचा को ताजगी, नमी और हल्का प्राकृतिक निखार देने में मदद कर सकता है। नियमित और सही उपयोग से इसे दैनिक स्किनकेयर रूटीन का प्रभावी हिस्सा बनाया जा सकता है।
इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव

मध्य प्रदेश। इंदौर के उषा नगर इलाके में रविवार का दिन उस समय तनावपूर्ण बन गया जब बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे की बिल्डिंग पर दो अलग-अलग बार पथराव की घटनाएं सामने आईं। सुबह जहां कुछ अज्ञात युवकों ने बिल्डिंग पर हमला कर ऑफिस के शीशे तोड़ दिए, वहीं शाम को भी एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उनके घर पर फिर से पत्थर फेंके जाते दिखाई दिए। लगातार हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। पूरा विवाद एक सामान्य सी बात से शुरू हुआ था, जो बाद में राजनीतिक और सामाजिक तनाव में बदल गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात डॉग घुमाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर डॉग मालिक और बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। इस विवाद में एक पक्ष ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि दूसरा पक्ष भी बीजेपी से जुड़ा हुआ है और स्थानीय गुटीय राजनीति से इसका संबंध माना जा रहा है। यही कारण है कि इस पूरे मामले को अब पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। मामला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 का बताया जा रहा है, जहां बीजेपी नेता मालिनी गौड़ के पीए वीरेंद्र शेडगे रहते हैं। घटना के बाद क्षेत्र में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस ने चेतन पाटिल के दोस्त की शिकायत पर वीरेंद्र शेडगे, गिरीश शेडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष ईमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितोडा, अमित कोकाटे सहित अन्य लोगों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, विवाद के बाद स्थिति और जटिल हो गई जब एक और वीडियो सामने आया जिसमें फिर से पथराव की घटना दिखाई दी। इसके बाद पार्टी ने वीरेंद्र शेडगे को निष्कासित कर दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, दूसरा पक्ष भी स्थानीय बीजेपी नेताओं से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद न रहकर राजनीतिक गुटबाजी का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी वीडियो, बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शेयर बाजार आज: 8 जून को उतार-चढ़ाव के बीच रह सकती है बाजार की चाल, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए 8 जून 2026 का कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने की संभावना है। घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों से मिल रहे संकेत निवेशकों को सतर्क रहने का संदेश दे रहे हैं। पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में बंद हुए थे, जबकि बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रह सकती है। GIFT Nifty में गिरावट के संकेत मिले हैं, जिससे शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की सतर्कता भी घरेलू बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है। पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति के बाद बाजार में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर दिए गए संकेतों ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर किया। इसके चलते कई सेक्टरों में मुनाफावसूली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक दबाव में बंद हुए। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,200 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है, जबकि 23,700 से 23,900 के बीच मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र देखा जा रहा है। यदि बाजार इन स्तरों के ऊपर टिकता है तो रिकवरी की संभावना बन सकती है, जबकि नीचे फिसलने पर दबाव और बढ़ सकता है। सेक्टरवार नजर डालें तो बैंकिंग शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिल सकती है। RBI के फैसले के बाद बैंकिंग सेक्टर को समर्थन मिला है। वहीं आईटी शेयरों पर वैश्विक संकेतों का असर बना रह सकता है। निवेशकों की नजर वित्तीय, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर अधिक रहने की संभावना है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखने में मदद की है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। बाजार में फिलहाल चुनिंदा शेयरों और सेक्टरों में अवसर मौजूद हैं, लेकिन अस्थिरता के दौर में जोखिम प्रबंधन और संतुलित निवेश रणनीति अपनाना अधिक महत्वपूर्ण होगा। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, विदेशी निवेश प्रवाह और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। कुल मिलाकर 8 जून का कारोबारी दिन सावधानी और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। निवेशकों को बाजार खुलने के बाद शुरुआती रुझानों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
सोमवार व्रत विधि और पूजा: भगवान शिव को प्रसन्न करने की सरल एवं प्रभावी विधि

नई दिल्ली। सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रमा से जुड़ा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखने और शिव पूजा करने से मन शांत होता है, वैवाहिक जीवन में सुख आता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत विशेष रूप से अविवाहित कन्याओं और शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सोमवार व्रत विधि (Step by Step)1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करेंव्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो सफेद कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। 2. व्रत का संकल्प लेंघर या मंदिर में भगवान शिव के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें कि आप पूरे दिन उपवास रखेंगे और शिव पूजा करेंगे। 3. शिवलिंग का अभिषेक करेंशिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। इसके बाद साफ जल से पुनः स्नान कराएं। 4. बेलपत्र अर्पित करेंतीन पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसे शुद्ध करके उल्टा करके अर्पित करें। 5. धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र चढ़ाएंये सभी वस्तुएं शिवजी को प्रिय मानी जाती हैं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती हैं। 6. चंदन और भस्म लगाएंशिवलिंग पर चंदन का तिलक करें और यदि उपलब्ध हो तो भस्म अर्पित करें। 7. मंत्र जाप करें“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। यह सबसे सरल और प्रभावी शिव मंत्र माना जाता है। 8. आरती करेंदीपक जलाकर शिवजी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। सोमवार व्रत में क्या खाएंफलाहार करें (फल, दूध, दही, साबूदाना)अनाज और भारी भोजन से बचें (व्रत नियम अनुसार)नमक का सेवन व्रत के प्रकार पर निर्भर करता है (निर्जला/सामान्य व्रत)सोमवार व्रत खोलने की विधिशाम को शिव पूजा के बाद फल या हल्का भोजन करके व्रत खोला जाता है। पहले भगवान शिव को भोग लगाना जरूरी माना जाता है। सोमवार व्रत सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। श्रद्धा और नियम से की गई शिव पूजा जीवन में शांति, स्थिरता और सफलता प्रदान करती है।
MP में कोचिंग सिस्टम पर बड़ा बदलाव, छात्रों और अभिभावकों को मिलेगा राहत का फायदा

मध्य प्रदेश भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार निजी कोचिंग संस्थानों की बढ़ती मनमानी और अनियंत्रित व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए ‘कोचिंग संस्थान विनियमन अधिनियम’ लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के लागू होने के बाद कोचिंग सेक्टर पूरी तरह एक नियामक ढांचे के दायरे में आ जाएगा। सरकार द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, हर कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण कोई भी संस्थान संचालित नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, पहले से चल रहे सभी कोचिंग सेंटरों को भी तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। नए नियमों के तहत फीस और रिफंड व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। यदि कोई छात्र बीच में कोचिंग छोड़ता है, तो संस्थान को शेष अवधि की फीस ‘प्रो-राटा’ आधार पर 10 दिनों के भीतर वापस करनी होगी। इससे छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों पर भ्रामक विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है। “100% चयन” या “गारंटीड रैंक” जैसे दावे अब अपराध की श्रेणी में आएंगे। किसी भी सफल छात्र की तस्वीर या नाम का उपयोग उसकी लिखित अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। कानून में शिक्षकों की योग्यता को भी स्पष्ट किया गया है। केवल स्नातक (ग्रेजुएट) शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे और किसी नैतिक अपराध में दोषी व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया जाएगा। साथ ही 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों का नामांकन प्रतिबंधित रहेगा और न्यूनतम योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों को काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करानी होगी। साथ ही उन्हें वैकल्पिक करियर विकल्पों की जानकारी भी देनी होगी। कक्षाओं के समय को लेकर भी नियम तय किए गए हैं, जिसके अनुसार एक दिन में अधिकतम 5 घंटे की कोचिंग की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि सभी संस्थान अपनी वेबसाइट पर फीस, कोर्स विवरण, शिक्षक योग्यता और रिफंड नीति जैसी जानकारी सार्वजनिक करें। इस कानून की जरूरत को हाल के वर्षों में बढ़ते दबाव और छात्रों की आत्महत्या के मामलों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में 900 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है, जिससे कोचिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। फिलहाल यह ड्राफ्ट अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा, जिसके बाद इसके लागू होने की संभावना है। अगर यह कानून पारित होता है, तो कोचिंग उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।