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कामा अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों के अदम्य साहस पर आधारित सिनेमाई कहानी में स्टाफ नर्स की भूमिका निभाएंगी कंगना रनौत

Ranaut, Mumbai, Hospital, Tribute, Screening नई दिल्ली । मुंबई में हुए 26/11 के भीषण आतंकवादी हमलों की त्रासदी के बीच मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक ऐसी अनसुनी गाथा अब बड़े पर्दे पर अवतरित होने जा रही है, जिसने चिकित्सा जगत के सर्वोच्च सेवा भाव को रेखांकित किया था। प्रख्यात अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर व्यापक रूप से चर्चा में हैं। इस फिल्म के माध्यम से मुंबई आतंकी हमले के दौरान कामा अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दिखाई गई अदम्य वीरता और अप्रतिम साहस की वास्तविक कहानी को देश के सामने लाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बात करते हुए कंगना रनौत ने एक साक्षात्कार में बताया कि जब पूरा मुंबई शहर आतंकी हमलों और विस्फोटों से थर्रा रहा था, उस भयावह दौर में कामा अस्पताल के भीतर एक अलग ही संघर्ष चल रहा था। अस्पताल परिसर के ठीक बाहर और भीतर लगातार गोलियां चल रही थीं और चारों तरफ दहशत का माहौल था। ऐसी विकट और जानलेवा परिस्थितियों में भी अस्पताल की नर्सों और डॉक्टरों ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। चिकित्सा कर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए न केवल मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि उस भीषण अफरा-तफरी के बीच 20 गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी भी करवाई। फिल्म की मुख्य विषयवस्तु और प्रेरणा के संबंध में जानकारी देते हुए अभिनेत्री ने कहा कि संकट के समय स्वास्थ्य कर्मियों का यह समर्पण देश के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौर का उदाहरण देते हुए कहा कि डॉक्टर और नर्सें हर परिस्थिति में समाज के रक्षक बनकर सामने आते हैं। कंगना ने विशेष रूप से अस्पताल की उन नर्सों के साहस की सराहना की, जो बम धमाकों के बीच भी मरीजों की सुध लेने के लिए अस्पताल की विभिन्न मंजिलों पर दौड़ती रहीं और अपने मानवीय दायित्वों को पूरा किया। व्यावसायिक और रणनीतिक मोर्चे पर इस फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग हाल ही में भुवनेश्वर में आयोजित की गई थी। इस उच्च स्तरीय स्क्रीनिंग के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव सहित कई वरिष्ठ राजनेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर कंगना रनौत ने फिल्म को राष्ट्र निर्माण में अदृश्य भूमिका निभाने वाले मेहनतकश लोगों को समर्पित करते हुए इसे राज्य में टैक्स फ्री करने की आधिकारिक मांग की, जिस पर उन्हें राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन भी प्राप्त हुआ है। फिल्म के शीर्षक ‘भारत भाग्य विधाता’ के चयन के पीछे की पृष्ठभूमि को साझा करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि यह नाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक विशेष संबोधन से प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने अपने एक भाषण के दौरान देश के श्रमिकों, कारीगरों और समाज के निचले पायदान पर काम करने वाले मेहनतकश लोगों को ‘भारत भाग्य विधाता’ कहकर सम्मानित किया था। इसी विचार को आत्मसात करते हुए फिल्म का नाम तय किया गया, जिसमें कंगना रनौत स्वयं एक साधारण स्टाफ नर्स के रूप में मुख्य भूमिका निभा रही हैं, जो व्यवस्था की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। फिल्म के हालिया आधिकारिक ट्रेलर में यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि किस प्रकार कुछ बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले वार्ड बॉयज और नर्सों ने 26/11 के उस काले दौर में सूझबूझ का परिचय देते हुए 400 से अधिक नागरिकों की जान बचाई थी। यह फिल्म न केवल एक आतंकी हमले की पृष्ठभूमि पर बनी थ्रिलर है, बल्कि यह देश की स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ माने जाने वाले ग्राउंड स्टाफ के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक गंभीर सिनेमाई प्रयास है। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म आगामी 12 जून को देश भर के सिनेमाघरों में आधिकारिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी।

बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने बदली रणनीति, स्टार खिलाड़ियों को रेस्ट

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई चयन समिति ने साफ किया है कि ट्रेविस हेड को व्यक्तिगत कारणों से आराम दिया गया है, जबकि मिचेल मार्श टखने की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। हालांकि मार्श टी20 सीरीज के लिए टीम के साथ जुड़ेंगे। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम पर बड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन चयनकर्ताओं ने इसे युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर बताया है। जोश इंग्लिस के हाथों में कप्तानीजोश इंग्लिस को इस दौरे के लिए कप्तान बनाकर चयनकर्ताओं ने बड़ा भरोसा जताया है। उनके नेतृत्व में टीम एक नए संयोजन के साथ मैदान पर उतरेगी। इंग्लिस ने कहा है कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। नई प्रतिभाओं को मौकाटीम में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है। स्पिनर टॉड मर्फी को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है, जबकि तनवीर संघा चोट के कारण बाहर हैं। इसके अलावा ओलिवर पीक और मैट शॉर्ट जैसे खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है। तेज गेंदबाजी विभाग में बेन ड्वारशुइस और जेवियर बार्टलेट को शामिल किया गया है। वहीं अनुभवी गेंदबाज मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति से गेंदबाजी आक्रमण अपेक्षाकृत युवा दिखाई दे रहा है। टीम में संतुलन और रणनीतिटीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में मिश्रण देखने को मिल रहा है। मार्नस लाबुशेन, कैमरून ग्रीन और एलेक्स कैरी जैसे खिलाड़ी टीम की रीढ़ साबित हो सकते हैं। Bangladesh national cricket team के खिलाफ यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया के लिए युवा प्रतिभाओं को परखने का बड़ा मंच होगी, खासकर तब जब सीनियर खिलाड़ी टीम में नहीं हैं। सीरीज का शेड्यूलवनडे सीरीज का पहला मैच 9 जून को, दूसरा 11 जून को और तीसरा तथा अंतिम मुकाबला 14 जून को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज भी आयोजित होगी। ऑस्ट्रेलिया का यह दौरा टीम के भविष्य की रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का बेहतरीन अवसर होगा।

अटारी-वाघा बॉर्डर पर ए आर रहमान ने लाइव प्रस्तुति देकर रचा नया इतिहास, बीएसएफ जवानों को समर्पित किया ऐतिहासिक कॉन्सर्ट

नई दिल्ली । देश की सीमाओं की रक्षा में मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जांबाज जवानों को सम्मान देने और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुरों से सजाने के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। महान संगीतकार और ऑस्कर विजेता ए आर रहमान ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी पर लाइव परफॉर्मेंस देकर एक नया इतिहास रच दिया है। इस अनूठे और भव्य कॉन्सर्ट का आयोजन देश के वीर जवानों को समर्पित करने के साथ-साथ एक विशेष सिनेमाई कलाकृति के प्रचार के उद्देश्य से किया गया था। मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने अपनी बहुप्रतीक्षित आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के प्रमोशन के लिए एक बेहद अनूठा और प्रभावशाली रास्ता चुना। वे फिल्म की मुख्य संगीत टीम, जिसमें दिग्गज संगीतकार ए आर रहमान और लोकप्रिय पार्श्व गायक मोहित चौहान शामिल थे, के साथ सीधे भारत-पाकिस्तान की अटारी-वाघा सीमा पर पहुंचे। इस दौरान सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक विशेष म्यूजिकल ट्रिब्यूट का आयोजन किया गया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावविभ्वल कर दिया। अटारी बॉर्डर पोस्ट पर आयोजित इस लाइव कॉन्सर्ट के दौरान ए आर रहमान ने जब अपनी सुरीली और जादुई आवाज में कालजयी गीत ‘वंदे मातरम’ गाना शुरू किया, तो पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों और सुरों से गूंज उठा। सीमाओं की रक्षा करने वाले बीएसएफ के जवानों के लिए यह एक बेहद भावुक और गौरवशाली क्षण था। इस ऐतिहासिक प्रस्तुति में गायक मोहित चौहान ने भी सुर से सुर मिलाकर समां बांध दिया, जिससे वहां उपस्थित जवानों और दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह के प्रमोशन को एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है, जहां व्यावसायिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रहरियों को केंद्र में रखा गया। इम्तियाज अली और ए आर रहमान की इस जोड़ी ने हमेशा अपने संगीत और फिल्मों से दर्शकों के दिलों को छुआ है, लेकिन इस बार सरहद पर दी गई इस लाइव प्रस्तुति ने कला और राष्ट्र सेवा के मेल की एक नई मिसाल पेश की है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों ने इस सम्मान के लिए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल संगीत की दुनिया में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया है कि कला और संस्कृति देश के रक्षकों के योगदान की सदैव ऋणी रहेगी। अटारी बॉर्डर पर गूंजे ए आर रहमान के सुरों की गूंज और जवानों के चेहरों पर तैरती मुस्कान सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा के मीडिया में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। देशभक्ति से ओतप्रोत यह कॉन्सर्ट आने वाले लंबे समय तक भारतीय संगीत और संस्कृति के इतिहास में याद रखा जाएगा।

महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत का जलवा, बड़ी पारियों में एक भारतीय नाम

नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। 11 जून से इंग्लैंड की धरती पर इस मेगा इवेंट का आयोजन होना है। आइए आपको उन 5 बल्लेबाजों के नाम बताते हैं, जिन्होंने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट के वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी पारी खेली है। मेग लेनिंग: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज मेग लेनिंग के नाम महिला टी20 विश्व कप में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। लेनिंग ने साल 2014 में आयरलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली थी। उन्होंने महज 67 गेंदों का सामना कररते हुए 126 रन बनाए थे। अपनी इस पारी में लेनिंग ने 18 चौके और 4 छक्के लगाए थे। डिएंड्रा डॉटिन: वेस्टइंडीज की धाकड़ बल्लेबाज ड्रिएंडा डॉटिन टी20 विश्व कप में दूसरी सबसे बड़ी पारी खेलने वाली बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने 2010 में हुए वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए महज 45 गेंदों में 112 रनों की नाबाद पारी खेली थी। उन्होंने अपनी इस पारी में 7 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के लगाए थे। हीथर नाइट: महिला टी20 विश्व कप में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर इंग्लैंड की बल्लेबाज हीथर नाइट का नाम दर्ज है। उन्होंने 2020 में थाईलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में शानदार बैटिंग करते हुए 66 गेंदों में 108 रनों की नाबाद पारी खेली थी। अपनी इस पारी में नाइट ने 13 चौके और 4 छक्के लगाए थे। हरमनप्रीत कौर:भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 2020 में हुए महिला टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों में 103 रनों की दमदार पारी खेली थी। हरमनप्रीत ने अपनी इस पारी में 7 चौके और 8 छक्के लगाए। उन्होंने 103 रनों की अपनी इस पारी में से 76 रन सिर्फ चौके-छक्के से बटोरे थे। मुनीबा अली: पाकिस्तान टीम की बल्लेबाज मुनीबा अली के नाम महिला टी20 विश्व कप में पांचवीं सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2023 में हुए वर्ल्ड कप में आयरलैंड के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए 68 गेंदों में 102 रनों की दमदार पारी खेली थी। मुनीबा ने अपनी इस इनिंग में 14 चौके जमाए थे।

ATM कैश की कमी पर शिकायत, बैंकिंग सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम नेटवर्क को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। देशभर में लगभग 65,000 एटीएम वाले इस नेटवर्क में कैश की कमी को लेकर ATM इंडस्ट्री बॉडी CATMi ने भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक को शिकायत भेजी है। संगठन का आरोप है कि कैश सप्लाई में प्राथमिकता बड़े शहरों को दी जा रही है, जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में एटीएम खाली पड़े हैं। ₹100 करोड़ मुआवजे की मांगATM ऑपरेटरों के संगठन CATMi का कहना है कि कैश की अनुपलब्धता के कारण हजारों एटीएम बंद हो गए हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। संगठन ने बैंकिंग सिस्टम से करीब ₹100 करोड़ मुआवजे की मांग भी की है। उनका कहना है कि हर खाली एटीएम का मतलब एक खोया हुआ ट्रांजैक्शन है, जिससे इंटरचेंज और ऑपरेशन फीस का सीधा नुकसान होता है। छोटे शहरों में सबसे ज्यादा असररिपोर्ट के अनुसार समस्या मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में देखने को मिल रही है। कई जगहों पर एटीएम में कैश रिफिल समय पर नहीं हो रहा, जिससे लोग घंटों तक परेशान हो रहे हैं। उद्योग के अनुसार, दिसंबर 2025 के बाद से कई राज्यों में बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट से कैश उपलब्धता में भी दिक्कत बढ़ी है। बढ़ती लागत और घटता ट्रांजैक्शन बना संकट की वजहATM ऑपरेटरों के सामने एक और बड़ी चुनौती ऑपरेशनल कॉस्ट में बढ़ोतरी है। मजदूरी और ईंधन की कीमतें बढ़ने से खर्च 60% तक बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर कैश निकासी में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 में जहां मासिक ट्रांजैक्शन 57 करोड़ थे, वहीं सितंबर 2025 तक यह घटकर 43.95 करोड़ रह गए। ग्रामीण क्षेत्रों में घटते ATMदेश में ATM की संख्या भी धीरे-धीरे कम हो रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल ATM संख्या घटकर लगभग 2.51 लाख रह गई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 2.53 लाख से अधिक था। सबसे ज्यादा गिरावट ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दर्ज की गई है। आम लोगों पर क्या असर होगा?अगर कैश सप्लाई की समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो छोटे शहरों और गांवों में लोगों को नकदी निकालने में और दिक्कत हो सकती है। हालांकि डिजिटल पेमेंट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में अब भी बड़ी आबादी रोजमर्रा के लेनदेन के लिए कैश पर निर्भर है। ऐसे में ATM संकट सीधे आम जनता की जेब और सुविधा दोनों को प्रभावित कर सकता है।

समस्याओं को सुलझाने का आसान तरीका बताया, अमिताभ बच्चन का अनुभव आया सामने

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर अपने अनुशासन और कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने हालिया ब्लॉग में बताया कि वह देर रात तक काम करते हैं और कई बार सुबह 4 बजे तक अपने प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहते हैं। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण पहले जैसा ही मजबूत है। ब्लॉग में उन्होंने फैंस को भी स्वास्थ्य का ध्यान रखने और गर्मी में हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी। ‘प्रॉब्लम हमेशा प्रॉब्लम रहती है’  बिग बी का जीवन मंत्रअमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में समस्याओं को लेकर एक गहरी सोच साझा की। उनके अनुसार,“प्रॉब्लम की अच्छी बात यह है कि वे बाद में भी प्रॉब्लम ही रहती हैं, इसलिए उन्हें तुरंत हल करने का दबाव नहीं होना चाहिए।” उनका कहना है कि हर समस्या हमें कुछ नया सिखाती है और समय के साथ हम उनसे निपटना सीखते हैं। यह अनुभव इंसान को अधिक समझदार बनाता है। पॉजिटिविटी और कॉन्फिडेंस पर जोरउन्होंने आगे लिखा कि जीवन में केवल समस्याओं को हल करना ही जरूरी नहीं, बल्कि अनिश्चितताओं को स्वीकार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बिग बी के अनुसार, कॉन्फिडेंस और पॉजिटिविटी ही वह आधार हैं, जिनसे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है। उनका मानना है कि अनिश्चितताएं ही जीवन को दिलचस्प और जीने योग्य बनाती हैं। लगातार सक्रिय है करियरवर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म सेक्शन 84 में नजर आ सकते हैं। इसके अलावा वह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट कल्कि 2898 एडी -पार्ट 2 का भी हिस्सा हैं, जिसमें उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया है। पहले भाग में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई थी, और दूसरे पार्ट से भी दर्शकों को बड़ी उम्मीदें हैं। एक प्रेरणा बने हुए हैं बिग बीसमय बदल गया है, उम्र बढ़ गई है, लेकिन अमिताभ बच्चन का काम करने का जुनून और जीवन को देखने का नजरिया आज भी उतना ही मजबूत है। उनका यह संदेश कि “समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं” हर उम्र के लोगों के लिए एक सीख की तरह है।

गाने ने बदल दिया इतिहास, किशोर कुमार की बात आखिरकार साबित हुई सही

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज पार्श्वगायक किशोर कुमार अपनी बेहतरीन आवाज और बहुआयामी प्रतिभा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हजारों गीत गाए, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके एक खास गाने “मेरे ये गीत याद रखना” को लेकर एक बेहद भावुक किस्सा जुड़ा है, जिसे फिल्म चलते-चलते के लिए रिकॉर्ड किया गया था। गाते-गाते भावुक हो उठे थे किशोर कुमारकहा जाता है कि जब किशोर कुमार इस गाने को रिकॉर्ड कर रहे थे, तब वह बार-बार भावुक हो जाते थे। गीत के बोल और संगीत ने उनकी निजी यादों को ताजा कर दिया, जिससे उनकी आंखें नम हो जाती थीं। रिकॉर्डिंग के दौरान कई बार ऐसा हुआ कि उन्हें खुद को संभालना पड़ा, क्योंकि गाने की भावनात्मक गहराई उन्हें भीतर तक छू रही थी। ‘ये गाना हिट होगा’ किशोर कुमार की भविष्यवाणीइस गाने को लेकर एक दिलचस्प बात यह भी कही जाती है कि किशोर कुमार ने इसके रिकॉर्डिंग के दौरान ही कह दिया था कि यह गीत दर्शकों के दिलों में जगह बनाएगा। उनकी यह बात आगे चलकर सही साबित हुई और यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। संगीत और फिल्म की यादगार टीमयह गीत फिल्म चलते-चलते का हिस्सा था, जिसमें कलाकारों की भूमिका भी बेहद यादगार रही। इसके बोल लेखक अमित खन्ना ने लिखे थे, जबकि संगीत निर्देशन बप्पी लाहिड़ी ने किया था। बप्पी लाहिड़ी ने इस गीत के लिए ऐसी धुन तैयार की थी जो सीधे दिल को छू जाए, और यही इसकी सफलता का बड़ा कारण बनी। किशोर कुमार की विरासतकिशोर कुमार सिर्फ गायक ही नहीं, बल्कि अभिनेता, निर्देशक और निर्माता भी थे। उन्होंने अपने करियर में हजारों गाने गाए और कई सुपरस्टार्स के लिए अपनी आवाज दी। उनकी गायकी की खासियत यह थी कि वह हर तरह के गीत रोमांटिक, दर्दभरे, भजन या मस्तीभरे सबमें समान रूप से जान डाल देते थे। एक अमर कलाकार की अमर कहानीकिशोर कुमार का नाम भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनकी आवाज, उनका अंदाज और उनके गीत आज भी लोगों को भावनाओं से जोड़ते हैं। यह किस्सा उनके उसी जादू को याद दिलाता है, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।

Bhind Accident: भाजपा नेता के डंपर में लगाई आग, टक्कर से हुई थी युवक की मौत

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Bhind Accident: भिंड। एमपी-यूपी बॉर्डर क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद शहर का माहौल गरमा गया है। जहां दबोह के कोंच रोड पर तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक युवक की मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीणों ने डंपर में आग लगा दी और सड़क पर जाम लगा दिया। आमहा गांव के पास हुआ हादसा उत्तर प्रदेश के जालौन में रहने वाले हिम्मत रजक अपने परिजनों के साथ बाइक से दबोह आ रहा था। सुबह करीब 10 बजे आमहा गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार हिम्मत रजक और उसके चाचा दिनेश रजक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के कुछ ही मिनट बाद हिम्मत ने दम तोड़ दिया, जबकि दिनेश का इलाज जारी है। Morena Accident: सरकारी पार्क की जमीन बनी मौत का जाल, दलदल में डूबकर महिला की मौत मौत की खबर मिलते ही भड़के ग्रामीण घटना की सूचना मृतक के गांव पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया और हादसे के जिम्मेदार डंपर में भी आग लगा दी। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जल गया। डंपर पर लिखा था भाजपा नेता की फर्म का नाम घटना के बाद लोगों का ध्यान डंपर पर लिखे नाम की ओर गया। वाहन पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष रावसाहब गुर्जर की फर्म का नाम लिखा हुआ था। हालांकि रावसाहब गुर्जर ने वाहन से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया। Gwalior Murder Case: 26 दिन तक छिपा रहा राज, फिर टूट गया; पिता बोला- बेटी ने नाक कटाई, इसलिए उसे मार डाला! भाजपा नेता ने क्या कहा? रावसाहब गुर्जर- यह डंपर मेरा नहीं है, लोग अक्सर प्रभाव दिखाने या परेशानी से बचने के लिए नाम लिख लेते हैं। मेरी कोई रजिस्टर्ड फर्म भी नहीं है। ड्राइवर को किया गिरफ्तार दबोह थाना प्रभारी रवि उपाध्याय ने बताया कि डंपर चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं सड़क जाम करने और डंपर में आग लगाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पत्नी के प्रति वफादारी पर बोले आर माधवन, दिया मजेदार और ईमानदार जवाब

नई दिल्ली। अभिनेता आर. माधवन ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक दिलचस्प और बेहद साफगोई भरा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पत्नी सरिता के साथ उनकी 27 साल लंबी शादी की मजबूत नींव भरोसे, ईमानदारी और आपसी समझ पर टिकी है। माधवन ने कहा कि उनके लिए लॉयल्टी कोई रणनीति नहीं, बल्कि परिवार से मिली हुई एक सीख है। उनके अनुसार, “मुझे लगता है लॉयल रहना हमारे परिवार की परंपरा में है। मेरा पूरा खानदान हमेशा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति वफादार रहा है।” ‘डरपोक मद्रासी मिडल क्लास हूं’ -खुद को लेकर खुलकर बोले माधवनअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आर. माधवन ने हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को “डरपोक मद्रासी मिडल क्लास आदमी” बताया। उन्होंने कहा कि वह भले ही आकर्षण महसूस करते हों, लेकिन अंत में उनके लिए परिवार और पत्नी ही सबसे अहम हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी पत्नी सरिता उनकी जिंदगी के कई अहम पहलुओं को संभालती हैं, यहां तक कि फाइनेंस और अकाउंट्स तक का जिम्मा भी उनके पास है। मणिरत्नम की सीख और रिश्तों की समझमाधवन ने फिल्मकार मणिरत्नम से मिली एक सलाह का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मणिरत्नम ने उन्हें कहा था कि जब रिश्ता अच्छा चल रहा हो, तो उसे बार-बार “टेस्ट” नहीं करना चाहिए। माधवन के मुताबिक, “कभी-कभी रिश्तों को परखने की कोशिश ही उन्हें खराब कर देती है। बेहतर है कि चीजों को स्वाभाविक रूप से चलने दिया जाए। शादी के वक्त भी रखा सच का रास्ताअभिनेता ने यह भी बताया कि जब उन्होंने सरिता से शादी की थी, तब वह अपने करियर के शुरुआती और सफल दौर में थे। उस समय उन्हें सलाह दी गई थी कि शादी को छिपाकर रखें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि रिश्तों में पारदर्शिता ही असली ताकत होती है। इसलिए उन्होंने कभी भी अपनी शादी को छिपाने की कोशिश नहीं की। प्रोफेशनल लाइफ में भी लगातार सक्रियवर्क फ्रंट की बात करें तो आर. माधवन हाल ही में अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनकी परफॉर्मेंस को लगातार सराहा जाता रहा है। आने वाले समय में वह कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं, जिनमें मल्टीस्टार कास्ट भी शामिल है।

सलमान के देर रात पोस्ट ने मचाया हलचल, वरुण धवन ने दिया मजेदार जवाब

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे की सच्चाई पर बात की। उन्होंने कहा कि बाहर से एक्टर्स की जिंदगी जितनी ग्लैमरस दिखती है, अंदर से उतनी ही अकेली और दबाव से भरी होती है। वरुण के मुताबिक, “अक्सर 90 प्रतिशत एक्टर्स अकेलेपन का सामना करते हैं। स्टारडम का प्रेशर इतना होता है कि लोग मानसिक रूप से भी संघर्ष करते हैं, लेकिन यह सब बाहर नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें करियर की शुरुआत में ही इस हकीकत का एहसास हो गया था, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वह ऑनस्क्रीन और ऑफस्क्रीन एक जैसी ही पर्सनैलिटी रखेंगे। ‘मैं वही हूं जो मैं हूं’ -वरुण की सोचवरुण धवन ने कहा कि उन्होंने कभी भी अलग-अलग पर्सनैलिटी बनाने की कोशिश नहीं की। उनके अनुसार, यह दिखावा मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा, “मैं वही हूं जो मैं यहां और वहां हूं। अगर आप अलग-अलग चेहरे बनाएंगे तो एक समय के बाद वह बबल फट जाता है और आप खुद को खो देते हैं।” वरुण ने यह भी माना कि सोशल मीडिया के दौर में लोग अब बहुत सोच-समझकर बोलते हैं, लेकिन वह खुद पहले की तरह बेझिझक बात करना पसंद करते हैं। सलमान खान के वायरल पोस्ट पर प्रतिक्रियाइंटरव्यू के दौरान वरुण धवन से सलमान खान के हाल ही में वायरल हुए देर रात के इंस्टाग्राम पोस्ट के बारे में भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि,“जब मैंने सलमान भाई के रात वाले पोस्ट देखे, तो वह अलग ही जोन में चले गए थे। उनका इशारा इस बात की ओर था कि कभी-कभी बड़े सितारे भी अपने निजी मूड या भावनात्मक स्थिति में सोशल मीडिया पर अलग तरह से प्रतिक्रिया दे देते हैं। सोशल मीडिया और सीमाओं की बातवरुण ने यह भी कहा कि आज के समय में हर चीज सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैलती है। ऐसे में कलाकारों को हर कदम सोचकर उठाना पड़ता है, क्योंकि एक छोटी सी बात भी बड़े विवाद में बदल सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाहे लोग आपको पसंद करें या आलोचना करें, सबसे जरूरी है कि इंसान अपनी असल पहचान बनाए रखे। फिल्मी करियर की बातवर्क फ्रंट की बात करें तो वरुण धवन की हालिया फिल्म “है जवानी तो इश्क होना है” रिलीज हो चुकी है, जिसमें उनके साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है।