सिलपरा डैम हादसा: नहाते समय डूबे जवान गौरव द्विवेदी, NDRF ने 3 घंटे में निकाला शव

मध्यप्रदेश । रीवा जिले के चोरहटा डीसी (डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर) में 11 केवी बिजली लाइन पर काम कर रहे एक कर्मचारी के साथ गंभीर हादसा हो गया। ट्रांसफार्मर का काम करने के लिए खंभे पर चढ़े कर्मचारी कमलेश को अचानक लाइन चालू हो जाने से तेज करंट लग गया। करंट से उसके कपड़ों में आग लग गई और वह ऊंचाई से सीधे नीचे आ गिरा, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए हैं और वह बुरी तरह झुलस गया है। घायल कर्मचारी के परिजनों और सहकर्मियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कमलेश विधिवत लाइन बंद कराकर ही खंभे पर काम कर रहा था। इसी बीच किसी ने बिजली सप्लाई चालू कर दी। घटना मंगलवार सुबह की है। अस्पताल में चल रहा इलाज, हालत गंभीरहादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़े। साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से कमलेश को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, करंट की चपेट में आने से वह काफी झुलस गया है और ऊंचाई से गिरने के कारण उसके दोनों हाथ और पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर आए हैं। फिलहाल उसे कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों को दी गई सूचना, जांच की मांगइस घटना की जानकारी तुरंत बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। हादसे के बाद से स्थानीय कर्मचारियों में रोष है। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने और लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रीवा में 6 दिन बाद मिला सेना के जवान का शव, नहर का पानी रोककर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

मध्यप्रदेश । रीवा जिले के सिलपरा डैम में डूबे 28 वर्षीय सेना के जवान गौरव द्विवेदी का शव आखिरकार मंगलवार सुबह बरामद कर लिया गया। यह खोज अभियान लगातार 6 दिनों तक चला, जिसमें NDRF, SDERF और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी रहीं। जवान की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। जानकारी के मुताबिक, बघवार गांव निवासी गौरव द्विवेदी बीते बुधवार को अपने भाई-बहनों के साथ सिलपरा डैम घूमने गए थे। नहाते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। लगातार कई दिनों तक गोताखोरों और बचाव दल ने डैम में सर्च अभियान चलाया, लेकिन पानी की गहराई और सीमित दृश्यता के कारण सफलता नहीं मिल पाई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए नहर का पानी रोक दिया, जिससे डैम का जलस्तर करीब 40 फीट तक कम हो गया। सुबह 6 बजे से NDRF आगरा की स्पेशल टास्क फोर्स और SDERF की टीम ने फिर से संयुक्त अभियान शुरू किया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 9 बजे जवान का शव पानी से बाहर निकाल लिया गया। शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने रेस्क्यू टीमों के प्रयासों की सराहना की है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार खोज अभियान जारी रखा।
TMC बगावत पर भड़कीं सागरिका घोष, बोलीं- अमित शाह का एक फोन आते ही खत्म हो जाती है नैतिकता

नई दिल्ली । तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच Sagarika Ghose ने पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं और सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर दल-बदल की राजनीति को शर्मनाक बताते हुए इसकी नैतिकता पर सवाल खड़े किए। सागरिका घोष ने कहा कि वह राजनीति में इसलिए आईं क्योंकि उनका मानना है कि Narendra Modi के नेतृत्व वाली बीजेपी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्ष की लड़ाई में उनका विश्वास है। टीएमसी सांसद ने Mamata Banerjee के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका भरोसा ममता बनर्जी पर पहले भी था और आगे भी रहेगा। उन्होंने ममता को साहस और मूल्य आधारित राजनीति का प्रतीक बताया। सागरिका घोष ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी की प्रतिबद्धता चुनाव परिणामों के साथ बदल जाती है, तो फिर उसकी प्रतिबद्धता कभी वास्तविक थी ही नहीं। उन्होंने कहा कि किसी नेता और पार्टी के नाम पर चुनाव जीतने के बाद मुश्किल समय में उनका साथ छोड़ देना समझ से परे है। अपने बयान में उन्होंने सीधे तौर पर Amit Shah पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या एक फोन कॉल आते ही सारी नैतिकता खत्म हो जाती है? उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कई नेताओं और सांसदों के अलग रुख अपनाने की खबरों ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। बागी खेमे के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि कई सांसद एनडीए को समर्थन देने के पक्ष में हैं, जिससे राज्य की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 2.77 करोड़ की उगाही का आरोप, यूथ कांग्रेस नेता समेत दो गिरफ्तार

नई दिल्ली । कर्नाटक के मंगलुरु में एक कारोबारी से करोड़ों रुपये की कथित जबरन वसूली के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पुलिस ने एक व्यापारी को ब्लैकमेल कर लगभग 2.77 करोड़ रुपये वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार मामला केवल आर्थिक उगाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुनियोजित धोखाधड़ी, मानसिक दबाव और फर्जी घटनाक्रम रचने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यूथ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी निजाम और उसके सहयोगी जितेश के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर व्यापारी को पहले निजी और संवेदनशील सामग्री के आधार पर निशाना बनाया गया। आरोप है कि व्यापारी की अश्लील तस्वीरों और वीडियो का उपयोग कर उसे ब्लैकमेल किया गया तथा बदनामी का डर दिखाकर बड़ी रकम की मांग की गई। जांच अधिकारियों के अनुसार शुरुआत में व्यापारी से 35 लाख रुपये मांगे गए थे। आरोपियों ने कथित रूप से वीडियो सार्वजनिक करने और परिवार तक पहुंचाने की धमकी दी थी। सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते व्यापारी ने रकम का भुगतान कर दिया। हालांकि इसके बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई और कथित तौर पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा। मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित ने सहायता के लिए निजाम से संपर्क किया। व्यापारी को उम्मीद थी कि वह विवाद सुलझाने में मदद करेगा, लेकिन पुलिस का दावा है कि निजाम भी कथित उगाही की पूरी योजना में शामिल था। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर व्यापारी पर दबाव बनाए रखने के लिए एक और साजिश रची। पुलिस के अनुसार मई 2024 में व्यापारी को यह विश्वास दिलाया गया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है। आरोपियों ने कथित तौर पर एक फर्जी सुसाइड नोट का हवाला दिया, जिसमें व्यापारी का नाम होने की बात कही गई। इसके साथ ही मौत और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें दिखाकर यह साबित करने का प्रयास किया गया कि घटना वास्तविक है। व्यापारी को यह भी बताया गया कि उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के भय से व्यापारी लगातार पैसे देता रहा। पुलिस का दावा है कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच विभिन्न माध्यमों से कुल 2.77 करोड़ रुपये की उगाही की गई। इस दौरान पीड़ित मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी की आशंका में आरोपियों की मांगें पूरी करता रहा। मामले का खुलासा तब हुआ जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जीवित देखा। जिस व्यक्ति को वह मृत समझ रहा था, उसे सामने देखकर उसे पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने उरवा पुलिस स्टेशन पहुंचकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित रैकेट में अन्य लोग भी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। सोशल मीडिया पर विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों और नेताओं के साथ आरोपी की तस्वीरें साझा की जा रही हैं। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल पूरा ध्यान आरोपों की सत्यता, वित्तीय रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच पर केंद्रित है।
इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद

मध्यप्रदेश । इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पीड़िता डॉ. इंद्रा भट्ट ने आरोप लगाया है कि मई 2025 में पुजारी पुनित भट्ट से विवाह के बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। इस मामले में महिला थाना इंदौर में पुजारी परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी देने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज है। साथ ही घरेलू हिंसा का मामला भी अदालत में विचाराधीन बताया जा रहा है। मंदिर से हटाने और गर्भगृह प्रवेश पर रोक की मांगपीड़िता ने अब कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर मांग की है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती, संबंधित पुजारियों को मंदिर में पूजा कार्य और गर्भगृह में प्रवेश से रोका जाए। उनका कहना है कि खजराना गणेश मंदिर राज्य अधिनियम के तहत संचालित होता है, इसलिए जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें अस्थायी रूप से जिम्मेदारियों से हटाया जाना चाहिए। अनियमितताओं के भी लगाए आरोपशिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली दक्षिणा के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि उनके पास इसके समर्थन में वीडियो और दस्तावेज मौजूद हैं। कानूनी दांव-पेच और प्रशासनिक मांगपीड़िता के वकील का कहना है कि मंदिर अधिनियम के तहत प्रशासन को अधिकार है कि वह जांच लंबित रहने तक पुजारियों को सेवा से अलग कर सकता है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया जा रहा है। आगे बढ़ सकता है मामलापीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वह मुख्यमंत्री तक मामला लेकर जाएंगी। अब यह मामला केवल घरेलू विवाद न रहकर प्रशासनिक और धार्मिक संस्थान की भूमिका तक पहुंच गया है।
दुनिया में बढ़ा भारत का सम्मान’, पीएम मोदी के 12 साल पर विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया बड़ा बदलाव

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की विदेश नीति और वैश्विक स्थिति में आए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और प्रभाव को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है। उनके अनुसार इस अवधि में विदेश मंत्रालय की कार्यप्रणाली अधिक नागरिक-केंद्रित, तकनीक-सक्षम और वैश्विक चुनौतियों के प्रति अधिक सक्रिय बनी है। विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान विदेश मंत्रालय ने आम नागरिकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। पासपोर्ट सेवाओं को सरल और सुलभ बनाया गया, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिली। दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं को भी आसान बनाया गया, जिससे विदेश जाने वाले नागरिकों को राहत मिली है। जयशंकर ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और सहायता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रही है। इसी उद्देश्य से कई देशों में नए भारतीय दूतावास और कॉन्सुलेट स्थापित किए गए। साथ ही भारतीय समुदाय के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र को भी मजबूत किया गया, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में त्वरित सहयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से उन अभियानों का उल्लेख किया जिनमें युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता या मानवीय संकट के दौरान भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। यूक्रेन, इजरायल, अफगानिस्तान और सूडान जैसे देशों से हजारों भारतीयों की वापसी को उन्होंने सरकार की सक्रिय कूटनीति और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण बताया। इन अभियानों ने विदेशों में फंसे भारतीयों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाया। विदेश मंत्री के अनुसार डिजिटल तकनीक के उपयोग ने विदेश मंत्रालय की कार्यक्षमता को नई दिशा दी है। शिकायत निवारण, नागरिक सहायता और फीडबैक के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों और मंत्रालय के बीच संवाद अधिक प्रभावी हुआ है। इससे समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी तेज हुई है। जयशंकर ने यह भी कहा कि सरकार ने भारतीय युवाओं और पेशेवरों के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करने पर ध्यान दिया है। विभिन्न देशों के साथ किए गए मोबिलिटी समझौतों के माध्यम से भारतीयों को रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। इससे भारतीय प्रतिभाओं की वैश्विक भागीदारी बढ़ी है और अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजारों तक उनकी पहुंच मजबूत हुई है। व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भी भारत की भूमिका विस्तारित हुई है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय निर्यातकों और उद्योगों को नए बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए। विभिन्न विकास परियोजनाओं और आर्थिक साझेदारियों के माध्यम से भारतीय उत्पादों तथा सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को बढ़ावा मिला है। इससे भारत की आर्थिक कूटनीति को भी नई मजबूती मिली है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और विरासत के वैश्विक प्रचार-प्रसार को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। विभिन्न देशों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शैक्षणिक सहयोग और जनसंपर्क पहलों के माध्यम से भारत की परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति सम्मान और समझ को बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इससे भारत की सॉफ्ट पावर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। विदेश मंत्री ने कहा कि आज भारतीय नागरिक विदेश यात्रा के दौरान पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास और गर्व महसूस करते हैं। उनके अनुसार भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, मजबूत कूटनीतिक उपस्थिति और वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका ने देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी भारत वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा।
इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

मध्यप्रदेश । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित राहुल गांधी नगर में 36 वर्षीय विजय रावत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विजय पेशे से ड्राइवर था और पत्नी व तीन साल के बेटे के साथ रहता था। घटना के समय पत्नी काम पर गई हुई थी और बेटा नानी के घर था। परिजनों के मुताबिक परिवार में तीन भाई हैं और सभी अलग-अलग रहते हैं। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। जब पत्नी घर लौटी तो उसने विजय को फंदे पर लटका पाया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जूनी इंदौर में ससुराल में रहने वाले युवक ने दी जानदूसरी घटना जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की है, जहां 32 वर्षीय पीयूष खटीक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीयूष अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ससुराल में रहता था। पुलिस के अनुसार देर रात पति-पत्नी के बीच विवाद की आवाजें पड़ोसियों ने सुनी थीं। बाद में पत्नी ने सुबह पति को फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने बताया कि पीयूष प्रेम विवाह के बाद ससुराल में रह रहा था और नौकरी को लेकर दंपति में अक्सर विवाद होता था। पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायमदोनो ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
भारतीय जड़ों से जुड़ी नित्या रमन ने बढ़ाया भारत का गौरव, लॉस एंजिलिस मेयर चुनाव के रनऑफ में बनाई जगह

नई दिल्ली । अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर की राजनीति में भारतीय मूल की नेता नित्या रमन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। मेयर पद की दौड़ में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए उन्होंने रनऑफ चुनाव में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। इस उपलब्धि के बाद नवंबर में उनका मुकाबला मौजूदा मेयर करेन बैस से होगा। नित्या रमन की राजनीतिक सफलता को भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती वैश्विक पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। 44 वर्षीय नित्या रमन का जन्म भारत के केरल राज्य में हुआ था। हालांकि उनका पारिवारिक संबंध तमिल समुदाय से है और उनके माता-पिता तमिल मूल के थे। बचपन में ही उनका परिवार अमेरिका चला गया, जहां उन्होंने अपनी शिक्षा और पेशेवर जीवन की शुरुआत की। अमेरिका में पली-बढ़ीं नित्या ने शिक्षा, सामाजिक विकास और शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने अर्बन प्लानिंग के क्षेत्र में काम किया और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीतिक यात्रा की मजबूत नींव बना। नित्या रमन पहली बार व्यापक चर्चा में तब आईं जब उन्होंने वर्ष 2020 में लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल चुनाव में एक स्थापित नेता को हराकर जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें शहर की राजनीति में एक नए और प्रभावशाली चेहरे के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2024 में उन्होंने दोबारा चुनाव जीतकर अपनी लोकप्रियता और जनसमर्थन को मजबूत किया। मेयर पद की मौजूदा दौड़ में नित्या ने फरवरी 2026 में अंतिम समय पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला जोखिम भरा माना जा रहा था, क्योंकि उनके सामने मौजूदा मेयर करेन बैस जैसी अनुभवी नेता थीं। इसके बावजूद नित्या ने अपने अभियान को आवास, शहरी विकास, बेघर लोगों की समस्या और सार्वजनिक सेवाओं जैसे मुद्दों पर केंद्रित रखा, जिससे उन्हें व्यापक समर्थन मिला। उनकी राजनीतिक पहचान एक प्रगतिशील और सुधारवादी नेता के रूप में बन चुकी है। वे लंबे समय से आवास संकट, सामाजिक असमानता और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। लॉस एंजिलिस में बेघर लोगों की बढ़ती संख्या और आवास की उपलब्धता को लेकर उनके विचारों को बड़ी संख्या में मतदाताओं का समर्थन मिला है। नित्या रमन का निजी जीवन भी भारतीय मूल से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पति वली चंद्रशेखरन भारतीय मूल के टीवी निर्माता और पटकथा लेखक हैं। दोनों के जुड़वां बच्चे हैं और परिवार लंबे समय से अमेरिका में रह रहा है। भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक दृष्टिकोण के मेल ने उनकी सार्वजनिक छवि को और मजबूत बनाया है। अब नवंबर में होने वाला चुनाव लॉस एंजिलिस की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहर में बेघर लोगों की समस्या, आर्थिक चुनौतियां, सार्वजनिक सुरक्षा, हॉलीवुड उद्योग के पुनरुद्धार और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहेंगे। नित्या रमन इन विषयों पर लगातार मुखर रही हैं और खुद को बदलाव तथा नई सोच का प्रतिनिधि चेहरा बता रही हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि रनऑफ चुनाव में उनकी मौजूदगी केवल एक स्थानीय राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव का भी संकेत है। आने वाले महीनों में उनकी चुनावी रणनीति और जनसमर्थन लॉस एंजिलिस की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राज्यसभा चुनाव में गरमाई राजनीति, सीएम का बड़ा बयान- जीत तक चैन नहीं

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। भाजपा ने महेश केवट को प्रत्याशी बनाकर चुनावी समीकरणों में नया मोड़ ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नामांकन के दौरान इसे रामायण से जोड़ते हुए कहा कि रामराजा की नगरी में भगवान राम का आशीर्वाद एक बार फिर निषादराज की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। महेश केवट ने भी इसे रामायण की भावना से जोड़ते हुए कहा कि जैसे भगवान राम ने निषादराज को गले लगाया था, वैसे ही भाजपा ने वंचित वर्ग को सम्मान दिया है। इसी बयान के बाद राजनीतिक हलकों में “केवट की नैया” और “सियासी रामायण” की चर्चा तेज हो गई है। आंकड़ों की जंग और सत्ता की रणनीतिवर्तमान राजनीतिक गणित के अनुसार भाजपा के पास करीब 48 वोट बताए जा रहे हैं, जबकि जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। यही वजह है कि तीसरी सीट का समीकरण पूरी तरह अनिश्चित बना हुआ है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को टूट-फूट से बचाने के लिए सख्त रणनीति अपनाई है। कांग्रेस ने 62 विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करने का फैसला किया है ताकि क्रॉस वोटिंग की आशंका को रोका जा सके। पार्टी नेताओं का दावा है कि सभी विधायक एकजुट हैं, लेकिन अंदरूनी डर ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। कांग्रेस की बाड़ाबंदी और भाजपा पर आरोपकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर सकती है। वहीं भाजपा खेमे का दावा है कि उनके पास अतिरिक्त समर्थन जुटाने की रणनीति मौजूद है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या भाजपा विपक्षी खेमे में सेंध लगाने में सफल होगी या कांग्रेस अपनी एकजुटता बचा पाएगी। ‘पुष्पा’ गेटअप में महाकाल दर्शन, वायरल वीडियो से उठे सवालउज्जैन के महाकाल मंदिर में एक युवक का ‘पुष्पा’ फिल्म स्टाइल में दर्शन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवक ने अल्लू अर्जुन के किरदार जैसा गेटअप अपनाया और मंदिर परिसर में आकर्षण का केंद्र बन गया। हैरानी की बात यह रही कि सुरक्षा कर्मी उसके साथ मौजूद रहे और उसे वीआईपी तरीके से दर्शन भी कराए गए। कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ सेल्फी भी ली, जबकि मंदिर में फोटो-वीडियो पर रोक है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। सियासत, धर्म और व्यवस्था पर सवालएक तरफ राज्यसभा चुनाव में रामायण के पात्रों के जरिए सियासी संदेश दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंदिर में ‘पुष्पा’ स्टाइल वायरल वीडियो व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक घटनाएं इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।
भारत की परमाणु क्षमता में बढ़ोतरी, SIPRI रिपोर्ट के अनुसार 190 हथियारों के साथ पाकिस्तान को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली । स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत ने परमाणु हथियारों की संख्या के मामले में पाकिस्तान पर बढ़त बना ली है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास लगभग 190 परमाणु वारहेड्स मौजूद थे, जबकि पाकिस्तान का परमाणु भंडार करीब 170 वारहेड्स पर स्थिर रहा। यह आकलन दक्षिण एशिया के बदलते सामरिक परिदृश्य और दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पिछले वर्ष की तुलना में अपने परमाणु भंडार में वृद्धि की है। वर्ष 2025 में भारत के पास लगभग 180 परमाणु हथियार होने का अनुमान लगाया गया था, जो अब बढ़कर 190 तक पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि भारत की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति और विकसित हो रही रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप है। SIPRI ने अपनी रिपोर्ट में भारत की न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता का विशेष उल्लेख किया है। न्यूक्लियर ट्रायड का अर्थ उन तीन माध्यमों से है जिनके जरिए परमाणु हथियारों का उपयोग किया जा सकता है। इसमें वायु आधारित प्लेटफॉर्म, जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलें और परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत इस त्रिस्तरीय क्षमता को लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत नई मिसाइल प्रणालियों के लिए अतिरिक्त परमाणु वारहेड विकसित कर रहा है। साथ ही देश की रक्षा अनुसंधान गतिविधियां लंबी दूरी तक मार करने वाली प्रणालियों और उन्नत मिसाइल तकनीकों पर अधिक केंद्रित दिखाई दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखना है। SIPRI ने यह भी संकेत दिया है कि भारत बहु-वारहेड क्षमता वाली मिसाइल तकनीकों की दिशा में प्रगति कर रहा है। इस तकनीक के तहत एक ही मिसाइल से कई अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बनाया जा सकता है। ऐसी क्षमताओं को आधुनिक सामरिक प्रतिरोधक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दूसरी ओर रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने भी वर्ष 2025 के दौरान अपनी परमाणु डिलीवरी प्रणालियों के विकास पर काम जारी रखा। हालांकि उसके परमाणु हथियारों की अनुमानित संख्या में कोई विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया। पाकिस्तान की भूमि और वायु आधारित परमाणु क्षमताएं पहले से स्थापित हैं, जबकि समुद्र आधारित क्षमता अभी विकास और परीक्षण की प्रक्रिया में बताई गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार कर सकता है। इसके पीछे नई मिसाइल प्रणालियों का विकास और विखंडनीय सामग्री के बढ़ते भंडार को प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि इस संबंध में सटीक आकलन करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है क्योंकि आधिकारिक सार्वजनिक आंकड़े सीमित उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण एशिया में परमाणु संतुलन केवल हथियारों की संख्या का विषय नहीं है, बल्कि तकनीकी क्षमता, प्रतिरोधक रणनीति और कमांड-एंड-कंट्रोल ढांचे से भी जुड़ा हुआ है। SIPRI की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भारत और पाकिस्तान दोनों अपनी सामरिक क्षमताओं को आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल के वर्षों में क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण अधिक जटिल हुआ है। ऐसे में दोनों देशों द्वारा प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को समझने के लिए परमाणु रणनीति, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय कूटनीति तीनों कारकों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक होगा।