शुजालपुर में गांजा तस्करी का 2019 से फरार वारंटी गिरफ्तार, 5 हजार का इनामी आरोपी दबोचा

मध्य प्रदेश । शुजालपुर में मंडी थाना पुलिस ने नशा तस्करी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में 2019 से फरार चल रहे स्थायी वारंटी शंकरलाल रघुवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला 22 अप्रैल 2019 का है, जब मुस्करा निवासी सीताराम खाती को 1.200 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान सीताराम ने अपने सहयोगी के रूप में घनसौदा निवासी शंकरलाल रघुवंशी का नाम बताया था। इसी आधार पर पुलिस ने शंकरलाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। कई बार उसकी तलाश की गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका। इसी बीच न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया था। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई, जिसके चलते पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर दिया। हालांकि, हाल ही में पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और आरोपी को न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इस गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी पहचान छिपाकर बचता आ रहा था।
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद पर कांग्रेस का हमला, भाजपा पर लगाया राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप

मध्य प्रदेश । मंदसौर जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्यसभा चुनाव से जुड़ा बड़ा राजनीतिक विवाद उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया जाना भाजपा की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। इस प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, पूर्व विधायक पुष्पा भारती और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत था, इसके बावजूद भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह रणनीति सफल नहीं हुई तो “मिथ्या आधार” पर आपत्ति लगाकर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रहार बताया। उनका कहना है कि यह केवल एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश है। पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि भाजपा लगातार लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है, जबकि पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल ने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर पूरी चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी भी आपराधिक मामले में न तो कोर्ट ने संज्ञान लिया है और न ही कोई मामला लंबित है। उन्होंने कहा कि नामांकन निरस्त करने का कोई वैधानिक आधार नहीं था। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि वे इस मामले को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे भी उठाते रहेंगे।
रीवा में 48 घंटे से बारिश नहीं, उमस ने बढ़ाई परेशानी; अगले 3 दिन मिल सकती है राहत

मध्य प्रदेश । रीवा जिले में पिछले 48 घंटे से बारिश न होने के कारण लोगों को तेज उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन बारिश नहीं होने से मौसम में नमी और बेचैनी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे मौसम में आंशिक राहत मिलने के आसार हैं। पिछले तीन दिनों के तापमान पर नजर डालें तो 10 जून को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 11 जून को तापमान बढ़कर 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि 12 जून को अधिकतम 39 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। 14 जून को अधिकतम 39 डिग्री, 15 जून को 38 डिग्री और 16 जून को 37 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उमस के कारण दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लोग जल्द अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि गर्मी से राहत मिल सके। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी मध्यप्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे कुछ इलाकों में बारिश की संभावना भी बढ़ेगी। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त पानी पिएं, दोपहर के समय धूप से बचें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करें।
भाषा, दस्तावेज और डेटा विसंगतियों को लेकर ओवैसी का सवाल, कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों से किसी को वंचित न किया जाए

नई दिल्ली । तेलंगाना में चल रही विशेष मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती जा रही है। इसी क्रम में AIMIM प्रमुख और सांसद Asaduddin Owaisi ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सत्यापन से जुड़े कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से सूची से बाहर न हो जाए। ओवैसी ने विशेष रूप से चुनाव अधिकारियों के पास पहले से उपलब्ध मतदाता डेटा के उपयोग का मुद्दा उठाया। उनका तर्क है कि जिन मतदाताओं की जानकारी पहले ही सफलतापूर्वक सत्यापित और रिकॉर्ड में दर्ज है, उनसे दोबारा वही जानकारी मांगने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार पहले से उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग करने से प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और प्रभावी बन सकती है। इससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति कम होगी और प्रशासनिक स्तर पर भी अनावश्यक बोझ घटेगा। उन्होंने सत्यापन फॉर्म की भाषा को लेकर भी सवाल उठाए। ओवैसी का कहना है कि यदि फॉर्म केवल एक भाषा में उपलब्ध होंगे तो बड़ी संख्या में मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि फॉर्म को अंग्रेजी और उर्दू सहित अन्य आवश्यक भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग बिना किसी कठिनाई के प्रक्रिया में भाग ले सकें। उनका मानना है कि भाषा की सुलभता लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। AIMIM प्रमुख ने मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज तथाकथित विसंगतियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नामों की वर्तनी में अंतर, उम्र संबंधी मामूली असमानता या पारिवारिक विवरण में छोटी-मोटी त्रुटियों को मतदाता की पात्रता पर संदेह का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार ऐसी अनेक गलतियां वर्षों पहले हुई डेटा एंट्री त्रुटियों का परिणाम हो सकती हैं और इनके कारण किसी नागरिक के मतदान अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में पूर्व में हुई गलतियों का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए। यदि किसी मतदाता की जानकारी में तकनीकी त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए, न कि सीधे संदेह की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। ओवैसी के अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात में है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर मिले। सत्यापन प्रक्रिया में स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों को लेकर भी उन्होंने सुझाव दिए। उनका कहना है कि पहचान और पते के प्रमाण के रूप में अधिक दस्तावेजों को मान्यता दी जानी चाहिए ताकि नागरिकों को अपनी पात्रता साबित करने में कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि कई बार निर्धारित दस्तावेज सभी लोगों के पास उपलब्ध नहीं होते, जिससे वास्तविक मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ओवैसी ने सभी राजनीतिक दलों से भी इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ यह सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है कि कोई पात्र नागरिक तकनीकी, प्रक्रियागत या प्रशासनिक कमियों के कारण अपने मतदान अधिकार से वंचित न हो। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को लेकर उठी ये चिंताएं आने वाले समय में व्यापक राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकती हैं। फिलहाल यह मुद्दा चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित कर रहा है।
वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए बिछाता था जाल, महिलाओं का भरोसा जीतकर करोड़ों ऐंठने वाला आरोपी नोएडा से गिरफ्तार

नई दिल्ली । वैवाहिक वेबसाइटों और अखबारों में प्रकाशित विवाह संबंधी विज्ञापनों का दुरुपयोग कर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाने वाले एक कथित महाठग को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने वर्षों तक अलग-अलग फर्जी पहचान अपनाकर 25 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार आरोपी विशेष रूप से ऐसी महिलाओं को निशाना बनाता था जो भावनात्मक, सामाजिक या पारिवारिक रूप से संवेदनशील परिस्थितियों में थीं। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। महाराष्ट्र की अपराध शाखा ने लंबे समय तक तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच करने के बाद उसे गिरफ्तार किया। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी पहचान छिपाकर कई राज्यों में महिलाओं से संपर्क स्थापित किया और विवाह का भरोसा देकर आर्थिक लाभ उठाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न नामों और पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था। वह खुद को कभी व्यवसायी, कभी सरकारी कर्मचारी तो कभी संपन्न परिवार का सदस्य बताकर महिलाओं और उनके परिजनों का विश्वास जीतता था। इसके बाद विवाह या विवाह की तैयारी के नाम पर बड़ी रकम, आभूषण और अन्य कीमती सामान हासिल कर लेता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की कार्यप्रणाली बेहद योजनाबद्ध थी। वह पहले वैवाहिक विज्ञापनों और अन्य माध्यमों से महिलाओं से संपर्क करता, फिर विश्वास का रिश्ता बनाता और कुछ मामलों में विवाह तक कर लेता था। इसके बाद वह संपत्ति, नकदी या निवेश के नाम पर धन प्राप्त करता और अवसर मिलते ही फरार हो जाता था। मामले की जांच के दौरान एक महिला परिवार की शिकायत विशेष रूप से सामने आई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने विवाह के बाद परिवार को संपत्ति बेचने के लिए प्रेरित किया और नया घर बनवाने का आश्वासन देकर बड़ी धनराशि हासिल कर ली। इसके अलावा कीमती सोने के आभूषण लेकर भी वह गायब हो गया। इस घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और विस्तृत जांच शुरू हुई। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने जिन महिलाओं को निशाना बनाया उनमें तलाकशुदा, दिव्यांग, अकेली रहने वाली और अन्य सामाजिक रूप से कमजोर परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाएं भी शामिल थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी ऐसे लोगों को चुनता था जिनके साथ भावनात्मक विश्वास बनाना अपेक्षाकृत आसान हो। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी से प्राप्त धनराशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या आरोपी अकेले ही इस गतिविधि को संचालित कर रहा था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। इसलिए उन महिलाओं से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है जो आरोपी के संपर्क में रही हों लेकिन अब तक सामने नहीं आई हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह संबंधी प्रस्तावों को स्वीकार करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान, पारिवारिक पृष्ठभूमि और आर्थिक जानकारी का सावधानीपूर्वक सत्यापन अवश्य करें। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल और पारंपरिक वैवाहिक माध्यमों का दुरुपयोग कर अपराधी किस तरह लोगों की भावनाओं और विश्वास का फायदा उठा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना है।
रॉयल ब्लू साड़ी में छाईं Madhuri Dixit, 'मां बहन' की सफलता के बीच फिर दिखा धक-धक गर्ल का शाही अंदाज

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय और सदाबहार अभिनेत्रियों में शुमार Madhuri Dixit आज भी अपनी खूबसूरती, अभिनय और स्टाइल से करोड़ों प्रशंसकों के दिलों पर राज करती हैं। तीन दशक से अधिक लंबे करियर के बाद भी उनका आकर्षण जरा भी कम नहीं हुआ है। यही वजह है कि जब भी उनका कोई नया लुक सामने आता है, वह सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन जाता है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में माधुरी दीक्षित रॉयल ब्लू रंग की खूबसूरत कढ़ाईदार साड़ी में नजर आ रही हैं। उनका यह एथनिक लुक भारतीय पारंपरिक फैशन की खूबसूरती को बेहद शानदार तरीके से प्रस्तुत करता है। साड़ी पर की गई बारीक कारीगरी, आकर्षक बॉर्डर और संतुलित रंग संयोजन पूरे लुक को शाही स्पर्श दे रहा है। इसके साथ पहने गए पारंपरिक झुमके, कंगन और सलीकेदार हेयरस्टाइल उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। माधुरी की यह तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि क्लासिक फैशन कभी पुराना नहीं होता। हल्के मेकअप और उनकी सदाबहार मुस्कान ने पूरे लुक को और भी प्रभावशाली बना दिया है। फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह अंदाज शादी, पारिवारिक समारोहों और त्योहारों के लिए बेहतरीन प्रेरणा साबित हो सकता है। अभिनय की बात करें तो माधुरी दीक्षित ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। Tezaab, Dil, Beta, Hum Aapke Hain Koun..!, Dil To Pagal Hai और Devdas जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों की सूची में शामिल किया। समय के साथ उन्होंने खुद को लगातार नए दौर के अनुसार ढाला है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उन्होंने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। The Fame Game और Maja Ma जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली। हाल के वर्षों में वह नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी उतनी ही लोकप्रिय बनी हुई हैं जितनी अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं। इन दिनों उनकी चर्चित फिल्म ‘मां बहन’ को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है। दर्शकों और समीक्षकों ने उनके अभिनय की सराहना की है। फिल्म में उनके दमदार किरदार और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आज भी इंडस्ट्री की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शामिल हैं। फैशन हो, अभिनय हो या फिर डिजिटल मनोरंजन की दुनिया, माधुरी दीक्षित हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। उनका यह नया साड़ी लुक एक बार फिर यह साबित करता है कि वह केवल बॉलीवुड की धक-धक गर्ल ही नहीं, बल्कि भारतीय फैशन और ग्लैमर जगत की सबसे प्रभावशाली स्टाइल आइकन्स में से एक हैं।
भारतीय निशानेबाजी को बड़ा झटका: दिग्गज शूटर और कोच Jaspal Rana के निधन पर खेल जगत शोकाकुल

नई दिल्ली । भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे सितारे को खो दिया है, जिसने देश में निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दिग्गज शूटर और कोच Jaspal Rana के असामयिक निधन से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 49 वर्ष की उम्र में उनका निधन भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐसी क्षति माना जा रहा है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती। शुक्रवार को दिल्ली में उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित आवास ले जाया गया, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार Manikarnika Ghat में किया जाना है। परिवारजन उनके पार्थिव शरीर को निजी विमान से वाराणसी लेकर पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई। वाराणसी एयरपोर्ट पर मौजूद उनके साथियों और पूर्व खिलाड़ियों ने भावुक होकर उन्हें याद किया। पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में उनका निधन बेहद दुखद है और खेल जगत ने एक महान प्रतिभा को खो दिया है। अंतरराष्ट्रीय कोच रोहित जैन ने उन्हें भारतीय पिस्टल शूटिंग का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने देश में निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके अनुसार, जब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एक राज्य हुआ करते थे, तब जसपाल राणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पूरे देश का ध्यान इस खेल की ओर आकर्षित किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में उनके जैसा समर्पित और सफल कोच मिलना बेहद कठिन है। पूर्व राष्ट्रीय शूटर रामेंद्र शर्मा ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने 1987 से जसपाल राणा को खेलते देखा था। उनके मुताबिक, राणा देश के पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने जूनियर विश्व स्तर पर बड़ी सफलता हासिल कर भारतीय निशानेबाजी को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा की उपलब्धियों ने देश के हजारों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया और शूटिंग खेल को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। पूर्व राइफल शूटर पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि जसपाल राणा ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी विदेशों में भी विश्वस्तरीय सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया और विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। श्रीवास्तव ने बताया कि कम उम्र में ही उन्हें Arjuna Award से सम्मानित किया गया था। बाद में उन्हें Padma Shri सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी, मार्गदर्शक और कोच के रूप में जसपाल राणा का योगदान भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और भारतीय खेल जगत हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा।
पार्टी विवाद के बीच कल्याण बनर्जी का यू-टर्न, बोले- ‘बेटे से गलती हो जाए तो उसे माफ करना पिता का कर्तव्य’

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress में हाल के दिनों में उभरे आंतरिक मतभेदों के बीच वरिष्ठ सांसद Kalyan Banerjee के बदले हुए तेवर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। कुछ समय पहले तक पार्टी महासचिव Abhishek Banerjee पर तीखे आरोप लगाने वाले कल्याण बनर्जी अब उनके प्रति नरम रुख अपनाते दिखाई दिए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि अभिषेक उनके बेटे जैसे हैं और यदि बेटे से कोई गलती हो जाए तो उसे माफ करना पिता का दायित्व होता है। कल्याण बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हाल के दिनों में उन्होंने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि वरिष्ठ नेताओं को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि पार्टी के भीतर अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है। हालांकि अब उनके बयान का स्वर पहले की तुलना में काफी अलग नजर आया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका अर्थ व्यक्तिगत रिश्तों में कटुता नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और अभिषेक के बीच कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है तथा पार्टी हित सर्वोपरि है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान पार्टी के भीतर बढ़ती अटकलों को शांत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। हालिया विवादों के बाद टीएमसी के भीतर विभिन्न नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं। ऐसे में कल्याण बनर्जी का सार्वजनिक रूप से नरम रुख अपनाना संगठनात्मक एकजुटता का संदेश माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने पार्टी सांसद Shatabdi Roy को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कुछ राजनीतिक टिप्पणियां कीं, जो राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसके अलावा लोकसभा में बैठने की व्यवस्था को लेकर अलग मांग उठाने वाले कुछ सांसदों पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और उनके राजनीतिक उद्देश्यों पर संदेह व्यक्त किया। कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को जरूरत से ज्यादा महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि संगठन के भीतर मतभेदों को पार्टी मंच पर सुलझाया जा सकता है और सार्वजनिक विवादों से बचना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी नेतृत्व इन विषयों पर उचित समय पर निर्णय लेने में सक्षम है। इस बीच राज्य की राजनीति में टीएमसी के भविष्य और संगठनात्मक स्थिति को लेकर भी चर्चा जारी है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और कुछ नेताओं के इस्तीफों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं। हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि संगठन एकजुट है और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। कल्याण बनर्जी ने पार्टी के किसी अन्य दल में विलय की अटकलों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक दिशा तय करने में सक्षम है और इस तरह की चर्चाओं का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उनके इस बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए आश्वस्त करने वाले संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार आने वाले समय में टीएमसी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक मुद्दों पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल कल्याण बनर्जी के बदले हुए रुख ने पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।
तेजस शिरसे ने रचा इतिहास, 110 मीटर हर्डल्स में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड; कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट लगभग पक्का

नई दिल्ली । भारतीय एथलेटिक्स को शनिवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई, जब युवा हर्डलर Tejas Shirse ने पुरुषों की 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर इतिहास रच दिया। लुधियाना में आयोजित Indian Athletics Series 9 के दौरान तेजस ने 13.27 सेकंड का समय निकालते हुए न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि अपने ही पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। 24 वर्षीय तेजस शिरसे ने इससे पहले 2024 में 13.41 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 13.27 सेकंड का समय दर्ज किया है। यह उपलब्धि भारतीय ट्रैक एवं फील्ड इतिहास के सर्वश्रेष्ठ स्प्रिंट-हर्डल प्रदर्शनों में गिनी जा रही है। खास बात यह है कि उनका यह प्रदर्शन Athletics Federation of India द्वारा निर्धारित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 क्वालिफिकेशन मार्क 13.39 सेकंड से भी बेहतर रहा। प्रतियोगिता के दौरान तेजस ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। ‘बी’ फाइनल में उन्होंने ब्लॉक्स से शानदार शुरुआत की और शुरुआती चरण में बढ़त हासिल कर ली। अंतिम हर्डल से हल्का संपर्क होने के बावजूद उन्होंने अपनी गति कम नहीं होने दी और शानदार अंदाज में फिनिश लाइन पार की। उनका समय देखते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और अधिकारियों ने उनकी उपलब्धि का स्वागत किया। इस रेस में Krishik M 13.55 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे। तेजस का यह प्रदर्शन हाल के महीनों में उनकी लगातार प्रगति को भी दर्शाता है। पिछले महीने रांची में आयोजित Federation Cup Athletics Championships में उन्होंने 13.50 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था। अब 13.27 सेकंड का समय उन्हें वर्ष 2026 की महाद्वीपीय रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों के बीच ला खड़ा करता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनका प्रदर्शन इस समय कॉन्टिनेंटल सूची में छठे स्थान पर है। भारतीय एथलेटिक्स के लिहाज से यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यदि तेजस का चयन कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में होता है तो वह 2014 के बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पहले भारतीय पुरुष हर्डलर बन सकते हैं। इससे पहले Siddhanth Thingalaya ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। दूसरी ओर, प्रतियोगिता में कुछ खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक नतीजे भी सामने आए। पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में Mohammed Afsal अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने 1 मिनट 47 सेकंड का समय निकाला, जो कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन मानक 1 मिनट 45 सेकंड से पीछे रहा। ऐसे में उनके चयन की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है। जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भी खिलाड़ियों के बीच कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में जगह बनाने की होड़ देखने को मिली। Sachin Yadav चोट के कारण प्रतियोगिता से बाहर रहे, जबकि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता Neeraj Chopra अभी पूरी तरह फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में Rohit Yadav, Shivam Lohakare और Kishore Kumar Jena जैसे खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का अवसर खुला हुआ है। तेजस शिरसे की इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊर्जा दी है और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।
25 साल बाद भी ताजा हैं ‘दिल चाहता है’ की यादें, सैफ अली खान ने साझा किए शूटिंग के दिलचस्प किस्से

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली और यादगार फिल्मों में शामिल Dil Chahta Hai अपनी रिलीज के 25वें वर्ष में पहुंच चुकी है। दोस्ती, रिश्तों और युवा सोच को नए अंदाज में पेश करने वाली इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई थी। फिल्म के इस विशेष पड़ाव पर अभिनेता Saif Ali Khan ने शूटिंग के दिनों को याद करते हुए कई दिलचस्प अनुभव साझा किए हैं। साथ ही उन्होंने फिल्म के निर्देशक Farhan Akhtar की भी खुलकर सराहना की है। सैफ अली खान ने कहा कि ‘दिल चाहता है’ की शूटिंग उनके करियर के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक रही। उनके अनुसार फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरा माहौल बेहद सकारात्मक और उत्साहपूर्ण था। युवा कलाकारों की टीम, खूबसूरत लोकेशन और एक नई तरह की कहानी ने इस प्रोजेक्ट को सभी के लिए खास बना दिया था। अभिनेता ने विशेष रूप से गोवा में हुई शूटिंग को याद करते हुए बताया कि उस दौर में वे सभी कलाकार काफी युवा थे और काम के साथ-साथ जीवन का भरपूर आनंद भी लेते थे। समुद्र किनारे शूटिंग, दोस्तों के साथ समय बिताना और विभिन्न स्थानों पर घूमना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया। उन्होंने कहा कि फिल्म की पूरी टीम के बीच गहरी दोस्ती और सहजता थी, जिसका असर पर्दे पर भी साफ दिखाई दिया। सैफ के अनुसार फिल्म की सफलता के पीछे निर्देशक फरहान अख्तर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सेट पर फरहान का आत्मविश्वास और काम करने का तरीका बेहद प्रभावशाली था। पहली बार निर्देशन कर रहे होने के बावजूद उनके काम में कहीं भी असमंजस या दबाव दिखाई नहीं देता था। सैफ ने कहा कि उन्हें उस समय ही महसूस हो गया था कि फरहान निर्देशन की कला को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान कलाकारों को अपने किरदारों और संवादों पर ध्यान देने की पूरी स्वतंत्रता दी गई थी। निर्देशक ने पूरे प्रोजेक्ट को इतनी सहजता से संभाला कि कलाकारों को किसी अतिरिक्त दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। यही वजह थी कि फिल्म की शूटिंग एक काम की बजाय यादगार अनुभव जैसी महसूस होती थी। वर्ष 2001 में रिलीज हुई ‘दिल चाहता है’ ने उस दौर के युवाओं की सोच, दोस्ती और रिश्तों को आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया था। फिल्म में Aamir Khan, Saif Ali Khan और Akshaye Khanna की तिकड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इसके अलावा Preity Zinta, Dimple Kapadia और Sonali Kulkarni ने भी अपनी भूमिकाओं से फिल्म को मजबूती दी थी। फिल्म को केवल व्यावसायिक सफलता ही नहीं मिली, बल्कि इसने हिंदी सिनेमा में दोस्ती और युवा जीवन पर आधारित फिल्मों की प्रस्तुति का तरीका भी बदल दिया। इसके संवाद, संगीत, पात्र और कहानी आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। यही कारण है कि रिलीज के ढाई दशक बाद भी ‘दिल चाहता है’ को आधुनिक हिंदी सिनेमा की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है। आज जब फिल्म अपने 25 वर्ष पूरे करने की ओर बढ़ रही है, तब कलाकारों की यादें और दर्शकों का प्रेम यह साबित करता है कि कुछ फिल्में समय के साथ पुरानी नहीं होतीं, बल्कि पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखती हैं।