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बॉक्स ऑफिस की चिंता आज भी बरकरार, ‘धमाल 4’ के ट्रेलर लॉन्च पर अजय देवगन ने बताया क्यों होती है घबराहट

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Ajay Devgn इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म Dhamaal 4 को लेकर चर्चा में हैं। लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी की चौथी किस्त के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में अभिनेता ने अपनी फिल्मों को लेकर खुलकर बात की और यह स्वीकार किया कि लंबे अनुभव के बावजूद हर नई फिल्म की रिलीज से पहले उन्हें घबराहट महसूस होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में महीनों की मेहनत और समर्पण लगा होता है, इसलिए रिलीज के समय थोड़ा दबाव और उत्सुकता स्वाभाविक होती है। ट्रेलर लॉन्च के दौरान मीडिया से बातचीत में अजय देवगन ने बताया कि किसी फिल्म की सफलता केवल कलाकारों के लिए नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे दल के लिए महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रोजेक्ट पर लंबे समय तक मेहनत की जाती है तो यह उम्मीद भी रहती है कि दर्शक उसे पसंद करें। यही कारण है कि रिलीज के करीब आने पर उत्साह के साथ-साथ चिंता भी बनी रहती है। अभिनेता ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्षों के अनुभव के बाद भी यह भावना समाप्त नहीं होती। उनके अनुसार हर फिल्म एक नई चुनौती होती है और हर बार दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में शामिल सभी लोग चाहते हैं कि उनका काम दर्शकों तक पहुंचे और उन्हें पसंद आए। इसी वजह से रिलीज के समय स्वाभाविक रूप से मानसिक दबाव महसूस होता है। बातचीत के दौरान अजय देवगन से बॉलीवुड में सीक्वल फिल्मों की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी सीक्वल की सफलता का सबसे बड़ा आधार उसके किरदार होते हैं। जब दर्शक किसी फिल्म के पात्रों को पसंद करने लगते हैं और उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं, तब कहानी को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि सफल फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत उसके यादगार किरदार होते हैं। अजय देवगन ने उदाहरण देते हुए बताया कि दर्शक कई लोकप्रिय फिल्मों के पात्रों को उनके नाम से पहचानते हैं। यही जुड़ाव समय के साथ सीक्वल फिल्मों की मांग को बढ़ाता है। उनका मानना है कि यदि दर्शकों को पात्रों और उनकी दुनिया में रुचि बनी रहती है, तो अगली कड़ी के प्रति उत्सुकता स्वतः पैदा हो जाती है। ‘धमाल’ फ्रेंचाइजी का सफर वर्ष 2007 में शुरू हुआ था और पहली फिल्म को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया था। इसके बाद आई दूसरी और तीसरी फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता हासिल की। तीसरे भाग में अजय देवगन की एंट्री हुई थी, जिसने फ्रेंचाइजी को एक नया आयाम दिया। अब चौथे भाग को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर यह फ्रेंचाइजी भारतीय दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बना चुकी है। यही कारण है कि ‘धमाल 4’ को लेकर भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। ट्रेलर को मिली प्रतिक्रिया ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। अब दर्शकों की निगाहें फिल्म की रिलीज पर टिकी हैं। 10 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही ‘धमाल 4’ से निर्माताओं और कलाकारों को बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोकप्रिय फ्रेंचाइजी का यह नया अध्याय बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करता है।

महिला टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान महामुकाबला आज, हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया का दबदबा

मध्‍य प्रदेश । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें रविवार को होने वाले भारत और पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर टिकी हैं। पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के प्रतिष्ठित Edgbaston में खेला जाएगा। दोनों देशों के बीच होने वाला कोई भी क्रिकेट मैच विशेष महत्व रखता है, लेकिन विश्व कप के मंच पर इसकी रोमांचकता और भी बढ़ जाती है। इतिहास पर नजर डालें तो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का पाकिस्तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 13 मैचों में जीत India Women’s Cricket Team के खाते में गई है। वहीं, पाकिस्तान की टीम केवल तीन मुकाबलों में ही जीत दर्ज कर सकी है। यही कारण है कि आगामी मुकाबले में भी भारतीय टीम को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत 2024 महिला टी20 विश्व कप में हुई थी, जहां भारतीय टीम ने पाकिस्तान को छह विकेट से हराया था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ मैदान पर उतरेंगी। हालांकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता और पाकिस्तान भी भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी की शुरुआत एक बार फिर Smriti Mandhana और Shafali Verma के कंधों पर होगी। दोनों बल्लेबाज इंग्लैंड की परिस्थितियों में पहले भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुकी हैं। पाकिस्तान के खिलाफ स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने 10 पारियों में 239 रन बनाए हैं। दूसरी ओर, शेफाली वर्मा ने सीमित अवसरों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है और पाकिस्तान के खिलाफ चार मैचों में 121 रन बनाए हैं। मध्यक्रम में भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि कप्तान बड़े मुकाबले में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। वहीं, Jemimah Rodrigues के ऊपर मध्यक्रम को संभालने और पारी को गति देने की जिम्मेदारी होगी। विकेटकीपर बल्लेबाज Richa Ghosh से भी फिनिशर की भूमिका में एक और तेजतर्रार पारी की उम्मीद की जा रही है। गेंदबाजी विभाग में भारत की नई गेंद की जिम्मेदारी Renuka Singh और Kranti Goud संभाल सकती हैं। इसके अलावा युवा तेज गेंदबाज Nandini Sharma को मौका मिलता है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी। स्पिन विभाग में Radha Yadav, Shreyanka Patil और Sree Charani भारतीय टीम की बड़ी ताकत साबित हो सकती हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की कप्तान Fatima Sana शानदार फॉर्म में हैं। हाल ही में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ तेज अर्धशतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया था। गेंदबाजी में अनुभवी Diana Baig भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं। कुल मिलाकर, आंकड़े और हालिया प्रदर्शन भारत के पक्ष में दिखाई देते हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में अक्सर दबाव और परिस्थितियां परिणाम को प्रभावित करती हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक और यादगार मुकाबले की उम्मीद रहेगी।

मां थीं बॉक्सिंग के खिलाफ, समाज की बंदिशों को तोड़कर निकहत जरीन बनीं दो बार की विश्व चैंपियन

नई दिल्ली । भारतीय महिला मुक्केबाजी की चमकती सितारा Nikhat Zareen आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। दो बार की विश्व चैंपियन बन चुकी निकहत ने न केवल रिंग में अपने मुक्कों का दम दिखाया, बल्कि उन सामाजिक बाधाओं को भी तोड़ा, जो अक्सर लड़कियों के सपनों के रास्ते में दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं। उनकी सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और सामाजिक दबावों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। 14 जून 1996 को तेलंगाना के Nizamabad में जन्मीं निकहत जरीन का बचपन सामान्य परिवार में बीता। उनके परिवार में खेलों का माहौल जरूर था, लेकिन बॉक्सिंग को लेकर सभी की सोच एक जैसी नहीं थी। निकहत के चाचा बॉक्सिंग कोच थे और वे उनके भाइयों को प्रशिक्षण देते थे। यहीं से निकहत की रुचि भी इस खेल की ओर बढ़ी। हालांकि, जब उन्होंने खुद बॉक्सर बनने की इच्छा जताई तो परिवार के कई सदस्य इसके पक्ष में नहीं थे। उनकी मां भी नहीं चाहती थीं कि बेटी मुक्केबाजी जैसे कठिन और जोखिम भरे खेल में करियर बनाए। केवल उनके पिता ने उनका साथ दिया और उनके सपनों को पंख देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महज 13 वर्ष की उम्र में निकहत ने तय कर लिया था कि उन्हें बॉक्सिंग में ही अपना भविष्य बनाना है। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कठिन परिश्रम और अनुशासन को अपना हथियार बनाया। शुरुआती दौर में उन्होंने अपने चाचा से प्रशिक्षण लिया और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। उनकी मेहनत का पहला बड़ा परिणाम 2011 में देखने को मिला, जब उन्होंने महिला जूनियर और यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। इसके बाद 2014 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर उन्होंने अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ी होने का प्रमाण दिया। हालांकि सफलता की राह आसान नहीं थी। करियर के महत्वपूर्ण दौर में कंधे की गंभीर चोट ने उन्हें बड़ा झटका दिया। दाहिने कंधे की हड्डी टूटने के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और लगभग एक वर्ष तक रिंग से दूर रहना पड़ा। कई खिलाड़ियों का करियर ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित हो जाता है, लेकिन निकहत ने हार नहीं मानी। कठिन पुनर्वास प्रक्रिया के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में फिर से पदक जीतना शुरू कर दिया। साल 2021 में बैंकॉक में आयोजित एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी वापसी का दमदार संकेत दिया। इसके बाद 2022 उनके करियर का स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ। तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसी वर्ष उन्होंने Commonwealth Games 2022 में भी स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। निकहत का विजय अभियान यहीं नहीं रुका। 2023 में उन्होंने लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। वह भारतीय दिग्गज मुक्केबाज Mary Kom के बाद विश्व चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2022 में प्रतिष्ठित Arjuna Award से सम्मानित किया। आज निकहत जरीन केवल एक सफल खिलाड़ी नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में स्थायी नहीं बन सकती।

अक्षय कुमार से अरशद वारसी तक, ‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टारकास्ट की नेटवर्थ ने खींचा ध्यान; करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं कलाकार

नई दिल्ली । बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ इन दिनों अपनी भव्य स्टारकास्ट और बड़े पैमाने पर तैयार किए गए मनोरंजन पैकेज को लेकर चर्चा में है। फिल्म में 30 से अधिक कलाकारों को शामिल किया गया है, जिनमें हिंदी सिनेमा के कई दिग्गज और लोकप्रिय चेहरे मौजूद हैं। ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। हालांकि फिल्म की कहानी और कलाकारों के किरदारों के साथ-साथ उनकी आर्थिक हैसियत भी चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म का नेतृत्व अभिनेता Akshay Kumar कर रहे हैं, जो लंबे समय से हिंदी सिनेमा के सबसे सफल और व्यस्त सितारों में गिने जाते हैं। तीन दशक से अधिक समय के करियर में उन्होंने अनेक सुपरहिट फिल्मों के जरिए न केवल लोकप्रियता हासिल की है बल्कि बड़ी संपत्ति भी अर्जित की है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार उनकी कुल संपत्ति हजारों करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे वे फिल्म की स्टारकास्ट में सबसे प्रभावशाली आर्थिक स्थिति रखने वाले कलाकारों में शामिल हैं। फिल्म में Suniel Shetty भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अभिनय के साथ-साथ होटल, फिटनेस और अन्य व्यवसायों में निवेश के कारण उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्षों से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत मानी जाती है। इसी तरह Raveena Tandon भी लंबे समय से फिल्म उद्योग का हिस्सा रही हैं और सफल अभिनय करियर के दम पर उल्लेखनीय संपत्ति अर्जित कर चुकी हैं। दिग्गज अभिनेता Jackie Shroff भी इस मल्टीस्टारर परियोजना का हिस्सा हैं। कई दशकों से सक्रिय जैकी श्रॉफ ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। फिल्मों, विज्ञापनों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए उन्होंने भी मजबूत आर्थिक आधार तैयार किया है। उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है और नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी उनकी अच्छी पहचान है। फिल्म में हास्य का प्रमुख आकर्षण बनने जा रहे Johnny Lever को हिंदी सिनेमा के सबसे सफल कॉमेडियनों में गिना जाता है। दशकों तक दर्शकों को हंसाने वाले जॉनी लीवर ने अपनी प्रतिभा और निरंतर सक्रियता के बल पर उल्लेखनीय संपत्ति अर्जित की है। कॉमेडी जगत में उनकी स्थिति आज भी बेहद मजबूत मानी जाती है और वे देश के सबसे समृद्ध हास्य कलाकारों में शामिल हैं। इसके अलावा Disha Patani और Jacqueline Fernandez जैसी अभिनेत्रियां भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्मों, ब्रांड एंडोर्समेंट और सोशल मीडिया लोकप्रियता के कारण दोनों कलाकारों ने मनोरंजन उद्योग में मजबूत आर्थिक स्थिति बनाई है। युवा दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता फिल्म को अतिरिक्त आकर्षण प्रदान करती है। फिल्म की स्टारकास्ट में Tusshar Kapoor और Arshad Warsi भी शामिल हैं। विशेष रूप से अरशद वारसी ने कॉमेडी और चरित्र भूमिकाओं के जरिए वर्षों में मजबूत पहचान बनाई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनकी संपत्ति भी सैकड़ों करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है, जिससे वे फिल्म के सबसे संपन्न कलाकारों में गिने जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वेलकम टू द जंगल’ केवल अपनी कहानी या हास्य तत्वों के कारण ही नहीं, बल्कि एक साथ इतने बड़े और प्रभावशाली सितारों की मौजूदगी के कारण भी चर्चा में है। फिल्म में शामिल कलाकारों की सामूहिक लोकप्रियता और आर्थिक हैसियत इसे वर्ष की सबसे चर्चित मल्टीस्टारर फिल्मों में शामिल कर रही है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म मनोरंजन, कॉमेडी और स्टारपावर का शानदार मिश्रण साबित होगी।

भारत-अफगानिस्तान पहले वनडे पर बारिश का खतरा, धर्मशाला का मौसम बढ़ा सकता है टीम इंडिया की चिंता

नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शनिवार को होने जा रहा है, लेकिन मुकाबले से पहले मौसम सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित Himachal Pradesh Cricket Association Stadium में खेले जाने वाले पहले वनडे पर बारिश का साया मंडरा रहा है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को आशंका है कि कहीं मौसम इस रोमांचक मुकाबले का मजा किरकिरा न कर दे। मौसम रिपोर्ट के अनुसार धर्मशाला में शनिवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई जा रही है। दिन और शाम दोनों समय बादल छाए रहने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। शुक्रवार को भी धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे हालात में मैदान और आउटफील्ड की स्थिति भी मैच पर असर डाल सकती है। यदि बारिश लगातार होती है तो ओवरों में कटौती या मैच रद्द होने जैसी स्थिति भी बन सकती है। हालांकि मौसम की चुनौती के बावजूद दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम इस सीरीज में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद संतुलित नजर आ रही है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके स्थान पर युवा बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal को टीम में शामिल किया गया है। वहीं ऑलराउंडर Hardik Pandya भी चोट से उबर रहे हैं और इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में कप्तान Rohit Sharma पर सभी की निगाहें रहेंगी। अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में शानदार औसत से रन बनाए हैं और एक शतक भी उनके नाम दर्ज है। धर्मशाला की बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में उनसे एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में Shubman Gill और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी अहम भूमिका निभाएगी। वहीं नंबर तीन पर Ishan Kishan को मौका मिल सकता है। उपकप्तान Shreyas Iyer से मध्यक्रम में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा होगी। इसके अलावा KL Rahul हाल के दिनों में अच्छी लय में रहे हैं और टीम को उनसे भी बड़ी उम्मीदें हैं। इस सीरीज की एक और खास बात युवा खिलाड़ियों को मिला मौका है। Prince Yadav, Harsh Dubey और Gurnoor Brar को पहली बार भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि इनमें से किस खिलाड़ी को पदार्पण का अवसर मिलता है। गेंदबाजी विभाग में Arshdeep Singh के नेतृत्व में भारतीय आक्रमण मैदान पर उतरेगा। उनका साथ Prasidh Krishna दे सकते हैं। धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है, ऐसे में भारतीय गेंदबाज शुरुआती ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं। यदि बारिश बाधा नहीं बनती है तो क्रिकेट प्रेमियों को भारत और अफगानिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर छाएगी ‘दृश्यम 3’, मोहनलाल की सस्पेंस थ्रिलर की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

नई दिल्ली । मलयालम सिनेमा की सबसे चर्चित और सफल फ्रेंचाइजी में शामिल ‘दृश्यम’ का तीसरा भाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन के बाद मोहनलाल अभिनीत ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज डेट आधिकारिक रूप से घोषित कर दी गई है। लंबे समय से फिल्म के डिजिटल प्रीमियर का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह बड़ी खबर मानी जा रही है। क्राइम और सस्पेंस से भरपूर इस फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब फिल्म को डिजिटल माध्यम से और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। फिल्म के निर्माताओं का मानना है कि ओटीटी रिलीज के जरिए देश और विदेश के करोड़ों दर्शक इस कहानी का आनंद ले सकेंगे। ‘दृश्यम 3’ का निर्देशन एक बार फिर जीतू जोसेफ ने किया है, जिन्होंने इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के पिछले दोनों भागों को भी निर्देशित किया था। फिल्म की कहानी जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। तीसरे भाग में भी रहस्य, तनाव और अप्रत्याशित घटनाओं का ऐसा ताना-बाना बुना गया है जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और मोहनलाल का दमदार अभिनय माना जा रहा है। जॉर्जकुट्टी के किरदार ने वर्षों से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि तीसरे भाग को लेकर भी काफी उत्साह देखने को मिला। फिल्म ने अपनी रिलीज के साथ ही सस्पेंस थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था। अब यह फिल्म 18 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। डिजिटल रिलीज के साथ दर्शक अपने घरों में आराम से इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि फिल्म केवल एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे इसके डिजिटल प्रीमियर को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। निर्माताओं ने यह भी सुनिश्चित किया है कि फिल्म अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से इसे मलयालम के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। दर्शक फिल्म को तेलुगु, तमिल और कन्नड़ डब संस्करणों में भी देख सकेंगे। इससे दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों को अपनी पसंदीदा भाषा में फिल्म देखने का अवसर मिलेगा। फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज को शानदार प्रतिक्रिया मिल सकती है। पिछले दो भागों की लोकप्रियता और तीसरे भाग को मिले सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इसके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में जो दर्शक किसी कारणवश इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे, उनके लिए यह फिल्म अब आसानी से उपलब्ध होगी। सस्पेंस, रहस्य और पारिवारिक ड्रामा के अनोखे मिश्रण से सजी ‘दृश्यम 3’ एक बार फिर जॉर्जकुट्टी की कहानी को नए मोड़ पर लेकर आती है। ओटीटी रिलीज के साथ यह फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आने के लिए तैयार है।

महिला टी20 विश्व कप में रिकॉर्डों की बारिश, डैन व्याट ने सारा टेलर को छोड़ा पीछे; इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत

नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में मेजबान England Women’s Cricket Team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka Women’s Cricket Team को 87 रन से पराजित कर टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की। बर्मिंघम के Edgbaston में खेले गए इस मुकाबले में केवल जीत ही नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बने, जिनमें सबसे प्रमुख नाम डैन व्याट का रहा। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में एक विकेट खोकर 219 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के नाम था, जिसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे। टीम की इस उपलब्धि में सलामी बल्लेबाज डैन व्याट की भूमिका सबसे अहम रही। डैन व्याट ने 62 गेंदों पर नाबाद 105 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान उन्होंने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। वह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली तीसरी बल्लेबाज बन गई हैं। इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की पूर्व स्टार बल्लेबाज सारा टेलर को पीछे छोड़ दिया। टेलर के नाम विश्व कप में 541 रन दर्ज थे, जबकि व्याट अब 593 रन तक पहुंच चुकी हैं। व्याट की यह पारी महिला टी20 विश्व कप इतिहास की चौथी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी बन गई है। इंग्लैंड की ओर से टूर्नामेंट में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड Heather Knight के नाम है, जिन्होंने 2020 में नाबाद 108 रन बनाए थे। वहीं विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड Meg Lanning के नाम दर्ज है, जिन्होंने 126 रन बनाए थे। डैन व्याट ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। वह महिला टी20 विश्व कप में सर्वाधिक शतक लगाने वाली संयुक्त रूप से दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं। उनके नाम अब तीन शतक दर्ज हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान यूएई की बल्लेबाज Esha Oza के पास है, जिन्होंने पांच शतक लगाए हैं। इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान अंतिम ओवर भी रिकॉर्डबुक में दर्ज हो गया। टीम ने आखिरी ओवर में 26 रन बटोरे, जो महिला टी20 विश्व कप इतिहास का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे महंगा ओवर माना जा रहा है। श्रीलंका की गेंदबाज Malki Madara इस ओवर में इंग्लिश बल्लेबाजों के निशाने पर रहीं। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में 51 रन देकर एक विकेट लिया। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे महंगा गेंदबाजी स्पेल है। इस सूची में पहला स्थान भारतीय गेंदबाज Shikha Pandey के नाम है, जिन्होंने 2020 में चार ओवर में 52 रन खर्च किए थे। हालांकि श्रीलंका की हार के बीच भी एक रिकॉर्ड दर्ज हुआ। टीम की बल्लेबाज Nilakshi de Silva और मलकी मदारा ने आठवें विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी की। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में आठवें या उससे नीचे के विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी मानी जा रही है। गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से फ्रेया केम्प ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने विश्व कप पदार्पण मुकाबले में 21 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस उपलब्धि के साथ वह महिला टी20 विश्व कप डेब्यू मैच में चार विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गईं। उनके प्रदर्शन ने इंग्लैंड की जीत को और भी यादगार बना दिया। महिला टी20 विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला इस तरह रिकॉर्डों, ऐतिहासिक उपलब्धियों और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शनों के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

महिला टी20 विश्व कप 2026 में इंग्लैंड का ऐतिहासिक धमाका, रिकॉर्ड 219 रन बनाकर श्रीलंका को 87 रन से रौंदा

नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज मेजबान England Women’s Cricket Team के ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ हुआ। बर्मिंघम स्थित Edgbaston में खेले गए टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka Women’s Cricket Team को 87 रन के बड़े अंतर से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने महिला टी20 विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाज Amy Jones और Danni Wyatt-Hodge ने पहले विकेट के लिए 135 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। एमी जोन्स ने 38 गेंदों में 53 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। उनके आउट होने के बाद भी इंग्लैंड की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा। दूसरे छोर पर डैनी व्याट ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 62 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए। अपनी इस यादगार पारी में उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 169 से अधिक रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। मध्यक्रम में कप्तान Nat Sciver-Brunt ने भी विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की और सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 46 रन ठोक दिए। उनकी पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल रहा। इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में केवल एक विकेट खोकर 219 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के नाम था, जब उसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे। 220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण टीम कभी भी लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ती नजर नहीं आई। श्रीलंका की ओर से Nilakshi de Silva ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि Harshitha Samarawickrama ने 29 रन का योगदान दिया। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सकी और पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से फ्रेया केम्प ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 22 रन देकर चार विकेट झटके और मैच का रुख पूरी तरह इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ वह महिला टी20 विश्व कप में पदार्पण मैच में चार विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गईं। इसके अलावा Sophie Ecclestone और Charlie Dean ने दो-दो विकेट लिए, जबकि Lauren Bell और Linsey Smith को एक-एक सफलता मिली। यह मुकाबला रिकॉर्डों के लिहाज से भी खास रहा। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 351 रन बनाए, जो महिला टी20 विश्व कप इतिहास में दोनों पारियों का दूसरा सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर है। इससे पहले 2018 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मुकाबले में कुल 354 रन बने थे।

36 घंटे की बैटरी, 40dB नॉइज कैंसिलेशन और डुअल डिवाइस सपोर्ट के साथ बाजार में उतरे लेनेवो के प्रीमियम योगा ईयरबड्स

नई दिल्ली । प्रीमियम ऑडियो डिवाइस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में लेनेवो ने नया कदम उठाते हुए Yoga True Wireless Noise Cancelling Earbuds लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस उत्पाद को फिलहाल चीन के बाजार में पेश किया है। नए ईयरबड्स को उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो बेहतर साउंड क्वालिटी, प्रभावी नॉइज कैंसिलेशन, लंबी बैटरी लाइफ और स्मार्ट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं की तलाश में रहते हैं। लेनेवो की योगा सीरीज लंबे समय से प्रीमियम डिजाइन और आधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नए वायरलेस ईयरबड्स में आकर्षक डिजाइन के साथ कई उन्नत फीचर्स शामिल किए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस रोजमर्रा के उपयोग से लेकर पेशेवर कार्यों और मनोरंजन तक विभिन्न जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। ऑडियो प्रदर्शन के लिए ईयरबड्स में 12.2 मिमी डायनेमिक ड्राइवर दिए गए हैं। बड़े आकार के ड्राइवर संगीत सुनने के दौरान अधिक स्पष्ट ध्वनि, गहरे बास और संतुलित ऑडियो अनुभव प्रदान करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही 40dB तक की एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन तकनीक भी उपलब्ध कराई गई है। यह तकनीक आसपास के अनावश्यक शोर को कम करके उपयोगकर्ता को अधिक स्पष्ट और निर्बाध सुनने का अनुभव देती है। कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक ईयरबड में तीन माइक्रोफोन लगाए गए हैं। इनमें वॉयसप्रिंट रिकग्निशन और एनवायरमेंटल नॉइज कैंसिलेशन जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉल के दौरान उपयोगकर्ता की आवाज स्पष्ट रूप से सामने वाले व्यक्ति तक पहुंचे और आसपास का शोर बातचीत में बाधा न बने। यह सुविधा विशेष रूप से ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और व्यावसायिक संचार के लिए उपयोगी मानी जा रही है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कंपनी ने कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी हैं। नए ईयरबड्स डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी सपोर्ट करते हैं, जिससे उपयोगकर्ता एक ही समय में दो अलग-अलग डिवाइस से जुड़े रह सकते हैं। उदाहरण के तौर पर लैपटॉप और स्मार्टफोन के बीच बिना बार-बार पेयरिंग किए आसानी से स्विच किया जा सकता है। ट्रिपल-टैप जेस्चर फीचर इस प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाता है। इसके अलावा योगा पीसी के साथ इंस्टेंट पेयरिंग सुविधा भी दी गई है, जिससे कनेक्शन स्थापित करने में कम समय लगता है। बैटरी प्रदर्शन इस नए उत्पाद की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। कंपनी के अनुसार, एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन बंद होने पर ईयरबड्स एक बार चार्ज करने पर लगभग सात घंटे तक उपयोग किए जा सकते हैं। वहीं चार्जिंग केस के साथ कुल बैटरी बैकअप 36 घंटे तक पहुंच जाता है। फास्ट चार्जिंग तकनीक की मदद से केवल 10 मिनट चार्ज करने पर लगभग दो घंटे तक ऑडियो प्लेबैक का लाभ लिया जा सकता है। डिवाइस को IPX4 रेटिंग भी प्राप्त है, जो इसे पसीने और हल्के पानी के छींटों से सुरक्षा प्रदान करती है। ऐसे में यह उत्पाद फिटनेस गतिविधियों, यात्रा और दैनिक उपयोग के दौरान भी भरोसेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम फीचर्स, लंबी बैटरी लाइफ, उन्नत नॉइज कैंसिलेशन और स्मार्ट कनेक्टिविटी के संयोजन के साथ लेनेवो ने वायरलेस ऑडियो बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करने का प्रयास किया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया उत्पाद उपभोक्ताओं के बीच कितनी लोकप्रियता हासिल कर पाता है।

साइल लारिन ने बचाई कनाडा की लाज, फीफा वर्ल्ड कप में बोस्निया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ

नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान Canada National Football Team ने अपने पहले मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। टोरंटो में खेले गए रोमांचक मुकाबले में कनाडा और Bosnia and Herzegovina National Football Team के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच के नायक रहे कनाडा के अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन, जिन्होंने अंतिम चरण में गोल दागकर अपनी टीम को हार से बचा लिया। टोरंटो के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती मिनटों में उन्होंने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और कनाडा के रक्षात्मक विभाग पर लगातार दबाव बनाया। पहले हाफ में बोस्निया को कॉर्नर किक के जरिए सफलता मिली। Sead Kolasinac द्वारा आगे बढ़ाई गई गेंद पर Jovo Lukic ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद कनाडा पर दबाव और बढ़ गया। गोल खाने के बाद कनाडा ने जवाबी हमले तेज किए। टीम के स्टार फॉरवर्ड Jonathan David ने बराबरी का बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन बोस्निया के गोलकीपर Nikola Vasilj ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी। इसके बाद Tani Oluwaseyi भी एक आसान अवसर को गोल में नहीं बदल सके। दूसरे हाफ में कनाडा ने पूरी ताकत के साथ वापसी की कोशिश की। लगातार हमलों के बीच ओलुवासेयी का एक हेडर गोल के करीब पहुंचा, लेकिन डिफेंडर Nikola Katic ने उसे रोक दिया। वहीं, Richie Laryea के संभावित गोल को भी कोलासिनाक ने गोललाइन से क्लियर कर दिया। हालांकि बोस्निया भी लगातार जवाबी हमले करता रहा। कनाडा के गोलकीपर Maxime Crepeau ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। विशेष रूप से Ermedin Demirovic के खतरनाक प्रयास को रोकना मैच का अहम क्षण साबित हुआ। जब ऐसा लग रहा था कि बोस्निया जीत दर्ज कर लेगा, तभी कनाडा के मुख्य कोच Jesse Marsch का रणनीतिक बदलाव काम आ गया। 76वें मिनट में मैदान पर उतारे गए साइल लारिन ने केवल दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया। Promise David के शानदार पास पर लारिन ने गेंद को नियंत्रित किया और सटीक फिनिश के साथ गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। स्टॉपेज टाइम में लारिन के पास कनाडा को जीत दिलाने का सुनहरा अवसर भी था, लेकिन Tarik Muharemovic ने उनका प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी। इस ड्रॉ के साथ कनाडा ने विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक हासिल किया और घरेलू दर्शकों के सामने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की। वहीं बोस्निया और हर्जेगोविना को भी कठिन मुकाबले से एक महत्वपूर्ण अंक मिला।