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प्रेम विवाह के बाद बढ़े पारिवारिक विवाद का खूनी अंजाम, यूट्यूबर शेख महबूब की चाकुओं से गोदकर हत्या

नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोशल मीडिया से पहचान बनाने वाले 30 वर्षीय यूट्यूबर और इलेक्ट्रीशियन शेख महबूब की हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। चांदी मसूद नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय महबूब की दिनदहाड़े धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और रिश्तों में लंबे समय से चल रहे तनाव को अहम कारण माना जा रहा है। घटना गोलकोंडा थाना क्षेत्र के कुमारवाड़ी इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार शेख महबूब शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तेजी से अपने घर में प्रवेश किया, लेकिन हमलावर भी उनके पीछे-पीछे घर के अंदर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर सामने आया है कि घर के भीतर पहुंचते ही आरोपियों ने महबूब पर हमला बोल दिया। हमले में चाकुओं सहित अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि मारपीट के दौरान लोहे की रॉड और व्यायाम उपकरणों का भी उपयोग किया गया। लगातार किए गए हमलों के कारण महबूब गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की पत्नी के भाई शेख सोहेल का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया है। इसके अलावा दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी आशंका व्यक्त की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि घटना पूर्व नियोजित हो सकती है, इसलिए हत्या के पीछे की परिस्थितियों और संभावित साजिश की भी गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार शेख महबूब ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। बताया जा रहा है कि विवाह को लेकर दोनों परिवारों के कुछ सदस्यों के बीच मतभेद थे। विवाह के बाद दंपति को एक संतान भी हुई, लेकिन पारिवारिक रिश्तों में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। पुलिस इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हमलावरों की गतिविधियों और घटना के क्रम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपियों की भूमिका और घटना की पूरी साजिश का खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश और साक्ष्य संग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

इंदौर में मानसून का इंतजार बढ़ा, गर्मी और उमस से बेहाल शहर; प्री-मानसून गतिविधियां भी कमजोर

मध्‍य प्रदेश । मालवा की आर्थिक राजधानी इंदौर में जून का दूसरा सप्ताह समाप्ति की ओर है, लेकिन शहरवासियों को अब तक मानसून पूर्व राहत नहीं मिल सकी है। गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों को परेशान कर रहा है। पिछले कई दिनों से मौसम लगभग एक जैसा बना हुआ है। दिन का तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह से तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को लगातार उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, लेकिन इंदौर क्षेत्र पर उनका अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि जून के दूसरे सप्ताह तक शहर में केवल लगभग एक इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य स्थिति की तुलना में काफी कम मानी जा रही है। आमतौर पर जून माह में इंदौर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलती है। पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून महीने में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। पिछले वर्ष अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन साथ ही अच्छी बारिश ने मौसम को राहतभरा बनाए रखा था। सामान्य तौर पर जून महीने में इंदौर अपने वार्षिक वर्षा कोटे का लगभग 20 प्रतिशत प्राप्त कर लेता है। वर्ष 2025 में जून के दौरान करीब साढ़े पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। इंदौर के मौसम इतिहास पर नजर डालें तो जून महीने में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 1980 में शहर में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जो अब भी एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। तापमान के लिहाज से 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में दोबारा गति पकड़ ली है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। वर्तमान अनुमान के अनुसार 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है। हालांकि तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। प्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। लेकिन इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में इन गतिविधियों का प्रभाव बेहद सीमित रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही इंदौर में बारिश की स्थिति बेहतर होगी और लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल शहरवासी आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और मानसून की पहली जोरदार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो न केवल तापमान में गिरावट लाएगी बल्कि लंबे समय से बनी उमस से भी राहत दिलाएगी।

इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का महामंथन आज, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल खेती पर बनेगी साझा रणनीति

मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों अंतरराष्ट्रीय कृषि कूटनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। 9 से 13 जून तक आयोजित BRICS कृषि सम्मेलन के अंतिम दिन शनिवार को सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के समापन दिवस से पहले शहर के मेघदूत उपवन में विकसित विशेष “ब्रिक्स वाटिका” में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों और अतिथियों ने फलदार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary, मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री Tulsi Silawat, इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargav तथा विधायक Ramesh Mendola सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। ब्रिक्स वाटिका को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रतीक के रूप में विकसित किया गया है। यहां कुल 51 फलदार पौधे लगाए जाने की योजना बनाई गई है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह वाटिका आने वाले वर्षों में BRICS देशों की साझेदारी और हरित विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगी। इससे पहले इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान ग्लोबल गार्डन और यूरेशियन सम्मेलन के दौरान यूरेशिया गार्डन भी विकसित किए गए थे। मेघदूत उपवन को BRICS सम्मेलन के अनुरूप विशेष रूप से सजाया गया है। परिसर में “BRICS INDIA” थीम आधारित आकर्षक आइलैंड, गुलाब उद्यान, संगीतमय फाउंटेन, कमल थीम आधारित सजावट और आधुनिक लैंडस्केपिंग तैयार की गई है। साथ ही BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी लगाए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं। सम्मेलन के अंतिम दिन होने वाली कृषि मंत्रियों की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करेंगे। विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा कृषि व्यापार को बढ़ावा देने, सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने और कृषि उत्पादकता सुधारने पर भी चर्चा होगी। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाना रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के बीच कृषि क्षेत्र को नई तकनीकों और वैज्ञानिक नवाचारों की आवश्यकता है। इसी दिशा में BRICS देश साझा अनुसंधान, तकनीकी साझेदारी और नवाचार आधारित कृषि मॉडल पर विचार करेंगे। शनिवार को सुबह 10 बजे से कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू होगी। इसके बाद विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों का दौर चलेगा। सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों की सहमति से एक साझा दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसमें कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक खाद्य संकट, जलवायु परिवर्तन और कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों के बीच इंदौर में आयोजित यह BRICS सम्मेलन भविष्य की कृषि नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

शेयर बाजार में भारी नुकसान के बाद परिवार खत्म करने का आरोप, शिक्षक दंपति और दो मासूम बच्चों की मौत से दहला महाराष्ट्र

नई दिल्ली । महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। प्रारंभिक जांच में आर्थिक दबाव और निवेश में हुए कथित नुकसान को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा। घटना बार्शी तहसील के एक गांव की बताई जा रही है, जहां एक स्कूल प्रधानाध्यापक, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव उनके घर से बरामद किए गए। मृतकों में दंपति के साथ उनके दोनों नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर सामने आते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय हो गया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब नियमित रूप से दूध पहुंचाने वाला व्यक्ति घर पहुंचा तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। स्थिति असामान्य लगने पर उसने आसपास के लोगों को सूचना दी। पड़ोसियों ने भी कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घर का दरवाजा खोला गया, जहां परिवार के चारों सदस्य मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पूरे घर का निरीक्षण किया और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान पुलिस को एक विस्तृत हस्तलिखित नोट भी मिला है, जिसकी सामग्री का परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह दस्तावेज मामले की पृष्ठभूमि और परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार का मुखिया शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा हुआ था और हाल के समय में उसे भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव का घटना से कोई संबंध था। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही परिवार के परिचितों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इस घटना ने एक बार फिर आर्थिक दबाव, निवेश संबंधी जोखिमों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चर्चा को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय चुनौतियों के दौरान समय पर परामर्श, पारिवारिक सहयोग और पेशेवर सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसी भी प्रकार के आर्थिक संकट का समाधान संवाद और उचित सलाह के माध्यम से तलाशा जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बरामद दस्तावेजों के अध्ययन के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

‘वायरल गर्ल’ की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली, जन्म प्रमाण पत्र को लेकर उठी आपत्तियां; 23 जून को होगी अगली सुनवाई

मध्‍य प्रदेश । इंदौर स्थित Madhya Pradesh High Court में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर चर्चित ‘वायरल गर्ल’ की याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके जन्म और पहचान संबंधी दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर कर उन्हें नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई, जिससे उनकी वैध शादी को विवादित बनाया जा सके। हालांकि सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका में मौजूद कमियों और जन्म प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आवश्यक सुधार करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित कर दी। याचिका में दावा किया गया है कि उनके जन्म रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनके पिता द्वारा जन्म संबंधी अभिलेखों में छेड़छाड़ कर उन्हें वास्तविक उम्र से कम दिखाने का प्रयास किया गया। याचिका के अनुसार छोटे भाई के दस्तावेजों को उनके दस्तावेज बताकर प्रस्तुत किया गया, जिससे उनकी आयु को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि वह बालिग हैं और उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में कथित हस्तक्षेप की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। मामले ने उस समय अधिक तूल पकड़ा जब मार्च 2026 में विवाह के बाद उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। याचिका में कहा गया है कि फिल्म शूटिंग के सिलसिले में केरल प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात एक युवक से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने विवाह कर लिया। विवाह के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस संबंध को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इसी बीच National Commission for Scheduled Tribes की ओर से विवाह के समय याचिकाकर्ता की उम्र को लेकर आशंका व्यक्त की गई थी। इसके बाद मामले में पुलिस जांच शुरू हुई और उपलब्ध शिकायतों एवं दस्तावेजों के आधार पर युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि उम्र संबंधी विवाद और दस्तावेजों की सत्यता का मुद्दा अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाह को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। याचिकाकर्ता और उनके पति ने अदालत से अनुरोध किया है कि मूल जन्म प्रमाण पत्र को बहाल किया जाए तथा रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता P. V. Dinesh वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत पक्ष ने याचिका में तकनीकी खामियों और जन्म प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि की स्पष्टता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद अदालत के समक्ष जन्म प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत की गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकीलों को निर्देश दिया कि वे याचिका में मौजूद त्रुटियों को दूर करें और दस्तावेजों की स्पष्ट एवं प्रमाणित प्रतियां रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें। अदालत ने इसके लिए 10 दिन का समय प्रदान किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी, जहां संशोधित दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा।

CM MOHAN YADAV STATEMENT: ATS एक्शन पर गरजे CM मोहन यादव, बोले- देश विरोधी तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा

CM MOHAN YADAV

CM MOHAN YADAV STATEMENT: मध्यप्रदेश। भोपाल। मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की हालिया कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस की की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो भविष्य में देश के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ATS ने एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध के पास से बड़ी मात्रा में कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा से जुड़ा साहित्य भी बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के पाकिस्तान से संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है। MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना हमें मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है डॉ. यादव ने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इस तरह के और लोग किसी नेटवर्क का हिस्सा हैं, तो मध्य प्रदेश पुलिस उन्हें भी चिन्हित कर कानून के दायरे में लाने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा- मुझे खुशी है कि हमारी सरकार के कार्यकाल में पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इन उपलब्धियों के कारण हमें अपनी पुलिस पर गर्व है। धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे से पहले युकां-एनएसयूआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन की थी तैयारी नक्सलवाद का सफाया एक बड़ी सफलता पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहां नक्सलवाद को प्रभावी रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि विकास और सुशासन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस और प्रशासन दोनों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का पूरी क्षमता के साथ निर्वहन करना होगा। गौरतलब है कि हाल ही में ATS ने भोपाल से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ जांच शुरू की है। मामले की जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं से कर रही हैं और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना

मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की आहट के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। श्योपुर, सागर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर दिखाई दिया। सबसे ज्यादा नुकसान श्योपुर जिले में हुआ, जहां आंधी और बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की जान चली गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सागर में आधा इंच पानी बरसा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने के आसार हैं। श्योपुर जिले के रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। इस हादसे में भीमा आदिवासी, उनकी पत्नी सीमा और बहू राजवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए राजस्थान रेफर किया गया है। वहीं जिले में ही तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलटने से एक महिला की भी मौत हो गई। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सीहोर में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 74 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। भोपाल में 56, ग्वालियर में 57 और अशोकनगर में 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी ने भी जनजीवन को प्रभावित किया। हालांकि, जून माह में अब तक प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसतन 2 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके बाद मानसून की औपचारिक एंट्री होने पर बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने के साथ किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

‘सप्लीमेंट्री की कभी गुंजाइश नहीं रही’: राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल बोले- संगठन ने जो जिम्मेदारी दी, उसे परिणाम देकर साबित किया

मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की निर्विरोध जीत के बाद राजधानी भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान राज्यसभा सदस्य चुने गए Rajneesh Agrawal ने अपने राजनीतिक सफर, संगठन के भरोसे और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। राजनीतिक जीवन और राज्यसभा में अपनी भूमिका को लेकर रजनीश अग्रवाल ने कहा कि देश के सामने प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो लक्ष्य रखा है, वही उनका भी विजन है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण में जो भी जिम्मेदारी उन्हें मिलेगी, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। अपने छात्र जीवन से लेकर वर्तमान तक के सफर पर उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा और आनंद के साथ निभाया। उनके अनुसार व्यक्ति को नियति द्वारा सौंपे गए कार्य को पूरी प्रतिबद्धता से करना चाहिए और परिणाम देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक के जीवन में उन्हें जो अवसर मिले, उनमें उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से काम किया। राज्यसभा और लोकसभा के पिछले चुनावों में नाम चर्चा में आने के बावजूद अवसर नहीं मिलने के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि होता है। उनके मुताबिक नेतृत्व परिस्थितियों और संगठन की जरूरतों के आधार पर निर्णय लेता है और एक कार्यकर्ता के रूप में उनका दायित्व उन निर्णयों का सम्मान करना है। बुंदेलखंड क्षेत्र से जुड़े होने के कारण क्षेत्रीय अपेक्षाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी मातृभूमि, गांव और क्षेत्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी हमेशा बनी रहेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय परिणामों के आधार पर काम को परखा जाना चाहिए। जहां भी उनकी भूमिका होगी, वे अपनी जिम्मेदारी निभाने का पूरा प्रयास करेंगे। अपने जीवन की चुनौतियों और दिव्यांगता से जुड़े प्रश्न पर रजनीश अग्रवाल ने कहा कि संगठन और नेतृत्व ने उन पर हमेशा भरोसा जताया और कठिन से कठिन जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि उन जिम्मेदारियों में असफलता की कोई गुंजाइश नहीं थी और उन्होंने हर बार परिणाम देकर उस भरोसे को साबित किया। उन्होंने कहा, “एक कार्यकर्ता से संगठन सौ प्रतिशत योगदान की अपेक्षा करता है। मेरा प्रयास हमेशा रहेगा कि मैं सौ प्रतिशत से भी अधिक देने की कोशिश करूं।” उनके अनुसार राज्यसभा सदस्य के रूप में मिली नई जिम्मेदारी भी संगठन के विश्वास का प्रतीक है और वे इस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। राज्यसभा में प्रवेश के साथ अब रजनीश अग्रवाल की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठनात्मक अनुभव और लंबे सार्वजनिक जीवन का लाभ उन्हें संसद में प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।

फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

नई दिल्ली । देश में सोना तस्करी के नए-नए तरीकों के बीच अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। कस्टम विभाग ने दुबई से अहमदाबाद पहुंची एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के टॉयलेट में छिपाकर रखा गया बड़ी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करों ने विमान के बाथरूम में लगे साउंड सिस्टम का इस्तेमाल सोने को छिपाने के लिए किया था। कस्टम अधिकारियों को विमान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान विमान के केबिन और विभिन्न तकनीकी हिस्सों की बारीकी से पड़ताल की गई। जब टीम विमान के टॉयलेट तक पहुंची तो वहां एक असामान्य स्थिति दिखाई दी। अधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों और विमान इंजीनियरों की सहायता से टॉयलेट में लगे जनरल अनाउंसमेंट सिस्टम के स्पीकर बॉक्स की जांच की। स्पीकर यूनिट को खोलने पर उसके भीतर दो विशेष पैकेट मिले, जिन्हें काले रंग की इलेक्ट्रिकल टेप से मजबूती से लपेटा गया था। पैकेटों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर 24 विदेशी सोने के बिस्किट बरामद हुए। बरामद सोने का कुल वजन लगभग 2.8 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.26 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्करों ने सोने को विमान के टॉयलेट में छिपाकर रखने की सुनियोजित रणनीति अपनाई थी। आशंका है कि विमान के अहमदाबाद पहुंचने के बाद कोई स्थानीय संपर्क, ग्राउंड स्टाफ का सदस्य अथवा कोई अन्य व्यक्ति इसे निकालकर आगे पहुंचाने वाला था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह पूरी योजना सफल नहीं हो सकी और सोना बरामद कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान विमान में मौजूद किसी भी यात्री या कर्मचारी ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि तस्करी में शामिल व्यक्ति ने पकड़े जाने के डर से सोने को वहीं छोड़ दिया होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। कस्टम विभाग अब उड़ान से जुड़े दस्तावेजों, यात्री विवरण, क्रू रिकॉर्ड और विमान की गतिविधियों की जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना विमान के भीतर किसने रखा और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था। जांच एजेंसियां संभावित सहयोगियों और संपर्क सूत्रों की भी पहचान करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह लगातार नए और तकनीकी रूप से जटिल तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर सिस्टम का उपयोग कर सोना छिपाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल बरामद सोने को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है और संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे से पहले युकां-एनएसयूआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन की थी तैयारी

मध्‍य प्रदेश । राजधानी भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें विरोध प्रदर्शन करने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई, जबकि पुलिस इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बता रही है। जानकारी के अनुसार युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने कई नेताओं को उनके घरों से तथा कुछ को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के आसपास से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित खत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार शामिल हैं। संगठन के अनुसार दोनों को उनके निवास स्थान से पुलिस अपने साथ ले गई। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने से हिरासत में लिया गया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे को भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर से पुलिस ने हिरासत में लिया। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई लंबे समय से NEET परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन के नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों से छात्रों का विश्वास प्रभावित हुआ है और इसी कारण वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने भी केंद्रीय मंत्री के दौरे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही समस्याओं के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा है। सिंघार ने मऊगंज की छात्रा आकांक्षा के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उधर भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और गड़बड़ियों पर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं। फिलहाल हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।