'भारत विरोधी' आफरीदी संग नजर आए मुनव्वर फारूकी, दुबई मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर कॉमेडियन की जमकर ट्रोलिंग

नई दिल्ली। मनोरंजन जगत के मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन और रियलिटी शो विजेता मुनव्वर फारूकी इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इंटरनेट पर उनका एक ताजा वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें वे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और आक्रामक ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी के साथ नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग कॉमेडियन को उनके इस कदम के लिए बुरी तरह से आड़े हाथों ले रहे हैं। यह पूरी घटना संयुक्त अरब अमीरात के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बताई जा रही है, जहां दोनों की अचानक मुलाकात हुई थी। वायरल हो रहे वीडियो के दृश्यों में देखा जा सकता है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अपने मोबाइल फोन पर किसी अन्य व्यक्ति से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर रहे हैं। इसी दौरान उनके ठीक पीछे मुनव्वर फारूकी खड़े हुए दिखाई देते हैं, जो काफी सहज और मुस्कुराते हुए फ्रेम में नजर आ रहे हैं। इस संक्षिप्त मुलाकात के फुटेज जैसे ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुए, वैसे ही इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। भारतीय खेल प्रशंसकों और आम नागरिकों के बीच शाहिद आफरीदी की छवि लगातार विवादों से घिरी रही है। आफरीदी अक्सर विभिन्न वैश्विक मंचों और सार्वजनिक बयानों में भारत, भारतीय नीतियों और देश के अंदरूनी मामलों के खिलाफ जहर उगलते हुए नजर आते हैं। उनके कई पुराने और नए बयान भारतीय नागरिकों को आहत करने वाले रहे हैं, जिसके कारण भारत में उन्हें लेकर भारी नाराजगी और विरोध की भावना रहती है। ऐसे में एक लोकप्रिय भारतीय हस्ती का उनके साथ इस तरह दोस्ताना अंदाज में दिखना कई लोगों को रास नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर मुनव्वर फारूकी को ट्रोल करने वाले यूजर्स लगातार उनके इस रवैए पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति लगातार भारत के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करता है, उसके साथ भारतीय कलाकारों का इस तरह का जुड़ाव देश की भावनाओं का अपमान है। एक्स और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर नेटिजंस मुनव्वर को देशभक्ति और अपनी प्राथमिकताओं को लेकर नसीहत दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार दिया है, तो कुछ इसे केवल पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं। मुनव्वर फारूकी के करियर और विवादों का पुराना नाता रहा है, लेकिन इस बार का विवाद सीधे तौर पर राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ा होने के कारण अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। खेल और मनोरंजन के वैश्विक गढ़ दुबई में हुई इस मुलाकात ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच के संवेदनशील सांस्कृतिक और राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। आलोचकों का मानना है कि भारतीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय दौरों पर ऐसी हस्तियों के साथ दिखने से बचना चाहिए जिनकी पहचान भारत विरोधी बयानों से जुड़ी हो। फिलहाल इस पूरे मामले पर और सोशल मीडिया पर हो रही चौतरफा फजीहत को लेकर मुनव्वर फारूकी या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर शुरू हुआ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है और नेटिजंस लगातार उनके इस वीडियो को शेयर कर अपनी नाराजगी दर्ज करा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस भारी विरोध का मुनव्वर के आगामी शोज और उनकी फैन फॉलोइंग पर क्या असर पड़ता है।
वीरेंद्र सहवाग की बड़ी भविष्यवाणी: रोहित शर्मा के वनडे संन्यास के बाद यशस्वी जायसवाल बनेंगे टीम इंडिया के नियमित ओपनर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल के वनडे और सीमित ओवरों के करियर को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी भविष्यवाणी की है। वर्तमान में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के दौरान टीम संयोजन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सहवाग का यह बयान सामने आया है। आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के हैमस्ट्रिंग की चोट का शिकार होने के बाद यशस्वी जायसवाल को बैकअप के रूप में भारतीय टीम में शामिल किया गया है। मुख्य रूप से शीर्ष क्रम और ओपनिंग स्लॉट में बल्लेबाजी करने वाले यशस्वी जायसवाल के लिए इस समय भारतीय वनडे टीम के अंतिम ग्यारह खिलाड़ियों में जगह बनाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्हें बेंच पर बैठना पड़ रहा है। इस स्थिति पर क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच लगातार बहस चल रही है कि क्या इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अंतिम एकादश से बाहर रखना सही है। इसी विषय पर अपनी बेबाक राय रखते हुए पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने जायसवाल के भविष्य को लेकर एक सकारात्मक और दूरदर्शी खाका खींचा है। वीरेंद्र सहवाग ने स्पष्ट रूप से माना कि इस समय भारतीय वनडे टीम के शीर्ष क्रम में जगह बनाना किसी भी नए खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन है। उन्होंने मौजूदा टीम समीकरण का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में शुभमन गिल टीम के कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं और रोहित शर्मा जैसा अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ी भी बतौर ओपनर टीम की पहली पसंद बना हुआ है। ऐसी मजबूत और स्थापित ओपनिंग जोड़ी के रहते यशस्वी जायसवाल को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं है, क्योंकि वे मध्यक्रम के बल्लेबाज नहीं हैं और शीर्ष क्रम में कोई जगह खाली नहीं है। पूर्व सलामी बल्लेबाज ने जायसवाल के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा जताते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी को निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका समय जल्द ही आने वाला है। सहवाग के अनुसार, जैसे ही सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट को अलविदा कहेंगे और अपने संन्यास की घोषणा करेंगे, वैसे ही यशस्वी जायसवाल के लिए भारतीय वनडे और व्हाइट-बॉल क्रिकेट के दरवाजे पूरी तरह से खुल जाएंगे। रोहित के हटने के बाद जायसवाल को राष्ट्रीय टीम में लगातार और नियमित रूप से खेलने के मौके मिलने शुरू हो जाएंगे, जो उनके करियर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इस आगामी रेस में चुनौतियों का जिक्र करते हुए सहवाग ने यह भी जोड़ा कि यशस्वी जायसवाल को टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए ऋतुराज गायकवाड़ जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल सकती है। गायकवाड़ भी लगातार घरेलू क्रिकेट और मिले हुए मौकों पर शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। हालांकि, सहवाग का मानना है कि यदि भारतीय चयनकर्ता और टीम प्रबंधन भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए अपनी टीम में तीन मुख्य ओपनर बल्लेबाजों का चयन करते हैं, तो यशस्वी जायसवाल निश्चित रूप से उन शीर्ष विकल्पों में शामिल होंगे। वर्तमान समय में यशस्वी जायसवाल ने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गहरी छाप छोड़ी है। सहवाग जैसे महान खिलाड़ी की इस भविष्यवाणी से साफ है कि भविष्य की भारतीय वनडे टीम के निर्माण में जायसवाल को एक मुख्य स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है। भले ही अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला में वे अंतिम एकादश का हिस्सा न बन पा रहे हों, लेकिन रोहित शर्मा के युग के बाद भारतीय क्रिकेट के सीमित ओवरों के प्रारूप में यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल की जोड़ी को भविष्य की सलामी जोड़ी के रूप में तैयार किया जा रहा है।
‘तड़प-तड़प’ सुनकर फूट-फूटकर रो पड़े थे सलमान खान! इस्माइल दरबार ने सुनाया भावुक किस्सा

नई दिल्ली । बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों और यादगार फिल्मों में शामिल Hum Dil De Chuke Sanam आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती है। फिल्म की कहानी, किरदारों और संगीत ने इसे एक क्लासिक फिल्म का दर्जा दिलाया। खासकर इसका दर्दभरा गीत Tadap Tadap Ke आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है। अब फिल्म के संगीतकार Ismail Darbar ने इस गाने से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया है। एक हालिया इंटरव्यू में इस्माइल दरबार ने बताया कि यह गाना सिर्फ दर्शकों को ही नहीं, बल्कि फिल्म के मुख्य अभिनेता Salman Khan को भी गहराई से प्रभावित करता था। उनके अनुसार, जब भी सलमान यह गाना सुनते थे तो भावुक हो जाते थे और कई बार उनकी आंखों से आंसू निकल आते थे। इस्माइल दरबार ने बताया कि एक दिन फिल्म के निर्देशक Sanjay Leela Bhansali के साथ गाने की रिकॉर्डिंग और सुनवाई का दौर चल रहा था। उसी दौरान माहौल अचानक गंभीर हो गया। जब उन्होंने कारण पूछा तो सलमान ने कहा कि यह गाना उन्हें बेहद दर्द देता है और जब भी वह इसे सुनते हैं तो भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते। संगीतकार के मुताबिक सलमान ने उनसे अनुरोध भी किया था कि इस गाने को उनके सामने बार-बार न बजाया जाए, क्योंकि इसके बोल और संगीत उनके दिल को गहराई से छू जाते हैं। इस्माइल दरबार ने कहा कि उन्होंने सलमान को उस समय बेहद बेचैन और भावुक अवस्था में देखा था। उनके अनुसार, अभिनेता को कई बार रोते और दर्द में चिल्लाते हुए भी देखा गया। फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इस्माइल दरबार ने यह भी कहा कि उस दौर में पूरी टीम के बीच पारिवारिक माहौल था। यही वजह थी कि फिल्म में दिखी भावनाएं पर्दे पर भी वास्तविक महसूस हुईं। इससे पहले निर्देशक Sanjay Leela Bhansali भी फिल्म के सेट के माहौल को याद कर चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म के दौरान कलाकारों और तकनीकी टीम के बीच सिर्फ पेशेवर रिश्ता नहीं था, बल्कि सभी एक परिवार की तरह जुड़े हुए थे। सेट पर प्यार, सम्मान और अपनापन साफ दिखाई देता था। गौरतलब है कि फिल्म में Aishwarya Rai Bachchan और सलमान खान की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। फिल्म की रिलीज के बाद दोनों के रिश्तों को लेकर भी काफी चर्चाएं हुईं। हालांकि बाद के वर्षों में दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान हाल ही में Sikandar में नजर आए थे। वहीं आने वाले समय में वह नई फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते दिखाई देंगे। दूसरी ओर, ‘तड़प-तड़प’ जैसे गीत आज भी यह साबित करते हैं कि अच्छा संगीत समय की सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है।
महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान के खिलाफ 'नो हैंडशेक' विवाद पर कप्तान हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान, कहा- हमारा पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर

नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले से पहले भारतीय खेमे में रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल मैच की संवेदनशीलता और मैदान के बाहर चल रही चर्चाओं के बीच भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान मीडिया जगत में लंबे समय से चर्चा का विषय बनी ‘नो हैंडशेक नीति’ को लेकर कप्तान से तीखे सवाल पूछे गए, जिस पर उन्होंने बेहद परिपक्व और कूटनीतिक रुख अपनाया। हालिया क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें तो पुरुष एशिया कप 2025 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए विभिन्न मुकाबलों में एक अलग तरह की कड़ाहट देखी गई है। राइजिंग स्टार्स एशिया कप, अंडर-19 एशिया कप और पिछले महिला विश्व कप के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी टीम के साथ मैच के बाद हाथ न मिलाने का चलन सुर्खियों में रहा था। पिछले आईसीसी टूर्नामेंट में खुद हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना के बीच हाथ न मिलाने की घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसके बाद से दोनों देशों के खेल प्रेमियों और विश्लेषकों के बीच इस नीति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब कप्तान हरमनप्रीत कौर से इस विशिष्ट व्यवहार और आगामी मैच में इसकी पुनरावृत्ति को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी भी प्रकार के नए विवाद को जन्म देने से साफ इनकार कर दिया। हरमनप्रीत ने नीति के अस्तित्व या उसकी वजहों पर कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करते हुए सीधे तौर पर खेल को प्राथमिकता दी। उन्होंने बेहद पेशेवर अंदाज में कहा कि भारतीय टीम यहां केवल क्रिकेट खेलने के उद्देश्य से आई है और ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के बीच मैदान से इतर की किसी भी दूसरी चीज या विवाद पर कोई चर्चा नहीं होती है। भारतीय कप्तान ने इस ऐतिहासिक मुकाबले से जुड़े मानसिक दबाव को भी स्वीकार किया। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक प्रशंसक के रूप में भी उन्होंने हमेशा भारत-पाकिस्तान मैच के असाधारण दबाव को महसूस किया है। अब जबकि वह खुद मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और टीम की कमान संभाल रही हैं, तो जिम्मेदारी और दबाव का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। इसके बावजूद, टीम प्रबंधन की ओर से खिलाड़ियों को यही सलाह दी गई है कि वे इस मुकाबले को एक सामान्य क्रिकेट मैच की तरह लें और मैदान पर खेल का पूरा आनंद उठाएं ताकि दबाव उनके प्रदर्शन पर हावी न हो सके। रणनीतिक दृष्टिकोण से भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। हरमनप्रीत कौर का मानना है कि किसी भी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में पहला मैच पूरी टीम का लय और आगे का माहौल तय करता है। भारतीय टीम पिछले एकदिवसीय विश्व कप की तरह ही इस बार भी सकारात्मक और आक्रामक सोच के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम का प्राथमिक लक्ष्य इस कड़े मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को मजबूत करना और अंक तालिका में बढ़त हासिल करना है। सांख्यिकीय आंकड़ों की बात करें तो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा से भारी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए कुल मुकाबलों में भारत ने 13 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि पाकिस्तानी टीम केवल तीन बार ही जीत दर्ज करने में सफल हो सकी है। वहीं, अगर सिर्फ महिला टी20 विश्व कप के इतिहास को देखें तो वहां भी भारतीय टीम 6-2 की बड़ी बढ़त के साथ मानसिक रूप से मजबूत स्थिति में है। हालिया फॉर्म भी भारत के पक्ष में है, जहां टीम इंडिया लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को शिकस्त दे चुकी है। इस मजबूत रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम मैदान पर अपनी बादशाहत बरकरार रखने उतरेगी, जबकि पाकिस्तान की टीम इस बड़े मंच पर भारत के खिलाफ अपनी हार के सिलसिले को तोड़ने का प्रयास करेगी।
83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महानायक Amitabh Bachchan आज भी अपनी ऊर्जा, अनुशासन और काम के प्रति समर्पण से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं। 83 वर्ष की उम्र में जहां अधिकांश लोग आरामदायक जीवन की ओर बढ़ते हैं, वहीं अमिताभ बच्चन लगातार काम में व्यस्त हैं और अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान और प्रभावित दोनों कर दिया है। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने एक ही दिन में 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। उन्होंने देर रात अपने ब्लॉग में लिखा कि काम तो काम है और उसे पूरी ईमानदारी के साथ करना ही उनकी प्राथमिकता है। बिग बी ने बताया कि 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अभी दो और शूट बाकी हैं। इसके बाद भी वह अपने प्रशंसकों से जुड़ने के लिए ब्लॉग लिख रहे थे। उन्होंने लिखा कि कई दिनों की तैयारी, लगातार पढ़ाई और कठिन परिश्रम के बाद भी वह अपने इरादों और काम करने के तरीके से कभी समझौता नहीं करते। उनके अनुसार, किसी भी काम को पूरी लगन और समर्पण के साथ करना ही सफलता की कुंजी है। ब्लॉग के अंत में उन्होंने यह भी लिखा कि अब वह आराम करने जा रहे हैं क्योंकि लंबे दिन के बाद शरीर को विश्राम की भी जरूरत होती है। बिग बी ने अपने प्रशंसकों के साथ अपने खास रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव कभी नहीं टूटना चाहिए। बाकी चीजें समय के साथ बदल सकती हैं, लेकिन दर्शकों का प्यार और संवाद उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अमिताभ बच्चन की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताया। एक यूजर ने लिखा कि अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और अनुशासन युवाओं के लिए सीख है। वहीं दूसरे प्रशंसक ने लिखा कि इतनी उम्र में भी जिस तरह वह लगातार काम कर रहे हैं, वह अविश्वसनीय है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उन्हें पर्याप्त आराम करने की सलाह दी। वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन आखिरी बार Vettaiyan में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ Rajinikanth मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में दोनों दिग्गज कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। आने वाले समय में अमिताभ बच्चन Kalki 2898 AD Part 2 में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ Prabhas और Kamal Haasan भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का पहला भाग Kalki 2898 AD बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुआ था और दुनियाभर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने में सफल रहा था। फिलहाल अमिताभ बच्चन की यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और मेहनत के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती।
‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा

नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री Ameesha Patel इन दिनों एक बार फिर अपनी सुपरहिट फिल्म Gadar: Ek Prem Katha को लेकर चर्चा में हैं। 15 जून को इस ऐतिहासिक फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस खास मौके पर अमीषा ने फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इसकी सफलता और लोकप्रियता पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि गदर और गदर 2 की सफलता किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी से कहीं अधिक रही है। एक इंटरव्यू में अमीषा पटेल ने बताया कि गदर ने उन्हें सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी बड़ी पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद पाकिस्तान से लगातार फोन कॉल्स आते थे। कई महिलाओं ने उनसे संपर्क कर बताया कि फिल्म देखकर वे भावुक हो गई थीं। इतना ही नहीं, कई परिवारों ने अपनी बेटियों का नाम फिल्म में उनके किरदार ‘सकीना’ के नाम पर रख दिया था। अमीषा ने एक भावुक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बुजुर्ग महिला का फोन आया था, जिसने कहा था कि “सकीना ने पूरे पाकिस्तान को रुला दिया।” अभिनेत्री के अनुसार, यह उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। फिल्म की सफलता को याद करते हुए अमीषा ने कहा कि गदर को रिलीज के पहले दिन से ही जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया था। दर्शकों ने फिल्म को इतना प्यार दिया कि यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई। हालांकि, अभिनेत्री का कहना है कि उस समय वह अपने करियर में इतनी व्यस्त थीं कि फिल्म की सफलता का भरपूर आनंद नहीं ले सकीं। शुरुआती दौर में वह लगातार कई फिल्मों की शूटिंग कर रही थीं और एक सेट से दूसरे सेट तक भागदौड़ में लगी रहती थीं। इसी वजह से गदर की सफलता का जश्न मनाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। अमीषा पटेल ने आगे दावा किया कि गदर और गदर 2 मिलकर भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल बाद भी लोग फिल्म के किरदारों और संवादों को याद करते हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, गदर की लोकप्रियता समय के साथ और बढ़ी है और इसका दूसरा भाग भी बॉक्स ऑफिस पर सुनामी साबित हुआ था। बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की बात करें तो 2001 में रिलीज हुई Gadar: Ek Prem Katha ने दुनियाभर में लगभग 132 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। वहीं 2023 में रिलीज हुई Gadar 2 ने करीब 686 करोड़ रुपये का वैश्विक कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो अमीषा पटेल आखिरी बार Tauba Tera Jalwa में नजर आई थीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। फिलहाल उनके प्रशंसक गदर फ्रेंचाइजी के अगले भाग और अभिनेत्री की नई परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।
एक परिंदे की वजह से कठघरिया बिजलीघर में तकनीकी खराबी, भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा दोहरा संकट

ई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले में एक परिंदे के कारण हजारों घरों की बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शनिवार सुबह कमलुवागाजा पावर हाउस से कठघरिया बिजलीघर को जोड़ने वाली तैंतीस केवी की मुख्य विद्युत लाइन में एक कौआ अचानक टकरा गया। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से वह लाइन में ही चिपक गया, जिसके कारण ग्रिड में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई और पूरे बिजलीघर की सप्लाई अचानक बंद हो गई। सुबह के समय हुए इस हादसे के कारण क्षेत्र के लगभग बीस हजार उपभोक्ताओं को तीन घंटे से अधिक समय तक बिना बिजली के रहना पड़ा। विद्युत आपूर्ति अचानक बंद होने के बाद ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने तत्काल फॉल्ट की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत और बारीकी से जांच करने के बाद कर्मचारियों को लाइन से चिपका हुआ कौआ मिला। विभागीय कर्मियों ने मृत परिंदे को तार से अलग किया और लाइन में आई तकनीकी गड़बड़ी को दुरुस्त किया। सुबह सात बजे प्रभावित हुई इस मुख्य लाइन को पूरी तरह ठीक करके सुबह करीब दस बजे ही सुचारू किया जा सका। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी संजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पक्षी के चिपकने से व्यवधान आया था, जिसे टीम ने तत्परता से ठीक कर दिया है। सुबह के पीक ऑवर्स में बिजली गुल होने के कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने वाले सरकारी ट्यूबवेल भी पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते स्थानीय निवासियों को पानी और बिजली दोनों का एक साथ सामना करना पड़ा, जिससे रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हुए। इसके अलावा, हल्द्वानी के गौजाजाली क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भी पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया। स्थानीय पार्षद रईश अहमद ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में पहले से ही पानी की किल्लत है और ऐसी लापरवाही से संकट और गहरा रहा है। क्षेत्र में तीन अन्य बड़े ट्यूबवेल का संचालन ठप रहने की वजह से शनिवार को चौफुला, नवाड़खेड़ा और डहरिया जैसी घनी आबादी वाली कॉलोनियों में स्थिति बेहद विकट रही। नवाड़खेड़ा में जहां पिछले कुछ समय से पानी की आंशिक किल्लत थी, वहीं शिवाशीष कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं। इस संकट के कारण मजबूरन स्थानीय नागरिकों को निजी और सरकारी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली ने इस संबंध में बताया कि प्रभावित ट्यूबवेलों को तेजी से ठीक करने का काम जारी है और जल्द ही सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा

नई दिल्ली । बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता Govinda की पत्नी Sunita Ahuja अक्सर अपने स्पष्ट, बेबाक और मजाकिया अंदाज के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति को लेकर ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। दरअसल, शनिवार को सुनीता आहूजा मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान उनके साथ उनका पालतू डॉगी भी मौजूद था। पैपराजी से बातचीत करते हुए सुनीता ने हमेशा की तरह हंसी-मजाक का माहौल बना दिया। जब वह अपने डॉगी को कार की आगे वाली सीट पर प्यार से बैठा रही थीं, तभी उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपनी सारी प्रॉपर्टी इसी के नाम करने वाली हैं। उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े और वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। दिलचस्प बात यह रही कि सुनीता ने अपनी संपत्ति के लिए न तो अपने पति गोविंदा का नाम लिया और न ही अपने बच्चों यशवर्धन और टीना का। हालांकि उनका यह बयान पूरी तरह मजाक के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। बातचीत के दौरान पैपराजी ने उनसे Krushna Abhishek को लेकर भी सवाल किया। इस पर सुनीता ने कहा कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं। उन्होंने प्यार जताते हुए कहा कि कृष्णा के पास पहले से ही बहुत कुछ है और भगवान उन्हें और सफलता दें। सुनीता ने यह भी कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक कृष्णा हमेशा उनके परिवार का हिस्सा रहेंगे। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से सुनीता आहूजा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आती रही थीं। हालांकि हाल ही में दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई है। टीवी शो में हुई मुलाकात के दौरान सुनीता, कृष्णा और Kashmera Shah एक साथ नजर आए थे। लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात के दौरान भावुक पल भी देखने को मिले थे। सुनीता ने पहले भी कहा था कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं और उन्होंने उन्हें दिल से माफ कर दिया है। वहीं कश्मीरा शाह ने भी मजाकिया अंदाज में कहा था कि उनका वनवास खत्म हो गया है। दूसरी ओर, सुनीता और गोविंदा के रिश्तों को लेकर भी पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। सुनीता ने कुछ इंटरव्यू में गोविंदा पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि गोविंदा ने अपने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त सहयोग नहीं किया। हालांकि गोविंदा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। दोनों के तलाक की खबरें भी कई बार मीडिया में सामने आईं, लेकिन अभिनेता के वकील ने इन अटकलों को गलत बताया था। फिलहाल दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन सुनीता का ताजा वीडियो उनके हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।
क्या बदल रहा है धरती पर सूरज की रोशनी का संतुलन? कुछ जगह बढ़ेगी गर्मी, कहीं कम पहुंचेगी धूप

नई दिल्ली । धरती पर जीवन का आधार मानी जाने वाली सूर्य की रोशनी अब पूरी दुनिया में समान रूप से नहीं पहुंच रही है। वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च में संकेत मिले हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में धूप का संतुलन बदल रहा है। इसका असर भविष्य में मौसम, तापमान, कृषि उत्पादन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर दिखाई दे सकता है। हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण पृथ्वी तक पहुंचने वाली सूर्य ऊर्जा का वितरण प्रभावित हो रहा है। चीन की एक शोध टीम द्वारा किए गए अध्ययन में उन्नत जलवायु मॉडल और कंप्यूटर सिमुलेशन का उपयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि बढ़ते तापमान के साथ वातावरण में नमी और बादलों के स्वरूप में बदलाव हो रहा है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में सूर्य की किरणों की मात्रा भी बदल रही है। अध्ययन के मुताबिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका जैसे ध्रुवीय क्षेत्रों में भविष्य में सूर्य की रोशनी कम पहुंच सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ती नमी और घने बादलों की वजह से सूर्य की कई किरणें धरती तक पहुंचने से पहले ही परावर्तित होकर वापस अंतरिक्ष में चली जाएंगी। अनुमान है कि आर्कटिक क्षेत्र में गर्मियों के दौरान सूर्य ऊर्जा में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा सकती है। दूसरी ओर, भारत, अमेरिका और यूरोप के कई मध्य अक्षांश वाले क्षेत्रों में स्थिति अलग हो सकती है। इन इलाकों में बादलों की मात्रा घटने की संभावना जताई गई है। कम बादलों का अर्थ है कि सूर्य की किरणें अधिक मात्रा में धरती तक पहुंचेंगी, जिससे गर्मी और तापमान में वृद्धि हो सकती है। भारत जैसे देशों में, जहां पहले से ही हीटवेव एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, वहां इस बदलाव का असर और अधिक महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य की रोशनी के इस असंतुलन के पीछे कई कारण काम कर रहे हैं। बढ़ता वैश्विक तापमान वातावरण में अधिक नमी पैदा कर रहा है। यह नमी कई क्षेत्रों में सूर्य की ऊर्जा को अवशोषित कर लेती है, जबकि कुछ इलाकों में बादलों की कमी के कारण अधिक धूप जमीन तक पहुंच रही है। वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को “डाउनवर्ड सरफेस सोलर रेडिएशन” के रूप में परिभाषित करते हैं, जिसका अर्थ है वह सौर ऊर्जा जो वातावरण को पार करके सीधे पृथ्वी की सतह तक पहुंचती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलवायु परिवर्तन की गति इसी तरह जारी रही तो भविष्य में इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। कृषि उत्पादन, जल संसाधन, मानव स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी इससे प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक लगातार ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर जोर दे रहे हैं। हालांकि यह बदलाव धीरे-धीरे हो रहा है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके संकेत अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दशकों में सूर्य की रोशनी का यह बदलता संतुलन दुनिया के मौसम तंत्र को नई दिशा दे सकता है।
वायुसेना का एएन-32 विमान क्रैश होने से देश ने खोए पांच वीर सपूत, पुराने पड़ चुके परिवहन बेड़े को बदलने की प्रक्रिया तेज

नई दिल्ली। असम के जोरहाट जिले में भारतीय वायुसेना का एक रूसी मूल का एएन-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस बेहद दर्दनाक हादसे में विमान में सवार वायुसेना के पांच जांबाज सैन्य कर्मियों की जान चली गई है। शहीदों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेन्ट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम के रूप में की गई है। इस दुखद हादसे की खबर मिलते ही शहीदों के पैतृक आवासों और परिजनों के बीच गहरा कोहराम मच गया है। हादसे का शिकार हुए बत्तीस वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कंडेरा गांव के निवासी थे और उनका परिवार वर्तमान में उत्तराखंड के देहरादून में निवास कर रहा है। प्रशांत अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और करीब दो वर्ष पूर्व ही उनका विवाह हुआ था। उनकी पत्नी असम में ही वकालत के पेशे से जुड़ी हैं और घटना के वक्त वहीं उनके साथ रह रही थीं। सेवानिवृत्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डिप्टी कमांडेंट उमेश सिंह के पुत्र प्रशांत की शहादत की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस हादसे में बिहार ने भी अपने दो वीर सपूतों को खो दिया है। जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार वर्ष 2021 में वायुसेना का हिस्सा बने थे। उन्होंने दुर्घटना से महज दो घंटे पहले ही अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी और व्यस्तता का हवाला देकर बाद में फोन करने की बात कही थी। वहीं, भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के कायमनगर निवासी बाइस वर्षीय अग्निवीर वायु दानिश आलम भी इस हादसे में वीरगति को प्राप्त हुए हैं। दानिश अक्टूबर 2025 में वायुसेना में भर्ती हुए थे और असम का जोरहाट एयरबेस उनकी पहली पोस्टिंग का स्थान था। राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र के पांचोता गांव में भी इस दुर्घटना के बाद मातम पसरा हुआ है, जहां के निवासी जांबाज अग्निवीर खेमाराम कुमावत इस विमान में तैनात थे। उनकी शहादत की खबर से पूरे गांव में शोक की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के टप्पल क्षेत्र स्थित सालपुर गांव के निवासी सार्जेन्ट जितेंद्र शर्मा भी इस हादसे में शहीद हो गए हैं। जितेंद्र वर्ष 2015 में वायुसेना में शामिल हुए थे और हाल ही में छुट्टी के दौरान उनकी शादी तय की गई थी, जिसकी तैयारियां घर में चल रही थीं। यह दुर्घटना वर्ष 2026 में भारतीय वायुसेना के विमानों से जुड़ी पांचवीं बड़ी घटना है। चालू वर्ष में जनवरी से अब तक प्रयागराज में एक प्रशिक्षण विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने, पश्चिमी मोर्चे पर एक तेजस विमान के रनवे से बाहर जाने, मार्च में असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई विमान के क्रैश होने और अप्रैल में पुणे में सुखोई की हार्ड लैंडिंग जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कार्बी आंगलोंग हादसे में भी दो अधिकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। बार-बार हो रहे इन हादसों के बीच वायुसेना के परिवहन बेड़े के आधुनिकीकरण की आवश्यकता को और अधिक बल मिला है। रक्षा रणनीतियों के अनुसार, वायुसेना के पुराने पड़ चुके एएन-32 और एवरो विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए अत्याधुनिक और नई पीढ़ी के एयरबस सी-295 सैन्य परिवहन विमानों को शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। भारत ने कुल छप्पन सी-295 विमानों की खरीद का समझौता किया है, जिसमें से सोलह विमान सीधे स्पेन से निर्मित होकर आ रहे हैं, जबकि शेष चालीस विमानों का निर्माण गुजरात के वडोदरा में घरेलू स्तर पर टाटा और एयरबस के संयुक्त उपक्रम द्वारा किया जा रहा है।