सपा में जल्द हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव, ओपी राजभर के दावों ने अटकलों को दी हवा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर संभावित टूट को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और एनडीए सहयोगी ओमप्रकाश राजभर के लगातार दावों ने इस चर्चा को और हवा दे दी है कि सपा में जल्द बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि सपा के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और इसका असर जल्द सामने आएगा। उनके अनुसार, सपा के ‘बागी सांसदों’ के समूह का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के उस क्षेत्र का एक नेता करेगा, जिसे वह ‘बागी भूमि’ कहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर कुछ वर्गों में नाराजगी बढ़ी है, जिससे पार्टी के अंदर असंतोष और गहरा गया है। राजभर ने अपने बयान में यह भी कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अब “सांसद बचाओ अभियान” शुरू करना चाहिए और नाराज सांसदों से मिलकर स्थिति संभालनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर कई सांसद असंतुष्ट हैं और समय के साथ बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। अखिलेश यादव का पलटवारराजभर के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य की भविष्यवाणी करने वालों को पहले अपनी पार्टी की स्थिति देखनी चाहिए। अखिलेश ने एनडीए सहयोगियों पर सीट बंटवारे को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा गठबंधन के भीतर असंतोष की वास्तविकता को छिपाने की कोशिश की जा रही है। राजभर का जवाब और तीखी बयानबाजीअखिलेश की प्रतिक्रिया के बाद ओमप्रकाश राजभर ने एक और पोस्ट में अपने हमले और तेज कर दिए। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि अखिलेश यादव राजनीतिक रूप से अधिक समझदार हैं, लेकिन अब उनकी यह धारणा बदल गई है। राजभर ने दावा किया कि सपा के अंदरूनी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले समय में कई चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे भविष्य में कुछ और राजनीतिक खुलासे कर सकते हैं। पुराने मुद्दों का भी जिक्रअपने बयान में राजभर ने 2008 के चर्चित ‘वोट के बदले नोट’ प्रकरण का भी उल्लेख किया और उस दौर की राजनीति पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई नया प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
BJP Leader Controversy: जन कल्याण शिविर में अधिकारीयों को धमकाते नजर आए भाजपा नेता, कर्मचारियों से बोले- तुम लोग कामचोर हो!

BJP Leader Controversy: मुरैना। सबलगढ़ जनपद पंचायत में जन कल्याण शिविर आयोजित किया गया था। जहां अंतिम दिन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बसंत बंसल पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ टिपणी की थी जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि मंच से उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना से आहत कर्मचारियों ने 16 जून को नायब तहसीलदार रवीश सिंह भदौरिया को एक ज्ञापन सौंपा। जिसपर प्रभारी बीईओ श्याम यादव ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला कलेक्टर के नाम कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया गया है। युद्ध खत्म होते ही कच्चा तेल धड़ाम….. 78 डॉलर के करीब आए दाम, जानिए आज के फ्यूल रेट! बसंत बंसल ने आरोपों को किया सिरे से खारिज भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बसंत बंसल ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी कर्मचारी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर में कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं थे, जिससे सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य प्रभावित हो रहा था। इसी बात को उन्होंने मंच से उठाया था। मामले को बढ़ता देख एसडीएम मेघा तिवारी ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी को डरने या चिंता करने की जरूरत नहीं है। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शिविर को सफल बनाने पर ध्यान दें। MP सरकार को बड़ा झटका…. HC ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के पुनर्गठन पर लगाई रोक कई कर्मचारी पहुंचे लेट शिविर के अंतिम दिन जिला कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के आगमन का इंतजार किया जा रहा था। शिविर सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन कुछ विभागों के अधिकारी दोपहर तक पहुंचे। शिक्षा और कृषि विभाग के कर्मचारी भी एसडीएम के आने का इंतजार करते रहे। शिविर में हितग्राहियों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम रही। कुल 190 आवेदनों में से 146 का निराकरण पहले ही किया जा चुका था।
पुष्य नक्षत्र में गुरु का प्रवेश आज, इन राशि वालों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं

नई दिल्ली। आज देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में गुरु और पुष्य नक्षत्र के इस संयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है, जबकि इसके स्वामी शनि ग्रह हैं। वहीं गुरु इस नक्षत्र में विशेष प्रभावशाली माने जाते हैं और शुभ-अशुभ दोनों प्रकार के फल दे सकते हैं। हालांकि यह गोचर सभी राशियों के लिए समान रूप से अनुकूल नहीं माना जा रहा है। कुछ राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मेष राशिमेष राशि के जातकों के लिए यह समय मिश्रित परिणाम देने वाला हो सकता है। खर्चों में अचानक वृद्धि से बजट प्रभावित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। इस दौरान निवेश और उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। साझेदारी वाले व्यवसाय में नुकसान की संभावना बनी रह सकती है। वाणी पर नियंत्रण न रहने से रिश्तों में तनाव आ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतना जरूरी है, विशेषकर पेट से जुड़ी समस्याओं को लेकर। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ कुछ कमजोर रह सकता है, जिससे कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक थकान महसूस होगी। बड़े आर्थिक फैसलों से फिलहाल बचने की सलाह दी जाती है। वृश्चिक राशवृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण रह सकता है। गुप्त शत्रुओं के कारण कार्यक्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं। धन हानि की आशंका के चलते वित्तीय लेन-देन में सतर्कता जरूरी है। यात्रा के दौरान सावधानी और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
IRCTC की काशी तीर्थ यात्रा: सिर्फ 16,700 रुपये में काशी, अयोध्या और प्रयागराज के दर्शन, रहने-खाने की पूरी व्यवस्था

नई दिल्ली । देशभर के श्रद्धालुओं के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा पैकेज लॉन्च किया है। ‘काशी तीर्थ यात्रा’ नाम से शुरू की गई यह 9 दिवसीय धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं को भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने का अवसर देगी। खास बात यह है कि इस पैकेज में यात्रा, भोजन, ठहरने और स्थानीय परिवहन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं, जिससे यात्रियों को अलग से किसी व्यवस्था की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। यह विशेष यात्रा 9 सितंबर 2026 को तिरुनेलवेली से शुरू होकर 17 सितंबर 2026 तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गया, बोधगया, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करेंगे। IRCTC की भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत संचालित इस टूर का उद्देश्य देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ना है। यात्रा के पहले दिन ट्रेन तिरुनेलवेली से रवाना होगी। रास्ते में कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा दी जाएगी। तीसरे दिन श्रद्धालु गया पहुंचेंगे, जहां उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। यह वही स्थान है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और यह बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। इसके बाद यात्रा वाराणसी पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर, अन्नपूर्णा देवी मंदिर, काशी विशालाक्षी मंदिर और काल भैरव मंदिर के दर्शन करेंगे। वाराणसी की प्रसिद्ध गंगा आरती भी इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगी। शाम के समय गंगा घाटों पर होने वाली यह आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और अद्भुत अनुभव प्रदान करती है। वाराणसी के बाद यात्रा अयोध्या पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु राम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। इसके बाद ट्रेन प्रयागराज पहुंचेगी, जहां यात्री त्रिवेणी संगम में स्नान कर सकेंगे और प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन भी करेंगे। IRCTC ने इस पैकेज को तीन श्रेणियों में उपलब्ध कराया है। स्लीपर क्लास का किराया 16,700 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वहीं थर्ड एसी के लिए 26,100 रुपये और सेकंड एसी के लिए 34,100 रुपये निर्धारित किए गए हैं। बच्चों के लिए अलग रियायती दरें लागू होंगी। पैकेज में रेल यात्रा, होटल में ठहरने की व्यवस्था, भोजन, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह पैकेज उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर है, जो एक ही यात्रा में भारत की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के दर्शन करना चाहते हैं। काशी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और आध्यात्मिक अनुभव साबित हो सकती है।
धीमा इंटरनेट और तेजी से खत्म होता डेटा दे सकता है खतरे का संकेत, जानिए Wi-Fi घुसपैठियों को पकड़ने का आसान तरीका

नई दिल्ली । इंटरनेट आज दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शिक्षा, वर्क फ्रॉम होम, वीडियो स्ट्रीमिंग, डिजिटल बैंकिंग और स्मार्ट होम उपकरणों के बढ़ते उपयोग के बीच घर का Wi-Fi नेटवर्क पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि सुविधाओं के साथ सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ी हैं। कई बार उपयोगकर्ताओं को यह पता भी नहीं चलता कि उनके Wi-Fi नेटवर्क का इस्तेमाल कोई अनजान व्यक्ति कर रहा है। ऐसी स्थिति न केवल इंटरनेट की गति को प्रभावित करती है बल्कि व्यक्तिगत जानकारी और डिजिटल सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर पासवर्ड, पुरानी सुरक्षा सेटिंग्स और दूसरों के साथ साझा किया गया Wi-Fi पासवर्ड अनधिकृत लोगों को नेटवर्क तक पहुंचने का अवसर दे सकता है। यदि इंटरनेट अचानक धीमा होने लगे, वीडियो स्ट्रीमिंग में बार-बार रुकावट आने लगे या डेटा खपत असामान्य रूप से बढ़ जाए, तो यह संकेत हो सकता है कि नेटवर्क से कोई अतिरिक्त डिवाइस जुड़ा हुआ है। अपने Wi-Fi नेटवर्क की निगरानी करने का सबसे आसान तरीका राउटर के एडमिन पैनल की जांच करना है। उपयोगकर्ता अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में राउटर का IP एड्रेस दर्ज करके लॉगिन कर सकते हैं। अधिकांश राउटर में नेटवर्क से जुड़े सभी डिवाइसों की सूची देखने का विकल्प उपलब्ध होता है। यहां वर्तमान में कनेक्टेड मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, कैमरा या अन्य स्मार्ट डिवाइस दिखाई देते हैं। यदि सूची में कोई ऐसा डिवाइस नजर आए जिसकी पहचान न हो, तो यह सुरक्षा संबंधी चिंता का विषय हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार डिवाइस निर्माता के नाम से भी दिखाई देते हैं। इसलिए सूची में मौजूद डिवाइसों का मिलान घर में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से करना जरूरी होता है। नेटवर्क की नियमित जांच से अनधिकृत कनेक्शन का जल्दी पता लगाया जा सकता है और संभावित जोखिमों को कम किया जा सकता है। यदि किसी संदिग्ध डिवाइस की पहचान होती है, तो सबसे पहला कदम Wi-Fi पासवर्ड बदलना होना चाहिए। नया पासवर्ड मजबूत, जटिल और अनुमान लगाना कठिन होना चाहिए। इसके साथ ही राउटर की सुरक्षा सेटिंग्स में जाकर WPA3 एन्क्रिप्शन सक्रिय करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह आधुनिक वायरलेस सुरक्षा मानक है, जो पुराने सुरक्षा प्रोटोकॉल की तुलना में अधिक सुरक्षित सुरक्षा प्रदान करता है। सुरक्षा केवल Wi-Fi पासवर्ड तक सीमित नहीं है। साइबर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी 2FA अवश्य सक्रिय किया जाए। इससे पासवर्ड लीक होने की स्थिति में भी अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त करना कठिन हो जाता है। इसके अलावा राउटर के फर्मवेयर को समय-समय पर अपडेट करना भी आवश्यक है, क्योंकि निर्माता नियमित रूप से सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने के लिए नए अपडेट जारी करते रहते हैं। तकनीकी जानकारों का मानना है कि Wi-Fi पासवर्ड को भी बैंकिंग PIN की तरह ही गोपनीय माना जाना चाहिए। एक बार पासवर्ड सेट कर वर्षों तक उसका उपयोग करते रहना सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकता है। नियमित अंतराल पर पासवर्ड बदलना, नेटवर्क की निगरानी करना और सुरक्षा सेटिंग्स को अपडेट रखना डिजिटल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बढ़ते साइबर खतरों के दौर में केवल तेज इंटरनेट ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षित इंटरनेट भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी सी सतर्कता और कुछ सरल तकनीकी उपाय अपनाकर उपयोगकर्ता अपने Wi-Fi नेटवर्क को सुरक्षित रख सकते हैं और निजी जानकारी को संभावित खतरों से बचा सकते हैं।
GWALIOR HIGH COURT: सिर्फ रजिस्ट्री और टैक्स भरने से जमीन आपकी नहीं हो जाती- हाई कोर्ट

GWALIOR HIGH COURT: ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने जमीन खरीदने वालों के लिए एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री कराने, नामांतरण करानेया प्रॉपर्टी टैक्स भरने से कोई व्यक्ति उस जमीन का कानूनी मालिक नहीं बन जाता। यह मामला अशोकनगर के लंबरदार मोहल्ला स्थित धनुषधारी बांके देव मंदिर की करीब 98 बीघा जमीन से जुड़ा है, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। G7 समिट के दौरान जेलेस्की से मिले PM मोदी, बोले- भारत ‘हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा जमीन बेचने वाले का अधिकार नहीं सुनवाई के दौरान कुछ पक्षों ने दावा किया कि उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराई है, उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है और वे नियमित रूप से टैक्स भी जमा कर रहे हैं। इसलिए जमीन पर उनका अधिकार माना जाना चाहिए। लेकिन हाई कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि जमीन बेचने वाले के पास उसे बेचने का वैध अधिकार था या नहीं। अगर मूल मालिक ही जमीन बेचने का अधिकार नहीं रखता था, तो उसके जरिए हुई पूरी खरीद-फरोख्त कानूनी रूप से मान्य नहीं मानी जाएगी। MP सरकार को बड़ा झटका…. HC ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के पुनर्गठन पर लगाई रोक नामांतरण और टैक्स भुगतान केवल प्रशासनिक रिकॉर्ड कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नामांतरण और टैक्स भुगतान जैसे दस्तावेज केवल प्रशासनिक रिकॉर्ड होते हैं। इन्हें जमीन के मालिकाना हक का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। किसी भी संपत्ति पर स्वामित्व का फैसला वैध अधिकार और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर ही होगा। हाई कोर्ट की यह टिप्पणी उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो केवल रजिस्ट्री और सरकारी रिकॉर्ड के भरोसे जमीन खरीद लेते हैं। यह फैसला बताता है कि जमीन खरीदने से पहले उसके वास्तविक स्वामित्व और कानूनी स्थिति की पूरी जांच करना कितना जरूरी है।
G7 समिट के दौरान जेलेस्की से मिले PM मोदी, बोले- भारत 'हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा

एवियन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार को फ्रांस (France) के एवियन (Evian) में G7 समिट (G7 Summit) के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy) से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने एक बार फिर से दोहराया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा. PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘एवियन में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात हुई. हाल के समय में भारत और यूक्रेन के बीच काफी बातचीत और सहयोग बढ़ा है. यह हमारे सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों में भी दिखा. आज हमारी बातचीत हमारे सहयोग के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा करने के बारे में थी.। उन्होंने आगे कहा, ‘हम दोनों इस बात पर सहमत हैं कि व्यापारिक संबंधों को युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस लाने की जरूरत है. साथ ही, यह भी दोहराया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा और इंसानियत को सबसे ऊपर रखेगा। बैठक के बाद, वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच ‘सहयोग की बड़ी संभावना’ है और वे पहले से ही संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। जेलेंस्की के साथ PM मोदी की यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ हुई बैठक के ठीक बाद हुई। G7 में PM मोदी ने ट्रंप के सामने रखा नाविकों की सुरक्षा का मुद्दाजेलेंस्की ने कहा, ‘आज हमने इस बारे में बात की कि कैसे इन प्रोजेक्ट्स को और मजबूत बनाया जाए और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाया जाए. अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री यूक्रेन के साथ आपसी हित वाले संबंध विकसित करने में दिलचस्पी रखते हैं और मानते हैं कि यह साझेदारी हमारे लोगों को और मजबूत बना सकती है। उन्होंने X पर लिखा, ‘ऐसे कई अच्छे इंडस्ट्रियल और अन्य प्रोजेक्ट्स हैं जिन पर हम मिलकर काम कर सकते हैं. हमने तय किया कि हमारी टीमें सभी जरूरी बातों पर मिलकर काम करेंगी.’ प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की के बीच आखिरी बार सीधी बातचीत तब हुई थी, जब पिछले साल 30 अगस्त को उन्हें फोन किया था।
युद्ध खत्म होते ही कच्चा तेल धड़ाम….. 78 डॉलर के करीब आए दाम, जानिए आज के फ्यूल रेट!

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध (Iran-US War) खत्म हो चुका है। इस खबर के बाद कच्चे तेल के दाम (Crude oil Prices) धड़ाम हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड के भाव 1.53 प्रतिशत लुढ़क कर 78.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस बीच भारत (India) की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दी हैं। भारत की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। आज फ्यूल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पड़ोसी देशों में कम हो गए पेट्रोल के रेटग्लोबल पेट्रोल प्राइस के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल की औसत कीमत 130.82 रुपये लीटर से घटकर 126.84 रुपये पर आ गई है। चीन में भी पेट्रोल सस्ता हुआ है। अब यहां पेट्रोल की कीमत 132.81 रुपये से घटकर 125.36 रुपये लीटर पर आ गया है। नेपाल में पेट्रोल भी पेट्रोल की कीमत 136.41 रुपये से 135.47 रुपये लीटर पर आ गई है। बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत 112.68 रुपये से कम होकर 111.51 रुपये पर आ गई है। जबकि, भूटान में आज पेट्रोल 109.73 रुपये पर स्थिर है। श्रीलंका में पेट्रोल के दाम 142.00 रुपये से घटकर 139.58 रुपये पर पहुंच गया है। म्यांमार में पेट्रोल 140.20 रुपये से घटकर अब 118.37 रुपये लीटर पर आ गया है। भारत के अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेटराजधानी जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये लीटर है। पटना में 1 लीटर पेट्रोल का दाम 112.70 रुपये और डीजल का दाम 99.87 रुपये है। लखनऊ में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत आज 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर है। अयोध्या में पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर है। इंदौर में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 114.61 और डीजल की 99.70 रुपये है। भोपाल में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 114.65 रुपये और डीजल की 99.74 पर है। रायपुर पेट्रोल 107.96 और डीजल 101.17 रुपये लीटर है। बीजापुर में पेट्रोल 109.69 रुपये और डीजल 102.99 रुपये है। युद्ध खत्म होने के डील पर साइनराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत तेहरान को अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को कम करना होगा और बदले में उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे, जिससे ईरान तुरंत अपना तेल खुलकर बेच सकेगा। एपी के मुताबिक ट्रंप ने बुधवार को वर्साय में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान एक फिजिकल कॉपी पर साइन किए। वर्साय वही महल है, जहां सदियों से कई ऐतिहासिक समझौतों पर साइन किए गए हैं, जिनसे युद्ध या जमीन से जुड़े विवाद खत्म हुए हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइनिंग सेरेमनी की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसका भविष्य अनिश्चित है, क्योंकि अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान से अलग-अलग जानकारी मिल रही है।
हिमाचल प्रदेश….. चंबा-मसरूंड मार्ग पर 500 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 7 लोगों की मौत

चंबा। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के चंबा जिले (Chamba district) में वीरवार को चंबा-मसरूंड मार्ग (Chamba-Masrund Road) पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो (Bolero) अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई (500-Meter-Feep Gorge) में जा गिरी, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे घरप्राप्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो (एचपी-01सी-2581) में ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के छह लोग, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे और वाहन का चालक सवार था। ये सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान छतरूंड के पास अनियंत्रित होकर वाहन सड़क से लुढ़क गया और खाई में समा गया। खाई की गहराई लगभग 500 मीटर बताई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यहादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। गहरी खाई से सभी सात शवों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके। जांच शुरू, कारणों की पड़ताल जारीप्रशासन ने इस भीषण हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों की स्थिति, वाहन की गति, या किसी अन्य यांत्रिक खराबी जैसे संभावित कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने सपरोठ पंचायत में मातम का माहौल बना दिया है। पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा की चिंताचंबा जैसे पहाड़ी जिलों में इस तरह के सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। संकरे और घुमावदार रास्ते, तीव्र ढलानें और कई बार खराब सड़क की स्थिति, इन सभी कारणों से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा के उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और सड़कों की स्थिति को सुधारा जाए।
PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शुक्रवार को विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana-PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। केंद्र सरकार की इस खास योजना का मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, नौकरियों को औपचारिक रूप देना और युवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य हर क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। योजना के जरिये अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार के मौके तैयार किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई को इस तरह बनाया गया है कि यह श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे। पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें अपने कॅरियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। वहीं, जो कंपनियां अपने यहां अतिरिक्त रोजगार पैदा करती हैं, उन्हें हर नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां चार साल तक , जबकि अन्य सभी क्षेत्रों की कंपनियां दो साल तक इसका लाभ उठा सकती हैं। दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे और डिजिटल माध्यम से राशि वितरित करेंगे। इसके बाद देशभर के कार्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और अपने अधीन जिलों के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आईजीपी में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1200 कर्मचारियों और 300 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से योजना के तहत 4800 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। 60 हजार नए कर्मचारी जोडे़ गए हैं और 1.3 लाख कर्मी दोबारा सेवा में आए हैं।