Chambalkichugli.com

नीट परीक्षा व्यवस्था के बीच पीएम मोदी का संवेदनशील कदम एयरपोर्ट पर रोका काफिला

नई दिल्ली । NEET री एग्जाम के पहले सरकार पूरी ताकत झोंक रही है. बार बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के बाद इस परीक्षा को सुचारू और पारदर्शी तरीके से कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इस बार देश भर में लाखों छात्र छात्राएं शामिल हो रहे हैं. सरकार का प्रयास है कि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींचा है. प्रधानमंत्री दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे. यहां से उन्हें अपने आवास के लिए रवाना होना था. लेकिन उन्होंने तत्काल प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता दी. अगर पीएम का काफिला उस समय एयरपोर्ट से निकलता तो राजधानी की कई सड़कों पर यातायात रोकना पड़ता. उसी समय हजारों छात्र नीट परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे. इससे छात्रों को देरी और परेशानी का सामना करना पड़ सकता था. ऐसे में प्रधानमंत्री ने निर्णय लिया कि वे एयरपोर्ट पर ही रुकेंगे. उन्होंने अपने काफिले को वहीं रोक दिया. बताया जा रहा है कि वे तब तक एयरपोर्ट पर रहे जब तक परीक्षा शुरू नहीं हुई. इसके बाद ही वे अपने आवास के लिए रवाना हुए. देश भर में इस बार नीट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. परीक्षा में कुल 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. यह परीक्षा देश के साथ साथ विदेशों के कुछ केंद्रों पर भी आयोजित की गई है. कुल 551 शहरों और 14 विदेश शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. लगभग 5000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा संपन्न हो रही है. परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. हर केंद्र पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जैमर का उपयोग किया जा रहा है. आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके. इस पूरे आयोजन में दो लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. सैकड़ों सिटी कोऑर्डिनेटर और हजारों ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं जो परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो. छात्रों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमित सीटों के कारण प्रतिस्पर्धा काफी कठिन है. ऐसे में सरकार और प्रशासन दोनों का प्रयास है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए. प्रधानमंत्री का यह निर्णय भी इसी दिशा में एक संवेदनशील कदम के रूप में देखा जा रहा है.

भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत

भोपाल । भोपाल के छोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अयोध्या बायपास भानपुर स्थित पीएम आवास मल्टी में बीती रात हुई वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लगभग आधा दर्जन हथियारबंद और नकाबपोश बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से परिसर को निशाना बनाते हुए जमकर उत्पात मचाया और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बदमाशों ने एक सूने मकान को पूरी तरह से खंगालते हुए वहां से लाखों रुपये के कीमती जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने परिसर के लगभग दस अन्य घरों के ताले तोड़ने का प्रयास किया और कई घरों को निशाना बनाया लेकिन वहां चोरी करने में सफल नहीं हो सके। घटना का समय रात करीब दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच बताया जा रहा है। इस दौरान चोर बेखौफ होकर पूरे परिसर में घूमते रहे और एक के बाद एक घरों के ताले तोड़ते गए। जिस घर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया वहां परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। इसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने घर के भीतर रखी नकदी और सोने चांदी के गहनों को खंगाल लिया और बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले तीन महीनों में इसी मल्टी में यह चौथी बड़ी चोरी की घटना है जिससे लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बन गया है। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाने से रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिसर में गश्त और निगरानी की व्यवस्था बेहद कमजोर है जिसका फायदा असामाजिक तत्व लगातार उठा रहे हैं। सुबह जब लोग नींद से जागे तो कई घरों के टूटे हुए ताले और बिखरा सामान देखकर हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई और छोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया ताकि नकाबपोश बदमाशों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। घटना के समय मल्टी के कई रहवासी शहर से बाहर गए हुए थे जिससे अभी तक सभी घरों में हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है। कुछ पीड़ित परिवार अभी थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब शनिवार शाम से रहस्यमयी ढंग से लापता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड BHEL के एक कर्मचारी का शव रविवार को एक नाले से बरामद किया गया। मृतक की पहचान सुनील प्रसाद के रूप में हुई है जो भेल में कार्यरत थे और जिनकी मौत ने पूरे इलाके सहित उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था जहाँ मृतक के हाथ की नस कटी हुई थी और पुलिस को शव के ठीक पास से ही एक खून से सनी ब्लेड भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और वह मामले की तह तक जाने के लिए हत्या व आत्महत्या दोनों ही एंगल्स को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और उलझी हुई नजर आती है। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील प्रसाद शनिवार की शाम से ही अचानक लापता हो गए थे लेकिन घर से निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजा जिसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। इस आखिरी मैसेज में उन्होंने साफ तौर पर “खुदकुशी करने की बात” लिखी थी। इस संदेश को पढ़ते ही बदहवास परिजन अनहोनी की आशंका से घबरा गए और पूरी रात उन्हें हर संभावित जगह पर तलाशते रहे मगर उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार रविवार की सुबह उनकी यह तलाश बरखेड़ा पठानी के पास स्थित एक नाले पर जाकर थमी जहाँ सुनील प्रसाद का बेजान और लहूलुहान शव तैरता हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मुआयना शुरू किया। शुरुआती फॉरेंसिक जांच और पंचनामे में यह बात सामने आई है कि मृतक के हाथ की नस बेरहमी से कटी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील प्रसाद पिछले काफी समय से मानसिक मोर्चे पर एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे और गंभीर “अवसाद यानी डिप्रेशन” का शिकार थे। कयासों का बाजार गर्म है कि इसी मानसिक तनाव और अवसाद के चलते उन्होंने शायद यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में इतनी जल्दी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की गहरी साजिश या सोची-समझी हत्या की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया है और हर सुराग को खंगाला जा रहा है। इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुनील प्रसाद के घर में बहुत जल्द ही खुशियों की शहनाइयां गूंजने वाली थीं लेकिन इस वज्रपात ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। घर में आगामी नवंबर महीने में उनके इकलौते बेटे की शादी तय थी जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं और हर कोई इस मांगलिक कार्य को लेकर बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं इसके ठीक अगले महीने यानी दिसंबर में सुनील प्रसाद भेल से अपनी लंबी और सम्मानीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे। एक तरफ जहाँ घर में बहू के स्वागत का जश्न होना था और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद सुकून के दिन बिताने की योजनाएं थीं ठीक उससे पहले हुए इस खौफनाक हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा कि यह वाकई डिप्रेशन में की गई खुदकुशी है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।

बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

गुना । मध्य प्रदेश के गुना जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया जहां नेशनल हाईवे-46 पर बीनागंज बाईपास के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पुलिया में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि गिरते ही वाहन में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा कंटेनर आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में कंटेनर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि क्लीनर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि चालक को वाहन से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह आग की चपेट में आ गया। घायल क्लीनर की पहचान मनीष बघेल के रूप में हुई है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार राजस्थान पासिंग नंबर का यह कंटेनर शिवपुरी से गुना होते हुए भोपाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान बीनागंज बाईपास पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और यह भीषण दुर्घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। एसडीओपी चाचौड़ा-बीनागंज के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अगर चाहें तो मैं इसे टीवी एंकर स्क्रिप्ट या ब्रेकिंग न्यूज़ स्टाइल हेडलाइन पैक में भी बदल सकता हूँ।

CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद

नीमच/इंदौर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो CBN की मध्य प्रदेश इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 115.160 किलोग्राम अफीम की भारी खेप जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आगरा-जयपुर हाईवे पर स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा के पास की गई। सूत्रों के अनुसार CBN नीमच को सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक हुंडई क्रेटा कार के जरिए गुवाहाटी से जोधपुर तक बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने 19 जून से ही निगरानी शुरू कर दी और संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर करीब 2000 किलोमीटर तक लगातार नजर रखी गई। लंबी निगरानी के बाद 20 जून 2026 को सिकंदरा टोल प्लाजा पर वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों से 109 पैकेट बरामद हुए जिनमें कुल 115.160 किलोग्राम अफीम पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने गंध छिपाने के लिए वाहन के अंदर भारी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था। CBN ने मौके पर ही एक आरोपी को एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया और अफीम की खेप के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह खेप गुवाहाटी से जोधपुर तक पहुंचाई जा रही थी हालांकि इसके पीछे पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच जारी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अब तक कई मामलों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के प्रयास जारी हैं।

मध्य प्रदेश के पन्ना में दर्दनाक लापरवाही, एंबुलेंस और पोस्टमार्टम व्यवस्था पर उठे सवाल

पन्ना । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला की समय पर उपचार न मिलने और एंबुलेंस की देरी के कारण मौत हो गई जिसके बाद भी परिजनों को अस्पताल में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। घटना पड़रहा गांव की है जहां 40 वर्षीय विद्या कुशवाहा ने कथित तौर पर अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के अनुसार महिला पहले से ही मानसिक तनाव में थी क्योंकि इसी वर्ष उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत ‘108’ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस करीब ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची। महिला को पहले अजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी जिसके चलते वे निजी वाहन से महिला को लेकर निकले लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद भी परिजनों की परेशानियां खत्म नहीं हुईं। सुबह पुलिस द्वारा पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन आरोप है कि वहां करीब तीन घंटे तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। परिजन लगातार अस्पताल परिसर में अधिकारियों और डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी। लंबे इंतजार और लगातार अनदेखी से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। यह पूरा मामला एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिट इंडिया अभियान का हिस्सा संडे ऑन साइकिल, अक्षय कुमार के साथ मांडविया ने बताए अनुभव

नई दिल्ली । केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रेरणा साझा करते हुए बताया कि इस पहल की नींव उनके स्कूल जीवन के दो शिक्षकों से मिली सीख पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बचपन में दो शिक्षक रोजाना कई किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल आते थे, और उनकी यही अनुशासन भरी दिनचर्या आज भी उन्हें प्रेरित करती है। मांडविया ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक 19 सेकंड का वीडियो साझा किया, जिसमें वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ बातचीत करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने अपने शिक्षकों का जिक्र करते हुए बताया कि उनमें से एक शिक्षक अब 92 वर्ष के हैं और दूसरे 94 वर्ष के, लेकिन उनकी जीवनशैली आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इन्हीं अनुभवों से प्रेरित होकर उन्होंने संडे ऑन साइकिल जैसी पहल को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना और साइकिलिंग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुधार पर केंद्रित है, बल्कि मोटापे की समस्या से निपटने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। मांडविया और अक्षय कुमार दोनों ही रविवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां फिटनेस और योग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। गौरतलब है कि संडे ऑन साइकिल अभियान की शुरुआत दिसंबर 2024 में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य हर रविवार देशभर में लोगों को एक साथ जोड़कर फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।

छत्तीसगढ़ के गौरेला में सनसनीखेज वारदात, छात्रा से दुष्कर्म के बाद आरोपी फरार

गौरेला । छत्तीसगढ़ के गौरेला जिले से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां स्कूल से घर लौट रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना होने का आरोप है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, जबकि आरोपी वारदात के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने गौरेला थाने में पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तत्काल मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता जब स्कूल से घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी ने उसे रोका और उसके साथ कथित रूप से जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी और आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी स्थानीय निवासी है और घटना के बाद से फरार चल रहा है। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है।

ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की एंट्री, शहबाज शरीफ पहुंचे स्विट्जरलैंड, मध्यस्थता की भूमिका पर नजर

नई दिल्ली । मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय डिप्लोमैटिक घटनाक्रम देखने को मिला है। इस बातचीत के अगले चरण के लिए ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, और अब इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भी एंट्री ने वैश्विक ध्यान खींच लिया है। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर का प्रतिनिधिमंडल भी स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है। स्विस विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लागू कराने की प्रक्रिया में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने जा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि शहबाज शरीफ अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ज्यूरिख पहुंचे हैं और वे बर्गेनस्टॉक में होने वाली अहम वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते को आगे लागू करने पर चर्चा करना बताया गया है। इस बीच, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही वहां मौजूद है। ईरान की तरफ से इस बातचीत को “मिनाब 168” कोडनेम के तहत संचालित किया जा रहा है। स्विस विदेश मंत्रालय ने पहले ही इस वार्ता को लेकर कहा था कि वह दोनों पक्षों के बीच एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बातचीत बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। हालांकि यह वार्ता पहले निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी थी, लेकिन अब सभी प्रमुख पक्षों की मौजूदगी के साथ इसके आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस हाई-लेवल डिप्लोमैटिक मीटिंग पर टिकी हुई है, क्योंकि इसमें न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों का भविष्य तय हो सकता है, बल्कि मध्य पूर्व की क्षेत्रीय स्थिरता पर भी इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

ईरान वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कई दिनों तक चल सकती है बातचीत

नई दिल्ली । अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ अगले चरण की महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। इस दौरे को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। जेडी वेंस ने जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली इस बैठक से परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति होगी। साथ ही उन्होंने लेबनान में लागू नाजुक संघर्ष विराम को बनाए रखने पर भी जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत पहले से ही शुरू हो चुकी है। यह वार्ता ल्यूसर्न के पास किसी डिप्लोमैटिक स्थल पर होने की संभावना है और इसमें कई दिनों तक चर्चा चल सकती है। वेंस ने बताया कि इस बातचीत का शुरुआती लक्ष्य एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना और आगे की वार्ता के लिए मजबूत आधार बनाना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे स्वयं इस दौरे पर एक-दो दिन ही रह सकते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा। मिडिल ईस्ट में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी तनाव ने पहले से ही शांति प्रयासों को प्रभावित किया है। ऐसे में अमेरिका इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देख रहा है। वेंस ने कहा कि हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग और डिप्लोमैटिक टीम के प्रयासों की भी सराहना की, साथ ही स्वीकार किया कि संघर्ष विराम को बनाए रखना लगातार निगरानी और प्रयास की मांग करता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।