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मध्य प्रदेश के पन्ना में दर्दनाक लापरवाही, एंबुलेंस और पोस्टमार्टम व्यवस्था पर उठे सवाल

पन्ना । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला की समय पर उपचार न मिलने और एंबुलेंस की देरी के कारण मौत हो गई जिसके बाद भी परिजनों को अस्पताल में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। घटना पड़रहा गांव की है जहां 40 वर्षीय विद्या कुशवाहा ने कथित तौर पर अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के अनुसार महिला पहले से ही मानसिक तनाव में थी क्योंकि इसी वर्ष उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत ‘108’ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस करीब ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची। महिला को पहले अजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी जिसके चलते वे निजी वाहन से महिला को लेकर निकले लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद भी परिजनों की परेशानियां खत्म नहीं हुईं। सुबह पुलिस द्वारा पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन आरोप है कि वहां करीब तीन घंटे तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। परिजन लगातार अस्पताल परिसर में अधिकारियों और डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी। लंबे इंतजार और लगातार अनदेखी से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। यह पूरा मामला एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिट इंडिया अभियान का हिस्सा संडे ऑन साइकिल, अक्षय कुमार के साथ मांडविया ने बताए अनुभव

नई दिल्ली । केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रेरणा साझा करते हुए बताया कि इस पहल की नींव उनके स्कूल जीवन के दो शिक्षकों से मिली सीख पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बचपन में दो शिक्षक रोजाना कई किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल आते थे, और उनकी यही अनुशासन भरी दिनचर्या आज भी उन्हें प्रेरित करती है। मांडविया ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक 19 सेकंड का वीडियो साझा किया, जिसमें वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ बातचीत करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने अपने शिक्षकों का जिक्र करते हुए बताया कि उनमें से एक शिक्षक अब 92 वर्ष के हैं और दूसरे 94 वर्ष के, लेकिन उनकी जीवनशैली आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इन्हीं अनुभवों से प्रेरित होकर उन्होंने संडे ऑन साइकिल जैसी पहल को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना और साइकिलिंग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुधार पर केंद्रित है, बल्कि मोटापे की समस्या से निपटने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। मांडविया और अक्षय कुमार दोनों ही रविवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां फिटनेस और योग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। गौरतलब है कि संडे ऑन साइकिल अभियान की शुरुआत दिसंबर 2024 में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य हर रविवार देशभर में लोगों को एक साथ जोड़कर फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।

छत्तीसगढ़ के गौरेला में सनसनीखेज वारदात, छात्रा से दुष्कर्म के बाद आरोपी फरार

गौरेला । छत्तीसगढ़ के गौरेला जिले से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां स्कूल से घर लौट रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना होने का आरोप है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, जबकि आरोपी वारदात के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने गौरेला थाने में पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तत्काल मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता जब स्कूल से घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी ने उसे रोका और उसके साथ कथित रूप से जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी और आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी स्थानीय निवासी है और घटना के बाद से फरार चल रहा है। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है।

ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की एंट्री, शहबाज शरीफ पहुंचे स्विट्जरलैंड, मध्यस्थता की भूमिका पर नजर

नई दिल्ली । मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय डिप्लोमैटिक घटनाक्रम देखने को मिला है। इस बातचीत के अगले चरण के लिए ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, और अब इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भी एंट्री ने वैश्विक ध्यान खींच लिया है। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर का प्रतिनिधिमंडल भी स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है। स्विस विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लागू कराने की प्रक्रिया में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने जा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि शहबाज शरीफ अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ज्यूरिख पहुंचे हैं और वे बर्गेनस्टॉक में होने वाली अहम वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते को आगे लागू करने पर चर्चा करना बताया गया है। इस बीच, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही वहां मौजूद है। ईरान की तरफ से इस बातचीत को “मिनाब 168” कोडनेम के तहत संचालित किया जा रहा है। स्विस विदेश मंत्रालय ने पहले ही इस वार्ता को लेकर कहा था कि वह दोनों पक्षों के बीच एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बातचीत बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। हालांकि यह वार्ता पहले निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी थी, लेकिन अब सभी प्रमुख पक्षों की मौजूदगी के साथ इसके आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस हाई-लेवल डिप्लोमैटिक मीटिंग पर टिकी हुई है, क्योंकि इसमें न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों का भविष्य तय हो सकता है, बल्कि मध्य पूर्व की क्षेत्रीय स्थिरता पर भी इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

ईरान वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कई दिनों तक चल सकती है बातचीत

नई दिल्ली । अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ अगले चरण की महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। इस दौरे को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। जेडी वेंस ने जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली इस बैठक से परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति होगी। साथ ही उन्होंने लेबनान में लागू नाजुक संघर्ष विराम को बनाए रखने पर भी जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत पहले से ही शुरू हो चुकी है। यह वार्ता ल्यूसर्न के पास किसी डिप्लोमैटिक स्थल पर होने की संभावना है और इसमें कई दिनों तक चर्चा चल सकती है। वेंस ने बताया कि इस बातचीत का शुरुआती लक्ष्य एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना और आगे की वार्ता के लिए मजबूत आधार बनाना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे स्वयं इस दौरे पर एक-दो दिन ही रह सकते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा। मिडिल ईस्ट में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी तनाव ने पहले से ही शांति प्रयासों को प्रभावित किया है। ऐसे में अमेरिका इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देख रहा है। वेंस ने कहा कि हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग और डिप्लोमैटिक टीम के प्रयासों की भी सराहना की, साथ ही स्वीकार किया कि संघर्ष विराम को बनाए रखना लगातार निगरानी और प्रयास की मांग करता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।

योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर

मध्यप्रदेश । मंदसौर के नूतन स्टेडियम में रविवार को International Yoga Day 2026 के अवसर पर भव्य जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसके तहत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता और कलेक्टर अदिति गर्ग उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी योगाभ्यास में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता में दिए गए योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के योग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि जैन संत प्रणमय सागर ने स्वयं मंच पर योगासन कराए और उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक संतुलन का भी साधन है। योगाभ्यास के बाद सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है। सांसद सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद और महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों में योग का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे आधुनिक समय में वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 के बाद योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और आज करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। सांसद ने किसानों से जैविक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की भी अपील की, यह कहते हुए कि “जब भूमि स्वस्थ होगी तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।” कुल मिलाकर, मंदसौर का यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश का भी सुंदर समावेश देखने को मिला।

योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश

मध्यप्रदेश । शुजालपुर में International Yoga Day 2026 के अवसर पर शहरभर में योग को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। इस वर्ष “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के तहत विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। श्री जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष शुजालपुर मंडी की ओर से विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 90 लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक देवेंद्र सिंह परमार सहित आयुष विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह आयोजन एक सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान का रूप लेता नजर आया। सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनाकर निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया। इसी प्रकार, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रीड़ा विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय योग कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे छात्रों और उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसमें योग को दैनिक जीवन में अपनाने और इसे स्वस्थ भारत के निर्माण का आधार बनाने पर जोर दिया गया। दोनों प्रमुख कार्यक्रमों में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम को केंद्र में रखते हुए प्रतिभागियों को बताया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य का साधन है। नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने से जीवन को अधिक स्वस्थ और सक्रिय बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। शहर में योग दिवस के अवसर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।

अमेरिका में गूंजा योग का संदेश, न्यूयॉर्क से वॉशिंगटन तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर इस बार अमेरिका में भी योग का व्यापक उत्सव देखने को मिला, जहां यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर एक बड़े स्वास्थ्य और वेलनेस मूवमेंट के रूप में उभरकर सामने आया। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर वाशिंगटन डीसी, टेक्सास, कैलिफोर्निया और कई अन्य राज्यों तक योग दिवस के कार्यक्रमों ने पूरे देश में लोगों को एक साथ जोड़ दिया। वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के नेतृत्व में लिंकन मेमोरियल के पास बड़े स्तर पर सामूहिक योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम पर योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, समुदाय के नेताओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। न्यूयॉर्क में सेंट्रल पार्क और टाइम्स स्क्वायर जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर योग सत्रों का आयोजन किया गया, जहां हजारों लोगों ने खुले आसमान के नीचे योग किया। टाइम्स स्क्वायर को एक दिन के लिए विशाल योग स्टूडियो में बदल दिया गया, जो इस आयोजन की लोकप्रियता और वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। टेक्सास के शुगर लैंड और ब्रेजोस रिवर पार्क में भी बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम हुए, जहां स्थानीय प्रशासन, भारतीय समुदाय और योग प्रेमियों ने मिलकर भाग लिया। इसी तरह सैन फ्रांसिस्को के क्रिसी फील्ड और गोल्डन गेट ब्रिज के पास भी योगाभ्यास के आयोजन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस वर्ष कई अमेरिकी राज्यों ने योग दिवस को आधिकारिक समर्थन भी दिया है। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट में एक प्रस्ताव पारित कर इसे 2026 में आधिकारिक योग दिवस घोषित करने की अपील की गई है, जबकि डेलावेयर और कैलिफोर्निया सहित कई राज्यों और शहरों ने भी योग के महत्व को मान्यता दी है। शिकागो, अटलांटा, बोस्टन, मियामी, डेनवर और कई विश्वविद्यालय परिसरों में भी सामुदायिक योग सत्र आयोजित किए गए, जिससे यह साफ हुआ कि योग अब अमेरिकी समाज के बड़े हिस्से में जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। आयोजकों और विशेषज्ञों के अनुसार, योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और संतुलित जीवन के लिए भी बेहद प्रभावी साधन बन चुका है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि योग अब भारत की सांस्कृतिक विरासत से आगे बढ़कर एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसे दुनिया भर में व्यापक स्वीकृति मिल रही है।

योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक

मध्यप्रदेश । देवास में International Yoga Day 2026 के अवसर पर महिलाओं ने एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारतीय जीवनशैली की गहराई से परिचित कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को केवल आसनों तक सीमित न मानकर उसे एक संपूर्ण जीवन पद्धति के रूप में प्रस्तुत करना था। इस विशेष आयोजन में पृथ्वी वंदना, शिव वंदना और श्रम योग जैसे पारंपरिक अभ्यासों को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राचीन भारतीय जीवनशैली स्वयं में ही योग का एक स्वरूप थी, जिसमें शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता था। कार्यक्रम में महिलाओं ने श्रम योग का जीवंत प्रदर्शन करते हुए बताया कि पुराने समय में दैनिक जीवन की गतिविधियां ही वास्तविक योग का आधार थीं। खेतों में काम करना, हाथों से घरेलू कार्य करना, जमीन पर बैठकर भोजन करना और पैदल चलना जैसी आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखती थीं। इस प्रस्तुति के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आधुनिक जीवनशैली में इन परंपरागत आदतों के धीरे-धीरे समाप्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। शारीरिक निष्क्रियता और मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है। योग संचालिका गौरी शेकटकर ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में हर दैनिक क्रिया अपने आप में एक प्रकार का योग थी। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बिना किसी विशेष प्रशिक्षण या योग कक्षाओं के भी स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनकी दिनचर्या प्रकृति और श्रम से गहराई से जुड़ी हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं। योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में समझना जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, अनुशासन और संतुलित जीवन का आधार भी है। प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

ईरान-अमेरिका बातचीत पर दुनिया की नजर, परमाणु मुद्दे और शांति समझौते पर होगी चर्चा

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने और संभावित शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ईरान और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता स्विट्जरलैंड में शुरू होने जा रही है। इस बातचीत के लिए ईरान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुंच गया है, जिसे कोडनेम ‘मिनाब 168’ के तहत जाना जा रहा है। स्विस विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करता है और दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध करा रहा है। यह वार्ता बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में आयोजित की जा रही है, जहां पहले से तय समझौते को लागू करने और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के कार्यान्वयन से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर समाधान की दिशा तलाशना है। इससे पहले इस वार्ता को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। इस बीच, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि बातचीत में मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में लागू संघर्ष विराम को बनाए रखने जैसे मुद्दों पर फोकस किया जाएगा। वेंस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह बैठक कई दिनों तक चल सकती है और इससे दोनों देशों के बीच संवाद को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर से भी कुछ मुद्दे रखे जाएंगे, जिन पर बातचीत के दौरान चर्चा की जाएगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके परिणाम न केवल ईरान-अमेरिका संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।