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मौत को दी मात! चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरी महिला, लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर चलती दून एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रही एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच बने गैप में जा गिरी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन चलने के बाद महिला ने उसमें चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच फंस गई। यह भयावह दृश्य देखते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने जोर-जोर से शोर मचाकर लोको पायलट को सतर्क किया। यात्रियों की आवाज सुनते ही लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन रोक दी। इसके बाद मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान तुरंत हरकत में आए और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे में महिला को मामूली चोटें आईं। रेलवे अधिकारियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे छुट्टी दे दी। फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और जीआरपी ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों को हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से चढ़ना और उतरना चाहिए तथा रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि यात्रियों की सतर्कता, लोको पायलट की त्वरित सूझबूझ और सुरक्षा बलों की तेजी से की गई कार्रवाई कई बार बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है।

भारत-ब्रिटेन रिश्तों को नई मजबूती देने पर पीयूष गोयल सम्मानित, UK-India Awards 2026 में मिला विशेष अवॉर्ड

नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए लंदन में आयोजित यूके-इंडिया अवॉर्ड्स 2026 में ‘भारत-ब्रिटेन संबंधों को बेहतर बनाने में उत्कृष्ट नेतृत्व’ के विशेष सम्मान से नवाजा गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद 300 से अधिक नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों की साझेदारी का सबसे बेहतरीन दौर अभी आना बाकी है। उन्होंने बताया कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। उनके अनुसार यह समझौता व्यापार, निवेश, नवाचार और आर्थिक सहयोग को नई गति देगा तथा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाएगा। पीयूष गोयल ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने सरकार, उद्योग, शिक्षा, संस्कृति और भारतीय प्रवासी समुदाय के माध्यम से भारत और ब्रिटेन के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है। यह विकास यात्रा व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, नवाचार और उभरते क्षेत्रों में भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग के अभूतपूर्व अवसर पैदा कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने समारोह में सम्मानित अन्य विजेताओं को भी बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके प्रयासों से भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापार, मजबूत होते कारोबारी संबंध और लोगों के बीच गहरे होते संपर्क भविष्य में सहयोग के नए आयाम स्थापित करेंगे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि “भारत-ब्रिटेन साझेदारी की सबसे बेहतरीन पारी अभी बाकी है।” यह संदेश दोनों देशों के बीच भविष्य में और व्यापक आर्थिक, तकनीकी तथा रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित करता है।

भारत-जापान रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार, पीएम साने ताकाइची के पहले भारत दौरे पर होगी अहम वार्ता

नई दिल्ली । भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई, 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा साने ताकाइची का पहला आधिकारिक भारत दौरा होगा। इस दौरान वह 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करने, रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर देगा। बैठक में आर्थिक सहयोग, निवेश, रक्षा, तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगस्त 2025 में जापान गए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती देने की प्रतिबद्धता जताई थी। जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए पांच सूत्रीय रोडमैप भी प्रस्तुत किया था। उन्होंने निवेश, विनिर्माण, नवाचार और तकनीकी सहयोग को दोनों देशों के भविष्य के विकास का आधार बताया था। प्रधानमंत्री मोदी ने उस दौरान जापान की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने जापान के विभिन्न प्रांतों के राज्यपालों के साथ बैठक कर क्षेत्रीय सहयोग और निवेश के अवसरों पर चर्चा की थी। जापान दौरे की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग रही थी। प्रधानमंत्री मोदी और शिगेरु इशिबा ने जापान के मियागी प्रांत स्थित Tokyo Electron Miyagi Limited का दौरा किया था, जहां उन्हें उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण तकनीकों और वैश्विक सप्लाई चेन में कंपनी की भूमिका की जानकारी दी गई थी। इस यात्रा के बाद भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों ने सुरक्षित, भरोसेमंद और लचीली वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने तथा औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प भी दोहराया था। साने ताकाइची की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और जापान रक्षा, प्रौद्योगिकी, डिजिटल इकोनॉमी, हरित ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत वेनेजुएला भेजे डॉक्टर, भीष्म क्यूब और राहत सामग्री

नई दिल्ली । उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने एक बार फिर वैश्विक मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए राहत और चिकित्सा सहायता के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत भारतीय सेना की मेडिकल टीम, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री वेनेजुएला भेजी गई है, ताकि आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल इलाज और जरूरी सहायता मिल सके। भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय विशेषज्ञ दल भारतीय वायुसेना के दो सी-17 परिवहन विमानों के जरिए वेनेजुएला रवाना हुआ है। इस टीम में नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं, जो प्रभावित इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, ट्रॉमा केयर, गंभीर घायलों का इलाज, सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। भारतीय सेना के अनुसार राहत दल अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय सहायता लेकर गया है। इसके अलावा मिशन में 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भी भेजे गए हैं। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता ‘भीष्म क्यूब’ है, जिसे भारत की आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह अत्याधुनिक मॉड्यूलर फील्ड हॉस्पिटल बेहद कम समय में स्थापित किया जा सकता है और लगभग 200 मरीजों को एक साथ जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा देने में सक्षम है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमान राहत सामग्री और चिकित्सा दल के साथ वेनेजुएला रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। भीष्म क्यूब को विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकट वाले क्षेत्रों में तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह उन्नत ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाओं से लैस है, जिससे बड़ी संख्या में घायलों का तत्काल उपचार संभव हो पाता है। भारत का यह मिशन केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मित्र देशों के साथ संकट की घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की उसकी विदेश नीति और मानवीय दृष्टिकोण का भी मजबूत संदेश देता है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर आधारित यह अभियान वैश्विक सहयोग, करुणा और मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित करता है। वेनेजुएला में चलाया जा रहा ऑपरेशन अमिस्ताद हजारों प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो सकता है। साथ ही यह अभियान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की एक जिम्मेदार, विश्वसनीय और मानवीय शक्ति की छवि को भी और मजबूत करेगा।

CBSE भाषा नीति पर साफ स्थिति, मौजूदा छात्रों को नहीं बदलना होगा विषय, दो विदेशी भाषाओं की पढ़ाई 10वीं तक जारी रखने की छूट

नई दिल्ली । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई भाषा नीति को लेकर लंबे समय से चल रहे असमंजस पर शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को अपनी मौजूदा भाषा संयोजन में किसी भी प्रकार का बदलाव करने की आवश्यकता नहीं होगी। इन छात्रों को 10वीं तक अपनी चुनी हुई भाषाओं के साथ पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी गई है। इस फैसले से देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। हाल ही में CBSE द्वारा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत जारी किए गए सर्कुलर के बाद तीन-भाषा नीति को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। सर्कुलर में कहा गया था कि कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी। इसके बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने इस प्रावधान पर आपत्ति जताई थी, खासकर उन छात्रों ने जो पहले से दो विदेशी भाषाओं का अध्ययन कर रहे हैं। इस विवाद के बाद यह मामला न्यायिक प्रक्रिया तक भी पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट में इस नीति को चुनौती देने वाली याचिकाएं दाखिल की गईं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन मामले को अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ने का निर्देश दिया गया था। इसी बीच शिक्षा मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा छात्रों पर यह नियम लागू नहीं होगा। मंत्रालय के अनुसार, नया भाषा ढांचा केवल भविष्य में लागू होने वाले बैच पर लागू किया जाएगा। यानी कक्षा 6 से नए प्रवेश लेने वाले छात्रों पर ही यह तीन-भाषा नीति प्रभावी होगी। वर्तमान में पढ़ रहे छात्र अपनी मौजूदा भाषा संरचना के साथ बिना किसी बदलाव के अपनी शिक्षा पूरी कर सकेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी नीति परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि केवल पहले से मौजूद व्यवस्था को स्पष्ट करने का प्रयास है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार देश में हर वर्ष लगभग 24 लाख छात्र CBSE की 10वीं परीक्षा में शामिल होते हैं, जिनमें से केवल एक छोटा हिस्सा, लगभग 30 हजार छात्र, दो विदेशी भाषाओं का विकल्प चुनते हैं। यही वर्ग इस विवाद से प्रभावित हो सकता था। अब स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इन छात्रों को भी पूरी राहत मिल गई है। सरकार का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है, लेकिन इसे लागू करने में किसी भी प्रकार की अचानक बाध्यता नहीं होगी। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि छात्रों को किसी प्रकार की शैक्षणिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, इस स्पष्टीकरण के बाद CBSE की भाषा नीति को लेकर फैला भ्रम समाप्त हो गया है। मौजूदा छात्रों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि नई व्यवस्था भविष्य के शैक्षणिक बैचों पर लागू होगी।

संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के निखरकपार गांव की है। गांव निवासी विनोद ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उनका छोटा भाई मुकेश शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित अपने खेत को देखने गया था। बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे बिजली के पोल में किसी कारणवश करंट उतर आया था। जैसे ही मुकेश पोल के संपर्क में आया, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जांच में बिजली के पोल में करंट उतरने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

'खतरों के खिलाड़ी 15' की वापसी तय, रोहित शेट्टी के स्टंट शो की रिलीज डेट का ऐलान, प्रोमो ने बढ़ाई रोमांच की धड़कनें

नई दिल्ली । लोकप्रिय स्टंट रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ का नया सीजन जल्द ही दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद मेकर्स ने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का पहला प्रोमो जारी करते हुए इसके प्रीमियर की तारीख का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया है। प्रोमो सामने आते ही शो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है और दर्शकों के बीच नए सीजन को लेकर उत्साह बढ़ गया है। हर बार की तरह इस बार भी शो में रोमांच, साहस और चुनौतीपूर्ण स्टंट का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का प्रीमियर 25 जुलाई 2026 से होगा। शो का प्रसारण प्रत्येक शनिवार और रविवार रात 9 बजे किया जाएगा। टेलीविजन के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों को यह शो देखने का अवसर मिलेगा। नए सीजन की घोषणा के साथ ही फैंस एक बार फिर रोहित शेट्टी के दमदार अंदाज और हाई-वोल्टेज स्टंट्स का इंतजार कर रहे हैं। जारी किए गए प्रोमो की शुरुआत चेतावनी भरे माहौल से होती है, जहां खतरनाक स्टंट्स की झलकियां दर्शकों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचती हैं। प्रोमो में रोहित शेट्टी प्रतियोगियों का स्वागत करते हुए बताते हैं कि इस बार डर का स्तर पहले से कहीं अधिक कठिन होने वाला है। वीडियो में ऊंची इमारतों से जुड़े स्टंट, जंगली जानवरों के बीच चुनौतियां और जोखिम से भरे कई टास्क दिखाई देते हैं, जो नए सीजन के रोमांच का संकेत देते हैं। प्रोमो में प्रतियोगियों की झलक भी देखने को मिली है। कोई तेज रफ्तार के बीच चुनौती पूरी करता नजर आता है तो कोई ऊंचाई पर संतुलन बनाते हुए स्टंट करता दिखाई देता है। अभिनेत्री रुबीना दिलैक को सांप और बिच्छुओं के बीच टास्क पूरा करते हुए दिखाया गया है। इन दृश्यों ने साफ कर दिया है कि इस बार प्रतियोगियों के सामने पहले से कहीं अधिक कठिन और जोखिम भरे टास्क रखे जाएंगे। इस सीजन में टेलीविजन और मनोरंजन जगत के कई लोकप्रिय चेहरे प्रतियोगी के रूप में हिस्सा लेने जा रहे हैं। प्रतिभागियों की सूची में अविनाश मिश्रा, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, अविका गोर, रुहानिका धवन, फरहाना भट्ट, जैस्मिन भसीन, रुबीना दिलैक, विशाल आदित्य सिंह, गौरव खन्ना, शगुन शर्मा और ऑरी जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों से आए इन प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने की उम्मीद की जा रही है। शो की शूटिंग दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में पूरी की जा चुकी है। यह स्थान अपने चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक वातावरण और एडवेंचर स्टंट्स के लिए जाना जाता है। हर सीजन की तरह इस बार भी प्रतियोगियों को कठिन परिस्थितियों में अपनी मानसिक मजबूती, शारीरिक क्षमता और साहस का प्रदर्शन करना होगा। इसी वजह से ‘खतरों के खिलाड़ी’ को भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय रियलिटी शोज में गिना जाता है। नए सीजन के प्रोमो और प्रसारण तिथि की घोषणा के बाद दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। पिछले कई सीजन की सफलता के बाद मेकर्स इस बार भी रोमांच और मनोरंजन का स्तर पहले से ऊंचा रखने का दावा कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें 25 जुलाई पर टिकी हैं, जब रोहित शेट्टी एक बार फिर प्रतियोगियों को खतरों से भरी नई चुनौतियों का सामना कराते हुए दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे।

बॉलीवुड में 34 साल पूरे होने पर शाहरुख खान का भावुक अंदाज, बचपन की यादें साझा कर मैंगलुरु में फैंस संग मनाया यादगार जश्न

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार शाहरुख खान ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 34 वर्ष पूरे होने का जश्न मैंगलुरु में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रशंसकों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने अभिनय सफर की यादों को ताजा किया, बचपन से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया और मंच पर अपने लोकप्रिय गीतों पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। शाहरुख खान ने वर्ष 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। पहली ही फिल्म से उन्हें व्यापक पहचान मिली और इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों के जरिए खुद को हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में स्थापित किया। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, एक्शन, ड्रामा और सामाजिक विषयों पर आधारित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। मैंगलुरु में आयोजित समारोह के दौरान शाहरुख खान ने स्थानीय दर्शकों का कन्नड़ भाषा में अभिवादन किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ सराहा। उन्होंने कहा कि इस शहर से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है और यहां लौटना हमेशा उनके लिए यादगार अनुभव होता है। उनके सहज और आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम को और अधिक खास बना दिया। कार्यक्रम के दौरान शाहरुख ने अपनी बचपन की एक चर्चित तस्वीर भी साझा की। इस तस्वीर में वह छोटे बच्चे के रूप में बाल्टी में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीर का जिक्र करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि यह उनके बचपन की सबसे यादगार तस्वीरों में से एक है और यह मैंगलुरु में ही खींची गई थी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इस तस्वीर से जुड़ी यादों को साझा किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। शाहरुख खान ने केवल बातचीत तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मंच पर अपने प्रसिद्ध गीतों पर प्रस्तुति देकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने ‘छम्मक छल्लो’ पर डांस किया और फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के कुछ प्रतिष्ठित दृश्यों और अंदाज को भी दोहराया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मैंगलुरु शाहरुख खान के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हालांकि उनका जन्म नई दिल्ली में हुआ, लेकिन बचपन के शुरुआती वर्ष उन्होंने इसी शहर में बिताए थे। यही कारण है कि इस स्थान से उनका भावनात्मक रिश्ता आज भी कायम है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस जुड़ाव का उल्लेख करते हुए अपने बचपन की कई यादों को भी साझा किया। फिल्मी करियर के साथ-साथ शाहरुख खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। खास बात यह है कि इसमें वह पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। फिल्म में कई अन्य चर्चित कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। तीन दशक से अधिक समय तक लगातार दर्शकों का मनोरंजन करने वाले शाहरुख खान आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली सितारों में गिने जाते हैं। मैंगलुरु में आयोजित यह समारोह केवल उनके फिल्मी सफर का उत्सव नहीं था, बल्कि उन लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक भावनात्मक अवसर बन गया, जिन्होंने वर्षों से उनकी फिल्मों और अभिनय को अपना भरपूर प्यार दिया है।

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल

अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। दोनों के इस्तीफों की पुष्टि समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया है। चढ़ावे में कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद से ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी लगातार चर्चा में थे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पिछले दिनों चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों से लंबी पूछताछ की थी। जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती, नकदी की सुरक्षा व्यवस्था और पूरी प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल किए गए थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से हुई और नकदी प्रबंधन में किसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान कई दस्तावेज भी खंगाले गए और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इससे पहले चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित कई लोगों से पूछताछ की गई थी। जांच के दौरान नकदी प्रबंधन और चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। मामले में पहले ही कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और एसआईटी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी सवाल उठे थे। अब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को इस पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ माना जा रहा है। ट्रस्ट में दोनों पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।

'बाहुबली 3' की वापसी के मिले बड़े संकेत! प्रभास-राणा के इशारों ने बढ़ाई हलचल, आधिकारिक ऐलान का इंतजार तेज

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शामिल ‘बाहुबली’ एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री के एक वीडियो ने फिल्म के तीसरे भाग को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में अभिनेता प्रभास और राणा दग्गुबाती के कुछ संकेतों ने प्रशंसकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि फिल्म के निर्माता या निर्देशक की ओर से अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इन संकेतों के बाद ‘बाहुबली 3’ को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। हाल ही में रिलीज हुई चार एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री में ‘बाहुबली’ के निर्माण की पूरी यात्रा को विस्तार से दिखाया गया है। इसमें फिल्म की शूटिंग, तकनीकी चुनौतियों, कलाकारों के अनुभव और निर्देशक एस.एस. राजामौली के विजन को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। डॉक्यूमेंट्री में प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन सहित पूरी स्टारकास्ट दिखाई देती है, जिससे दर्शकों को फिल्म के पर्दे के पीछे की कई दिलचस्प जानकारियां देखने को मिली हैं। सबसे अधिक चर्चा उस दृश्य की हो रही है जिसमें राणा दग्गुबाती यह कहते नजर आते हैं कि ‘बाहुबली’ की कहानी अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उनके इस बयान के बाद मौजूद कलाकारों की मुस्कान और माहौल ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके तुरंत बाद प्रभास का मुस्कुराते हुए तीन उंगलियां दिखाना सोशल मीडिया पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया। कई प्रशंसकों ने इसे सीधे तौर पर ‘बाहुबली 3’ का संकेत मान लिया। डॉक्यूमेंट्री के अंतिम हिस्से में दिखाई देने वाला संदेश भी इन अटकलों को और मजबूत करता है। “And the legacy continues” जैसी पंक्ति ने दर्शकों के बीच यह उम्मीद जगा दी कि फ्रेंचाइजी की कहानी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि यह केवल एक प्रतीकात्मक संदेश है या किसी नए प्रोजेक्ट की ओर इशारा, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि ‘बाहुबली’ जैसी ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाली फ्रेंचाइजी के तीसरे भाग को लेकर दर्शकों की उत्सुकता स्वाभाविक है। साल 2015 में रिलीज हुई ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ ने भारतीय सिनेमा के कई रिकॉर्ड तोड़े थे। इसके बाद 2017 में आई ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जबरदस्त सफलता हासिल की और बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई दर्ज की। यही कारण है कि इस सीरीज से जुड़ी हर छोटी जानकारी भी प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन जाती है। फिलहाल फिल्म के कलाकारों की ओर से दिए गए संकेतों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे तीसरी फिल्म का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह किसी नए स्पिन-ऑफ, वेब सीरीज या अन्य प्रोजेक्ट की ओर इशारा भी हो सकता है। जब तक निर्माता या निर्देशक की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं की जा सकती। मनोरंजन उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘बाहुबली 3’ की घोषणा होती है तो यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता, विशाल प्रशंसक वर्ग और वैश्विक पहचान को देखते हुए इसकी वापसी को लेकर उत्साह स्वाभाविक है। फिलहाल इतना तय है कि वायरल वीडियो ने ‘बाहुबली’ की विरासत को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब दर्शकों की निगाहें निर्माता और निर्देशक के अगले कदम पर टिकी हैं। जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक ‘बाहुबली 3’ केवल चर्चाओं और उम्मीदों का हिस्सा बनी रहेगी, लेकिन प्रशंसकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।