रियलिटी शो में छिड़ा जुबानी युद्ध: पुराने विवादों को लेकर घिरीं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे, बेबाक अंदाज में जवाब देकर गोविंदा की पत्नी सुनीता ने बटोरीं सुर्खियां

नई दिल्ली । रियलिटी टीवी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ इन दिनों दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शो में कंटेस्टेंट्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप ने मनोरंजन के पारे को काफी बढ़ा दिया है। इस शो में मशहूर अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने प्रवेश के बाद से ही अपने बेबाक और स्पष्टवादी अंदाज के लिए लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। उन्होंने शो के दौरान अपनी व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे दर्शक उनकी तरफ काफी आकर्षित हुए हैं। इसी बीच शो में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में शामिल हुईं टेलीविजन अभिनेत्री शिल्पा शिंदे के आने से माहौल और भी गरमा गया है। ‘बिग बॉस’ जैसे बड़े रियलिटी शो का हिस्सा रह चुकीं शिल्पा शिंदे ने जेल में एंट्री लेते ही अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन बहुत ही कम समय में उनका मुकाबला सुनीता आहूजा के साथ हो गया। दोनों के बीच हुई इस तीखी भिड़ंत का एक नया प्रोमो वीडियो भी सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिल्पा शिंदे ने सुपरस्टार गोविंदा की विशाल फैन फॉलोइंग का हवाला देते हुए सुनीता आहूजा पर उनके बयानों को लेकर सवाल उठाए। शिल्पा ने सीधे तौर पर सुनीता को घेरते हुए पूछा कि वह सार्वजनिक मंच पर गोविंदा के बारे में इस तरह की बातें कैसे कह सकती हैं और क्या उनके फैसले पूरी तरह से उनके अपने होते हैं। शिल्पा के इन तीखे सवालों का सुनीता आहूजा ने बेहद कड़े और बेबाक लहजे में जवाब दिया। सुनीता ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब किसी पर खुद ऐसी परिस्थितियां गुजरती हैं, तभी सच्चाई का अहसास होता है, इसलिए बिना सोचे-समझे बकवास करने की जरूरत नहीं है। सुनीता आहूजा द्वारा बिना समय गंवाए शिल्पा शिंदे को दिए गए इस करारे जवाब को सोशल मीडिया पर दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इंटरनेट यूजर्स सुनीता के इस व्यावहारिक और आक्रामक दृष्टिकोण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोग सुनीता के समर्थन में उतर आए हैं और उनका मानना है कि शिल्पा को इस तरह का कड़ा जवाब मिलना बेहद जरूरी था। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग सुनीता की इस बेबाकी को सही ठहरा रहा है और उनके आत्मविश्वास की सराहना कर रहा है। इस पूरे विवाद के बीच शिल्पा शिंदे के पुराने बयानों को लेकर भी सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। हाल ही में शिल्पा शिंदे अपने उस कबूलनामे के कारण विवादों में घिर गई थीं, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि अतीत में एक मशहूर टीवी शो के निर्माता पर लगाए गए उनके यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से असत्य और मनगढ़ंत थे। इस खुलासे के बाद से ही जनता का एक बड़ा हिस्सा उनके प्रति नाराजगी जता रहा है। दर्शकों का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठित सार्वजनिक मंच पर इस तरह के गंभीर और झूठे आरोप लगाने वाले व्यक्ति को जगह नहीं मिलनी चाहिए। यही कारण है कि शो के भीतर जब सुनीता आहूजा ने शिल्पा को आड़े हाथों लिया, तो दर्शकों ने इसे एक सही कार्रवाई के रूप में देखा। फिलहाल इस शो में दोनों के बीच की यह जंग आने वाले दिनों में क्या नया मोड़ लेती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
1982 फिल्मफेयर में हुआ बड़ा उलटफेर, नसीरुद्दीन शाह के आगे फीके पड़े अमिताभ और राजेश खन्ना

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में 1982 का फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह उन यादगार मौकों में गिना जाता है, जब स्टारडम से ज्यादा अभिनय को महत्व मिला। उस दौर में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, कमल हासन और दिलीप कुमार जैसे सितारों का दबदबा था, लेकिन बेस्ट एक्टर का पुरस्कार नसीरुद्दीन शाह ने अपनी दमदार अदाकारी के दम पर जीत लिया। साल 1981 में अमिताभ बच्चन की ‘नसीब’, ‘लावारिस’ और ‘याराना’ जैसी सुपरहिट फिल्में रिलीज हुई थीं। वहीं राजेश खन्ना, कमल हासन और अन्य बड़े सितारों की फिल्में भी दर्शकों के बीच खूब पसंद की गईं। इसके बावजूद 29वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म ‘चक्र’ के लिए बेस्ट एक्टर का सम्मान अपने नाम किया। उस वर्ष बेस्ट एक्टर की दौड़ में अमिताभ बच्चन को ‘लावारिस’ और ‘सिलसिला’, राजेश खन्ना को ‘दर्द’ तथा कमल हासन को ‘एक दूजे के लिए’ के लिए नामांकन मिला था। हालांकि निर्णायकों ने नसीरुद्दीन शाह के यथार्थवादी और प्रभावशाली अभिनय को सर्वश्रेष्ठ माना। सिर्फ नसीरुद्दीन शाह ही नहीं, स्मिता पाटिल ने भी फिल्म ‘चक्र’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। उन्होंने हेमा मालिनी, जया बच्चन, रेखा और राखी जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ दिया। ‘चक्र’ को कुल छह श्रेणियों में नामांकन मिला था, जिनमें से तीन पुरस्कार फिल्म ने अपने नाम किए। दिलचस्प बात यह रही कि अमिताभ बच्चन की चर्चित फिल्मों को उस वर्ष कोई फिल्मफेयर अवॉर्ड नहीं मिला। समाज का आईना थी ‘चक्र’निर्देशक रवींद्र धर्मराज की फिल्म ‘चक्र’ मुंबई की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों के संघर्ष को बेहद यथार्थवादी अंदाज में दिखाती है। फिल्म में स्मिता पाटिल ने ‘अम्मा’ का किरदार निभाया है, जो पति की मौत के बाद अपने बेटे का पालन-पोषण करने के लिए संघर्ष करती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात नसीरुद्दीन शाह द्वारा निभाए गए ‘लुक्का’ के किरदार से होती है। गरीबी, सामाजिक असमानता और जीवन के कठोर यथार्थ को दिखाने वाली इस फिल्म को भारतीय समानांतर सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है। आज भी ‘चक्र’ को नसीरुद्दीन शाह और स्मिता पाटिल के करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल किया जाता है। अभिनय की बारीकियों और मजबूत कहानी के कारण यह फिल्म समय के साथ एक क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी है।
'बिग बॉस' ने बदल दी जुबैर खान की जिंदगी, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों का किया खुलासा

नई दिल्ली । रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ के पूर्व प्रतियोगी जुबैर खान ने एक बार फिर शो के बाद अपनी जिंदगी में आए कठिन दौर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने दावा किया कि शो में हुई घटनाओं और उसके बाद पैदा हुए विवादों का उनकी मानसिक, सामाजिक और पेशेवर जिंदगी पर गहरा असर पड़ा। साल 2017 में प्रसारित हुए ‘बिग बॉस 11’ में जुबैर खान ने बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा लिया था। शो के दौरान उन्होंने खुद को अंडरवर्ल्ड से जुड़े परिवार का सदस्य बताया था, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गए। बाद में साथी प्रतियोगी अर्शी खान के साथ उनकी तीखी बहस और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ। वीकेंड का वार एपिसोड में शो के होस्ट सलमान खान ने जुबैर खान की कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद जुबैर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा गया। बाद में कम वोट मिलने के कारण वह शो से बाहर हो गए। शो से बाहर आने के बाद जुबैर ने सलमान खान के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि शो में हुई घटनाओं के कारण उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा और उन्हें काम मिलना बंद हो गया। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जुबैर खान ने कहा कि शो के बाद वह लंबे समय तक डिप्रेशन से जूझते रहे। उनके अनुसार, निजी जीवन भी प्रभावित हुआ और पारिवारिक रिश्तों में दूरियां आ गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौर में उन्हें कई बार आत्महत्या के विचार आए और मानसिक तनाव से उबरने के लिए उन्हें दवाइयों का सहारा लेना पड़ा। जुबैर ने कहा कि एक टीवी एपिसोड के आधार पर लोगों ने उनके बारे में धारणा बना ली, जिससे उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को भारी नुकसान पहुंचा। उनका कहना है कि उन्होंने इस पूरे विवाद में बहुत कुछ खोया, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। हालांकि, यह जुबैर खान के व्यक्तिगत दावे हैं। इन दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग समय पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। यदि किसी व्यक्ति को डिप्रेशन, आत्महत्या के विचार या गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो उसे तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विश्वसनीय परिजन या स्थानीय हेल्पलाइन से सहायता लेनी चाहिए।
मानसून हेल्थ गाइड बरसात में संक्रमण और वायरल बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

नई दिल्ली । बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। इस दौरान हवा में नमी बढ़ने गंदा पानी जमा होने और मच्छरों के तेजी से पनपने के कारण डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया टाइफाइड वायरल बुखार और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने लगते हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी आपकी और पूरे परिवार की सेहत को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में सबसे पहले साफ और सुरक्षित पानी पीने पर ध्यान देना चाहिए। हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं क्योंकि दूषित पानी से टाइफाइड हेपेटाइटिस ए और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बाहर खुले में मिलने वाले पेय पदार्थों और बर्फ का सेवन करने से भी बचना चाहिए। बारिश के मौसम में ताजा और गर्म भोजन खाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। लंबे समय तक रखा हुआ भोजन या खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ संक्रमण का कारण बन सकते हैं। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें तथा भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें। मच्छरों से बचाव भी मानसून में बेहद जरूरी है। घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें क्योंकि यही डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का सबसे बड़ा प्रजनन स्थल होता है। रात में मच्छरदानी का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना भी फायदेमंद रहता है। बारिश में भीगने के बाद देर तक गीले कपड़े पहनकर नहीं रहना चाहिए। घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहनें और शरीर को अच्छी तरह पोंछ लें। लंबे समय तक नमी रहने से सर्दी जुकाम फंगल संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पैरों को भी साफ और सूखा रखना जरूरी है क्योंकि गीले जूते और मोजे संक्रमण का कारण बन सकते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। मौसमी फल हरी सब्जियां दालें और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नियमित व्यायाम या योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। पर्याप्त नींद भी शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देती है। यदि तेज बुखार लगातार सिरदर्द शरीर में दर्द उल्टी दस्त या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज न करें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचें और समय रहते चिकित्सकीय जांच कराएं। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों में शुरुआती इलाज गंभीर स्थिति से बचा सकता है। बरसात का मौसम आनंद और राहत लेकर आता है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। स्वच्छता संतुलित खानपान और समय पर सावधानी अपनाकर आप मानसून का भरपूर आनंद ले सकते हैं और खुद को कई मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।
मंगलवार के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान सुख समृद्धि और मंगल दोष से राहत की मानी जाती है मान्यता

नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और संयम के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। हालांकि ये परंपरागत मान्यताएं हैं और इन्हें आस्था के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनका उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में अनुशासन सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक भाव विकसित करना है। मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान हनुमान की पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा के समय हनुमान चालीसा सुंदरकांड या श्रीराम नाम का स्मरण करने से मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ने की मान्यता है। भगवान हनुमान को सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल गुड़ और चने का भोग अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन क्रोध अहंकार और कटु वाणी से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि शांत स्वभाव और मधुर व्यवहार से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। किसी भी व्यक्ति का अपमान करने या अनावश्यक विवाद में पड़ने से बचना चाहिए। मंगलवार को जरूरतमंद लोगों की सहायता करना विशेष पुण्यदायी माना गया है। गरीबों को भोजन कराना लाल मसूर की दाल गुड़ या फल का दान करना शुभ माना जाता है। पशु पक्षियों को भोजन और जल उपलब्ध कराना भी धार्मिक दृष्टि से अच्छा कार्य माना जाता है। घर और पूजा स्थल की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मुख्य द्वार को स्वच्छ रखना और शाम के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहने की मान्यता है। कई धार्मिक परंपराओं में मंगलवार के दिन मांस मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। व्रत रखने वाले लोग सात्विक भोजन या फलाहार ग्रहण करते हैं। यह नियम सभी के लिए अनिवार्य नहीं है बल्कि व्यक्तिगत आस्था और परंपरा पर आधारित है। कुछ परिवारों में मंगलवार के दिन बाल और नाखून काटने से भी परहेज किया जाता है। इसी तरह नए ऋण लेने या अनावश्यक खर्च करने से बचने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई सार्वभौमिक धार्मिक नियम नहीं है और अलग अलग क्षेत्रों में परंपराएं भिन्न हो सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का सबसे बड़ा संदेश सेवा साहस अनुशासन और भगवान हनुमान के आदर्शों का पालन करना है। यदि व्यक्ति सच्चे मन से पूजा करे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करे और दूसरों की सहायता करे तो यही इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ बिताया गया मंगलवार जीवन में आत्मविश्वास और मानसिक शांति का अनुभव करा सकता है।
चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन संभालेंगे राम मंदिर ट्रस्ट की कमान, बोले- सबसे पहले व्यवस्था की कमियों को करेंगे दूर

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद कृष्ण मोहन (Krishna Mohan) को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले भी कृष्ण मोहन ही हैं। कौन हैं कृष्ण मोहन?कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के चंद्रपुर गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी रह चुके हैं और महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद कृष्ण मोहन सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। वर्तमान में वह हरदोई शहर में रहते हुए समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सितंबर 2025 में उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। यह पद कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुआ था। लखनऊ यूनिवर्सिटी से की पढ़ाईकृष्ण मोहन ने अपनी शिक्षा लखनऊ यूनिवर्सिटी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग में भी काम किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ, जहां उन्होंने महाराष्ट्र में लंबे समय तक सेवाएं दीं। वर्ष 2012 में रिटायर होने के बाद वह समाजसेवा के कार्यों में जुट गए। ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति को सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। ट्रस्ट ने कहा है कि कृष्ण मोहन का शामिल होना समाज के व्यापक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिम्मेदारी संभालते ही बताईं प्राथमिकताएंअंतरिम महासचिव बनने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले से सभी को दुख पहुंचा है। उन्होंने माना कि प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में कुछ कमियां रह गई थीं, जिनका फायदा उठाया गया। बताई ये प्राथमिकताएं- 1. व्यवस्था की कमियों को दूर करना और सुरक्षा में सुधार करना।2. चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना।3. ट्रस्ट की छवि और रामभक्तों के भरोसे को फिर से मजबूत करना। कृष्ण मोहन ने कहा कि इस घटना से समाज में अविश्वास की स्थिति बनी है, लेकिन ट्रस्ट सभी न्यासियों के साथ मिलकर अपनी व्यवस्था को बेहतर बनाएगा और लोगों का विश्वास दोबारा कायम करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और प्रबंधन में मौजूद खामियों को दूर किया जाएगा।
मंगलवार पूजा का सही तरीका जानिए हनुमान जी की आराधना से मिलेगा सुख समृद्धि और सफलता शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से पूजा करने पर भय संकट और नकारात्मकता दूर होती है तथा साहस आत्मविश्वास और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माना जाता है कि हनुमान जी की कृपा से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख शांति बनी रहती है। मंगलवार की पूजा के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल या केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई कर भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र के सामने लाल वस्त्र बिछाएं। पूजा स्थान पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और धूप अगरबत्ती अर्पित करें। इसके बाद भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण का स्मरण करते हुए हनुमान जी का ध्यान करें क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीराम की भक्ति के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। हनुमान जी को सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो लाल रंग का फूलों का हार भी चढ़ाएं। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। इसके बाद बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। जो लोग पूरा पाठ नहीं कर सकते वे कम से कम हनुमान चालीसा और श्रीराम नाम का जाप अवश्य करें। पूजा के अंत में आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें। यदि मंगलवार का व्रत रखा है तो दिनभर सात्विक भोजन करें या फलाहार ग्रहण करें। कई श्रद्धालु इस दिन नमक का सेवन नहीं करते और केवल एक समय भोजन करते हैं। व्रत के दौरान क्रोध झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना लाल मसूर की दाल गुड़ या फल का दान करना भी शुभ माना जाता है। शाम के समय निकट के हनुमान मंदिर में जाकर दीपक जलाना और दर्शन करना भी लाभकारी माना जाता है। इस दिन बंदरों को केला या गुड़ चना खिलाना तथा गाय को रोटी खिलाना भी पुण्यदायी माना जाता है। हालांकि यह कार्य स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार की पूजा केवल मनोकामना पूर्ति के लिए नहीं बल्कि आत्मबल धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी माध्यम है। श्रद्धा विश्वास और सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है। इसलिए मंगलवार के दिन पूरे मन से भगवान हनुमान की आराधना करें और सदाचार सेवा तथा परिश्रम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी

नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी महीने होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा 6 जुलाई (सोमवार) को की गई. भारतीय चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसकी कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है. वहीं तिलक वर्मा उप-कप्तान बने रहेंगे. चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है. भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 इंटरनेशनल मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में खेले जाएंगे. आइए जिम्बाब्वे टूर के लिए टीम सेलेक्शन से जुड़ी 5 बड़ी चीजों पर नजर डालते हैं. संजू सैमसन को ‘आराम’, प्रभसिमरन को मिली जगह जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में संजू सैमसन का नाम नहीं है. उनकी गैरमौजूदगी टीम चयन की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक है. माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने लगातार क्रिकेट और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए संजू सैमसन को इस सीरीज से आराम दिया है. हालांकि संजू सैमसन सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए खेलते हैं, ऐसे में उन्हें सेलेक्ट नहीं किया जाना काफी चौंकाने वाला निर्णय है. संजू सैमसन की जगह प्रभसिमरन सिंह को विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर स्क्वॉड में जगह मिली है. प्रभसिमरन इससे पहले एशियन गेम्स 2023 के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन उन्हें तब एक भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला था. ऐसे में अगर जिम्बाब्वे दौरे पर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे. ईशान किशन फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर के तौर पर स्क्वॉड में शामिल हैं. रिंकू सिंह का इंतजार खत्मविस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह की भारतीय टी20 टीम में वापसी हो गई है. रिंकू आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए थे. अब चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है. रिंकू को टी20 क्रिकेट में भारत के सबसे बेहतरीन फिनिशर्स में गिना जाता है. रिंकू सिंह आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं. उनकी वापसी से टीम इंडिया के मिडिल और लोअर ऑर्डर को मजबूती मिलने की उम्मीद है. जिम्बाब्वे दौरा रिंकू के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में उन्हें मिले मौकों का पूरा फायदा उठाना होगा. मयंक यादव की लंबे समय बाद वापसीअपनी तूफानी रफ्तार से पहचान बनाने वाले मयंक यादव की भी भारतीय टीम में वापसी हुई है. मयंक ने अक्टूबर 2024 में भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था. इसके बाद फिटनेस और चोट से जुड़ी समस्याओं के कारण वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे. अब चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए एक बार फिर मयंक पर भरोसा जताया है. मयंक की फिटनेस पर भी सभी की नजरें रहने वाली हैं. अगर वह पूरी सीरीज में फिट रहते हुए अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वो आने वाले समय में भारतीय टी20 टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं. वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा कायम15 साल के वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी टीम इंडिया में बरकरार रखा गया है. वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20I मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू कर इतिहास रचने वाले वैभव अपने पहले मुकाबले में सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हुए थे. हालांकि दो छक्के जड़कर उन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई थी. वैभव सूर्यवंशी के अलावा सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह मिली है. इससे साफ है कि चयनकर्ता जिम्बाब्वे दौरे को भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने के मौके के रूप में देख रहे हैं. इन युवा खिलाड़ियों के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण होगा. जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन उन्हें भारतीय टी20 टीम की भविष्य की योजनाओं में शामिल कर सकता है. अशोक शर्मा-यश ठाकुर की सरप्राइज एंट्रीचयनकर्ताओं ने तेज गेंदबाजों अशोक शर्मा और यश ठाकुर को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया है. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह करियर का बड़ा मौका होगा. वहीं संजू सैमसन के अलावा अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि व्यस्त कार्यक्रम और वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए इनमें से कई खिलाड़ियों को आराम दिया गया है. जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर). भारत के जिम्बाब्वे दौरे का शेड्यूलपहला टी20- 23 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजेदूसरा टी20- 25 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजेतीसरा टी20- 26 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
मौसम का बड़ा अलर्ट 7 जुलाई को कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार जानें आपके राज्य का हाल

मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता नजर आ रहा है और 7 जुलाई को कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य पूर्वी और पश्चिमी भारत के अनेक हिस्सों में तेज बारिश गरज चमक और तेज हवाओं की संभावना है। कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवा के साथ गरज चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार कई स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जिससे पेड़ गिरने बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में बाधा आने की आशंका है। पश्चिमी भारत की बात करें तो गुजरात महाराष्ट्र गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। दक्षिण भारत में केरल कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। यहां कई जिलों में लगातार बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है इसलिए पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली और मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने से बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि आने वाले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में अच्छी वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। जलभराव वाली सड़कों से वाहन निकालते समय सावधानी बरतें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी होगा। कुल मिलाकर 7 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में अच्छी बारिश के साथ मौसम सुहावना रहने की संभावना है
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 40 दिनों के CCTV में 70 चोरियां रिकॉर्ड, जेब-जूतों में नकदी छिपाते दिखे कर्मचारी

अयोध्या । अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक हुई. करीब पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों से लेकर जांच की प्रगति और ट्रस्ट की आगे की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया. एसआईटी जांच में कई बड़े खुलासेबैठक के बाद ट्रस्ट ने कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई, जिन पर सभी की नजरें टिकी थीं. दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी और गबन के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. 40 दिन में 70 बार चोरीSIT की जांच के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 (लगभग 40 दिन ) के बीच उपलब्ध CCTV फुटेज में गिनती कक्ष के अंदर कई बार कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां और खुले रुपये अपने कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया. जांच रिपोर्ट में ऐसे करीब 70 संदिग्ध मामलों का उल्लेख किया गया है. जांच में साफ हुआ कि यह कोई एक-दो बार नहीं बल्कि कई दिनों तक दोहराई जाने वाली एक व्यवस्थित प्रक्रिया थी. गिनती कक्ष में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया. एंट्री और एग्जिट के समय तलाशी नहीं ली गई. कर्मचारियों के निजी सामान पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं था. जेबों- जूतों में भी पैसे छुपाकर ले गए आरोपीजांच में मालूम हुआ कि कई हंडियों की नकदी मिलाकर गिनी जाती थी और मूल्यवान वस्तुओं के रिकॉर्ड एवं सत्यापन में भी गंभीर कमियां पाई गईं. SIT ने प्रथम दृष्टया छह लोगों की संलिप्तता बताई है. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र , मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रामशंकर मिश्र का नाम शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार, जांच से पहले ही कुछ कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये की बरामदगी का संकेत मिला. इसके अलावा 4 जून 2026 को गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये की अतिरिक्त बरामदगी का भी उल्लेख किया गया है.SIT ने पाया संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और वित्तीय लेन-देन मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई गई है. जांच से सुरक्षा व्यवस्था, CCTV निगरानी, SOP के अनुपालन, तलाशी व्यवस्था और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही रही, जिससे चोरी और गबन जैसी घटनाओं को रोकने में विफलता हुई. मूल्यवान वस्तुओं के प्रबंधन और रिकॉर्ड प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की सिफारिश की गई है.